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काठमांडू. नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने अगले साल पांच मार्च को होने वाले संसदीय चुनावों के लिए नेपाली सेना को तैनात करने के कैबिनेट के फैसले और प्रधानमंत्री की सिफारिश को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने 24 नवंबर को हुई कैबिनेट बैठक के अनुरूप यह सिफारिश आगे बढ़ाई थी। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ने चुनाव सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सेना तैनात करने के सरकार के फैसले का समर्थन किया।
- जकार्ता । इंडोनेशिया में इन दिनों कुदरत का कहर बरस रहा है। इंडोनेशिया में एक बार फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई है। राहत की खबर ये है कि फिलहाल सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।भूकंप का सेंटर शुरू में 2.68 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 95.96 डिग्री पूर्वी देशांतर पर पाया गया थान्यूज एजेंसी सिन्हुआ की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) ने बताया कि इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा के पश्चिमी तट पर गुरुवार को 6.2 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का सेंटर शुरू में 2.68 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 95.96 डिग्री पूर्वी देशांतर पर पाया गया था। वहीं, इसकी गहराई 10.0 किलोमीटर मापी गई।इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत के कई इलाकों और शहरों में आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 29 हो गया हैदूसरी ओर सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत स्थित कई इलाकों और शहरों में अचानक आई बाढ़ और लैंडस्लाइड में मौत का आंकड़ा बढ़कर 29 पहुंच गया है। इससे एक दिन पहले जो जानकारी सामने आई थी, उसके हिसाब से 13 लोगों की मौत हुई थी।कुल 29 लोगों की मौत हुई है और नौ अन्य लापता हैं ये आंकड़े अभी बढ़ सकते हैंप्रांतीय डिजास्टर मैनेजमेंट और मिटिगेशन एजेंसी में इमरजेंसी हैंडलिंग, इक्विपमेंट और लॉजिस्टिक्स के हेड वाह्युनी पंचसिलावती ने जानकारी दी है कि इन आपदाओं में 67 लोग घायल भी हुए हैं और नौ अन्य लापता हैं। अधिकारी ने सिन्हुआ के साथ फोन पर बातचीत की और हालात पर ताजा अपडेट भी साझा किया। उन्होंने बताया, “कुल 29 लोगों की मौत हुई है, और नौ अन्य लापता हैं। आंकड़े बढ़ सकते हैं, क्योंकि खतरों का आकलन अभी किया जा रहा है।”डिजास्टर मैनेजमेंट अधिकारी के अनुसार, इन आपदाओं में 400 से ज्यादा घर, कई पुल और कई सार्वजनिक ढांचे तबाह हो गए हैंडिजास्टर मैनेजमेंट अधिकारी के अनुसार, इन आपदाओं में 400 से ज्यादा घर, कई पुल और कई सार्वजनिक ढांचे तबाह हो गए। 7,000 से ज्यादा लोगों को अपने घरों को छोड़कर दूसरे सुरक्षित जगहों पर पनाह लेनी पड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि मंडेलिंग नटाल, साउथ तपनौली और नॉर्थ तपनौली के इलाकों में इमरजेंसी की घोषणा कर दी गई है।22 से 25 नवंबर तक लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैसिन्हुआ के अनुसार, 22 से 25 नवंबर तक लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से नदियां उफान पर आ गईं। इसकी वजह से सेंट्रल तपनौली, सिबोल्गा, मंडेलिंग नटाल, साउथ तपनौली, उत्तरी तपनौली, दक्षिणी नियास और पदांगसिडिम्पुआन में बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं।आपदाओं से सैकड़ों घरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों को नुकसान पहुंचा है, और हजारों लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा हैसिन्हुआ ने अधिकारी के हवाले से बताया है कि दक्षिण तपनौली में 37 लोग घायल हुए और तीन लोग लापता हैं, जबकि केंद्रीय तपनौली में नुकसान का डेटा अभी इकट्ठा किया जा रहा है। इन आपदाओं से सैकड़ों घरों, स्कूलों और पब्लिक जगहों को भी नुकसान हुआ और हजारों लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ रहा है।उत्तरी सुमात्रा में लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ में चार लोगों की मौत हो गई और 34 लोग घायल हो गएइससे पहले सिन्हुआ ने जानकारी दी थी कि उत्तरी सुमात्रा में लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ में चार लोगों की मौत हो गई और 34 लोग घायल हो गए। इसे लेकर प्रांतीय डिजास्टर मैनेजमेंट और मिटिगेशन एजेंसी के हेड तुहता रामाजया सारागिह ने कहा कि मंगलवार को केंद्रीय तपनौली रीजेंसी के एक गांव में भारी बारिश की वजह से लैंडस्लाइड हुआ, जिससे एक घर तबाह हो गया और उसमें रहने वाले चार लोगों की मौत हो गई।(
- हांगकांग। हांगकांग की एक 8 मंजिला इमारत में आग लगने के बाद भारी तबाही मची है। हांगकांग पुलिस फोर्स ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि हांगकांग के ताइपो स्थित एक रिहायशी इलाके वांग फक कोर्ट में आग लगने से 44 लोगों की मौत हो गई और 45 अन्य झुलस गए। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने हांगकांग पुलिस फोर्स के हवाले से बताया कि तीन लोगों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली ने कहा कि फायरफाइटर्स की लगातार कोशिशों के बाद वांग फुक कोर्ट में लगी आग पर काबू पा लिया गया है।एग्जीक्यूटिव ली ने बताया कि करीब 279 लोग अभी भी लापता हैं। 29 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से सात की हालत गंभीर है।ली ने जोर देकर कहा कि सरकार की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी मदद मिल रही है। उन्होंने डिपार्टमेंट्स और यूनिट्स को आग बुझाने, फंसे हुए लोगों को बचाने, घायलों का इलाज करने, परिवारों को मदद और इमोशनल सपोर्ट देने, और हादसे की पूरी जांच करने सहित बड़े पैमाने पर काम करने का निर्देश दिया है।वांग फुक कोर्ट में आठ रेजिडेंशियल बिल्डिंग हैं, और आग ने सात बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया है। हांगकांग हॉस्पिटल अथॉरिटी ने अपने मेजर इंसिडेंट कंट्रोल सेंटर को सक्रिय कर दिया है।एजुकेशन ब्यूरो ने प्रभावित छात्रों को सही मदद देने के लिए एजुकेशनल साइकोलॉजिस्ट और संबंधित स्टाफ को अस्थायी आश्रय घरों में भेजा है। इसके अलावा, वहां के कई स्कूल गुरुवार को बंद रहेंगे। ताई पो केयर टीम के सदस्य और जिला काउंसलर लैम यिक कुएन ने कहा कि कई संगठनों और लोगों ने अपनी मर्जी से मानवीय मदद की है। इससे मुश्किल समय में एकजुटता और आपसी देखभाल दिखाई देती है।
- कैनबरा। सोमवार से ही स्नैपचैट ऑस्ट्रेलिया में अपने उन उपयोगकर्ताओं को नोटिफिकेशन भेज रहा है जिनकी उम्र 16 साल से कम हो सकती है। ऐसा देश के नए कानून के तहत हो रहा है, जिससे 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इस्तेमाल करने से रोका जाएगा।ऑस्ट्रेलिया का यह नियम 10 दिसंबर 2025 से लागू हो रहा है, जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों का सोशल मीडिया इस्तेमाल करना बैन हो जाएगा। इसी फैसले के तहत स्नैपचैट ने देश में अपने यूजर्स का एज वेरिफिकेशन शुरू कर दिया है। स्नैपचैट उन यूजर्स को यह जांच पूरी करने के लिए कह रहा है जिनकी उम्र उसे 16 साल से कम लगती है। प्लेटफॉर्म ने बताया है कि ऑस्ट्रेलिया में लगभग 4.4 लाख यूजर्स 13 से 15 साल के बीच है—और अब उन्हें अपनी उम्र साबित करनी होगी।उम्र साबित करने के लिए ऐप दो तरीके दे रहा है। पहला कनेक्ट आईडी है। यह सीधे बैंक से जुड़ा है, जो केवल यह बताता है कि यूजर 16+ है या नहीं। इसमें किसी निजी बैंक को लेकर जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती है। वहीं दूसरा के आईडी है। इसमें यूजर अपनी आईडी अपलोड कर सकता है या सेल्फी से उम्र का अनुमान लगाने की सुविधा का इस्तेमाल कर सकता है। अगर स्नैपचैट को पता चलता है कि कोई बच्चा 16 से छोटा है, तो उसका खाता लॉक कर दिया जाएगा। जब वह 16 साल का हो जाएगा और अपनी उम्र साबित कर देगा, तभी उसका अकाउंट दोबारा खोला जाएगा।दिलचस्प बात यह है कि स्नैपचैट खुद को “सोशल मीडिया” नहीं, बल्कि विजुअल मैसेजिंग ऐप कहता है और इस नियम से सहमत नहीं है। लेकिन कंपनी ने कहा है कि वह ऑस्ट्रेलिया के कानून का पालन करेगी। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के मुताबिक, इस कानून का मकसद बच्चों को ऑनलाइन खतरे, साइबर बुलिंग और हानिकारक कंटेंट से बचाना है। टिकटॉक और इंस्टाग्राम जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म्स को भी इन्हीं नियमों का पालन करना होगा।
