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- नयी दिल्ली. दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल ने भारत के तेजी से मजबूत होते खुदरा बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए नोएडा में एक नया स्टोर खोला है। यह भारत में कंपनी का पांचवा स्टोर है। एप्पल की उपाध्यक्ष (स्टोर एवं खुदरा परिचालन) वनेसा ट्रिगब ने कहा कि कंपनी हर नए स्टोर के खुलने पर अविश्वसनीय ऊर्जा और उत्साह देख रही है। इसे देखते हुए कंपनी अगले साल मुंबई में एक और स्टोर खोलेगी। एप्पल ने पहले खोले गए मुंबई और दिल्ली के स्टोर के अलावा इस साल बेंगलुरु और पुणे में भी अपने स्टोर खोले हैं। ट्रिगब ने कहा कि नए स्टोर के लिए नोएडा को इसलिए चुना गया क्योंकि यहां छात्रों, रचनाकारों और उद्यमियों का जीवंत और तेजी से बढ़ता समुदाय है। उन्होंने कहा कि यह स्टोर एक ऐसी जगह के रूप में डिजाइन किया गया है, जहां रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी आपस में मिलती हैं। उन्होंने कहा, ''आप महसूस कर सकते हैं कि लोग ऐसी जगह को कितना महत्व देते हैं, जहां वे हमारे उत्पादों का अनुभव कर सकें, नए कौशल सीख सकें, जरूरी मदद पा सकें, और उन लोगों से जुड़ सकें जो रचना करना पसंद करते हैं। इस नजरिये के आधार पर ही हमने अपनी अगली जगह चुनी है।'' उन्होंने कहा, ''एप्पल नोएडा स्टोर की शुरुआत देशभर में दिख रही गति को बढ़ाती है और इस क्षेत्र में हमें ग्राहकों के और करीब लाया है।'' ट्रिगब ने कहा, ''हम लगातार नवाचार कर रहे हैं ताकि कहीं भी मौजूद ग्राहकों तक पहुंचा जा सके। हम अपने ऑनलाइन और भौतिक स्टोर को एक निर्बाध खरीदारी अनुभव प्रदान करने के रूप में देखते हैं।'' एप्प्ल की व्यापक खुदरा दृष्टि पर चर्चा करते हुए ट्रिगब ने कहा कि हर नया स्टोर कंपनी के भारतीय ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत करता है, जो अब स्टोर पर सिर्फ उत्पाद खरीदने ही नहीं, बल्कि सीखने, खोज करने और यह जानने जाते हैं कि आईफोन, मैक और अन्य उत्पादों से क्या-क्या संभव है। एप्पल अगले साल मुंबई में एक और खुदरा स्टोर खोलने की योजना बना रही है। ट्रिगब ने कहा, ''हमारा भारत से संबंध पहले से कहीं अधिक गहरा है और कंपनी की खुदरा वृद्धि भारत में 25 वर्षों से अधिक समय से बने संबंधों को दर्शाती है।''
- नयी दिल्ली. भारतीय उर्वरक संघ (एफएआई) ने मंगलवार को कहा कि मानसून की बेहतर बारिश के बाद घरेलू मांग में बढ़ोतरी होने से वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का उर्वरक आयात 41 प्रतिशत बढ़कर 2.23 करोड़ टन होने का अनुमान है। उद्योग निकाय ने कहा कि दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उर्वरक उपभोक्ता देश भारत ने अप्रैल-अक्टूबर के दौरान एक करोड़ 44.5 लाख टन उर्वरकों का आयात किया, जो एक साल पहले के 85.6 लाख टन से लगभग 69 प्रतिशत अधिक है। एफएआई के चेयरमैन एस. शंकरसुब्रमण्यन ने उर्वरक संघ के तीन-दिवसीय वार्षिक सम्मेलन से पहले संवाददाताओं से कहा, ‘‘अच्छी बारिश के कारण घरेलू मांग में अचानक बढ़ोतरी होने से उर्वरकों के आयात में वृद्धि हुई है।'' उन्होंने कहा कि नवंबर के अंत तक उर्वरक स्टॉक 1.02 करोड़ टन था, जबकि एक साल पहले यह 99.7 लाख टन था। इसमें 50 लाख टन यूरिया, 17 लाख टन डीएपी और 35 लाख टन एनपीके उर्वरक शामिल हैं। कोरोमंडल इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक शंकरसुब्रमण्यन ने कहा कि भारत ने पिछले दो महीनों में बड़ी मात्रा में अनुबंध किए हैं और उर्वरकों की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि खरीफ मौसम के दौरान कुछ जगहों पर कमी थी, लेकिन कुल मिलाकर आपूर्ति पर्याप्त रही।एफएआई के आंकड़ों से पता चला है कि अप्रैल-अक्टूबर में घरेलू उर्वरक उत्पादन मामूली रूप से बढ़कर दो करोड़ 99.7 लाख टन हो गया, जो एक साल पहले दो करोड़ 97.5 लाख टन था। उत्पादन में एक करोड़ 71.3 लाख टन यूरिया, 23.2 लाख टन डीएपी, 70.4 लाख टन एनपीके उर्वरक और 34.8 लाख टन एसएसपी शामिल थे। उर्वरक संघ ने कहा कि 150 से अधिक कंपनियां भारत की पोषक तत्वों की लगभग तीन-चौथाई जरूरतों को पूरा करती हैं, बाकी आयात से पूरी होती हैं। लगभग 14 करोड़ से अधिक किसान परिवारों वाला भारत सालाना लगभग सात करोड़ टन उर्वरक का उपभोग करता है, जो चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। सरकार ने वर्ष 2024-25 में यूरिया और पोषक तत्व-आधारित ढांचे के माध्यम से 1.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी प्रदान की। एफएआई ने कहा कि आपूर्ति सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए भारत ने सऊदी अरब, जॉर्डन, मोरक्को, कतर और रूस जैसे संसाधन-संपन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।
