- Home
- छत्तीसगढ़
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण परिवारों को मिल रहा सुरक्षा और सम्मान-ग्राम पंचायत धनौली की शांति बाई को आवास के साथ विधवा पेंशन से मिला आर्थिक संबलरायपुर / गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला की ग्राम पंचायत धनौली निवासी श्रीमती शांति बाई के लिए पक्का घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है। कभी मिट्टी के कच्चे घर में बारिश के दिनों की चिंता के बीच जीवन बिताने वाली शांति बाई आज अपने पक्के और सुरक्षित आशियाने में सुकून के साथ जीवन व्यतीत कर रही हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत शांति बाई के परिवार को पक्का आवास उपलब्ध हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ में भी केंद्र और राज्य स्तर की योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।शांति बाई बताती हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश का मौसम शुरू होते ही घर की सुरक्षा और परिवार की चिंता बढ़ जाती थी। घर के आसपास कीचड़ और पानी जमा होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित होते थे। कच्चे घर में रहने के दौरान हर बारिश एक नई परेशानी लेकर आती थी।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने के बाद उनकी जिंदगी में यह स्थिति बदल गई है। मजबूत दीवारों और सुरक्षित छत वाले नए घर ने परिवार को मौसम की चिंता से काफी राहत दी है। अपने नए आशियाने को देखकर शांति बाई के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई देती है।शांति बाई के जीवन में आया यह बदलाव केंद्र सरकार की ग्रामीण आवास संबंधी योजनाओं के उस व्यापक उद्देश्य से जुड़ा है, जिसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को आवासीय सुरक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। उनके मामले में आवास की सुविधा के साथ सामाजिक सुरक्षा के रूप में विधवा पेंशन का लाभ भी मिल रहा है, जिससे उन्हें नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।शांति बाई कहती हैं कि पक्का घर मिलने से परिवार को सुरक्षा और सुविधा मिली है। पेंशन की सहायता से घर के जरूरी खर्चों में भी मदद मिलती है। उनके अनुसार आवास और पेंशन, दोनों का लाभ उनके लिए जीवन को अधिक सुरक्षित बनाने वाला सहयोग साबित हुआ है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार केंद्र एवं राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। ग्रामीण परिवारों के जीवन में आवास, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार इसी समग्र कल्याणकारी दृष्टिकोण का हिस्सा है। शांति बाई का अनुभव इस बात का उदाहरण है कि किसी परिवार के लिए पक्का घर मिलने से केवल रहने की जगह नहीं बदलती, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और भविष्य को लेकर विश्वास भी मजबूत होता है।शांति बाई अपने अनुभव साझा करते हुए कहती हैं कि पहले बारिश के दिनों में कच्चे घर को लेकर चिंता बनी रहती थी। अब पक्का घर मिलने के बाद परिवार सुरक्षित महसूस करता है। वे आवास योजना का लाभ मिलने और पेंशन से आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।शांति बाई की कहानी ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के माध्यम से जीवन में आने वाले बदलाव की एक व्यक्तिगत मिसाल है। पक्का आवास उनके परिवार को मौसम की कठिनाइयों से राहत देने के साथ सुरक्षित जीवन का आधार उपलब्ध करा रहा है, वहीं विधवा पेंशन उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। पक्का घर, सुरक्षित जीवन और सामाजिक सुरक्षा, शांति बाई के जीवन में इन सुविधाओं का साथ उनके लिए नई उम्मीद और संतोष का आधार बना है।
- -लखपति महिला पहल की राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की तृतीय बैठक संपन्न-लक्ष्य के 179 प्रतिशत महिलाएं लखपति दीदी बन हुईं आत्मनिर्भररायपुर / पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ द्वारा संचालित लखपति महिला पहल को प्रदेश में उल्लेखनीय सफलता मिली है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023-26 के लिए छत्तीसगढ़ को 7.82 लाख ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके विरुद्ध अब तक प्रदेश की 13.96 लाख ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। यह निर्धारित लक्ष्य का 179 प्रतिशत है।लखपति महिला पहल की राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की तृतीय बैठक मंगलवार को नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राज्य के 27 विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन ने लखपति महिला पहल के अंतर्गत प्रदेश में संचालित गतिविधियों और अब तक हुई प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।बैठक में विभिन्न विभागों के साथ अभिसरण के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि करने तथा उन्हें स्थायी आजीविका के अवसरों से जोड़ने पर विस्तृत चर्चा हुई। महिलाओं को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों, स्वरोजगार और आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़कर उनकी वार्षिक आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के प्रयासों को और गति देने पर भी विचार-विमर्श किया गया।लखपति महिला पहल का उद्देश्य ग्रामीण स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में निरंतर वृद्धि करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। बैठक में इस दिशा में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
- -गृह ग्राम बीरपुर में ग्रामीणजनों के साथ विधि-विधान से की करम देव की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामनारायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर में आयोजित प्रकृति के पावन तिहार ‘करमा पूजा’ में शामिल हुईं। उन्होंने ग्रामीणजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधानपूर्वक करम देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति, खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति, संस्कृति और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।करमा पूजा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजीवन से गहराई से जुड़ा पारंपरिक पर्व है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामुदायिक एकता और लोक आस्था का प्रतीक माना जाता है। करम देव की पूजा के साथ ग्रामीणजन सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना करते हैं। पर्व के अवसर पर पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों से गांव का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर उठा।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, तीज-त्योहारों और प्रकृति से जुड़े पर्वों से है। करमा जैसे लोकपर्व हमें अपनी जड़ों और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। इन परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, आपसी भाईचारा और सामूहिकता की भावना निहित है।उन्होंने कहा कि हमारी लोकसंस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें जीवंत बनाए रखना और नई पीढ़ी को इनकी महत्ता से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से भी अपनी संस्कृति, लोककलाओं एवं पारंपरिक पर्वों से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर ग्रामीणजनों ने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए करमा पूजा की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र एवं प्रदेश की निरंतर प्रगति तथा सभी परिवारों के सुख-समृद्धि की कामना की।
