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नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसी) ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की है। इस पहल के तहत मुंबई मेट्रो लाइन-3, जिसे एक्वा लाइन के नाम से जाना जाता है, इसमें दो प्रमुख स्टेशनों मरोल नाका और सीएसएमटी मेट्रो स्टेशन का संचालन पूरी तरह से महिला कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।
एमएमआरसी के अनुसार, इन दोनों स्टेशनों पर कुल 85 महिला कर्मचारी विभिन्न शिफ्टों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। ये कर्मचारी स्टेशन कंट्रोल, टिकटिंग, यात्री सहायता, सुरक्षा, मेंटेनेंस सपोर्ट और हाउसकीपिंग जैसे कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कार्यों को संभाल रही हैं। स्टेशन के रोजमर्रा के संचालन से लेकर यात्रियों को सहायता प्रदान करने तक सभी कार्य महिलाओं के हाथों में हैं, जो उनकी दक्षता और पेशेवर क्षमता को दर्शाता है।बता दें कि महिलाएं केवल स्टेशन संचालन ही नहीं, बल्कि ट्रेन संचालन में भी महिलाओं की सक्रिय भूमिका देखने को मिल रही है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में इस समय 27 महिला ट्रेन ऑपरेटर कार्यरत हैं, जो एक्वा लाइन पर मेट्रो ट्रेनों को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनकी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं तकनीकी और जिम्मेदारी भरे क्षेत्रों में भी सफलतापूर्वक अपनी भूमिका निभा सकती हैं।एमएमआरसी में वर्तमान समय में कुल 1,388 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें प्रशासनिक और ऑफिस स्टाफ के अलावा ऑपरेशन, टिकटिंग, हाउसकीपिंग और सुरक्षा सेवाओं में काम करने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में समान अवसर दिए जा रहे हैं।मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य न केवल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को खास बनाना है, बल्कि समाज को यह संदेश देना भी है कि महिलाएं हर क्षेत्र में सक्षम हैं और उन्हें समान अवसर मिलना चाहिए। इस तरह की पहल से जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा मिलेगा और शहरी परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। महिलाओं को सशक्त होना चाहिए।एमएमआरसी की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सरोजनी नगर में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) कॉलोनियों का दौरा किया और महिला लाभार्थियों को टाइप-5 के नए घरों की चाबियां सौंपी। इस अवसर पर पीएम मोदी ने श्रमजीवी महिलाओं के साथ संवाद भी किया।
सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे प्रमुख स्थानों पर जीपीआरए पुनर्विकास परियोजनाएं, कॉलोनियों के आधुनिकीकरण और सरकारी कर्मचारियों तथा प्रशासनिक कार्यालयों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।जीपीआरए प्लान के तहत 15,200 करोड़ रुपए की इन परियोजनाओं का पुनर्विकास एक नवोन्मेषी आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल के माध्यम से किया गया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि पुनर्विकास सरकारी खजाने पर बोझ डाले बिना किया जाए। इस मॉडल के तहत सरकार परियोजना क्षेत्र के एक सीमित हिस्से को वाणिज्यिक और आवासीय स्थान के लिए विकसित और मुद्रीकृत कर रही है, ताकि पूरी परियोजना का वित्तपोषण किया जा सके। इससे प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल आधुनिक सरकारी आवास, संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक सुविधाओं के पुनर्विकास के लिए किया जा रहा है।पुनर्विकास योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए 9,350 से अधिक आधुनिक फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही लगभग 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और मुद्रीकरण की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।रविवार को दिल्ली में पीएम मोदी लगभग 18,300 करोड़ रुपए के दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल है। नई कनेक्टिविटी से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा, मजलिस पार्क समेत दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा।प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के चरण 4 के अंतर्गत लगभग 16.10 किलोमीटर लंबे तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखेंगे। ये तीन नए कॉरिडोर हैं, आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज। ये कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे और नोएडा, दक्षिण दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच यात्रा करने वाले निवासियों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे। -
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वित्तीय सेवाओं तक पहुंच ने महिलाओं को असली आजादी तक पहुंचने में मदद की है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जनधन खाता और “लखपति दीदियों” जैसी सरकारी योजनाएं महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत कर रही हैं और पूरे भारत में घरों और समुदायों को नया आकार दे रही हैं।वहीं, लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को ट्रेनिंग, फाइनेंस और अन्य संसाधनों की मदद दी जाती है। इसका लक्ष्य महिलाओं को इतना सक्षम बनाना है कि वे सालाना एक लाख रुपए या उससे ज्यादा की आय अर्जित कर सकें। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “जब महिलाओं को वित्तीय सहायता मिलती है, तो उन्हें स्वतंत्रता मिलती है। महिलाओं के पास अब 28 करोड़ से अधिक जन धन खाते हैं, जो पूरे भारत में घरों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचा रहे हैं और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत कर रहे हैं।”अपने संदेश में उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति” नए भारत के निर्माण का आधार है और देश के विकास के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है।उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अवसर सृजित करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।गोयल ने आगे कहा कि महिलाएं दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ भारत के परिवर्तन का नेतृत्व कर रही हैं, चाहे वह उद्यमशीलता हो, खेल, रक्षा, विज्ञान या ग्रामीण विकास। इस दिन को मनाते हुए, उन्होंने महिलाओं की शक्ति और आकांक्षाओं का समर्थन करने और एक मजबूत और समृद्ध भारत के भविष्य को आकार देने में उनकी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता का आह्वान किया। -
