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नयी दिल्ली. देशभर में बृहस्पतिवार को राम नवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर मंदिर रंग-बिरंगे फूलों और रोशनी से सजे हुए थे, जहां पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई दे रही थी जबकि सड़कों पर भव्य शोभा यात्राओं ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। कई राज्यों में विशेष पूजा-अर्चना और सामुदायिक भोज का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालु सुबह से ही बड़ी संख्या में मंदिरों में उमड़ पड़े। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। देश के विभिन्न हिस्सों में भगवान राम के जन्मोत्सव के मौके पर भव्य शोभा यात्राएं निकाली गईं, जिनमें श्रद्धालु 'जय श्री राम' का उद्घोष करते हुए और भगवा झंडे लेकर उत्सव में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शुक्रवार को मुख्य उत्सव मनाया जायेगा,जहां राम जन्मभूमि मंदिर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि मुख्य आकर्षण सूर्य तिलक समारोह होगा। शुक्रवार को होने वाले उत्सवों से पहले सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है, वहीं राज्य सरकार ने त्योहार के लिए दो दिन (बृहस्पतिवार और शुक्रवार) की छुट्टी की घोषणा की है। वाराणसी और मथुरा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के मंदिरों को भी सजाया गया है।
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके में स्थित रघुनाथ मंदिर बृहस्पतिवार को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना, जब 36 वर्ष बाद इस सौ साल पुराने मंदिर में राम नवमी की पहली पूजा आयोजित की। इस खास अवसर पर न सिर्फ हिंदू श्रद्धालु जुटे, बल्कि उनके मुस्लिम पड़ोसी भी साथ खड़े नजर आए, जिससे माहौल भाईचारे और सौहार्द से भर उठा। राम नवमी के मौके पर शंकराचार्य मंदिर समेत शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा की गईं। पर्यटकों और सुरक्षा बलों ने भी स्थानीय हिंदू आबादी के साथ मिलकर उत्सव में हिस्सा लिया। इसी तरह, राजस्थान के जयपुर में सामुदायिक सद्भाव से भरपूर एक भव्य शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, क्योंकि मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने मुस्लिम बहुल हसनपुरा क्षेत्र में एक शोभा यात्रा का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। स्थानीय निवासियों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर, पानी की बोतलें बांटकर और ''जय श्री राम'' के नारे लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। गुजरात में रंगारंग शोभा यात्राओं से लेकर युवाओं द्वारा आयोजित अभिनव कार्यक्रमों में भक्तों ने राम नवमी को पूरे उत्साह के साथ मनाया। शहरों में 'जय श्री राम' के उद्घोष की गूंज सुनाई दी।
इस मौके पर राजकोट और वडोदरा सहित राज्य के कई शहरों में शोभा यात्राएं निकाली गयीं। सड़कें रंगारंग प्रस्तुतियों, भक्ति गीतों और सामुदायिक भागीदारी से गुलजार हो उठीं। अहमदाबाद स्थित इस्कॉन मंदिर में सुबह 'श्री राम दरबार अभिषेक' और पारंपरिक '56 भोग' अर्पण के साथ एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। सूरत में, लगभग 90 बाइकर्स डाभरी बीच पहुंचे, जहां 65 मोटरसाइकिलों को इस तरह व्यवस्थित किया गया कि उनसे 'राम' शब्द लिखे होने का आभास हो सके। गोवा के मंदिरों में राम नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर विशेष प्रार्थनाओं, भजनों और अन्य अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। दक्षिण गोवा के पोंडा तालुका में स्थित श्री रामनाथ मंदिर में सुबह से ही सैकड़ों श्रद्धालु एकत्रित होने लगे। इस अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। उत्तरी गोवा के कोल्वाले स्थित श्री राम देवस्थान मंदिर में श्रद्धालुओं ने रामायण पाठ, भजन और प्रसाद वितरण में भाग लिया। दक्षिण गोवा के मडगांव जिले के कोम्बा इलाके में स्थित श्री दामोदर मंदिर में भी विशेष प्रार्थना आयोजित की गई। चुनाव वाले राज्य पश्चिम बंगाल में राम नवमी के मौके पर एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हिंदुत्व के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाती हुई दिखी, वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल (टीएमसी) कांग्रेस भी विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को धार्मिक विमर्श पर एकाधिकार स्थापित करने से रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। राज्य की राजधानी कोलकाता और कई जिलों में राम नवमी के अवसर पर भगवा ध्वज लहरा रहे थे, सड़कों पर ''जय श्री राम'' के नारे गूंज रहे थे और सैकड़ों की संख्या में झांकियां निकाली गईं। कोलकाता शहर में 60 से अधिक छोटी-बड़ी रैलियां निकाली गईं, जबकि हावड़ा, हुगली, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में भी इसी तरह की झांकी निकाली गईं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए थे, हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था और संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को मुस्तैद रखा गया था। झारखंड और बिहार में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर उत्सव आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। झारखंड में राम नवमी के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए ड्रोन और त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अधिकांश जिलों में शोभा यात्रा शुक्रवार को निकाली जाएंगी, जबकि संवेदनशील क्षेत्र हजारीबाग और जमशेदपुर में ये शोभा यात्रा शनिवार को निकाली जाएंगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उम्मीद जताई कि बिहार में होने वाले उत्सवों में लाखों श्रद्धालु भाग लेंगे। राष्ट्रीय राजधानी में, पहाड़गंज क्षेत्र में आयोजित शोभा यात्रा के कारण शाम को मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ। शोभा यात्रा में लगभग 300 श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राम नवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान राम के आदर्श न केवल भारत के लोगों के लिए, बल्कि अंनतकाल तक पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक शक्ति बने रहेंगे। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''देशभर के मेरे परिवारजनों को रामनवमी की असीम शुभकामनाएं। त्याग, तप और संयम से भरे मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से हमें हर परिस्थिति का पूरे सामर्थ्य से सामना करने की प्रेरणा मिलती है। उनके आदर्श अनंतकाल तक भारतवासियों के साथ-साथ संपूर्ण मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। - रायवरम (आंध्र प्रदेश) । आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में बृहस्पतिवार को एक निजी बस की एक ट्रक से टक्कर होने के बाद उसमें आग लग जाने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई तथा 23 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। बस में आग लगने के कारण कई यात्री उसके भीतर फंस गए।मार्कापुरम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वी हर्षवर्धन राजू ने कहा, ''दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई और चालक सहित 23 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना के संबंध में पूरी जानकारी एकत्र करने के प्रयास जारी हैं।'' मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने इस दुर्घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।यह निजी यात्री बस तेलंगाना के जगित्याल से नेल्लोर जिले के कालीगिरि जा रही थी और इसमें करीब 35 यात्री सवार थे। दुर्घटना में ट्रक का चालक भी घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों को पर्याप्त चिकित्सकीय सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों की व्यापक जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार से पहले मजबूरी के चलते आर्थिक सुधार किए जाते थे, लेकिन अब ''संकल्प और प्रतिबद्धता'' के साथ यह किया जा रहा है तथा देश 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार होकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने वित्त विधेयक, 2026 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कि देश को विकसित बनाने और 140 करोड़ भारतीय नागरिकों की अकांक्षाआों को पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान की। सीतारमण ने कहा, ''पहले की तरह मजबूरी में सुधार नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ सुधार किए जा रहे हैं।