- -उमेश प्रसाद गुप्ता की भूमि पर डबरी निर्माण से खेती को मिली सिंचाई की सुविधा-मत्स्य बीज मिलने से शुरू किया मछली पालन, खेती के साथ अतिरिक्त आय की जगी उम्मीद-जल संरक्षण के साथ आजीविका का नया अवसर, एक ही जल संरचना से दोहरा लाभरायपुर । सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा की कहानी’ में जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण परिवारों की आजीविका में आ रहे बदलाव की तस्वीर सामने आ रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत बकिरमा निवासी श्री उमेश प्रसाद गुप्ता की निजी भूमि पर बनी डबरी उनके लिए खेती और आजीविका दोनों का सहारा बन रही है। पहले सिंचाई के पर्याप्त साधन के अभाव में खेती में परेशानी होती थी। अब डबरी निर्माण से पानी की उपलब्धता बढ़ी है और मत्स्य विभाग से मिले मत्स्य बीज के जरिए उन्होंने मछली पालन भी शुरू कर दिया है।उमेश प्रसाद गुप्ता बताते हैं कि पहले उनकी भूमि पर सिंचाई के लिए पर्याप्त जल स्रोत उपलब्ध नहीं था। इससे खेती के कार्य प्रभावित होते थे और पानी की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण रहता था। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत उनकी निजी भूमि पर डबरी निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई। डबरी निर्माण पूरा होने के बाद अब उनके खेत के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है और सिंचाई का एक उपयोगी साधन तैयार हुआ है।डबरी का उपयोग केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहा। उमेश को मत्स्य विभाग की ओर से मछली पालन के लिए मत्स्य बीज उपलब्ध कराया गया। उन्होंने डबरी में मत्स्य बीज डालकर मछली पालन की शुरुआत की है। अब मछलियों के तैयार होने के बाद उनके विक्रय से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होने की उम्मीद है।उमेश बताते हैं कि एक ही जल संरचना से उन्हें खेती के लिए सिंचाई की सुविधा और मछली पालन के रूप में आय का अतिरिक्त माध्यम मिला है। इससे उपलब्ध जल संसाधन का बेहतर उपयोग करते हुए परिवार की आजीविका को मजबूत करने का अवसर मिला है। उमेश प्रसाद गुप्ता योजना से मिले लाभ पर खुशी जाहिर करते हुए कहते हैं, “पहले मेरे पास सिंचाई का साधन नहीं था। अब डबरी बन गई है और मछली पालन के लिए मत्स्य बीज भी मिला है। मछली पालन से आने वाले समय में लाभ मिलेगा और इससे परिवार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।”उन्होंने योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। डबरी जैसी जल संरचनाएं वर्षा जल के संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा बढ़ाने में उपयोगी हैं। वहीं इन्हीं जल संरचनाओं में मछली पालन जैसी गतिविधियों को जोड़ने से ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी तैयार हो रहे हैं।उमेश प्रसाद गुप्ता की कहानी बताती है कि जल संरक्षण को खेती और आजीविका से जोड़ने वाली पहल ग्रामीण परिवारों के लिए उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और आय के नए अवसरों का आधार बन सकती है।
- -पहली गर्भावस्था में मिली 5 हजार रुपये की सहायता, पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में हुई सहूलियत-आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से योजना से जुड़ीं निशा, मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में मिली आर्थिक राहत-निशा बोलीं-योजना की सहायता से खान-पान और स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रख पाईरायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा की कहानी’ में जनकल्याणकारी योजनाओं से महिलाओं और परिवारों को मिल रहे सहयोग की तस्वीर सामने आ रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कतकालो की श्रीमती निशा के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में आर्थिक संबल लेकर आई। पहली बार गर्भवती होने पर आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से उन्हें योजना की जानकारी मिली और कुल 5 हजार रुपये की सहायता दो किस्तों में प्राप्त हुई। निशा ने इस राशि का उपयोग खान-पान, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए किया।निशा बताती हैं कि पहली गर्भावस्था के दौरान उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी मिली। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें योजना का लाभ मिला। समय पर मिली आर्थिक सहायता ने गर्भावस्था के दौरान जरूरी पोषण और स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया।गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक खान-पान और नियमित स्वास्थ्य देखभाल महत्वपूर्ण होती है। निशा के लिए योजना से मिली 5 हजार रुपये की सहायता इसी अवधि में उपयोगी साबित हुई। उन्होंने बताया कि आर्थिक सहायता से पौष्टिक आहार की व्यवस्था करने में सुविधा हुई और अपने स्वास्थ्य के साथ गर्भस्थ शिशु की सेहत का भी बेहतर ध्यान रख पाईं।अपने अनुभव साझा करते हुए निशा कहती हैं, “पहली बार गर्भवती होने पर मुझे आंगनबाड़ी के माध्यम से 5 हजार रुपये की सहायता दो किस्तों में मिली। इस पैसे से मेरे खान-पान में सुविधा हुई। यह सहायता मेरे और मेरे बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बहुत काम आई। गर्भवती महिलाओं के लिए यह बहुत मददगार है।”प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को योजना की जानकारी देने और पात्र हितग्राहियों को लाभ से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।निशा की कहानी बताती है कि मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में समय पर मिली आर्थिक सहायता परिवार की चिंता कम करने के साथ महिलाओं को अपने पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देने में भी सहायक बन रही है। योजना का लाभ मिलने पर निशा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का अभियानरायपुर / राज्य में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पोषण अभियान और यूनिसेफ के सहयोग से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गर्म, ताजा, पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।आंगनबाड़ी केंद्रों में पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को बताया जा रहा है कि वे बच्चों की थाली की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर रखें। भोजन साफ-सफाई से तैयार हो रहा है या नहीं, उसका स्वाद एवं गुणवत्ता कैसी है, बच्चों को क्या और किस प्रकार परोसा जा रहा है—इन विषयों पर चर्चा करने के साथ आवश्यकतानुसार सुधार के सुझाव देने और उसमें सहयोग करने के लिए भी समुदाय को प्रेरित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने 12 सितम्बर को राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर माताओं, परिवारों और समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता तथा बच्चों के शुरुआती विकास के प्रति जागरूक कर रहा है। इसके साथ ही विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के विकास की समय पर पहचान, परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने का कार्य भी सेवा भाव से किया जा रहा है।सेवा की कहानी : आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की थाली से जुड़ी सामुदायिक भागीदारीप्रदेश के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह के दौरान बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मूल्य को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, माताओं, स्व-सहायता समूहों और समुदाय द्वारा मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों द्वारा भोजन कम ग्रहण किए जाने की स्थिति में माताओं से चर्चा कर भोजन के स्वाद और परोसने के तरीके में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय एवं मौसमी सब्जियों, दाल और मिलेट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के साथ रसोई की स्वच्छता और भोजन परोसते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों के नियमित वजन एवं विकास की निगरानी भी की जा रही है, ताकि उनके पोषण स्तर में होने वाले बदलावों की समय पर पहचान की जा सके।