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हापानिया में इंटरनेशनल ट्रेन एंड फेयर सेंटर में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्यों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने जमीनी स्तर पर विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण में इन समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में महिलाओं की भूमिका में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। देश अब केवल महिला विकास की अवधारणा से आगे बढ़कर महिला नेतृत्व वाले विकास के दौर में प्रवेश कर चुका है।उपराष्ट्रपति राधाकृष्ण ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है, जो देश की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कई लखपति दीदी आगे बढ़कर करोड़पति दीदी बनेंगी, जिससे न केवल उनके परिवार बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं मेला केंद्र में लगाए गए महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का भी दौरा किया। इस दौरान उन्हें त्रिपुरा के विभिन्न जिलों से आए एसएचजी समूहों द्वारा प्रदर्शित स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प के बारे में जानकारी दी गई। उपराष्ट्रपति ने इन उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।इस कार्यक्रम में इंद्रसेन रेड्डी नल्लू, माणिक साहा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इससे पहले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “इंटरनेशनल विमेंस डे पर हम उन महिलाओं की ताकत, हिम्मत और कामयाबियों का जश्न मनाते हैं जो हमारे परिवारों, समाज और हमारे देश की किस्मत को आकार देती रहती हैं। भारत के लंबे और शानदार इतिहास में हमारी पुरानी ज्ञान परंपराओं की रखवाली करने वाली से लेकर हमारे आजादी के आंदोलन के बहादुर नेताओं और मॉडर्न भारत की तरक्की की अगुआ तक, महिलाएं हिम्मत, समझदारी और दया की मिसाल रही हैं। आज, महिलाएं साइंस, एजुकेशन, एंटरप्रेन्योरशिप, गवर्नेंस, डिफेंस, स्पोर्ट्स और स्पेस जैसे हर क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रही हैं, और भारत को एक मज़बूत, सबको साथ लेकर चलने वाला और डेवलप्ड देश बनाने की दिशा में बहुत बड़ा योगदान दे रही हैं। हम एक ऐसा समाज बनाते रहें जहां हर लड़की आज़ादी से सपने देख सके और हर महिला अपनी पूरी काबिलियत को पहचान सके। इंटरनेशनल विमेंस डे पर सभी महिलाओं को दिल से बधाई और शुभकामनाएं।” - हैदराबाद. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के समक्ष शनिवार को 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण प्रक्रिया के तहत, माओवादियों ने एके-47 राइफलों समेत 124 आग्नेयास्त्र और 5,200 से अधिक कारतूस सौंपे, जो हाल के समय में देश में पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) द्वारा आत्मसमर्पण किए गए हथियारों की गुणवत्ता और संख्या के मामले में सबसे अधिक है। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी शिवधर रेड्डी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 130 माओवादियों में से 125 छत्तीसगढ़ के, चार तेलंगाना के और एक आंध्र प्रदेश से है। डीजीपी ने पत्रकारों से कहा, ''अब तेलंगाना राज्य में माओवादियों की कोई कमेटी नहीं है। यह पूरी तरह से समाप्त हो गई है।'' डीजीपी ने कहा कि हथियारों के आत्मसमर्पण से क्षेत्र में भाकपा (माओवादी) की परिचालन और संघर्ष क्षमता काफी कमजोर हो गई है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने प्रतीकात्मक रूप से अपने हथियार मुख्यमंत्री को सौंप दिए।डीजीपी ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) से संबंधित थे, जिसका अब पूरी तरह से अस्तित्व समाप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री रेड्डी ने भूमिगत माओवादियों से मुख्यधारा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि जनवरी 2024 से तेलंगाना में 721 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना को आत्मसमर्पण करने वालों के लिए स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सहायता और आवास प्रदान करने की स्वतंत्रता दी है। उन्होंने कहा, ''मैं भूमिगत हो चुके गणपति और अन्य माओवादियों से आत्मसमर्पण करने का आह्वान करता हूं। सार्वजनिक जीवन की मुख्यधारा में शामिल हों और तेलंगाना के पुनर्निर्माण में भागीदार बनें।
- धार. मध्यप्रदेश के धार जिले में शनिवार को एक बंदर ने नायब तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक उप संभागीय अधिकारी समेत पांच लोगों को काट लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर बदनावर में हुई।अधिकारी ने बताया कि नायब तहसीलदार साहदेव मोरे को रतलाम के एक अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य चार लोगों का इलाज बदनावर के सिविल अस्पताल में किया गया। वन विभाग के डिप्टी रेंजर विक्रम सिंह निनामा ने बताया कि बंदर ने सबसे पहले विजय नामक व्यक्ति पर हमला किया और इसके बाद नायब तहसीलदार एवं पीडब्ल्यूडी के एसडीओ सहित अन्य लोगों को काट लिया। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम ने करीब दो घंटे के अभियान के बाद केले का लालच देकर बंदर को पिंजरे में फंसाकर पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि बंदर को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा।
- सूरत. गुजरात के सूरत शहर में एक मंदिर के स्नानघर के अंदर 18 से 20 आयु वर्ग की दो महिलाएं मृत मिलीं। पुलिस ने शनिवार को बताया कि उन्हें घटनास्थल से बेहोशी के इंजेक्शन मिले हैं और दोनों ने ''एआई-संचालित चैटजीपीटी'' से जानकारी मांगी थी कि ''आत्महत्या कैसे करें"। सहायक पुलिस आयुक्त एनपी गोहिल ने बताया कि कॉलेज की दोनों छात्राएं शुक्रवार दोपहर से लापता थीं और बाद में उसी रात सानिया गांव के स्वामीनारायण मंदिर के स्नानघर में मृत मिलीं। उन्होंने बताया, "छात्राओं के परिजनों ने उनके लापता होने के बाद दिंडोली पुलिस थाने को सूचना दी थी। उनके फोन चालू थे, लेकिन वे दोनों फोन कॉल का जवाब नहीं दे रही थीं। फोन की लोकेशन का पता चलने के बाद, पुलिस की एक टीम सानिया गांव गई। हमें उनका स्कूटर मंदिर के पास मिला।" अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों को मंदिर के स्नानघर की ओर जाते हुए देखा गया, जिसका दरवाजा बाद में तोड़ दिया गया। उन्होंने कहा, "दोनों बेहोश मिलीं। उनमें से एक को सिविल अस्पताल और दूसरी को एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया। दोनों अस्पतालों के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।" अधिकारी ने बताया कि स्नानघर की तलाशी में बेहोशी के कुछ इंजेक्शन मिले, जबकि उनमें से एक के फोन में आत्महत्या से संबंधित कुछ तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने बताया कि दोनों अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ती थीं और स्कूल से ही अच्छी दोस्त थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी जांच चल रही है।
