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- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत जारी राज्यव्यापी दौरे में आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड के ग्राम सरोधी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुभान सिंह मेरावी को उनके नवनिर्मित आवास की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया।सुभान सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री स्वयं उनके गांव आकर उन्हें यह सौभाग्य देंगे। उनके लिए यह केवल घर नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।बउन्होंने बताया कि उन्हें वन अधिकार पट्टा के तहत 3 एकड़ 2 डिसमिल भूमि मिली है, जिस पर खेती कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। साथ ही उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता भी मिल रही है, जिससे घरेलू जरूरतों में सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि शासन का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
- रायपुर / सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का एक भावनात्मक उदाहरण सामने आया। सरोधी की रहने वाली सरलाबाई मरावी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष अपनी समस्या रखी और कुछ ही पलों में उसका समाधान भी मिल गया।सरलाबाई मरावी, पति श्री लल्लूराम मरावी, एक साधारण कृषक परिवार से हैं। उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है और परिवार में उनका एक बेटा है। खेती ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन है।चौपाल के दौरान सरलाबाई ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत 1.50 लाख रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री ने जैसे ही यह बात सुनी, उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और तुरंत निराकरण सुनिश्चित कराया।अपनी समस्या का त्वरित समाधान होते देख सरलाबाई भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बात इतनी जल्दी सुनी जाएगी और समाधान भी मिल जाएगा। उनकी आंखों में संतोष और चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी।सरलाबाई ने यह भी बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे घरेलू खर्चों में सहारा मिलता है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्हें महसूस हुआ कि सरकार वास्तव में गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनका समाधान कर रही है। ग्राम सरोधी की यह घटना इस बात का सजीव प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में भरोसा और राहत लेकर आने वाली पहल बन चुका है।
- - महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई केकती बाई की जिंदगीरायपुर, /सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल कार्यक्रम केवल प्रशासनिक संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आम जनजीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जीवंत तस्वीर भी बन गया।इसी चौपाल में सामने आई एक ऐसी कहानी, जिसने सरकारी योजनाओं के वास्तविक प्रभाव को भावनात्मक रूप से उजागर किया।ग्राम सरोधी की निवासी श्रीमती केकती मरावी, अपने पति श्री राजेंद्र मेरावी और तीन बच्चों—चिंरजीव, किरण और विक्रांत के साथ एक साधारण किसान परिवार से जुड़ी हैं। खेती-किसानी ही उनके जीवन का मुख्य आधार है, लेकिन सीमित आय के बीच परिवार का खर्च चलाना हमेशा एक चुनौती रहा है।केकती बाई बताती हैं कि महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी लाई है। अब तक उन्हें योजना की 26 किश्तें मिल चुकी हैं, जिससे वे घर के छोटे-छोटे खर्चों में हाथ बंटा पा रही हैं। पहले जहां हर छोटी जरूरत के लिए सोच-विचार करना पड़ता था, वहीं अब उनके पास आत्मनिर्भरता का एक आधार बन गया है।उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में भी कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है और रसोई का काम आसान हुआ है।केकती बाई केवल अपने परिवार तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” की अध्यक्ष भी हैं। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपए का अनुदान मिला है, जिससे वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।भावुक होते हुए केकती बाई ने कहा कि आज उनका परिवार पहले से कहीं अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी महसूस करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। ग्राम सरोधी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं सही हितग्राहियों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक मदद नहीं देतीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोलती हैं।
- रायपुर / सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को आम, रखिया बड़ी, कुटकी, चार और पपीता से सजी टोकरी भेंट की। महिला समूह द्वारा भेंट किए गए ये स्थानीय उत्पाद गांव की समृद्ध परंपरा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए महिलाओं के प्रयासों को प्रोत्साहित किया और कहा कि स्व सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस दौरान समूह की महिलाओं ने बताया कि वे स्थानीय संसाधनों से उत्पाद तैयार कर अपनी आय बढ़ा रही हैं और शासन की योजनाओं से उन्हें निरंतर सहयोग मिल रहा है।
- रायपुर ।सुशासन तिहार के तहत जारी राज्यव्यापी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बकरकट्टा पहुंचे। यहां उन्होंने बैगा समाज प्रमुखों और जनप्रतिनिधियों के साथ सामूहिक भोजन कर आत्मीय संवाद किया।मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि समाज के सभी वर्गों के साथ सीधे जुड़ना शासन की प्राथमिकता है। ऐसे संवाद न केवल आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं, बल्कि शासन को जमीनी हकीकत समझने का अवसर भी देते हैं।उन्होंने बैगा समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली की सराहना करते हुए कहा कि इनका संरक्षण और संवर्धन राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जिसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सामूहिक भोजन के दौरान माहौल बेहद सहज और आत्मीय रहा। ग्रामीणों और समाज प्रमुखों ने मुख्यमंत्री से खुलकर चर्चा की, अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए।
- रायपुर,। सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की चौपाल केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की सजीव तस्वीर भी बनी। इसी चौपाल में स्वच्छता दीदी श्रीमती मनीषा मरकाम की कहानी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।मनीषा मरकाम अपने पति श्री रंजीत मरकाम और तीन बेटों के साथ एक साधारण परिवार से हैं। उनके बच्चे वर्तमान में अध्ययनरत हैं और परिवार की आजीविका खेती-किसानी एवं मजदूरी पर निर्भर है। सीमित आय के बीच घर का खर्च और बच्चों की पढ़ाई संभालना पहले चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव आया है।मनीषा बताती हैं कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1000 रुपए की मासिक सहायता उनके लिए बड़ा सहारा बनी है। इन दोनों आय स्रोतों से वे घरेलू खर्चों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में भी सहयोग कर पा रही हैं।उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से रसोई का कार्य आसान हुआ है।मनीषा मरकाम “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” से भी जुड़ी हैं, जहां वे अन्य महिलाओं के साथ मिलकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य कर रही हैं।मनीषा कहती हैं कि पहले जहां हर खर्च चिंता का कारण बनता था, वहीं अब उन्हें एक स्थिर आर्थिक संबल मिल गया है। महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान की भावना को मजबूत किया है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जैसे अनेक परिवारों को नई उम्मीद और बेहतर भविष्य की दिशा दी है।ग्राम सरोधी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक सहायता नहीं देतीं, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में स्थायित्व और सशक्तिकरण भी लाती हैं।
