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- -सामाजिक समरसता और जनकल्याण का बना भव्य उत्सवरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और जनकल्याण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 8 मई को प्रदेशभर में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोहों में 1385 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, जहां एक साथ गूंजती शहनाइयों ने पूरे प्रदेश को उत्सवमय बना दिया। यह आयोजन सामाजिक एकता, समानता और मानवीय संवेदनाओं का विराट उत्सव बनकर सामने आया।राजधानी रायपुर से लेकर सुदूर वनांचल तक हर जिले में आयोजित इन समारोहों में हजारों परिवारों की सहभागिता देखने को मिली। पारंपरिक रीति-रिवाजों, सादगी और गरिमा के साथ सम्पन्न हुए इन विवाहों ने यह संदेश दिया कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों की वर्षों पुरानी चिंता को दूर किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि विवाह को गरिमामय, सुव्यवस्थित और सम्मानजनक स्वरूप भी प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गईं, जिसमें सुसज्जित विवाह स्थल, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गईं, ताकि हर नवदंपति और उनके परिजनों को एक सुखद अनुभव मिल सके।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3200 विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 347 विवाह पूर्व में संपन्न हो चुके थे, जबकि 8 मई के राज्यव्यापी आयोजन में 1385 विवाह संपन्न हुए। इस प्रकार अब तक कुल 1732 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंध चुके हैं, जो लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है।इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समावेशी भावना रही। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे। यह दृश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक बन गया।योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान के साथ कर सकें। इसके साथ ही विवाह के दौरान आवश्यक सामग्री एवं अन्य व्यवस्थाएं भी शासन द्वारा सुनिश्चित की जाती हैं।उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी 2026 को आयोजित वृहद सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे, जिसने सामाजिक समरसता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।प्रदेशभर में आयोजित यह आयोजन इस बात का सशक्त प्रमाण है कि संवेदनशील नेतृत्व, प्रभावी योजनाएं और जनभागीदारी मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना महिला सम्मान, सामाजिक समानता और सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रतीक बनकर छत्तीसगढ़ के विकास की नई गाथा लिख रही है।
- -छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न-पैरी लिंक नहर और बस्तर की उद्वहन योजनाओं को मिली गतिरायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य में स्वीकृत विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की कार्यकारिणी समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि भू-अर्जन और फारेस्ट क्लीयरेंस जैसी प्रक्रियाओं को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए ताकि परियोजनाओं का लाभ किसानों को जल्द मिल सके।पैरी-कोडार लिंक नहर (गरियाबंद) सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय तक पाइपलाइन लिंक नहर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से महानदी की सहायक पैरी नदी के अतिरिक्त जल का उपयोग पेयजल, निस्तारी और औद्योगिक कार्यों के लिए होगा। इससे गरियाबंद और महासमुंद जिले के 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई सुविधा विकसित होगी।मोहमेला-सिरपुर बैराज (रायपुर)-आरंग विकासखंड में महानदी पर प्रस्तावित इस बैराज से 1800 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्वहन सिंचाई सुनिश्चित होगी। यह क्षेत्र में पर्यटन, नौका विहार और सुगम आवागमन को भी बढ़ावा देगा। मटनार बहुउद्देशीय परियोजना (बस्तर) इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित यह योजना बस्तर के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उद्वहन प्रणाली पर आधारित होने के कारण इसमें कोई विस्थापन या पुनर्वास की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी सुरक्षित रहेगी। देउरगांव उद्वहन बैराज (बस्तर) जगदलपुर के समीप इंद्रावती नदी पर बनने वाली यह परियोजना बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के निविदा प्रारूपों पर विस्तार से चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, ऊर्जा सचिव श्री सारांश मित्तर, वित्त विभाग की विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा सहित विभिन्न परियोजनाओं के मुख्य अभियंता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 62 जोड़ों ने लिए सात फेरे, नवदंपत्तियों को मिली शासकीय सहायतारायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देशानुसार रायपुर जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनांतर्गत आज तीन विभिन्न स्थलों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कुल 62 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नए जीवन की शुरुआत की।टाऊन हॉल, आरंग में 16 जोड़ों का विवाह कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्री गुरू खुशवंत साहेब के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जनपद अध्यक्ष श्रीमती टाकेश्वरी मुरली साहू, जनपद सदस्य श्रीमती पद्मिनी साहू एवं जनपद उपाध्यक्ष श्री रविन्द्र चंद्राकर उपस्थित रहे।डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन, सासाहोली, तिल्दा-नेवरा में 31 जोड़ों का विवाह जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री टीकेश्वर मनहरे, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला वर्मा, जिला पंचायत सदस्य एवं महिला एवं बाल विकास सभापति श्रीमती शैल महेन्द्र साहू, जनपद सदस्य एवं महिला एवं बाल विकास सभापति श्रीमती सरोज मुकेश भारद्वाज, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती पलक सुखवानी एवं समस्त पार्षदगण तिल्दा की उपस्थिति में संपन्न कराया गया।मंगल भवन, धरसीवां में 15 जोड़ों का विवाह जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सरोज चंद्रवंशी एवं जनपद अध्यक्ष श्रीमती शकुंतला सेन की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।शासन द्वारा सभी नवविवाहित जोड़ों को योजनांतर्गत निर्धारित सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने नवदंपत्तियों को सुखमय एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन हेतु शुभकामनाएं दीं।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बेटियों का सम्मान और सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से गरीब परिवारों को संबल मिल रहा है और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिल रहा है। इस दौरान विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर की जोन 8 जोन कमिश्नर श्री राजेश्वरी पटेल ने कार्यपालन अभियता श्री अतुल चोपडा, सहायक अभियंता श्री अमन चंद्राकर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा की उपस्थिति में नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत महादेवघाट खारून नदी के किनारे छत्तीसगढ़ एकेडमी के बच्चों को स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 के संबंध में जानकारी लेकर जागरूक बनाया एवं राजधानी शहर रायपुर को स्वच्छ व सुन्दर बनाने बच्चो से सक्रिय सहभागिता जनजागरण करके दर्ज करवाने की विनम्न अपील की। जोन 8 जोन कमिश्नर ने बच्चों से स्वच्छता एप पर नगर हित में स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान अंतर्गत स्वच्छता फीडबैक करवाया। साथ ही उन्हें स्वच्छ भारत मिशन अतर्गत सामूहिक स्वच्छता शपथ दिलवायी गयी ।
