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- इंदौर। मध्यप्रदेश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर जिले के अस्पतालों में बिस्तरों की कमी दूर करने के लिए पश्चिम रेलवे आगे आया है। रेलवे ने 20 कोविड देखभाल कोच तैयार रखे हैं जिनमें 320 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी जितेंद्र कुमार जयंत ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, "हमने इंदौर जिले के टीही रेलवे स्टेशन पर 20 कोविड देखभाल कोच तैयार रखे हैं। इन कोचों में महामारी के हल्के और मध्यम लक्षणों वाले कुल 320 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है।" जयंत ने बताया कि इन कोचों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की भी व्यवस्था है। इसके अलावा, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के बैठने के लिए अलग कोच तैयार रखा गया है। वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि कोचों में कोविड देखभाल केंद्र शुरू करने के लिए जिला प्रशासन से रेलवे की बातचीत जारी है। उन्होंने बताया, "पहले दौर में प्रशासन की हमसे दो कोविड देखभाल कोच लेने की योजना है। हालांकि, अभी तय नहीं है कि ये कोच इंदौर जिले में कहां खड़े किए जाएंगे।" सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 1,03,592 मरीज मिले हैं। इनमें से 1,106 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।file photo
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार की सुबह न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के औसत तापमान से सात डिग्री सेल्सियस कम है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग ने कहा कि सापेक्षिक आर्द्रता 47 प्रतिशत रही और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। विभाग ने दिन में आसमान मुख्यत: साफ रहने का अनुमान जताया है।राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता ''खराब'' श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 217 दर्ज किया गया। शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रविवार को तरल ऑक्सीजन के गैर चिकित्सकीय उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी और उत्पादन इकाइयों को उत्पादन बढ़ाने और चिकित्सा इस्तेमाल के लिए इसे सरकार को उपलब्ध कराने को कहा। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला द्वारा जारी यह आदेश कोरोना वायरस की महामारी की नयी लहर की वजह से देश के कई हिस्सों विशेषकर दिल्ली में चिकित्सा ऑक्सीजन की कमी के बीच आया है। आपदा प्रबंधन कानून में निहित अधिकार का प्रयोग करते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि तरल ऑक्सीजन का इस्तेमाल गैर चिकित्सा उद्देश्य के लिए नहीं किया जाए और सभी उत्पादन इकाइयां तरल ऑक्सीजन उत्पादन की अधिकतम क्षमता का प्रयोग करे एवं उसे सरकारों को चिकित्सा उपयोग के लिए उपलब्ध कराएं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया और अगले आदेश जारी रहेगा।'' भल्ला ने निर्देश दिया कि तरल ऑक्सीजन के भंडार को तत्काल चिकित्सा उपयोग के लिए सरकार को मुहैया कराया जाए और किसी भी उद्योग को इस संबंध में छूट नहीं होगी। file photo
- चंद्रपुर (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री संजय देवताले का नागपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दिल का दौरा पडऩे के बाद रविवार को निधन हो गया। वह 58 वर्ष के थे। देवताले के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में उपचार के दौरान उनके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिर गया था और फिर उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। देवताल 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की सरकार में पर्यावरण एवं संस्कृति मंत्री थे।
- भोपाल। कोरोना वायरस के तेजी बढ़ रहे नये मामलों के मद्देनजर मध्य प्रदेश के अधिकांश भागों में लगाये गये कफ्र्यू के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ऐलान किया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रेहड़ी पटरीवालों को राहत प्रदान करने के लिए उनके खाते में एक-एक हजार रूपए डाले जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के खाते में भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना निधि की एक किस्त भी शीघ्र ही डाली जाएगी। चौहान ने मुख्यमंत्री निवास से प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में यह बात कही।