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- 0- 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शनबालोद. 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2026-27 के अंतर्गत कांकेर जिले में आयोजित भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) स्पर्धा में जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किए हैं। उल्लेखनीय है कि 17 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिका संवर्ग में आयोजित इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अंचल को गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता के 17-19 वर्ष आयु वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चंचल रावटे, नोवल दास साहू एवं चंद्रहासिनी पाटिल ने स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया, वहीं तृप्ति जमुलकर ने कड़े मुकाबले में रजत पदक अपने नाम किया। खिलाड़ियों के इस शानदार उपलब्धि के लिए अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने संयुक्त जिला कार्यालय में पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में शासकीय निर्माण कार्यों में खनिज राजस्व मद के अंतर्गत देय रॉयल्टी एवं जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) राशि की जानकारी अद्यतन करने की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में खनिज शाखा द्वारा जिले के विभिन्न विभागों, निर्माण एजेंसियों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जानकारी निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।खनिज शाखा द्वारा जारी पत्र में वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2025-26 तक कराए गए निर्माण कार्यों में निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों द्वारा देय रॉयल्टी और डीएमएफ राशि के विरुद्ध जमा की गई रॉयल्टी राशि, जमा डीएमएफ राशि तथा भुगतान के लिए शेष राशि की जानकारी मांगी गई है।चालान और ट्रांजेक्शन रिपोर्ट भी देनी होगीसंबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों को निर्धारित प्रारूप में माहवार एवं दिनांकवार जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जमा राशि से संबंधित चालान की प्रति अथवा ट्रांजेक्शन रिपोर्ट भी उपलब्ध करानी होगी। यह जानकारी पत्र प्राप्ति के 5 दिवस के भीतर विशेष वाहक के माध्यम से खनिज शाखा कार्यालय में अथवा ई-मेल के माध्यम से भेजना सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस जानकारी के आधार पर जिले में निर्माण कार्यों से संबंधित रॉयल्टी एवं डीएमएफ राशि का संकलित डाटा तैयार कर उसका मिलान किया जाएगा, जिससे विभागीय अभिलेखों में जानकारी को अद्यतन रखा जा सके।वित्तीय वर्ष 2026-27 से हर माह देनी होगी जानकारीखनिज शाखा ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 से संबंधित जानकारी प्रत्येक माह की 5 तारीख तक उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि किसी विभाग या निर्माण एजेंसी की जानकारी निरंक हो, तब भी निर्धारित प्रारूप में निरंक जानकारी उपलब्ध करानी होगी। गौरतलब है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार इस प्रक्रिया का उद्देश्य खनिज राजस्व एवं डीएमएफ मद से संबंधित राशि का सुव्यवस्थित अभिलेखीकरण, पारदर्शिता और समयबद्ध मिलान सुनिश्चित करना है।--
- जगदलपुर। बस्तर जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने 2013 के झीरम घाटी माओवादी हमले के मामले में सभी 10 दोषियों को बुधवार को मृत्युदंड सुनाया।इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 29 लोगों की मौत हुई थी।दोषी 30 दिन के अंदर फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जा सकते हैं.।एनआईए के एक अधिवक्ता ने बताया कि जगदलपुर में एनआईए की विशेष अदालत ने पांच सितंबर को दो महिलाओं समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था और सजा पर अपना फैसला 16 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया था।उन्होंने बताया कि अदालत ने सभी 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है।माओवादियों ने बस्तर जिले में दरभा थानाक्षेत्र की झीरम घाटी में 25 मई 2013 को एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ पर घात लगाकर हमला किया था।इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम नागरिकों और 10 सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम 29 लोग मारे गए थे तथा 30 से अधिक लोग घायल हुए थे।इस हमले को लेकर NIA कोर्ट ने 10 लोगों को दोषी करार दिया था। अदालत ने सभी दोषियों को 7 धाराओं में सजा ए मौत की सजा सुनाई है।मारे गए लोगों में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश, विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्या चरण शुक्ल और वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक उदय मुदलियार शामिल थे।यह रैली उस साल के आखिर में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित की गई थी।घटना के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन रमन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन भाजपा सरकार ने हमले के दो दिन के भीतर ही जांच एनआईए को सौंप दी थी। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग भी बनाया था।
- -2022 की फर्जी टैक्स इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा निरस्त होने से युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली भूपेश सरकार बेनकाब : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने साधा निशानारायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार के कार्यकाल में युवाओं के हकों पर डाका डालने और अपनों को उपकृत करने के एक और सनसनीखेज मामले के खुलासे के मद्देनजर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भूपेश सरकार के संरक्षण में राज्य के प्रतिभावान युवाओं और कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने बुधवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता में बताया कि छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा वर्ष 2022 में आयोजित सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में जाँच के दौरान भारी धांधली, फर्जीवाड़ा और प्रणालीगत भ्रष्टाचार पाया गया है। इसके बाद शासन द्वारा इस परीक्षा को तत्काल प्रभाव से शून्य घोषित कर पूरी चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि 26 जून 2022 को लिपिक वर्ग से वाणिज्यिक कर निरीक्षक (टैक्स इंस्पेक्टर) के पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। जाँच समिति की रिपोर्ट (3 जुलाई 2026) ने यह साफ कर दिया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल म़े किस प्रकार नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं!भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने बताया कि परीक्षा से पहले आरक्षण रोस्टर का पालन ही नहीं किया गया, जिससे वंचित और पिछड़े वर्गों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधी चोट पहुँचाई गयी। इसी तरह परीक्षा केंद्रों में उपस्थिति पंजी का संधारण ही नहीं किया गया ताकि मनचाहे लोगों की बैकडेट में एंट्री कराई जा सके। जाँच में पाया गया कि कई चयनित अभ्यर्थियों ने एक समान उत्तर लिखे थे। इतना ही नहीं, कॉपियों में कोडिंग व्यवस्था को जानबूझकर खत्म किया गया ताकि मनपसंद अभ्यर्थियों की पहचान उजागर रहे।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि अपनों को फायदा पहुँचाने के लिए चयन समिति के अध्यक्ष, सदस्यों और परीक्षा नियंत्रक ने खुद नियम विरुद्ध पुनर्मूल्यांकन कर चहेतों के अंक बढ़ाए। खरीदी गई कॉपियों और इस्तेमाल/शेष कॉपियों के आँकड़ों में भारी विसंगतियाँ पाई गईं, जो सीधे तौर पर फर्जी कॉपियाँ जमा करने की ओर इशारा करती हैं।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जाँच में यह साबित हो चुका है कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में हुई यह परीक्षा पूरी तरह दूषित और फर्जीवाड़े पर आधारित थी। अनियमितताएँ इतनी व्यापक थीं कि इसमें से ईमानदार और धांधली करने वालों को अलग करना सम्भव नहीं था। शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 26 जून 2022 की परीक्षा एवं 1 जुलाई 2022 के तहत दिए गए सभी नियुक्ति आदेशों को तत्काल निरस्त कर दिया है। फर्जी तरीके से टैक्स इंस्पेक्टर बने सभी कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेज (प्रत्यावर्तित कर) दिया गया है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि युवाओं और कर्मचारियों की मेहनत पर पानी फेरने वाली भूपेश सरकार को इस धांधली का जवाब देना ही होगा। क्या कांग्रेस सरकार का मकसद केवल अपनों को पिछले दरवाजे से लाभ पहुँचाना था? डॉ. मिश्रा ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार का यह कृत्य न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं का हनन था, बल्कि राज्य के परिश्रमी कर्मचारियों और युवाओं के विश्वास पर कुठाराघात था। अब सच सामने आ चुका है और धांधली के बल पर पाई गई नियुक्तियों को खारिज कर न्याय स्थापित किया गया है।