- Home
- देश
-
चंडीगढ़. पंजाब के तरनतारन में एक शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें दूल्हा और कई मेहमान दुल्हन पर 'करोड़ों रुपये' के नोटों की बारिश करते दिख रहे हैं और 'डांस फ्लोर' पर ढेर सारे नोट नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को लेकर लोगों ने इस रकम के 10 करोड़ रुपये होने समेत कई तरह के दावे किए हैं। हालांकि, कार्यक्रम में मौजूद डीजे संचालक सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी रही इन अटकलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाने की बात कहते हुए सिरे से खारिज कर दिया। यह विवाह कार्यक्रम पट्टी इलाके में 14 फरवरी को संपन्न हुआ। इससे संबंधित वीडियो में दूल्हा एक बैग से नोटों की गड्डियां निकालकर हवा में उछालता नजर आ रहा है। उसके साथ कई मेहमान भी इसमें शामिल हो जाते हैं, जिससे देखते ही देखते पूरा 'डांस फ्लोर' नोटों से भर जाता है। डीजे संचालक सिंह ने दुल्हन पर करोड़ों रुपये के नोटों की बारिश के दावों को फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "कुछ लोग अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर आठ करोड़, 10 करोड़ या 10 लाख रुपये उड़ाने के दावे कर रहे हैं। वे ऐसे दावे इसलिए कर रहे हैं ताकि वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें।" उन्होंने कहा कि इसमें शामिल कुल नकदी वास्तव में 2.5 लाख से तीन लाख रुपये के बीच थी। इनमें से अधिकांश नोट 10 रुपये के थे, हालांकि कुछ डॉलर भी थे।
-
नयी दिल्ली/ भारत की एआई (कृत्रिम मेधा) क्षमता पर बड़ा दांव लगाते हुए गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने बुधवार को भारत, अमेरिका और अन्य स्थानों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए समुद्र के भीतर केबल बिछाने की एक नयी पहल की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने 800 जिलों के दो करोड़ से अधिक लोक सेवकों को क्लाउड अवसंरचना मंच सहायता प्रदान करने के लिए साझेदारी की भी घोषणा की। 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में हिस्सा लेने आए पिचाई ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद एक मीडिया कार्यक्रम में कहा, ''एआई हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा बदलाव है। भारत जैसे देशों के लिए यह पुरानी कमियों को दूर करने और नए अवसर पैदा करने का एक बड़ा मौका है।'' शोध एवं वैज्ञानिक नवोन्मेषण को बढ़ावा देने के लिए गूगल ने तीन करोड़ डॉलर के 'एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज' की घोषणा की। यह पहल अगली पीढ़ी की वैज्ञानिक खोजों में लगे एआई शोधकर्ताओं का समर्थन करेगी। पिचाई ने विशाखापत्तनम में हाल ही में घोषित 15 अरब डॉलर के एआई केंद्र का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें 'गीगावाट-स्केल कंप्यूट' सुविधा और एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री केबल केंद्र होगा। जब यह बनकर तैयार होगा, तो यह पूरे भारत के व्यवसायों और लोगों तक उन्नत एआई के लाभ पहुंचाएगा और बड़ी संख्या में रोजगार पैदा करेगा। गूगल प्रमुख ने 'इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव' का अनावरण किया। यह अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध के विभिन्न स्थानों के बीच एआई संपर्क बढ़ाने के लिए बिछाई जाने वाली समुद्री केबल मार्गों की एक श्रृंखला है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता और मजबूत डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा इसे नवाचार के लिए एक शक्तिशाली आधार बनाता है। गूगल ने 800 जिलों के दो करोड़ से अधिक लोक सेवकों की सहायता के लिए 'कर्मयोगी भारत' के साथ एक बड़ी साझेदारी की घोषणा की है। गूगल क्लाउड इसके लिए 18 भारतीय भाषाओं में सुरक्षित बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा। इसके अलावा, 'अटल टिंकरिंग लैब्स' के साथ मिलकर 10,000 स्कूलों के 1.1 करोड़ विद्यार्थियों को 'जनरेटिव एआई', रोबोटिक्स और कोडिंग की शिक्षा दी जाएगी। विद्यार्थियों और शुरुआती करियर वाले पेशेवरों के लिए हिंदी और अंग्रेजी में 'गूगल एआई पेशेवर प्रमाणपत्र कार्यक्रम' शुरू किया गया है। साथ ही, गूगल डीपमाइंड और भारत सरकार के बीच 'राष्ट्रीय साझेदारी कार्यक्रम' के तहत समझौता हुआ है, जिससे उन्नत एआई क्षमताओं तक पहुंच और व्यापक होगी। पिचाई ने 'एक्स' पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अपनी तस्वीरों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य, कृषि और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में एआई को हर स्तर पर लागू करने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने भी भारतीय विद्यार्थियों और पेशेवरों के साथ गूगल के सहयोग की सराहना की। पिचाई ने कहा कि भारत में 'जेमिनी' ऐप का तेजी से विस्तार हो रहा है और यह यहां 10 भाषाओं में उपलब्ध है। उन्होंने जोर दिया कि एआई को पारदर्शी, जिम्मेदार और स्थानीय संदर्भों के अनुरूप होना चाहिए ताकि लोग प्रौद्योगिकी पर भरोसा कर सकें।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां भारत मंडपम में जारी 'एआई इम्पैक्ट समिट' में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा सहित विश्व के नेताओं का स्वागत किया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे का स्वागत ढोल, नादस्वरम और तानपुरा सहित पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन से किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने गर्मजोशी से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, क्रोएशियाई प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्लई, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो उन नेताओं में शामिल थे, जिनका मोदी ने भव्य रूप से सजाये गए भारत मंडपम में स्वागत किया। यूनान के प्रधानमंत्री क्यारियाकोस मित्सोटाकिस और गुयाना के उपराष्ट्रपति भरत जगदेव भी उन नेताओं में शामिल थे, जिनका प्रधानमंत्री ने स्वागत किया। इस शिखर सम्मेलन में दुनियाभर के 500 से अधिक एआई दिग्गज, करीब 100 सीईओ एवं संस्थापक, 150 शिक्षाविद एवं शोधकर्ता और 400 मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ), उपाध्यक्ष तथा धर्मार्थ कार्य करने वाले व्यक्ति शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भी भाग लेंगे जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष एवं शासन-प्रमुख तथा करीब 60 मंत्री एवं उप मंत्री शामिल हैं।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे और इस दौरान दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने तथा उन्हें नए और उभरते क्षेत्रों तक विस्तारित करने पर केंद्रित रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों क्षेत्रीय एवं वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। आधिकारिक बयान में कहा गया, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 फरवरी को मुंबई जाएंगे, जहां वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे।'' इसमें कहा गया कि इस दौरान दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह भारत द्वारा आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' में भाग लेंगे और मुंबई में प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे। यह उनकी भारत की चौथी और मुंबई की पहली यात्रा होगी।