उन्होंने कहा, ''कोरोना वायरस महामारी काल के इन कठिनाइयों वाले समय में जीवनयापन के लिये भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने गरीबों को तीन महीने का राशन नि:शुल्क देने का फैसला किया है। भारत सरकार ने भी मई और जून दो माह का राशन नि:शुल्क देने निर्णय लिया है।'' चौहान ने कहा, ''इसके साथ शहरी और ग्रामीण रेहड़ी पटरीवालों के खाते में भी एक-एक हजार रूपए डालने का निर्णय लिया गया है। किसानों के खाते में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना निधि की एक किस्त भी शीघ्र ही डाली जाएगी।भोपाल। कोरोना वायरस के तेजी बढ़ रहे नये मामलों के मद्देनजर मध्य प्रदेश के अधिकांश भागों में लगाये गये कफ्र्यू के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ऐलान किया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रेहड़ी पटरीवालों को राहत प्रदान करने के लिए उनके खाते में एक-एक हजार रूपए डाले जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के खाते में भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना निधि की एक किस्त भी शीघ्र ही डाली जाएगी। चौहान ने मुख्यमंत्री निवास से प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में यह बात कही।उन्होंने कहा, ''कोरोना वायरस महामारी काल के इन कठिनाइयों वाले समय में जीवनयापन के लिये भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने गरीबों को तीन महीने का राशन नि:शुल्क देने का फैसला किया है। भारत सरकार ने भी मई और जून दो माह का राशन नि:शुल्क देने निर्णय लिया है।'' चौहान ने कहा, ''इसके साथ शहरी और ग्रामीण रेहड़ी पटरीवालों के खाते में भी एक-एक हजार रूपए डालने का निर्णय लिया गया है। किसानों के खाते में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना निधि की एक किस्त भी शीघ्र ही डाली जाएगी।
- नई दिल्ली। प्रख्यात हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित राजन मिश्र का रविवार शाम को यहां एक अस्पताल में कोविड-19 समस्याओं के चलते निधन हो गया। वह 70 वर्ष के थे। इससे पहले पंडित मिश्र के लिए उनके मित्रों एवं शुभचिंतकों ने सोशल मीडिया पर जीवन रक्षा संदेश (एसओएस) जारी कर वेंटिलेटर उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। हालांकि, इससे कोई लाभ नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिश्र के निधन पर शोक व्यक्त किया है।मिश्र के बेटे रजनीश ने कहा कि वह पिछले तीन दिन से सेंट स्टीफन अस्पताल में भर्ती थे। रजनीश ने कहा, '' उनका शाम करीब 6:30 बजे दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। हम वेंटिलेटर के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन किसी ने हमारी सहायता नहीं की। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने मदद का हाथ बढ़ाया, लेकिन तब तक पंडित राजन मिश्र का निधन हो चुका था।'' मिश्र के परिवार में उनकी पत्नी, बेटी अंजू, और बेटे रितेश और रजनीश हैं।वे खयाल गायकी में अपने भाई साजन मिश्र के साथ अग्रणी गायकों में शामिल थे। वे पद्म भूषण से सम्मानित थे। दोनों भाई बनारस घराने से संबंध रखते हैं।पंडित पंडित राजन मिश्र के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ''शास्त्रीय गायन की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोडऩे वाले पंडित राजन मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख पहुंचा है। बनारस घराने से जुड़े मिश्र जी का जाना कला और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं।''
- बालाघाट (मप्र)। मध्यप्रदेश के बालाघाट स्थित एक सरकारी अस्पताल से 20 ऑक्सीजन सिलेंडरों की चोरी करने के आरोप में अस्पताल के दो दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को रविवार को गिरफ्तार किया गया। ऑक्सीजन सिलेंडरों की चोरी की यह घटना बालाघाट जिला अस्पताल में हुई।यह जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी है। कोतवाली पुलिस थाना प्रभारी एम आर रोमड़े ने बताया, ''बालाघाट जिला अस्पताल से डी-टाइप के 20 ऑक्सीजन सिलेंडर चोरी करने के मामले में दो आरोपियों ओमप्रकाश बागड़े (31) एवं गोविंदा पंचेश्वर (25) को गिरफ्तार करके रविवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड मिली है।'' उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर चोरी करने वाले दोनों आरोपी जिला अस्पताल के ही दैनिक वेतनभोगी कर्मी हैं। रोमड़े ने बताया कि उनके कब्जे से एक ऑक्सीजन सिलेंडर जब्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों से अन्य ऑक्सीजन सिलेंडरों के बारे में पूछताछ की जा रही है। रोमड़े ने बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर चोरी मामले में एक अन्य आरोपी फरार है। रोमड़े ने बताया कि जिला अस्पताल के रेजिडेंट चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण लांजेवार ने घटना के बाद कोतवाली थाने में 20 सिलेंडर चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि हालांकि, मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा की गई जांच में पाया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमितों के लिए रखे गए 25 सिलेंडर वार्डों से गायब हैं, जिनकी कीमत करीब ढाई लाख रुपए बताई जा रही है। file photo