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार होकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उनका कहना था कि विश्वास आधारित कर व्यवस्था बनाने पर काम किया गया है ताकि ईमानदार करदाताओं को कठिनाई नहीं हो। सीतारमण ने कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने जीवनयापन की सुगमता (ईज ऑफ लिविंग) और कारोबार की सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) का मजाक बनाया, लेकिन सरकार इन दोनों पहलुओं पर लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ''हम एमएसएमई, किसानों और सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बना रहे हैं क्योंकि ये देश के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। वित्त विधेयक इन्हें सशक्त बनाने का प्रावधान करता है।'' वित्त मंत्री का कहना था कि भारत को वैश्चिक व्यावसायिक केंद्र बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सीतारमण ने कहा कि इस वित्त विधेयक में मध्य वर्ग के लिए बहुत कुछ है।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने आम जनता की मदद के लिए 17 महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं को बुनियादी सीमाशुल्क से छूट प्रदान की है। उन्होंने कहा कि उपकर और अधिभार के माध्यम से जितने राजस्व का संग्रह किया गया, उससे कहीं अधिक राज्यों को विभिन्न मद में भेजा गया। वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि 17 अरब डॉलर डेटा सेंटर के निवेश के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने तेल बॉन्ड जारी किए और मोदी सरकार उसे आज तक भर रही है। वित्त मंत्री ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इन दोनों प्रदेशों की सरकारों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार महिला विरोधी है, वहीं तृणमूल कांग्रेस की सरकार गरीबों के साथ अन्याय कर रही है। - नयी दिल्ली है। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की हालत स्थिर है और वह चिकित्सकों की निगरानी में हैं। अस्पताल के मुताबिक, उन्हें मंगलवार रात लगभग 10.22 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।सर गंगाराम अस्पताल के प्रमुख डॉ. अजय स्वरूप ने कहा कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और चिकित्सकों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल ने कहा कि चिकित्सक पेट और 'यूरिनरी ट्रैक्ट' में संभावित संक्रमण के बारे में जानने के लिए जांच कर रहे हैं और उपचार के लिए एंटीबायोटिक्स दी गई हैं। सूत्रों ने पहले कहा था कि सोनिया गांधी संभवतः मौसम में बदलाव के कारण अस्वस्थ थीं और उन्हें देखभाल के लिए भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और उनकी हालत गंभीर नहीं है। file photo
- -छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला का दौरा किया।कपूरथला। देश में स्वदेशी रेल निर्माण को एक नई गति देते हुए रेल कोच फैक्टरी, कपूरथला ने अपनी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का सफल निर्माण किया है। उन्नत एवं पुनर्परिभाषित 16 कोचों वाली यह ट्रेन अंतिम चरण में है और चालू माह के अंत तक संचालन के लिए सौंपे जाने को तैयार है। यह उपलब्धि देश में आधुनिक ट्रेन निर्माण क्षमता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित पंजाब मीडिया दौरे पर आए छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला का दौरा किया। इस दौरान पत्रकारों ने कोच निर्माण की पूरी प्रक्रिया को नजदीक से देखा और यह समझा कि किस प्रकार कच्चे स्टील से एक आधुनिक यात्री कोच तैयार किया जाता है।मीडिया प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए उप महाप्रबंधक श्री अमन कुमार ने वंदे भारत कोचों के नवीनतम संस्करण में शामिल तकनीकी नवाचारों और सुधारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहली बार वंदे भारत ट्रेन का निर्माण आरसीएफ कपूरथला में किया गया है, जिससे उत्पादन क्षमता का विस्तार हुआ है। इससे पहले इसका डिजाइन और निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्टरी चेन्नई में किया गया था। यह पहल इंडियन रेलवेज की निर्माण क्षमता को और सुदृढ़ करेगी।उन्होंने बताया कि आरसीएफ कपूरथला प्रति वर्ष लगभग 2,200 से 2,300 कोचों का निर्माण करता है, जो रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार विभिन्न प्रकारों (वैरिएंट्स) में तैयार किए जाते हैं। वंदे भारत का मूल डिजाइन इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई में विकसित किया गया था, जिसे अब आरसीएफ कपूरथला और मॉडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली जैसे उन्नत कारखानों के साथ साझा किया गया है, ताकि अनुभव और फीडबैक के आधार पर निरंतर सुधार किए जा सकें।उन्नत वंदे भारत कोचों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए श्री कुमार ने बताया कि इसमें कवच (Train Collision Avoidance System) जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली, क्रैशवर्दी डिजाइन तथा उन्नत अग्नि पहचान एवं शमन प्रणाली लगाई गई है। विशेष रूप से, ट्रेन के शौचालयों में स्मोक डिटेक्टर सेंसर लगाए गए हैं, जो धुआं या आग की स्थिति का तुरंत पता लगाकर अलर्ट देते हैं, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव होती है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति (डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा) तक चलने में सक्षम है और इसमें बेहतर त्वरण एवं मंदन क्षमता है। इसके अतिरिक्त, इसमें उन्नत हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग प्रणाली, आधुनिक इंटीरियर, एर्गोनोमिक सीटिंग, मोबाइल चार्जिंग सुविधा, उन्नत शौचालय, पैंट्री व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली तथा स्वचालित दरवाजे जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।वर्ष 1988 में स्थापित रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला आज एक विकसित टाउनशिप के रूप में भी उभरी है, जहां लगभग 5,600 कर्मचारी कार्यरत हैं और लगभग 4,000 आवासीय क्वार्टर उपलब्ध हैं। परिसर में केंद्रीय विद्यालय एवं पंजाब सरकार के विद्यालयों सहित शैक्षणिक संस्थान, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, फुटबॉल स्टेडियम, स्विमिंग पूल तथा 18-होल गोल्फ कोर्स जैसी खेल सुविधाएं और बैंक सहित अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।भारतीय रेल में खेल और समग्र विकास को बढ़ावा देने की परंपरा के तहत वर्तमान में आरसीएफ परिसर में अखिल भारतीय अंतर-रेलवे महिला हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न रेलवे जोनों की टीमें भाग ले रही हैं। रेलवे से जुड़े कई खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।वंदे भारत ट्रेन, जिसे पहले ट्रेन 18 के नाम से जाना जाता था, ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित की गई थी और वर्ष 2019 में इसे देश की पहली इंजन रहित सेमी-हाई स्पीड ट्रेन के रूप में शुरू किया गया था। तब से इसमें लगातार सुधार करते हुए इसे और अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक बनाया गया है।श्री अमन कुमार ने कहा कि आरसीएफ कपूरथला में वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण देश को उन्नत रेल प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह भारतीय रेल की आधुनिकीकरण एवं यात्री-केंद्रित विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28,840 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना—संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक दस वर्षों के लिए लागू की जाएगी।