कार्यक्रम के अनुसार, 17 फरवरी को अपराह्न लगभग सवा तीन बजे दोनों नेता मुंबई स्थित लोक भवन में द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके बाद शाम लगभग सवा पांच बजे वे 'भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026' का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं तथा नवाचारकर्ताओं को संबोधित करेंगे। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत कृत्रिम मेधा (एआई) से आ रहे बदलाव के क्षेत्र में अग्रणी है और एआई क्षेत्र में उसकी प्रगति महत्वाकांक्षा एवं दायित्व दोनों को दर्शाती है। मोदी की यह टिप्पणी उस दिन आई है जब वह यहां भारत मंडपम में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो' 2026 का उद्घाटन करने वाले हैं। 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो' 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के साथ किया जाएगा। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, '' एआई पर चर्चा करने के लिए दुनिया को एक साथ ला रहे हैं! आज से, भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी कर रहा है। मैं इस शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के नेताओं, उद्योगपतियों, नवोन्मेषकों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी प्रेमियों का हार्दिक स्वागत करता हूं।'' उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन का विषय ''सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय'' है, जो मानव-केंद्रित प्रगति के लिए कृत्रिम मेधा का उपयोग करने की ''हमारी साझा प्रतिबद्धता'' को दर्शाता है। मोदी ने कहा कि आज एआई स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित कई क्षेत्रों में बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा कि 'एआई इम्पैक्ट समिट' एआई के विविध पहलुओं जैसे नवाचार, सहयोग, जिम्मेदार उपयोग आदि पर वैश्विक चर्चा को समृद्ध करेगा। मोदी ने कहा, ''मुझे विश्वास है कि शिखर सम्मेलन के परिणाम एक प्रगतिशील, नवोन्मेषी और अवसर-उन्मुख भविष्य को आकार देने में सहायक होंगे।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''भारत की 1.4 अरब जनता की बदौलत हमारा देश एआई से आए परिवर्तन में अग्रणी स्थान पर है। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना से लेकर जीवंत स्टार्टअप तंत्र और अत्याधुनिक अनुसंधान तक, एआई में हमारी प्रगति महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाती है।" इससे पहले रविवार को मोदी ने भारत को डिजिटल बुनियादी ढांचे और कृत्रिम मेधा के वैश्विक केंद्र के रूप में पेश किया और कहा कि भारत दुनिया के डेटा को संभालने एवं प्रौद्योगिकी क्रांति की अगली लहर का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
-
जयपुर. राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी शहर में सोमवार को एक रसायन कारखाने में आग लगने से सात श्रमिक जिंदा जल गए और अब भी दो कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना भिवाड़ी के खुशखेड़ा करौली औद्योगिक क्षेत्र की है।
पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण ने हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि मरने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अतिरिक्त जिलाधिकारी सुमिता मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम ने नियमित गश्त के दौरान कारखाने में आग लगी देखी जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। उन्होंने कहा, ''कारखाने में नौ लोग फंसे हुए थे। अब तक सात शव निकाले जा चुके हैं। -
अमरावती. माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स सोमवार को यहां राज्य सचिवालय पहुंचे, जहां आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उनका स्वागत किया। आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। विज्ञप्ति के अनुसार बाद में मुख्यमंत्री ने अपनी मंत्रिपरिषद के सदस्यों से उनका परिचय कराया। इसके बाद गेट्स ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की। नायडू ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, "आपका फिर से स्वागत है, बिल गेट्स! आंध्र प्रदेश आपका स्वागत करता है।" इससे पहले गेट्स का गन्नावरम हवाई अड्डे पर लोकेश और उनके वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगियों ने स्वागत किया था। लोकेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "अमरावती में आपका स्वागत है, बिल गेट्स। आज गन्नावरम हवाई अड्डे पर गेट्स फाउंडेशन के प्रमुख का स्वागत करना खुशी की बात है।" गेट्स आंध्र प्रदेश के मंत्रियों के साथ स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और प्रौद्योगिकी आधारित सरकारी योजनाओं में सहयोग मजबूत करने पर चर्चा के लिए सचिवालय पहुंचे। लोकेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश जनकल्याण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले समाधान तैयार करने हेतु फाउंडेशन के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक है। मुख्यमंत्री ने गेट्स से राज्यभर में जारी स्वास्थ्य पहलों को विस्तार देने का अनुरोध किया है और चर्चा में कृत्रिम मेधा (एआई) पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। गेट्स फाउंडेशन चित्तूर जिले के कुप्पम में स्वास्थ्य संबंधी परियोजनाओं पर पहले से ही काम कर रहा है और माना जा रहा है कि इन पहलों को राज्य भर में विस्तार देने पर विचार किया जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, बाद में गेट्स 'रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम' (आरटीजीएस) का अवलोकन करेंगे, जहां वे शासन में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को देखेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री नायडू इस प्रणाली के काम करने का तरीका और परिणाम के बारे में उन्हें बताएंगे। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ''स्वर्ण आंध्र 2047'' दृष्टिकोण और चिकित्सा प्रौद्योगिकी, निदान सेवाओं और स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटलीकरण कार्यक्रम संजीवनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सुधारों पर भी प्रस्तुति देंगे। सचिवालय में इन कार्यक्रमों के बाद, गेट्स और उनकी टीम अमरावती के उंडावल्ली गांव में स्थित एक कृषि केंद्र जाएगी, जहां वे ड्रोन और एआई के उपयोग का अवलोकन करेंगे। मंत्री पी नारायण ने कहा कि गेट्स इससे पहले अविभाजित आंध्र प्रदेश का दो बार दौरा कर चुके हैं। उनके अनुसार, गेट्स का वर्तमान दौरा मुख्यमंत्री नायडू द्वारा राज्य सरकार के साथ सहयोग को और मजबूत करने के लिए दिए गए आमंत्रण के बाद हो रहा है।