इन प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्रों में समुदाय की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अब अभिभावक और ग्रामीण भी बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, मेनू और स्वच्छता के बारे में जानकारी लेने के साथ आवश्यक सुझाव दे रहे हैं। यह पहल ‘सेवा की कहानी’ के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की जिम्मेदारी को सामने ला रही है।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों, पंचायतों, अभिभावकों और समुदाय को पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। 9 सितम्बर से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग-बिरंगी थाली प्रदर्शन, पोषण मेला, माता-पिता की बैठकें, स्वच्छता अभियान और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ केवल एक संदेश नहीं, बल्कि प्रदेश के हर बच्चे को स्वस्थ, सुपोषित और बेहतर भविष्य देने का सामूहिक संकल्प है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से यह संकल्प धरातल पर साकार हो रहा है।
- -छात्राओं से संवाद कर जानी समस्याएं, शीघ्र निराकरण के दिए निर्देशरायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने राज्य महिला आयोग की टीम के साथ शंकर नगर, रायपुर स्थित राज्य स्तरीय पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास में रह रही छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं, आवश्यकताएं और सुझाव सुने तथा छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।डॉ. ममता साहू ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, आवासीय सुविधाओं सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। छात्राओं द्वारा बताई गई समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र निराकरण तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि वे निर्बाध रूप से अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए आगे बढ़ सकें।निरीक्षण के दौरान राज्य महिला आयोग की ओर से श्रीमती मंजू थदानी एवं श्रीमती रश्मी तिवारी, सखी वन स्टॉप सेंटर रायपुर की संरक्षण अधिकारी श्रीमती प्रीति पांडेय सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -कलेक्टर-एसएसपी ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं-स्कूल भवन, लंबित भुगतान, निराश्रित पेंशन से जुड़ी समस्याएं लेकर पहुंचे लोग-संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने दिए निर्देशबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने मंंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।जनदर्शन में कोटा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बछालीखुर्द के सरपंच द्वारा प्राथमिक शाला के लिए भवन एवं मोबाइल टावर लगवाने की मांग की गई। उन्होंने बताया कि डबरीपारा मोहल्ले के प्राथमिक शाला का भवन जर्जर हो गया है। जिससे वर्तमान में बच्चों को एक किलोमीटर दूर स्थित कृषि भवन में पढ़ने जाना पड़ रहा है जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही उन्होंने बताया कि मोबाईल नेटवर्क न मिलने के कारण शासकीय कार्यों और वीबी-जीरामजी अंतर्गत मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी में परेशानी हो रही है। लाखासार आवास मोहल्ला के रहवासियों ने बढ़ती आबादी के कारण 25 केवी के पुराने ट्रांसफार्मर के बार-बार ओवरलोड होकर बंद होने की समस्या बताई है और उसकी क्षमता बढ़ाकर 63 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है ताकि बच्चों की पढ़ाई और आम जनजीवन प्रभावित न हो। जिले के तखतपुर विकासखंड के धजाराम पटेल ने ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण कार्य के लंबित राशि के भुगतान की मांग की गई। पचपेड़ी निवासी श्यामलाल ने कलेक्टर से मुलाकात कर बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुए घर की मरम्मत के लिए सहायता राशि दिलाने कहा। उन्होंने बताया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर है। बारिश के दौरान उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया है। साथ ही घर की छत भी टूट गई है।सकरी स्थित वन विभाग के शासकीय डिपो में पिछले दस वर्षों से कार्यरत सुरक्षा श्रमिक बलराम यादव ने 13 माह से वेतन न मिलने के कारण हो रही आर्थिक और मानसिक परेशानी का हवाला देते हुए तत्काल पारिश्रमिक भुगतान की मांग की है। तखतपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत भरारी (भुण्डा) की महिलाओं ने रूकी हुई निराश्रित पेंशन दिलाने का आग्रह किया है, जिसके कारण उन्हें जीवन यापन में भारी समस्या हो रही है। कलेक्टर ने जनदर्शन में सभी की समस्याओं को ध्यान से सुना एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए।
- -ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और बहुमंजिला भवनों के फायर सेफ्टी ऑडिट को मिली मंजूरी-आवासीय योजनाओं के विकास कार्यों के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृतिरायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 87वीं मंडल सम्मिलन बैठक मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश में आवासीय एवं व्यावसायिक सुविधाओं के विस्तार, नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने, भवनों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने तथा हितग्राहियों को राहत देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में मंडल की चिन्हित एवं स्वामित्व वाली भूमियों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए चार्जिंग स्टेशनों के डिजाइन, वित्त पोषण, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण, कमीशनिंग, संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था के लिए लाइसेंस फीस मॉडल के तहत एजेंसी को भूमि उपयोग का अधिकार प्रदान करने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है।इस निर्णय से मंडल की विभिन्न आवासीय योजनाओं और प्रमुख क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे ईवी उपयोगकर्ताओं को आवश्यक सुविधा उपलब्ध होने के साथ प्रदेश में स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।बैठक में मंडल की बहुमंजिला आवासीय एवं व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत भवनों में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन व्यवस्थाओं और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की नियमित जांच सुनिश्चित की जाएगी।फायर सेफ्टी ऑडिट के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के भाग-4 तथा छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम, 2018 के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए योग्य फायर सेफ्टी ऑडिटरों एवं फर्मों के एम्पेनलमेंट की प्रक्रिया को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इससे भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा और कमियों के समयबद्ध निराकरण की दिशा में व्यवस्था मजबूत होगी।मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि हितग्राहियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से बकाया राशि एकमुश्त जमा करने वाले हितग्राहियों के लिए विलंबित अवधि के ब्याज तथा वाटर चार्ज के सरचार्ज में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करने वाले हितग्राहियों को आर्थिक राहत मिलेगी और लंबित देयताओं के निराकरण को प्रोत्साहन मिलेगा।