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जोहानिसबर्ग. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को यहां जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, खनन, महत्वपूर्ण खनिज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और खाद्य सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के साथ एक अच्छी और उपयोगी बैठक की।” उन्होंने कहा कि बातचीत व्यापार, निवेश, खनन, महत्वपूर्ण खनिज, एआई, डिजिटल सार्वजनिक आधारभूत ढांचा, कौशल विकास और खाद्य सुरक्षा में और सहयोग पर केंद्रित रही। जायसवाल ने कहा, "दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने के लिए युवा प्रतिनिधिमंडल के आदान - प्रदान शुरू करने पर चर्चा की।'' मोदी ने इस साल जी20 शिखर सम्मेलन की सफल अध्यक्षता के लिए दक्षिण अफ्रीकी नेता को बधाई भी दी। जायसवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री ने जी20 की सफल अध्यक्षता के लिए राष्ट्रपति रामफोसा और दक्षिण अफ्रीका को बधाई दी।" दक्षिण अफ्रीका, अफ्रीका में आयोजित हो रहे पहले जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। अफ्रीकी संघ 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान जी20 का सदस्य बना था। यह प्रधानमंत्री मोदी की दक्षिण अफ्रीका की चौथी आधिकारिक यात्रा है। इससे पहले वह 2016 में द्विपक्षीय यात्रा पर गए थे और बाद में 2018 और 2023 में दो बार ब्रिक्स सम्मेलन के लिए गए थे। दक्षिण अफ्रीका, अफ्रीकी इलाके में भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है। 2023-24 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 19.25 अरब अमेरिकी डॉलर का था। भारतीय व्यापारों ने अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक दक्षिण अफ्रीका में 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा का निवेश किया है। ये निवेश फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोटिव, बैंकिंग और खनन जैसे अलग-अलग क्षेत्र में किये गए हैं। शनिवार को, जी-20 शिखर सम्मेलन स्थल पर पहुंचने पर मोदी ने कहा कि वह दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को “गर्मजोशी से स्वागत करने और इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हैं।” जी20 नेताओं की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक विकास मानदंडों पर गहन पुनर्विचार का आह्वान किया और मादक पदार्थ-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने के लिए जी-20 पहल तथा एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल बनाने का प्रस्ताव किया। मोदी 20वें जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए 21 से 23 नवंबर तक जोहानिसबर्ग की यात्रा पर हैं।
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जोहानिसबर्ग. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधारों की जोरदार वकालत करते हुए रविवार को कहा कि भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका (इब्सा) के त्रिपक्षीय मंच को यह स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि वैश्विक संस्था में बदलाव अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। मोदी ने यहां इब्सा नेताओं के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया बंटी और विभाजित नजर आती है, इब्सा एकता, सहयोग और मानवता का संदेश दे सकता है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को संबोधित करते हुए मोदी ने तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए इब्सा एनएसए स्तरीय बैठक को संस्थागत बनाने का प्रस्ताव रखा। मोदी ने कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमें घनिष्ठ समन्वय के साथ आगे बढ़ना होगा। इतने गंभीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं है।'' मानव-केंद्रित विकास सुनिश्चित करने में प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने तीनों देशों के बीच यूपीआई जैसे डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, कोविन जैसे स्वास्थ्य मंचों, साइबर सुरक्षा ढांचे और महिलाओं के नेतृत्व वाली तकनीकी पहल को साझा करने की सुविधा के लिए ‘इब्सा डिजिटल नवाचार गठबंधन' की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा। ‘इब्सा' समूह दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा देने, वैश्विक शासन प्रणालियों में सुधारों को आगे बढ़ाने और विकासशील देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है।
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जोहानिसबर्ग. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन से इतर ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के प्रधानमंत्रियों के साथ बैठक के बाद एक नयी त्रिपक्षीय प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारी की घोषणा की। मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमें आज ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसीआईटीआई) साझेदारी की घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह पहल उभरती प्रौद्योगिकियों में तीन महाद्वीपों और तीन महासागरों में फैले लोकतांत्रिक साझेदारों के बीच सहयोग को और प्रगाढ़ करेगी, साथ ही आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता, स्वच्छ ऊर्जा और कृत्रिम मेधा (एआई) के व्यापक उपयोग में मददगार साबित होगी।'' भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की सरकारों द्वारा जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, तीनों पक्षों ने ‘महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को मजबूत करने के लिए अपने लक्ष्यों को बढ़ाने और मौजूदा द्विपक्षीय पहलों को पूरा करने' पर सहमति व्यक्त की। बयान के मुताबिक, इस पहल का लाभ तीनों देशों की नैसर्गिक क्षमताओं से उठाया जाएगा और इसमें हरित ऊर्जा नवाचार और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं के निर्माण पर, विशेषकर महत्वपूर्ण खनिजों के मामले में, विशेष जोर होगा। इसमें कहा गया, ‘‘यह उनके ‘नेट-जीरो' लक्ष्य की दिशा में महत्वाकांक्षा और रणनीतिक सहयोग को प्रगाढ़ करेगा और आपूर्ति शृंखलाओं के और विविधीकरण को सुरक्षित, सतत और लचीले भविष्य की ओर आगे बढ़ाएगा।'' बयान के मुताबिक, ‘‘इस साझेदारी में हमारे नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम मेधा के विकास और व्यापक रूप से अपनाने पर भी विचार किया जाएगा।'' संयुक्त बयान में कहा गया कि इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए तीनों देशों के अधिकारी 2026 की पहली तिमाही में बैठक करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को इस मुलाकात से इतर ब्रिटिश समकक्ष केअर स्टॉर्मर और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ भी बैठक की। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जोहानिसबर्ग में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। इस वर्ष भारत-ब्रिटेन साझेदारी में नयी ऊर्जा आई है और हम इसे अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़ाते रहेंगे।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुतारेस के साथ बातचीत बहुत ही ‘लाभदायक' रही।