- रायपुर । सुशासन तिहार में ईशु को मिला लर्निंग लाइसेंस दुर्ग जिले के ग्राम तिरगा निवासी ईशु देशमुख के लिए सुशासन तिहार का यह समस्या निवारण शिविर खुशी का पैगाम लेकर आया। ईशु ने दोपहिया मोटरसायकल चालन हेतु जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचकर परिवहन विभाग में आवश्यक दस्तावेजों के साथ लर्निंग ड्रायविंग लाइसेंस के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।ड्रायविंग लाइसेंस के अभाव में ईशु को कई बार चालान शुल्क जमा करना पड़ा था। इससे बचने वह परिवहन कार्यालय में भी आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन अब तक उन्हें लर्निंग लाइसेंस नहीं मिल पाया था। ईशु ने बड़ी उम्मीद के साथ कुथरेल में आयोजित शिविर में पुनः अपना आवेदन प्रस्तुत किया।परिवहन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच उपरान्त ईशु देशमुख को शिविर स्थल पर ही लर्निंग लाइसेंस प्रदान किये। शिविर में मौजूद क्षेत्रीय विधायक श्री ललित चन्द्राकर ने अपने करकमलों से ईशु को उनके नाम पर लर्निंग लाइसेंस प्रमाण पत्र परिवहन विभाग के स्टॉल में ही प्रदान किया। लर्निंग लाइसेंस मिलने पर ईशु देशमुख बहुत खुश हुआ। उन्होंने कहा कि सोचा भी नहीं था कि शिविर में ही मुझे वाहन चालन हेतु लर्निंग लाइसेंस मिल जाएगा। उन्होंने प्रशंसापूर्वक शासन-प्रशासन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
- -पीएम जनमन अंतर्गत बनी जामभाठा-सोनारी में बनी पक्की सड़क-विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों का आवागमन हुआ आसानरायपुर । कोरबा विकासखण्ड के दूरस्थ, पहाड़ी और जंगलों की गोद में बसे जामभाठा, सोनारी और आसपास के छोटे-छोटे पारा-टोले, जहाँ वर्षों से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और पंडो परिवार निवास करते आ रहे थे। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र जितना सुंदर था, उतना ही कठिन भी। गाँव तक आने-जाने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं थी। लोग पथरीली और ऊबड़-खाबड़ पगडंडियों से गुजरते थे। बारिश के दिनों में कीचड़ और फिसलन से रास्ता और भी खतरनाक हो जाता था। बीमार को अस्पताल ले जाना हो, किसी बुजुर्ग को बाहर ले जाना हो या बच्चों की पढ़ाई, हर कदम संघर्ष से भरा हुआ था। ग्राम देवपहरी मुख्य मार्ग से भीतर के इन गाँवों तक पहुँचना कई बार ऐसा लगता था जैसे दुनिया से कटकर एक अलग पहाड़ी द्वीप में प्रवेश कर रहे हों। लोगों को राशन लाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था और फिर सिर पर बोरा रखकर उसी कच्चे, पथरीले रास्ते से लौटना पड़ता था। बरसात में तो कोई वाहन आने को तैयार ही नहीं होता था, जिससे गाँव का संपर्क लगभग टूट जाता था।इसी कठिन जीवन के बीच आशा की किरण तब दिखाई दी जब देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। प्रधानमंत्री की पहल के पष्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देषन में इस योजना के अंतर्गत जामभाठा, सोनारी और आसपास के टोला-पारा तक पक्की सड़क पहुँचाने का निर्णय लिया गया। लगभग 3.60 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पहाड़ी और पथरीले भू-भाग पर एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन संकल्प और प्रयासों ने इसे संभव बना दिया। धीरे-धीरे पहाड़ों को चीरती हुई नई सड़क गाँव तक पहुँच गई।सड़क बनते ही यहाँ के लोगों के जीवन में एक नया अध्याय शुरू हुआ। गाँव के पहाड़ी कोरवा पन साय बताते हैं कि पहले की कठिनाइयों को याद करते ही आज भी आँखें भर आती हैं। बारिश के दिनों में बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना बहुत कठिन होता था। कोई वाहन घर तक नहीं आता था, राशन सिर पर उठाकर पैदल लाना पड़ता था। अब वाहन सीधे घर तक पहुँचने लगे हैं और एम्बुलेंस भी आसानी से आ जाती है। उनके अनुसार, इस सड़क ने गाँव में नई जान फूंक दी है।गाँव की कुमारी बाई बताती हैं कि गाँव के लोग बहुत गरीब हैं और उनका जीवनयापन जंगल पर निर्भर है। लेकिन पक्की सड़क बनने से आवागमन बेहद आसान हो गया है। गाँव में अब स्कूल तक शिक्षक भी आसानी से पहुँच पाते हैं। उनका मानना है कि सड़क ने गाँव को बाहरी दुनिया से जोड़ दिया है और अब उन्हें लगता है कि उनका जीवन भी मुख्यधारा से जुड़ रहा है। कुछ ही दिन पहले कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और अन्य अधिकारी भी गाँव पहुँचे और सड़क का निरीक्षण किया। इससे लोगों को भरोसा मिला कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है और प्रशासन अब उनकी दहलीज तक पहुँच रहा है।जब पहाड़ों के बीच बसे लोग लंबे समय बाद विकास की किरण को अपनी चौखट पर देखते हैं, तो वह सड़क उनके लिए सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि नए जीवन की शुरुआत बन जाती है। जामभाठा और सोनारी की यह कहानी सिर्फ सड़क बनने तक सीमित नहीं है। यह उन गाँवों की कहानी है जो वर्षों से अलग-थलग पड़े थे। यह उस उम्मीद की कहानी है जो एक सड़क के माध्यम से उनके जीवन में प्रवेश कर गई। अब न सिर्फ आवागमन आसान हुआ है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सुविधाओं तक पहुँच भी सरल हो गई है।
- -राज्य स्तरीय एनकोर्ड की समन्वय समिति की बैठक संपन्न-शिक्षण संस्थानों का 500 मीटर का दायरा होगा ड्रग फ्री ज़ोन-तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को राजसात कर नीलामी करने के निर्देशरायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी और नशाखोरी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अधिकारियों को सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अफीम की अवैध खेती और ड्रग्स के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समन्वय समिति (NCORD) की दूसरी तिमाही की बैठक में उन्होंने विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की।मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस, डाक विभाग और निजी कूरियर सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने परिवहन और कूरियर सेवाओं पर कड़ी निगरानी रखने तथा तस्करी में उपयोग किए जाने वाले वाहनों को राजसात कर उनकी नीलामी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। साथ ही, अवैध रूप से संचालित केमिकल ड्रग प्रयोगशालाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल छापेमारी और निरीक्षण के निर्देश दिए गए।नशाखोरी से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार हेतु मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश के प्रत्येक जिला अस्पताल में न्यूनतम 10 बिस्तरों वाला नशा मुक्ति केंद्र अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। आवश्यकतानुसार जिलों में नए नशा मुक्ति केंद्रों का संचालन शुरू किया जाए। नशामुक्त भारत अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। पुनर्वास और सहायता हेतु जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (1333) का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हो।बैठक में युवाओं को नशे की चपेट से बचाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग मुक्त क्षेत्र घोषित कर वहां सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने जब्त किए गए मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण (Destruction) की प्रक्रिया को भी तेज करने को कहा।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, गृह सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत सहित समाज कल्याण, आबकारी, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के वरिष्ठ अधिकारी, सभी संभागायुक्त, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सम्मिलित हुए।