बैठक में प्रदेश की विभिन्न आवासीय योजनाओं के अंतर्गत विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे विभिन्न क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ आवश्यक अधोसंरचना एवं निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।बैठक में शैक्षणिक प्रयोजन के लिए आरक्षित भूखंडों के आवंटन संबंधी निर्देश-2026 में विकसित भूमि के प्रीमियम में आंशिक संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।इसी प्रकार क्वींस क्लब ऑफ इंडिया, रायपुर के विकास, संचालन एवं रखरखाव के लिए लाइसेंस आधार पर पीपीपी मोड के तहत एजेंसी नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गई।मंडल की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के हस्तांतरण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बिना विक्रय अनुमति के आवासीय भवन/भूखंड अथवा व्यावसायिक भवन/भूखंड का विक्रय किए जाने की स्थिति में हस्तांतरण/नामांतरण शुल्क दोगुना भारित कर हस्तांतरण/नामांतरण किए जाने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, मंडल आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण, वित्त संचालक श्री ऋषभ पाराशर, विशेष सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री देवेन्द्र भारद्वाज, नगर तथा ग्राम निवेश के श्री संदीप बांगड़े, श्री जी.आर. रावटे, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी श्री हितेश बोराड तथा क्षेत्रीय प्रमुख हुडको सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर /शासन की चिरायु योजना के तहत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है। मस्तूरी की चिरायु टीम ने ग्राम नरगोड़ा के आंगनबाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 11 माह के ध्रुवेश पुरी में जन्मजात हृदय रोग की पहचान की और समय पर उपचार की दिशा में पहल कर उसे नया जीवन दिलाया।सीपत क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा निवासी ध्रुवेश, पिता नरेंद्र पुरी की आंगनबाड़ी केंद्र में जांच के दौरान चिरायु टीम को हृदय संबंधी बीमारी के संकेत मिले। टीम ने तत्काल बच्चे को जिला अस्पताल स्थित डीईआईसी रेफर किया और स्वयं चिरायु वाहन से अस्पताल पहुंचाकर ईको, ब्लड टेस्ट सहित आवश्यक जांच कराई। इसके बाद बच्चे को रायपुर मेकाहारा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उसे कॉम्प्लेक्स सायनोटिक हार्ट डिजीज से पीड़ित पाया गया। बेहतर उपचार के लिए बच्चे को एम्स रायपुर एवं श्री सत्यसांई अस्पताल रायपुर में भी दिखाया गया। इसके बाद बच्चे की सभी मेडिकल रिपोर्ट दिल्ली एम्स और अपोलो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल चेन्नई सहित देश के अन्य उच्च स्तरीय अस्पतालों में भेजी गईं। अपोलो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल चेन्नई के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ओपन हार्ट सर्जरी की सलाह दी।शुरुआत में बच्चे के माता-पिता ऑपरेशन को लेकर चिंतित थे। चिरायु टीम ने लगातार काउंसलिंग कर उन्हें बीमारी की गंभीरता और ऑपरेशन की आवश्यकता समझाई। टीम के प्रयासों से परिजन उपचार के लिए तैयार हुए। बच्चे को चेन्नई भेजा गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी सफल ओपन हार्ट सर्जरी हुई। सर्जरी के बाद ध्रुवेश अब पूरी तरह स्वस्थ है। समय पर बीमारी की पहचान, उपचार के लिए मार्गदर्शन और लगातार सहयोग ने इस परिवार के जीवन में नई उम्मीद जगाई। बच्चे के माता-पिता ने स्वास्थ्य विभाग, चिरायु टीम और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चिरायु योजना गरीब परिवारों के लिए वास्तव में जीवनदायिनी साबित हो रही है।
- -विशेष स्वास्थ्य शिविर में 257 लोगों ने कराया पंजीयन, लीवर और कैंसर की हुई जांचबिलासपुर / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन के सहयोग से अपोलो अस्पताल द्वारा प्रार्थना सभाकक्ष में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों के लिए आयोजित शिविर में 257 लोगों ने पंजीयन कराया। शिविर में लीवर एवं विभिन्न प्रकार के कैंसर की जांच के साथ स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया गया।शिविर में 82 लोगों ने विशेष लीवर जांच का लाभ लिया, जबकि 72 लोगों की सर्वाइकल कैंसर जांच की गई। वहीं 68 लोगों ने ब्रेस्ट कैंसर जांच के लिए पंजीयन कराया, जिनकी अपोलो अस्पताल में निःशुल्क जांच की जाएगी।संभागायुक्त श्री सुनील जैन ने कहा कि अपोलो अस्पताल प्रबंधन सामाजिक गतिविधियों में निरंतर सहभागी रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार अपने स्वास्थ्य की जांच अवश्य करानी चाहिए। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि संतुलित खान-पान और अच्छी दैनिक दिनचर्या अपनाकर स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। शिविर में संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों ने भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया। अपोलो अस्पताल के प्रबंधक श्री अजय जाड़े ने बताया कि 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर वॉकथान आयोजित किया जाएगा। इसमें जिला प्रशासन के अधिकारी एवं स्कूली बच्चे शामिल होंगे। अपोलो अस्पताल से महाप्रबंधक श्री विवेक द्विवेदी एवं मार्केटिंग विभाग के श्री राघवेन्द्र साहू भी उपस्थित रहे।
- -समितियों एवं पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देशबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने मंंगलवार को गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों तथा पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारियों की बैठक लेकर गणेश विसर्जन की तैयारियों की समीक्षा की। जिले में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन 24 एवं 25 सितंबर को किया जाएगा। समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रतिमाओं का विसर्जन छठघाट एवं पचरीघाट में किया जाएगा। कलेक्टर एवं एसएसपी ने विसर्जन को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन के दौरान डीजे का उपयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए। निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की नजर रहेगी। समितियों से विसर्जन के दौरान प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं में सहयोग करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि विसर्जन में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति नशापान कर शामिल न हो। सभी श्रद्धालु धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन में शामिल हों। ऐसा कोई कार्य या व्यवहार न किया जाए, जिससे किसी की धार्मिक अथवा सामाजिक भावना आहत हो।23 सितंबर को छठघाट में स्वच्छता अभियान में श्रमदान की अपील -बैठक में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाली सेवा गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों से 23 सितंबर की सुबह छठघाट पर आयोजित स्वच्छता अभियान में शामिल होकर श्रमदान करने का आग्रह किया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता अभियान में जनभागीदारी से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया जा सकता है।बैठक में विसर्जन स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाओं, यातायात, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था सहित अन्य तैयारियों पर भी चर्चा की गई। समितियों से प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए सहयोग करने की अपील की गई।बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी सहित पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारी तथा गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारी मौजूद थे।रचना/