इस योजना के जरिए कम सेवा प्राप्त और सेवा से वंचित क्षेत्रों में हवाई संपर्क बेहतर होगा। साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों के लिए सस्ती हवाई यात्रा को बढ़ावा दिया जाएगा।दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में इस योजना से आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्रीय हवाई अड्डों और एयरलाइन ऑपरेटरों की व्यवहार्यता और स्थिरता भी बढ़ेगी।संशोधित योजना के तहत 100 नए हवाई अड्डों को विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए अगले आठ वर्षों में 12,159 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह कदम ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।योजना के तहत हवाई अड्डों के संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) के लिए तीन वर्षों तक प्रति हवाई अड्डे 3.06 करोड़ रुपए और प्रति हेलीपोर्ट/वाटर एयरोड्रॉम 0.90 करोड़ रुपए प्रति वर्ष की सहायता दी जाएगी। इसके लिए कुल 2,577 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 15 करोड़ रुपए प्रति हेलीपैड की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। इस पर कुल 3,661 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिससे अंतिम-मील कनेक्टिविटी मजबूत होगी । एयरलाइन ऑपरेटरों को व्यवहार्यता अंतर (वीजीएफ) के तहत 10 वर्षों में 10,043 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे क्षेत्रीय मार्गों पर संचालन को बढ़ावा मिलेगा।योजना के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के ध्रुव हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमान खरीदे जाएंगे। यह कदम आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र को मजबूती देगा।अक्टूबर 2016 में शुरू हुई उड़ान योजना के तहत 28 फरवरी 2026 तक 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्टों और वाटर एयरोड्रॉम पर 663 मार्ग चालू किए जा चुके हैं। अब तक 341 लाख से अधिक उड़ानें संचालित की गई हैं और 162.47 लाख यात्रियों ने इसका लाभ उठाया है।यह योजना न केवल कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं को भी मजबूत करेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा। -
नई दिल्ली। दुनियाभर में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस को लेकर मची हाहाकार के बीच भारत सरकार ने विश्वास दिलाया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और कच्चे तेल से लेकर प्राकृतिक गैस तक पर्याप्त मात्रा में है। पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बुधवार को इसकी जानकारी दी गई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शांति बहाली को लेकर भारत के प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से बातचीत की। भारत ने तनाव कम करने, शांति बहाली और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित व खुला रखने पर जोर दिया। दोनों वार्ताओं में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति और ऊर्जा सुरक्षा पर समन्वय पर बल दिया गया, जिसमें भारत-श्रीलंका सहयोग भी शामिल है। भारत ईरान सहित क्षेत्रीय साझेदारों के संपर्क में है और अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रहा है।वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ईरानी राजदूत से मुलाकात हुई। कई भारतीय नागरिक आर्मेनिया और अजरबैजान मार्गों के जरिए लौटे हैं, जिसके लिए ईरान को धन्यवाद दिया। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव राजेश सिन्हा ने जानकारी दी कि वर्तमान में 20 भारतीय जहाज पर्शियन गल्फ क्षेत्र में हैं, जिनमें 500 से ज्यादा भारतीय नाविक मौजूद हैं। उन्होंने बताया, “पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक से संबंधित कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। 20 भारतीय जहाज वर्तमान में पर्शियन गल्फ क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं, और इन जहाजों पर 540 भारतीय नाविक मौजूद हैं, और सभी सुरक्षित हैं। संबंधित एजेंसियां और शिपिंग अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।”अंतर मंत्रालयी प्रेस ब्रीफ में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अपने विभाग की तैयारियों और एलपीजी-पीएनजी को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और रिफाइनरियां अपनी उच्चतम क्षमता पर काम कर रही हैं। देश में सालाना लगभग 26 करोड़ टन कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता मौजूद है। हाल के दिनों में कुछ जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लाइन और पैनिक बाइंग देखी गई, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी पंपों और सप्लाई टर्मिनलों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।शर्मा ने आगे कहा, पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और सीएनजी की आपूर्ति सामान्य है। सरकार पीएनजी विस्तार पर जोर दे रही है और कई कदम उठाए गए हैं। लगभग 2.2 लाख उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट हो चुके हैं और करीब 2.5 लाख नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। एलपीजी के मामले में किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर ड्राई-आउट नहीं है (एलपीजी उपलब्ध है)। ऑनलाइन बुकिंग लगभग 92 फीसदी तक पहुंच गई है।सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का आवंटन 20 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी किया है, ताकि ढाबा, होटल, कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता मिल सके। अब तक 26 राज्यों ने करीब 22,000 टन कमर्शियल एलपीजी आवंटित किया है। इसके तहत 5 किलो के सिलेंडर भी बड़ी संख्या में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। हाल ही में 2700 से ज्यादा छापे और करीब 2000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। -
नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम नवमी की पूर्व संध्या पर देश और विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है।
राष्ट्रपति भवन से जारी अपने संदेश में द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “राम नवमी के शुभ अवसर पर, मैं सभी देशवासियों और विदेश में रहने वाले भारतीयों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।”उन्होंने कहा कि राम नवमी का पावन पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। भगवान राम का जीवन सत्य, न्याय, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्री राम का जीवन हमें समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है और उनके आदर्श हमारी संस्कृति की नींव हैं। उन्होंने कहा कि हमें इन आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने का निरंतर प्रयास करना चाहिए।उन्होंने अपील की कि इस पावन अवसर पर सभी लोग भगवान श्री राम की शिक्षाओं को आत्मसात करें और अपने विचारों, शब्दों और कार्यों से राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प लें।द्रौपदी मुर्मू ने देश में शांति, समृद्धि और सद्भावना की कामना करते हुए आशा जताई कि भगवान राम की कृपा से हर भारतीय के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए।राम नवमी हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जिसे देशभर में भव्य रूप से मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रामलीला और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।राष्ट्रपति का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देशभर में राम नवमी को लेकर उत्साह चरम पर है और श्रद्धालु इस पर्व को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में जुटे हैं। भगवान राम के आदर्शों—मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और न्याय—को अपनाने पर जोर देते हुए द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि इन मूल्यों के माध्यम से ही एक बेहतर समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 1800 करोड़ रुपए के बजट परिव्यय के साथ आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी) योजना को 31 मार्च, 2026 के बाद भी पांच साल की अवधि के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। आईवीएफआरटी प्लेटफॉर्म का उद्देश्य भारत में आव्रजन, वीजा जारी करने और विदेशियों के पंजीकरण से संबंधित कार्यों को परस्पर जोड़ना और उन्हें सुव्यवस्थित करना है।