- -स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी की बड़ी सौगात-नर्सिंग कॉलेज के साथ 4 गांवों में खुलेंगे उप स्वास्थ्य केंद्ररायपुर। रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर पंचायत सरिया में रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल का भूमिपूजन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने 18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अस्पताल का शुभारंभ किया।कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत बाइक रैली, पुष्प वर्षा और रंगोली के माध्यम से भव्य रूप से किया गया। अतिथियों ने गर्भवती माताओं को उपहार भेंट किए तथा बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरिया में बनने वाला यह अस्पताल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा और लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने अपने संबोधन में क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि सरिया सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़कों, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सांकरा गांव में 14 करोड़ रुपये की लागत से लिफ्ट इरिगेशन परियोजना स्वीकृत हो चुकी है, वहीं चंद्रपुर से सरिया तक सड़क निर्माण पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि अपेक्स बैंक और रजिस्ट्री कार्यालय की स्थापना से अब किसानों को अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही हाईस्कूल और बाजार भवन का निर्माण भी प्रगति पर है।वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरिया में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे क्षेत्र की बालिकाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही बार, साल्हेओना, गोबरसिंघा और सांकरा में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की स्वीकृति भी बजट में दी गई है।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।राज्य स्तर पर कक्षा 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले जिले के छात्र शिवम दुबे और हेमंत पटेल को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ने दोनों छात्रों को स्वेच्छानुदान से 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में रायगढ़ लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, सीजीएमएससी लिमिटेड के अध्यक्ष श्री दीपक महस्के, कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, एसपी आंजनेय वार्ष्णेय, नगर पंचायत सरिया अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- -रॉट आयरन निर्माण प्रक्रिया से रूबरू हुई जयपुर की टीमरायपुर ।आदिवासी बहुल कोण्डागांव जिले की पारंपरिक शिल्पकला अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत राजस्थान की प्रतिष्ठित संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट्स एंड डिजाइन (आईआईसीडी), जयपुर के विशेषज्ञों ने कोण्डागांव के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर यहां के शिल्पकारों के कौशल को नजदीक से समझा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप ढालना तथा शिल्पकारों को बेहतर विपणन अवसर उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञ गांव-गांव पहुंचकर शिल्पकारों से सीधे संवाद करते हुए उनके कार्यों का अवलोकन कर सराहना की।ग्राम करनपुर में ढोकरा शिल्प की जटिल निर्माण प्रक्रिया ने विशेषज्ञों को विशेष रूप से प्रभावित किया। वहीं ग्राम छोटेराजपुर एवं कुसमा में रॉट आयरन शिल्पकला को बारीकी से समझते हुए संबंधित समूहों से चर्चा की गई और बाजार से जुड़ी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।इस दौरान राज्य कार्यालय से सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनोज मिश्रा के नेतृत्व में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोण्डागांव श्री अविनाश भोई के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री कुंजलाल सिन्हा ने शिल्पकारों और विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित किया।विशेषज्ञों ने माना कि कोण्डागांव के शिल्पकारों में अद्भुत कौशल और सृजनात्मकता है। उन्होंने कहा कि यदि इन उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, बेहतर फिनिशिंग और प्रभावी ब्रांडिंग का सहयोग मिले, तो इनके मूल्य में कई गुना वृद्धि संभव है। साथ ही उन्होंने बाजार के नए रुझान, ग्राहकों की पसंद और आकर्षक पैकेजिंग के महत्व के प्रति शिल्पकारों को जागरूक किया।इस पहल को आगे बढ़ाते हुए आईआईसीडी जयपुर ने बस्तर के शिल्पकारों को जयपुर आमंत्रित किया है, जहां उन्हें विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से ई-कॉमर्स, डिजाइन नवाचार और आधुनिक विपणन तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। संस्था का उद्देश्य शिल्पकारों को आधुनिक डिजाइन मानकों में दक्ष बनाकर उनके उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना है।इस पहल के अंतर्गत शिल्पकारों को आधुनिक डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। जयपुर में प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर से शिल्पकारों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनके उत्पादों की मांग बढ़ेगी और आय में वृद्धि होगी।जयपुर से आए आईआईसीडी के प्रतिनिधियों ने ‘मोर सुआद’ के तहत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया और उनकी सराहना की। ‘मोर सुआद’ का संचालन कर रही लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके नवाचार की प्रशंसा की और उनका उत्साहवर्धन किया।