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10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम मुंबई इंडियंस, 13 मई को बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स का मैच*
*सुरक्षा, यातायात और आपात व्यवस्थाओं के दिए निर्देश*रायपु। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने 10 एवं 13 मई को शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले आईपीएल मैच की तैयारियों का जायजा लिया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने निर्देश दिए कि स्टेडियम में आने वाले दर्शकों की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ऑनलाइन बुकिंग के बाद रायपुर पहुंचने वाले दर्शकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त वॉलिंटियर तैनात किए जाएं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।उन्होंने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (सीएससीएस) को निर्देशित किया कि शासन के सभी विभागों द्वारा तय एसओपी का पालन करते हुए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें।10 मई 2026 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम मुंबई इंडियंस और 13 मई 2026 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स के मध्य मैच खेला जाएगा।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, प्रभारी रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती मनीषा ठाकुर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। -
*रेडक्रॉस सोसाइटी ने मरीजों को बांटे फल, लगाया स्वास्थ्य शिविर*
बिलासपुर/विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर आज भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सर्वप्रथम सिम्स चिकित्सालय में रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रबंध समिति के चेयरमैन डॉ. बी.एल. गोयल ने सर हेनरी डूनॉट के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। सिम्स परिसर से गोल बाजार तेलीपारा होते हुए जिला चिकित्सालय तक जन जागरण रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में लोगों से उत्साह के साथ भाग लिया। इसके पश्चात जिला चिकित्सालय में एसएनसीयू, एचडीयू, चिल्ड्रन वार्ड, महिला वार्ड में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए। इसके पश्चात स्थानीय उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर की जांच, सर्वाइकल कैंसर की जांच, बीपी, शुगर सहित अन्य बीमारियों का परीक्षण कर उचित सलाह दी गई।कार्यक्रम में चेयरमेन प्रबंध समिति डॉ. बी एल गोयल, नोडल अधिकारी डॉ. एमए जीवानी, जिला समन्वयक सौरभ सक्सेना, प्रभारी रेडक्रॉस आदित्य पांडे सहित लक्ष्मी नारायण मिश्रा, सुशील राजपूत, डॉ विद्याभूषण, रमेश सिंह, गीतेश्वरी चन्द्रा, नौरिश, अंजू राजपूत, नेहा, अंजलि आदि उपस्थित रहे। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-03 मदर टेरेसा नगर अंतर्गत पावर हाउस क्षेत्र में सड़क बाधित कर व्यवसाय करने वाले दुकानदारों एवं फल ठेला संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। निगम की टीम द्वारा सड़क एवं आसपास गंदगी फैलाने वालों, प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वालों तथा कबाड़ी व्यवसाय के माध्यम से गंदगी फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान संबंधित लोगों से सड़क बाधा उत्पन्न करने एवं गंदगी फैलाने के आरोप में कुल 4400 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। निगम अधिकारियों ने संबंधितों को समझाइश देते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा सड़क बाधा या गंदगी फैलाते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम द्वारा लगातार शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने अभियान चलाया जा रहा है। पावर हाउस क्षेत्र शहर का व्यस्ततम इलाका होने के कारण यहां सड़क पर अतिक्रमण एवं गंदगी फैलाने से आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कार्यवाही के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक चुड़ामणी यादव, तोड़फोड़ प्रभारी हरिओम गुप्ता सहित निगम की टीम उपस्थित रही। - 0- निगम लोककर्म विभाग अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने जोन 9 के वार्ड 32 अवंति विहार कालोनी वासुदेव केयर हॉस्पिटल के सामने सीसी रोड व नाली निर्माण के लिए पार्षद श्रीमती प्रभा मनोज विश्वकर्मा ने किया भूमिपूजनरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर के लोककर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल ने नगर निगम जोन 9 अंतर्गत महर्षि वाल्मिकी वार्ड कमांक 32 क्षेत्र में अवंति विहार कालोनी में वासुदेव केयर हॉस्पिटल के सामने नई सीसी रोड एवं नाली निर्माण का नया विकास कार्य शीघ्र करने महर्षि वाल्मिकी वार्ड पार्षद श्रीमती प्रभा मनोज विश्वकर्मा सहित श्रीफल फोडकर एवं कुदाल चलाकर कार्यारंभ एव भूमिपूजन किया।इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता श्री रविन्द्र सिंह ठाकुर, जोन 9 कार्यपालन अभियता श्री शरद ध्रुव, सहायक अभियंता श्री सैय्यद जोहेब उपअभियता सुश्री अंकिता जनार्दन सहित स्थानीय क्षेत्र के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओ, आमजनो, नवयुवको की उपस्थिति रही। भूमिपूजन करते हुए लोककर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल ने जोन 9 कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियता, उपअभियंता को अधोसरचना मद अंतर्गत जनहित में जनसुविधा विस्तार हेतु स्वीकृति अनुसार अवंति विहार कालोनी में नई सीसी रोड एव नाली का नया विकास कार्य तत्काल प्रारंभ करवाकर तय समय सीमा के भीतर सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता सहित प्राथमिकता से पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होने स्थानीय रहवासियों से सीसी रोड निर्माण के समय उस पर वाहन आदि ना चलाकर मजबूत सीसी रोड जनहित में जनउपयोग हेतु बनवाने मे नगर निगम जोन 9 लोककर्म विभाग को सकारात्मक सहयोग देने की विनम्र अपील की। वार्ड पार्षद श्रीमती प्रमा मनोज विश्वकर्मा ने महर्षि वाल्मिकी वार्ड के अवति विहार में नई सीसी रोड एव नाली का विकास कार्य प्रारंभ होने पर सभी वार्डवासियों की ओर से नगर निगम लोककर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल को हार्दिक धन्यवाद दिया।