- नयी दिल्ली. दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट भारत में एआई भविष्य के लिए जरूरी अवसंरचना, कौशल एवं स्वाायत्त क्षमताओं के विकास के लिए 17.5 अरब डॉलर (करीब 1.58 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर यह जानकारी दी। नडेला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ''देश की महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए माइक्रोसॉफ्ट 17.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जता रही है। यह एशिया में हमारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। इससे भारत के एआई भविष्य के लिए जरूरी अवसंरचना, कौशल और स्वायत्त क्षमताएं तैयार की जा सकेंगी।'' माइक्रोसॉफ्ट ने एक बयान में कहा कि कंपनी 2026 से 2029 के बीच अगले चार वर्षों में भारत में 17.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जिससे एआई को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी ने कहा कि यह निवेश जनवरी, 2025 में घोषित तीन अरब डॉलर की पिछली निवेश प्रतिबद्धता के अतिरिक्त है।
- नयी दिल्ली. वाणिज्यिक बैंकों के वित्तीय सेवा कारोबार पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अंतिम दिशानिर्देशों से अब 12 बैंक समूहों के लिए बड़े पुनर्गठन की आवश्यकता नहीं है और इसे टाल दिया गया है। क्रिसिल रेटिंग्स ने मंगलवार को यह जानकारी दी और कहा कि इन बैंकों में संचयी रूप से क्षेत्रीय अग्रिमों का 55 प्रतिशत हिस्सा है। अंतिम दिशानिर्देशों का उद्देश्य बैंक समूह संस्थाओं में विनियमों को संरेखित करके किसी भी नियामक मध्यस्थता को समाप्त करना है। इससे संरचनात्मक मजबूती मिलगी, साथ ही व्यवसाय संचालन में सुदृढ़ होगा। क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार, वाणिज्यिक बैंकों के वित्तीय सेवा व्यवसायों पर अंतिम दिशानिर्देश ‘‘ प्रमुख बैंक समूहों के भीतर अतिव्यापी ऋण गतिविधियों के संबंध में मजबूती प्रदान करते हैं। इनके अभाव में भारत में 12 बैंक समूहों को अपने ऋण व्यवसायों का पुनर्गठन करना पड़ता।'' इससे पहले, अक्टूबर 2024 में जारी मसौदा दिशानिर्देशों में प्रस्ताव दिया गया था कि केवल एक बैंक समूह इकाई ही एक विशिष्ट प्रकार का व्यवसाय कर सकती है जिसमें बैंक तथा उसकी समूह संस्थाओं के बीच ऋण गतिविधियों में कोई दोहराव (ओवरलैप) नहीं होगा। क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक सुभा श्री नारायणन ने कहा, ‘‘ यदि मसौदा दिशानिर्देशों को समग्र रूप से लागू किया गया होता तो 12 बैंक समूहों (जिनकी क्षेत्रीय अग्रिमों में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी हैं) को अपने ऋण कारोबार के पुनर्गठन की आवश्यकता होती। इससे इन व्यक्तिगत बैंकों के समेकित अग्रिमों का दो से छह प्रतिशत प्रभावित होता।'' उन्होंने कहा कि हालांकि, अंतिम दिशानिर्देशों के अनुसार बैंक समूह संस्थाओं को निदेशक मंडल की मंजूरी के अधीन, ‘ओवरलैपिंग' ऋण व्यवसाय जारी रखने की अनुमति है। इससे उनके संचालन में कोई व्यवधान नहीं होगा। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि बैंक और उनकी समूह संस्थाएं अपनी-अपनी क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, लागत-प्रभावी तरीके से अलग-अलग ग्राहक वर्गों को सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।