-
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को कहा कि भारत कृत्रिम मेधा (एआई) के ''महाकुंभ'' की मेजबानी कर रहा है, जहां पांच दिवसीय एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया भर के नेता, नवोन्मेषी उद्यम, नवप्रवर्तक और शोधकर्ता एकत्र हुए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन के नतीजों पर न केवल भारत की बल्कि पूरी दुनिया की नजर है। उन्होंने कहा, '' दुनिया यहां एकजुट हो रही है और यह वास्तव में ऐतिहासिक है। यह भारत की प्रगति यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि एवं गौरव का क्षण है कि हम इतनी व्यापक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के साथ इस 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' की मेजबानी कर रहे हैं जिसमें राष्ट्राध्यक्षों से लेकर प्रौद्योगिकी जगत के दिग्गज तक शामिल हो रहे हैं। '' मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन के लिए नवोन्मेषी उद्यम, नवप्रवर्तक और शोधकर्ता भी यहां पहुंचे हैं।
प्रसाद ने कहा, '' इसलिए मैं कह सकता हूं कि यह वास्तव में प्रयागराज के कुंभ जैसा है। यह एआई का महाकुंभ है जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है।'' यह सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित किया जा रहा है। इसमें कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं जिनमें मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, विदेशी प्रतिनिधि तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सदस्य शामिल हैं। यह सम्मेलन ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में हुए पिछले आयोजनों के बाद चौथा एआई शिखर सम्मेलन है।
वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गज सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन के साथ-साथ ब्राजील व फ्रांस सहित लगभग 20 देशों के नेता भी शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले लगभग 100 देशों के प्रतिभागियों में शामिल हैं। गौरतलब है कि 'महाकुंभ' दुनिया का सबसे बड़ा एवं पवित्र हिंदू तीर्थ आयोजन माना जाता है। यह हर 12 वर्ष में प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में आयोजित किया जाता है और इसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पिछला महाकुंभ वर्ष 2025 में आयोजित किया गया था। -
नयी दिल्ली. भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बक्र अहमद ने सोमवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और दोनों ने कई मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी ''भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बक्र अहमद साहब के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''सामाजिक सद्भाव, भाईचारा बढ़ाने और शिक्षा में सुधार लाने के उनके प्रयास सराहनीय हैं।'' प्रधानमंत्री ने मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं।
शेख अबू बक्र अहमद भारत के 10वें और वर्तमान ग्रैंड मुफ्ती हैं, जिन्हें फरवरी 2019 में नियुक्त किया गया था। केरल के एक प्रमुख सुन्नी विद्वान के रूप में, वह अखिल भारतीय सुन्नी जमीयतुल उलमा का नेतृत्व करते हैं। -
नयी दिल्ली. इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मुख्य 2026 में 12 अभ्यर्थियों ने 'परफेक्ट 100' अंक प्राप्त किए हैं, जिनमें से अधिकांश राजस्थान से हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने सोमवार को यह घोषणा की। इस महत्वपूर्ण परीक्षा के पहले संस्करण में 13.04 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे।
सूत्रों के अनुसार, छात्रों और अन्य हितधारकों द्वारा विसंगतियों को उजागर किए जाने के बाद अंतिम उत्तर कुंजी से कम से कम नौ प्रश्न हटा दिए गए। एक सूत्र ने बताया, "कई पालियों में हटाए गए नौ प्रश्नों के लिए, उस विशेष पाली में उपस्थित होने वाले सभी उम्मीदवारों को पूरे अंक दिए जाएंगे।" पिछले साल ऐसे सवालों की संख्या छह थी।
जिन प्रतिभागियों ने एनटीए में 'परफेक्ट 100' अंक प्राप्त किए हैं, उनमें से तीन राजस्थान से, दो आंध्र प्रदेश से और एक-एक दिल्ली, बिहार, ओडिशा, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना से हैं। ये सभी 12 अभ्यर्थी लड़के हैं और इनमें से 11 सामान्य श्रेणी से हैं।
शीर्ष अभ्यर्थियों में - राजस्थान से कबीर छिल्लर, चिरंजीव कर और अर्नव गौतम, आंध्र प्रदेश से नरेंद्रबाबू गारी माहिथ और पासाला मोहित, श्रेयस मिश्रा (दिल्ली), शुभम कुमार (बिहार), भावेश पात्रा (ओडिशा), अनय जैन (हरियाणा), माधव विराडिया (महाराष्ट्र), पुरोहित निमय (गुजरात) और विवान शरद माहिश्वरी (तेलंगाना) शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, एनटीए स्कोर प्राप्त अंकों के प्रतिशत के समान नहीं है, बल्कि यह मानकीकृत स्कोर है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "एनटीए स्कोर ऐसे सामान्यीकृत अंक हैं, जो कई पालियों में आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्रों में समान रूप से मापने के लिए तैयार किए जाते हैं। ये अंक उस पाली में परीक्षा देने वाले सभी उम्मीदवारों के सापेक्ष प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं। प्रत्येक पाली में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंक 0 से 100 तक के पैमाने में परिवर्तित किए जाते हैं। एनटीए अंक प्राप्त अंकों के प्रतिशत के समान नहीं होते।" एनटीए के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा के सुचारू संचालन की निगरानी और सुविधा प्रदान करने के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष खोलने समेत कई उपाय किये गए थे। -
नई दिल्ली। ‘ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सोमवार को ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की 25 लाख लाभार्थी महिलाओं के खाते में एक क्लिक से 10 हजार रुपये भेजे। मुख्यमंत्री ने 10 हजार रुपये प्रति महिला को 2,500 करोड़ रुपये की राशि का रिमोट का बटन दबाकर हस्तांतरण किया।
इसके पूर्व 1.56 करोड़ लाभार्थी महिलाओं के खाते में 15,600 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है। अब कुल मिलाकर 1.81 करोड़ महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस से बड़ी संख्या में जुड़ीं सभी महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना में दी गई सहायता से काफी संख्या में महिलाओं ने अपनी पसंद का रोजगार शुरू किया है। जो महिलाएं अपना रोजगार अच्छे से करेंगी, उन्हें आगे दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।उन्होंने कहा कि अब इसके बाद जो परिवार बचे हैं, उन्हें भी जल्द ही सहायता राशि दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने शुरू से ही महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया है। पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या बहुत कम थी, लेकिन अब संख्या काफी बढ़ गई है।बता दें कि अगले पांच वर्षों में विकास की गति को और तेज करने के लिए ‘सात निश्चय-3’ का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत पहले निश्चय ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ के तहत राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। नीतीश कुमार ने इस दौरान कई लाभार्थी महिलाओं से वार्ता भी की। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार सहित कई अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी, लाभार्थी भी जुड़े हुए थे। -