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें छत्तीसगढ़ के समस्त कार्यकर्ताओं एवं प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक बधाई देते हुए मंगलकामनाएँ व्यक्त की हैं। श्री देव ने प्रभु श्री राम से उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ जीवन एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के संकल्प की सिद्धि की प्रार्थना की।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी ऐतिहासिक प्रतिष्ठा स्थापित की है। 'अंत्योदय' और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूलमंत्र पर चलते हुए श्री मोदी ने देश के गरीब, किसान, महिला और युवा वर्ग के सशक्तीकरण को शासन के केंद्र में रखा है। उनके नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में माहव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान' का आयोजन किया जा रहा है। भाजपा सदैव राजनीति को सेवा का माध्यम मानती है, इसलिए यह पूरा महीना जनसेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित रहेगा। श्री देव ने प्रदेश भाजपा के सभी पदाधिकारियों, मोर्चा-प्रकोष्ठों के संयोजकों, कार्यकर्ताओं तथा जनमानस से इस सेवा पखवाड़े में उत्साहपूर्वक भाग लेकर 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के संकल्प को साकार करने का आग्रह किया है। file photo
- दुर्ग / जिले में आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के संबंध में जिला पंचायत के सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य समन्वय बैठक आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में श्री सुरेन्द्र कौशिक, श्री पुरूर्षोत्तम देवांगन, श्रीमती चन्द्रिका चन्द्राकर, श्रीमती सरिता मिश्रा, श्री विनोद अरोरा एवं विनोद सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और जिला पंचायत के सीईओ एवं अभियान के नोडल अधिकारी श्री बी.के. दुबे सहित समस्त विभागीय नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी सम्मिलित हुए। अभियान अंतर्गत विभिन्न 12 पहलुओं क्रमशः आशीर्वाद दीया, मेरे सपनों का भारत चित्र सेवा, नमो सेवा अनकही कहानियां, आनंद मिलन सेवा, सेवा की कहानी, सेवा संकल्प यात्रा, सेवा ज्योति कलश यात्रा, सेवा मेरा योगदान, जन-जन सेवा संकल्प, सेवा सेतु अभियान, सेवा के रंग राष्ट्र के संग एवं सुशासन सेवा संवाद के बेहतर आयोजन के संबंध में तिथियों आदि के संबंध में रायशुमारी की गई। जनप्रतिनिधियों ने आयोजन हेतु अपने सुझाव प्रस्तुत किये। साथ ही अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया।
- - सेवा संकल्प अभियान का आगाज 17 सितंबर से- मुख्य कार्यक्रम दुर्ग के पुरानी पुलिस लाईन में, होंगे सवा लाख दिये प्रज्जवलितदुर्ग / राज्य शासन के आदेशानुसार एवं कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार दुर्ग जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना, विकसित भारत-2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों के प्रति व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।अभियान के तहत नागरिकों की भागीदारी से सेवा, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का शुभारंभ संध्या 06 बजे दुर्ग के पुरानी पुलिस लाईन में सवा लाख दिये प्रज्जवलित किया जाएगा। इसी कड़ी में जिले की चिन्हांकित 30 ग्राम पंचायतों में 30 हजार दिये, नगर निगम दुर्ग द्वारा 30 हजार दिये, नगर निगम भिलाई चरोदा द्वारा 05 हजार दिये, नगर निगम भिलाई द्वारा एक लाख 25 हजार दिये, नगर निगम रिसाली द्वारा 51 हजार आशीर्वाद के दिये प्रज्जवलित किये जाएंगे। इसी प्रकार विकासखंड दुर्ग की ग्राम पंचायतों में प्रत्येक घर में अनुमानित 75 हजार दिये, विकासखंड धमधा में प्रत्येक घर में अनुमानित एक लाख 20 हजार दिये तथा विकासखंड पाटन के ग्राम पंचायत अंतर्गत प्रत्येक घर अनुमानित एक लाख 10 हजार आशीर्वाद के दिये जलाऐं जाएंगे। अभियान में होंगे विभिन्न कार्यक्रम - सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘आशीर्वाद का दिया’ 17 सितंबर, ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्र सेवा 18 सितंबर से 3 अक्टूबर, नमो सेवा अनकही कहानियां’ 17 से 21 सितंबर, 6 से 10 अक्टूबर एवं 15 से 17 अक्टूबर, ‘आंगन मिलन सेवा’ 25 सितंबर से 7 अक्टूबर एवं 12 से 14 अक्टूबर, ‘सेवा की कहानी’ 17 से 21 अक्टूबर, ‘सेवा संकल्प यात्रा’ 1 से 5 अक्टूबर, ‘ज्योति कलश यात्रा विकसित भारत का संकल्प’ 7 अक्टूबर, ‘जल जन सेवा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ 23 से 25 सितंबर, ‘सेवा सेतु अभियान सरकार आपके द्वार’ 1 से 5 अक्टूबर, ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’ 29 सितंबर, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चौलेंज’ 9 अक्टूबर तथा ‘सुशासन सेवा संवाद’ 17 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से इन सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर सेवा, सुशासन एवं विकसित भारत के संकल्प को जन आंदोलन का स्वरूप देने की अपील की गई है।
- - 17 सितंबर 2026 को स्वामी विवेकानंद भवन (जेल तिराहा चौक, पदमनाभपुर, दुर्ग) में शिविर का आयोजनदुर्ग / जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग दुर्ग के सहयोग से एग्रीकल्चर इन्श्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी) भारत सरकार वित्त मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण मंत्रालय के निगमित सामाजिक दायित्व (सी.एस.आर) एवं इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ई.आई.एल.) भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निगमित सामाजिक दायित्व (सी.एस.आर) योजनान्तर्गत एवं भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), रायपुर द्वारा दुर्ग जिले के दिव्यांगजनो एवं वरिष्ठजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण प्रदाय हेतु दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों हेतु मूल्यांकन/परीक्षण / चिन्हांकन शिविर का आयोजन न.पा.नि. भिलाई-चरोदा/नगर पंचायत पाटन व जनपद पंचायत पाटन के समस्त ग्राम पंचायतों को सम्मिलित करते हुए स्थान सामुदायिक देवांगन भवनए पन्दर रोड पाटनए जिला दुर्ग में शिविर आयोजित किया गया।उप संचालक समाज कल्याण दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार आयोजित शिविर में कुल 73 दिव्यांगजनो एवं वरिष्ठजनों का पंजीयन किया गया। जिसमें से दिव्यांगजनों हेतु विभिन्न सामाग्री जैसे-मोटराईज्ड ट्रायसायकल, ट्रायसायकल, बैसाखी, व्हील चेयर, तथा वरिष्ठजनों हेतु श्रवण यंत्र, कमोड चेयर आदि उपकरणों को सहित कुल-74 सामाग्रियों के लिए चिन्हांकित किया गया। उक्त अवसर पर सांसद प्रतिनिधि मान. श्री राजेश चंद्राकर, श्री कमलेश वर्मा, उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत पाटन तथा श्री जन्त राम ठाकुर, नोडल अधिकारी, समाज कल्याण विभाग दुर्ग, एलिम्को रायपुर के चिकित्सकीय दल एवं नगर पंचायत पाटन के कर्मचारी एवं समाज कल्याण विभाग व श्रीमती भूमिका गोपाल समाज शिक्षा संगठक जनपद पंचायत पाटन तथा विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहें।इसी तरह शिविर अंतिम तिथि 17 सितंबर 2026 को स्वामी विवेकानंद भवन (जेल तिराहा चौक, पदमनाभपुर, दुर्ग) में शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें नगर पालिक निगम दुर्ग, भिलाई, रिसाली तथा जनपद पंचायत दुर्ग के समस्त ग्राम पंचायत के दिव्यांगजन शामिल हो सकेंगे। सभी शिविरों का समय प्रातः 10.00 बजे से शाम 04.30 बजे तक निर्धारित किया गया है।
- दुर्ग, / राज्य शासन द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर 17 सितंबर को जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में जिले में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रहेगी। जिले में सांसद श्री विजय बघेल कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना के साथ सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ किया जाएगा।