मोदी ने जी20 नेताओं की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक विकास के मानकों पर गहन पुनर्विचार की आवश्यकता जताई और मादक पदार्थों तथा आतंकवाद के गठजोड़ का मुकाबला करने के लिए समूह की ओर से पहल तथा एक वैश्विक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया दल गठित करने का प्रस्ताव रखा। -
जोहानिसबर्ग. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दुनिया के कई नेताओं के साथ अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत की और कहा कि उन्होंने ‘‘वैश्विक तरक्की और खुशहाली के लिए साझा प्रतिबद्धता'' को दोहराया। मोदी ने दक्षिण अफ्रीका में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के इतर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात की। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “जोहानिसबर्ग में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर से मिलना बहुत अच्छा रहा। इस साल भारत-ब्रिटेन भागीदारी में नयी ऊर्जा आई है और हम इसे कई क्षेत्रों में आगे बढ़ाते रहेंगे।” मोदी ने कहा कि मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम के साथ उनकी “अच्छी बातचीत” हुई। उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया “द्विपक्षीय सहयोग को विविध क्षेत्रों में प्रगाढ़ करने के लिए” मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर “खुश” हुए, जिनके साथ उनकी “अलग-अलग मुद्दों पर अच्छी बातचीत हुई। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘भारत-फ्रांस के रिश्ते दुनिया की भलाई के लिए एक ताकत बने हुए हैं!'' प्रधानमंत्री की कोरियाई नेता ली जे-म्युंग से भी मुलाकात हुई। इस साल म्युंग से उनकी यह दूसरी मुलाकात थी। मोदी ने कहा कि यह बातचीत “हमारी विशेष रणनीतिक भागीदारी में मज़बूत रफ़्तार का संकेत है। हमने अपने आर्थिक और निवेश जुड़ाव को और गहरा करने के लिए दृष्टिकोण साझा किए।” ब्राज़ील के राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मोदी ने कहा, “भारत और ब्राजील अपने लोगों के फ़ायदे के लिए कारोबार और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।” प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुतारेस के साथ उनकी “बहुत सार्थक” बातचीत हुई। सम्मेलन के मुख्य सत्र से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी समेत कई दूसरे नेताओं से भी बातचीत की। शिखर सम्मेलन में जी-20 नेताओं के साथ एक 'फोटो' साझा करते हुए मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "हम एक साथ मिलकर वैश्विक प्रगति और समृद्धि के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।" इससे पहले, जी-20 शिखर सम्मेलन स्थल पर पहुंचने पर मोदी ने कहा कि वह दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को “गर्मजोशी से स्वागत करने और इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हैं।” जी20 नेताओं की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक विकास मानदंडों पर गहन पुनर्विचार का आह्वान किया और मादक पदार्थ-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने के लिए जी-20 पहल तथा एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल बनाने का प्रस्ताव किया।
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जोहानिसबर्ग. अफ्रीका में आयोजित पहला जी20 शिखर सम्मेलन दुनिया के सबसे गरीब देशों को प्रभावित करने वाली लंबे समय से जारी कुछ समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के महत्वाकांक्षी एजेंडा के साथ शनिवार को शुरू होगा। दुनिया की सबसे समृद्ध एवं प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता और शीर्ष सरकारी अधिकारी दक्षिण अफ्रीका के प्रसिद्ध सोवेटो कस्बे के पास स्थित एक प्रदर्शनी केंद्र में एकत्र होंगे ताकि वे मेजबान देश द्वारा निर्धारित प्राथमिकताओं को लेकर किसी सहमति पर पहुंचने की कोशिश कर सकें। इन प्राथमिकताओं में बढ़ती वैश्विक असमानता को कम करने के उपायों के तहत जलवायु-संबंधी आपदाओं से उबरने के लिए गरीब देशों को अधिक सहायता देना, उनके विदेशी ऋण बोझ को कम करना, हरित ऊर्जा स्रोतों को अपनाना और अपने महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों का उपयोग करना शामिल है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से जब पूछा गया कि क्या जी20 विकासशील देशों को तरजीह दे पाएगा और कोई ठोस सुधार करेगा, तो उन्होंने कहा, ‘‘ देखते हैं कि क्या होता है... लेकिन मुझे लगता है कि दक्षिण अफ्रीका ने इन बातों को स्पष्ट रूप से सामने रखकर अपना काम कर दिया है।'' इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका भाग नहीं ले रही। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा करते हुए शिखर सम्मेलन का बहिष्कार किया है कि दक्षिण अफ्रीका नस्लवादी ‘श्वेत रोधी' नीतियां अपना रहा है और अपने यहां के श्वेत अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न कर रहा है। जी20 वास्तव में 21 सदस्यों का समूह है, जिसमें 19 देश, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में हो रहे जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को जोहानिसबर्ग पहुंचे और उन्होंने कहा कि वह प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ ‘सार्थक चर्चा' की उम्मीद करते हैं। यह अफ्रीका में आयोजित होने वाला पहला जी20 शिखर सम्मेलन है और 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ जी20 का सदस्य बना था।
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जोहानिसबर्ग. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि जी 20 देशों में दुनिया की मुश्किलों को कम करने और इसे शांतिपूर्ण मार्ग पर लाने की अपार क्षमता है। इसके साथ ही उन्होंने इन देशों से इस दिशा में जरूरी कदम उठाने की अपील की है। गुतारेस ने यह बात शुक्रवार को जोहानिसबर्ग पहुंचने के तुरंत बाद मीडिया के साथ बातचीत में कही। वह अगले दो दिनों तक यहां जी 20 सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, ‘अगले दो दिनों में जी 20 के नेताओं के लिये मेरा आसान सा संदेश है। अब नेतृत्व एवं दृष्टिकोंण का समय है।'' इसक साथ ही उन्होंने दुनिया भर में व्यापक मुश्किलों के लिये जिन कारणों का उल्लेख किया, उनमें संघर्ष, जलवायु अव्यवस्था, आर्थिक अनिश्चितता, असमानता और वैश्विक सहायता में आई गिरावट शामिल है।'' गुतारेस ने कहा कि बढ़ता सैन्य खर्च विकास के संसाधनों को कम कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते जी20 देश मुश्किलों को कम करने, आर्थिक विकास का लाभ सभी के लिए सुनिश्चित करने और भविष्य में दुनिया को एक बेहतर और अधिक शांतिपूर्ण मार्ग पर ले जाने के लिहाज से बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान वह जी 20 के सदस्य देशों से कहेंगे कि वे इस संबंध में जरूरी कार्रवाई करें और इस दिशा में अपनी ताकत का इस्तेमाल करें। - काठमांडू, ।नेपाल के ‘जेन जेड’ युवा और अपदस्थ प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाले सीपीएन-यूएमएल के समर्थकों का शुक्रवार को एक बार फिर राजधानी काठमांडू में आमना-सामना हुआ, जबकि कुछ दिन पहले ही उनके बीच झड़प के कारण बारा जिले में कर्फ्यू लगाना पड़ा था।