- दुर्ग / प्रदेश में पहली बार अभिनव पहल करते हुए केंद्रीय जेल दुर्ग में 22 सितंबर 2026 को डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता के कर कमलों से 'खुली जेल' (ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूट या ओसीआई) का औपचारिक शुभारंभ किया गया है। इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जेल अधीक्षक श्री मनीष संभाकर सहित जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। केन्द्रीय जेल दुर्ग के जेल अधीक्षक से मिली जानकारी के अनुसार दुर्ग जेल में उपलब्ध मौजूदा अधोसंरचना का उपयोग करके शुरू की गई इस खुली जेल में कुल 50 बंदियों को रखा जाएगा। इस व्यवस्था के तहत बंदी सुबह विभिन्न कार्यों के निष्पादन हेतु जेल परिसर से बाहर जाएंगे और शाम को अपना कार्य पूर्ण कर वापस लॉकअप होने से पूर्व जेल लौट आएंगे। उल्लेखनीय है कि सुधारत्मक प्रशासन की दिशा में राज्य में यह अपनी तरह का पहला एवं अनूठा प्रयास है।
- दुर्ग / रक्तदान एवं नेत्रदान ऐसे महादान हैं जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकते हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन से रक्तदान एवं नेत्रदान के प्रति जागरूक एवं प्रेरित होने की अपील की गई है। ये दान मानव सेवा के सर्वोच्च कार्यों में सम्मिलित हैं, जो अनेक लोगों को नया जीवन एवं नई आशा प्रदान करते हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार रक्तदान से दुर्घटना, प्रसव, गंभीर बीमारी एवं शल्य चिकित्सा के दौरान मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसी प्रकार नेत्रदान से दृष्टिहीन व्यक्तियों को रोशनी मिल सकती है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके नेत्र दान किए जाने पर दो व्यक्तियों को दृष्टि प्रदान की जा सकती है। यह समाज के प्रति एक अमूल्य योगदान है। देहदान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना एवं विभिन्न रोगों के अध्ययन में सहायता मिलती है, जिससे भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।सभी नागरिकों से अपील है कि वे रक्तदान, नेत्रदान एवं देहदान के प्रति जागरूक बनें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। आपका एक छोटा-सा संकल्प किसी के जीवन में नई आशा, नई रोशनी और नया जीवन ला सकता है। संदेश के रूप में रक्तदान से जीवन बचाएं, नेत्रदान से रोशनी फैलाएं और देहदान से चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाएं।
- दुर्ग / भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई में भारत सरकार के स्वच्छता अभियान के अंतर्गत ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की थीम स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है।इसी क्रम में 22 सितंबर 2026 को प्रातः 11.30 बजे आईआईटी भिलाई के एलडीसी लेवल-2 में संस्थान के छात्रों, संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य सदस्यों द्वारा स्वच्छता शपथ ली गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ परिसर के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के माध्यम से आईआईटी भिलाई द्वारा स्वच्छता, स्वच्छ परिसर, पर्यावरण संरक्षण तथा सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान का समापन 2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर किया जाएगा। इस अभियान के सफल आयोजन में संस्थान के निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश का सम्पूर्ण मार्गदर्शन रहा। आईआईटी भिलाई स्वच्छता के प्रति सामूहिक सहभागिता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
- भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त सुरुचि सिंह के निर्देश पर शहर में सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से निगम की टीम द्वारा प्रवेश द्वार एवं अन्य संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जोन क्रमांक-01 के जोन आयुक्त डी.के. कोसरिया के नेतृत्व में सहायक राजस्व अधिकारी शशांक शेखर एवं राजस्व टीम द्वारा चंद्रा मौर्या चौक स्थित स्वागत द्वार को हटाने की कार्रवाई की गई।चंद्रा मौर्या चौक शहर के प्रमुख एवं व्यस्ततम मार्गों में शामिल है। यहां दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों एवं राहगीरों का आवागमन होता है। मौके पर स्थापित स्वागत द्वार की लोहे की संरचना कमजोर होने के कारण इसके सुरक्षित नहीं रहने की स्थिति को देखते हुए निगम की टीम ने इसे हटाया।नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख चौक-चौराहों एवं व्यस्त मार्गों पर बड़ी या कमजोर संरचनाएं यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। साथ ही सड़क किनारे अथवा मार्ग के ऊपर लगी प्रचारात्मक संरचनाओं से वाहन चालकों का ध्यान भी विचलित होने की संभावना रहती है। ऐसे स्थानों पर यातायात की सुरक्षा एवं निर्बाध आवागमन को प्राथमिकता देना आवश्यक है।नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों एवं चौक-चौराहों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है। निगम का उद्देश्य है कि वाहन चालक सड़क एवं यातायात पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकें तथा किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि शहर में सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में निगम का सहयोग करें और ऐसे स्थानों पर अनावश्यक रूप से संरचना अथवा प्रचार सामग्री स्थापित न करें, जिससे यातायात प्रभावित हो।
- -5 कट्टा रसीद जब्त, समिति पदाधिकारियों को शुल्क वसूली तत्काल बंद करने की हिदायतभिलाई। सेक्टर-10 स्थित गणेश पंडाल में अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूले जाने की शिकायत प्राप्त होने पर नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त सुरुचि सिंह के आदेशानुसार तथा जोन आयुक्त येशा लहरे के निर्देश पर निगम की टीम द्वारा संध्याकाल में स्थल निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शिवमानस गणेशोत्सव समिति द्वारा किसी प्रकार का पार्किंग शुल्क नहीं लिया जा रहा था। वहीं सिद्धि विनायक गणेशोत्सव समिति, सेक्टर-10 द्वारा स्वास्तिक सायकल स्टैंड के नाम से दुपहिया एवं चौपहिया वाहनों से 10, 20 एवं 30 रुपये की राशि पार्किंग शुल्क के रूप में वसूल की जा रही थी।निगम की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए पार्किंग शुल्क वसूली में उपयोग की जा रही 5 कट्टा रसीद जब्त की। साथ ही समिति के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अवैध पार्किंग शुल्क वसूली बंद करने की स्पष्ट हिदायत दी गई। निगम अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की अवैध वसूली करते पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।नगर निगम द्वारा गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं एवं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। निगम ने आयोजक समितियों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए आयोजन संचालित करें तथा श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की अनधिकृत राशि की वसूली न करें।कार्रवाई के दौरान नगर पालिक निगम भिलाई जोन क्रमांक-5 के सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम सहित पुलिस प्रशासन भिलाई नगर की टीम उपस्थित रही।