नई दिल्ली। भारतीय वाणिज्य एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने पांच दिवसीय ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ‘महाकुंभ’ बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का बड़ा स्तर और भारी भागीदारी भारत की डिजिटल यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक पल है।
फ्रॉम एआई यूजर टू क्रिएटर’ सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने नवाचारकों और उद्यमियों से अपील की कि वे एआई को अपनाएं और इसके जरिए नए समाधान तैयार करें, जो भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाएं।मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब एआई का सिर्फ उपयोग करने वाला देश नहीं, बल्कि एआई बनाने वाला देश बन रहा है। उनके अनुसार तकनीक और व्यापार देश की आर्थिक प्रगति के दो मुख्य इंजन बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो सरकारें तेजी से बदलती तकनीक के साथ खुद को नहीं ढालेंगी, वे वैश्विक दौड़ में पीछे रह जाएंगी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की ‘टैलेंट कैपिटल’ है, लेकिन भविष्य की तकनीकों को अपनाते रहना जरूरी है। मंत्री ने कहा कि एआई केवल पढ़ाई का विषय नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे युवाओं के कौशल विकास का साधन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि एआई का उपयोग अलग-अलग क्षेत्रों और राज्यों की जरूरतों के अनुसार किया जाए, न कि चर्चा केवल बड़े भाषा मॉडल तक सीमित रहे।उनके अनुसार ग्लोबल साउथ के देश अब सैद्धांतिक बहस नहीं, बल्कि ऐसे एआई समाधान चाहते हैं जो लोगों के जीवन पर सीधा असर डालें और कारोबार करने तथा जीवन जीने को आसान बनाएं। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीक समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए। डेटा को एआई इकोसिस्टम का ‘ईंधन’ बताते हुए उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाला डेटा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि तकनीक वास्तव में लोगों के जीवन में बदलाव ला सके। ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ में 2.5 लाख से अधिक लोगों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई क्षेत्र में नई साझेदारियां और व्यापार के अवसर पैदा करना है। ( -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की उच्चस्तरीय मंथन बैठक मंगलवार को आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य सहकारी समितियों को केवल संस्थागत ढांचे तक सीमित न रखकर उन्हें सदस्य-केंद्रित, आय-वर्धक और आत्मनिर्भर आर्थिक इकाइयों में रूपांतरित करना है।
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, बैठक में 2 लाख नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना की प्रगति पर चर्चा होगी, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सके। मंथन बैठक में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के अंतर्गत देशभर में आधुनिक गोदामों के नेटवर्क के विस्तार पर विचार किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर भंडारण, मूल्य स्थिरता और बाज़ार तक सुगम पहुंच सुनिश्चित हो सके।इस बैठक में राष्ट्रीय स्तर की नई सहकारी संस्थाओं—नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (NCEL), नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक लिमिटेड (NCOL) तथा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) में राज्यों की सक्रिय भागीदारी, भूमिका और अपेक्षाओं पर भी विमर्श होगा, जिससे निर्यात, जैविक खेती और गुणवत्तापूर्ण बीज आपूर्ति के क्षेत्र में सहकारिता को नई पहचान मिल सके।इसके साथ ही, राज्यों के सहकारिता कानूनों में समयानुकूल सुधार, 97वें संविधान संशोधन के अनुरूप मॉडल अधिनियम को अपनाने, सहकारी गन्ना मिलों की आर्थिक व्यवहार्यता बढ़ाने, डेयरी क्षेत्र में सर्कुलरिटी एवं सस्टेनेबिलिटी को प्रोत्साहन देने, तथा अमूल और एनडीडीबी के सहयोग से नई डेयरी सहकारी समितियों के गठन जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।दलहन एवं मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने, सहकारी बैंकों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान, साझा सेवा इकाई (SSE) एवं अंब्रेला संरचना को सुदृढ़ करने, सदस्यता विस्तार एवं जागरूकता अभियान को मजबूत बनाने, और प्रभावी मीडिया-संचार रणनीति विकसित करने जैसे मुद्दे भी विचार-विमर्श का हिस्सा रहेंगे। इसके अतिरिक्त, PACS एवं RCS कार्यालयों के कंप्यूटरीकरण, राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस के उपयोग, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर भी राज्यों से अपेक्षाओं पर चर्चा होगी। -
मथुरा (उप्र) . उत्तर प्रदेश मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने रविवार को बताया कि मथुरा जिले में विश्व विख्यात लठामार होली के अवसर पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए कस्बे के मेला परिसर को सात जोन व 18 सेक्टरों में बांटा गया है। मथुरा में होली की इस अनूठी परंपरा को विभिन्न नामों से जाना जाता है। इसे बरसाना में 'लठामार होली', गोकुल में 'छड़ीमार होली' और बलदेव में 'हुरंगा' के नाम से जाना जाता है, जिसमें महिलाएं खेल-खेल में पुरुषों को लाठियों या 'छड़ी' से पीटती हैं, जो भगवान कृष्ण के बचपन में गोपियों के साथ की गई शरारतों का पुनर्मंचन है। गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री चौधरी ने 'रंगोत्सव-2026' की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के बाद बताया कि 24 फरवरी को बरसाना के लाडिलीजी मंदिर में फाग आमंत्रण एवं लडडू होली, 25 फरवरी को लठामार होली, 26 फरवरी को नन्दगांव व रावल में लठामार होली, 27 फरवरी को श्रीकृष्णजन्म स्थान मंदिर एवं वृन्दावन के बांकेबिहारी मन्दिर में रंगों की होली तथा द्वारिकाधीश मंदिर में कुंज की होली और एक मार्च को गोकुल में छड़ीमार होली का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर मथुरा में चतुर्वेदी समाज का डोला निकलेगा तथा होलिका दहन किया जाएगा और चार मार्च को जनपद भर में धूलेंडी का पर्व मनाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इसके बाद पांच मार्च को बलदेव व जाब गांव में हुरंगा व मुखराई एवं नन्दगांव में चरकुला व हुरंगा का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार, छह मार्च को बठैन व गिडोह में हुरंगा, नौ मार्च को महावन में छड़ीमार होली तथा 12 मार्च को वृन्दावन के रंगजी मन्दिर