- दरभंगा (बिहार)। आम तौर पर पति, पत्नी और वो की कहानी सुनने और देखने को मिलती रहती है, लेकिन बिहार के दरभंगा में पति, पत्नी और देवर की ऐसी कहानी सामने आई है कि तीनों को थाने पहुंकर अपना-अपना पक्ष रखना पड़ा, बावजूद इसके मामला नहीं सुलझा। इसके बाद महिला के आवेदन पर पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।दरअसल, पूरा मामला दरभंगा के नगर थानाक्षेत्र का है। वहां की रहने वाली एक लड़की की शादी चार साल पहले बेंता ओपी क्षेत्र निवासी एक युवक से हुई। युवक बाहर मुजफ्फरपुर में रहकर बच्चे को पढ़ाने का काम करता है और यही उसकी कमाई का जरिया है। लम्बे समय तक पति के बाहर रहने के कारण महिला को अपने देवर से प्यार हो गया और वह अपने पति को छोड़ अपने देवर से शादी करने की जिद पर अड़ी है।पुलिस की माने तो महिला ने अपने दिए आवेदन में पति से तलाक लेने के साथ-साथ अपने देवर से शादी करने की बात कही है। साथ ही अपने देवर पर शादी का प्रलोभन देकर शारिरिक संबंध बनाने का भी आरोप लगाया है।महिला की शिकायत पर महिला थाना पुलिस एक्शन में आई। इसके बाद थाने में पति, पत्नी और देवर सभी ने पहुंचकर अपना-अपना पक्ष रखा. लेकिन बात नहीं बनी। कुछ देर तो थाने में भी इन तीनों का हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बाद में एसडीओपी अनोज कुमार के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, लेकिन मामले का समाधन नहीं हुआ।दरभंगा के एसडीओपी अनोज कुमार ने मीडिया को बताया कि 'महिला की शादी तीन चार साल पहले हुई थी, लेकिन पति बाहर रहकर बच्चो को पढ़ाने का काम करता है। इसी बीच महिला को अपने देवर से प्यार हो गया और महिला ने बताया कि उसका अपने देवर से संबंध भी स्थापित हो गया है। साथ ही देवर ने उससे शादी करने का भी वादा किया था, लेकिन वह अब अपनी बात से मुकर रहा है। पुलिस सभी पक्ष का बयान लेकर पूरे मामले की जांच कर रही है।'इधर, महिला के पति ने बताया कि 'उसने अभी तक अपनी पत्नी को तलाक नही दिया है तो भला उसकी दूसरी शादी कैसे हो सकती है और हम भला अपनी पत्नी को तलाक क्यों दें। आज भी हम उसे अपने साथ रखने को तैयार है?'वहीं, दूसरी ओर देवर ने अपने ऊपर लगाए सारे आरोप को झूठा बताते हुए कहा कि 'भाभी के नाते हम लोग आपस मे हंसी मजाक करते रहते थे। हमने कभी प्यार होने और शादी करने का कोई वादा नहीं किया था। '
- नयी दिल्ली । रेलवे ने गोरखपुर, पटना, मुजफ्फरपुर, वाराणसी, गुवाहाटी, इलाहाबाद और बोकारो जैसे अधिक मांग वाले गंतव्यों के लिए अप्रैल और मई के बीच 674 अतिरिक्त फेरे संचालित करने की योजना बनाई है। रेलवे ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में इजाफा होने के कारण यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं देखी गई है, लेकिन जमीनी रिपोर्ट बताती हैं कि अपने गृह राज्यों के लिए रवाना होने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने रविवार को एक प्रस्तुतिकरण में बताया कि इस समय 70 प्रतिशत ट्रेन सेवाएं चालू हैं और रेलवे मांग के अनुसार अतिरिक्त रेलगाड़ियों का भी संचालन कर रहा है। इस समय रेलवे औसतन प्रतिदिन 1,514 ट्रेन और प्रतिदिन 5,387 उपनगरीय सेवाएं संचालित कर रहा है। रेलवे ने 28 विशेष ट्रेन भी चलाई हैं और वह 984 यात्री सेवाएं संचालित कर रहा है। शर्मा ने कहा, ‘‘कोविड-19 के बावजूद ट्रेन संचालन जारी रहेगा। हम मांग के अनुसार सेवाएं बढ़ा रहे हैं।'' 330 अतिरिक्त ट्रेन के 674 फेरे में से मध्य रेलवे 143 ट्रेन (377 यात्राएं), पश्चिम रेलवे 154 ट्रेन (212 यात्राएं), उत्तर रेलवे 27 ट्रेन (27 यात्राएं), पूर्व मध्य रेलवे दो ट्रेन (चार यात्राएं), उत्तर पूर्व रेलवे नौ ट्रेन (14 यात्राएं), उत्तर मध्य रेलवे एक ट्रेन (10 यात्राएं) और दक्षिण पश्चिम रेलवे तीन ट्रेन (30 यात्राएं) संचालित कर रहा है। इन 330 अतिरिक्त ट्रेन में से 101 मुंबई क्षेत्र और 21 दिल्ली क्षेत्र से चलाई जा रही हैं। शर्मा ने कहा, ‘‘कुल 330 ट्रेनों (674 फेरे) की योजना बनाई गई है। गोरखपुर, पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, वाराणसी, गुवाहाटी, मंडुआडीह, बरौनी, प्रयागराज, बोकारो, रांची, लखनऊ और कोलकाता जैसे अधिक मांग वाले गंतव्यों के लिए ये ट्रेन चलाई जा रही हैं।-File photo