‘जेन जेड’ समूह के दर्जनों घायल युवकों ने शुक्रवार को काठमांडू के माइतीघर मण्डला में पूर्व प्रधानमंत्री ओली के खिलाफ धरना दिया। वे आठ सितंबर को प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए ओली को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जिसमें 76 लोग मारे गए थे।शुक्रवार का प्रदर्शन निकटवर्ती बानेश्वर-बबरमहल क्षेत्र में सीपीएन-यूएमएल की रैली के बाद हुआ, जहां पार्टी प्रमुख ओली ने यूएमएल नेताओं और कार्यकर्ताओं को सुरक्षा देने के लिए ‘नेशनल वोलेंटियर्स फोर्स’ के गठन की घोषणा की।यूएमएल कार्यकर्ताओं और ‘जेन जेड’ युवाओं, दोनों के कार्यक्रम लगभग एक ही स्थान पर और एक ही समय आयोजित किये गए थे तथा उनके बीच किसी भी टकराव को टालने के लिए बड़ी संख्या में दंगा रोधी पुलिसकर्मी तैनात किये गए थे।जेन जेड’ वे युवा हैं, जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ था।एक दिन पहले, ‘जेन जेड’ के युवाओं और ओली की पार्टी के सदस्यों के बीच झड़प में 10 लोग घायल हो गए, जिसके बाद तनाव फैल गया था। इसके बाद अधिकारियों को भारत की सीमा से लगे नेपाल के बारा जिले में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कर्फ्यू लगाना पड़ा था।हालांकि, शुक्रवार को कर्फ्यू हटा लेने के बाद बारा ज़िले में जनजीवन पटरी पर लौट आया। पुलिस द्वारा सीपीएन-यूएमएल के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के बाद स्थिति नियंत्रण में आई, जो बुधवार को सिमरा हवाई अड्डे पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे ‘जेन जेड’ युवाओं की पिटाई में शामिल थे।ओली के नेतृत्व वाली सीपीएन-यूएमएल इन दिनों ‘जेन जेड’ युवाओं के निशाने पर है। पूर्व प्रधानमंत्री ओली और पार्टी के युवा नेता महेश बसनेत सहित कुछ यूएमएल नेताओं द्वारा ‘जेन जेड’ के खिलाफ आक्रामक गतिविधियों और शत्रुतापूर्ण टिप्पणियों के कारण ऐसा हुआ है।नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी सहित अन्य राजनीतिक दलों ने जहां ‘जेन जेड’ के प्रति नरम रुख अपनाया है और 5 मार्च को आम चुनाव कराये जाने का स्वागत किया है। वहीं, ओली की पार्टी ने आम चुनाव का विरोध किया है। ओली की पार्टी नेपाल की संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा को बहाल करने के लिए अभियान चला रही है तथा प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के इस्तीफे की मांग कर रही है।
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दुबई । भारतीय वायुसेना (IAF) का तेजस लड़ाकू विमान शुक्रवार को दुबई एयर शो में एरियल डिस्प्ले के दौरान क्रैश हो गया और इस हादसे में पायलट की मौत हो गई। यह जानकारी वायुसेना ने दी। IAF ने अपने संक्षिप्त बयान में कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की जा रही है।
कैसे क्रैश हुआ तेजस लड़ाकू विमानविभिन्न टीवी चैनलों पर टेलीकास्ट हो रहे विजुअल्स में दिखा कि विमान अचानक ऊंचाई खोते हुए नीचे गिरा और जमीन से टकराते ही आग के गोले में बदल गया। दुर्घटना के बाद हवाई अड्डे के ऊपर काले धुएं का गुबार दिखा। एयरशो के लिए उमड़ी भीड़ में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा दोपहर करीब 2:10 बजे (स्थानीय समय) तब हुआ जब विमान दर्शकों के सामने डेमो फ्लाइट कर रहा था।जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठितIAF ने एक्स पर पोस्ट किए अपने आधिकारिक बयान में कहा, “दुबई एयर शो में एरियल डिस्प्ले के दौरान IAF का एक तेजस विमान हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में पायलट को गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उनकी मृत्यु हो गई। IAF इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख व्यक्त करता है और इस कठिन समय में शोकग्रस्त परिवार के साथ खड़ा है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की जा रही है।” -
न्यूयॉर्क/ न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध टाइम्स स्क्वायर में भारतीय प्रवासी समुदाय और अन्य देशों की महिलाओं ने एक विशेष कार्यक्रम के दौरान साड़ी की खूबसूरती, विरासत, कलात्मकता और समुदाय के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण का जश्न मनाया। इस दौरान रंग-बिरंगी और विभिन्न शैलियों की साड़ियां इस लोकप्रिय स्थल पर छा गईं।
‘साड़ी गोज़ ग्लोबल' कार्यक्रम के दूसरे संस्करण का आयोजन रविवार को न्यूयॉर्क स्थित परोपकारी संगठन ‘उमा ग्लोबल' ने न्यूयॉर्क के भारतीय वाणिज्य दूतावास के सहयोग से किया। उमा ग्लोबल द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस वर्ष के उत्सव में भारत, बांग्लादेश, ब्रिटेन, वेस्ट इंडीज, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका, अमेरिका के कई शहरों और स्थानीय न्यूयॉर्क निवासियों ने हिस्सा लिया। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में काउंसलर (चांसरी प्रमुख) प्रज्ञा सिंह ने साड़ी के गहन सांस्कृतिक इतिहास और विविधता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “साड़ी दुनिया के सबसे पुराने लगातार पहने जाने वाले परिधानों में से एक है, जिसकी परंपरा हजारों साल पुरानी है। इसकी अनगिनत शैलियां, पहनने के तरीके और कपड़े भारत की असाधारण विविधता और कलात्मक विरासत को प्रतिबिंबित करते हैं।'' ‘साड़ी गोज़ ग्लोबल' इस विरासत को न्यूयॉर्क शहर के केंद्र में खूबसूरती से जीवंत करता है और दिखाता है कि किस तरह परंपरा विभिन्न संस्कृतियों, पीढ़ियों और भौगोलिक क्षेत्रों को जोड़ सकती है।” न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल के पत्र में कार्यक्रम के विविधता, सशक्तिकरण और सामुदायिक सहभागिता में योगदानों की सराहना की गई। उमा ग्लोबल की अध्यक्ष डॉ. रीता काकाटी-शाह ने कहा कि यह विशेष कार्यक्रम “हम सभी को जोड़ता है और ऐसा करते हुए महिलाओं, युवाओं की आवाज और साड़ी की सुंदरता का उत्सव मनाता है। टाइम्स स्क्वायर को एक बार फिर संस्कृति, रंग और आत्मविश्वास के समुद्र में बदलते देखना गर्व की बात है।'' शाह ने असम के रेशम की बुनाई के लिए पहचाने जाने वाले गांव सुआलकुची की पारंपरिक पाट रेशम मेखला छादोर साड़ी पहनी हुई थी। उमा ग्लोबल न्यूयॉर्क स्थित एक परोपकारी संगठन है, जो शिक्षा, नेतृत्व विकास और अंतर-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। - बुकावु,। दक्षिण-पूर्वी कांगो में एक तांबा और कोबाल्ट खदान में अत्यधिक भीड़ के कारण एक पुल ढह गया जिससे कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई। एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। प्रांत के गृह मंत्री रॉय कौम्बा मायोंडे ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि लुआलाबा प्रांत के मुलोंडो में कलांडो खदान का पुल शनिवार को ढह गया। उन्होंने कहा, ‘‘भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे के कारण खदान में प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध के बावजूद अवैध उत्खननकर्ता खदान में जबरन घुस गए।'' कांगो की कारीगरी और लघु-स्तरीय खनन सहायता एवं मार्गदर्शन सेवा की रविवार की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि घटनास्थल पर सैनिकों की गोलीबारी से खनिकों में दहशत फैल गई और वे पुल की ओर भागे जिसके परिणामस्वरूप पुल ढह गया तथा वे ‘‘एक-दूसरे के ऊपर गिर गए जिससे कई लोग हताहत हुए।'' मायोंडे ने मृतकों की संख्या कम से कम 32 बताई जबकि रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम 40 लोगों की जान गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि खदान में सैनिकों की उपस्थिति ‘वाइल्डकैट' खनिकों (संचालन को व्यवस्थित करने के लिए गठित एक सहकारी संस्था) और स्थल के कानूनी संचालकों के बीच विवाद का केंद्र रही है।