- -डोडपाल, फायदागुड़ा और भूसारास में मिशन के कार्यों को देखा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टरों की बैठक लेकर छत्तीसगढ़ में मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा ली-अधिकारियों से कहा - किसी भी परिवार को न हो जल संकट, कोई भी गांव योजना से वंचित न रहे, ग्रामीणों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्यरायपुर। भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक श्री कमल किशोर सोन ने सुकमा और दंतेवाड़ा का दौरा कर जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। उन्होंने सुकमा जिले के डोडपाल और फायदागुड़ा, तथा दंतेवाड़ा जिले के भूसारास पहुंचकर हर घर नल से जल की आपूर्ति देखी। उन्होंने गांववालों से मिलकर और उनसे चर्चाकर पेयजल की गुणवत्ता की जानकारी भी ली।श्री सोन ने जिला मुख्यालय सुकमा में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति और इससे निपटने के उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रीष्म काल में किसी भी परिवार को पानी की दिक्कत नहीं होना चाहिए। जल जीवन मिशन के तहत नल से जल की आपूर्ति की योजना से कोई भी गांव वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि गांवों और दूरस्थ अंचलों में हर घर स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना मिशन का प्राथमिक लक्ष्य है।केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक श्री कमल किशोर सोन ने सुकमा जिले के ग्राम डोडपाल पहुंचकर जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित पानी टंकी का निरीक्षण किया। उन्होंने सरपंच श्रीमती बिज्जो वेट्टी से मिलकर पेयजल व्यवस्था की स्थिति और जल की गुणवत्ता की जानकारी ली। सरपंच ने उन्हें बताया कि योजना शुरू होने के बाद अब ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। घर-घर स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो रही है।निरीक्षण के दौरान श्री सोन ने योजना के संचालन, जल वितरण प्रणाली तथा पानी की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने बारिश के दिनों में नियमित रूप से अधिक जल परीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को हर समय सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने ग्रामीणों को पानी की बचत और जल का अपव्यय रोकने के लिए जागरूक भी किया।राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक श्री कमल किशोर सोन ने सुकमा जिले में दुब्बाटोटा ग्राम पंचायत के ग्राम फायदागुड़ा में सोलर पंप आधारित पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने पानी टंकी एवं स्टैंड पोस्ट का अवलोकन कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सरपंच श्रीमती परसेक दुले से जल जीवन मिशन के कार्यों पर चर्चा कर गांव की जनसंख्या, पानी टंकी के संचालन की तिथि तथा पूर्व में ग्रामीणों के पेयजल स्रोतों के बारे में जानकारी ली।श्री सोन ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा कि कोई भी गांव जल जीवन मिशन की योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी ग्रामीणों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने जल संचय पर विशेष ध्यान देने की बात कही तथा सरपंच एवं सचिवों को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में लॉग-इन कर समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर गांव में एक व्यक्ति को प्रशिक्षित कर मिशन के कार्यों में सक्रिय भूमिका देने और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने नियमित अंतराल में पानी टंकी की सफाई व अन्य सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए।श्री सोन ने ग्रामीणों को जल संचयन और जलस्रोतों की सस्टेनिबिलिटी (Sustainability) के बारे में जागरूक किया। दोनों गांवों में निरीक्षण के दौरान सुकमा के कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण, जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक श्री ओंकेश चंद्रवंशी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता श्री जी.एल. लखेरा और अधीक्षण अभियंता श्री कैलाश मढ़रिया भी मौजूद थे।भूसारास में घर-घर जाकर जल आपूर्ति देखी, अपने सामने जल की गुणवत्ता का कराया परीक्षण, ‘जल अर्पण’ कर ग्राम पंचायत को सौंपी योजना के संचालन की जिम्मेदारीदंतेवाड़ा के भूसारास में भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव श्री कमल किशोर सोन ने घर-घर जाकर 2 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत से तैयार नल जल योजना द्वारा जल की आपूर्ति देखी। उन्होंने ग्रामीणों और जल बहिनियों से संवाद कर योजना के संचालन व पानी की गुणवत्ता को लेकर उनके अनुभव जाने। उन्होंने जल बहिनियों से अपने सामने पानी की गुणवत्ता का परीक्षण भी कराया जिस पर वे संतुष्ट दिखे।श्री सोन ने सरपंच को ‘जल अर्पण’ कर नल जल योजना के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत को सौंपी। सरपंच श्री मंडावी ने इस दौरान कहा कि जल जीवन मिशन ने पूरे गांव को पेयजल की समस्या से मुक्ति दिला दी है। इससे गांववालों के जीवन स्तर में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव महसूस किया जा रहा है।श्री सोन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया कि भविष्य में भी योजना का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि हर घर तक शुद्ध जल की सतत उपलब्धता बनी रहे। दंतेवाड़ा के कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, अतिरिक्त मिशन संचालक श्री ओंकेश चंद्रवंशी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री कैलाश मढ़रिया और कार्यपालन अभियंता श्री जगदीश कुमार भी इस दौरान उपस्थित थे।राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक श्री कमल किशोर सोन ने जिला मुख्यालय सुकमा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति और इससे निपटने के उपायों की भी समीक्षा की। बैठक में राज्य में पेयजल की व्यवस्था तथा गर्मियों में उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के राज्य संचालक श्री जितेन्द्र शुक्ला और बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह भी बैठक में शामिल हुए।श्री सोन ने बैठक में सभी कलेक्टरों से जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति, उनकी प्रगति, कार्य में आ रही समस्याओं तथा उनके निराकरण के लिए बनाई गई कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल की समस्या वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित कर समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक गांव में कम से कम एक व्यक्ति को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, जिससे जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित बोर, सोलर पंप एवं पेयजल व्यवस्था में आने वाली छोटी तकनीकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान किया जा सके। उन्होंने जल सेवा आकलन के माध्यम से ऐसे परिवारों एवं क्षेत्रों को चिन्हांकित करने को कहा जो अब तक योजना के लाभ से वंचित हैं।श्री सोन ने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा वहां पानी की कमी न होने देने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत जल संबंधी कार्यों की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
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*20 लाख रूपये में नई पाईप लाईन डालने का कार्य होगा, सामुदायिक भवन शेड नाली आदि विविध विकास कार्य होंगे*
रायपुर/ रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकांत राठौड सहित रायपुर नगर निगम जोन 5 अंतर्गत डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड कमांक 68 में लगभग 43 लाख के नये विविध विकास कार्यों को जनहित में जनसुविधा विस्तार हेतु शीघ्र करवाने पुराना चंगोराभाठा क्षेत्र पहुंचकर श्रीफल फोडकर एवं कुदाल चलाकर भूमिपूजन करते हुए नगरवासियों को एक और शानदार सौगात दी।