- -जल जीवन मिशन ने बदली अमलीपारा की तस्वीर, लोहार दम्पति सहित ग्रामीणों को अब ढोढ़ी से पानी लाने की मजबूरी नहींरायपुर । कोरबा जिले के कोरबा विकासखंड की दूरस्थ ग्राम पंचायत गिरारी के आश्रित ग्राम अमलीपारा में कभी गर्मी का मौसम आते ही पानी की चिंता सताने लगती थी। सूरज की तपिश बढ़ते ही गांव में पानी के लिए जद्दोजहद शुरू हो जाती थी। घरों की जरूरत पूरी करने के लिए ग्रामीणों को ढोढ़ी से पानी लाना पड़ता था। महिलाओं के साथ पुरुषों और बच्चों को भी पानी जुटाने में अपना समय लगाना पड़ता था। पर अब अमलीपारा की तस्वीर बदल गई है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से अमलीपारा के ग्रामीणों के आंगन में नियमित रूप से पानी की धार पहुंच रही है।गांव में रहने वाले लोहार दम्पति भारत लोहार और सुनीता लोहार इस बदलाव को अपने जीवन का बड़ा सुखद परिवर्तन मानते हैं। लोहे को गर्म कर उसे आकार और धार देने का काम करने वाले भारत लोहार के लिए आग की तपिश रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। गर्मी के दिनों में दिनभर भट्ठी की आग के सामने बैठकर मेहनत करना उनके काम का हिस्सा है, लेकिन वे बताते हैं कि आग की लौ से कहीं अधिक तकलीफ उन्हें गर्मी के दिनों में पानी की कमी से होती थी।भारत लोहार बताते हैं कि पहले गर्मी शुरू होते ही पानी की समस्या बढ़ जाती थी। घर की जरूरतों के लिए ढोढ़ी से पानी लाना पड़ता था। पानी लेने जाने में समय लगता था और कई बार काम छोड़कर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। इससे रोजी-रोटी का काम भी प्रभावित होता था। अब घर में ही नल से पानी मिलने लगा है, इसलिए पानी के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।वे कहते हैं कि दिनभर लोहे को गर्म कर उसे धार देने के लिए आग के सामने बैठना पड़ता है, लेकिन गर्मी के दिनों में पानी की समस्या उससे भी ज्यादा परेशान करती थी। अब घर के आंगन में नल से पानी आता है, तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत और खुशी की बात है। घर तक पानी पहुंचने से समय भी बच रहा है और रोजमर्रा की जिंदगी भी आसान हो गई है।सुनीता लोहार बताती हैं कि पहले गर्मी के मौसम में पानी जुटाना घर की सबसे बड़ी चिंता होती थी। सुबह और शाम पानी लाने में काफी समय निकल जाता था। परिवार के सभी सदस्यों को पानी की व्यवस्था में सहयोग करना पड़ता था। अब घर में ही नल कनेक्शन होने से पानी भरने के लिए कहीं बाहर नहीं जाना पड़ता। सुबह और शाम नियमित रूप से पानी मिलने से वे अपनी जरूरत के अनुसार पानी सुरक्षित रख लेती हैं और घरेलू काम भी आसानी से पूरे हो जाते हैं।अमलीपारा के ग्रामीण बताते हैं कि बारिश और अन्य मौसम में पानी की समस्या उतनी गंभीर नहीं होती थी, लेकिन गर्मी आते ही ढोढ़ी पर निर्भरता बढ़ जाती थी। अब जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से वर्षों पुरानी समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। घर के आंगन तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों को न केवल राहत मिली है, बल्कि उनका समय और श्रम भी बच रहा है।गांव के लोगों का कहना है कि घर तक पानी पहुंचने से सबसे बड़ा बदलाव महिलाओं के जीवन में आया है। पहले पानी लाने में घंटों समय और मेहनत लगता था, अब उसी समय का उपयोग घर-परिवार, बच्चों और अपने दूसरे जरूरी कार्यों के लिए किया जा सकता है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीणों में संतोष और सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अमलीपारा जैसे दूरस्थ गांवों में भी घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से योजना का लाभ गांवों तक पहुंच रहा है और वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या दूर हो रही है।अमलीपारा की कहानी बताती है कि घर के आंगन तक पहुंची पानी की एक धार केवल प्यास नहीं बुझाती, बल्कि समय, श्रम और चिंता को भी कम करती है। कभी गर्मी आते ही पानी के लिए परेशान होने वाला लोहार दम्पति और गांव के अन्य परिवार अब अपने घर में नल से पानी की धार देखकर राहत महसूस कर रहे हैं। उनके लिए यह केवल नल कनेक्शन नहीं, बल्कि आसान और बेहतर जीवन की नई शुरुआत है।
- -श्रम जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिक एवं संस्थाएं 5 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन-श्रमिकों और संस्थाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र सहित मिलेगा पुरस्काररायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिकों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार-2025-26 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पुरस्कार के तहत चयनित श्रमिक अथवा संस्था को 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।यह पुरस्कार उन श्रमिकों एवं संस्थाओं को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में श्रम के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य किया हो। विशेष रूप से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनसे मजदूरों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए प्रभावी उपाय किए गए हों और जिनके परिणामस्वरूप पूरे वर्ष में कोई गंभीर दुर्घटना न हुई हो।इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा सुरक्षित कार्य वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान करने वाले श्रमिकों एवं संस्थाओं को भी पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। ऐसे प्रयास, जिनसे प्रदेश का नाम श्रम जगत में गौरवान्वित हुआ हो, पुरस्कार के लिए महत्वपूर्ण आधार होंगे।श्रम विभाग द्वारा पात्र श्रमिकों एवं संस्थाओं से 5 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।इच्छुक श्रमिक एवं संस्थाएं श्रम विभाग की वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in/alankaran.aspx के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पुरस्कार से संबंधित नियम, पात्रता, प्रक्रिया एवं आवेदन प्रपत्र भी इसी वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं।‘श्रम यशस्वी पुरस्कार’ श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्टता, श्रमिक सुरक्षा और स्वस्थ कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पुरस्कार के माध्यम से उन श्रमिकों एवं संस्थाओं के प्रयासों को सार्वजनिक पहचान मिलेगी, जो कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, श्रमिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और सुरक्षित कार्य वातावरण के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
- -योजनाओं की राशि का पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी उपयोग होगा सुनिश्चित-एक योजना–एक बैंक खाता, आवश्यकता के समय ही सीधे हितग्राही एवं वेंडर को भुगतानरियल-टाइम मॉनिटरिंग से वित्तीय अनुशासन और नकदी प्रबंधन होगा मजबूतरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में राज्य योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य राज्य-पोषित योजनाओं में निधि के प्रवाह को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, कुशल और प्रभावी बनाना है।S-SNA मॉडल के अंतर्गत विभिन्न क्रियान्वयन एजेंसियों के अनेक बैंक खातों में राशि रखने के स्थान पर प्रत्येक चिन्हित योजना के लिए एक केंद्रीकृत S-SNA Mother Account की व्यवस्था होगी। योजनाओं की राशि आवश्यकता के अनुसार ही जारी की जाएगी और भुगतान के समय S-SNA खाते से संबंधित Zero Balance Subsidiary Account (ZBSA) के माध्यम से सीधे वेंडर अथवा हितग्राही के खाते में भुगतान किया जाएगा। इससे सरकारी धन लंबे समय तक निष्क्रिय नहीं रहेगा और उपलब्ध निधि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाओं के लिए उपलब्ध प्रत्येक रुपये का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। S-SNA मॉडल से सरकारी धन के प्रवाह में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। यह व्यवस्था वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के साथ सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजनाओं की राशि अनावश्यक रूप से अलग-अलग बैंक खातों में पड़ी रहने के बजाय आवश्यकता के समय सीधे हितग्राही और वेंडर तक पहुंचेगी। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि S-SNA मॉडल राज्य के वित्तीय प्रबंधन को अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख बनाएगा। इस व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह है कि सरकार को जिस राशि की आवश्यकता आज नहीं है, उसे पहले से बैंक खातों में रखने के बजाय आवश्यकता के समय ही उपयोग में लाया जाए। इससे राज्य की नकदी प्रबंधन क्षमता बेहतर होगी और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि एक ओर सरकार को विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने पड़ते हैं और दूसरी ओर विभिन्न बैंक खातों में सरकारी राशि निष्क्रिय पड़ी रहती है। S-SNA मॉडल इस अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे अनावश्यक ऋण और उस पर लगने वाले ब्याज के भार को कम करने में मदद मिलेगी तथा वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा।केंद्र प्रायोजित योजनाओं में भारत सरकार द्वारा लागू Single Nodal Agency व्यवस्था के अनुरूप अब राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित चिन्हित योजनाओं में भी S-SNA मॉडल लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत योजनाओं के फंड फ्लो की शुरुआत State Treasury/e-Kosh से S-SNA खाते तक होगी। इसके बाद क्रियान्वयन एजेंसियों को राशि स्थानांतरित करने के बजाय निर्धारित Spending/Drawing Limit उपलब्ध कराई जाएगी और वास्तविक भुगतान के समय ही संबंधित हितग्राही या वेंडर को राशि जारी होगी।S-SNA मॉडल की प्रमुख विशेषता Just-in-Time Fund Release है। इसमें योजना की राशि को पहले से विभिन्न खातों में जमा रखने के बजाय वास्तविक आवश्यकता के समय ही भुगतान किया जाएगा। इससे बैंक खातों में अनावश्यक रूप से पड़ी राशि में कमी आएगी और योजनाओं की निधि का लगभग शून्य फ्लोट सुनिश्चित किया जा सकेगा।इस व्यवस्था में Mother–Child Account प्रणाली, DBT एवं Non-DBT दोनों प्रकार के भुगतान तथा जिला, ब्लॉक, पंचायत एवं ग्राम स्तर की चिन्हित Implementing Agencies को शामिल किया जा सकेगा।S-SNA मॉडल से योजनाओं के Fund Flow और व्यय की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। विभागों को उपलब्ध निधि, जारी व्यय सीमा, वास्तविक व्यय और अप्रयुक्त राशि की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सकेगी। डिजिटल प्रणाली में Maker-Checker आधारित ऑडिट ट्रेल होने से वित्तीय लेन-देन की निगरानी मजबूत होगी तथा गबन, अनधिकृत भुगतान और बैंकिंग धोखाधड़ी की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि डिजिटल ऑडिट ट्रेल और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से प्रत्येक स्तर पर निधि के उपयोग की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होगी। इससे वित्तीय अनियमितताओं की संभावनाएं कम होंगी और विभागों को अपने संसाधनों एवं व्यय की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।वर्तमान व्यवस्था में आवश्यकता से पहले राशि आहरित होने के कारण विभिन्न विभागीय खातों में बड़ी मात्रा में राशि निष्क्रिय पड़ी रहती है। प्रस्तावित व्यवस्था से इस समस्या का समाधान होगा। विभागीय निष्क्रिय खातों में लगभग 530 करोड़ रुपये तथा RBI के DEAF खातों में लगभग 100 करोड़ रुपये की निष्क्रिय राशि जैसी समस्याओं को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।एक ओर सरकार को अपनी योजनाओं के लिए ऋण लेकर ब्याज का भुगतान करना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न बैंक खातों में सरकारी राशि निष्क्रिय पड़ी रहती है। S-SNA मॉडल से उपलब्ध निधियों के बेहतर प्रबंधन के कारण अनावश्यक ऋण की आवश्यकता कम होगी और ब्याज भार एवं राजस्व घाटे को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।S-SNA व्यवस्था में योजनाओं की राशि के प्रबंधन से अर्जित ब्याज को राज्य की संचित निधि में जमा किया जाएगा। इससे सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा और राज्य की नकदी प्रबंधन क्षमता मजबूत होगी।नई व्यवस्था से DDO एवं अन्य क्रियान्वयन एजेंसियों के खातों में लंबे समय तक निष्क्रिय पड़ी राशि की समस्या दूर होगी। साथ ही मैनुअल मिलान, विलंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र और ऑफलाइन सत्यापन से जुड़ी समस्याओं में कमी आएगी। डिजिटल फंड फ्लो और ऑडिट ट्रेल से वित्तीय रिपोर्टिंग अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध होगी।S-SNA मॉडल के क्रियान्वयन के लिए छह प्रमुख चरण निर्धारित किए गए हैं। इनमें योजना की पहचान, वित्त विभाग से अनुमोदन, Scheme Code आवंटन, e-Kosh Mapping, S-SNA एवं ZBSA खाते खोलना तथा Treasury से S-SNA और Implementing Agency के माध्यम से हितग्राही/वेंडर को भुगतान शामिल है।यह व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित चिन्हित योजनाओं तथा विभागों की अन्य चिन्हित योजनाओं पर लागू होगी। DBT एवं Non-DBT दोनों प्रकार की योजनाओं के साथ जिला, ब्लॉक, पंचायत एवं ग्राम स्तर की Implementing Agencies को इसके दायरे में लाया जा सकेगा। वहीं PFMS-SNA/SPARSH के अंतर्गत आने वाली केंद्र प्रायोजित योजनाएं, Central Sector योजनाएं तथा ऐसी योजनाएं जहां DDO सीधे e-Kosh के माध्यम से भुगतान करते हैं, इस व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगी।मंत्रिपरिषद् ने S-SNA मॉडल के क्रियान्वयन पर सहमति प्रदान करते हुए इससे संबंधित आवश्यक कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया है। यह व्यवस्था राज्य में पारदर्शी, कुशल एवं अनुशासित निधि-प्रवाह के साथ-साथ बेहतर वित्तीय प्रबंधन और सुशासन को नई मजबूती प्रदान करेगी।
- - वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देशरायपुर। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़कर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।बैठक में विकास परियोजनाओं की प्रगति, कार्यों के क्रियान्वयन तथा निर्धारित समय-सीमा में उन्हें पूर्ण करने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की सतत निगरानी करने तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने देने के निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की बात कही। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रत्येक कार्य का लाभ आम नागरिकों तक समय पर पहुंचे, यह शासन की प्राथमिकता है। विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग से कार्यों में गति एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है।
- -मुख्य सचिव ने की कल्याणकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन की समीक्षारायपुर / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति को लेकर बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने इस दौरान सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की। सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड तैयार किया गया है। इस डैश-बोर्ड पर राज्य एवं केंद्र शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित हितग्राहियों की सूची दर्ज है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड में शासन की सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और त्वरित गति से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुसार संतृप्ति अभियान की प्रगति, ग्रेन्यूल आंकड़ों, बस्तर संभाग के अंतर्गत संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल में राशन कार्ड के आधार पर हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई।इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- -बेहतर सड़कें ग्रामीण विकास की मजबूत नींव, गुणवत्तापूर्ण निर्माण से बढ़ेंगे विकास के अवसर : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेरायपुर / महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भैयाथान क्षेत्रवासियों को सड़क विकास की बड़ी सौगात देते हुए 34 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों का कार्यप्रारम्भ पूजन किया। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर होगी तथा क्षेत्र में विकास की गति को नई दिशा मिलेगी।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़कें विकास की जीवन रेखा हैं। मजबूत और बेहतर सड़क नेटवर्क से गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ती है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। सरकार का प्रयास है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना पहुंचे और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि इन सड़क परियोजनाओं का लाभ किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों सहित आम नागरिकों को मिलेगा।उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत और टिकाऊ अधोसंरचना ही विकास कार्यों का स्थायी लाभ लोगों तक पहुंचा सकती है। कार्य प्रारम्भ पूजन किए गए प्रमुख कार्यों में डुमरिया राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से केंवरा मार्ग का चौड़ीकरण एवं उन्नयन शामिल है। लगभग 30.41 करोड़ रुपये की लागत से 18 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत बिटुमिनस कंक्रीट एवं शोल्डर कार्य के साथ 6,570 मीटर नाली, 300 मीटर टो-वॉल, 140 मीटर रिटेनिंग वॉल, 8 एचपीसी तथा 7 स्लैब पुलियों का निर्माण किया जाएगा। सड़क के उन्नयन से राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और आवागमन सुविधा बेहतर होगी।इसी क्रम में झम्मनपारा में दर्रीपारा से दनौली तक 3.20 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का भी कार्यप्रारम्भ पूजन किया गया। इस कार्य के लिए 374.76 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना में 3.20 किलोमीटर सड़क, 0.90 किलोमीटर सीसी रोड, 1,200 मीटर नाली, 90 मीटर रिटेनिंग वॉल तथा 6 एचपीसी पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने क्षेत्रवासियों से सेवा संकल्प अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान का उद्देश्य सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं एवं सामाजिक संगठनों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से सेवा और जनकल्याण के कार्यों को नई गति दी जा सकती है।