कैबिनेट की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि इसका लक्ष्य वैध यात्रियों को सुविधा प्रदान करना और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। इस परियोजना को 13 मई, 2010 को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा 1011 करोड़ रुपए के बजट के साथ सितंबर 2014 तक की अवधि के लिए अनुमोदित किया गया था।बाद में परियोजना के लिए बजट आवंटन 2015 में संशोधित करके 638.90 करोड़ रुपए कर दिया गया था और कार्यान्वयन की समयसीमा को 31 मार्च, 2017 तक और फिर इसे बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दिया गया था। फिर इस परियोजना को 01 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 तक पांच साल की अवधि के लिए मंत्रिमंडल ने 19 जनवरी,2022 को 1365 करोड़ रुपए के बजट परिव्यय के साथ मंजूरी दी थी।कैबिनेट कहा कि यह योजना मोबाइल आधारित सेवाओं और सुरक्षित यात्री आवागमन के लिए सेल्फ-सर्विस कियोस्क सहित उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाकर आव्रजन और वीजा व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी। यह आव्रजन चौकियों, एफआरआरओ और डेटा केंद्रों में मुख्य बुनियादी ढांचे को उन्नत और विस्तारित करके देशव्यापी स्तर पर एक गतिशील और विस्तार योग्य प्रणाली का निर्माण करेगी।इसके अतिरिक्त, यह परियोजना एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने, मुख्य अनुप्रयोग संरचना को नया रूप देने और बेहतर दक्षता तथा उपयोगकर्ता अनुभव के लिए नेटवर्क और परिनियोजन ढांचे को सुदृढ़ करने के जरिए प्रौद्योगिकी और सेवा वितरण को अनुकूलित करेगी। इससे वैध यात्रियों को सुविधा मिलेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी। यह सेवा निरंतरता बनाए रखने और भविष्य में भारत में अधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अभिनव प्रौद्योगिकीय समाधानों को शामिल करने में मदद करेगी।बयान में कहा गया कि इससे पर्यटन, चिकित्सा और व्यापार क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। आईवीएफआरटी के अत्यधिक सकारात्मक प्रभाव हैं, जो अंतरराष्ट्रीय यातायात, व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा देंगे। इससे आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और रोजगार के अवसरों में योगदान मिलेगा।आईवीएफआरटी प्रणाली ने आव्रजन और वीजा संबंधी सभी कार्यों में सेवा वितरण और परिचालन दक्षता में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इस प्रणाली ने ऑनलाइन अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग और भुगतान सुविधाओं के साथ 100 प्रतिशत संपर्क रहित और व्यक्तिगत संपर्क रहित वीजा प्रक्रिया को सक्षम बनाया है, जिससे वीजा प्रसंस्करण का समय कम हो गया है। इससे पिछले पांच वर्षों में 91.24 प्रतिशत ई-वीजा आवेदनों को 72 घंटों के भीतर मंजूरी मिल गई है। आव्रजन चौकियों पर यात्रियों की औसत निकासी का समय भी बायोमेट्रिक्स सहित पारंपरिक 5-6 मिनट से घटकर 2.5-3 मिनट हो गया है।13 प्रमुख हवाई अड्डों पर लागू किए गए स्वचालित ई-गेट के माध्यम से फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (एफटीआई-टीटीपी) से आव्रजन प्रक्रिया में लगने वाला समय 2.5-3 मिनट से घटकर 30 सेकंड हो गया है। वर्तमान में भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्ड धारकों के लिए इसका पंजीकरण निशुल्क है। -
- संगीत की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए संपूर्ण छह छंदों वाले ‘वंदे मातरम’ को क्षेत्रीय संस्करणों में रिकॉर्ड किया जा रहा है
नई दिल्ली। स्वतंत्रता के बाद से ही आकाशवाणी स्टेशनों की यह परंपरा रही है कि वे अपने सुबह के प्रसारण की शुरुआत अपनी प्रतिष्ठित धुन से करते हैं, जिसके बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के दो छंदों वाला संस्करण (अवधि 65 सेकंड) प्रसारित किया जाता है।गृह मंत्रालय द्वारा दिनांक 28 जनवरी, 2026 को जारी छह छंदों वाले राष्ट्रीय गीत संबंधी दिशानिर्देश के अनुसार, आकाशवाणी के सभी स्टेशनों पर 26 मार्च, 2026 से राष्ट्रीय गीत का नया संस्करण प्रसारित किया जाएगा। नए संस्करण की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है।प्रसारित होने वाला प्रारंभिक संस्करण प्रसिद्ध हिंदी शास्त्रीय गायक पंडित चंद्रशेखर वाजे द्वारा राग देस में गाया गया है। क्षेत्रीय वाद्ययंत्रों की विविधता को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय गीत के कई अन्य संस्करण भी रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। इन संस्करणों को संबंधित राज्यों में स्थित आकाशवाणी स्टेशनों द्वारा अपनाया जाएगा। -
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान ऐतिहासिक दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और बंगाल सहित पूरे देश के कल्याण की कामना की।
चैत्र नवरात्र के मौके पर मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “आज मां काली के दरबार में दर्शन-पूजन का सौभाग्य मिला है। मां हम सभी को आशीर्वाद दें।” उन्होंने बताया कि उन्होंने मां से ‘सोनार बंगाल’ और ‘विकसित बंगाल’ बनाने का आशीर्वाद मांगा है।नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जिस राज्य को उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, वही आज बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पश्चिम बंगाल की संस्कृति ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधा है लेकिन आज यहां ऐसे तत्व सक्रिय हो रहे हैं जो हमारी संस्कृति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उनकी सरकार की नीतियों को तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में धार्मिक मामलों को लेकर असमानता देखने को मिल रही है।भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “आज बंगाल में सार्वजनिक रूप से नमाज पढ़ने की अनुमति मिल जाती है, लेकिन मां की पूजा के लिए पंडाल लगाने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति लेनी पड़ती है। यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है।”उन्होंने उम्मीद जताई कि मां काली के आशीर्वाद से राज्य में सकारात्मक बदलाव आएगा और बंगाल फिर से अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘सोनार बांग्ला’ और ‘विकसित पश्चिम बंगाल’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। आपको बता दें कि राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है। पहला चरण 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसमें 142 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। - कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अगले महीने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए मंगलवार को यहां कई संगठनात्मक और रणनीतिक बैठके कीं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। भाजपा की राज्य इकाई के सूत्रों ने बताया कि मंगलवार से शुरू हुई नवीन की दो दिवसीय बंगाल यात्रा महज एक नियमित संगठनात्मक समीक्षा के लिए नहीं है, बल्कि राज्य में भाजपा की चुनाव प्रचार रणनीति को नया रूप देने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने इसे एक नई ''चक्रव्यूह'' रचना के रूप में वर्णित किया है जिसमें बूथ प्रबंधन, विमर्श का निर्माण और सूक्ष्म स्तर पर लामबंदी के पहलु शामिल हैं।सूत्रों के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी की डिजिटल पहुंच, सोशल मीडिया रणनीति और जमीनी स्तर के संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने के लिए दिन भर राज्य इकाई के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि नवीन ने चुनाव से पहले अभियान के संदेश को आकार देने के लिए पार्टी के विमर्श और संवाद टीम के साथ भी चर्चा की। पार्टी नेताओं के मुताबिक नवीन ने राज्य के शीर्ष नेताओं और वरिष्ठ संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में बातचीत की। इससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा नेतृत्व राज्य में सत्ता हासिल करने के अपने प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष का जोर बूथ स्तर के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, सूक्ष्म स्तर की योजना को और बेहतर बनाने और पार्टी के चुनाव प्रचार में स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने पर है।