- कोरापुट. ओडिशा के कोरापुट और मयूरभंज जिलों में शनिवार को अलग-अलग घटनाओं में दो लड़कियों सहित पांच स्कूली छात्र डूब गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दोपहर में स्कूल के पास स्थित कोलाब जलाशय के पश्च जल (बैकवाटर) में कक्षा 10 के तीन छात्र डूब गए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने अपनी कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा पूरी कर ली थी और अपने माता-पिता के आने और उन्हें घर ले जाने का इंतजार कर रहे थे। परीक्षा पूरी होने की खुशी जाहिर करने के लिए वे पानी में खेलने गए और डूब गए। स्थानीय लोगों ने छात्रों को बचाया और उन्हें कोरापुट के शहीद लक्ष्मण नायक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोरापुट के उप मंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) संजय मंडल ने बताया, "छात्र हॉस्टल में रहते थे और घटना दोपहर तीन बजे से 3:30 बजे के बीच घटी होगी। आगे की जांच जारी है।" पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान लिंगराज खिल (16), स्वास्तिक (15) और ओम प्रकाश (16) के रूप में हुई है, ये सभी कक्षा 10 के छात्र थे। मृतक के परिवार के सदस्यों ने संस्थान पर लापरवाही का आरोप लगाया है और घटना की गहन जांच की मांग की है। हालांकि स्कूल अधिकारियों से तत्काल टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका। मयूरभंज में एक अन्य घटना में, कप्टीपाड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के नछीपुर गांव के पास एक तालाब में नहाते समय दूसरी कक्षा की दो छात्राएं डूब गईं। छात्राओं की पहचान सात वर्षीय सुभासंध्या नायक और आठ वर्षीय राजलक्ष्मी संखुअल के रूप में हुई है, जो सहपाठी थीं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि दोनों सहपाठी स्कूल से लौटने के बाद तालाब में नहाने गई थीं। कप्टीपाड़ा पुलिस थाने की प्रभारी निरीक्षक मधुमिता मोहंती ने बताया कि लड़कियों के डूबने की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य तालाब की ओर दौड़े और उन्हें बाहर निकालकर कप्टीपाड़ा अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- नयी दिल्ली. दिल्ली के नांगलोई इलाके में शनिवार शाम को अचार बनाने की एक फैक्टरी में कुएं में गिरने से फैक्टरी मालिक और उनके बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। विनिर्माण इकाई एक आवासीय इमारत के भूतल से संचालित होती थी, जबकि इसके 60 वर्षीय मालिक अनिल अपने परिवार के साथ पहली मंजिल पर रहते थे। पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि फैक्टरी में करीब 10 फुट गहरे चार से पांच कुएं थे, जहां अचार बनाकर रखा जाता था। एक अधिकारी ने कहा, "शनिवार को, एक मजदूर काम के लिए एक कुएं में उतरा था, लेकिन कथित तौर पर दम घुटने के कारण बेहोश हो गया।" अधिकारी ने बताया कि मजदूर को गिरते देख फैक्टरी मालिक और 32 साल और 28 साल के उनके दो बेटे नीरज और संदीप भी उसे बचाने के लिए कुएं में उतर गए। अधिकारी ने कहा, हालांकि, ऑक्सीजन की कमी के कारण वे भी बेहोश हो गए। अधिकारी ने बताया कि शोर-शराबा होने पर अनिल के भाई सुभाष और अन्य स्थानीय लोग पहुंचे और सभी को कुएं से बाहर निकाला। पुलिस ने बताया कि मजदूर और संदीप को होश आ गया, जबकि अनिल और उनके बेटे नीरज को होश नहीं आया और उन्हें संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि दम घुटने के सही कारण और फैक्टरी में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं, इसका पता लगाने के लिए एक जांच शुरू कर दी गई है।
- सागर (मप्र) . भारतीय सेना ने शनिवार को मध्यप्रदेश के सागर सैन्य स्टेशन में 'सागर ट्रेल रन 2026' का आयोजन किया, जिसमें करीब 800 सैनिकों और नागरिकों ने भाग लिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि सेना की शाहबाज डिवीजन द्वारा 'शौर्य रन 2026' विषय के तहत आयोजित इस दौड़ का उद्देश्य तंदुरुस्ती, एकता और देशभक्ति को बढ़ावा देना था। विज्ञप्ति के अनुसार इस दौड़ का मार्ग विंध्याचल पर्वत श्रृंखला और सैन्य स्टेशन के प्रशिक्षण मैदानों से होकर गुजरा। इसके अनुसार पांच किलोमीटर महिला वर्ग में अंजिली अहिरवार ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि महिलाओं की 12 किलोमीटर दौड़ में शीतल कुशवाहा विजेता रहीं। विज्ञप्ति के अनुसार पुरुष वर्ग (35 वर्ष से कम) की 12 किलोमीटर दौड़ में सनी प्रजापति पहले स्थान पर रहे, जबकि 35 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लिए 12 किलोमीटर की दौड़ में एस. सेहजाद रजा ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके अनुसार नागरिक वर्ग में 50 वर्ष से अधिक आयु श्रेणी में सुरेंद्र ने पहला स्थान हासिल किया। विज्ञप्ति में बताया गया कि कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विज्ञप्ति में बताया गया कि यह दौड़ अब हर वर्ष नवंबर-दिसंबर के दौरान आयोजित की जाएगी।
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अलाप्पुझा। केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने शनिवार को पेरुम्बालम द्वीप के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए इस तटीय जिले में पेरुम्बालम पुल का उद्घाटन किया, जिससे मुख्य भूमि से सीधे सड़क संपर्क के लिए पीढ़ियों से चले आ रहे इंतजार का अंत हुआ। सुरम्य वेम्बनाड झील के ऊपर निर्मित, पेरुम्बालम पुल दक्षिणी राज्य में बैकवाटर (पश्च जल) क्षेत्र पर निर्मित सबसे लंबा पुल है। अधिकारियों ने कहा कि पुल के खुलने से, झील से चारों ओर से घिरे पेरुम्बालम के निवासियों को दशकों से झेलनी पड़ रही यात्रा संबंधी कठिनाइयों का अंत होने की उम्मीद है। यह पुल अलाप्पुझा जिले के अरूर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अरुकुट्टी पंचायत को पेरुम्बालम द्वीप से जोड़ता है। इस पुल को जनता को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि वामपंथी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि राज्य का कोई भी स्थान विकास से "अछूता" न रह जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पिछले दशक में कई ऐसी विकास परियोजनाएं पूरी की गई हैं जिन्हें पूरा होने में सामान्यतः 50 से 100 वर्ष लगते हैं। उनके अनुसार, पेरुम्बालम पुल महज एक विकास परियोजना नहीं है, बल्कि उनकी सरकार के दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति का प्रतीक है।
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मुजफ्फरपुर (बिहार)। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में चौथा स्थान हासिल करने वाले राघव झुनझुनवाला ने शनिवार को कहा कि उनके माता-पिता, शिक्षकों के सहयोग और कड़ी मेहनत ने उन्हें परीक्षा पास करने में मदद की। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित किए। आयोग ने बताया कि कुल 958 उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए हैं और उन्हें विभिन्न केंद्रीय लोक सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के निवासी राघव ने अपने तीसरे प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण की और चौथा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। राघव ने अपने पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि दूसरे प्रयास में वह व्यक्तित्व परीक्षण साक्षात्कार तक तो पहुंचे, लेकिन उत्तीर्ण नहीं हो सके। राघव ने पत्रकारों को बताया, "यह यूपीएससी सीएसई में मेरा तीसरा प्रयास था। उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली जाने से पहले मैंने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा मुजफ्फरपुर में पूरी की।" उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों के सहयोग के साथ-साथ परीक्षा के लिए की गई निरंतर कड़ी मेहनत को दिया। परिवार के सदस्यों के अनुसार, दिल्ली पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, राघव ने मुजफ्फरपुर के जीडी मदर स्कूल से कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी की, जहां वह सीबीएसई बिहार के टॉपर के रूप में उभरे। राघव के मामा अरुण कुमार ने कहा, "उन्होंने 2022 में यूपीएससी सीएसई की तैयारी शुरू की थी, उसी साल उन्होंने अर्थशास्त्र में ऑनर्स विषय के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी।" उन्होंने बताया कि राघव दिन में 12-14 घंटे पढ़ाई करता था। कुमार ने बताया कि वह (राघव) बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थे और सिविल सेवाओं में शामिल होने के अपने लक्ष्य पर पूरी तरह से केंद्रित रहे। कुमार ने बताया कि पढ़ाई के अलावा राघव को फोटोग्राफी और बैडमिंटन जैसे शौक भी हैं।
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नयी दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया किशोर राहटकर ने शनिवार को कहा कि महिलाओं का सच्चा सशक्तिकरण भय, आत्मसंदेह और लंबे समय से चली आ रही सामाजिक रूढ़ियों द्वारा निर्मित मानसिक बाधाओं को तोड़ने से शुरू होता है। विज्ञान भवन में महिला विचारकों के एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राहटकर ने कहा कि भारतीय सभ्यता ने परंपरागत रूप से महिलाओं को केवल व्यक्तियों या सामाजिक भूमिकाओं के रूप में नहीं, बल्कि शक्ति, सृजन और चेतना के प्रतीक के रूप में देखा है। देवी सरस्वती, लक्ष्मी और दुर्गा के सांस्कृतिक प्रतीकवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय समाज ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को परिवार के दायरे तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ज्ञान, समृद्धि और शक्ति की नींव के रूप में मान्यता दी है। उन्होंने कहा, "जब एक महिला यह पहचान लेती है कि वह केवल परिस्थितियों की शिकार नहीं बल्कि बदलाव की वाहक है तो वह आत्मविश्वास से भर जाती है और समाज में परिवर्तन की शक्ति बन जाती है।" एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने इस बात पर भी जोर दिया कि माताओं को सशक्त बनाना एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण की कुंजी है, क्योंकि आत्मविश्वासी माताएं आत्मविश्वासी बच्चों का पालन-पोषण करती हैं, जो बदले में समाज और देश को मजबूत बनाते हैं। "भारती - नारी से नारायणी" नामक दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन भारतीय विद्वत परिषद ने राष्ट्र सेविका समिति और शरण्या के सहयोग से यहां विज्ञान भवन में किया है।
- नयी दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि शिक्षित और सशक्त महिलाएं एक समृद्ध और प्रगतिशील राष्ट्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। शनिवार को जारी एक संदेश में राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि महिलाएं हमारे समाज और राष्ट्र की नींव हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं ने शिक्षा, विज्ञान, खेल, कला और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत का प्रदर्शन किया है। शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त महिलाओं के एक समृद्ध और प्रगतिशील राष्ट्र में महत्वपूर्ण योगदान देने का उल्लेख करते हुए मुर्मू ने कहा कि युवा महिलाएं एक नए भारत के सपनों को आकार दे रही हैं, और उन्हें उचित अवसरों, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की आवश्यकता है। राष्ट्रपति ने कहा, "आइए हम सब मिलकर एक ऐसे समाज की दिशा में काम करें जहां महिलाओं को समान अवसर मिलें और वे अपनी क्षमताओं के आधार पर आगे बढ़ सकें और सफलता प्राप्त कर सकें।" मुर्मू ने महिला दिवस के सफल आयोजन और सभी महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
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नई दिल्ली। जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर आज शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है कि हर नागरिक को सस्ती कीमतों पर अच्छी दवाइयां मिलें।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी लोगों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह पहल गुणवत्तापूर्ण दवाओं को किफायती दामों पर उपलब्ध कराने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जन औषधि केंद्रों के माध्यम से अनगिनत परिवार स्वास्थ्य देखभाल खर्चों में बचत कर रहे हैं और उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं।”इसके साथ ही, पीएम मोदी ने ‘भारतीय जन औषधि योजना’ के परिवर्तनकारी प्रभाव की एक झलक भी शेयर की। ‘माईगव इंडिया’ ने लिखा है, “हेल्थकेयर सिस्टम तब सबसे मजबूत होते हैं जब वे आसानी से मिलने वाले और सबको साथ लेकर चलने वाले हों।”पोस्ट में आगे लिखा गया है, “जन औषधि लाखों लोगों की जिंदगी को बेहतर बना रही है, यह सुनिश्चित करके कि जरूरी दवाएं सस्ती और पहुंच में रहें। कस्बों और ग्रामीण जिलों में इसकी बढ़ती मौजूदगी न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत कर रही है, बल्कि स्थानीय उद्यमियों और समुदायों को भी मजबूत बना रही है।”‘माईगव इंडिया’ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया गया, “सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों के जरिए जन औषधि केंद्र करोड़ों गरीब और मिडिल क्लास परिवारों को बड़ी राहत दे रहे हैं। देशभर में हजारों केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को 50–80 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयां मिल रही हैं।”‘माईगव इंडिया’ के अनुसार, जन औषधि केंद्रों से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं लेकर देशवासियों ने अब तक 40,000 करोड़ रुपए से अधिक की बचत की है। हर दिन 15 लाख से अधिक लोग जन औषधि केंद्रों से गुणवत्तापूर्ण और किफायती दवाइयां खरीदकर इस पहल पर अपना भरोसा जता रहे हैं। केवल 12 वर्षों में जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंच गया है।इसके अलावा, जन औषधि केंद्रों की बिक्री 7.29 करोड़ रुपए (2014) से बढ़कर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक पहुंची है, जो कि किफायती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं पर देशवासियों के भरोसे को दर्शाती है। वहीं, जन औषधि केंद्रों पर 2,110 से अधिक दवाइयां, 315 सर्जिकल उत्पाद और 29 उपचार श्रेणियों की जरूरी दवाएं उपलब्ध, ताकि हर नागरिक को एक ही जगह सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। जन औषधि केंद्रों पर मात्र 1 रुपए प्रति पैड की दर से उपलब्ध सैनेटरी पैड्स की 100 करोड़ से अधिक बिक्री देशभर में महिलाओं की स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मान को सशक्त बना रही है।‘माईगव इंडिया’ के ‘एक्स’ पोस्ट में बताया गया कि महिलाओं के नेतृत्व को सशक्त बनाते हुए पिछले तीन वित्तीय वर्षों में खुले नए जन औषधि केंद्रों में लगभग 60 प्रतिशत केंद्र महिलाओं की ओर से संचालित हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तराखंड सरकार के 4 साल पूरे होने पर हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, “उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने लगभग 10 हजार से अधिक अतिक्रमण उखाड़कर फेंक दिए हैं। यह सिर्फ अतिक्रमण की बात नहीं है। मैं प्रदेशवासियों से कहना चाहता हूं कि पूरे देश में जहां-जहां घुसपैठिए हैं, केदारनाथ धाम से लेकर कन्याकुमारी तक, एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर हम भारत के बाहर निकालने का काम करेंगे।”