- -मेडिकल कॉलेज कवर्धा में नए शैक्षणिक सत्र का हुआ शुभारंभ-उप मुख्यमंत्री और सांसद ने विद्यार्थियों का किया स्वागत, विद्यार्थियों से जानी तैयारी और सफलता की कहानी-पहले दिन गले में स्टेथोस्कोप, कंधे पर एप्रॉन... आंखों में डॉक्टर बनने का सपना, प्रथम बैच की शुरू हुई पढ़ाईरायपुर / उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपने बड़ा लक्ष्य रखा और डॉक्टर बनने का सपना देखा, लेकिन डॉक्टर बनना ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। लक्ष्य केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि निरंतर आगे बढ़ने की यात्रा है। हमारा उद्देश्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि डॉक्टर बनकर समाज के लिए अच्छा कार्य करना होना चाहिए।कबीरधाम जिले की चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में बुधवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में प्रथम शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा और सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का एप्रॉन, स्टेथोस्कोप, पेन और गुलाब का फुल देकर स्वागत किया। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की। मेडिकल कॉलेज के इतिहास के इस पहले दिन विद्यार्थियों ने अतिथियों के साथ अपने संघर्ष, तैयारी और सपनों को साझा किया।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जिस परिवार और समाज ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है, उसके प्रति सेवा का भाव हमेशा बनाए रखना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य की तैयारी निरंतर जारी रखें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान अनावश्यक तनाव नहीं होना चाहिए। सफलता किसी एक व्यक्ति का परिणाम नहीं होती, बल्कि परिवार और सभी के संयुक्त प्रयासों से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे डॉक्टर बनने और समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से कवर्धा में मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि विद्यार्थियों ने कठिन मेहनत के बाद यहां तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन यह अंत नहीं, बल्कि शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास आता है, तो उसके मन में स्वस्थ होने की उम्मीद होती है। इसलिए चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा भाव और संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।प्रथम बैच के विद्यार्थियों के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, पढ़ाई की दिनचर्या, कोचिंग के अनुभव और प्रवेश परीक्षा के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी तैयारी और सफलता की कहानी साझा की। किसी ने ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की, तो किसी ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन को आधार बनाया।संवाद के दौरान राजनांदगांव निवासी अतिथि देवांगन दूसरे प्रयास में सफल हुईं। उन्होंने बताया कि पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया, बल्कि गलतियों को पहचानकर सुधार करने और लगातार प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं भूपेंद्र सिंह ने ऑनलाइन कोचिंग से तैयारी की, जबकि कवर्धा के धरमपुरा निवासी आकाश धुर्वे ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन कर सफलता हासिल की। भिलाई निवासी हर्षिता तीसरे प्रयास में सफल हुईं। भिलाई निवासी अंशिता सिंह के पिता ने बताया कि बेटी की तैयारी में उन्होंने मार्गदर्शन के साथ मॉक टेस्ट में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि भिलाई का पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल भी तैयारी में सहायक रहा।उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से यह भी जाना कि वे प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाई करते थे और किताबों तथा डिजिटल स्क्रीन का कितना उपयोग करते थे। विद्यार्थियों ने बताया कि वे करीब 8 घंटे पुस्तकों से और 3 से 4 घंटे डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से पढ़ाई करते थे। एक विद्यार्थी ने किताब और स्क्रीन के उपयोग का अनुपात 50-50 प्रतिशत बताया। ऑनलाइन कक्षाओं के कारण कुछ विद्यार्थियों को रोज 7 से 8 घंटे तक स्क्रीन पर पढ़ाई करनी पड़ती थी। संवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रवेश परीक्षा के अनुभव भी पूछे। विद्यार्थियों ने परीक्षा के स्तर, तैयारी के दौरान आई चुनौतियों और सफलता तक पहुंचने के अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, अधिष्ठाता डॉ प्रतिभा जैन शाह, सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र तूरे सहित जनप्रतिनिधि और डॉक्टर उपस्थित रहे।
- -विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर बेहतर इलाज के दिए निर्देशरायपुर / महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राजमार्ग पर हुए सड़क हादसे में घायल कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा क्षेत्र के लोगों से उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने एम्स रायपुर पहुंचकर मुलाकात की। देर शाम रायपुर एम्स पहुंचे श्री शर्मा ने घायलों और उनके परिजनों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी मुलाकात कर घायलों के उपचार की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, चल रहे उपचार और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के संबंध में चर्चा की तथा सभी घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्राम बांधाटोला निवासी पांच वर्षीय लुकेश पटेल, दो वर्षीय डाली पटेल और 26 वर्षीय ललिता पटेल से मुलाकात कर उनका हाल जाना। मासूम बच्चों सहित हादसे में घायल लोगों और उनके परिजनों के बीच पहुंचकर श्री शर्मा ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस कठिन समय में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा हादसे के बाद लगातार परिवार जनों से संपर्क बनाए हुए हैं, अस्पताल में भर्ती से लेकर घायलों के उपचार तक निरंतर संपर्क कर पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि हादसे के बाद उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कबीरधाम जिले में दुर्घटना में दिवंगत हुए पीड़ितों के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। इसी दौरान उन्होंने हादसे में घायल लोगों के परिजनों से भी मुलाकात कर उनके उपचार की जानकारी ली थी।