- गांधीनगर. गुजरात विधानसभा ने मंगलवार को सात घंटे से अधिक चली बहस के बाद समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पर अपनी मुहर लगा दी। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे समानता सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक सुधार बताया, जबकि कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और 'मुस्लिम विरोधी' है। इस विधेयक में धर्म से परे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और सहजीवन को विनियमित करने के लिए एक समान कानूनी ढांचे का प्रावधान है।विपक्षी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के विरोध और इसे चयन समिति को भेजे जाने की मांग के बीच विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य द्वारा नियुक्त एक समिति द्वारा यूसीसी के कार्यान्वयन पर दाखिल अंतिम रिपोर्ट के एक सप्ताह बाद मंगलवार सुबह इस विधेयक को सदन में पेश किया। इस विधेयक के पारित होने के साथ ही भाजपा शासित गुजरात, उत्तराखंड के बाद यूसीसी पारित करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। उत्तराखंड फरवरी 2024 में यूसीसी विधेयक पारित करने वाला पहला राज्य बना था।गुजरात समान नागरिक संहिता- 2026' नाम से प्रस्तावित कानून पूरे राज्य के साथ-साथ गुजरात की सीमा से बाहर रहने वाले गुजरातियों पर पर भी लागू होगा। विधेयक में हालांकि स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित प्रावधान अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के सदस्यों और कुछ ऐसे समूहों पर लागू नहीं होगी जिनके पारंपरिक अधिकार संविधान के तहत संरक्षित हैं। विधेयक के 'उद्देश्य और कारण' में कहा गया है कि संहिता का उद्देश्य एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है। अन्य प्रावधानों के अलावा, इसमें सहजीवन (लिव-इन रिलेशनशिप) के पंजीकरण के साथ-साथ औपचारिक घोषणा के माध्यम से उन्हें समाप्त करने का प्रावधान भी है।इस विधेयक में बहुविवाह पर भी रोक लगाई गई है, जिसका अर्थ है कि कोई व्यक्ति अपने जीवनसाथी के जीवित रहते दूसरी शादी नहीं कर सकता। इसमें कहा गया है कि किसी विवाह को संहिता के तहत तभी वैध माना जाएगा जब विवाह के समय दोनों पक्षों में से किसी का भी जीवित जीवनसाथी न हो। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शैलेश परमार ने इसका विरोध करते हुए कहा,''आपने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए जल्दबाजी में यह विधेयक पेश किया है। हम मांग करते हैं कि इसे विधानसभा की स्थायी समिति को भेजा जाए।'' कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ विधायक अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि यह विधेयक संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन करता है। कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला ने इस विधेयक को 'मुस्लिम विरोधी' करार दिया।
- नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंगलवार को उपभोक्ता-केंद्रित गैस सेवा वितरण को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपायों की शुरुआत की है। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पाइप के जरिये घरों में पहुंचने वाली रसोई गैस (पीएनजी) के उपयोग में बदलाव से उपभोक्ताओं पर अत्यधिक वित्तीय बोझ न पड़े। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, नए ढांचे के तहत अब पीएनजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए एक समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसका लक्ष्य सेवा मानकों में सुधार करना और उन क्षेत्रों में एलपीजी से पीएनजी की ओर क्रमिक बदलाव को सुगम बनाना है जहां पाइपलाइन बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह नीति उन क्षेत्रों में लचीलापन प्रदान करती है जहां तकनीकी कारणों से पहुंच फिलहाल संभव नहीं है। सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए इस नीति में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिससे स्थानीय अधिकारी या निजी संस्थाएं पाइपलाइन विकास के लिए मार्ग देने से मनमाने तरीके से इनकार न कर सकें। इन कदमों से गैस वितरण नेटवर्क में विविधता आएगी और एक ही ईंधन स्रोत पर निर्भरता कम होगी, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। तेज अनुमोदन और स्पष्ट नियामक दिशानिर्देश कारोबार सुगमता और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद करेंगे।
- नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सैन्य नेतृत्व को पश्चिम एशिया संघर्ष का व्यापक अध्ययन करने का निर्देश दिया ताकि भारत की सैन्य तैयारियों को मजबूत किया जा सके और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित किया जा सके। सिंह और शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने रक्षा उपकरणों की खरीद और उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के संदर्भ में पश्चिम एशिया संघर्ष और भारत पर इसके संभावित प्रभाव पर विचार-विमर्श किया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, रक्षा मंत्री को वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, जारी संघर्षों के संभावित रूप से बढ़ने के भारत पर प्रभाव, साथ ही वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों के बारे में जानकारी दी गई।इसमें यह भी बताया गया कि मौजूदा उपकरणों के रखरखाव और सेवाक्षमता सहित रक्षा उपकरणों की खरीद और उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर स्थिति के प्रभाव का भी विश्लेषण किया गया। रक्षा मंत्रालय ने विज्ञप्ति में कहा कि सिंह ने निर्देश दिया कि भारत की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए जारी संघर्ष से प्राप्त परिचालन और तकनीकी सबक का निरंतर अध्ययन किया जाना चाहिए। रक्षा मंत्री ने बैठक में कहा, ''हमें अगले दशक के लिए एक व्यापक एकीकृत प्रारूप तैयार करने की आवश्यकता है, जिसमें सीखे गए सबक, आगे आने वाली चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए सभी मोर्चों पर आत्मनिर्भरता और परिचालन तत्परता सुनिश्चित की जाए।" बैठक में प्रमुख रक्षाध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव आर के सिंह और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- नयी दिल्ली. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुन लिये गए, क्योंकि पार्टी के शीर्ष पद के लिए किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया। यह चौथी बार है जब 75 वर्षीय नीतीश कुमार पार्टी प्रमुख बने हैं। दिसंबर 2023 में लोकसभा चुनाव से पहले ललन सिंह के पद से इस्तीफा देने के बाद से ही पार्टी की कमान संभाल रहे नीतीश हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े ने नीतीश कुमार के जद(यू) अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की और पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में जद(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को उनके चुनाव का प्रमाण पत्र सौंपा। इस अवसर पर पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।हेगड़े ने यहां नीतीश कुमार के निर्विरोध जद(यू) अध्यक्ष पद के लिए चुने जाने की घोषणा की और पार्टी नेताओं को प्रमाण पत्र सौंप दिया। उन्होंने कहा, ''चूंकि किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है, इसलिए मैं नीतीश कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करता हूं।'' हालांकि, नीतीश कुमार जद(यू) अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा के समय वहां मौजूद नहीं थे। उनकी गैर-मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर, झा ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा में भाग ले रहे हैं। जद(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''हम यहां उनकी ओर से निर्वाचन अधिकारी से उनका चुनाव प्रमाण पत्र प्राप्त करने आए हैं।'' झा ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने जो काम किया है, उसे राज्य के 'स्वर्ण युग' के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा, ''वह हमारे नेता हैं और हम उनके नेतृत्व में काम करते रहेंगे।''