- 0- सभापति सूर्यकान्त राठौड़ और जल कार्य विभाग संतोष सीमा साहू ने नगर निगम जोन 2 में ग्रीष्म ऋतु में पेयजल व्यवस्था पर ली समीक्षा बैठकरायपुर. नगर पालिक निगम, रायपुर के जोन क्रमांक 2 के कार्यालय में नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ एवं जल कार्य विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू की उपस्थिति में ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की व्यवस्था हेतु नगर निगम जोन 2 जल विभाग की समीक्षा बैठक ली गयी ।बैठक में ग्रीष्मकाल में पेयजल समस्याग्रस्त क्षेत्रों में चलाये जा रहे विभागीय टैंकर, किराये के टैंकर की सतत मॉनीटरिंग करते हुए संबंधित क्षेत्र के पार्षदो से समन्वय स्थापित कर पेयजल की आपूर्ति के निर्देश दिये गये। साथ ही जोन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पावर पंप/हेण्ड पंप में खराबी आने पर तत्काल मरम्मत कार्य कराने तथा खराब हुए पंप मोटर को बदलने एवं मरम्मत कार्य के लिए लगने वाले सभी आवश्यक सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखने, टोटीविहीन सार्वजनिक नलों में तत्काल टोटी लगाने तथा जोन में चल रहे पाईप लाईन विस्तार एवं मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिये गए है।समीक्षा बैठक में एमआईसी सदस्य श्री महेन्द्र खोड़ियार श्री अवतार भारती बागल, पार्षद श्री खपपति सोनी, पार्शद श्री शेख मुशीर, श्रीमती कृतिका जैन, श्रीमती रामहिन कुर्रे, जोन 2 जोन कमिश्नर संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता, पी डी. धृतलहरे, कार्यपालन अभियंता, नरसिंह फरेन्द्र (जल), सहायक अभियंता श्री गोविंद साहेब बंजारे सहायक अभियंता श्री योगेन्द्र कुमार देवांगन (फिल्टर प्लांट) उप अभियंता श्री सुधीर भट्ट एवं उप अभियंता श्री योगेन्द्र साहू स्मार्ट सिटी श्री गोपाल, सुपरवाईजर स्मार्ट सिटी की उपस्थिति रही।--
- रायपुर. रायपुर नगर निगम एवं सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (CEED) द्वारा अमिटी यूनिवर्सिटी, रायपुर के सहयोग से “संवेदनशील शहरी श्रमिकों मे हीट रेज़िलिएंस विकसित करना" विषय पर एक राउंडटेबल चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने की। कार्यक्रम में अमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पीयूष कांत पाण्डेय, CREDAI के अध्यक्ष श्री पंकज लाहोटी, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर परवानी, नगरीय प्रशासन विभाग, श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र, CSPDCL, हेल्पएज इंडिया, अविनाश ग्रुप, अल्ट्राटेक सीमेंट के पर्यावरण प्रमुख, RMA के आर्किटेक्ट्स, VGR ग्रुप्स के प्रतिनिधि, नगर निगम के अधिकारी, सफाई कर्मी, अन्य संवेदनशील शहरी श्रमिकों तथा अमिटी यूनिवर्सिटी के शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।यह कार्यक्रम शहरी क्षेत्रों में बढ़ती अत्यधिक गर्मी के प्रभावों तथा हीट-रेज़िलिएंट एवं समावेशी रणनीतियों की आवश्यकता पर गंभीर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने इस विषय की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि रायपुर शहर को हीट रेज़िलिएंस के दृष्टिकोण से भी “स्मार्ट सिटी” बनाने की दिशा में ठोस प्रयास आवश्यक हैं।डॉ. पियूष पांडे ने रायपुर की जलवायु परिस्थितियों पर अपने दीर्घकालिक अवलोकनों के आधार पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यद्यपि जैसलमेर जैसे शहरों में दिन का तापमान अधिक रहता है, वहीं रायपुर में रात का तापमान अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किया जाता है, जो अक्सर 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहता है। उन्होंने बढ़ते अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव के लिए घटते हरित क्षेत्र, जलाशयों के क्षरण तथा तीव्र शहरीकरण को प्रमुख कारण बताया।उन्होंने ऐसे तुलनात्मक उदाहरण भी प्रस्तुत किए, जहाँ अनियंत्रित शहरी विस्तार के कारण 10–15 वर्षों की अवधि में तापमान में लगभग 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई। डॉ. पांडे ने ‘वेट-बल्ब टेम्परेचर’ की अवधारणा और उच्च आर्द्रता की स्थिति में उसके मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा की। उन्होंने पारंपरिक वास्तुशिल्प पद्धतियों एवं जीवनशैली आधारित अनुकूलन उपायों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये उपाय ऐतिहासिक रूप से तापीय आराम प्रदान करते थे, लेकिन वर्तमान समय में इन्हें नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।श्री प्रभात मिश्रा ने कहा कि रायपुर अनेक जलाशयों से समृद्ध शहर है, इसलिए इनके संरक्षण, पुनर्स्थापन और दीर्घकालिक संवर्धन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जलाशय स्थानीय सूक्ष्म जलवायु (माइक्रोक्लाइमेट) को संतुलित रखने, भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने तथा अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम की शुरुआत CEED की एसोसिएट डायरेक्टर – क्लाइमेट चेंज, डॉ. देवयानी शर्मा द्वारा कार्यक्रम के विवरण देते हुए की गई। उन्होंने रायपुर शहर में बढ़ते हीट स्ट्रेस तथा उसके निर्माण श्रमिकों, सफाई कर्मियों, ठेला एवं फुटपाथ विक्रेताओं, परिवहन कर्मियों और अन्य बाहरी श्रमिक वर्गों पर पड़ने वाले प्रभावों को रेखांकित किया। उन्होंने बढ़ती हीटवेव परिस्थितियों के बीच जलवायु-संवेदनशील शहरी प्रशासन एवं बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारी की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।तकनीकी सत्र के दौरान CEED द्वारा अमिटी यूनिवर्सिटी, रायपुर के विद्यार्थियों के सहयोग से किए गए शहरी श्रमिक सर्वेक्षण के निष्कर्ष डॉ. देवयानी शर्मा द्वारा प्रस्तुत किए गए। सर्वेक्षण में अत्यधिक गर्मी के कारण श्रमिकों पर पड़ने वाले स्वास्थ्य प्रभाव, निर्जलीकरण, कार्यक्षमता में कमी, आय पर प्रभाव तथा सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।चर्चा के दौरान शहरी हीटवेव प्रबंधन रणनीतियों तथा रायपुर शहर में “अर्बन हीट आइलैंड” प्रभाव को कम करने के उपायों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसमें बेहतर शहरी नियोजन, हरित अवसंरचना, कूलिंग इंटरवेंशन तथा हीट-रेज़िलिएंट सिटी सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने स्थानीय स्तर पर तैयारी मजबूत करने एवं विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।सार्वजनिक स्वास्थ्य पर केंद्रित विशेष सत्र में डॉ. स्मृति देवांगन, जॉइंट डायरेक्टर एवं स्टेट हेल्थ प्रोग्राम ऑफिसर (NPCCHH) ने शहरी आबादी में हीट स्ट्रेस प्रबंधन पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी, जन-जागरूकता, अर्ली वार्निंग सिस्टम तथा संवेदनशील समुदायों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों की महत्ता पर प्रकाश डाला।