भूमिपूजन के अवसर पर रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड सहित जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड कमांक 68 की पार्षद श्रीमती दुर्गा यादराम साहू, पूर्व पार्षद श्री बसंत गिरपुंजे, जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश रामटेके, उपअभियंता सुश्री प्राची चौबे सहित बड़ी संख्या में पुराना चंगोराभाठा क्षेत्र के रहवासी गणमान्यजनों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवकों, बच्चों की उपस्थिति में लगभग 43 लाख रूपये के नये विकास कार्यों का भूमिपूजन सहित कार्यारंभ किया गया।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि नगर निगम रायपुर द्वारा महापौर श्रीमती मीनल चौबे के सतत प्रयासों से चंगोराभाठा क्षेत्र की पेयजल समस्या का निदान करने चंगोराभाठा और रायपुर जलागार का कमांड एरिया पृथक -पृथक करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिससे समाधान पेयजल समस्या का हो जायेगा।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने इस पर गहन अप्रसन्नता व्यक्त की कि संबंधित अधिकारियों ने समय पर पेयजल समस्या दूर करने वांछित जानकारी महापौर तक को उपलब्ध नहीं करवायी। अत्यधिक विलंब से जानकारी दिए जाने के कारण से इस वर्ष भी गर्मी में यहां के रहवासियों को गहन पेयजल संकट का सामना करना पड़ा ।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने निर्देशित किया कि सभी नये विकास कार्यों को तय समय सीमा में सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता युक्त तरीके से संबंधित अधिकारीगण एवं सम्बंधित अनुबंधित ठेकेदार पूर्ण करवाना हर हाल में सुनिश्चित कर लेवें।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि चंगोराभाठा क्षेत्र में सड़क मार्ग पर बाजार विगत कई वर्षों से लगाया जा रहा है। इससे उत्पन्न सड़क यातायात की गहन समस्या को यहां रिक्त शासकीय भूमि की उपलब्धता होने पर मंडी बोर्ड से आवश्यक धनराशि स्वीकृत करवाकर दूर करेंगे एवं नए बाजार का निर्माण व विकास करवाकर वहां सम्मान सहित सब्जी फल व्यवसायियों को व्यवस्थापन दिलवायेंगे, ताकि अच्छा बाजार विकसित हो एवं इसके साथ ही चंगोराभाठा में सड़क पर यातायात की समस्या दूर हो सके।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि राजधानी रायपुर शहर में चंगोरामाठा, संतोषी नगर, मठपुरैना जैसे आउटर क्षेत्रों में नया विकास कार्य करवाने की व्यापक संभावनाएं हैँ । इन क्षेत्रों को सबके साथ मिलकर नए विकास कार्य करवाकर तेजी के साथ विकसित करने का कार्य करवायेंगे।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि चंगोराभाठा का अत्यंत तेजी के साथ निरन्तर विकास हो रहा है। पहले यहां जनसंख्या कम थी एवं यह क्षेत्र ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता था। रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में सम्मिलित होने के बाद रायपुर निगम में वार्ड बनने के बाद चंगोराभाठा में जनसंख्या बड़ी तेजी से बढी एवं विकास भी तेज गति से लगातार से हुआ। पेयजल के संसाधन सीमित होने पर यहां पेयजल संकट की स्थिति आयी। चंगोरामाठा में नए बड़े जलागार का निर्माण करवाकर रायपुर नगर निगम के तत्कालीन महापौर रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने पेयजल संकट निदान हेतु कार्य किया। चंगोराभाठा जलागार से रायपुरा क्षेत्र को भी वहाँ के रहवासी नागरिको को जलआपूर्ति की जाती रही। अब चंगोराभाठा में गहन जलसंकट के निदान हेतु राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर लगभग 50 लाख रू. स्वीकृत किये गये है एवं इससे चंगोराभाठा और रायपुरा पानी टंकी का कमांड एरिया पृथक पृथक करने का कार्य प्रारंभ किया गया है। जिससे जुलाई माह 2026 तक चंगोराभाठा की पेयजल समस्या का स्थायी निदान कर लिया जायेगा।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने चंगोराभाठा क्षेत्र के रहवासी नागरिको से पेयजल संकट को पूरी तरह दूर करने अपने -अपने घरो में शीघ्र रैन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु पीट का निर्माण कार्य करवाने विनम्र अपील की। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने साफ कहा कि वर्षा जल का संचयन कर धरती माता को जल वापस करने पर ही हम सबकी आगामी पीढी को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा इस लिए सभी महिलाएं एवं समस्तजन अपने - अपने घर में अनिवार्य रूप से रैन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली लगवाने भविष्य के संभावित जलसंकट को दूर करने गंभीरता से विचार करके अवश्य करवायें ।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने वार्ड पार्षद श्रीमती दुर्गा यादराम साहू को वार्ड की जलसमस्या का निदान करने लगातार सक्रिय व जागरूक रहकर कार्य करने पर सराहा। अंत में वार्ड पार्षद श्रीमती दुर्गा यादराम साहू ने नगर निगम जोन 5 अंतर्गत डॉ खूबचंद बघेल वार्ड क्रमांक 68 के क्षेत्र में लगभग 43 लाख के नये विकास कार्य प्रारंभ करने भूमिपूजन करने पर समस्त वार्डवासियों की ओर से रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकांत राठौड और जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल को मंच से हार्दिक धन्यवाद दिया।
- मेरिट सूची में शामिल बेटियों का कलेक्टर ने किया सम्मानअपने लक्ष्य पर अडिग रहे और आगे बढ़ते रहें - कलेक्टर श्री लंगेहमहासमुंद/छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा 2026 के परिणाम में महासमुंद जिले की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले को गौरवान्वित किया है। कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले की 8 छात्राओं तथा कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 4 छात्राओं ने प्रदेश की टॉप-टेन सूची में स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है।इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज छात्राओं और उनके पालको को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर ने छात्राओं को गुलाब पुष्प, शॉल एवं स्मृति शील्ड भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही छात्राओं के अभिभावकों का भी सम्मान कर उनकी सकारात्मक भूमिका की प्रशंसा की।कलेक्टर श्री लंगेह ने छात्राओं से आत्मीय बातचीत करते हुए कहा कि यह सफलता आपकी प्रतिभा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। छात्राओं की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, विद्यालय और शिक्षकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी इसी लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर ने बालिकाओं द्वारा पूछे गए सवालों का क्रमशः जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 12वीं के पश्चात स्नातक परीक्षा आवश्यक है। साथ -साथ अपने विशेष लक्ष्य की तैयारी करते रहे। छात्राओं ने सिविल सर्विसेस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया।इस अवसर पर कक्षा 10वीं की टॉपर छात्राओं में एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. संध्या नायक ने कहा कि वे सीजीपीएससी के माध्यम से प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है। एकलव्य इंग्लिश मीडियम हायर सेकेण्डरी स्कूल बलोदा की कु. परीरानी प्रधान ने मेडिकल क्षेत्र में जाने की इच्छा जताई। एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. रानू सिद्धीमयी साहू, कु. रेणुका प्रधान, कु. चाहत चौधरी, कु. तिषा साहू, कु. भारती चंद्रा एवं कु. लता चौधरी ने अलग-अलग क्षेत्रों में पढ़ाई कर कैरियर संवारना चाहती है। वहीं कक्षा 12वीं की टॉपर छात्राओं में के.जी. कॉन्वेंट हायर सेकेण्डरी स्कूल सरायपाली की कु. शहनाज परवीन एवं के.पी.आई. हायर सेकेण्डरी स्कूल चट्टीगिरोला सरायपाली की कु. गीतिका प्रधान ने कहा कि वे आई.ए.