झा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि नीतीश कुमार का निर्विरोध चुनाव पार्टी कार्यकर्ताओं के अटूट विश्वास और स्नेह का प्रतीक है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ''नीतीश कुमार का अनुभव, दूरदर्शिता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण उन्हें देश के अग्रणी नेताओं में से एक के रूप में स्थापित करता है। उनके मार्गदर्शन में, पार्टी दृढ़ संकल्प, अटूट एकता और समावेशी विकास के सिद्धांतों के साथ न केवल बिहार बल्कि पूरे देश को एक नयी दिशा प्रदान करने के लिए काम कर रही है।''उन्होंने कहा, ''लंबे संघर्ष के बाद जब नीतीश कुमार को 2005 में बिहार की सेवा करने का अवसर मिला, तब पूरा राज्य बदहाल स्थिति में था। उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया। नीतीश कुमार ने अपने सुशासन से बिहार को आज जिस मुकाम तक पहुंचाया है, वह राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। '' जद(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने नीतीश कुमार को चौथी बार पार्टी का अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में पार्टी और मजबूत होगी तथा देश एवं समाज के प्रति अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता को नयी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाएगी। नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को पर्चा भरा था। उनके प्रस्तावकों में शामिल संजय कुमार झा ने यहां पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में उनका नामांकन पत्र जमा कराया था। बिहार के मुख्यमंत्री नामांकन दाखिल करने के लिए दिल्ली नहीं आए थे। इस पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 मार्च थी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 23 मार्च को की गई। नीतीश कुमार ने 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जद(यू) की कमान संभाली थी। राजीव रंजन सिंह ने दिसंबर 2023 में पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
- देहरादून. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि 19 अ्प्रैल से शुरू हो रही चार धाम यात्रा के लिए अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं जो यात्रा के प्रति बढ़ते उत्साह को दिखाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण पिछले साल यात्रा डेढ़ महीने से अधिक समय तक बाधित रही, लेकिन इसके बावजूद 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारों धामों के दर्शन किए। उन्होंने कहा, ''2026 की चार धाम यात्रा के लिए अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं। गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के अतिथि गृहों में पांच करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है। यह यात्रा के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।''धामी ने कहा कि यात्रा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं और सड़कों के सुदृढ़ीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के विकास, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा परिवहन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को यात्रा मार्गों पर सभी मूलभूत सुविधाएं, जैसे पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात प्रबंधन आदि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुखद चार धाम दर्शन कराने को अपनी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों, अतिथि गृह संचालकों, ढाबा संचालकों, टैक्सी एवं परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों के साथ समन्वय एवं संवाद स्थापित किया गया है ताकि यात्रा के दौरान बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से आगामी चार धाम यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया के पर्व पर 19 अप्रैल को खुलेंगे जबकि बदरीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को और केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
- नयी दिल्ली. रियल एस्टेट परियोजनाओं की निर्माण लागत इस वर्ष तीन से पांच प्रतिशत तक बढ़ सकती है, क्योंकि निर्माण सामग्री और मजदूरी में वृद्धि हो रही है। जेएलएल इंडिया ने यह अनुमान लगाया है। रियल एस्टेट क्षेत्र की परामर्श कंपनी जेएलएल ने मंगलवार को 'कंस्ट्रक्शन कॉस्ट गाइड, इंडिया - 2026' जारी की, जिसमें अनुमान लगाया गया है कि 2026 में सभी प्रकार की संपत्तियों में निर्माण लागत में तीन से पांच प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। पिछले वर्ष 2025 में सामग्री लागत मिश्रित रही। सीमेंट, इस्पात और डीजल की कीमतों में मामूली गिरावट (क्रमशः 1-2, 3-4 और 5-6 प्रतिशत) देखी गई, जबकि एल्युमिनियम और तांबे की कीमतों में वैश्विक मांग और आपूर्ति श्रृंखला के दबावो के कारण आठ से नौ और नौ-10 प्रतिशत तक वृद्धि हुई।मजदूरी लागत सभी श्रेणियों में पांच से छह प्रतिशत बढ़ी, जिसका कारण कुशल मजदूरों की कमी और बुनियादी ढांचे की बढ़ती मांग है। सरकार की जीएसटी 2.0 पहल ने सीमेंट पर 10 प्रतिशत कर राहत दी, जिससे डेवलपर को दो से तीन प्रतिशत की बचत और घर खरीदने वालों के लिए एक से डेढ़ प्रतिशत की कीमत में कमी की संभावना है। हालांकि, नवंबर, 2025 में लागू नए श्रम कानून के तहत सामाजिक सुरक्षा लाभ, स्वास्थ्य कवरेज और मानक वेतन ढांचे बढ़ाए गए हैं, जिससे मजदूरी लागत सभी श्रेणियों में पांच से 12 प्रतिशत बढ़ी। जेएलएल इंडिया के अनुसार, इन सभी कारणों से इस वर्ष निर्माण लागत में कुल मिलाकर तीन से पांच प्रतिशत वृद्धि हो सकती है, जिसका असर परियोजनाओं की आर्थिक योजना पर पड़ सकता है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि देशभर में 18,646 जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं, जो लोगों को किफायती दरों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की शुरुआत 2008 में संप्रग सरकार ने की थी, लेकिन वर्ष 2014 तक केवल 80 जन औषधि केंद्र ही खोले गए थे। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में इस योजना का तेजी से विस्तार हुआ है।नड्डा ने बताया कि 28 फरवरी 2026 तक देश में 18,646 जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 2,370 केंद्र सरकारी अस्पतालों में खोले गए हैं, जहां दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में लगभग 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती उपलब्ध कराई जाती हैं। एक लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत उत्पाद सूची में 2,110 दवाएं और 315 सर्जिकल उपकरण, मेडिकल उपभोग्य वस्तुएं एवं अन्य उपकरण शामिल हैं, जो हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण, एलर्जी और जठरांत्र संबंधी रोगों सहित प्रमुख चिकित्सीय श्रेणियों में आते हैं। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला अभिकर्मकों (लैब रीएजेंट) और टीकों को छोड़कर, राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची में शामिल लगभग सभी जेनेरिक दवाएं इस योजना के तहत उपलब्ध हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दवाओं की उपलब्धता और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए देशभर में पांच वेयरहाउस और 41 वितरकों के साथ एंड-टू-एंड आईटी सक्षम आपूर्ति शृंखला प्रणाली विकसित की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए नड्डा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 'मुफ्त दवा सेवा पहल' (फ्री ड्रग्स सर्विस पहल) लागू की गई है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो और मरीजों की जेब से होने वाले खर्च में कमी लाई जा सके। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके कार्यक्रम कार्यान्वयन योजनाओं के आधार पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में मुफ्त आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।---