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रायपुर/ भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर 17 सितंबर को राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा में एक भव्य राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाले इस सम्मेलन में प्रदेशभर के श्रमवीरों के सम्मान और उनके अमूल्य योगदान को रेखांकित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन करेंगे। इस गरिमामयी आयोजन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और मंत्री श्री केदार कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रम, कौशल, निर्माण और सृजन की शक्ति का प्रतीक है। निर्माण से लेकर उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र में अपने पसीने से प्रदेश के विकास की मजबूत नींव तैयार करने वाले श्रमिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए यह महासम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। यह आयोजन प्रदेश के श्रमवीरों के परिश्रम और छत्तीसगढ़ के विकास में उनके योगदान का सार्वजनिक अभिव्यक्तिकरण है।राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री दयालदास बघेल, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री ओ.पी. चौधरी, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेन्द्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब, श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्र कुमार साहू, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री योगेश दत्त मिश्रा, श्री किशोर महानंद, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक सहभागिता करेंगे। - -अम्बिकापुर से भारत गौरव ट्रेन ने शुरू की काशी-अयोध्या की यात्रा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दिखाई हरी झंडी-अब तक 52 हजार से अधिक तीर्थयात्री ले चुके हैं रामलला दर्शन योजना का लाभरायपुर / श्री रामलला तीर्थ दर्शन (अयोध्या धाम) योजना के अंतर्गत बुधवार को सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालु भारत गौरव ट्रेन से श्री काशी एवं श्री अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से दोपहर 2ः30 बजे रवाना हुई स्पेशल ट्रेन को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, सभापति नगर पालिक निगम श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन, आईआरसीटीसी तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को काशी में बाबा विश्वनाथ और अयोध्या धाम में श्री रामलला के दर्शन का अवसर मिलेगा। दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ देश की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं का श्री काशी और श्री अयोध्या धाम के लिए रवाना होना प्रसन्नता का विषय है। श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ और श्री रामलला के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करेंगे। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सार्वजनिक सहभागिता के कारण श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या धाम की यह यात्रा विशेष भावनात्मक महत्व रखती है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों को अपनी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने के अधिक से अधिक अवसर मिलें।ट्रेन की रवानगी के अवसर पर अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। परिजन और परिचित भी श्रद्धालुओं को विदाई देने स्टेशन पहुंचे। काशी और अयोध्या धाम के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में उमंग और प्रसन्नता दिखाई दी। हरी झंडी दिखाकर ट्रेन रवाना किए जाने के साथ ही स्टेशन परिसर में आस्था और उल्लास का वातावरण बन गया। श्रद्धालुओं की सुविधाजनक एवं व्यवस्थित यात्रा के लिए आईआरसीटीसी के माध्यम से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भोजन, आवास एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यात्रा प्रबंधन में आईआरसीटीसी तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की टीम समन्वय के साथ कार्य कर रही है, ताकि तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से मिल सकें।सरगुजा संभाग के श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या धाम की यह यात्रा विशेष धार्मिक एवं भावनात्मक महत्व रखती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर का भूमि पूजन किया था। श्री रामलला के भव्य मंदिर में दर्शन का अवसर श्रद्धालुओं के लिए आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में सामने आ रहा है। काशी में बाबा विश्वनाथ और अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन के साथ श्रद्धालु देश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ेंगे। श्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को अयोध्या धाम की यात्रा का अवसर लगातार मिल रहा है। अब तक 62 ट्रेनों के माध्यम से 52 हजार से अधिक तीर्थयात्री इस योजना का लाभ लेकर श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं। अम्बिकापुर से रवाना हुई यह यात्रा इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं को श्री काशी और श्री अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्रदान कर रही है।यात्रा पर रवाना एक श्रद्धालु ने कहा कि आज हमें बाबा विश्वनाथ और श्री रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है, यह हमारे लिए अत्यंत खुशी और भावुकता का क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से अयोध्या में श्री रामलला का भव्य मंदिर साकार हुआ और आज हम उस पवित्र धाम में जाकर रामलला के दर्शन कर पा रहे हैं। इसके लिए हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार का भी धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने प्रदेश के श्रद्धालुओं को तीर्थ दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया। भारत गौरव ट्रेन के माध्यम से भोजन, आवास और चिकित्सा जैसी सुविधाओं के साथ यात्रा की व्यवस्था होने से हमारी खुशी और बढ़ गई है। एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि काशी और अयोध्या हमारे लिए केवल तीर्थस्थल नहीं, बल्कि हमारी गहरी आस्था और श्रद्धा के केंद्र हैं। श्री रामलला के भव्य मंदिर में दर्शन करने की हमारी वर्षों पुरानी इच्छा आज पूरी होने जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से आज अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर का दर्शन संभव हो सका है, इसके लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति भी हम आभार व्यक्त करते हैं, जिनके नेतृत्व में प्रदेश के श्रद्धालुओं को श्री रामलला और बाबा विश्वनाथ के दर्शन का अवसर मिल रहा है। परिवार और अन्य श्रद्धालुओं के साथ यह यात्रा हमारे जीवन की अविस्मरणीय यात्राओं में शामिल होगी।सरगुजा से रवाना हुई यह तीर्थयात्रा धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक अनुभव और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर लेकर आगे बढ़ी है। भारत गौरव ट्रेन 19 सितंबर को वापस आएगी।
- -पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल का प्रदेशवासियों से आह्वान, 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, आभार और सकारात्मकता का दें संदेशरायपुर, / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से प्रदेशभर में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़वासियों से आह्वान किया है कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाएं और सेवा, समर्पण, आभार एवं सकारात्मकता के इस सामूहिक संकल्प का हिस्सा बनें।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दीप भारतीय संस्कृति में केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आशा, सद्भाव, सकारात्मकता और सेवा की भावना का भी प्रतीक है। ‘आशीर्वाद का दीया’ के माध्यम से हम अपने परिवार और समाज में सेवा की भावना को और मजबूत करने का संकल्प ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम जब प्रदेश के घर-घर में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होंगे, तब यह दृश्य जनभागीदारी की शक्ति और सामूहिक संकल्प की भावना का संदेश देगा।उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि ‘आशीर्वाद का दीया’ को केवल दीप जलाने की पहल तक सीमित न रखें, बल्कि इसे किसी जरूरतमंद की सहायता, बुजुर्गों के सम्मान, बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण अथवा समाज के लिए किए जाने वाले किसी सकारात्मक योगदान के संकल्प से जोड़ें। उन्होंने कहा कि सेवा के लिए बड़े साधनों की नहीं, बल्कि संवेदनशील मन और सहयोग की भावना की आवश्यकता होती है।‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में सेवा, जनभागीदारी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विभिन्न पहलें आयोजित की जाएंगी। अभियान का उद्देश्य सेवा और समर्पण की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा नागरिकों को अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार जनकल्याण के कार्यों में सहभागी बनाना है। ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी व्यापक भावना की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि एक दीपक का प्रकाश भले ही छोटा हो, लेकिन जब लाखों दीप एक साथ प्रज्ज्वलित होते हैं तो वह सामूहिक ऊर्जा और एकता का बड़ा संदेश बन जाता है। इसी भावना के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल में प्रदेश के प्रत्येक परिवार की सहभागिता महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम 7 बजे जब गांवों, कस्बों और शहरों में घर-घर दीप जलेंगे, तो यह केवल रोशनी का उत्सव नहीं होगा, बल्कि सेवा के प्रति कृतज्ञता और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार करने का सामूहिक अवसर होगा। यह दीप हमें प्रेरणा देगा कि हम अपने आसपास किसी एक व्यक्ति, परिवार या समुदाय के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपनी ओर से कुछ योगदान करें।