में होली का आयोजन होगा। बरसाना में आयोजित विश्व प्रसिद्ध लडडू होली तथा लठामार होली की तैयारियों के सम्बन्ध में मंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजनों से सम्बन्धित मंचों, साज-सज्जा, प्रवेश द्वार, सेल्फी प्वाइंट आदि का निर्माण एवं सीधे प्रसारण आदि की व्यवस्था पर्यटन विभाग एवं ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि रंगोत्सव 2026 के अन्तर्गत जनपद के विभिन्न स्थानों पर कुल दो दर्जन प्रवेश द्वारों की स्थापना की जाएगी। एक दर्जन प्रमुख स्थलों पर सेल्फी प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। इसी के साथ सभी प्रमुख स्थलों व सार्वजनिक इमारतों, प्रमुख चौराहों आदि को लाइटिंग से सुसज्जित किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि बरसाना में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कस्बे को सात जोन व 18 सेक्टर में विभाजित कर 56 पार्किंग स्थल तथा 94 अवरोधक बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 13 स्थलों पर स्वास्थ्य केंद्र तथा पांच दो पहिया एम्बुलेंस लगाई जाएंगी। बरसाना में पांच वॉचटावर तथा पांच स्थानों पर अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कुमार ने बताया कि पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन एवं सार्वजनिक घोषणा प्रणाली को सुचारू रखते हुए निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर अवरोधक व बैरिकेडिंग के साथ-साथ खोया पाया केंद्र एवं नियंत्रण कक्ष बनाए जा रहे हैं।
-
गोरखपुर (उप्र) . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारत को सद्भावना और सामाजिक सामंजस्य का वैश्विक केंद्र बताते हुए रविवार को जोर देकर कहा कि देश की सभ्यतागत विचारधारा लेन-देन वाले संबंधों के बजाय एकता और आपसी जुड़ाव की भावना पर आधारित है। आरएसएस के मीडिया प्रकोष्ठ ने यह जानकारी दी। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में तारामंडल स्थित बाबा गंभीरनाथ सभागार में आयोजित 'सामाजिक सद्भाव' सम्मेलन को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि समाज की पहचान परस्पर जुड़ाव से होती है, न कि स्वार्थ से। उन्होंने कहा, "कई देशों में रिश्तों को लेन-देन के रूप में देखा जाता है। हमारे देश में मानवीय रिश्ते अपनेपन की भावना पर आधारित हैं।" भारत की विविधता पर प्रकाश डालते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा, "हम भारत को अपनी माता मानते हैं। वही दिव्य चेतना हम सब में निवास करती है। यही बंधन हमें हमारी भिन्न-भिन्न पहचानों के बावजूद एकजुट रखता है।" उन्होंने कहा कि समाज को कायम रखने के लिए केवल कानून लागू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक सद्भाव भी आवश्यक है। आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि यह उपलब्धि जश्न मनाने का नहीं, बल्कि आत्मनिरीक्षण का विषय है। उन्होंने सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए साल में दो से तीन बार खंड विकास स्तर की बैठकें आयोजित करने का आह्वान किया और समुदायों से जातिगत सरोकारों से परे व्यापक हिंदू समाज के लिए काम करने का आग्रह किया। भागवत ने कहा, "समाज को स्वयं कार्रवाई करनी होगी। संघ सहायता करेगा, लेकिन जिम्मेदारी समाज की है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा स्वार्थहीन भाव से संकट के समय अन्य देशों की सहायता की है।
बैठक के दौरान विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। बाद में भागवत ने उनके साथ सामुदायिक भोज में भाग लिया। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को भारत मंडपम में 'एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026' का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी दी। पीएमओ ने एक बयान जारी कर बताया कि 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026' का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के साथ किया जाएगा। यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जहां नीति व्यवहार से मिलेगी, नवाचार व्यापक स्तर पर लागू होगा और प्रौद्योगिकी आम नागरिक तक पहुंचेगी। बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी 16 फरवरी को शाम पांच बजे भारत मंडपम में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026' का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में आयोजित होगा, जो वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप, शिक्षाविदों और अनुसंधान संस्थानों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक साथ लाएगा। इस एक्सपो में एआई तंत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करने वाले 13 देशों के मंडप भी होंगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका के पवेलियन शामिल हैं। इस एक्सपो में 300 से अधिक चुनिंदा प्रदर्शनी मंडप और लाइव प्रदर्शन होंगे जिन्हें तीन मुख्य विषयों - लोग, ग्रह और उन्नति - के आधार पर तैयार किया गया है। इसके अलावा एक्सपो में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप शामिल होंगे, जिनमें से कई वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक और जनसंख्या-स्तरीय समाधान कर रहे हैं। ये स्टार्टअप ऐसे उपयुक्त समाधानों का प्रदर्शन करेंगे, जो पहले से ही वास्तविक दुनिया में उपयोग में हैं। 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026' में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 25 लाख से अधिक आगंतुकों के भाग लेने की उम्मीद है। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर नयी साझेदारियों को बढ़ावा देना और व्यावसायिक अवसर पैदा करना है। इसमें 500 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें 3,250 से अधिक दूरदर्शी वक्ता और परिचर्चा सदस्य शामिल होंगे। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार करना और यह सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की कार्रवाइयों पर विचार-विमर्श करना होगा कि एआई से प्रत्येक वैश्विक नागरिक को लाभ मिले।
-
नयी दिल्ली/केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोलंबो में खेले गए टी20 विश्व कप के एक मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम की शानदार जीत के लिए बधाई दी। शाह ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''शानदार खेल खेला टीम इंडिया। प्रारूप, स्थान और तारीखें बदल सकती हैं, लेकिन भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले का परिणाम अपरिवर्तित रहता है। पूरी टीम को बधाई।'' भारत ने आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप ए मैच में रविवार को पाकिस्तान को 61 रन से हराकर सुपर आठ चरण के लिए क्वालीफाई किया।