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नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को कहा कि भारत में पेट्रोल, डीजल और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का पर्याप्त भंडार है और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति से जुड़ी बाधाओं के बावजूद सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। ईंधन की उपलब्धता पर अद्यतन जानकारी देते हुए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देशभर में पेट्रोल पंप पूरी तरह से चालू हैं। हालांकि, अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी से कुछ क्षेत्रों में असामान्य रूप से अधिक बिक्री हुई है। उन्होंने नागरिकों से जमाखोरी न करने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने का आग्रह किया।
शर्मा ने कहा कि घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है और वितरकों के पास किसी भी तरह की कमी की सूचना नहीं है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर मौजूदा स्थिति के कारण आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। डिलिवरी सामान्य रूप से जारी है। घरेलू पीएनजी (पाइप के जरिये घरों में पहुंचने वाली रसोई गैस) और सीएनजी (कॉम्प्रेस्ड नेचुरल गैस) परिवहन जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है, जबकि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को आपूर्ति औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत पर बनाए रखी जा रही है। सरकार पीएनजी कनेक्शन लेने को बढ़ावा दे रही है। इससे शहरी गैस वितरण कंपनियां कनेक्शन लगाने की प्रक्रिया तेज कर रही हैं। राज्यों से शहरी गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार के लिए अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया गया है। आपूर्ति संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए व्यावसायिक एलपीजी और मिट्टी के तेल (केरोसिन) का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। साथ ही छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के लिए कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र ने राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा है। इसके तहत अब तक लगभग 3,400 छापे मारे गए हैं, 642 एफआईआर दर्ज की गई हैं और लगभग 155 गिरफ्तारियां की गई हैं। सरकार ने संयम बरतने की सलाह देते हुए नागरिकों से आग्रह किया है कि वे घबराकर खरीदारी न करें, ईंधन का सूझ-बूझ के साथ उपयोग करें और मौजूदा संकट के दौरान पीएनजी और इलेक्ट्रिक चूल्हे जैसे विकल्पों पर विचार करें। -
नयी दिल्ली. भारत ने मंगलवार को क्षयरोग (टीबी) के आधुनिक उपचारों के पूरक के रूप में पारंपरिक आयुर्वेद उपचार का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के लिए अपनी तरह के पहले वैश्विक क्लीनिकल अध्ययन की शुरुआत की है। इस अध्ययन में आठ संस्थानों में टीबी से हाल में संक्रमित पाए गए 1,250 रोगियों को शामिल किया जाएगा। इस दौरान मरीजों के शरीर के वजन, पोषण संबंधी परिणाम, रोग की प्रगति, जीवन की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रतिरोध क्षमता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अध्ययन की शुरुआत करने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''सफल उपचार के बाद भी, कई टीबी रोगियों को कमजोरी, वजन कम होना और जीवन की गुणवत्ता में गिरावट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो सहायक और जीवाणु प्रभाव आधारित उपचारों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।'' उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की भारत की समृद्ध विरासत इस तरह के मामलों में उपचार के लिए अद्वितीय अवसर प्रदान करती है, विशेष रूप से पोषण, प्रतिरक्षा और समग्र स्वास्थ्य लाभ में सुधार के लिए। मंत्री ने रेखांकित किया कि भारत में क्षय रोग के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और यह संख्या 2024 में प्रति एक लाख आबादी पर घटकर 187 मामलों पर आ गई है, जो 2015 के मुकाबले 21 प्रतिशत की कमी को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में क्षय रोग के कुल मामलों में भारत की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है। सिंह ने कहा, ''भारत ने राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इस बीमारी के उन्मूलन की दिशा में एक महत्वाकांक्षी और त्वरित रास्ता अपनाया है, जिसमें शीघ्र निदान को मजबूत करना, सार्वभौमिक दवा संवेदनशीलता परीक्षण, डिजिटल अनुपालन तकनीक और रोगी-केंद्रित देखभाल शामिल है।
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नयी दिल्ली. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साथ-साथ एशिया में अनुकूल शक्ति संतुलन सुनिश्चित करने के लिए भारत की भूमिका अपरिहार्य । उन्होंने भू-राजनीति में हो रहे व्यापक बदलाव के मद्देनजर दोनों पक्षों के बीच गहरे रक्षा संबंधों के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। अमेरिकी युद्ध नीति के उप सचिव एलब्रिज कोल्बी ने अनंत केंद्र में अपने संबोधन में भारत-अमेरिका रणनीतिक जुड़ाव के महत्व को रेखांकित करते हुए चार प्रमुख बिंदुओं को सूचीबद्ध किया और इस बात पर जोर दिया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में किसी एक शक्ति का प्रभुत्व नहीं होना चाहिए। उनके इस बयान को परोक्ष रूप से चीन की तरफ संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा, ''अमेरिका का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अनुकूल शक्ति संतुलन सुनिश्चित करने में भारत केंद्रीय भूमिका निभाएगा। इस संदर्भ में, एक मजबूत और आत्मविश्वासी भारत न केवल भारतीय जनता के लिए अच्छा है, बल्कि अमेरिकियों के लिए भी अच्छा है।'' पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कोल्बी की दो दिवसीय नयी दिल्ली यात्रा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा, ''सबसे पहली बात तो यह कि प्रभावी सहयोग के लिए अमेरिका और भारत को हर बात पर सहमत होना जरूरी नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि हमारे हित और उद्देश्य मूलभूत मुद्दों पर तेजी से एक समान होते जा रहे हैं।'' कोल्बी ने कहा, ''रणनीतिक मामलों पर सामंजस्य और सहयोग को गहरा करने के लिए मतभेद और यहां तक कि विवाद भी पूरी तरह से अनुकूल हैं। हमारी साझेदारी की जड़ें दिखावे से कहीं अधिक गहरी और सतही सौहार्द से कहीं अधिक टिकाऊ हैं; ये स्थायी रणनीतिक और परास्परिक हित में गहराई से निहित हैं।'' उन्होंने कहा, ''हमारे दोनों देशों को एक ऐसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र से लाभ होता है जिसमें कोई भी शक्ति इस क्षेत्र पर हावी नहीं हो सकती। दोनों को खुले व्यापार और राष्ट्रीय स्वायत्तता से लाभ होता है।'' कोल्बी ने तर्क दिया कि ये ठोस और साझा हित हमारी स्थायी रणनीतिक साझेदारी की नींव हैं।