- नयी दिल्ली । उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा स्थापित नियंत्रण कक्ष ने 24 अप्रैल से काम करना शुरू कर दिया है। नियंत्रण कक्ष की स्थापना आवश्यक वस्तुओं के आंतरिक व्यापार, आपूर्ति और रखरखाव की सुविधा की निगरानी के लिये की गई है। नियंत्रण कक्ष की स्थापना के पहले दिन 12 पूछताछ हुई, जिन पर समाधान कार्रवाई की जा रही है। एक अधिकारी ने यह कहा। उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष के काम शुरू करने के पहले ही दिन महाराष्ट्र से छह, मध्य प्रदेश से तीन, दिल्ली से दो और कर्नाटक से एक पूछताछ हुई। इस नियंत्रण कक्ष में विनिर्माण, परिवहन, वितरण, थोक विक्रेता अथवा ई- वाणिज्य कंपनियां माल के परिवहन, वितरण और संसाधनों को जुटाने में आने वाली किसी भी समस्या के लिये नियंत्रण कक्ष के नंबरों --011- 23062383, 23062975 पर या फिर डीपीआईआईटी-कंट्रोलरूम@जीओवी डॉट इन -- पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘इस नियंत्रण कक्ष के जरिये जिन लोगों ने जो मुद्दे उठाये हैं उन्हें संबंधित राज्य, संघ शासित प्रदेश की सरकारों के समक्ष उठाया गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जो भी पूछताछ हुई उनका समाधान किया जा रहा है। ज्यादातर सवाल माल के रखरखाव सुविधा और राज्यो के बीच माल के परिवहन की अनुमति को लेकर पूछे गये।
- भोपाल । कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के चलते मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना कर्फ्यू को तीन मई तक बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में भोपाल जिला प्रशासन ने रविवार को आदेश जारी कर दिए हैं।भोपाल के जिलाधिकारी अविनाश लवानिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के चलते जिले के भोपाल नगर निगम क्षेत्र एवं बैरसिया नगर पालिक क्षेत्र में कोरोना कर्फ्यू को तीन मई प्रात: छह बजे तक बढ़ा दिया गया है। पहले इन दोनों क्षेत्रों में 12 अप्रैल की रात नौ बजे से 26 अप्रैल प्रात: छह बजे तक कोरोना कर्फ्यू लगाने के आदेश दिए गये थे।-file photo
- नयी दिल्ली । दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कार्यालय ने रविवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी के करीब 11000 और निर्माण मजदूरों ने भवन एवं अन्य निर्माण कर्मचारी कल्याण बोर्ड में पंजीकरण कराया है और उन्हें आने वाले दिनों में एक बार पांच हजार रुपये की सहायता मिलेगी। दिल्ली उन पंजीकृत मजदूरों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है जो कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन की वजह से रोज़ी-रोटी के संकट का सामना कर रहे हैं। सिसोदिया के दफ्तर से जारी बयान के मुताबिक कुल 2,10,684 निर्माण मजदूरों को सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से दो लाख को पहले ही आर्थिक मदद दी जा चुकी है जिस पर 100 करोड़ रुपये की रकम खर्च हुई है। बयान में कहा गया है कि 11,000 मजदूरों को आने वाले दिनों में मदद की जाएगी।पिछले साल लॉकडाउन में दिल्ली सरकार ने 55,000 निर्माण मजदूरों को पांच-पांच हजार रुपये की मदद की थी।बयान के मुताबिक, दूसरे चरण में दिल्ली सरकार निर्माण श्रमिकों की आर्थिक मदद के लिए 46.1 करोड़ रुपये जारी करेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में लागू लॉकडाउन को एक और हफ्ते के लिए बढ़ाने का ऐलान रविवार को करते हुए कहा कि दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति गंभीर बनी हुई है और बीते कुछ दिनों में संक्रमण दर 36 प्रतिशत के उच्चतर स्तर पर पहुंच गई थी। केजरीवाल ने कहा कि 19 अप्रैल की रात को लगाया गया लॉकडाउन तीन मई सुबह पांच बजे तक जारी रहेगा।राष्ट्रीय राजधानी में पहले लॉकडाउन को 26 अप्रैल की सुबह पांच बजे खत्म होना था।-file photo
- प्रयागराज। कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए यहां की एक कंपनी ने तीन सरकारी अस्पतालों- बेली अस्पताल, डफरिन अस्पताल और कॉल्विन अस्पताल को आजीवन निःशुल्क ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का निर्णय किया है। प्रभा इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन के प्रबंध निदेशक उमेश जायसवाल ने बताया कि कंपनी भारत का दूसरा और उत्तर प्रदेश का पहला क्रायोजेनिक प्रौद्योगिकी आधारित ऑक्सीजन संयंत्र लगाने की प्रक्रिया में है जिसकी अधिकतम क्षमता 1,500 सिलेंडर प्रति दिन की होगी। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान ऑक्सीजन की पूरी खपत कोविड-19 के मरीजों के लिए की जाएगी। कंपनी ने नगर के तीन अस्पतालों- बेली, डफरिन और कॉल्विन को गोद लिया है और इन अस्पतालों को आजीवन निःशुल्क ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी। जायसवाल ने बताया कि इस संयंत्र की स्थापना पर करीब 11 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कंपनी सरस्वती हाईटेक सिटी में यह संयंत्र लगाएगी।