- मेक्सिको ।सिटी मेक्सिको में अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जेनरेशन जेड' द्वारा आहूत प्रदर्शन के समर्थन में शनिवार को यहां हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। इस विरोध प्रदर्शन का विपक्षी दलों के विभिन्न आयुवर्ग के लोगों ने भी समर्थन किया।प्रदर्शन में कुछ युवाओं की पुलिस से झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरों, पटाखों, लाठियों एवं जंजीरों से हमला किया और पुलिस की ढालें एवं अन्य उपकरण छीन लिए। राजधानी के सुरक्षा सचिव पाब्लो वाजक्वेज ने बताया कि 120 लोग घायल हुए हैं जिनमें से 100 पुलिस अधिकारी हैं। इस संबंध में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 1990 के दशक के अंत और 2010 के प्रारंभ के बीच जन्मे लोगों ने इस वर्ष कई देशों में असमानता, लोकतांत्रिक पतन और भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रदर्शन किए हैं। नेपाल में हाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के बाद सितंबर में सबसे बड़ा ‘जेन जेड' विरोध प्रदर्शन हुआ था जिसके कारण उस देश के प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। मेक्सिको में कई युवाओं का कहना है कि वे भ्रष्टाचार और हिंसक अपराधों के लिए दंड से मुक्ति जैसी प्रणालीगत समस्याओं से निराश हैं। युवाओं द्वारा आहूत इस प्रदर्शन में विभिन्न आयु वर्ग के लोग शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति विसेंट फॉक्स और मेक्सिकन अरबपति रिकार्डो सेलिनास प्लीगो ने विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में संदेश प्रसारित किए। एक प्रदर्शनकारी एन्ड्रेस मासा (29) ने कहा, ‘‘हमें अधिक सुरक्षा की आवश्यकता है।' उसने समुद्री डाकू की खोपड़ी वाला झंडा उठाया था जो ‘जेन जेड' के विरोध का वैश्विक प्रतीक बन गया है।
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वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह बीफ, कॉफी, उष्णकटिबंधीय फलों और कई अन्य वस्तुओं पर शुल्क हटा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन पर उच्च उपभोक्ता कीमतों से निपटने के लिए दबाव लगातार बढ़ रहा था, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने के लिए आयातित वस्तुओं पर भारी शुल्क लगाया है। हालांकि कई खाद्य पदार्थों पर शुल्क वापस लेने का फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस महीने हुए चुनावों में मतदाताओं ने आर्थिक चिंताओं को शीर्ष मुद्दा बताया था। इसके चलते वर्जीनिया, न्यू जर्सी और देश के अन्य प्रमुख चुनावों में डेमोक्रेट्स को बड़ी जीत मिली। ट्रंप ने फ्लोरिडा के लिए उड़ान भरते समय एयर फोर्स वन में कहा, ''हमने कॉफी जैसे कुछ खाद्य पदार्थों पर थोड़ा सा शुल्क वापस लिया है।'' अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि उनके शुल्क संबंधी फैसलों से कुछ मामलों में उपभोक्ता कीमतों में वृद्धि हुई, लेकिन साथ ही कहा कि ''काफी हद तक इसका बोझ दूसरे देशों पर पड़ा है।'' ट्रंप प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि उसके शुल्क ने सरकारी खजाने को भरने में मदद की है और देश भर में किराने की दुकानों पर बढ़ती कीमतों का कोई बड़ा कारण नहीं है।
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गबोरोन (बोत्सवाना). भारत और बोत्सवाना ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की राजकीय यात्रा के दौरान इस अफ्रीकी देश से आठ चीतों को स्थानांतरित किए जाने की योजना की औपचारिक घोषणा की। मुर्मू ने बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको और दुनिया के सबसे बड़े हीरा उत्पादक देशों में से एक के लोगों को इस सद्भावना के लिए धन्यवाद देते हुए आश्वासन दिया, ‘‘हम उनकी (चीतों की) अच्छी देखभाल करेंगे।'' बोको ने कहा कि उनका देश बृहस्पतिवार को प्रतीकात्मक रूप से चीतों को “महामहिम (मुर्मू)” को सौंपेगा।
दोनों राष्ट्राध्यक्ष एक कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें पकड़े गए आठ चीतों को मोकोलोडी प्राकृतिक अभयारण्य में एक पृथकवास परिसर में छोड़ा जाएगा, जो इन्हें ‘प्रोजेक्ट चीता' के भाग के रूप में और वन्यजीव संरक्षण के लिए एक पारस्परिक पहल के तहत बोत्सवाना द्वारा भारत को प्रतीकात्मक रूप से सौंपे जाने का साक्ष्य होगा। कालाहारी रेगिस्तान स्थित घांजी शहर से इन चीतों को गबोरोन से 10 किलोमीटर दक्षिण में स्थित प्राकृतिक अभयारण्य में लाया गया है। बोत्सवाना चारों तरफ से जमीन से घिरा राष्ट्र है, जिसका 70 प्रतिशत भूभाग कालाहारी रेगिस्तान के दायरे में आता है। मुर्मू ने कहा, ‘‘मुझे यह जानकर विशेष खुशी हो रही है कि बोत्सवाना, प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत में चीतों को पुनः लाने जा रहा है, जो भारत सरकार की एक अनूठी वन्यजीव संरक्षण पहल है।'' उन्होंने यहां राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, ‘‘मैं राष्ट्रपति और बोत्सवाना के लोगों की आभारी हूं कि वे अपने चीते भारत भेज रहे हैं। हम उनकी अच्छी देखभाल करेंगे।'' मुर्मू मंगलवार को तीन-दिवसीय राजकीय यात्रा पर बोत्सवाना पहुंचीं। दक्षिणी अफ्रीका स्थित इस देश की किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली यात्रा है। -
*रामकी कंपनी में 6 वार्डो को देखने वाला मात्र एक सुपरवाईजर..*
*महापौर ने कहा ऐसे में आधे वार्डों में भी 100 प्रतिशत डोर डोर टू डोर कचरा संग्रहण संभव नही.**महापौर जोन 8,9 और 10 पहुंचीं, सफाई व्यवस्था सुधारने दिए अनेक निर्देश, कहा सफाई सुधारना पहली प्राथमिकता**महापौर ने जोन 8,9,10 में पार्षदों को दिलवाई स्वच्छता शपथ**शहर के व्यवसायिक क्षेत्रों, बाजारों में कचरा संग्रहण रामकी कम्पनी की ज़िम्मेदारी**महापौर ने जोन 8 के वार्ड 2 के कबीर नगर में 7 दिनों से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नहीं होने पर गहन नाराजगी व्यक्त की, मुख्य मार्गो, नालों, नालियों की सफाई व्यवस्था सुधारमे, घरों से शत- प्रतिशत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने दिए निर्देश**रायपुर -महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा है कि रामकी कम्पनी में नगर निगम के 6 वार्डों को देखने वाला मात्र एक सुपर वाइजर है. ऐसे में आधे वार्डों में भी शत - प्रतिशत डोर टू डोर कचरा संग्रहण कार्य संभव नहीं है.रायपुर शहर की सफाईव्यवस्था को राजधानी शहर के अनुरूप सुधारने अब नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने वार्ड पार्षदों से सफाई कार्य का वार्डो का प्रतिदिन निरीक्षण करने की अपील की है. महापौर ने कहा है कि वे हर माह वार्ड पार्षदों सहित सफाई को सुधारने वार्डों का निरीक्षण करने स्वयं फील्ड पर उतरेंगी. महापौर ने पार्षदों को सफाई कार्य को सुधारने राजधानी शहर में लगातार सजग और जागरूक रहकर वार्डों में निरीक्षण करने का सुझाव जनहित में दिया है.