एस. की तैयारी करना चाहती है। इसी तरह सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेण्डरी स्कूल बागबाहरा की कु. पौर्वी देवांगन तथा एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. दिव्या अग्रवाल ने भी अपने अनुभव बताएं। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कुमारी भास्कर, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एल. देवांगन, जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा, सहायक संचालक श्री नंदकुमार सिन्हा, शिक्षा विभाग के शिक्षकगण एवं छात्राओं के अभिभावक उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं हेतु जिले से कुल 12 हजार 851 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 12 हजार 663 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 79.35 प्रतिशत रहा। इसी तरह कक्षा 12वीं में जिले से कुल 10 हजार 664 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें 10 हजार 579 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 80.89 प्रतिशत दर्ज किया गया।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड-राजपुर की गेऊर व्यपवर्तन योजना के कार्य के लिए 33 करोड़ 70 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं। प्रस्तावित कार्यों के उपरांत 770 हेक्टेयर खरीफ एवं 230 हेक्टेयर रबी सहित कुल 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के कार्यों को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई हैं।
- बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हौसला बुलंद रखना सबसे आवश्यक है।बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मानबलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। अधिकांश विद्यार्थियों ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की, वहीं कुछ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और न्यायिक सेवा में जाने का संकल्प व्यक्त किया।बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मानमुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के सपनों की सराहना करते हुए कहा कि सपना देखना और उसे लक्ष्य में बदलकर निरंतर प्रयास करना ही सफलता की कुंजी है।उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि समर्पण, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे उनके मार्गदर्शन, सहयोग और त्याग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।उत्कृष्ट विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से मिलने का मिला अवसरइस अवसर पर जिले के कक्षा 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों में वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करमडीहा की कुमारी प्रतिभा गुप्ता, रामचंद्रपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर की कुमारी स्नेहा कुशवाहा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सनवाल के सोनू, वाड्रफनगर के श्री कृष्णा, आदर्श हायर सेकंडरी विद्यालय बलंगी की कुमारी प्रिया लता कश्यप तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बर्तीकला के अजय गुप्ता, कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर के आर्यन गुप्ता, नेशनल पब्लिक इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल रजखेता की कुमारी आराधना पटेल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुनाथनगर की कुमारी रोशनी कांशी, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेमरा कुसमी की आलिया परवीन तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज की आरजू परवीन को मुख्यमंत्री से मिलने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला। - गौरेला पेंड्रा मरवाही/सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में दूसरा जन समस्या निवारण शिविर 6 मई बुधवार को जनपद पंचायत पेण्ड्रा के कलस्टर ग्राम पंचायत देवरीकला में पंचायत भवन प्रांगण में आयोजित किया गया है। शिविर का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। देवरीकला में आयोजित शिविर में ग्राम पंचायत दमदम, गोंढ़ा, तिलोरा, देवरीकला, कोटमीकला, सकोला, कंचनडीह, भाड़ी विशेषरा, पिपलामार, कुदरी, देवरीखुर्द, पीथमपुर एवं अमारू शामिल किए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने सभी विभागों के जिला अधिकारियों को अपने अधिनस्थ कर्मचारियों के साथ जन समस्या निवारण शिविर में उपस्थित रहकर आमजनों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए हैं
- इमरजेंसी, वार्ड एवं ओपीडी की व्यवस्थाओं का लिया जायजाराजनांदगांव/ कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बीती रात जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। देर रात पहुंचे कलेक्टर ने अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, मरीजों को मिल रही सुविधाओं एवं ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की उपस्थिति की जांच की।कलेक्टर ने इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, वार्डों एवं दवा वितरण कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार एवं सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को समय पर उपचार एवं आवश्यक दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए और अस्पताल में व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखें। कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल में आम जनता को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
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-प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित चित्रकला आयोजन में ओम की प्रस्तुति विशेष आकर्षण बनीरायपुर। प्रेस क्लब द्वारा प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों की प्रतिभा, जागरूकता और कल्पनाशक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रेस और जनसंचार की स्वतंत्रता के महत्व से परिचित कराना था। रंगों और रेखाओं के माध्यम से बच्चों ने लोकतंत्र, सत्य, सामाजिक चेतना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मूल स्वरूप को सशक्त ढंग से प्रस्तुत किया। भिलाई से आए दिव्यांग कलाकार ओम उपाध्याय ने अपनी अद्वितीय कला प्रतिभा से सभी को भावविभोर कर दिया। उनके चित्रों में संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास की प्रेरक झलक दिखाई दी। राज्यपाल वीरता सम्मान प्राप्त कर चुके ओम की प्रस्तुति आयोजन का विशेष आकर्षण बनी।बाल मन ने चित्रों में उकेरी सच की शक्तिप्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रेस, समाज और स्वतंत्र अभिव्यक्ति के महत्व को चित्रों में जीवंत किया। किसी ने पत्रकारिता को सत्य का प्रहरी बताया तो किसी ने जनजागरण में जनसंचार की भूमिका को प्रभावशाली रूप से दर्शाया। बच्चों की कलाकृतियों ने यह स्पष्ट किया कि स्वतंत्र प्रेस लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला है।कलाकारों और निर्णायकों ने बढ़ाई गरिमाइस आयोजन में प्रसिद्ध कलाकार एवं निर्णायक राजेन्द्र निगम, परमानंद यादव और राजेश प्रजापति ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, विषय की समझ और कलात्मक प्रस्तुति का मूल्यांकन किया। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊंचाई प्रदान की। कलाकारों ने बच्चों को सृजनशीलता को निरंतर विकसित करने का संदेश दिया।प्रेस स्वतंत्रता के संदेश संग विशिष्ट अतिथियों की प्रेरक उपस्थितिप्रसिद्ध हास्य कलाकार जॉनी लीवर के सुपुत्र जेसी लीवर तथा अभिनेत्री रोज़े सदाना ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर बच्चों की प्रतिभा को सराहा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र प्रेस समाज में जागरूकता और सत्य की सबसे सशक्त आवाज है। दोनों अतिथियों ने बच्चों को अपनी कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा दी।प्रेस क्लब नेतृत्व की सक्रिय भूमिकाइस सफल आयोजन में अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव नवेदिता साहू तथा भूपेश जागड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी पदाधिकारियों ने बच्चों, कलाकारों और अतिथियों का उत्साहवर्धन करते हुए रचनात्मक अभिव्यक्ति को लोकतंत्र की सशक्त पहचान बताया। -