- -स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद थीम पर बुनगा में विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन-निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 458 मरीजों को मिला परामर्श, 100 औषधीय पौधों का किया गया रोपणरायपुर । सेवा संकल्प अभियान एवं 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले के शासकीय आयुर्वेद औषधालय बुनगा द्वारा ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ थीम पर विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य गतिविधियों का आयोजन किया गया।आयोजन के तहत निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर, काढ़ा वितरण, नशामुक्ति शपथ एवं जागरूकता, स्वच्छता जागरूकता, मितानिन प्रशिक्षण, योग शिविर तथा औषधीय पौधारोपण जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। छिछोर उमरिया, सिहा, ठाकुरपाली, गोतमा एवं स्कूल पारा बुनगा में लगाए गए चिकित्सा शिविरों में कुल 458 मरीजों को आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श प्रदान कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया।शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, वातरोग, ऋतुचर्या एवं योगाभ्यास सहित विभिन्न आयुर्वेदिक विषयों पर आधारित पाम्पलेट वितरित कर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। साथ ही आयुर्वेद और प्रकृति के समन्वय का संदेश देते हुए 100 औषधीय पौधों का रोपण किया गया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। गांव के सामुदायिक भवनों एवं चौक-चौराहों पर आयोजित इन गतिविधियों में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में डॉ. जागृति पटेल, फार्मासिस्ट भोज मालाकार, वर्षा ठेठवार, योग प्रशिक्षक दुलामनी रजक, सरपंच एवं मितानिनों का सक्रिय योगदान रहा।
- -375 अनुमेय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का करें चयन- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से वीसी द्वारा की वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन पर की चर्चाविकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों से संवाद किया। बैठक में योजनांतर्गत जिलों में स्वीकृत कार्यों, प्रगति तथा योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से बारी-बारी संवाद करते हुए योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा उनके सुझाव और जमीनी स्तर पर आ रही कठिनाइयों को जाना। उन्होंने सभी को वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अब 375 प्रकार के अनुमय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का चयन एवं स्वीकृति के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में कार्य स्वीकृत किए गए है, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ग्राम सभा के माध्यम से नए कार्य भी लिए जा सकते हैं।उन्होंने बताया कि योजना में मजदूरी एवं सामग्री का 60रू40 अनुपात बनाए रखते हुए तथा जल संरक्षण से संबंधित कम से कम 30 प्रतिशत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्राम सभाएं आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कार्य स्वीकृत कर सकती हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना का लाभ ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन करने पर जोर दिया।बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा ने पंचायतों में स्वीकृत कार्यों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे, जिससे निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।आयुक्त, विकसित भारतदृजीरामजी श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत सदस्यों के योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा तकनीकी समस्याओं से संबंधित प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों तथा किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेत सड़क और धरसा को भी अनुमय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रदेश में बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड तथा डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज जैसे कार्यों को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार इन कार्यों का चयन कर सकती हैं। श्री सिन्हा ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) से संबंधित भारत सरकार का नोटिफिकेशन जल्द जारी होने की प्रक्रिया में है। वहीं मनरेगा के शेष लंबित भुगतान के संबंध में भारत सरकार को पत्र प्रेषित किया गया है।वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 175 पदों पर भर्ती की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें कार्यक्रम अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर एवं लेखापाल के पद शामिल हैं तथा भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। इसके अतिरिक्त बस्तर, बीजापुर एवं नारायणपुर जिलों में 63 रोजगार सहायक पदों पर भर्ती की अनुमति भी प्रदान की गई है।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए तथा मैदानी स्तर पर आ रही विभिन्न कठिनाइयों से अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई हेतु संकलित किया गया है।
- -प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारी हेतु ली समीक्षा बैठक-अंगदान का संकल्प लेने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानितरायपुर। बलौदाबाजार भाटापारा जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को जिला प्रवास के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष मे सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान अंगदान का संकल्प लेने वाले 5 दानदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया औऱ उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। अंगदान संकल्प लेने वालों मे जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल,फिरतराम साहू, पुष्पा साहू,भाटापारा से वेदराम आनंद एवं रेशमा बाई शामिल हैं।प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को अति महत्वपूर्ण बताते हुए सभी कार्यक्रमो का बेहतर आयोजन सुनिश्चित करने एवं अधिक से अधिक जनसहभागिता हेतु आवश्यक निर्देश एवं मार्गदर्शन दिये। उन्होंने आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का जिले मे बेहतर आयोजन की सराहना की औऱ आगामी सभी कार्यक्रम को गरिमापूर्ण आयोजन की बात कही।बैठक मे आगामी सभी कार्यक्रमों की तैयारी के सम्बन्ध मे विस्तृत समीक्षा की।उन्होंने मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम अंतर्गत विद्यालय स्तर से ब्लॉक एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिये विद्यार्थियों की संख्या निर्धारण करने कहा। आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम अंतर्गत अंगाबाड़ी कार्यकर्त्ता,सहायिका मितानिन का सम्मान,गर्भवती माताओ व बच्चों का हेल्थ चेक -अप एवं खेलकूद आयोजित करने के निर्देश दिये।सेवा की कहानी अंतर्गत लाभार्थियों की सफलता की कहानी सभी मीडिया प्लेटफार्म मे जारी करने, सेवा मेरा योगदान अंतर्गत स्वच्छता अभियान गांव,शहरों,नदी,घाट,तालाब आदि की सफाई जनसहभागिता से करें। उन्होंने सेवा सेतु शिविर के सम्बन्ध मे कहा कि सभी ब्लॉक मे एक- एक चिहांकित गांव मे आयोजित करना है जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियो की टीम मौजूद रहेंगे। शिविर मे मेगा हेल्थ कैम्प का विशेष रूप से आयोजन किया जाए। शिविर का उद्देश्य आने वाले आवेदको को लाभार्थी बनाकर वापस भेजने का हो। उनके समस्याओ का तत्काल निराकरण होना चाहिए।