आज महापौर श्रीमती मीनल चौबे नगर निगम जोन क्रमांक 8, जोन 9 और जोन 10 कार्यालय पहुंचीं एवं नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर, जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, जोन 10 जोन अध्यक्ष श्री सचिन बी. मेघानी, एमआईसी सदस्य श्री खेम कुमार सेन, डॉ. अनामिका सिंह, पार्षद सर्वश्री भगतराम हरबंश, महेन्द्र औसर, अर्जुन यादव, अमन सिंह ठाकुर, देवदत्त द्विवेदी, मोहन साहू, मनोज जांगड़े, विनय प्रताप सिंह ध्रुव, विनय पंकज निर्मलकर, श्रीमती प्रभा मनोज विश्वकर्मा, श्रीमती सावित्री धीवर, श्रीमती रेणु जयंत साहू, श्रीमती सुषमा तिलक साहू, जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर, जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे, कार्यपालन अभियंता सर्वश्री अतुल चोपड़ा, शरद ध्रुव, आशीष शुक्ला, जोन स्वास्थ्य अधिकारी सर्वश्री गोपीचंद देवांगन, बारोन बंजारे, उमेश नामदेव, अन्य सम्बंधित जोन 8,9 और जोन 10 जोन अधिकारियों, रामकी कम्पनी के स्थानीय अधिकारी प्रतिनिधि की उपस्थिति में सफाई कार्य को लेकर समीक्षा कर सफाई व्यवस्था राजधानी के अनुरूप सुधारने वार्ड पार्षदों से चर्चा कर सुझाव लिए और अधिकारियों को अनेक निर्देश दिए हैँ.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि सफाई कार्य उनकी पहली प्राथमिकता है. सभी घरों से प्रतिदिन शत - प्रतिशत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. महापौर ने सभी नियमित और ठेका सफाई कामगारों की ड्यूटी पर शत - प्रतिशत संख्या में निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने निर्देशित किया है.महापौर ने कहा किमहापौर ने कहा कि सफाई व्यवस्था सुधार कार्य में कोई कोताही कदापि सहन नहीं की जाएगी. सफाई करने और कचरा उठाने को लेकर कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी, प्रतिदिन पूरे शहर का कचरा उठना चाहिए. व्यवसायिक क्षेत्रों, बाजारों से कचरा उठाना रामकी कम्पनी की जिम्मेदारी है. यह रामकी कम्पनी की जिम्मेदारी है और जिम्मेदारी का निर्वहन सही तरीके से नहीं करने पर चार गुना जुर्माना की कार्यवाही का सामना करने राम की कम्पनी तैयार रहे. रायपुर शहर राज्य की राजधानी के अनुरूप साफ दिखना चाहिए, इसके लिए सभी आवश्यक सख्त कदम उठाने के निर्देश महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने दिए हैँ.महापौर ने जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड क्रमांक 2 के कबीर नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों में विगत 7 दिनों से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नहीं होने पर गहन नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रतिदिन सभी स्थानों से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करना हर हाल में सुनिश्चित करने के साथ सभी दुकानदारों को सफाई के प्रति जागरूक बनाकर सभी दुकानों में अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखवाने,वार्ड पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर वार्डों की सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश एक बार पुनः दिए हैँ.महापौर ने बाजारों में कचरा फैलाने वालों पर लगातार जुर्माना करने की कार्यवाही करने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देशित किया है. महापौर ने जोन 8,9,10 क्षेत्र अंतर्गत वार्डों में मुख्य मार्गो, नालों, नालियों की वर्तमान सफाई व्यवस्था सभी वार्डों में प्राथमिकता के साथ सुधारने अधिकारियों को निर्देशित किया है.महापौर ने जोन 8, 9 और 10 में वार्ड पार्षदों और अधिकारियों और रामकी कम्पनी प्रतिनिधियों को स्वच्छता शपथ दिलवाई. -
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, भारत के साथ ‘‘न्यायसंगत व्यापार समझौते'' पर पहुंचने के ‘‘काफी करीब'' है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह भारत पर लगाए गए शुल्क (टैरिफ) को ‘‘एक समय'' कम कर देंगे। यह दो हफ्ते से भी कम समय में दूसरी बार है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर मुहर लगने की उम्मीद जताई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उक्त बयान ट्रंप का सामान्य अतिशयोक्तिपूर्ण बयान था या दोनों पक्षों के बीच बहुप्रतीक्षित समझौते के लिए वार्ता में कुछ प्रगति हुई है। ट्रंप ने सोमवार को कहा, ‘‘हम भारत के साथ एक समझौता कर रहे हैं, यह पहले की तुलना में बहुत अलग है। इसलिए अभी वे मुझे पसंद नहीं करते लेकिन वे हमें फिर से पसंद करेंगे।'' उन्होंने ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान ये टिप्पणियां कीं, जहां उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस ने सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका के नये राजदूत के रूप में शपथ दिलाई। ट्रंप ने भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा साझेदार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अमेरिका के “शानदार” संबंध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री मोदी के साथ शानदार संबंध हैं और सर्जियो गोर ने इस रिश्ते को और मजबूत किया है क्योंकि वह पहले से ही प्रधानमंत्री के साथ दोस्ताना संबंध रखते हैं। जब उन्हें पता चला कि सर्जियो भारत के राजदूत बनने वाले हैं तो वे लगातार संपर्क में रहते थे कि ‘आइए, इस व्यक्ति को जानें।' और उन्हें सर्जियो पसंद आए।'' ट्रंप ने कहा, ‘‘हम एक उचित समझौता कर रहे हैं, सिर्फ एक न्यायसंगत व्यापार सौदा। पहले हमारे पास काफी अनुचित व्यापार समझौते थे। भारत के लोग बहुत अच्छे वार्ताकार हैं, सर्जियो, इसलिए इस पर ध्यान रखना होगा।'' उन्होंने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से कहा, ‘‘लेकिन हम काफी करीब पहुंच चुके हैं। स्कॉट, मेरा मानना है कि हम एक ऐसा सौदा करने के बहुत करीब हैं, जो सबके लिए अच्छा होगा।'' इस पर स्कॉट बेसेंट ने जवाब दिया, ‘‘बिल्कुल सही।''
ट्रंप ने कहा, “पहले क्या (पूर्व राष्ट्रपति जो) बाइडन ऐसा सवाल पूछते? मुझे नहीं लगता। वह पूछते कि ‘भारत के साथ क्या स्थिति है?' उन्हें भारत के बारे में कुछ पता नहीं था। खैर, कोई बात नहीं।'' जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह भारत के साथ व्यापार समझौते के तहत शुल्क कम करने पर विचार करेंगे, तो उन्होंने कहा, ‘‘अभी भारत पर बहुत भारी शुल्क लागू है, क्योंकि उन्होंने रूसी तेल खरीदा था। लेकिन अब उन्होंने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है। रूसी तेल की खरीद में काफी कमी आई है। हां, हम जल्द ही इन शुल्कों को कम करने जा रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी समय हम इन्हें कम करेंगे। बिना शुल्क के हमारा देश बहुत मुश्किल में पड़ जाएगा, जैसे कि पहले कई वर्षों तक रहा था।'' भारत और अमेरिका के संबंध हाल के महीनों में तनावपूर्ण रहे हैं क्योंकि ट्रंप ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत शुल्क लगाया था, जिसमें रूसी तेल की खरीद को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क शामिल है। भारत ने इस कदम को ‘‘अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक'' बताते हुए कहा था कि उसकी ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हित पर आधारित है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर अब तक पांच दौर की वार्ताएं पूरी हो चुकी हैं। पिछले महीने नयी दिल्ली में एक अधिकारी ने बताया था कि दोनों देश इस समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं, क्योंकि अधिकतर मुद्दों पर दोनों पक्षों की सहमति बन चुकी है। अधिकारी ने कहा था कि अब दोनों देश समझौते के शब्दों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। ट्रंप ने कहा कि सर्जियो भारत में शानदार काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच संबंध ‘‘बेहद महत्वपूर्ण'' हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती मध्यवर्गीय आबादी वाला देश है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यह वाकई एक अद्भुत देश है, 1.5 अरब की आबादी वाला। चीन के पास 1.4 अरब लोग हैं। ये दो बड़े देश हैं। राजदूत के रूप में सर्जियो हमारे देशों के रिश्ते को मजबूत करने, प्रमुख अमेरिकी उद्योगों और तकनीकों में निवेश बढ़ाने, ऊर्जा निर्यात में वृद्धि करने और सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए काम करेंगे।'' अक्टूबर में अमेरिकी सीनेट ने गोर की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। अगस्त में ट्रंप ने उन्हें भारत के अगले राजदूत और दक्षिण तथा मध्य एशिया मामलों के विशेष दूत के रूप में नामित किया था। -