इस दौरान शाह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची से कटना चाहिए। भाजपा चुनाव आयोग की प्रक्रिया का पूरा समर्थन कर रही है, क्योंकि जिस देश में लोकतंत्र को संभालने वाली इकाई, यानी मतदाता सूची शुद्ध न हो, उस देश का लोकतंत्र कभी सलामत नहीं रह सकता है। राहुल गांधी को जितना विरोध करना है, उतना कर लें। वे एसआईआर का भी विरोध करते हैं। उन्हें हर चीज में नकारात्मकता दिखाई देती है।”धामी सरकार के 4 साल पूरे होने पर उन्होंने कहा, “आज पुष्कर सिंह धामी सरकार के 4 साल पूरे होने का अवसर है, लेकिन इसके साथ ही आज भाजपा सरकार के 9 साल पूरे होने का भी मौका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड आए थे। यहां राज्य के 25 साल पूरे होने का महोत्सव शुरू करके गए। मैं कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखंड की जनता को बताना चाहता हूं कि एक जमाना था जब उत्तराखंड की भूमि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही थी। उत्तराखंड की संस्कृति बचाने के लिए यहां के युवा मैदान में उतरे थे। उस समय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सहन न करने वाला दमन हमारे युवाओं पर किया था।”अमित शाह ने कहा, “अनेक युवाओं को गोली लगी। उन्होंने बलिदान दिया। रामपुर तिराहा की घटना आज भी उत्तराखंड वासी भूले नहीं हैं। उस वक्त भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड की रचना की थी। कांग्रेस के शो कॉल्ड विद्वान कर रहे थे कि छोटे राज्य कैसे टिकेंगे और अर्थव्यवस्थाएं कैसे चलेंगी। अटल जी ने 3 छोटे राज्य बनाए थे जिनमें उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड शामिल हैं। ये तीनों राज्यों विकास के रास्ते पर आगे बढ़ गए हैं। जब हमारी सरकार के 9 साल पूरे हो रहे हैं।”कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “जब त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब पहले कार्यक्रम में मैंने हिस्सा लिया था। तब मैंने कहा था कि ‘अटल जी ने बनाया है, पीएम नरेंद्र मोदी संवारने का काम करेंगे। ये 9 साल उत्तराखंड के विकास के थे। पिछले 4 साल के अंदर पुष्कर सिंह धामी ने एक-एक समस्या को चुन-चुनकर समाप्त करने का संकल्प लिया है। इसके कारण उत्तराखंड विकास के रास्ते पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है।”उन्होंने यह भी कहा कि आज 1132 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन हो रहा है। यहां पर नई न्याय संहिताओं की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन हो रहा है। राज्य के वकील मित्रों को आग्रह है कि वे ये प्रदर्शनी जरूर देखें। पीएम मोदी के नेतृत्व में अंग्रेजों की ओर से बनाए गए 150 साल पुराने कानून समाप्त करके नागरिकों की सुरक्षा के लिए न्याय संहिताएं बनाई गई हैं।अमित शाह ने कहा कि नए कानूनों को 2028 में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। उसके बाद कोई भी नागरिक पुलिस थाने में जाकर एफआईआर कराएगा तो तीन साल में सुप्रीम कोर्ट तक पूरी न्याय प्रणाली समाप्त हो जाएगी। अब समय पर न्याय मिलेगा। ये दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय संहिताएं हैं। इसी बीच, केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2026 में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में एनडीए की सरकार बनने जा रही है। 2027 का उद्घाटन उत्तराखंड की जनता को करना है। यहां फिर से पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार बनानी है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित पूरे हड़ौती क्षेत्र के लिए एक नई आशा और नई उपलब्धि का दिन है।
पीएम मोदी ने कहा कि करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने जा रहा ये आधुनिक एयरपोर्ट आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाला है। मैं कोटा और पूरे हड़ौती क्षेत्र के लोगों को एयरपोर्ट के शिलान्यास के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपनी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मुझे याद है कि नवंबर 2023 में जब मैं कोटा आया था, तब मैंने जनता से एक वादा किया था। मैंने कहा था कि कोटा का एयरपोर्ट सिर्फ एक सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार करके दिखाया जाएगा। आज मुझे प्रसन्नता है कि वो क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट के निर्माण का काम शुरू होने जा रहा है। अब तक कोटा के लोगों को जयपुर या जोधपुर जाकर फ्लाइट पकड़नी पड़ती थी। इसमें काफी समय भी लगता था और असुविधा भी होती थी। अब ये स्थिति बदलने जा रही है। जब ये एयरपोर्ट शुरू होगा, तो कोटा समेत आसपास के पूरे इलाके में यात्रा भी आसान होगी और व्यापार भी तेजी से बढ़ेगा।”पीएम मोदी ने कहा कि कोटा केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि ऊर्जा का भी एक बड़ा केंद्र है। कोटा वह अनूठा क्षेत्र है, जहां न्यूक्लियर हो, कोयला आधारित हो, गैस और पानी हो, ऊर्जा के सभी स्रोतों से बिजली का उत्पादन होता है। कोटा और हाड़ौती की ये धरती उद्यम और आस्था का भी बड़ा केंद्र है। सदियों से देश दुनिया के श्रद्धालु यहां श्री मथुराधीश जी की पावन पीठ, केशवराय पाटन के तीर्थ, खड़े गणेश जी महाराज और गोदावरी बालाजी धाम के दर्शन के लिए आते रहते हैं।पीएम मोदी ने कहा कि कोटा आज कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा के दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जो कोटा और बून्दी से होकर गुजर रहा है, पूरे क्षेत्र के विकास का नया द्वार खोल रहा है।प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अब दिल्ली, वड़ोदरा और मुंबई जैसे बड़े शहरों की दूरी महज कुछ घंटों की रह गई है। बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के कारण यहां नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। विशेष रूप से कृषि आधारित उद्योग के लिए ये क्षेत्र एक बड़ा केंद्र बनेगा। रेल और सड़क के बाद हवाई कनेक्टिविटी के ये नया अध्याय कोटा के विकास को और गति देगा। कोटा एयरपोर्ट पूरे हाड़ौती क्षेत्र और आसपास के जिलों के लिए प्रगति के नए अवसर लेकर आएगा। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज शनिवार को दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं। इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह संथाल समुदाय के लिए गर्व की बात है कि हमारे पूर्वज तिलका मांझी ने करीब 240 साल पहले शोषण के खिलाफ बगावत का झंडा उठाया था। उनके बगावत के करीब 60 साल बाद, बहादुर सिदो-कान्हू और चांद-भैरव ने बहादुर फूलो-झानो के साथ मिलकर 1855 में संथाल हुल का नेतृत्व किया था।