राउंडटेबल चर्चा में शहरी डिजाइन एवं निर्मित अवसंरचना में हीट रेज़िलिएंस को शामिल करने, जलवायु-संवेदनशील निर्माण पद्धतियों, श्रमिक-अनुकूल सुविधाओं, शहरी हरित क्षेत्रों के विकास, हीट स्ट्रोक की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया तथा टिकाऊ कूलिंग उपायों जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों के बीच हुई खुली चर्चा में रायपुर को अधिक हीट-रेज़िलिएंट शहर बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव, अनुभव एवं चिंताएँ साझा की गईं। कार्यक्रम का समापन प्रमुख निष्कर्षों, भविष्य की कार्ययोजना तथा नीति-स्तर पर सहयोगात्मक प्रयासों पर चर्चा के साथ हुआ। अन्त मे श्री तुषार शर्मा द्वारा सबका आभार व्यक्त किया गया।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने शहर के शासकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छता के स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयुक्त ने निगम के सभी जोन आयुक्तों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि शिक्षा उपकर मद में प्राप्त राशि का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जाए। शिक्षा उपकर की राशि का मुख्य उपयोग निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय स्कूलों के शौचालयों के जीर्णोद्धार, मरम्मत और निर्माण के लिए किया जाएगा।सभी जोन आयुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों का तत्काल निरीक्षण कर शौचालयों की वर्तमान स्थिति का आकलन करने को कहा गया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, ताकि छात्रों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।"हमारा लक्ष्य है कि शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को स्वच्छता संबंधी किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। शिक्षा उपकर की राशि का सदुपयोग करते हुए हम स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे।"— राजीव कुमार पांडे, आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाईइस पहल से शहर के दर्जनों शासकीय स्कूलों को लाभ पहुँचने की उम्मीद है, जिससे स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को भी गति मिलेगी।--
- भिलाईनगर। शासन के निर्देशानुसार शासकीय काम काज में पारदर्शिता तथा योजनाओं और कार्यक्रमो का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने सुशासन तिहार 2026 चलाया जा रहा है। जिसके तहत आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्व निराकरण सुनिश्चित करना, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का समीक्षा करना तथा विकास कार्यो को गति प्रदान करना है।सुशासन तिहार 2026 शिविर का आयोजन दिनांक 08.05.2026 को निगम मुख्य कार्यालय परिसर में वार्ड क्रं. 09 राजीव नगर सुपेला, वार्ड क्रं. 10 लक्ष्मी नगर, वार्ड क्रं. 11 फरीद नगर, वार्ड क्रं. 12 रानी अवंती बाई कोहका, वार्ड क्रं. 13 पुरानी बस्ती कोहका, वार्ड क्रं. 17 नेहरू भवन एवं वार्ड क्रं. 18 कान्ट्रेक्टर कालोनी हेतु रखा गया है। इस शिविर में संबंधित क्षेत्र के नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकते है। इस शिविर के नोडल अधिकारी सह कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल एवं सहायक नोडल अधिकारी सह सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू होगें। नागरिक कार्यालयीन समय में शिविर स्थल पर उपस्थित होकर आवेदन कर सकते है। साथ ही अपने समस्याओ का निराकरण एवं योजनाओं का लाभ उठा सकते है।नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के सभी नागरिको से अपील करता है कि शिविर स्थल पर निर्धारित तिथि में उपस्थिति होकर शासकीय योजनाओं का लाभ उठा सकते है। यह शिविर अपकी समस्याओं के निराकरण हेतु आयोजित किया गया है, इसका भरपुर लाभ उठावें।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 01 नेहरू नगर अंतर्गत आकाशगंगा व्यावसायिक परिसर ब्लॉक क्रमांक F, दुकान क्रमांक 163 के ऊपर प्रथम तल पर निर्मित दुकान को निगम प्रशासन द्वारा आज अपने अधिपत्य में लिया गया।निगम आयुक़्त राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि संबंधित दुकानदार को पूर्व मे नोटिस जारी किया गया था| जिसके तहत नियमानुसार निगम के अधीन लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई। इस दौरान निगम अमला उपस्थित रहा तथा पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक नियमों के तहत संपन्न कराई गई। निगम प्रशासन ने कहा कि निगम संपत्तियों एवं व्यावसायिक परिसरों के संबंध में समय-समय पर जांच एवं कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।--
- भिलाईनगर| नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा आगामी वर्षाऋतु को ध्यान में रखते हुए शहर के सभी छोटे-बड़े नालों एवं नालियों की सफाई युद्ध स्तर पर कराई जा रही है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाकर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति निर्मित न हो।निगम द्वारा स्मृति नगर दीनदयाल कॉलोनी, संजय नगर तालाब के सामने, सूर्यकुंड के पीछे स्थित पोलियो अस्पताल, वार्ड क्रमांक 31 दुर्गा पारा तथा जोन-04 खुर्सीपार क्षेत्र में लगातार सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है। सफाई कर्मियों द्वारा नालियों में जमी गंदगी, कचरा एवं अवरोधों को हटाकर पानी के सुचारू बहाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर निगम के सभी जोन का स्वास्थ्य विभाग अमला अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई कार्य में जुटा हुआ है। निगम प्रशासन का उद्देश्य बारिश के दौरान नागरिकों को जलभराव एवं गंदगी की समस्या से राहत दिलाना है।--
- 0- हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभबिलासपुर. मस्तूरी ब्लॉक के सीपत शासकीय हाई स्कूल प्रांगण में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी के मुख्य आतिथ्य में किया गया। ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 331 आवेदनों में से 201 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया। शेष आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को समयसीमा निर्धारित की गई। शिविर में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने पहुंचकर विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा आमजनों को शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही, विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए चेक, स्वीकृति आदेश एवं आवश्यक दस्तावेज वितरित किए गए।जिला पंचायतअध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि कहा कि समाधान शिविर शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे शिविरों से आमजन को सीधा फायदा मिल रहा है। जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती सोनवानी ने कहा कि ग्रामीणों को अब अपनी समस्याओं के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है। जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने कहा कि समाधान शिविर के माध्यम से एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्री राजेन्द्र धीवर, श्री दीपक शर्मा,जनपद पंचायत सभापति श्री मनोज खरे, एसडीएम शिवकुमार कंवर, सीईओ मस्तुरी जे.