बीजिंग/वाशिंगटन. अमेरिका, चीन, श्रीलंका, मालदीव, इजराइल, आयरलैंड और नेपाल ने मंगलवार को कहा कि भारत की राजधानी दिल्ली में विस्फोट में कम से कम 12 लोगों की जान चले जाने और कई अन्य के घायल होने से उन्हें ‘गहरा दुख' हुआ है। सोमवार शाम दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से चल रही एक कार में यह शक्तिशाली विस्फोट हुआ। इस विस्फोट में 12 लोगों की जान चली गयी जबकि कई अन्य घायल हो गये। इस घातक विस्फोट पर संवेदना व्यक्त करते हुए, अमेरिका ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
विदेश विभाग के दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो ने सोमवार को ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘नयी दिल्ली में हुए भयानक विस्फोट से प्रभावित लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति हमारी गहरी संवेदना है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।'' चीन ने दिल्ली में हुए बम विस्फोट पर दुख जताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हम इस घटना से स्तब्ध हैं।'' उन्होंने मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने सोशल मीडिया पर लिखा, “दिल्ली में कल रात हुए विस्फोट की खबर से गहरा दुख हुआ। श्रीलंका भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। हमारी संवेदनाएं सभी प्रभावितों के साथ हैं।” मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने कहा कि उन्हें विस्फोट में लोगों की मौत पर गहरा दुख हुआ है।
उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, “हम शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। मालदीव इस कठिन समय में भारत के लोगों और सरकार के साथ खड़ा है।” नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। नेपाल दुख की इस घड़ी में भारत के साथ खड़ा है।” इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भारत के लोगों, विशेषकर विस्फोट में मारे गए निर्दोष लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘इजराइल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है।''
आयरलैंड के उप-प्रधानमंत्री साइमन हैरिस ने कहा कि दिल्ली में हुए दुखद विस्फोट से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा, हमारी संवेदनाएं इस हमले में मारे गये लोगों के परिवारों, घायलों और उनके परिवारों के साथ हैं। इस कठिन समय में हम भारत के लोगों और सरकार के साथ अपना पूरा समर्थन एवं एकजुटता व्यक्त करते हैं।'' श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने भी भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “दिल्ली में कल रात हुए विस्फोट से उन्हें गहरा दुख हुआ। श्रीलंका भारत के लोगों के साथ एकजुटता में खड़ा है। हमारी संवेदनाएं सभी प्रभावितों के साथ हैं।” श्रीलंका में नेता प्रतिपक्ष सजित प्रेमदास ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया और कहा कि सभी को “आतंकवाद के इस जघन्य दुष्प्रभाव को समाप्त करने के लिए एकजुट होना चाहिए।” उन्होंने कहा, ‘‘ इस कायराना हमले से प्रभावित हुए लोगों के प्रति हमारी संवेदना है।'' -
काठमांडू। नेपाल में पर्यटक के रूप में आए और पिछले महीने से लापता एक भारतीय व्यक्ति और उसकी बेटी के शव रविवार को एक मठ के पास पहाड़ी इलाके से बरामद किए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के उप प्रवक्ता शैलेंद्र थापा ने बताया कि एपीएफ ने मनांग जिले के दिसयांग स्थित मालेरिपा मठ के पास से 52 वर्षीय जिग्नेस कुमार लल्लूभाई पटेल और उनकी 17 वर्षीय बेटी के शव बरामद किए। दोनों 20 अक्टूबर को दिसयांग स्थित ग्यालसेन होटल से कर्मचारियों को यह बताकर निकले थे कि वे मालेरिपा मठ जा रहे हैं। जब वे वापस नहीं लौटे, तो होटल के कर्मचारियों ने मनांग स्थित नेपाल पर्वतीय बचाव प्रशिक्षण स्कूल को सूचित किया और उन्हें ढूंढने में सहायता मांगी। प्रशिक्षण स्कूल द्वारा किए गए शुरुआती तलाशी अभियान से कोई नतीजा नहीं निकलने पर, डीएसपी हीरा बहादुर के नेतृत्व में एक प्रशिक्षित पर्वतीय बचाव दल को आवश्यक उपकरणों के साथ भेजा गया। टीम को मठ से लगभग 100 मीटर ऊपर बर्फ के नीचे दबे शव मिले। पुलिस ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि पर्यटक मठ में घूमने आए थे और फिर बेहतर दृश्य देखने के लिए पहाड़ी पर गए और दुर्घटना का शिकार हो गए।
- वाशिंगटन/ओटावा. दुनिया भर में भारतीय दूतावासों ने देश के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने पर सामूहिक गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक समारोहों के साथ प्रवासी भारतीयों में एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रतिबिंबित किया। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित, वंदे मातरम को सबसे पहले उनके उपन्यास आनंदमठ में शामिल किया गया था और बाद में यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान एक नारा बन गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को इसकी 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में साल भर जारी रहने वाले स्मरणोत्सव का उद्घाटन किया। वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सात नवंबर को भारतीय प्रवासी छात्रों द्वारा सामूहिक गायन के साथ इस मील के पत्थर को चिह्नित किया गया।ओटावा में, उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने भारतीय प्रवासी सदस्यों और उच्चायोग के अधिकारियों के साथ ‘वंदे मातरम' गायन का नेतृत्व किया। इस कार्यक्रम में ओडिसी नृत्य का प्रदर्शन भी किया गया। मिशन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस अमर स्तुति का सम्मान करते हुए, हम एक आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और पुनरुत्थानशील विकसित भारत 2047 के प्रति अपने संकल्प की पुष्टि करते हैं।'' दोहा में, राजदूत विपुल ने एक कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन का नेतृत्व किया, जिसे दूतावास ने राष्ट्र को जोड़ने वाली देशभक्ति और एकता की भावना के प्रति एक सम्मान बताया। रियाद में, राजदूत सुहेल एजाज खान ने भारतीय समुदाय के साथ ‘वंदे मातरम' गायन में भाग लिया और कहा कि उन्हें मातृभूमि की भावना को महसूस करने पर ‘‘गर्व'' हो रहा है।कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने पर्थ में एक सामुदायिक सभा का आयोजन किया, जहां उच्चायुक्त डी. पी. सिंह ने राष्ट्रगीत गायन का नेतृत्व किया। मिशन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘इस सामूहिक गायन में आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार तीनों सेनाओं के अभियान ‘समुद्र प्रदक्षिणा' की सभी महिला दल की सदस्य भी शामिल हुईं - जो समुद्र के पार भारत की भावना, एकता और नारी शक्ति के प्रति एक सम्मान है।'' लंदन में, उच्चायोग के अधिकारियों ने राष्ट्रगीत गाकर इसे मातृभूमि के लिए एक सम्मान बताया, जो भारत के लिए एकता, गौरव और प्रेम को प्रेरित करती रहती है। इसी तरह नेपाल, पेरू, चिली, अर्जेंटीना, कोलंबिया, दुबई, सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका सहित कई अन्य देशों के भारतीय मिशन ने भी राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में गायन और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। भारत की संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को आधिकारिक तौर पर ‘वंदे मातरम' को राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को अपने भाषण में कहा कि वंदे मातरम ‘‘हमें हमारे इतिहास से जोड़ता है और हमारे भविष्य को नया साहस देता है''। इस गीत को हर युग में प्रासंगिक बताते हुए मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘जब दुश्मन ने आतंकवाद का इस्तेमाल करके हमारी सुरक्षा और सम्मान पर हमला करने का दुस्साहस किया, तो दुनिया ने देखा कि भारत दुर्गा का रूप धारण करना जानता है।''