- कोलकाता. चावल निर्यातकों ने भारतीय चावल पर अमेरिका में अतिरिक्त शुल्क लगाने के खतरे को अधिक अहमियत न देते हुए मंगलवार को कहा कि मांग स्थिर बनी हुई है और अमेरिका को निर्यात की मात्रा कम होने से इस क्षेत्र पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारतीय चावल निर्यातक महासंघ के अध्यक्ष प्रेम गर्ग ने कहा कि अमेरिका को बासमती चावल का निर्यात देश के 60 लाख टन वार्षिक निर्यात के तीन प्रतिशत से भी कम है, जबकि भारत के कुल चावल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कुल चावल निर्यात में अमेरिकी बाजार बड़ा हिस्सा नहीं है और अन्य नए बाजार भी बढ़ रहे हैं।'' गर्ग ने दोहराया कि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा भारत पर लगाए चावल ‘डंपिंग' के आरोप ‘पूरी तरह गलत' हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका सालाना केवल लगभग 2.7 लाख टन भारतीय चावल का आयात करता है, जो भारत की वैश्विक उपस्थिति की तुलना में एक छोटी मात्रा है। उनकी यह टिप्पणी वाशिंगटन में भारतीय चावल पर अतिरिक्त शुल्क लगाने पर चल रही चर्चाओं के बीच आई है, जिस पर पहले से ही 50 प्रतिशत शुल्क लगता है। गर्ग ने कहा कि छह महीने पहले 10 प्रतिशत से शुरू हुआ और पिछले तीन महीनों में बढ़कर 25 प्रतिशत और फिर 50 प्रतिशत हो गए शुल्क का ‘‘मांग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘नवंबर में निर्यात पिछले साल जैसा ही है।''उद्योग के जानकारों ने कहा कि किसी भी और शुल्क बढ़ोतरी का बोझ मुख्य रूप से अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। राइसविला ग्रुप के सीईओ सूरज अग्रवाल ने कहा कि अमेरिका को निर्यात की जाने वाली भारतीय बासमती और प्रीमियम गैर-बासमती किस्में एशियाई और पश्चिमी एशियाई समुदायों के लिए आवश्यक मुख्य खाद्य पदार्थ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ये जरूरत की चीजें हैं, विलासिता के सामान नहीं। मांग पर असर नगण्य होगा। किसी भी अतिरिक्त शुल्क का बोझ केवल अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
- बैंकॉक. चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका के ऊंचे शुल्क ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर झटका दिया है, जबकि चीन का अपना व्यापार अधिशेष 1,000 अरब अमेरिकी डॉलर के पार पहुंच गया है। प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष मंच पर की।ली ने कहा, ''इस साल की शुरुआत से ही हमने देखा है कि दुनिया भर में अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पाबंदियां बढ़ रही हैं और शुल्क का डंडा चलाया जा रहा है। इसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।'' उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके शुल्क बढ़ाने का सीधा जिक्र नहीं किया।ली ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन के शीर्ष प्रतिनिधियों की सभा को बताया, ''जैसे-जैसे स्थिति आगे बढ़ी, यह और स्पष्ट हो गया है कि शुल्क लगाना दूसरों को भी और खुद को भी नुकसान पहुंचाता है। मुक्त व्यापार को बनाए रखने की मांग हर ओर से और तेज हो गई है।'' अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन और अन्य देशों से आयात पर शुल्क में भारी बढ़ोतरी की है जिससे अमेरिका को होने वाला निर्यात प्रभावित हुआ है। चीन ने इसकी भरपाई अन्य वैश्विक बाजारों में निर्यात बढ़ाकर की।
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नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 436.41 अंक या 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,666.28 और निफ्टी 120.90 अंक या 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,839.65 पर था।
यह लगातार दूसरा सत्र था, जब बाजार में गिरावट देखी गई। इसका नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। ऑटो, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, एफएमसीजी,मेटल और प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए। दूसरी तरफ पीएसयू बैंक, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी और इन्फ्रा तेजी के साथ बंद हुआ।सेंसेक्स पैक में इटरनल (जोमैटो), टाइटन,अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी और भारती एयरटेल गेनर्स थे। एशियन पेंट्स,टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक लूजर्स थे।लार्जकैप के उलट मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 188.10 अंक या 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,676.20 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 194.15 अंक या 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,245.80 पर था।बाजार के जानकारों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी वजह अमेरिकी फेड के ब्याज दरों पर फैसलों से पहले निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली करना है। एफआईआई की बिकवाली और भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अनिश्चितता के कारण बाजारों पर दबाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में निवेशकों की फेड की कमेंट्री और अर्थव्यवस्था को लेकर आउटलुक पर निगाहें होंगी। -