- कन्नौज। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा के निजी सचिव कल्याण सिंह की रविवार को मौत हो गई। वह कोरोना संक्रमित थे। कन्नौज मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) दिलीप सिंह ने रविवार को इसकी पुष्टि की है। सीएमएस ने बताया कि परसों कल्याण सिंह को कन्नौज मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया और उनका उपचार चल रहा था और आज उन्होंने अंतिम सांस ली। कल्याण सिंह के निधन पर उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने दुख प्रकट किया है। डॉक्टर शर्मा ने कहा कि ''मेरे कार्यालय में निजी सचिव के दायित्व पर कार्यरत कल्याण सिंह का कोरोना के कारण असामयिक मृत्यु की खबर से स्तब्ध एवं मर्माहत हूँ। दुख की इस घड़ी में हम सब उनके परिवार के साथ हैं । ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।ॐ शांति।'' उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले डॉक्टर दिनेश शर्मा और उनकी पत्नी भी कोरोना संक्रमित पाए गये। खुद डॉक्टर शर्मा ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी।
- नई दिल्ली। भारतीय रेल अगले 24 घंटे के दौरान 140 टन से अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति कर देगी। रेल मंत्रालय ने कहा है कि फिलहाल नौ टैंकर चल चुके है और इनमें से आज रात तक पांच टैंकर लखनऊ पहुंच जाएंगे। झारखंड में बोकारो से चले बाकी चार टैंकर कल सुबह तक लखनऊ पहुंचेगे। मंत्रालय ने कहा है कि अभी तक 150 टन तरल ऑक्सीजन वाले 10 कंटेनर अपने गन्तव्य स्थानों तक पहुंच चुके हैं।
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अलप्पुझा (केरल)। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दुनियाभर में भले ही कई लोगों का जीवन थम सा गया है, लेकिन अलप्पुझा में अभिरामी को कोविड-19 भी पवित्र मुहूर्त पर विवाह करने से रोक नहीं पाया और उसने अपने संक्रमित दूल्हे से पारम्परिक परिधान के बजाए पीपीई किट पहनकर अस्पताल में शादी की। यहां थेक्कन आर्यद की निवासी 23 वर्षीय दुल्हन ने अलप्पुझा जिले के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस से संक्रमित अपने दूल्हे से विवाह रचाया। दूल्हे सरतमोन एस ने अपनी मां और दुल्हन के एक निकट संबंधी की मौजूदगी में वार्ड के एक विशेष कक्ष में दुल्हन अभिरामी को मंगलसूत्र और तुलसी की माला पहनाई। सरतमोन की मां भी संक्रमित हंै। प्राधिकारियों की अनुमति से यह विवाह सम्पन्न हुआ। खाड़ी देश में काम करने वाले सरतमोन ने विवाह के लिए यहां आने के बाद स्वयं को पृथक-वास में रख लिया था और शुरुआती 10 दिन में उसमें संक्रमण के लक्षण नहीं थे, लेकिन सरतमोन और उसकी मां को बुधवार शाम को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद की गई जांच में दोनों संक्रमित पाए गए।
- नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड के बढ़ते रोगियों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया है कि लॉकडाउन की अवधि अगले सोमवार सवेरे पांच बजे तक बढ़ा दी गई है।इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े और आपात स्थिति का सामना कर रहे लोगों को वैध दस्तावेज दिखाकर आवाजाही की अनुमति होगी। इससे पहले दिल्ली में छह दिन का लॉकडाउन लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि चिकित्सा संस्थानों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि इस समय राज्य में प्रतिदिन सात सौ टन ऑक्सीजन की जरूरत है। केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाकर प्रतिदिन 480 टन कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑक्सीजन आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन के लिए एक पोर्टल की शुरूआत की गई है इस पर हर दो घंटे बाद ऑक्सीजन निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और अस्पतालों द्वारा ताजा जानकारी दी जाएगी। श्री केजरदिल्ली सरकार ने कोविड रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ायानई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड के बढ़ते रोगियों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया है कि लॉकडाउन की अवधि अगले सोमवार सवेरे पांच बजे तक बढ़ा दी गई है।इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े और आपात स्थिति का सामना कर रहे लोगों को वैध दस्तावेज दिखाकर आवाजाही की अनुमति होगी। इससे पहले दिल्ली में छह दिन का लॉकडाउन लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि चिकित्सा संस्थानों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि इस समय राज्य में प्रतिदिन सात सौ टन ऑक्सीजन की जरूरत है। केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाकर प्रतिदिन 480 टन कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑक्सीजन आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन के लिए एक पोर्टल की शुरूआत की गई है इस पर हर दो घंटे बाद ऑक्सीजन निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और अस्पतालों द्वारा ताजा जानकारी दी जाएगी। श्री केजरीवाल ने संकट की इस घड़ी में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कोरोना संकट की इस घड़ी में प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन के महत्व के बारे में जागरूक होना चाहिए। उन्होंने लोगों से कोरोना वैक्सीन के बारे में किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की। आकाशवाणी पर मन की बात कार्यक्रम में श्री मोदी ने कहा कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग नि:शुल्क वैक्सीन लगवा सकते हैं जो केन्द्र सरकार राज्य सरकारों को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि पहली मई से देश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।