राष्ट्रपति ने कहा कि साल 2003 को संथाल समुदाय के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उस साल, संथाल भाषा को भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था। पिछले साल, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर, संथाल भाषा में ओल चिकी स्क्रिप्ट में लिखा गया भारत का संविधान जारी किया गया था।राष्ट्रपति ने कहा कि 1925 में पंडित रघुनाथ मुर्मू ने ओल चिकी स्क्रिप्ट बनाई थी। हाल ही में, हमने इस इन्वेंशन की 100वीं सालगिरह मनाई है। उनके योगदान ने संथाल भाषा बोलने वालों को अपनी बात कहने का एक नया मौका दिया। उन्होंने “बिदु चंदन,” “खेरवाल वीर,” “दलेगे धन,” और “सिदो कान्हू – संताल हुल” जैसे नाटक भी लिखे। इस तरह, उन्होंने संथाल समुदाय में साहित्य और सामाजिक चेतना की रोशनी फैलाई। उन्होंने कहा कि संथाल समुदाय के लोगों को दूसरी भाषाएं और स्क्रिप्ट पढ़नी चाहिए, लेकिन अपनी भाषा से जुड़े रहना चाहिए।राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी समुदायों ने सदियों से अपने लोक संगीत, नृत्य और परंपराओं को बचाकर रखा है। उन्होंने प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखी है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रकृति संरक्षण का सबक आने वाली पीढ़ियों को दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोक परंपराओं और पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ, हमारे आदिवासी समुदायों को आधुनिक विकास को अपनाना चाहिए और तरक्की की यात्रा पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि संथाल समुदाय समेत आदिवासी समुदायों के लोग तरक्की और प्रकृति के बीच तालमेल की मिसाल कायम करेंगे।राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज के समय में शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तीकरण पर ध्यान देना ज़रूरी है। आदिवासी युवाओं को शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के जरिए आगे बढ़ना चाहिए। लेकिन इन सभी कोशिशों में उन्हें अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषा और संस्कृति को बचाने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज में एकता और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। इससे हमें एक सशक्त समाज और एक मजबूत भारत बनाने में मदद मिलेगी। -
नई दिल्ली। एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर 5,100 से अधिक महिला कर्मचारियों को तैनात किया है। टोल संचालन में महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर 1,140 से अधिक टोल प्लाजा पर टोल बूथों के प्रबंधन के लिए दिन की पाली (डे शिफ्ट) के दौरान 5,100 से अधिक महिला कर्मचारियों को तैनात किया है।
अग्रिम पंक्ति की परिचालन भूमिकाओं में विशेष रूप से महिला कर्मचारियों को तैनात करने का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के अनुभव को महत्वपूर्ण रूप से बेहतर बनाना है। इसका लक्ष्य एक कुशल, सहानुभूतिपूर्ण और उपयोगकर्ता के अनुकूल वातावरण तैयार करना है, साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा पर विवादों की संभावना को कम करना है ।यह निर्णय विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श और चर्चा के बाद लिया गया है। इसमें टोल प्लाजा संचालक तथा प्रमुख उद्योग संगठनों जैसे नेशनल हाइवेज बिल्डर फेडरेशन (एनएचबीएफ), हाइवे ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचओएआई) और ऑल इंडिया यूजर फी कॉन्ट्रैक्टर्स फेडरेशन (एआईयूसीएफ) शामिल थे। सभी टोल संचालकों ने टोल प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह के लिए दिन की पाली में महिला कर्मचारियों की तैनाती पर सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की है। अब तक 5,100 से अधिक महिला टोल कर्मचारी तैनात की जा चुकी हैं और निकट भविष्य में और भी महिलाओं के जुड़ने की संभावना है।एनएचएआई इस पहल के क्रियान्वयन की करीबी निगरानी करेगा, ताकि इसका सही अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना क्षेत्र में उनकी भागीदारी को मजबूत करेगी। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।इस पहल के तहत एनएचएआई तैनात महिला कर्मचारियों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण की सुविधा भी प्रदान करेगा। प्रशिक्षण राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के साथ विनम्र व्यवहार, आपातकालीन स्थितियों को संभालने, बुनियादी सुरक्षा प्रोटोकॉल और कुशल टोल प्लाजा संचालन बनाए रखने जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। यह संरचित क्षमता-निर्माण प्रयास एक सुरक्षित और और पेशेवर कार्य वातावरण सुनिश्चित करते हुए सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेगा।अग्रिम पंक्ति की परिचालन भूमिकाओं में महिलाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करके एनएएचआई का लक्ष्य लैंगिक समावेशिता और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, साथ ही देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर सेवा वितरण में सुधार करना है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 मार्च को बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करेंगे, जिसका विषय होगा “सबका साथ, सबका विकास–जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति: शिक्षा, कौशल और विश्वविद्यालय टाउनशिप”। वेबिनार में भारत की शिक्षा, कौशल और एवीजीसी–क्रिएटर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 की पहलों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी), उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित प्रमुख पहलों पर विचार-विमर्श करने के लिए वेबिनार में भाग लेगा। इस वेबिनार में नीति निर्माता, उद्योगपति, शिक्षाविद, स्टार्टअप और छात्र भारत के शिक्षा, कौशल और रचनात्मक अर्थव्यवस्था तंत्र को मजबूत करने के लिए कार्यान्वयन के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आएंगे।उद्घाटन सत्र में माननीय पीएम 9 मार्च को सुबह 11:30 बजे उपस्थित रहेंगे, जहां वे एवीजीसी-क्रिएटर अर्थव्यवस्था के लिए बजटीय पहल के पीछे की परिकल्पना को रेखांकित करते हुए एक विशेष संबोधन देंगे, जहां रचनात्मकता, संस्कृति और प्रौद्योगिकी विकास, रोजगार और सॉफ्ट पावर को बढ़ावा देने के लिए एक साथ काम करते हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स पर ब्रेकआउट सत्र दोपहर 12:20 बजे से दोपहर 1:50 बजे तक आयोजित किया जाएगा।