नयी दिल्ली. परिचालन संकट से जूझ रही घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने सोमवार को 500 उड़ानें रद्द कर दी हैं और उसकी दिन भर में 1,802 उड़ानों के संचालन की योजना है। नागर विमानन मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एयरलाइन ने यात्रियों के कुल 9,000 बैग में 4,500 बैग उन्हें वापस कर दिए हैं और बाकी बैग भी अगले 36 घंटों में यात्रियों को सौंप दिए जाएंगे। मंत्रालय ने कहा, ''आज (सोमवार) इंडिगो 138 में 137 गंतव्यों के लिए 1,802 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। उसकी 500 उड़ानें रद्द हुई हैं। साथ ही 9,000 बैग में 4,500 बैग ग्राहकों को सौंप दिए गए। एयरलाइन ने अगले 36 घंटों में बाकी बैग भी सौंपने का लक्ष्य तय किया है।'' मंत्रालय ने यह भी बताया कि एक से सात दिसंबर की अवधि के लिए बुक किए गए 5,86,705 टिकटों के पीएनआर रद्द किए गए और उनका पैसा लौटा दिया गया। इसकी कुल राशि 569.65 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 21 नवंबर से सात दिसंबर के लिए कुल 9,55,591 पीएनआर रद्द किए गए और उनका रिफंड किया गया। इसकी कुल राशि 827 करोड़ रुपये है। चालक दल की ड्यूटी से संबंधित नए नियमों और नियामकीय मानकों में बदलावों के चलते इंडिगो दो दिसंबर से ही प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानें रद्द कर रही है। इस वजह से देशभर में लाखों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है।
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मुंबई. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक बार फिर भारतीय मीडिया में सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली सूचीबद्ध कंपनी बन गई है। एक नवीनतम रिपोर्ट में यह सूची जारी की गई है। ‘विजिकी न्यूजमेकर्स 2025 रैंकिंग' के मुताबिक, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक ने मीडिया में दृश्यता के मामले में क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। यह लगातार छठा साल है जब रिलायंस ने इस रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। इस सूचकांक की शुरुआत से ही रिलायंस शीर्ष स्थान पर काबिज है। विजिकी ने एक बयान में कहा कि रिलायंस का समाचारों में बने रहने का ‘स्कोर' पिछले कुछ वर्ष में लगातार बढ़ा है। यह 2021 में 84.9 से बढ़कर 2022 में 92.56, 2023 में 96.46, 2024 में 97.43 और 2025 में 97.83 हो गया है। यह मीडिया में लगातार इसके चर्चा में बने रहने की क्षमता दर्शाता है। कंपनियों एवं ब्रांड की मीडिया में मौजूदगी पर नजर रखने वाली विजिकी की सह-संस्थापक आकृति भार्गव ने कहा कि रिलायंस का निरंतर प्रभुत्व एक ‘अनुशासित संचार रणनीति' को दर्शाता है। विजिकी के ‘न्यूज स्कोर' को समाचार में किसी कंपनी या ब्रांड की दृश्यता मापने के लिए दुनिया का पहला मानकीकृत मापदंड माना जाता है। चार लाख से अधिक प्रकाशनों में ब्रांड की उपस्थिति का आकलन करने के लिए यह मंच कृत्रिम मेधा (एआई), मशीन लर्निंग, बिग डेटा और मीडिया एनालिटिक्स का इस्तेमाल करता है। यह ‘स्कोर' समाचार कवरेज की कुल मात्रा, शीर्षकों के उल्लेख की आवृत्ति, प्रकाशन स्रोतों की विविधता एवं कुल दर्शकों की पहुंच को ध्यान में रखता है। यह स्कोर शून्य से 100 तक होता है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का ‘स्कोर' 92.81 जबकि एचडीएफसी बैंक का 88.41 रहा।
शीर्ष 10 में शामिल कंपनियों में भारती एयरटेल, टाटा मोटर्स, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस, मारुति सुजुकी और आईटीसी लिमिटेड भी शामिल हैं। वहीं जोमैटो, स्विगी और वन91 कम्युनिकेशंस (पेटीएम की मूल कंपनी) जैसी प्रौद्योगिकी-आधारित कंपनियां क्रमशः 11वें, 12वें और 13वें स्थान पर रहीं। वर्ष 2025 न्यूजमेकर्स रिपोर्ट में 1,700 से अधिक ब्रांड के 30 करोड़ से अधिक ‘डेटा पॉइंट्स' का विश्लेषण किया गया है। -