प्रधानमंत्री ने कहा कि अब कॉरपोरेट सेक्टर और कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को वैक्सीन देने के लिए टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र का नि:शुल्क टीकाकरण कार्यक्रम आगे बढ़ता रहेगा। प्रधानमंत्री ने राज्यों से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोगों को केन्द्र सरकार के नि:शुल्क टीकाकरण अभियान का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया - वैक्सीन लें, सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें।प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें दवाई भी, कड़ाई भी का मंत्र नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने आशा प्रकट की कि लोग शीघ्र ही इस संकट से बाहर निकल जाएंगे। केन्द्र सरकार राज्य सरकारों के प्रयासों को आगे बढ़ाने में पूरी शक्ति से जुटी हुई है। श्री मोदी ने कहा कि राज्य सरकारें भी पूरी जिम्मेदारी के साथ श्रेष्ठ कार्य करने का प्रयास कर रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना भी चल रहा है, आगे बुद्ध पूर्णिमा भी है, गुरू तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व भी है। ये सभी हमें अपना कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देते हैं। श्री मोदी ने कहा कि एक नागरिक के तौर पर हम जीवन में जितनी कुशलता से अपने कर्तव्य निभाएंगे संकट मुक्त होकर भविष्य के रास्ते पर उतनी ही तेजी से आगे बढेंगे।
- नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और इसके मद्देनजर अस्पतालों में ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के मद्देनजर प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात राहत कोष (पीएम केयर्स) से देश के विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य केंद्रों में 551 पीएसए (प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन) चिकित्सीय ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना की जाएगी।प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में रविवार को कहा कि पीएम केयर्स कोष ने इन संयंत्रों की स्थापना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने इन संयंत्रों को जल्द से जल्द क्रियान्वित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इन संयंत्रों से जिला स्तर पर ऑक्सीजन की उपलब्धता को बल मिलेगा। इन संयंत्रों की स्थापना विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के जिला मुख्यालयों में चिह्नित अस्पतालों में की जाएगी और केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय यह काम करेगा।पीएम केयर्स कोष से इससे पहले से देश के विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य केंद्रों में 162 पीएसए चिकित्सीय ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना के लिए 201.58 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। ताजा मंजूरी के साथ ही देश भर के सभी जिला मुख्यालयों में जहां-जहां सरकारी अस्पताल हैं, में अब ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमओ का बयान साझा करते हुए ट्वीट किया, पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए देश के हर जिले में ऑक्सीजन संयंत्र...एक महत्वपूर्ण निर्णय जो अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता को मजबूती प्रदान करेगा और देश भर के लोगों की मदद करेगा।बयान में कहा गया, जिला मुख्यालयों के सरकारी अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत करना है और यह सुनिश्चित करना है कि इनमें से प्रत्येक अस्पतालों में कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन की सुविधा बनी रहे। बयान के मुताबिक इस तरह से अपने स्तर पर ऑक्सीजन उत्पादन सुविधा से इन अस्पतालों और जिले की दिन-प्रतिदिन की मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरतें पूरी हो सकेंगी।बयान में कहा गया, इसके अलावा, तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन के 'टॉप अप' के रूप में काम करेगा। इस तरह की प्रणाली यह सुनिश्चित कर सकेगी कि जिले के सरकारी अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति में अचानक व्यवधान न उत्पन्न हो सके और कोरोना मरीजों व अन्य जरूरतमंद मरीजों के लिए निर्बाध रूप से पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके।