- नयी दिल्ली,। भारत और ब्रिटेन की शिक्षा, संस्कृति और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में ''साझा महत्वाकांक्षाएं और लक्ष्य'' हैं, और दोनों देश समावेशी विकास और युवाओं के लिए अवसरों की दिशा में एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। यह राय नयी दिल्ली स्थित ब्रिटिश काउंसिल की प्रमुख एलिसन बैरेट ने व्यक्त की है। ब्रिटिश काउंसिल की भारत में प्रमुख बैरेट ने यहां आयोजित किये जा रहे 'एआई इम्पैक्ट समिट-2026' से पहले एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि पिछले तीन वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी में वास्तव में 'बहुत मजबूती' आई है। उन्होंने विस्तार से बताए बिना कहा, ''हम ब्रिटेन के सांस्कृतिक संबंध संगठन हैं, और आगामी एआई शिखर सम्मेलन में एक पैवेलियन स्थापित करने की योजना बनाई गई है। हम इसके शैक्षिक और सांस्कृतिक घटकों का संचालन करेंगे।'' प्रौद्योगिकी, एआई और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में काम करने वाले विभिन्न संगठनों के प्रमुख और कई वैश्विक नेता 16 से 20 फरवरी तक होने वाले 'इंडिया एआई इम्पैक्ट-2026' में हिस्सा लेंगे। बैरेट ने हाल में कहा था कि इस वर्ष ब्रिटेन के आठ विश्वविद्यालय भारत में अपने परिसर खोलेंगे।उन्होंने कहा, ''साउथम्पटन विश्वविद्यालय ने गुरुग्राम में पहले ही अपना परिसर खोल दिया है (जुलाई 2025 में), और यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशानिर्देशों के तहत परिसर खोलने की मंजूरी प्राप्त करने वाला पहला विश्वविद्यालय है। ब्रिटेन के अन्य आठ विश्वविद्यालयों को भी मंजूरी पत्र प्राप्त हो चुका है।'' बैरेट ने बताया, ''गुजरात के 'गिफ्ट सिटी' में ब्रिटेन के तीन विश्वविद्यालय खुल रहे हैं, कर्नाटक के बेंगलुरु में लिवरपूल विश्वविद्यालय और लैंकेस्टर विश्वविद्यालय के परिसर खुल रहे हैं जबकि मुंबई में यॉर्क विश्वविद्यालय, एबरडीन विश्वविद्यालय और ब्रिस्टल विश्वविद्यालय अपने परिसर खोलने जा रहे हैं।'' ब्रिटिश काउंसिल के मुताबिक, एबरडीन विश्वविद्यालय और ब्रिस्टल विश्वविद्यालय 2026 की गर्मियों तक आधिकारिक तौर पर अपने परिसरों को खोल सकते हैं। ब्रिटिश काउंसिल भारत में 1948 से मौजूद है और दिल्ली की मौजूदा इमारत में यह 1992 से है। इस इमारत को प्रसिद्ध भारतीय वास्तुकार चार्ल्स कोरिया ने डिजाइन किया था। इसके अग्रभाग पर प्रतिष्ठित 'बरगद के पेड़' की कलाकृति ब्रिटिश कलाकार हॉवर्ड होडकिन द्वारा बनाई गई थी। बैरेट ने शिक्षा और संस्कृति को दो बेहद 'महत्वपूर्ण क्षेत्र' और द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि इन दोनों क्षेत्रों को ''पिछले तीन वर्षों में कई अलग-अलग तरीकों से वास्तविक बढ़ावा मिला है,'' लेकिन वास्तव में यह बढ़ावा इस तथ्य से और गहरा हुआ है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने अधिक ब्रिटिश संस्थानों को भारत के साथ सहयोग और साझेदारी करने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि भारत-ब्रिटेन दृष्टिपत्र-2035 ने शिक्षा को 'कहीं अधिक महत्व' देने में सक्षम बनाया है, क्योंकि यह दृष्टिकोण के पांच प्रमुख स्तंभों में से एक है, इसलिए यह विभिन्न प्राथमिकताओं की एक शृंखला निर्धारित करता है ''जो हमें शिक्षा साझेदारी को कहीं अधिक महत्वाकांक्षी बनाने और संबंधों में कहीं अधिक अग्रणी साझेदारी के साथ बढ़ाने'' में सक्षम बनाता है। भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों ने जुलाई 2025 में लंदन में हुई अपनी बैठक के दौरान 'भारत-ब्रिटेन दृष्टिपत्र 2035' का समर्थन किया था, जिसमें साझेदारी की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई थी।
-
नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि ब्रह्मपुत्र के नीचे नुमालीगढ़ टनल दुनिया की दूसरी अंडरवाटर टनल होगी, जो रेल आवागमन को आसान बनाने में सक्षम होगी। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी और रणनीतिक लॉजिस्टिक्स के लिए गेम-चेंजर बताया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि गोहपुर-नुमालीगढ़ टनल, जिसकी अनुमानित लागत 18,622 करोड़ रुपए है, ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनाई जाएगी और इसे सड़क व रेल दोनों तरह के ट्रैफिक के लिए डिजाइन किया जाएगा। प्रोजेक्ट पूरा हो जाने पर, इससे उत्तरी और ऊपरी असम के बीच यात्रा का समय बहुत कम हो जाएगा, साथ ही पूरे इलाके में रक्षा और माल ढुलाई भी मजबूत होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल परिचालन को सपोर्ट करने की टनल की क्षमता इसे दुनिया भर में ऐसे बहुत छोटे प्रोजेक्ट्स के ग्रुप में शामिल करती है, जो इसकी तकनीकी और रणनीतिक महत्व को दिखाता है। उन्होंने आगे कहा कि यह टनल बाढ़ के दौरान भी साल भर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी व आपातकाल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी मूवमेंट में अहम भूमिका निभाएगी।दूसरे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बारे में बताते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि कामाख्या में एक रोपवे प्रोजेक्ट बनाया जाएगा, जो कामाख्या स्टेशन से शुरू होगा, ताकि भीड़ कम हो सके और पवित्र मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए पहुंच आसान हो सके। इस प्रोजेक्ट से गुवाहाटी में धार्मिक पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि गुवाहाटी एयरपोर्ट को जालुकबारी से जोड़ने वाली एक रिंग रोड की योजना बनाई गई है, जिसकी अनुमानित लागत 1,500 करोड़ रुपए है। इस सड़क से शहर के अंदर ट्रैफिक कम होगा और एयरपोर्ट तक पहुंच तेज व आसान होगी।हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे बैहाटा चरियाली से तेजपुर तक चार लेन का हाईवे बनाने की घोषणा की, जिसमें लगभग 14,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा, जिससे मिडिल असम में एक महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारे के साथ कनेक्टिविटी मजबूत होगी।सीएम हिमंत ने जानकारी दी कि डिब्रूगढ़ मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के लिए 600 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं, ताकि सुविधाओं को अपग्रेड किया जा सके और एडवांस्ड इलाज सेवाओं को बढ़ाया जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स का स्केल केंद्र के मजबूत समर्थन के साथ असम के तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित विकास को दिखाता है, जिससे राज्य पूर्वोत्तर के लिए एक अहम कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स हब बन गया है। -
नई दिल्ली। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संवाद होने जा रहा है। सैन्य तकनीक व रक्षा क्षेत्र की तैयारियों के लिहाज से यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण संवाद होगा। भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस संवाद में शामिल होंगे। वहीं फ्रांस की रक्षा मंत्री भी इस बैठक में शामिल होंगी।