आर. भगत, सीपत तहसीलदार गरिमा ठाकुर,अबकारी विभाग से नवनीत तिवारी, जलसंसाधन विभाग एसडीओ शुभम साहू,पी एच ई विभाग अरूण भार्गव, विधुत विभाग कौशल जायसवाल सहायक यंत्री, मनेरगा कार्यक्रम अधिकारी रूचि विश्वकर्मा शामिल हुए।शिविर में 8 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 5 को श्रम कार्ड, 7 को मनरेगा जॉब कार्ड, 5 को आयुष्मान कार्ड, 3 किसान को ऋण पुस्तिका, 2 को मछली जाल का वितरण, 16 हितग्राहियों का महतारी वंदन ई केवाईसी, 112 लोगों का बीपी शुगर जांच सहित अन्य हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत हितग्राहियों के खाते भी खोले गए। राजस्व विभाग द्वारा को जाति प्रमाण पत्र, आय एवं निवास प्रमाण पत्र दिये गये। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत ग्राम के हितग्राही को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। शिविर में मस्तुरी विकासखण्ड अंतर्गत सीपत, गुड़ी, नरगोडा़, पोड़ी, जांजी सहित पंचायत के ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान देवेश शर्मा, राज्यवर्धन कौशिक,अभिलेष यादव, मदन पाटनवार, फिरत अनंत, जायसवाल, बलराम पाटनवार, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। समाधान शिविर कार्यक्रम का संचालन बी एल कुर्रे ने किया।--
- 0- टेंट हाउस एवं बर्तन बैंक संचालन से महिलाओं ने रचा सफलता का नया अध्यायबिलासपुर. सीपत क्षेत्र के ग्राम कर्रा हि. की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखी है, बिहान योजना से जुड़कर गाँव की गायत्री महिला स्व सहायता समूह आज न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो चुका है, बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समूह की महिलाओं ने आर्थिक सशक्तिकरण की इस पहल के लिए मुख्यमन्त्री श्री बिष्णु देव साय का आभार जताया है।12 सदस्यीय इस समूह का नेतृत्व अध्यक्ष श्रीमती गौरी यादव एवं सचिव श्रीमती पांचो श्रीवास कर रही हैं। इनके मार्गदर्शन में समूह ने निरंतर प्रगति करते हुए ग्रामीण महिलाओं के लिए एक सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत समूह को 6 लाख रुपये तथा एकीकृत महिला एवं बाल विकास विभाग से 4 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। प्राप्त राशि का सदुपयोग करते हुए महिलाओं ने “श्री राम टेंट हाउस” के नाम से आजीविका गतिविधि प्रारंभ की। वर्ष 2025 में रामनवमी के पावन अवसर पर शुरू किया गया यह प्रयास आज एक सफल उद्यम के रूप में स्थापित हो चुका है।वर्तमान में समूह के पास 30×30 फीट का मंच टेंट, 60×120 फीट का विशाल पंडाल, 60 टेबल, 500 कुर्सियां एवं 10 जम्बो कूलर जैसी पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। समूह द्वारा शादी-विवाह, मंगल कार्य, सामाजिक कार्यक्रम, शोक सभा एवं शासकीय आयोजनों में टेंट और बर्तन किराए पर उपलब्ध कराए जाते हैं। समूह वर्तमान में “सुशासन तिहार” के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोंठी तथा 07 मई 2026 को आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर, ग्राम पंचायत सीपत में भी टेंट सामग्री उपलब्ध करा रहा है। इससे महिलाओं को अतिरिक्त आय प्राप्त होने के साथ-साथ प्रशासनिक आयोजनों में भी स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल रहा है।समूह की विशेष पहल यह है कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क बर्तन उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अतिरिक्त समूह द्वारा बर्तन बैंक का संचालन भी किया जा रहा है, जिसके माध्यम से आसपास के ग्रामीणों को कम दरों पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। यह पहल ग्रामीणों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है और समूह की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी बन गई है।लगातार मेहनत और बेहतर प्रबंधन के बल पर समूह की वार्षिक आय वर्तमान में लगभग 10 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। जिला एवं ब्लॉक स्तर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं शिविरों में भी इनके द्वारा टेंट एवं बर्तन किराए पर उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे समूह की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत हुई है और आज गायत्री महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर जिले में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं।--
- 0- एनपीएस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजनबिलासपुर. देश के किसानों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के आर्थिक सशक्तिकरण और उनके वृद्धावस्था को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया | ‘बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की’ शीर्षक वाली यह महत्वपूर्ण संगोष्ठी आज गुरुवार, 07 मई 2026 को बिलासपुर के व्यापार विहार रोड स्थित होटल आनंदा इम्पीरियल में प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आयोजित किया गया |इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के अन्नदाता-कृषक एवं सभी ग्रामीण जनों को जीवन में वित्तीय सुरक्षा एवं स्वतंत्रता प्रदान करना है। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक अग्रणी बैंक बिलासपुर श्री दिनेश ओरांव ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान में असंगठित क्षेत्र कामगारों के लिए अटल पेंशन योजना है जिसमे 1000 से 5000 तक की पेंशन मिलती है लेकिन आज के दौर में यह नाकाफी है इस आय वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप सशक्त बनाने के लिए एनपीएस (New Pension Scheme) एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी योजना है | आयोजन में पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण नई दिल्ली के उप-महाप्रबंधक (DGM) श्री मनोज कुमार तिवारी एवं श्री शुभम खंडेलवाल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे । उन्होंने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (National Pension System - NPS) की बारीकियों, उचित समय पर निवेश के दूरगामी लाभों और इसके माध्यम से भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के वैज्ञानिक तरीकों को स्लाइड के माध्यम से विस्तृत जानकारी दिया गया।खेती की अनिश्चितता के बीच पेंशन बनेगा मजबूत आधारभारत की लगभग 55 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, जिसमें से 86 प्रतिशत किसान सीमांत श्रेणी में आते हैं। भूमि के निरंतर बंटवारे और कृषि आय की अनिश्चितता के कारण वृद्धावस्था में वित्तीय चुनौतियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में पीएफआरडीए की यह पहल विशेष रूप से किसानों, छोटे व्यापारियों, दिहाड़ी मजदूरों और गृहिणियों के लिए एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा। एनपीएस (NPS) में कम निवेश से शुरू होने वाली बचत चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) की शक्ति के कारण लंबी अवधि में एक विशाल कोष और स्थायी मासिक आय में परिवर्तित हो जाती है।