नयी दिल्ली. स्थानीय बाजारों में कमजोर मांग होने से सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें 300 रुपये गिरकर 1,32,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी है। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत शुक्रवार को 1,32,900 रुपये प्रति 10 ग्राम रही थी।
हालांकि, चांदी की कीमतें 1,500 रुपये बढ़कर 1,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर मिलाकर) हो गईं, जो लगातार दूसरे दिन की बढ़त दर्शाता है। पिछले कारोबार सत्र में यह 1,83,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना भाव 0.18 प्रतिशत बढ़कर 4,205.26 डॉलर प्रति औंस हो गया।
मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, ‘‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 10 दिसंबर को नीतिगत बैठक के पहले हाजिर सोना में बहुत ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखा गया। यह लगभग 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,210 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।'' पीएल वेल्थ मैनेजमेंट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी इंदरबीर सिंह जॉली ने कहा, वैश्विक बाजार की अनिश्चितता के बीच सोना एक महत्वपूर्ण संपत्ति वर्ग के रूप में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। -
नयी दिल्ली. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में व्यापक स्तर पर हुई अव्यवस्था राजस्व हानि के साथ ही उड़ानों के रद्द होने पर संभावित जुर्मानों की वजह से वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है। मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को यह बात कही। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि एयरलाइन एक साल से अधिक पहले विमानन उद्योग के लिए निर्धारित नियमों के लिए सही योजना नहीं बना पाई, जिसके चलते उसे इस विफलता का सामना करना पड़ा। मूडीज ने एक टिप्पणी में कहा कि ये अव्यवस्थाएं एयरलाइन की साख के लिए भी नकारात्मक हैं। इसमें कहा गया, ''अस्थायी राहत के बावजूद नए विमानन नियमों के लिए प्रभावी योजना न बना पाना एयरलाइन की साख के लिए नकारात्मक है।'' यह अव्यवस्था बेहद व्यस्त शीतकालीन उड़ान सत्र की वजह से और बिगड़ गई। इस बार उड़ानें रद्द होने का सिलसिला दो दिसंबर से शुरू हुआ और एयरलाइन ने पांच दिसंबर को 1,600 से अधिक उड़ानों को रद्द किया। एयरलाइन अभी तक सामान्य स्थिति बहाल नहीं कर पाई है। सोमवार को भी 500 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। मूडीज ने कहा, ''ये व्यवधान साख के लिए नकारात्मक हैं, क्योंकि इंडिगो को राजस्व हानि, उड़ान रद्दीकरण, रिफंड और प्रभावित यात्रियों को अन्य क्षतिपूर्ति के साथ ही डीजीसीए द्वारा लगाए जा सकने वाले जुर्मानों के कारण महत्वपूर्ण वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।'' मूडीज ने योजना, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में एयरलाइन की महत्वपूर्ण चूक को इसका प्रमुख कारण बताया क्योंकि ये नियम उद्योग को एक साल से अधिक पहले बताए गए थे।
- नयी दिल्ली. योग गुरु बाबा रामदेव के पतंजलि समूह ने शनिवार को रूस की सरकार के साथ एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसके जरिये उसके लिए इस देश में प्रवेश आसान हो जाएगा। एक बयान के मुताबिक एमओयू का मकसद स्वास्थ और आरोग्य, स्वास्थ्य पर्यटन, कौशल युक्त मानव संसाधन और शोध के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है। इस एमओयू पर यहां रामदेव ने पतंजलि समूह की तरफ से और भारत-रूस व्यावसायिक परिषद के चेयरमैन और रूस के वाणिज्य मंत्री सर्गेई चेरेमिन ने हस्ताक्षर किए। बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण द्वारा शुरू किया गया पतंजलि समूह अपने आयुर्वेदिक और एफएमसीजी उत्पादों के लिए जाना जाता है, जिसमें पतंजलि आयुर्वेद और पतंजलि फूड्स (पहले रुचि सोया) शामिल हैं। इस मौके पर रामदेव ने कहा कि रूस में लोग योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को पसंद करते हैं और सक्रिय रूप से इनका अभ्यास करते हैं।