17 फरवरी को दोनों देशों के रक्षामंत्री इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता करेंगे। वहीं इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की एच 125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे।दरअसल, भारत और फ्रांस के बीच यह 6वां वार्षिक संवाद है। यह संवाद बेंगलुरु में 17 फरवरी को होगा। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की पूरी समीक्षा होगी, खासकर रक्षा उद्योग में साझेदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। रक्षा समझौते को अगले 10 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। साथ ही हैमर मिसाइलों के संयुक्त निर्माण के लिए समझौता होने की संभावना है। सेना में अधिकारियों की आपसी तैनाती को लेकर भी घोषणा हो सकती है।रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारत और फ्रांस के रिश्तों में रक्षा सहयोग हमेशा से अहम रहा है। दोनों देश ‘शक्ति’, ‘वरुणा’ और ‘गरुड़’ जैसे संयुक्त सैन्य अभ्यास भी नियमित रूप से करते हैं। अक्टूबर 2025 में पद संभालने के बाद फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वाउटरिन की यह पहली भारत यात्रा होगी।दरअसल, भारत और फ्रांस के संबंधों में रक्षा सहयोग एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। हाल के वर्षों में उच्चस्तरीय आदान-प्रदान से दोनों देशों के रणनीतिक संबंध और मजबूत हुए हैं। जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के बास्तील दिवस समारोह में मुख्य अतिथि रहे, जबकि 2024 के गणतंत्र दिवस परेड में फ्रांसीसी राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही रक्षा मंत्रालय की एक अहम बैठक में मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट राफेल की खरीद को मंजूरी दे दी गई है। भारतीय वायुसेना के लिए नए राफेल लड़ाकू विमान का यह सौदा फ्रांस के साथ होना है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) की यह बेहद महत्वपूर्ण बैठक 12 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। बैठक में वायुसेना के लिए राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट, आधुनिक कॉम्बैट मिसाइलों व हाई एल्टीट्यूड प्स्यूडो सैटेलाइट खरीदने को मंजूरी दी गई है।गौरतलब है कि बीते वर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान राफेल की मदद से पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। दरअसल, राफेल जैसे लड़ाकू विमान वायुसेना को दुश्मन पर लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की ताकत देंगे। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अच्छी बात यह है कि ज्यादातर विमान भारत में ही बनाए जाएंगे, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय वायुसेना पहले से ही राफेल विमानों को अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है। फिलहाल इन विमानों की दो स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना का हिस्सा हैं।( -
नई दिल्ली। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘परम-2’ नाम का 17 अरब पैरामीटर वाला बहुभाषी एआई मॉडल लॉन्च किया जाएगा।
के तहत विकसित ‘परम-2’ भारत के अपने स्वयं के संप्रभु मूलभूत एआई मॉडल बनाने के प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें खास तौर पर भारत की भाषाओं, प्रशासनिक जरूरतों और सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।भारतजेन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा समर्थित भारत की राष्ट्रीय जनरेटिव एआई पहल है। पिछले कुछ वर्षों में इस कार्यक्रम ने मजबूत आधार तैयार किया है, जिससे भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जो बड़े स्तर के एआई मॉडल खुद विकसित करने में सक्षम हैं।‘परम-2’ भारत की सभी 22 अनुसूचित भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिसे ‘भारत डेटा सागर’ के तहत भारत से जुड़े डाटासेट्स पर प्रशिक्षित किया गया है। यह मॉडल ‘मिक्सचर-ऑफ-एक्सपर्ट्स’ आर्किटेक्चर पर आधारित है, जिससे यह जटिल बहुभाषी कार्यों को बेहतर और प्रभावी ढंग से संभालने में सक्षम होता है।भारतजेन के प्रमुख नेताओं में से एक, आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर गणेश रामकृष्णन ने इस लॉन्च को महज एक नए मॉडल की रिलीज से कहीं अधिक बताया। उन्होंने बताया कि यह शोधकर्ताओं, संस्थानों, सरकारी निकायों और उद्योग जगत के साझेदारों के सहयोग का परिणाम है ताकि भारत अपने एआई भविष्य को खुद आकार दे सके।चैटजीपीटी या जेमिनी जैसे वैश्विक उपभोक्ता एआई प्लेटफॉर्म के विपरीत, भारतजेन एक अलग मॉडल अपनाता है।यह किसी एक केंद्रीकृत बिजनेस-टू-कंज्यूमर सेवा के रूप में काम नहीं करता, बल्कि इसके एआई मॉडल को राष्ट्रीय सार्वजनिक डिजिटल संपत्ति (पब्लिक डिजिटल गुड) के रूप में जारी किया जाता है।इससे सरकारी विभाग, बैंक, अस्पताल, अदालतें और शैक्षणिक संस्थान इन्हें अपने स्तर पर, यहां तक कि बिना इंटरनेट वाले सुरक्षित वातावरण में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका उद्देश्य पारदर्शिता, भरोसा और डेटा संप्रभुता सुनिश्चित करना है। भारतजेन की नींव विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स पर आधारित है। इस मिशन के तहत शुरुआत में 235 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई थी। अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडियाएआई मिशन के समर्थन से इसे और आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय एआई रणनीति के तहत 900 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात के गांधीनगर में देश का फर्स्ट सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी)-बेस्ड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) लॉन्च करते हुए कहा कि दुनिया के कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में आधे से ज्यादा हिस्सा भारत का है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “डिजिटल इंडिया” शब्द का मैं जब प्रयोग करता हूं और 11 साल पहले मुड़कर देखते हैं तो कल्पना नहीं कर सकते कि 60 करोड़ लोग ऐसे थे, जिनके परिवार में बैंक अकाउंट नहीं था। आज यही 11 साल बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया के आधे डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहे हैं। मतलब दुनिया में 2 डिजिटल ट्रांजेक्शन होते हैं तो एक भारत में होता है। आज वही डिजिटल इंडिया गरीबों को सस्ता अनाज देने के क्षेत्र में पदार्पण कर रहा है।उन्होंने कहा कि जिस तरह से डीबीटी ने देश में 15 लाख करोड़ से ज्यादा घपले-घोटालों को समाप्त कर दिया, उसी तरह से खाद्य आपूर्ति मंत्रालय का यह कदम ट्रांसपेरेंट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम सुनिश्चित करेगा और पीएम मोदी के मंत्र ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ को जमीन पर उतारेगा।गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि 11 साल पहले का समय मुझे याद है। सबसे पहले भ्रष्टाचार की शुरुआत अनाज को तौलने में होती थी। उसके वेट करने वाले स्केल को डिजिटल किया गया। राशन कार्ड फर्जी होते थे, लेकिन अब ई-राशन कार्ड ला दिया गया, फिर ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ आया और अब यह जो सिस्टम शुरू हुआ है, इससे और पारदर्शिता होगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया के माध्यम से ढेर सारी पारदर्शिता गांवों तक पहुंचाई। कांग्रेस की सरकार में 500 गांवों तक ही कनेक्टिविटी पहुंची थी, लेकिन आज 1 लाख 7 हजार गांवों में कनेक्टिविटी पहुंची है। पीएम मोदी के उस उद्गार को, जब उन्होंने 2014 में कहा था कि ‘मेरी सरकार गरीबों की, दलितों की, पिछड़ों की, आदिवासियों की सरकार है और मेरी सरकार में पहला अधिकार इनका है, उस समय हम भावुक होकर देख रहे थे।