प्रमुख हितधारकों की सहभागिताइस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि सहित विभिन्न बैंकों के प्रमुख, राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, कोरबा.पेंड्रा,जांजगीर के अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), डीडीएम नाबार्ड, डायरेक्टर आरसेटी कोनी बिलासपुर, एनजीओ समर्पित बिलासपुर के पदाधिकारी, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के प्रतिनिधि और कृषकगण, आरसेटी के प्रशिक्षु तथा अंबिकापुर छग के प्रसिद्ध शिल्पकार शामिल थे।एनपीएस की विशेषताएं जो इसे बनाती हैं खास:18 से 85 वर्ष के नागरिक जो थोडा बचत कर ज्यादा पेंशन पाना चाहते हैंबाजार आधारित उत्कृष्ट रिटर्न: सुरक्षित निवेश के साथ विकास की संभावना।अनुशासित बचत: भविष्य के प्रति एक व्यवस्थित निवेश की आदत।कंपाउंडिंग का लाभ: लंबी अवधि में छोटी बचत का बड़ी पूंजी में परिवर्तन।एकमुश्त राशि व आजीवन आय: सेवानिवृत्ति पर संचित राशि का एक हिस्सा नकद और शेष से आजीवन पेंशन।बदलते सामाजिक परिवेश और एकल परिवार की बढ़ती व्यवस्था में यह योजना असंगठित क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद साथी सिद्ध होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार समय पर बोया गया बीज ही अच्छी फसल की गारंटी देता है, ठीक उसी प्रकार युवावस्था में शुरू किया गया एनपीएस निवेश वृद्धावस्था में सम्मानजनक एवं सशक्त आर्थिक जीवन का आधार बनता है।
- 0- शिविर में कुल 429 आवेदन प्राप्त हुएरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत ताराशिव में सुशासन तिहार 2026 के तहत पहले जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां अधिकारियों ने आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल ने बताया कि समाधान शिविरों के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस, जॉब कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे शिविरों से लोगों को अपने क्षेत्र में ही समाधान मिल रहा है, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरंजन, एसडीएम तिल्दा श्री आशुतोष देवांगन, महिला एवं बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, जिला खाद्य नियंत्रक श्री भूपेन्द्र मिश्रा, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा डॉ. शंकरलाल उइके, सीईओ जनपद श्री रवि कुमार सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- 0- संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर, हितग्राहियों को सौंपी आवास की प्रतिकात्मक चाबी0- की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ ने पीडीएस दुकान का किया औचक निरीक्षणरायपुर। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में धरसीवां जनपद के ग्राम पंचायत गोढ़ी में मंगलवार को आवास सह रोजगार दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन शामिल हुए। जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 दिवस की मजदूरी, किश्तों के प्रावधान एवं निर्माण प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी ग्रामीण जनभागीदारी के तहत प्रत्येक घर में सोखता गड्डा निर्माण करवाएं।आवास दिवस के उपलक्ष्य में सीईओ श्री बिश्वरंजन ने हितग्राही श्रीमती अनीता वर्मा, श्रीमती सुनीता बाई, श्रीमती रंजीता वर्मा, श्रीमती कविता एवं श्रीमती दुलारी को प्रतिकात्मक चाबी सौंपी। कार्यक्रम के पश्चात उन्होंने गोढ़ी में चल रहे प्रधानमंत्री आवास एवं सोखता गड्डा निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया।कार्यक्रम में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों एवं ग्रामीणजनों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और आजीविका संवर्धन से जुड़ी जानकारी दी गई। "नवा तरिया आय के जरिया" पहल के तहत बताया गया कि नवा तरिया निर्माण से जल संरक्षण के साथ-साथ योजनाओं के अभिसरण से महिलाओं की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। ग्राम पंचायतों में स्थापित क्यूआर कोड से योजनाओं की जानकारी लेने हेतु हितग्राहियों को प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान वीबी जीरामजी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए ग्रामीणों को इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया गया।राशन की शिकायत पर पीडीएस दुकान का जिला पंचायत सीईओ ने किया औचक निरीक्षण- ग्राम गोढ़ी प्रवास के दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने पीडीएस दुकान का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संचालक को सही तरीके से राशन वितरण करने एवं व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सरपंच श्री राम खिलावन कनौजे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, जनपद सीईओ श्री आशीष केशरवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- बच्चे सीखेंगे पक्षी की पहचान और वेटलैंड का संरक्षण, 7 से 13 मई तक चलेगा शिविर0- जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने किया पक्षी संरक्षण स्थल का निरीक्षणरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार धरसीवां विकासखंड के ग्राम पंचायत गोढ़ी में रहवासी पक्षियों के पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए 7 दिवसीय ‘समर कैंप 2026’ का शुभारंभ जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने किया। ‘प्रकृति को समझें-पक्षियों को पहचानें-संरक्षण का हिस्सा बनें’ थीम पर आधारित यह शिविर फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) के तकनीकी सहयोग से जिला पंचायत रायपुर, समग्र शिक्षा रायपुर एवं ग्राम पंचायत गोढ़ी द्वारा आयोजित किया जा रहा है।शिविर के प्रथम दिवस पर ‘नेम गेम’ के माध्यम से बच्चों ने अपना नाम व पसंदीदा जानवर बताकर परिचय दिया। प्रकृति के जीवों की नकल करने का खेल एवं ‘मुझे प्रकृति में क्या पसंद है’ विषय पर ड्राइंग गतिविधि कराई गई। बच्चों को वेटलैंड क्या है, इसकी जानकारी दी गई। आइस-ब्रेकिंग एक्टिविटी के माध्यम से प्रकृति से जुड़ाव स्थापित किया गया।शुभारंभ के बाद जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने गांव के उस तालाब का निरीक्षण किया जहाँ पक्षियों के संरक्षण का कार्य किया जाना है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि रहवासी पक्षियों के पुनर्वास एवं संरक्षण कार्य में वॉच टावर, कैंटीन सहित अन्य निर्माण कार्य सही तरीके से किए जाएं। इन कार्यों से ग्रामीणों की आजीविका बढ़े और भविष्य में आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। इससे ग्राम गोढ़ी की महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, जनपद सीईओ श्री आशीष केशरवानी सहित अन्य अधिकारी, FES व युवान संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- 0- औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश0- 27 अप्रैल से 11 मई तक चलेगा 15 दिवसीय सघन जांच अभियानरायपुर। प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं औषधि उपलब्ध कराने की सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत राज्य शासन द्वारा 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक "सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार" थीम पर 15 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में गठित औषधि प्रकोष्ठ की टीमों ने 6 और 7 मई 2026 को राजधानी के विभिन्न थोक एवं फुटकर दवा दुकानों पर सघन छापेमारी की।