- ह्यूस्टन. अमेरिका में अरकंसास राज्य की गवर्नर सारा हकाबी सैंडर्स और सैन एंटोनियो की मेयर जीना ऑर्टिज जोन्स ने इस महीने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ अलग-अलग समारोहों में दिवाली मनायी, जिसमें भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती सांस्कृतिक विविधता एवं बढ़ते संबंधों पर प्रकाश डाला गया। गवर्नर सैंडर्स ने चार नवंबर को लिटिल रॉक स्थित गवर्नर आवास में दिवाली कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत डी सी मंजूनाथ और समुदाय के सदस्य शामिल हुए। मंजूनाथ ने गवर्नर का आभार व्यक्त करते हुए भारत और अरकंसास के बीच ‘‘मजबूत और लोगों के बीच बढ़ते संपर्क, व्यापार और निवेश संबंधों'' पर जोर दिया। इससे पहले एक नवंबर को सैन एंटोनियो में वार्षिक दिवाली उत्सव आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में दीवाली रिवर परेड, सांस्कृतिक प्रदर्शन और भारतीय व्यंजनों का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। मेयर ऑर्टिज जोन्स ने कहा कि सांस्कृतिक उत्सव ‘‘एकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।''
- न्यूयॉर्क. रत में जन्मी एवं अमेरिकी राजनीतिज्ञ गजाला हाशमी वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनी गई हैं। वह राज्य के इस शीर्ष राजनीतिक पद पर निर्वाचित होने वाली पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई अमेरिकी बन गई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की हाशमी (61) को 1,465,634 वोट मिले, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के उनके प्रतिद्वंद्वी जॉन रीड को 1,232,242 वोट मिले। सामुदायिक संगठन ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट फंड' ने वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर हाशमी को बधाई दी। वहीं, एबिगेल स्पैनबर्गर ऐतिहासिक रूप से पहली बार वर्जीनिया की गवर्नर चुनी गईं। डेमोक्रेटिक पार्टी की एबिगेल स्पैनबर्गर ने मंगलवार को वर्जीनिया के गवर्नर पद का चुनाव जीत लिया। उन्होंने रिपब्लिकन लेफ्टिनेंट गवर्नर विंसम अर्ल-सियर्स को शिकस्त दी है। न्यूजर्सी में भी गवर्नर पद के लिए चुनाव हुए जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के मिकी शेरिल ने रिपब्लिकन पार्टी के जैक सियाटारेली को हराया। सियाटारेली को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त था। शेरिल, सीमित कार्यकाल वाले डेमोक्रेटिक गवर्नर फिल मर्फी का स्थान लेंगे। 1961 के बाद यह पहली बार होगा जब न्यू जर्सी के गवर्नर के पद पर किसी एक पार्टी ने लगातार तीन बार जीत हासिल की हो।
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न्यूयॉर्क. अमेरिका के कई राज्यों के प्रमुख शहरों में मंगलवार को मेयर पद के लिए चुनाव हुए जिनमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने पसंदीदा नेता को चुना लेकिन सबसे दिलचस्प मुकाबला न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के लिए हुए चुनाव में देखने को मिला जिसमें भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने विजयी होकर इतिहास रच दिया। वह अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर पद पर आसीन होने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम व्यक्ति बन गए हैं। ममदानी ने 9,48,202 वोट (50.6 प्रतिशत) प्राप्त कर न्यूयॉर्क सिटी के मेयर का चुनाव जीता, जिसमें 83 प्रतिशत वोट पड़े। वह कई महीनों से न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव की दौड़ में सबसे आगे थे और मंगलवार को उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा तथा दिग्गज नेता एवं न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को हराया, जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। कुओमो को चुनाव की पूर्व संध्या पर ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त हुआ था। कुओमो को 7,76,547 वोट (41.3 प्रतिशत) मिले जबकि स्लिवा को 1,37,030 वोट मिले।
उनकी प्रचार टीम ने कहा था, ‘‘जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के कामकाजी वर्ग के लोगों के लिए जीवनयापन की लागत कम करने के वास्ते मेयर पद का चुनाव लड़ रहे हैं।'' युवा नेता ममदानी को युवाओं और कामकाजी वर्ग के न्यूयॉर्कवासियों के बीच भरपूर समर्थन मिला, जो देश में कठिन आर्थिक और राजनीतिक माहौल के बीच महंगाई और नौकरी की असुरक्षा के बोझ तले दबे हुए हैं। भारतीय मूल के ममदानी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महमूद ममदानी के पुत्र हैं। उनका जन्म युगांडा के कंपाला में हुआ था और सात साल की उम्र में वह अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क सिटी आ गए थे। ममदानी 2018 में ही अमेरिकी नागरिक बने थे। ओहायो के सिनसिनाटी शहर के मेयर पद के लिए भी मंगलवार को चुनाव हुए जिनमें डेमोक्रेट आफताब पुरेवैल ने रिपब्लिकन उम्मीदवार कोरी बोमैन को शिकस्त दी और इस पद पर अपना वर्चस्व बरकरार रखा। कोरी बोमैन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के सौतेले भाई हैं। पुरेवैल पहली बार 2021 में मेयर चुने गए थे। उन्होंने मई में सर्वदलीय नगरपालिका प्राइमरी में 80 प्रतिशत से ज़्यादा मतों से जीत हासिल की थी। मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने से पहले उन्होंने वकील के तौर पर सेवाएं दी थीं। जॉर्जिया राज्य की राजधानी अटलांटा के मेयर पद के लिए भी मंगलवार को चुनाव हुए जिसमें आंद्रे डिकेंस ने जीत हासिल की है। यह मेयर पद पर उनकी दूसरी जीत है। अटलांटा का मेयर पद दशकों से डेमोक्रेट्स के पास रहा है। डिकेंस ने तीन प्रतिद्वंद्वियों को हराकर 50 प्रतिशत से अधिक मतों के साथ यह पद जीता। वर्ष 2022 में पदभार ग्रहण करने से पहले, डिकेंस अटलांटा नगर परिषद में और एक तकनीक-आधारित गैर-लाभकारी संस्था के मुख्य विकास अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। पेनसिल्वेनिया राज्य के पिट्सबर्ग शहर के मेयर पद पर हुए चुनाव में डेमोक्रेट कोरी ओ'कॉनर ने जीत हासिल की है। ओ'कॉनर ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार टोनी मोरेनो को हराकर पिट्सबर्ग के मेयर का चुनाव जीता। एलेघेनी काउंटी के नियंत्रक ओ'कॉनर ने इस साल की शुरुआत में डेमोक्रेटिक प्राइमरी में मौजूदा मेयर एड गेनी को हराया था। वह पिट्सबर्ग के पूर्व मेयर बॉब ओ'कॉनर के बेटे हैं। वहीं, मैरी शेफ़ील्ड मिशिगन राज्य के डेट्रॉइट शहर की पहली महिला मेयर चुनी गई हैं। नगर परिषद अध्यक्ष मैरी शेफ़ील्ड डेट्रॉइट की नयी मेयर और शहर का नेतृत्व करने वाली पहली महिला होंगी। शेफ़ील्ड ने मंगलवार के आम चुनाव में लोकप्रिय मेगाचर्च पादरी रेव. सोलोमन किनलोच को हराया। वह जनवरी में पदभार ग्रहण करेंगी और तीन बार मेयर रह चुके माइक डुग्गन का स्थान लेंगी, जिन्होंने पिछले साल घोषणा की थी कि वह दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे।

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