-प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित चित्रकला आयोजन में बच्चों ने रचनात्मकता से बताया जनसंचार का महत्व, दिव्यांग प्रतिभा, कलाकारों और विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाया गौरव
रायपुर। प्रेस क्लब द्वारा प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों की प्रतिभा, जागरूकता और कल्पनाशक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रेस और जनसंचार की स्वतंत्रता के महत्व से परिचित कराना था। रंगों और रेखाओं के माध्यम से बच्चों ने लोकतंत्र, सत्य, सामाजिक चेतना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मूल स्वरूप को सशक्त ढंग से प्रस्तुत किया।
बाल मन ने चित्रों में उकेरी सच की शक्ति
प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रेस, समाज और स्वतंत्र अभिव्यक्ति के महत्व को चित्रों में जीवंत किया। किसी ने पत्रकारिता को सत्य का प्रहरी बताया तो किसी ने जनजागरण में जनसंचार की भूमिका को प्रभावशाली रूप से दर्शाया। बच्चों की कलाकृतियों ने यह स्पष्ट किया कि स्वतंत्र प्रेस लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला है।
कलाकारों और निर्णायकों ने बढ़ाई गरिमा
इस आयोजन में प्रसिद्ध कलाकार एवं निर्णायक राजेन्द्र निगम, परमानंद यादव और राजेश प्रजापति ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, विषय की समझ और कलात्मक प्रस्तुति का मूल्यांकन किया। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊंचाई प्रदान की। कलाकारों ने बच्चों को सृजनशीलता को निरंतर विकसित करने का संदेश दिया।
दिव्यांग प्रतिभा बनी साहस की मिसाल
भिलाई से आए दिव्यांग कलाकार ओम उपाध्याय ने अपनी अद्वितीय कला प्रतिभा से सभी को भावविभोर कर दिया। उनके चित्रों में संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास की प्रेरक झलक दिखाई दी। राज्यपाल वीरता सम्मान प्राप्त कर चुके ओम की प्रस्तुति आयोजन का विशेष आकर्षण बनी।
प्रेस स्वतंत्रता के संदेश संग विशिष्ट अतिथियों की प्रेरक उपस्थिति
प्रसिद्ध हास्य कलाकार जॉनी लीवर के सुपुत्र जेसी लीवर तथा अभिनेत्री रोज़े सदाना ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर बच्चों की प्रतिभा को सराहा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र प्रेस समाज में जागरूकता और सत्य की सबसे सशक्त आवाज है। दोनों अतिथियों ने बच्चों को अपनी कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा दी।
प्रेस क्लब नेतृत्व की सक्रिय भूमिका
इस सफल आयोजन में अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव नवेदिता साहू तथा भूपेश जागड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी पदाधिकारियों ने बच्चों, कलाकारों और अतिथियों का उत्साहवर्धन करते हुए रचनात्मक अभिव्यक्ति को लोकतंत्र की सशक्त पहचान बताया। - -अधिकारियों को चेतावनी: काम में लापरवाही हुई तो कार्रवाई तय-अपने जिले में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के काम का मूल्यांकन करें कलेक्टर, जरूरत पड़ने पर करें कठोर कार्रवाई - मुख्यमंत्री-राजस्व सेवाएं होंगी डिजिटल, टोल फ्री हेल्पलाइन जल्द - मुख्यमंत्री श्री साय-बारिश के पहले सड़कों की मरम्मत करने के दिए निर्देश-रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार में बलरामपुर प्रवास के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सख्त संदेश दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। बैठक के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब लोक निर्माण विभाग का एक अधिकारी सड़क मरम्मत की सही जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, “मीटिंग से बाहर जाइए, अपने सचिव से बात करिए और सही जानकारी लेकर आइए।” इसके बाद बैठक कक्ष में सन्नाटा छा गया और यह स्पष्ट हो गया कि अब कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और अपने-अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ की तरह देखें, जहां आम जनता की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का विकास सबसे पहले सड़कों पर दिखाई देता है, इसलिए मानसून आने से पहले एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि सभी सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में पूर्ण की जाए और विशेष रूप से आबादी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि राज्य के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन” सेवा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस निधि की अधिकतम राशि खनन प्रभावित गांवों के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इस राशि का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के बेहतर और पारदर्शी उपयोग के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए भटकना न पड़े और जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गर्मी और बारिश के बीच संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा, साथ ही किसानों के लिए धान, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के आचरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करें और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई से भी न हिचकें।बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद सरगुजा श्री चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक प्रतापपुर श्रीमती शकुंतला पोर्ते तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनि निकुंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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-बाल संस्कार शिविर में बच्चों ने सस्वर पाठ कर दिखाई भक्ति, मंत्रोच्चार भी कियारायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से हर शनिवार को जारी हनुमान चालीसा पाठ अभियान में अब मंडल का स्टाफ भी जुड़ गया है। शनिवार को शाम 5.30 बजे मंडल भवन कार्यालय और मेस स्टाफ ने एक साथ मिलकर हनुमान चालीसा पाठ का किया। वहीं सियान गुड़ी और बाल संस्कार शिविर में शामिल क्रमश: वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों ने सुबह हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके साथ मंडल के कई महिला केंद्रों में भी राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि मंडल के महिला केंद्रों के साथ इस शनिवार से महाराष्ट्र मंडल कार्यालय में कार्यरत स्टाफ ने भी साप्ताहिक हनुमान चालीसा पाठ शुरू किया। मंडल की लेखा व्यवस्थापिका बी. नंदिनी नायडू के मार्गदर्शन में सभी कार्यालयीन सहयोगी और वार्डन मंजिरी बक्षी के साथ मेस स्टाफ ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान सखी निवास की मैनेजर कमलेश्वरी साहू, कार्यालयीन स्टाफ श्रद्धा जोशी, सनत यदु, तेजनारायण साहू, प्रकाश गुरव, मेस की मुख्य रसोइया जामबाई यादव, हेमिन साहू, सुधा पटेल, सुनीता तांडी, नीता खड़तकर, रेखा शेंडे, गायत्री निषाद और सविता निषाद शामिल हुईं।