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली 1945 के अंतर्गत जिले में संचालित औषधि एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। अभियान के दौरान फर्मों के आवश्यक अभिलेख, क्रय-विक्रय विवरण, भंडारण व्यवस्था तथा लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई।जांच टीम ने शिव मेडिकल हॉल बाजार चौक भनपुरी, भारत मेडिसिन सेंटर खम्हारडीह, गजेंद्र मेडिकल स्टोर्स हीरापुर, हिमानी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स हीरापुर, मधुलिका मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स बैरन बाजार, जय दुर्गा मेडिकल स्टोर्स मोवा, अमर मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, चंचल मेडिकल स्टोर्स, वेल क्योर फार्मा कॉर्प देवपुरी, अपिओस लाइफसाइंसेज देवपुरी, जेना केयर लाइफ साइंसेज प्रा.लि. देवपुरी, पराग लॉजिस्टिक्स, जोमेड हेल्थ केयर देवपुरी और नाथानी हेल्थ केयर देवपुरी का औचक निरीक्षण किया।इन संस्थानों में अल्प्राजोलम, कोडीन, ट्रामाडोल और अल्ट्रासेट जैसी स्वापक एवं मनःप्रभावी (Narcotic & Psychotropic) जी.एल.पी.-1 औषधियों के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की जांच की गई।निरीक्षण के दौरान कुछ फर्मों द्वारा मांगी गई आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार जानकारी प्रस्तुत नहीं करने एवं अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फर्मों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण दलों को निर्देशित किया है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध, अमानक अथवा एक्सपायरी औषधि एवं खाद्य सामग्री की सूचना विभाग को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
- 0- शिविर में बड़ी संख्या में शामिल हुए अर्जुनी सहित 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण0- जनप्रतिनिधि एवं आला अधिकारी हुए शामिल, शिविर में 636 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अर्जुनी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम पंचायत अर्जुनी सहित अर्जुनी कलस्टर में शामिल आसपास के 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अंतर्गत आज स्कूल मैदान अर्जुनी में आयोजित शिविर में उपस्थित अतिथियों के द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत 05 हितग्राहियों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत 02 हितग्राहियों को जाल एवं आईस बाॅक्स, सहकारिता विभाग अंतर्गत 03 हितग्राहियों किसान क्रेडिट कार्ड, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत 02-02 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड एवं निक्षय पोषण किट का वितरण किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग अंतर्गत 04-04 हितग्राहियों को श्रवण यंत्र एवं छड़ी, राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना अंतर्गत 11 हितग्राहियों को अधिकार पत्र का वितरण किया गया। इसी तरह 02 हितग्राहियों को मनरेगा जाॅब कार्ड, 05 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र का वितरण किया।इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ग्राम अर्जुनी में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 721 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 636 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया। शिविर में आज जनपद पंचायत गुरूर के उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चंद्रिका गंजीर एवं श्री तेजराम साहू, एसडीएम श्री आरके सोनकर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर के अलावा जनपद सदस्य श्रीमती लता लक्ष्मी साहू, श्रीमती सुभद्रा, ईशा साहू, तारादेवी यादव, तानसिंह देहारी, मीना फत्तेलाल साहू, गणेश्वरी खगेन्द्र एवं ग्राम पंचायत अर्जुनी के सरपंच श्रीमती हेमलता साहू, सरपंच संघ के अध्यक्ष श्री राकेश साहू, सचिव श्री रामेन्द्र साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों तथा अर्जुनी कलस्टर में शामिल 20 ग्राम पंचायतों से हजारों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को जनसमस्या निवारण शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। श्री साहू ने शिविर में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने को कहा। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चंद्रिका गंजीर ने भीषण गर्मी के उपरांत भी शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति पर सराहना व्यक्त की। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को शिविर में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तायुक्त ढंग से शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिससे आम जनता को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गंजीर ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान के अंतर्गत संपूर्ण जीव-जगत के लिए पानी के महत्व के संबंध में जानकारी देते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के अलावा इसका विवेकपूर्ण उपयोग करने की शपथ दिलाई। उन्होंने शिविर में उपस्थित लोगों को पानी के एक-एक बूंद का सदुपयोग करने के अलावा जल संरक्षण के कार्य में अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। शिविर को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्री तेजराम साहू ने कहा कि शासन के मंशानुरूप शिविर में आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को इस बात का विशेष ध्यान रखने को कहा। शिविर को जनपद सदस्य श्रीमती लता लक्ष्मी साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित करते हुए शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी।उल्लेखनीय है कि अर्जुनी स्कूल मैदान में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम अर्जुनी, सोहपुर, सुर्रा, भानपुरी, बोड़रा, धनेली, रमतरा, पेंवरी, घोघोपुरी, बगदई, छेड़िया, भरदा, तार्री, धोबनपुरी, सोरर, कपरमेटा, धनोरा, टेंगना बर पारा, बोरतरा और भूलनडबरी सहित 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 461 आवेदन, महिला एवं बाल विकास विभाग के 33 आवेदन, खाद्य विभाग के 77, समाज कल्याण विभाग के 13, तहसील गुरूर को 35, कृषि के 03, शिक्षा विभाग के 06 एवं वन विभाग के 01 सहित विभिन्न विभागों से कुल 636 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 636 आवेदनों का निराकरण किया गया।