- पुरी। ओडिशा में कोविड-19 मामलों में वृद्धि को देखते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने 12वीं शताब्दी के इस मंदिर में भक्तों का प्रवेश 15 मई तक रोकने का शनिवार को फैसला किया। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा कि हालांकि, इस दौरान भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा, और भगवान जगन्नाथ के दैनिक अनुष्ठान सेवादारों और मंदिर प्राधिकारियों की मदद से जारी रहेंगे। इस बैठक में मंदिर के सेवादारों के प्रतिनिधियों ने अलावा, पुरी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। यह भी तय किया गया कि रथों के निर्माण के लिए सभी तैयारियां परंपराओं के अनुसार जारी रहेंगी। एसजेटीए चंदन यात्रा, स्नान यात्रा और रथयात्रा के दौरान उपयोग के लिए मास्क और सेनिटाइज़र की खरीद के लिए कदम उठाएगा। वार्षिक रथयात्रा इस वर्ष 12 जुलाई को होगी।कुमार ने कहा, ‘‘कोविड-19 के चलते उत्पन्न गंभीर चुनौती पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी इस बात पर एकमत थे कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ की निति-कांति (अनुष्ठान) की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।'' सेवादारों और मंदिर के प्राधिकारियों के परिवारों की नियमित स्क्रीनिंग और जांच करने का भी निर्णय लिया गया। रथयात्रा से संबंधित अनुष्ठान अक्षय तृतीया (15 मई) से शुरू होंगे।उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार नीलांचल यात्री निवास में एक कोविड-19 देखभाल केंद्र को मजबूत किया जाएगा। मंदिर में दैनिक अनुष्ठानों में शामिल होने वाले व्यक्तियों और रथयात्रा के लिए रथ के निर्माण में लगे लोगों के के टीकाकरण ध्यान दिया जाएगा। बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि फेस मास्क, सेनिटेशन और हाथ धोने के उपयोग और सामाजिक दूरी बनाये रखने पर जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेगा। एसजेटीए ने कहा कि वह छह मई को स्थिति की समीक्षा करेगा।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारत केवल 99 दिन में कोविड रोधी टीके की 14 करोड़ खुराक दे चुका है और यह गति दुनिया में सबसे तेज है। मंत्रालय ने कहा कि शनिवार को रात आठ बजे तक टीके की 24 लाख से अधिक खुराक दी गईं। रात आठ बजे तक के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार देश में कोविड रोधी टीके की अब तक कुल 14,08,02,794 खुराक दी गई हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत केवल 99 दिन में कोविड-19 रोधी टीके की 14 करोड़ खुराक देकर दुनिया में सबसे तेज गति से ऐसा करने वाला देश बन गया है।
- चंडीगढ़। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कई अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन की कमी की जानकारी दिए जाने के चलते पंजाब सरकार ने शनिवार को राज्य के लौह एवं इस्पात उद्योग को बंद करके इसकी ऑक्सीजन के चिकित्सीय इस्तेमाल के आदेश दिए। पंजाब में लौह और इस्पात उद्योग की अधिकतर इकाइयां लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ में स्थित हैं।पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य और जिला स्तर पर तत्काल ऑक्सीजन निंयत्रण कक्ष बनाने के भी आदेश दिए हैं। यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने लौह व इस्पात संयंत्रों में औद्योगिक संचालन को बंद करने के आदेश दिए हैं। साथ ही इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार अपने इस निर्णय से केंद्र सरकार को अवगत कराएगी। अमृतसर में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से एक निजी अस्पताल में छह मरीजों की मौत के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।
- नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) और आयुध कारखाना बोर्ड (ओएफबी) के सभी चिकित्सा प्रतिष्ठानों को कोरोना वायरस से संक्रमित आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की अनुमति दे दी गई है। सिंह ने यह भी कहा कि सशस्त्र बल और रक्षा मंत्रालय महामारी से निपटने के लिये नागरिक प्रशासनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।रक्षा मंत्री ने भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के विरूद्ध लड़ाई में सहयोग कर रहीं मंत्रालय की विभिन्न इकाइयों के प्रयासों की शनिवार को समीक्षा करने के बाद ये बातें कहीं। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिये चिकित्सीय ऑक्सीजन की कमी के मद्देनजर भारतीय नौसेना के कई जहाजों को ऑक्सीजन टैंकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिये तैयार रखा गया है। इससे पहले सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और रक्षा एवं अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने ट्वीट किया, ''कोविड-19 महामारी की मौजूदा लहर से निपटने के लिये रक्षा मंत्रालय और सेना के तीनों अंगों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये समीक्षा की। सशस्त्र बल और रक्षा मंत्रालय नागरिक प्रशासन को हरसंभव मदद मुहैया कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।'' उन्होंने कहा कि डीआरडीओ दिल्ली हवाई अड्डे के निकट स्थित अपने सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में शनिवार शाम तक 250 और बिस्तरों का प्रबंध करेगा। इसके बाद अस्पताल में बिस्तरों की कुल संख्या बढ़कर 500 हो जाएगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि गुजरात में 1,000 बिस्तरों वाले अस्पताल का संचालन शुरू हो चुका है।
- नयी दिल्ली । ‘भारत बायोटेक' कंपनी ने शनिवार को बताया कि वह अपने कोविड-19 टीके ‘कोवैक्सीन' को राज्य सरकारों को प्रति खुराक 600 रुपये और निजी अस्पतालों को प्रति खुराक 1,200 रुपए में उपलब्ध करायेगी। हैदराबाद की इस कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा एम एल्ला ने कहा कि उनकी कंपनी केन्द्र सरकार को 150 रुपये प्रति खुराक की दर से कोवैक्सीन की आपूर्ति कर रही है। एल्ला ने कहा, ‘‘हम यह बताना चाहते हैं कि कंपनी की आधी से अधिक उत्पादन क्षमता केन्द्र सरकार को आपूर्ति के लिए आरक्षित की गई है।'' उन्होंने कहा कि कोविड-19, चिकनगुनिया, जीका, हैजा और अन्य संक्रमणों के लिए टीका विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि इस टीके की लागत वसूल हो। कंपनी ने निर्यात के लिए बाजार में इसकी कीमत 15 से 20 डॉलर के बीच तय की है।इससे पहले, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने अपने कोविड-19 टीके कोविशील्ड को राज्य सरकारों को 400 रुपए प्रति खुराक और निजी अस्पतालों को 600 रुपए प्रति खुराक के दर से देने की घोषणा की थी। एसआईआई ने यह भी कहा था कि वह अगले दो महीने में टीके का उत्पादन बढ़ाकर सीमित क्षमता की समस्या का समाधान करेगी। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने एक बयान में कहा था, ‘‘हमारी क्षमता का 50 प्रतिशत भारत सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के लिए होगा और बाकी 50 प्रतिशत क्षमता राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों के लिए होगी।'' उसने कहा था कि अमेरिकी टीके की कीमत 1,500 रुपये प्रति खुराक है जबकि रूस और चीन में टीके की कीमत 750 रुपये प्रति खुराक से अधिक है। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक लगाए कोविड-19 के 12.76 करोड़ टीकों में से 90 प्रतिशत टीके ऑक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड के लगाए गए हैं।
- नयी दिल्ली । केंद्र ने शनिवार को राज्यों से कहा कि देश में एक मई से 18 से 45 साल तक के लोगों का कोविड रोधी टीकाकरण शुरू होने से पहले और अधिक निजी केंद्रों का पंजीकरण किया जाए और संबंधित स्थलों पर प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। केंद्र ने इस बात पर जोर दिया कि संबंधित आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण ‘‘केवल ऑनलाइन पंजीकरण'' के माध्यम से किया जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और कोविड-19 से निपटने संबंधी प्रौद्योगिकी एवं आंकड़ा प्रबंधन अधिकारप्राप्त समूह के अध्यक्ष आर एस शर्मा ने नई टीका रणनीति (तीसरा चरण) के प्रभावी क्रियान्वयन पर राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मार्गदर्शन के लिए शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की और रोगियों के लिए मौजूदा अस्पताल एवं चिकित्सीय उपचार अवसंरचना संबंधी उनकी योजना की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एक मई से शुरू हो रहे तीसरे चरण के टीकाकरण संबंधी रणनीति को लेकर राज्यों को सुझाव दिया गया कि वे निजी अस्पतालों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अस्पतालों, औद्योगिक संगठनों आदि की मदद से मिशन मोड में अतिरिक्त निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्र स्थापित करें। मंत्रालय के अनुसार उनसे यह भी कहा गया कि वे टीका प्राप्त कर चुके अस्पतालों, कोविन पोर्टल पर भंडार तथा कीमत की घोषणा और योग्य लाभार्थियों के लिए निर्धारित टीकाकरण के वास्ते कोविन पर पर्याप्त टीकाकरण स्लॉट उपलब्ध कराने संबंधी चीजों पर नजर रखें। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 18-45 आयु समूह के टीकाकरण के लिए ‘केवल ऑनलाइन पंजीकरण' को प्राथमिकता देने को कहा गया है।-file photo




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