समिति की प्रभारी सृष्टि दंडवते ने जानकारी दी कि समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित सियान गुड़ी में भी बुजुर्गों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान डा. कमल वर्मा विशेष रूप से उपस्थित थीं। सियान गुड़ी में प्रबंधक मनीष देसाई, सहायक रमा नाहरगढ़कर, लखन लाल साहू, केके पाठक, जीपी जोशी, ओपी सोनी ने पाठ करने वालों में शामिल रहे।समिति की प्रभारी आकांक्षा गद्रे के अनुसार शनिवार को सुबह बाल संस्कार शिविर में छोटे-छोटे बच्चों ने भी उत्साह के साथ हनुमान चालीसा पाठ किया। बच्चों को आध्यात्मिक समिति की संध्या खंगन ने पाठ करवाया। इस दौरान आरोही भुजाणे, आरव जोशी, अर्णव भुजाणे, अर्णव कुसरे, प्रशस्ति आकांत, मानसी चोपकर, अभिज्ञा अभिनव शुक्ला, युक्ता रोकडे, अनघा शेष, अक्षदा किरवई, आरोही भुजाडे़, विदिका पंडित, प्राची शेंडे, आरुषि कांबलकर, धैर्या थानवी, अवनी महेश्वरी, श्रावणी महेश्वरी सहित अनेक बच्चे ने पाठ किया। -
टी सहदेवभिलाई नगर। आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में रविवार को सेक्टर 05 बालाजी मंदिर के आंध्र भवन में तेलुगु भाषी विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए राज्य स्तरीय परिचय सम्मेलन (परिचय वेदिका) आयोजित किया गया। इस मेगा इवेंट में प्रदेश के साथ-साथ आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, ओड़िशा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के सवा तीन सौ विवाह योग्य युवक-युवतियों ने पंजीयन कराया, जिनका व्यक्तिगत विवरण बड़ी स्क्रीन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इनमें अमेरिका, आस्ट्रेलिया तथा यूके में रह रहे भारतीय मूल के तेलुगु भाषी युवक-युवती भी शामिल हैं। परिचय वेदिका की शुरुआत भगवान बालाजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। सम्मेलन में मध्याह्न भोजन की भी व्यवस्था की गई। पहली बार परिचय वेदिका की शुरुआत 2015 में हुई थी।रिश्ते पक्के होने के हैं बेहतर विकल्पआंध्र साहित्य समिति के अध्यक्ष पीवी राव ने इस मौके पर कहा कि हमारा उद्देश्य विवाह योग्य युवाओं को एक-दूसरे से परिचय कराना था, ताकि रिश्ते पक्के होने के लिए उनके सामने बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकें। सचिव पीएस राव ने कहा कि समाज के उच्च शिक्षित युवा करियर बनाने के लिए दूरदराज क्षेत्रों में चले जाते हैं, हमारा प्रयास है कि युवाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना, जिससे उन्हें मनपसंद जीवनसाथी चुनने में मदद मिल सके। इस अवसर पर आंध्र समाज के अध्यक्ष जी स्वामी, उपाध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी, महासचिव के आचार्यलु, एक्सक्यूटिव मेंबर बीवीएस राजकुमार, छत्तीसगढ़ तेलुगु महासंघम के प्रदेशाध्यक्ष आर मुरली और राजेश वेगी को शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। वेगी ने अपने माता-पिता की 25 मई को होने वाली 52 वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर गरीब परिवारों के 11 जोड़ों को 51-51 हजार रुपये देने की भी घोषणा की।विभिन्न जाति-वर्ग के आठ ग्रुप बनेजाति एवं वर्ग के आधार पर युवक-युवतियों को आठ ग्रुपों में बांटा गया था। ए ग्रुप में ब्राह्मण, वैष्णव, बी में तेलगा, कापु, सी में बलिजा, वाड़बलिजा, जालारी, डी में अग्निकुल क्षत्रिय, पल्ली, रेड्डी, गोल्ला (यादव), ई में विश्व ब्राह्मण, स्वर्णकार, कम्मा, तेलका, एफ में पद्मसाली, देवांग, पटनायक, जी में वैश्य, गवरा, सोंडी व अन्य तथा एच ग्रुप में जाति बंधन से मुक्त युवक- युवतियों को रखा गया। परिचय सम्मेलन आयोजित करने वालों में कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर, उपाध्यक्ष एनएस राव, संयुक्त सचिव के लक्ष्मी नारायण व एस रवि आदि शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में पिछले कई दशकों से रह रहे लोगों की मांग पर आयोजित यह परिचय सम्मेलन सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक चला, जिसमें बड़ी तादाद में लोगों ने हिस्सा लिया। - -खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देशबिलासपुर / राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में “सही दवा-शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर जिले में 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आज बिलासपुर शहर स्थित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों, अस्पताल कैंटीनों एवं केक विक्रेता फर्मों का सघन निरीक्षण किया गया।निरीक्षण दल द्वारा सिम्स हॉस्पिटल कैंटीन, जिला अस्पताल कैंटीन सहित शहर के विभिन्न केक विक्रेताओं की जांच की गई। इस दौरान यूटोपिया केक शॉप से केक का नमूना लेकर परीक्षण हेतु भेजा गया।जांच के दौरान खाद्य कारोबार संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विक्रेताओं को कर्मचारियों के लिए अनिवार्य रूप से हैंड ग्लव्स और हेड कवर उपयोग करने, प्रतिष्ठान में खाद्य लाइसेंस प्रदर्शित करने, पेयजल जांच रिपोर्ट उपलब्ध रखने तथा कर्मचारियों का नियमित मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वच्छता एवं साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की समझाइश दी गई।निरीक्षण दल ने स्पष्ट किया कि निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभियान में अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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-डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम पिनकापार में आयोजित होगा बालोद जिले का पहला शिविर
-शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारी पूर्ण, हितग्राहियों को किया जाएगा शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित
बालोद। राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जिले पहला जनसमस्या निवारण शिविर डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पिनकापार में 04 मई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पिनकापार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम महराजपुर, गिधवा, पिनकापार, मुजगहन, फुलसुंदरी, बहेराभाठा, चेबा नवागांव, जेवरतला, रानीतराई रोड, भरदा ट, हरदी, औरी, टटेंगा, नाहंदा पीपरखार ना, संबलपुर क, खामतराई, कुआगांव, मनकी सा एवं खपराभाट के ग्रामीण शामिल होंगे। शिविर के सफल आयोजन हेतु कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग श्री पीयूष देवांगन (मोबाईल नंबर 9754976727) को नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज देव एवं जल संसाधन विभाग के श्री आशीष रूसिया को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली गई है। भीषण गर्मी को देखते हुए शिविर स्थल पर आम जनता के लिए शीतल पेयजल के अलावा , आम का पना, कूलर आदि की भी समुचित व्यवस्था की गई है। शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जाएगा । इसके अलावा आम जनता को शिविर के संबंध में जानकारी प्रदान करने हेतु विभिन्न माध्यमों से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया है।



