- बालोद. जिला मातृ-शिशु अस्पताल (MCH) में प्रबंधन की संवेदनशीलता और बेहतर निर्णय से अस्पताल की सेवाएं निरंतर चालू है, जिससे किसी भी प्रसूता की स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा नहीं आ रही है । तकनीकी नियमों का पालन करते हुए प्रशासन ने एक संक्रमित महिला को बेहतर उपचार के लिए रायपुर भेजा, ताकि अस्पताल की सेवाएं निरंतर चालू रह सकें।सिविल सर्जन डॉ आर के श्रीमाली ने बताया कि अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता की रिपोर्ट 'पॉजिटिव' आने के बाद प्रबंधन के सामने दो रास्ते थे। मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार, संक्रमित मरीज के ऑपरेशन के बाद ओटी (OT) को 24 घंटे के लिए फ्यूमिगेट (संक्रमण मुक्त) करना अनिवार्य होता है। अस्पताल में वर्तमान में एक ही ओटी क्रियाशील है। यदि वहां संक्रमित मरीज का ऑपरेशन किया जाता, तो ओटी अगले 24 घंटे के लिए सील हो जाता। इससे अस्पताल में भर्ती अन्य प्रसूताओं के ऑपरेशन रुक जाते और उन्हें भी आपात स्थिति में रेफर करना पड़ता।प्रबंधन ने अन्य महिलाओं के आपरेशन को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया कि अस्पताल की सेवाएं ठप न हों। 'पॉजिटिव' मरीज को उच्च स्तरीय सुविधाओं वाले मेकाहारा अस्पताल (रायपुर) रेफर किया गया, जहाँ संक्रमित मरीजों के लिए पृथक व्यवस्था उपलब्ध है। इस निर्णय से बालोद अस्पताल का ओटी सील होने से बच गया और वहां भर्ती अन्य महिलाओं का समय पर सफल ऑपरेशन संपन्न हो सका। इससे न केवल संसाधनों का सही संतुलन बना, बल्कि कई परिवारों को अनावश्यक परेशानी से भी बचा लिया गया।
- 0- जनगणना के महत्वपूर्ण कार्य को समयपूर्व करने पर कलेक्टर ने जिले के 50 प्रगणकों को दी बधाई एवं शुभकामनाएंबालोद. जनगणना 2027 के राष्ट्रीय अभियान अंतर्गत कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में जिले के 50 प्रगणकों द्वारा मकान सूचीकरण के महत्वपूर्ण कार्य को समय-सीमा से पूर्व और शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ पूर्ण किया गया है। जनगणना 2027 के इस महत्वपूर्ण कार्य को समयपूर्व शतप्रतिशत पूरा करने पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी प्रगणकों को संयुक्त जिला कार्यालय में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह भविष्य की योजनाओं और राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने प्रगणकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि निर्धारित समय से पहले लक्ष्य प्राप्त करना आपकी उत्कृष्ट कार्यक्षमता और टीम भावना का परिचायक है। आप सभी ने जमीनी स्तर पर जिस बारीकी से काम किया है, वह पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा, सहायक जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर, राज्य जनगणना नोडल अधिकारी श्री यशवर्धन सिन्हा, जनगणना शाखा प्रभारी श्री देवेन्द्र साहू आदि मौजूद थे।जनगणना 2027 अंतर्गत आज सम्मानित होने वाले प्रगणकों में डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम दानीटोला के प्रगणक श्री टिकेश कुमार, ककरेल के प्रगणक श्री हलधर प्रसाद साहू, देवपाण्डुम के प्रगणक श्री लालमनी साहू, रजही के प्रगणक श्री ओमप्रकाश सोयाम, जमरूवा के प्रगणक सीमा डामले, ठेमाबुजुर्ग के प्रगणक श्री गजेन्द्र कुमार रावटे, पेटेचुआ और रजोलीडीह के प्रगणक श्री धनीराम बारले शामिल हैं। इसी प्रकार दल्लीराजहरा के प्रगणक प्रेमलता कुलदीप, उत्तरा कोरेसी, राहुल कुमार बेलचंदन और उषा उर्वाशा शामिल हैं। चिखलकसा के प्रगणक प्राची, धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर, विजयलक्ष्मी सोनी, हेमंत गुप्ता, खुश्बू साहू और जेएस ठाकुर शामिल हैं। डौण्डीलोहारा के ग्राम दुर्गीटोला के प्रगणक श्री योगेन्द्र कुमार चुरेन्द्र, अर्जुन्दा तहसील के प्रगणक श्री राजेश कुमार सेवता, श्री लक्ष्मण कुमार साहू, श्री तोरण लाल देवांगन, बालोद तहसील अंतर्गत प्रगणक श्री मनीष कुमार देशमुख, श्री रविकुमार साहू, श्री भीखू राम निषाद, श्री विजेन्द्र पिल्ले और श्री संतोष कुमार विश्वकर्मा, गुण्डरदेही तहसील के ग्राम खुटेरी रंग के प्रगणक सोनल साहू, गुण्डरदेही की प्रगणक नेहा गुप्ता, गुरूर तहसील के ग्राम रूपुटोला के प्रगणक श्री कमलकांत रत्न, पलारी के प्रगणक श्री तामेश्वर लाल साहू, श्रीमती लाकेश्वरी साहू, श्री मुकेश कुमार साहू, श्रीमती राधिका साहू, और श्री अभिनव जंघेल शामिल हैं। सम्मानित होने वाले प्रगणकों ने इस उपलब्धि का श्रेय जिला प्रशासन के सहयोग और निरंतर मिल रहे मार्गदर्शन को दिया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसी ऊर्जा के साथ आगामी मुख्य जनगणना कार्य में जुटने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह मकान सूचीकरण का कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ है, उसी तरह जिले के अन्य लक्ष्य भी समय पर हासिल किए जाएंगे।
- 0- सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन निरंतर जारी0- शिविर में प्राप्त 256 आवेदनों में से 73 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के नगर पंचायत कार्यालय परिसर पलारी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर हितग्राहियों एवं नगर वासियों के लिए सौगातों भरा रहा। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 256 आवेदनों में से 73 आवेदनों का निराकरण किया गया। इसके अलावा शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 05 शिशुओ का अन्नप्राशन एवं 03 गर्भवती माताओं का गोद भराई, समाज कल्याण विभाग द्वारा 03 हितग्राहियों को ध्वनि श्रवण यंत्र एवं 05 हितग्राहियों को छड़ी का वितरण, मत्स्य विभाग द्वारा 01 हितग्राहियों को आईस बकेट, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 01 हितग्राहियों को निक्षय पोषण आहार एव 01 आयुष्मान कार्ड का वितरण और नगर पंचायत पलारी द्वारा 06 हितग्राहियों को राशन कार्ड का वितरण किया गया। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ज्ञातव्य हो कि राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले के सभी नगरीय निकायों में निरंतर सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है।नगर पंचायत कार्यालय परिसर पलारी में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान नगर पंचायत पलारी के सभी 15 वार्डों से बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। शिविर में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री तेजराम साहू, श्री लखनलाल गुरूपंच, श्री नंदकुमार साहू, श्री राजेश सोनबेर, श्री मनीष गुरूपंच, श्री अर्जुन सोनगुर्द, श्री आशाराम, श्री महेश साहू, श्री प्रेम लाल गंगबेर, श्री यानेश साहू, श्री बसंत साहू, श्री गजेन्द्र महमल्ला, श्री संतोष कुर्रे, श्री हेमलाल साहू, श्री रोहित साहू, श्री जगनू साहू, श्री अशोक साहू, श्री संतोष गंगबेर एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री गिरीश साहू सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित करते हुए अतिथियों ने सुशासन तिहार एवं जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने आम नागरिकों से शिविर में उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की भी अपील की।



