वेबिनार के तहत, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय “स्कूलों और कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स” विषय पर एक ब्रेकआउट सत्र आयोजित करेगा। यह सत्र केंद्रीय बजट में घोषित 15,000 स्कूलों और 500 उच्च शिक्षण संस्थानों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स (सीसीएल) की स्थापना के कार्यान्वयन पर केंद्रित होगा, जिसका मकसद रचनात्मक प्रतिभाओं को बढ़ावा देना, भारत के एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) तंत्र को मजबूत करना और देश की तेजी से बढ़ती ऑरेंज इकोनॉमी के लिए कुशल रचनाकारों की एक सशक्त श्रृंखला तैयार करना है।दोपहर 12:20 बजे से दोपहर 1:50 बजे तक चलने वाले “स्कूलों और कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स” विषय पर ब्रेकआउट सत्र का संचालन व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री चैतन्य चिंचलिकर करेंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री संजय जाजू इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्य भाषण देंगे।इसके बाद सत्र में सरकार और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ एक पैनल चर्चा होगी, जिसमें श्री धीरज साहू, अतिरिक्त सचिव (विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग), डॉ. आशीष कुलकर्णी (अध्यक्ष, फिक्की एवीजीसी फोरम), श्री राजन नवानी (संस्थापक एवं समूह सीईओ, जेटसिंथेसिस), और सुश्री सोनम भगत (सीईओ, व्याग्र) के साथ-साथ आईआईसीटी के एक छात्र प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इस चर्चा को उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों जैसे श्री मुंजल श्रॉफ (ग्राफिटी मल्टीमीडिया), श्री बीरेन घोष (टेक्नीकलर ग्रुप), श्री मनवेंद्र शुक्ल (लक्ष्य डिजिटल), सुश्री माला शर्मा (एडोबी इंडिया), सुश्री प्रीति व्यास (अमर चित्र कथा) और मायभारत के दो युवा स्वयंसेवकों के विचारों से और समृद्ध बनाया जाएगा। -
नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। यूपीएससी द्वारा घोषित परिणाम के अनुसार, इस वर्ष सिविल सेवा परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है। वहीं, दूसरे स्थान पर राजेश्वरी सुवे एम रही हैं और तीसरे स्थान पर अकांश ढुल रहे हैं। यह परिणाम अगस्त 2025 में आयोजित लिखित परीक्षा और दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच हुए व्यक्तित्व परीक्षण यानी साक्षात्कार के आधार पर घोषित किया गया है।
आयोग की ओर से जारी मेरिट सूची के अनुसार, कुल 958 उम्मीदवारों को विभिन्न अखिल भारतीय और केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। यूपीएससी की सिविल सर्विसेज में चौथे स्थान पर राघव झुनझुनवाला, पांचवें स्थान पर ईशान भटनागर और छठे स्थान पर जिनिया अरोड़ा ने जगह बनाई है। सातवें स्थान पर एआर राजा मोहिदीन, आठवें स्थान पर पक्शल सेक्रेटरी, नौवें स्थान पर आस्था जैन और दसवें स्थान पर उज्जवल प्रियंक हैं।इस तरह शीर्ष 10 में अलग-अलग राज्यों और पृष्ठभूमियों से आने वाले प्रतिभाशाली उम्मीदवारों ने अपनी जगह बनाई है। आयोग के अनुसार, इस बार कुल 958 उम्मीदवारों को नियुक्ति के लिए चुना गया है। इनमें सामान्य वर्ग के 317, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, यानी ईडब्ल्यूएस, के 104, अन्य पिछड़ा वर्ग के 306, अनुसूचित जाति के 158 और अनुसूचित जनजाति के 73 उम्मीदवार शामिल हैं। इसके साथ ही, दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों को भी अलग-अलग श्रेणियों में शामिल किया गया है। कुल मिलाकर, इन विभिन्न श्रेणियों में कई दिव्यांग उम्मीदवार भी सिविल सेवाओं के लिए चयनित हुए हैं।सरकार द्वारा आयोग को कुल 1087 पदों की जानकारी दी गई थी, जिन पर नियुक्ति की जानी है। इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस के 180 पद, भारतीय विदेश सेवा के 55 पद और भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस के 150 पद शामिल हैं। इसके अलावा सिविल सर्विस के माध्यम से विभिन्न केंद्रीय सेवाओं (केंद्र सरकार) के विभागों में ग्रुप ‘ए’ के 507 पद और समूह ‘बी’ सेवाओं के 195 पद भी भरे जाएंगे। इन पदों पर अंतिम नियुक्ति उपलब्ध रिक्तियों और नियमों के अनुसार की जाएगी।आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों को चयनित किया गया है, उनके आरक्षण से जुड़े दावों की जांच संबंधित प्राधिकरणों द्वारा की जाएगी। इसके अलावा 348 चयनित उम्मीदवारों की उम्मीदवारी फिलहाल अस्थायी रूप से रखी गई है, जबकि दो उम्मीदवारों का परिणाम अभी रोका गया है।परीक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए आयोग ने अपने परिसर में सुविधा काउंटर भी उपलब्ध कराया है। यहां सभी कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उम्मीदवार जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, और इसके माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, सहित कई महत्वपूर्ण केंद्रीय सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। -
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने बड़ा फैसला किया है। मंदिर प्रबंधन ने घोषणा की है कि इस दिन महिलाओं को निशुल्क दर्शन की विशेष व्यवस्था की जाएगी। चाहे वे काशी की निवासी हों या देश-विदेश से आईं श्रद्धालु, सभी मातृशक्ति को बिना टिकट के भगवान विश्वनाथ के दर्शन का अवसर मिलेगा।
वाराणसी आने वाली महिलाएं इस दिन भगवान बाबा विश्वनाथ के दर्शन आसानी से कर सकेंगी और मंदिर की इस विशेष व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगी। यह पहल न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि समाज में महिलाओं की गरिमा और सम्मान को बढ़ावा देने का भी संदेश देती है।मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि 8 मार्च को द्वार संख्या 4-बी से महिलाओं को सीधा प्रवेश दिया जाएगा। विशेष रूप से गोद में बच्चों को लेकर आने वाली महिलाओं को प्राथमिकता से दर्शन कराए जाएंगे। इस व्यवस्था से महिलाओं को लंबी कतारों और टिकट की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। सुबह 4 बजे से 5 बजे तक और शाम 4 बजे से 5 बजे तक का समय पहले से ही काशीवासियों के लिए आरक्षित रहता है, इसलिए इस दौरान काशी निवासियों की विशेष व्यवस्था यथावत रहेगी। शेष पूरे दिन महिलाओं के लिए यह निशुल्क और विशेष प्रवेश की सुविधा उपलब्ध रहेगी।श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने इस फैसले के माध्यम से मातृशक्ति का सम्मान किया है। विश्वभूषण मिश्रा ने कहा, भगवान विश्वनाथ मातृशक्ति का आशीर्वाद संपूर्ण मानवता पर, संपूर्ण आराधकों पर बनाए रखें। हम सभी मातृशक्ति की सुख-समृद्धि, सनातन धर्मावलंबियों और भगवान विश्वनाथ के समस्त श्रद्धालुओं के कल्याण की कामना करते हैं। हर हर महादेव।मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस दिन शांति और व्यवस्था बनाए रखें, ताकि सभी महिलाएं सुगमता से दर्शन कर सकें। वाराणसी में स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक है। इसे बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख माना जाता है। गंगा तट पर अवस्थित यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य कॉरिडोर, निशुल्क दर्शन और विशेष पूजा व्यवस्था है। बाबा के दर्शन को प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। -