- -जनदर्शन में कुल 77 आवेदन प्राप्त, अधिकारियों को आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देशमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मंंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आमजनों की समस्याएं एवं मांगें सुनीं। जनदर्शन में जिले के अलग-अलग विकासखंडों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित कुल 77 आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने आवेदकों से उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जनदर्शन में कर्मचारी पेंशन से संबंधित प्रकरण, नहर निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे का भुगतान, बेलसोंडा से बेमचा माइनिंग नहर के माध्यम से पानी पहुंचाने अथवा बोरिंग खनन सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा आर्थिक सहायता प्रदान करने, वन भूमि पट्टा दिलाने, श्रमिक पंजीयन में संशोधन कराने तथा मितानिन नियुक्ति से संबंधित आवेदन भी नागरिकों ने प्रस्तुत किए।इसी प्रकार सीसी रोड निर्माण कराने, अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने, डूबान क्षेत्र के अभ्यर्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनाने, पड़कीपाली से हाड़ाबंद तक सड़क निर्माण सहित अन्य जनहित से जुड़े विषयों को लेकर भी लोगों ने कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। कलेक्टर श्री लंगेह ने प्रत्येक आवेदक की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को प्रकरण की वस्तुस्थिति की जांच कर पात्रतानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
- -विशेष बच्चों के लिए बना भरोसे का केंद्र, 10 साल से निःशुल्क मिल रहा विशेषज्ञ उपचाररायपुर। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए जतन केंद्र उम्मीद और संबल का केंद्र बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले में वर्ष 2016 को शुरू हुए इस केंद्र में अब तक 27,088 बच्चों का परीक्षण, मूल्यांकन और उपचार किया जा चुका है। वहीं अप्रैल से अगस्त 2026 तक 5,397 बच्चों को विभिन्न सेवाओं का लाभ मिला है। जतन की खासियत इसका बच्चों के अनुकूल माहौल है। केंद्र को प्ले स्कूल जैसे सहज और खुशनुमा वातावरण में तैयार किया गया है, ताकि बच्चे अस्पताल के डर या तनाव के बिना उपचार करा सकें। यहां आने वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।केंद्र में शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, विशेष शिक्षक, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, ऑप्टोमेट्रिस्ट, नर्स, पैथोलॉजी, समाजसेवक और काउंसलर की सेवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध हैं। विकासात्मक देरी, देर से बोलने, सीखने में परेशानी और ऑटिज्म जैसे लक्षणों वाले बच्चों का नियमित आकलन और उपचार किया जा रहा है। मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चों में सामने आ रही लर्निंग प्रॉब्लम के मामलों में भी विशेषज्ञ सेवाएं दी जा रही हैं।जतन के दंत चिकित्सा विभाग में टंग-टाई यानी जीभ के जुड़ाव की समस्या वाले बच्चों का फ्रेनेक्टमी पद्धति से निशुल्क उपचार किया जा रहा है। अब तक करीब 285 बच्चे इस सुविधा से लाभान्वित हो चुके हैं। इसके साथ ही बच्चों के दांत और मुंह से जुड़ी अन्य बीमारियों का भी इलाज किया जाता है।श्रवण संबंधी परेशानी वाले बच्चों के लिए केंद्र में बीईआरए और पीटीए टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। ये जांच दिव्यांगता प्रमाण पत्र और कॉक्लियर इंप्लांट की प्रक्रिया में भी उपयोगी होती हैं। वहीं फिजियोथेरेपी विभाग में शारीरिक रूप से बाधित बच्चों के उपचार और पुनर्वास पर काम किया जाता है, ताकि वे दैनिक गतिविधियां अधिक आसानी से कर सकें।स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जतन डीईआईसी में सेवाओं के लगातार सुधार और विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। निःशुल्क विशेषज्ञ उपचार, बच्चों के अनुकूल वातावरण और समय पर हस्तक्षेप ने इस केंद्र को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के परिवारों के लिए भरोसे का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है। पिछले 10 वर्षों में हजारों बच्चों तक पहुंची यह सेवा उनकी बेहतर सेहत, विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
-
मोहला । सेवा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जरूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचाने का संकल्प है। सुशासन का वास्तविक अर्थ भी तब सामने आता है, जब शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। छत्तीसगढ़ शासन के सेवा संकल्प अभियान की इसी भावना को साकार करती सेवा की कहानी है ग्राम खड़गांव के तेजेश्वर की, जिसे चिरायु योजना के माध्यम से समय पर उपचार मिला और आज वह स्वस्थ जीवन जी रहा है।
विकासखंड मानपुर के ग्राम खड़गांव निवासी तेजेश्वर, पिता श्री अश्वर एवं माता श्रीमती राधिका का वर्ष 2025 में विद्यालयीन स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु टीम-ए, मानपुर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिकित्सकों ने बच्चे के हृदय में हृदय की असामान्य ध्वनि महसूस की। यह एक सामान्य जांच के दौरान सामने आई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी थी, जिसने आगे चलकर बच्चे के जीवन को नई दिशा दी।
चिरायु दल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चे के माता-पिता से आवश्यक जानकारी प्राप्त की और आगे की जांच एवं उपचार के लिए उसे 15 जुलाई 2025 को नारायणा हॉस्पिटल रायपुर रेफर किया। वहां आवश्यक जांच एवं इकोकार्डियोग्राफी के बाद बच्चे के हृदय में गंभीर बीमारी की पुष्टि हुई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चे के स्वास्थ्य को देखते हुए हृदय की सर्जरी की सलाह दी। इसके बाद चिरायु योजना के अंतर्गत आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर 27 नवंबर 2025 को नारायणा अस्पताल, रायपुर में तेजेश्वर की सफल हृदय सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हुआ और आज तेजेश्वर स्वस्थ एवं सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है।
एक समय जिस बीमारी का पता परिवार को स्वयं नहीं था, वही बीमारी विद्यालय में हुए एक नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान सामने आई। समय पर हुई पहचान, सही मार्गदर्शन और शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े रेफरल तंत्र ने तेजेश्वर को उपचार तक पहुंचाया। चिरायु योजना के माध्यम से उपलब्ध कराए गए निःशुल्क उपचार ने परिवार पर आने वाले आर्थिक बोझ को भी कम किया। तेजेश्वर के माता-पिता के लिए यह अनुभव किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने समय पर बीमारी की पहचान करने, उपचार के लिए मार्गदर्शन देने और पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए चिरायु टीम-ए, मानपुर का आभार व्यक्त किया। उनके लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि उनका बच्चा आज स्वस्थ है और सामान्य जीवन की ओर आगे बढ़ रहा है।
तेजेश्वर की कहानी यह बताती है कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं को जरूरतमंद तक पहुंचाकर उसके जीवन में बदलाव लाना ही सुशासन का वास्तविक उद्देश्य है। चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान, उचित रेफरल और निःशुल्क उपचार की व्यवस्था जनकल्याण की उस सोच को मजबूत करती है, जिसमें हर बच्चे को स्वस्थ भविष्य का अवसर मिले।