उन्होंने कहा कि आज वही चीज मुस्कुराकर देखते हैं कि 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो मिल रहा है। 81 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा, यानी पूरे यूरोपियन यूनियन की आबादी से लगभग दो गुना अधिक लोगों को खाद्य सुरक्षा देने का कार्यक्रम है।उन्होंने पिछले एक दशक में किए गए कल्याणकारी कामों का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत चार करोड़ घर बनाए गए हैं, 13 करोड़ घरों में नल के पानी के कनेक्शन दिए गए हैं, लगभग 13 करोड़ घरों में गैस सिलेंडर दिए गए हैं, और 12 करोड़ घरों में टॉयलेट बनाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि 2.91 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन गई हैं, जो सबको साथ लेकर चलने वाले विकास की बड़ी कोशिशों को दिखाता है। -
नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई है।
यह एक्सपो 16 से 20 फरवरी तक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ एक ही स्थान पर आयोजित किया जाएगा। 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरिना में यह आयोजन किया जाएगा, जिसमें दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियां, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थान, शोध संस्थान, केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें और अंतरराष्ट्रीय साझेदार भाग लेंगे।इस आयोजन में 13 देशों के पवेलियन भी होंगे, जो एआई इकोसिस्टम में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाएंगे। इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीकी देश शामिल हैं।एक्सपो में 300 से अधिक विशेष प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन होंगे। यह आयोजन तीन थीम – पीपल, प्लेनेट और प्रोग्रेस – पर आधारित होगा। इसके अलावा 600 से अधिक संभावनाशील स्टार्टअप इसमें भाग लेंगे, जिनमें से कई वैश्विक स्तर और बड़ी आबादी के लिए समाधान विकसित कर रहे हैं। ये स्टार्टअप अपने ऐसे समाधान पेश करेंगे जो पहले से वास्तविक दुनिया में उपयोग में हैं।इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में 2.5 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी होंगे। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई इकोसिस्टम में नए साझेदारी अवसर पैदा करना और व्यापार के नए मौके बनाना है।इस दौरान 500 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 3,250 से ज्यादा विशेषज्ञ वक्ता और पैनल सदस्य भाग लेंगे। इन सत्रों में अलग-अलग क्षेत्रों में एआई के प्रभाव पर चर्चा की जाएगी और यह विचार किया जाएगा कि भविष्य में एआई का लाभ दुनिया के हर नागरिक तक कैसे पहुंचाया जाए। बयान में कहा गया है कि यह एक्सपो एआई के वास्तविक उपयोग का राष्ट्रीय प्रदर्शन होगा, जहां नीति और व्यवहार, नवाचार और विस्तार, तथा तकनीक और आम नागरिक के बीच बेहतर तालमेल दिखेगा। -
नई दिल्ली। देशभर में भगवान शिव की आराधना और उपासना के पावन पर्व महाशिवरात्रि को श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी हैं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। मेरी प्रार्थना है कि महादेव की कृपा हम सभी पर सदा बनी रहे और हमारा देश प्रगति के पथ पर सदैव अग्रसर रहे।”
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “सभी देशवासियों को भक्ति, शक्ति और भगवान भोलेनाथ को समर्पित पावन पर्व महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। काशी से रामेश्वरम् तक, महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व भारत की अखंड और शाश्वत आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। महादेव और माता पार्वती की कृपा से हम सभी को सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो, यही मंगलकामना है।”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मेरी कामना है कि आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उनके आशीर्वाद से सबका कल्याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।”रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना है कि उनकी कृपा से विश्व में शांति और सद्भाव की भावना मजबूत हो। भगवान शिव का आशीर्वाद हमारे देश को एकता, सुरक्षा और निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाता रहे। सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास हो।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “हर हर महादेव! समस्त देशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। देवाधिदेव महादेव सभी के जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करें।”केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी देशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं और भगवान महादेव से देश की खुशहाली व समृद्धि की प्रार्थना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “महाशिवरात्रि की सभी श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। बाबा भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे, हर हृदय में शांति, हर जीवन में शक्ति और हर पथ में मंगल का संचार हो, यही प्रार्थना है।” - बलरामपुर (उप्र). उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में गौरा थाना क्षेत्र में मामा-भांजे को किसी अज्ञात वाहन ने रौंद दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बेलहा-गौरा मार्ग पर शुक्रवार देर रात देवलहा गांव के पास किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से सुनील मणि त्रिपाठी (40) और नितिन कुमार पांडेय (35) की मौके पर मौत हो गई। दोनों रिश्ते में मामा-भांजे थे। उन्होंने बताया कि देवलहा गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम था, जिसमें गोवर्धनदास महाराज उर्फ देवमणि त्रिपाठी धार्मिक पुस्तक ले जाना भूल गए थे, जिसे उनके पुत्र सुनील मणि त्रिपाठी अपने भांजे के साथ देने गए थे। पुस्तक देकर लौट रहे मामा-भांजे किसी वाहन का प्रतीक्षा कर रहे थे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें रौंद दिया जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। थानाध्यक्ष हरीश सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है और अज्ञात वाहन की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। घटना की जानकारी मिलने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय विधायक पलटू राम ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया और सरकार से सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया।


















.jpg)






.jpg)