नई दिल्ली। आज के समय में आधुनिक तरीके से लड़े जाने वाले युद्धों में वन-वे अटैक ड्रोन एक खासियत बनकर उभर रहे हैं। ऐसे में जानी-मानी डिफेंस टेक्नॉलजी कंपनी आईजी डिफेंस ने दावा किया है कि उसने भारत में लंबी दूरी तक निशाना लगाने में सक्षम ड्रोन बनाया है, जो 1,000 किलोमीटर तक विस्फोटक ले जा सकता है।
‘प्रोजेक्ट काल’ के तहत विकसित किए जा रहे अपनी तरह के इस अनोखे ड्रोन की तुलना ईरानी शाहेद-क्लास स्वार्म ड्रोन सहित आधुनिक ड्रोन सिस्टम से की जा सकती है। ओडिशा में स्थापित और नई दिल्ली में मुख्यालय वाली इस कंपनी ने हाल में उन्नत ड्रोन की पहली झलक को पेश किया। इस तरह के अगली पीढ़ी के ड्रोन का निर्माण इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि शाहेद-136 जैसे प्लेटफॉर्म ने खासकर एक तरफ ईरान और दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे तनाव के बीच अपेक्षाकृत कम लागत पर लंबी दूरी तक विस्फोटक ले जाने की अपनी काबिलियत की वजह से दुनिया का ध्यान खींचा है।आईजी डिफेंस के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी बोधिसत्त्व संघप्रिय ने कहा कि लंबी दूरी के मानवरहित स्ट्राइक सिस्टम तेजी से आधुनिक संघर्षों के आकार को दुनिया भर में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘प्रोजेक्ट काल के साथ, हमने लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले ड्रोन की इस उभरती श्रेणी में स्वदेशी सिस्टम बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। आगामी ड्रोन सिस्टम विकास के अपने पहले चरण में है और इसे जल्द ही पेश किया जाएगा।’ शाहेड श्रेणी के ड्रोन को काफी सस्ती कीमत पर बनाया जा सकता है और बड़ी संख्या में तैनात किया जा सकता है, जिससे एयर डिफेंस सिस्टम पर भारी असर पड़ेगा और दुश्मनों को कहीं ज्यादा महंगी इंटरसेप्टर मिसाइलें इस्तेमाल करने पर मजबूर होना पड़ेगा। -
नई दिल्ली। यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी है। उन्होंने उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की मेहनत, समर्पण और धैर्य की सराहना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “सिविल सेवा परीक्षा 2025 को सफलतापूर्वक पास करने वाले सभी लोगों को बधाई। उनकी लगन, और कड़ी मेहनत ने उन्हें यह बड़ा मुकाम दिलाया है। देश की सेवा करने और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के सफर पर उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”
एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने उन अभ्यर्थियों को हौसला दिया, जिन्हें परीक्षा में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षण निश्चित रूप से कठिन हो सकते हैं, लेकिन यह जीवन की बड़ी यात्रा का केवल एक पड़ाव है। पीएम ने पोस्ट में लिखा, “जिन लोगों को सिविल सर्विस एग्जाम में मनचाहा रिजल्ट नहीं मिला, मैं समझता हूं कि ऐसे पल मुश्किल हो सकते हैं, हालांकि यह एक बड़े सफर का सिर्फ एक कदम है। आगे कई मौके हैं। आने वाले एग्जाम में और उन कई तरीकों से जिनसे आप हमारे देश में योगदान दे सकते हैं। आगे के सफर के लिए मेरी शुभकामनाएं।”यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन हर साल यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन कराता है। इसका मकसद भारत की हायर सिविल सर्विसेज के लिए ऑफिसर्स की भर्ती करना है। इसमें इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (आईएएस), इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) और इंडियन फॉरेन सर्विस (आईएफएस) के साथ-साथ केंद्र सरकार की कई दूसरी ग्रुप ए और ग्रुप बी सर्विसेज शामिल हैं। सिलेक्शन प्रोसेस में एक शुरुआती एग्जाम, मेन लिखित एग्जाम और एक पर्सनैलिटी टेस्ट शामिल है। इस साल, अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की। राजेश्वरी सुवे एम ने ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की। वहीं, दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी कॉम ग्रेजुएट आकांश ढुल ने तीसरी रैंक हासिल की। -
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण कतर की राजधानी दोहा में स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने जारी पत्र में कहा, “वर्तमान सुरक्षा स्थिति को देखते हुए कतर में रहने वाले सभी भारतीयों से अनुरोध है कि वे कतर के अधिकारियों, विशेष रूप से गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
मंत्रालय ने कतर में मौजूद सभी भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, अत्यंत आवश्यक होने पर ही निकलने और खिड़कियों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। दूतावास कतर के अधिकारियों की सलाह को अपने सोशल मीडिया चैनलों, फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से भी साझा कर रहा है।दूतावास ने कहा है, “कतर का हवाई क्षेत्र फिलहाल बंद है और उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित हैं। कतर एयरवेज 7 मार्च को सुबह 9 बजे (दोहा समय) नवीनतम जानकारी जारी करेगी। सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क में रहें।” कतर के आंतरिक मंत्रालय ने सभी श्रेणियों के प्रवेश वीजा, जो समाप्त हो चुके हैं या समाप्त होने वाले हैं, उनकी वैधता एक महीने के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। स्थिति के अनुसार इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। यह वैधता 28 फरवरी, 2026 से प्रभावी होगी।आपातकालीन स्थिति में कतर से सलवा भूमि सीमा चौकी के माध्यम से सऊदी अरब जाने का विकल्प वर्तमान में खुला है। अमेरिकी, ब्रिटिश या शेंगेन वीजा धारक भारतीय नागरिक (जिनका कम से कम एक बार उपयोग किया जा चुका हो) सऊदी अरब में आगमन पर वीजा प्राप्त कर सकते हैं। सऊदी अरब के रास्ते यात्रा करने के इच्छुक अन्य भारतीय नागरिक निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार सऊदी वीज़ा के लिए आवेदन कर सकते हैं।दोहा स्थित भारतीय दूतावास, सऊदी अरब के लिए अस्थायी ट्रांजिट वीजा प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करने के लिए एक पंजीकरण लिंक खोल रहा है। यह सुविधा केवल उन भारतीय नागरिकों के लिए है, जो वर्तमान में कतर में ट्रांजिट के दौरान फंसे हुए हैं, बशर्ते उनके पास सऊदी अरब से बाहर जाने के लिए पुष्ट टिकट हों। पंजीकरण के समय कृपया कतर आने वाली फ्लाइट टिकट और सऊदी अरब से बाहर जाने वाली टिकट की प्रतियां जमा करें। सलवा सीमा चौकी तक और उसके आगे प्रस्थान हवाई अड्डे तक की यात्रा से संबंधित अन्य सभी व्यवस्थाएं प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं करनी होंगी।कृपया ध्यान दें कि दूतावास को यह सुविधा प्रदान करने के लिए पर्याप्त समय (कम से कम 48 घंटे) की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर +974 55647502 या +97455362508 पर संपर्क कर सकते हैं।





















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