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में सेवा को सदैव जीवन-मूल्य के रूप में देखा गया है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी भावना को जनभागीदारी से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कोई विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से, युवा अपने नवाचार से, महिला अपने अनुभव और सामुदायिक सहभागिता से, किसान जल एवं पर्यावरण संरक्षण से और कलाकार अपनी कला के माध्यम से समाज के लिए योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से हम अपने पूर्वजों, बुजुर्गों और समाज से मिले संस्कारों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए सेवा और संवेदनशीलता की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी ले सकते हैं।‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘आशीर्वाद का दीया’ के साथ विभिन्न सामाजिक एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के माध्यम से बच्चों और विद्यार्थियों को अपने सपनों के भारत की कल्पना को चित्र और भाषण के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर मिलेगा। ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के माध्यम से संगीत, नाटक और स्थानीय कला के जरिए सेवा एवं सामाजिक बदलाव की कहानियों को सामने लाया जाएगा। ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय की सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने, ‘सेवा की कहानी’ के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की वास्तविक कहानियों को सामने लाने तथा ‘सेवा संकल्प यात्रा’ और ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के माध्यम से सेवा एवं जनभागीदारी का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।इसी प्रकार ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी पहलें समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी क्षमता और रचनात्मकता के साथ अभियान से जोड़ेंगी।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ किसी एक व्यक्ति, संस्था या विभाग का अभियान नहीं है। इसकी सफलता प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं और अपने परिवार के साथ सेवा का एक संकल्प भी लें। उन्होंने कहा कि यह संकल्प किसी जरूरतमंद की सहायता करने, किसी बुजुर्ग का सम्मान करने, किसी बच्चे की शिक्षा में सहयोग करने, पौधा लगाने, जल बचाने, स्वच्छता अपनाने या समाज के लिए अपनी क्षमता के अनुसार कोई अन्य सकारात्मक कार्य करने का हो सकता है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रज्ज्वलित होने वाला प्रत्येक ‘आशीर्वाद का दीया’ सेवा, आभार, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक बने। जब छत्तीसगढ़ के लाखों परिवार एक साथ इस पहल में सहभागी होंगे, तब यह जनभागीदारी की एक सुंदर मिसाल बनेगी।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं और 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान की विभिन्न गतिविधियों में अपनी सुविधानुसार सहभागी बनें। एक दीप से निकला प्रकाश किसी दूसरे के जीवन में आशा जगा सकता है। एक छोटा-सा सेवा कार्य किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। आइए, 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं, सेवा का संकल्प लें और मिलकर संवेदनशील, समर्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
- -खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल होंगे मुख्य अतिथि-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर मनाया जा रहा सेवा संकल्प अभियानरायपुर। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के गौरवमयी अवसर पर 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरूआत 17 सितम्बर से 'आशीर्वाद का दीया' से होगा। जिला मुख्यालय बेमेतरा में भद्रकाली माता मंदिर परिसर में इसका आयोजन किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल आयोजन में मुख्य अतिथि होंगे। बेमेतरा जिला प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर में 5000 दीयों के भव्य दीप प्रज्ज्वलन की तैयारी की गई है। साथ ही जिले की सभी 336 ग्राम पंचायतों, सभी शासकीय भवनों, सभी अमृत सरोवरों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, नगरीय निकायों एवं चिन्हांकित 27 ग्राम पंचायतों के हर घर में दीप प्रज्ज्वलित की जाएगी। जिले में कुल 6 लाख से अधिक दीये जलाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जिलेवासियों से इस पुण्य कार्यक्रम में सहभागी बनकर अपने घरों में भी 'आशीर्वाद का दीया' प्रज्ज्वलित करने की अपील की है।
- -17 सितंबर को पेंड्रा में रक्तदान शिविर, 20 सितंबर को जिला चिकित्सालय में मेगा स्वास्थ्य शिविर-विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क जांच एवं परामर्श से जिलेवासियों को मिलेगा लाभरायपुर/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित इस अभियान के अंतर्गत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी दो महत्वपूर्ण पहलें आयोजित की जा रही हैं। अभियान के तहत 17 सितंबर को पेंड्रा में रक्तदान शिविर तथा 20 सितंबर को जिला चिकित्सालय में विशेष मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित होगा। इन आयोजनों के माध्यम से जिलेवासियों को रक्तदान जैसे जीवनदायी कार्य से जुड़ने के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को दोपहर 3 बजे से मल्टीपरपज हायर सेकेंडरी स्कूल, पेंड्रा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर के माध्यम से नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों से इस मानवीय पहल में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की गई है।शिविर के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था, सामग्री, उपकरण तथा स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।अभियान के अगले चरण में 20 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जिला चिकित्सालय में विशेष मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जिलेवासियों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच की सुविधा प्रदान की जाएगी।कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित अधिक से अधिक नागरिकों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। शिविर में एक ही स्थान पर विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने और आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराने की सुविधा मिलेगी।मेगा स्वास्थ्य शिविर में अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हृदय रोग, किडनी रोग, मेडिसिन एवं नेत्र रोग सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित जांच और चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया जाएगा। मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उन्हें आगे की जांच, उपचार तथा आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं के संबंध में उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से ऐसे मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्हें किसी विशिष्ट स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ परामर्श की आवश्यकता है। शिविर के माध्यम से प्रारंभिक स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करने और समय पर उचित उपचार की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे स्वयं के साथ अपने परिवार के सदस्यों, बुजुर्गों एवं बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए मेगा स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित हों और विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क परामर्श एवं जांच का लाभ उठाएं। नियमित एवं समय पर स्वास्थ्य जांच से कई गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान में मदद मिल सकती है, जिससे समय पर उपचार शुरू करने में सुविधा होती है।‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ये दोनों आयोजन जिले में सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और जनभागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित अभियान में स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाया जा रहा है। रक्तदान के माध्यम से जहां नागरिक जरूरतमंदों के जीवन बचाने में योगदान दे सकेंगे, वहीं मेगा स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं लोगों के और करीब पहुंचेंगी।