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नयी दिल्ली. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स ने रविवार को कहा कि एयरलाइन रविवार को लगभग 1,650 उड़ानें संचालित करेगी और धीरे-धीरे हम सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों उड़ानें रद्द और विलंबित होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी हुई है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने शनिवार को लगभग 1,500 और शुक्रवार को 700 से कुछ अधिक उड़ानें ही संचालित की थीं। कर्मचारियों के लिए जारी आंतरिक वीडियो संदेश में एल्बर्स ने कहा कि रविवार को समय पर प्रदर्शन (ओटीपी) 75 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, आज हमने प्रणाली में और सुधार किए हैं, जिससे हम करीब 1,650 उड़ानें संचालित कर पा रहे हैं।” यह वीडियो संदेश एयरलाइन के परिचालन नियंत्रण केंद्र से जारी किया गया।
सीईओ ने कहा, हम अब उड़ाने पहले चरण में ही रद्द कर रहे हैं, ताकि जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हो रही हैं, वे हवाई अड्डे पर न पहुंचें।” इंडिगो के अनुसार सात दिसंबर को उसके 138 में से 137 गंतव्यों पर परिचालन बहाल है। -
मुंबई. इंडिगो ने रद्द या अत्यधिक विलंबित उड़ानों के लिए अब तक 610 करोड़ रुपये के रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली है और शनिवार तक 3,000 नग सामान यात्रियों तक पहुंचा दिया गया है। सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी। सरकार ने कहा कि देश का विमानन नेटवर्क तेजी से सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है और परिचालन पूरी तरह स्थिर होने तक सभी सुधारात्मक कदम लागू रहेंगे। सरकार ने शनिवार को एयरलाइन को निर्देश दिया था कि रद्द उड़ानों से संबंधित टिकटों का रिफंड रविवार शाम तक पूरा किया जाए और यात्रियों के छूटे हुए सामान को अगले 48 घंटे के भीतर उन तक पहुंचाया जाए। मंत्रालय ने कहा कि इंडिगो के हालिया परिचालन संकट के कारण उत्पन्न व्यवधान को दूर करने के लिए तेज और प्रभावी कदम उठाए गए हैं, ताकि यात्रियों को आगे कोई असुविधा न हो। नागर विमानन मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा, "इंडिगो अब तक 610 करोड़ रुपये का रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर चुका है। रद्द उड़ानों से प्रभावित यात्रियों के यात्रा पुनर्निर्धारण में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। यात्रियों की सहायता के लिए विशेष सहायता केंद्र बनाए गए हैं, ताकि रिफंड और दोबारा बुकिंग से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान हो सके।" मंत्रालय ने बताया कि देशभर में हवाई सेवाएं तेजी से सामान्य हो रही हैं। अन्य सभी घरेलू विमानन कंपनियां पूरी क्षमता के साथ सुचारू रूप से उड़ानें संचालित कर रही हैं, जबकि इंडिगो का प्रदर्शन भी लगातार सुधर रहा है। इंडिगो की उड़ानें शुक्रवार को 706 से बढ़कर शनिवार को 1,565 हो गईं और रविवार शाम तक 1,650 तक पहुंचने की संभावना है।
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पुडुचेरी. सुजलॉन समूह के उपाध्यक्ष गिरीश तांती का अनुमान है कि सरकार 40 गीगावॉट से अधिक बिना अनुबंध वाली नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को स्थिर और प्रेषणीय नवीकरणीय ऊर्जा (एफडीआरई) विकल्प में परिवर्तित कर सकती है क्योंकि यह विकल्प साधारण सौर और पवन परियोजनाओं की तुलना में अधिक भरोसेमंद है। स्थिर और प्रेषणीय नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना में सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बैटरी) का संयोजन किया जाता है, जिससे पीक मांग के समय विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होती है। सरकारी दस्तावेज़ों के अनुसार, लगभग 45.34 गीगावॉट क्षमता के लिए विद्युत खरीद समझौते (पीपीए) पर अब तक हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। सरकार इन परियोजनाओं के लिए समाधान खोजने में सक्रिय है। निविदा के विजेता वितरण कंपनियों के साथ समझौता करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, चार नवीकरणीय ऊर्जा कार्यान्वयन निकाय सेसी, एनटीपीसी, एनएचपीसी और एसजेवीएन– ने प्रस्ताव दिया है कि स्वीकृत विद्युत क्षमता की नीलामी के माध्यम