अपने दूसरे बिंदु को स्पष्ट करते हुए कोल्बी ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ही इस क्षेत्र में टिकाऊ संतुलन के लिए सैन्य शक्ति की रणनीतिक केंद्रीयता को पहचानते हैं, और इसलिए रक्षा सहयोग को केवल प्रतीकात्मक या निष्क्रियता से प्रेरित होने के बजाय वास्तविक क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित होना चाहिए। कोल्बी ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के हवाले से कहा कि दोनों पक्षों के बीच रक्षा संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा औद्योगिक और प्रौद्योगिकी सहयोग को 'नई गति' मिल रही है। इस संदर्भ में उन्होंने पिछले साल अक्टूबर में अंतिम रूप दिए गए 'प्रमुख रक्षा साझेदारी' ढांचे का भी उल्लेख किया। कोल्बी ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ मिलकर लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता, सुदृढ़ रसद आपूर्ति, पनडुब्बी रोधी युद्ध और उन्नत प्रौद्योगिकियों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को तेज करने और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। अपने तीसरे बिंदु में, अमेरिकी उप सचिव ने सैन्य हार्डवेयर के संभावित सह-उत्पादन और सह-विकास के महत्व पर जोर दिया। कोल्बी ने कहा कि अमेरिका भारत को सैन्य बिक्री बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन साथ ही वह नयी दिल्ली की ओर से स्वदेशी रक्षा उद्योग को विकसित करने की महत्वाकांक्षा को भी मान्यता देता है। उन्होंने कहा, ''एक मजबूत घरेलू औद्योगिक आधार संप्रभुता और लचीलेपन को बढ़ाता है। अमेरिका इस उद्देश्य का समर्थन करता है। भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।'' ट्रंप प्रशासन के अधिकारी ने कहा, ''भारत के पास पहले से ही एक प्रभावशाली रक्षा औद्योगिक आधार है और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में भारत का नेतृत्व हमारे रक्षा सहयोग को और भी व्यापक बनाने में सहायक है।'' कोल्बी ने अपने चौथे बिंदु में कहा कि अमेरिका और भारत हर मुद्दे पर सहमत नहीं होंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी तर्क दिया कि किसी भी असहमति से सहयोग में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। -
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई से कहा कि वह राज्य के हर बूथ के लिए ''सूक्ष्म-स्तरीय योजना'' के साथ जनता से संपर्क करे। नवीन ने पार्टी की प्रदेश इकाई से कहा कि ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए पार्टी के चुनाव अभियान के केंद्र में स्थानीय मुद्दों को रखा जाए। सूत्रों के अनुसार, नवीन ने कोलकाता में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करते हुए, उनसे चुनाव अभियान को तेज करने और उन निर्वाचन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां भाजपा 2021 के विधानसभा चुनाव में पिछड़ गई थी।
नवीन मंगलवार को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां वे पार्टी की चुनाव तैयारियों की समीक्षा करेंगे और विधानसभा चुनाव के लिए जमीनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। ये चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं और इनके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। भाजपा के एक सूत्र ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''नितिन नवीन पश्चिम बंगाल का दौरा सिर्फ पार्टी की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए नहीं कर रहे हैं। वे अपने राजनीतिक अनुभव से पार्टी के चुनावी अभियान को एक नए 'चक्रव्यूह' में ढालने के लिए आये हैं।" भाजपा अध्यक्ष ने अपने दौरे के पहले दिन, कोलकाता में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ व्यापक "रणनीतिक बैठकें" कीं और उन्हें राज्य में भाजपा के चुनावी अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए, साथ ही उनसे कोई कसर न छोड़ने को कहा। सूत्र ने बताया, "नवीन ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए स्थानीय मुद्दों को पार्टी के चुनावी अभियान के केंद्र में रखते हुए, हर बूथ के लिए सूक्ष्म स्तर की योजना के साथ पूरे राज्य में जनसंपर्क को तेज करने को कहा। सूत्रों ने बताया कि नवीन ने पार्टी की डिजिटल और सोशल मीडिया टीम के साथ भी बैठक की और उनसे पश्चिम बंगाल में बदलाव लाने के भाजपा के वादे को हर घर तक पहुंचाकर अपने जनसंपर्क को और अधिक विस्तारित और गहरा करने का आग्रह किया। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने पार्टी की रणनीति टीम के साथ बैठक भी की और अपना मार्गदर्शन दिया। बीस जनवरी को भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद से नवीन का यह बंगाल का तीसरा दौरा है। सूत्रों ने बताया कि नौ अप्रैल को केरल में मतदान होने के बाद, भाजपा अध्यक्ष पार्टी के चुनाव अभियान और रणनीति का नेतृत्व करने के लिए बंगाल में डेरा डालेंगे। -
नई दिल्ली। ट्रेन टिकट कैंसिल करने से पहले अब जरा संभलकर फैसला लेना होगा। इंडियन रेलवे ने नियमों में ऐसा बदलाव किया है, जो सीधे आपकी जेब पर असर डाल सकता है। यह नई व्यवस्था अप्रैल 2026 के पहले दो हफ्तों में धीरे लागू की जाएगी। ट्रेन के खुलने के 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर सिर्फ फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज कटेगा और बाकी पैसा वापस मिल जाएगा। लेकिन अगर आप 24 घंटे से 72 घंटे के बीच रद्द करते हैं, तो किराए का 25 फीसदी कटौती होगी। न्यूनतम चार्ज भी लागू रहेगा।
रेलवे का कहना है कि ये बदलाव इसलिए लाया गया है ताकि एजेंट और दलाल पहले से टिकट बुक करके बाद में रद्द कर रिफंड का फायदा न उठा सकें। इससे असली यात्रियों को बेहतर मौका मिलेगा।पिछले साल भी रेलवे ने बुकिंग सिस्टम को और साफ-सुथरा बनाने के लिए कई कदम उठाए थे। अक्टूबर 2025 से जनरल कोटे की रिजर्व्ड टिकट बुकिंग के पहले 15 मिनट में IRCTC वेबसाइट या ऐप पर आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी कर दिया गया। इसका मकसद ये था कि बॉट्स या एजेंट्स जल्दी-जल्दी टिकट न पकड़ लें और आम आदमी को सीट मिल सके।इससे पहले जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए भी आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य हो गया। अब तत्काल टिकट सिर्फ आधिकारिक IRCTC प्लेटफॉर्म से ही और आधार चेक के बाद ही बुक हो पाते हैं।एजेंट्स पर भी नई पाबंदी लगाई गई। तत्काल बुकिंग के पहले 30 मिनट में उन्हें टिकट बुक करने की इजाजत नहीं है। एसी क्लास के लिए सुबह 10 से 10:30 बजे तक और नॉन-एसी के लिए 11 से 11:30 बजे तक एजेंट्स टिकट नहीं बुक कर सकते। रेलवे का दावा है कि ये सारे बदलाव यात्रियों को असुविधा से बचाने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए हैं। लेकिन अब यात्रियों को टिकट बुक करते या रद्द करते समय समय का खास ध्यान रखना होगा, वरना पैसे का नुकसान हो सकता है। -
नई दिल्ली । रेल मंत्रालय ने लोको पायलट, गार्ड समेत रनिंग स्टाफ को दिए जाने वाले किलोमीटर भत्ते में बढ़ोतरी कर दी है। यह नया भत्ता 1 जनवरी 2024 से ही माना जाएगा। इससे हजारों रेलवे कर्मचारियों को फायदा पहुंचेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब रेलवे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद यात्रा से जुड़े भत्तों की गणना दोबारा करने का प्रावधान है। ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन की लंबे समय से चल रही मांग के बाद मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।
रेलवे के लोको रनिंग स्टाफ और ट्रैफिक रनिंग स्टाफ दोनों के लिए किलोमीट्राज अलाउंस और अलाउंस इन ल्यू ऑफ किलोमीट्राज की दरें बढ़ाई गई हैं। प्रति किलोमीटर और 160 किलोमीटर की यात्रा पर मिलने वाला भत्ता अब ज्यादा हो गया है। बाकी सभी शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी।लोको रनिंग स्टाफ के नए रेटमेल लोको पायलट: अब 100 किलोमीटर पर 606 रुपये और 160 किलोमीटर पर 969 रुपये मिलेंगे।पैसेंजर लोको पायलट या सीनियर मोटरमैन: 100 किमी पर 600 रुपये, 160 किमी पर 960 रुपये।गुड्स लोको पायलट: 100 किमी पर 594 रुपये, 160 किमी पर 951 रुपये।शंटिंग लोको पायलट ग्रेड-1: 100 किमी पर 461 रुपये, 160 किमी पर 737 रुपये।सेकंड फायरमैन: 100 किमी पर 362 रुपये, 160 किमी पर 579 रुपये।ट्रैफिक रनिंग स्टाफ के नए रेटमेल एक्सप्रेस गार्ड: 100 किमी पर 549 रुपये, 160 किमी पर 878 रुपये।सीनियर पैसेंजर गार्ड: 100 किमी पर 543 रुपये, 160 किमी पर 869 रुपये।गुड्स गार्ड: 100 किमी पर 537 रुपये, 160 किमी पर 859 रुपये।असिस्टेंट गार्ड या ब्रेकसमैन: 100 किमी पर 305 रुपये, 160 किमी पर 488 रुपये।शंटिंग वाले स्टाफ के लिए अलग और थोड़े कम रेट रखे गए हैं क्योंकि उनकी ड्यूटी छोटी दूरी की होती है। रनिंग स्टाफ की ड्यूटी में लंबे-लंबे घंटे ट्रैक पर बिताने पड़ते हैं। रोजाना सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। महंगाई और बढ़ते खर्च को देखते हुए यह बढ़ोतरी उन्हें थोड़ी राहत देगी।




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