- -उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की मौजूदगी में पुलिस परेड ग्राउंड में जलेंगे 1.25 लाख आशीर्वाद के दीयेरायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 बरस पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितम्बर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बिलासपुर जिले में लगभग 10 लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। जिला स्तरीय ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में पुलिस परेड ग्राउंड में शाम 7 बजे से होगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम में 1 लाख 25 हजार दीपों का प्रज्वलन किया जाएगा।अभियान के तहत जिले के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को भी दीपों से रोशन किया जाएगा। रतनपुर में 11 हजार, बेलपान में 1100, ताला में 1100 तथा मल्हार में 11 हजार दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इनके साथ ही जिले के चारों विकासखंडों की चयनित 44 ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत घरों में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।जनपद पंचायत बिल्हा अंतर्गत बैमा, कोरबी, लिमतरी, भटगांव, परसदा भ., सरवनदेवरी, उच्चभट्ठी, धमनी, अकलतरी एवं देवकिरारी में, जनपद पंचायत कोटा अंतर्गत नवागांव सल्का, अमाली, नगोई, खोंगसरा, बेलगहना, बानाबेल, पटैता, खैरझिट्टी, खरगहनी, मोहदा, बरद्वार एवं अमने में शत-प्रतिशत घरों में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसी प्रकार विकासखंड मस्तुरी के दर्रीघाट, सीपत, परसदावेद, बेलटुकरी, बिटकुला, खम्हरिया, गतौरा, पंधी, जोंधरा एवं गोपालपुर तथा जनपद पंचायत तखतपुर के लोखंडी, बोड़सरा, बिनौरी, खपरी, घुटकू, अमसेना, खरकेना, कोड़ापुरी, विजयपुर, गनियारी, छतौना एवं खजुरीनवागांव में भी प्रत्येक घर में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके अलावा हर गांव में 100 से ज्यादा आशीर्वाद के दीये जलाने की व्यवस्था की गई है।अभियान के तहत शाम 7 बजे जिले के सभी शासकीय भवनों, विद्यालयों, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं ग्राम पंचायतों में दीप प्रज्वलन किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों के घरों में भी दीप जलाए जाएंगे। महिला स्वसहायता समूहों की दीदियां विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में सहयोग करेंगी। वहीं जल जन सेवा संकल्प के तहत जिले के बांध, बैराज, एनीकट एवं नहर शीर्षों पर भी दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का बुधवार को भव्य शुभारंभ हुआ। लगभग 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने दीप प्रज्वलित कर किया।शुभारंभ समारोह के विशेष अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने ‘Chhattisgarh Local Body Election Year Book–2026’ के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया। यह प्रकाशन छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया, उपलब्धियों, नवाचारों और चुनावी व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करता है।उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने स्थानीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और इनके निर्वाचन की प्रक्रिया में निरंतर सुधार तथा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग आवश्यक है।इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सम्मेलन में देशभर से आए राज्य निर्वाचन आयुक्तों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं निर्वाचन विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों और स्थानीय निकाय निर्वाचन को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने स्थानीय स्वशासन, निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने तथा प्रशासन और निर्वाचन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर अपने विचार रखे। सम्मेलन के दौरान स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों से जुड़े समसामयिक विषयों, डिजिटल पहलों, तकनीकी नवाचारों तथा निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उपायों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।समारोह में राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह एवं आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी सहित आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और अतिथियों का स्वागत किया। सम्मेलन के प्रथम दिन डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग, निर्वाचन प्रबंधन में नवाचार, पारदर्शिता तथा स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रियाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर परिचर्चा की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री विजय देव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्थायी समिति के संयोजक श्री सुधांशु पांडे ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।दो दिवसीय यह सम्मेलन देश में स्थानीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने, निर्वाचन व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक के समावेश तथा विभिन्न राज्यों के अनुभवों और नवाचारों को साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है। कल 17सितम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय नवा रायपुर अटल नगर में स्टैंडिंग कमिटी की बैठक होनी है। इसके बाद, नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी केपिटल सिटी, नया रायपुर के निर्माण और विकास के बारे में प्रस्तुतीकरण होगा। तत्पश्चात सभी अतिथियों को नया रायपुर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जायेगा, जिसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा, छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भ्रमण भी शामिल है।
- -मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर एवं सिरहासार चौक में होगा भव्य आयोजन, अमर बलिदानियों की स्मृति में भी प्रज्वलित होंगे दीपरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बस्तर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ गुरुवार से होने जा रहा है। अभियान के तहत बस्तर संभाग में महीने भर विभिन्न जनसेवा एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा की विशेष सहभागिता रहेगी।जगदलपुर में आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल होंगे। मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर एवं सिरहासार चौक पर एक साथ सवा लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। दीपों की यह रोशनी सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के संकल्प के साथ बस्तर में शांति एवं विकास की नई दिशा का संदेश देगी।‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर जगदलपुर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, यातायात, मंच व्यवस्था, दीप प्रज्वलन तथा नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। यह आयोजन जनभागीदारी के साथ सेवा और संकल्प की भावना को व्यापक रूप देगा।इस अवसर पर बस्तर की माटी के अमर बलिदानियों को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी। अमर वाटिका, शहीद स्मारक, नेतानार स्थित अमर शहीद गुंडाधूर की प्रतिमा तथा झीरम शहादत स्थल सहित जिले के प्रमुख स्थलों पर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इन दीपों के माध्यम से वीर सपूतों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए बस्तर की शांति और विकास के संकल्प को आगे बढ़ाया जाएगा।सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत में बस्तर विकासखंड के ग्राम बड़े अलनार में पर्यावरण संरक्षण के साथ जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए व्यापक पौधरोपण किया जाएगा। वहीं डिमरापाल मेडिकल कॉलेज एवं महारानी अस्पताल में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवा एवं नागरिक स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा में योगदान देंगे।पूरे माह बस्तर में विभिन्न क्षेत्रों में यह अभियान जनसेवा के कार्यों को गति देगा। स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, पौधरोपण, सामाजिक सरोकार और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आम नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाएगा। बस्तर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ सेवा, संवेदना और जनभागीदारी को केंद्र में रखकर आगे बढ़ेगा।



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