सेवा संकल्प अभियान के तहत तेजेश्वर की यह सेवा की कहानी इस विश्वास को मजबूत करती है कि जब सेवा भावना, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाएं एक साथ काम करती हैं, तो किसी परिवार के लिए बीमारी की चिंता उम्मीद में और चिंता के आंसू खुशी की मुस्कान में बदल सकते हैं। - -कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय प्रमाणीकरण कराने वाला छत्तीसगढ़ का प्रथम जिला बना महासमुंदमहासमुंद / राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक कार्यक्रम में महासमुंद जिले के स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले में अब तक कुल 101 स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक राष्ट्रीय प्रमाणीकरण हो चुका है, जिससे महासमुंद छत्तीसगढ़ राज्य में 100 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय प्रमाणीकरण कराने वाला पहला जिला बन गया है।महासमुंद जिले के विभिन्न विकासखंडों में कुल 101 स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण हो चुका है। इनमें 1 जिला अस्पताल, 1 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 90 उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सुधारने के लिए भारत सरकार द्वारा लागू किया गया एक ढांचा है। इसका उद्देश्य अच्छे प्रदर्शन करने वाली सुविधाओं को मान्यता देना और सार्वजनिक अस्पतालों की विश्वसनीयता बढ़ाना है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक स्वास्थ्य सेवा वितरण के विभिन्न पहलुओं के लिए मानकों का एक व्यापक सेट प्रदान करता है, जिसमें सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, इनपुट, सहायक सेवाएं, नैदानिक देखभाल, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन और परिणाम शामिल हैं।राष्ट्रीय गुणवत्ता निर्धारण मानक के सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में सर्वप्रथम संस्था द्वारा भारत सरकार के निर्धारित प्रपत्र में स्व-मूल्यांकन कर कमियों को पूरा किया जाता है। इसके उपरांत जिला गुणवत्ता निर्धारण समिति के मूल्यांकन हेतु प्रेषित किया जाता है। जिला गुणवत्ता निर्धारण समिति के सदस्यों द्वारा मूल्यांकन के उपरांत 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने के बाद राज्य स्तरीय मूल्यांकन किया जाता है। इसके पश्चात राष्ट्रीय मूल्यांकन के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ अप्लाई किया जाता है। इसके उपरांत राष्ट्रीय दल द्वारा मूल्यांकन किया जाता है।सभी संस्थाओं का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक कार्यक्रम के 8 विषयों सेवा प्रावधान, रोगियों के अधिकार, इनपुट, सहायक सेवाएं, क्लिनिकल सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली एवं परिणाम कृ में बांटकर निर्धारित बिंदुओं पर विस्तृत रूप से मूल्यांकन किया गया था।राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण के बाद अस्पतालों की विश्वसनीयता बढ़ी है, जिसका उदाहरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा को प्रथम संदर्भ इकाई का दर्जा प्राप्त हुआ और नियमित रूप से सिजेरियन प्रसव की सुविधा स्त्री रोग विशेषज्ञ के माध्यम से मिलती रही है। साथ ही नियमित रूप से सोनोग्राफी की सुविधा गर्भवती माताओं को मिलने लगी है। आम जनता का भी अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में विश्वास बढ़ने लगा है, जिससे औसत बाह्य रोगी की संख्या में बढ़ोतरी, औसत मासिक प्रसव में 80 से 100 प्रतिमाह तक पहुंचना तथा नसबंदी सेवाओं का विस्तार शामिल है।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता सुधार एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार और टीम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने एवं आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपेक्षा व्यक्त की।इस उपलब्धि में जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे तथा जिला सलाहकार एवं जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक श्री संदीप चंद्राकर सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता सुधार एवं राष्ट्रीय प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
-
- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत छुटे हुए हितग्राहियों के घरों में शीघ्र स्मार्ट नेट मीटर लगाने के दिए निर्देश
- गिरदावरी कार्य में त्रुटिरहित एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
- नशे के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंंगलवार को साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित आवेदनों एवं प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करते हुए आवेदकों को समय-सीमा में राहत उपलब्ध कराने कहा। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापित होने के बावजूद स्मार्ट नेट मीटर नहीं लगने की स्थिति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को ऐसे सभी छूटे हुए हितग्राहियों की पहचान कर उनके घरों में शीघ्र स्मार्ट नेट मीटर स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने तथा लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसामान्य से जुड़े राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने कहा। शासकीय भूमि पर किए जा रहे अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध लगातार कार्रवाई जारी रखने तथा अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई निरंतर जारी रखने कहा। कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को गिरदावरी कार्य की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पटवारी एवं सर्वेयर द्वारा गिरदावरी का कार्य त्रुटिरहित एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराना सुनिश्चित करने कहा।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के दिए निर्देश -
कलेक्टर ने नागरिकों को प्राकृतिक एवं स्वच्छ सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति व्यापक जागरूकता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बिजली की आवश्यकता को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से जिले में अब तक 6 हजार 190 सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे बड़ी संख्या में परिवार स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कलेक्टर ने इस योजना के लाभों को अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने के लिए सभी नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित करने कहा। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सूर्य सभाएं, प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को योजना की पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ें, ताकि जिले में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने के साथ नागरिकों को बिजली की बचत एवं आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो सके।
नशे के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई और एक्सपायरी दवाइयों की जांच के दिए निर्देश-
कलेक्टर ने जिले में नशे के अवैध कारोबार एवं इसके बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर कड़ी एवं निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नशीले पदार्थों के अवैध विक्रय एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं एवं आम नागरिकों में जागरूकता लाने के लिए आवश्यक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोकथाम के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने जिले में दवाइयों की गुणवत्ता एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल दुकानों एवं संबंधित संस्थानों में एक्सपायरी दवाइयों की नियमित एवं लगातार जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक्सपायरी दवाइयों की बिक्री अथवा उपलब्धता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी दवाइयां किसी भी स्थिति में आम नागरिकों तक न पहुंचें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई प्रभावी रूप से जारी रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने सीएम जनदर्शन, सीएम हेल्पलाईन, पीजी पोर्टल एवं कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री जीआर मरकाम सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।




























.jpg)