से समस्या का समाधान किया जाए। गिरीश तांती ने कहा, ''इस समय यह क्षमता भारत सरकार द्वारा पुनर्मूल्यांकन के अधीन है। मेरा अनुमान है कि इसे स्थिर और प्रेषणीय नवीकरणीय ऊर्जा में परिवर्तित किया जाएगा।'' उनके बयान इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत का लक्ष्य 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। तांती ने कहा कि स्थिर और प्रेषणीय नवीकरणीय ऊर्जा उपभोक्ताओं द्वारा स्वीकार्य होगी, भले ही इसकी दर थोड़ी अधिक हो, क्योंकि यह साधारण सौर और पवन ऊर्जा की तुलना में अधिक भरोसेमंद है। उन्होंने कहा, ''5.5 रुपये प्रति यूनिट में 24 घंटे बिजली उपलब्ध हो सकती है, जिसमें सौर, पवन और बैटरी प्रणाली शामिल है। यह अभी भी कोयला बिजली से सस्ता है। अब हम 24 घंटे की आपूर्ति के लिए कोयले से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। संभावना है कि यह क्षमता किसी रूप में स्थिर और प्रेषणीय नवीकरणीय ऊर्जा बनेगी।''
- नयी दिल्ली. टायर बनाने वाली कंपनी सीएट विभिन्न वैश्विक बाजारों के लिए खास तौर से टायर बना रही है, ताकि यूरोप और अमेरिका जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाया और खुद को वैश्विक ब्रांड बनाया जा सके। आरपीजी समूह के वाइस चेयरमैन अनंत गोयनका ने यह बात कही। आरपीजी समूह की इस कंपनी की कुल आय में निर्यात की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है और आने वाले कुछ सालों में ये हिस्सा बढ़ने की उम्मीद है। गोयनका ने कहा, ''हम अंतरराष्ट्रीय वृद्धि पर बहुत ध्यान दे रहे हैं - अमेरिका में वृद्धि, यूरोप में वृद्धि। हमारा लक्ष्य वैश्विक ब्रांड बनना है। हम अक्सर कहते हैं कि भारतीय उद्योग ब्रांड बनाने और वैश्विक वृद्धि में और ज्यादा निवेश कर सकते हैं। ये हमारे लिए एक प्रमुख क्षेत्र है।'' उन्होंने बताया कि कंपनी किसी क्षेत्र की खास जरूरतों के हिसाब से टायर बना रही है।गोयनका ने कहा, ''इटली में ग्राहक को क्या चाहिए, स्पेन में क्या चाहिए – हम उस खास बाजार के लिए पूरी श्रृंखला विकसित कर रहे हैं।'' कंपनी नॉर्डिक क्षेत्र, जर्मनी और अलग-अलग जगहों पर टायर का परीक्षण कर रही है। उन्होंने कहा, ''हम सड़क की खास स्थिति के लिए टायर बनाते हैं। पश्चिम एशिया में ज्यादातर सीधी सड़कें हैं। यूरोप में घुमावदार सड़कें हैं। अमेरिका में सीधी सड़कें हैं। मौसम भी अलग-अलग है, इसलिए इन सबको ध्यान में रखकर टायर बनाना पड़ता है।'' गोयनका ने कहा कि कंपनी भविष्य की वृद्धि को लेकर बहुत आशावादी है।उन्होंने कहा, ''हमें क्षमता की कमी महसूस हो रही है। हमारी 60 प्रतिशत बिक्री पुराने टायरों को बदलने के लिए की जाने वाली खरीद से आती है। हम 20 प्रतिशत बिक्री अंतरराष्ट्रीय बाजार में और 20-25 प्रतिशत बिक्री ओईएम को करते हैं। सभी क्षेत्र सकारात्मक दिख रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि घरेलू टायर उद्योग का भविष्य कुल मिलाकर सकारात्मक है।
- मुंबई।इंडिगो ने संचालन से जुड़ी समस्याओं के कारण रविवार को दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर 220 से अधिक उड़ान रद्द कर दीं। इन समस्याओं के कारण पिछले कुछ दिन में सैकड़ों उड़ान रद्द की जा चुकी हैं और कई उड़ान देरी से रवाना हुई हैं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
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चेन्नई. दक्षिण रेलवे ने शनिवार को देश भर में इंडिगो की उड़ान सेवाओं में जारी व्यवधान के मद्देनजर यात्रियों की भीड़ को कम करने के लिए विशेष ट्रेन चलाने सहित कई उपायों की घोषणा की। वहीं, दक्षिण-मध्य रेलवे ने भी घोषणा की कि वह उड़ानों में व्यवधान को देखते हुए चार विशेष ट्रेन संचालित करेगा। दक्षिण रेलवे ने चेन्नई एग्मोर और चारलापल्ली (तेलंगाना) तथा सिकंदराबाद और चेन्नई एग्मोर के बीच विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की। इसी के साथ उसने लंबी दूरी की चुनिंदा ट्रेन में एक अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्देश दिया है। दक्षिण रेलवे के मुताबिक, ट्रेन संख्या 06019 ‘चेन्नई एग्मोर-चारलापल्ली एक्सप्रेस स्पेशल' शनिवार रात 11 बजकर 55 मिनट पर चेन्नई एग्मोर से रवाना होगी और सात दिसंबर को अपराह्न दो बजे चारलापल्ली पहुंचेगी। चेन्नई में जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, “वापसी के दौरान ट्रेन संख्या 06020 ‘चारलापल्ली-चेन्नई एग्मोर एक्सप्रेस स्पेशल' सात दिसंबर 2025 (रविवार) को शाम छह बजे चारलापल्ली से रवाना होगी और अगले दिन साढ़े आठ बजे चेन्नई एग्मोर पहुंचेगी।” इसके अलावा, दक्षिण रेलवे ने छह से 10 दिसंबर के बीच की यात्राओं के लिए तिरुचिरापल्ली-जोधपुर हमसफर एक्सप्रेस, डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस और मुंबई सीएसटी-चेन्नई बीच सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में एक अतिरिक्त ‘वातानुकुलित तीन टियर कोच' जोड़ने की घोषणा की। वहीं, दक्षिण-मध्य रेलवे ने कहा कि वह शनिवार को हैदराबाद से चेन्नई, मुंबई और शालीमार (कोलकाता) के लिए विशेष ट्रेन का संचालन करेगा।
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नयी दिल्ली. इंडिगो की उड़ान बाधित होने से प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए एयर इंडिया समूह क्षमता बढ़ाने पर विचार कर रहा है। शनिवार को एक बयान में कहा गया, ''चार दिसंबर से नॉन-स्टॉप घरेलू उड़ानों में इकोनॉमी श्रेणी के हवाई किराये को पहले से तय सीमा में रखा गया है, ताकि सामान्य मांग और आपूर्ति के नियम का असर न पड़े।'' बयान में बताया गया कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस दोनों ने इकोनॉमी श्रेणी के किराये पर सीमा निर्धारित कर दी है। यह बयान सरकार द्वारा इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान के बीच हवाई किराये पर सीमा लगाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद आया। एयर इंडिया ने यह भी कहा कि सभी उड़ानों के लिए किराये पर सीमा निर्धारित करना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
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नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आज शनिवार को इंडिगो एयरलाइंस को सभी पेंडिंग पैसेंजर रिफंड बिना किसी देरी के जारी करने का निर्देश दिया है। उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि सभी रद्द और बाधित उड़ानों के लिए रिफंड प्रक्रिया रविवार रात 8 बजे तक पूरी करना अनिवार्य है। इसके अलावा, एयरलाइन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जिन यात्रियों का ट्रैवल प्लान रद्द या प्रभावित हुआ है, उनसे कोई रिशेड्यूलिंग चार्जेस न लिए जाएं। मंत्रालय ने साफ किया कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या नियमों का पालन न करने पर तुरंत नियामक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया कि इंडिगो द्वारा रद्द या देरी की गई उड़ानों के यात्रियों के सामान को ट्रेस किया जाए और इसे 48 घंटों के भीतर उनके पते पर भेजा जाए। एयरलाइन को ट्रैकिंग और डिलीवरी टाइमलाइन के बारे में यात्रियों के साथ स्पष्ट और समय पर संवाद बनाए रखने के लिए कहा गया है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर मौजूदा यात्री अधिकार नियमों के तहत मुआवजा देने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।यात्रियों की सुविधा और शिकायत निवारण को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि वह डेडिकेटेड पैसेंजर सपोर्ट और रिफंड फैसिलिटेशन सेल्स स्थापित करे। इन सेल्स का काम होगा प्रभावित यात्रियों से संपर्क करना और यह सुनिश्चित करना कि वे रिफंड और अन्य ट्रैवल अरेंजमेंट्स के लिए बार-बार फॉलो-अप करने की जरूरत न महसूस करें। मंत्रालय ने कहा कि परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने तक ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम सक्रिय रहेगा।नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि इस व्यवधान के दौरान यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एयरलाइन, हवाई अड्डों, सुरक्षा एजेंसियों और सभी परिचालन हितधारकों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।- ( - नयी दिल्ली. वाहन उद्योग संगठन सियाम ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती के फैसले और हाल में जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाये जाने से वाहन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि इससे उपभोक्ताओं के लिए वाहन कर्ज सस्ता होंगे और उनकी खरीद क्षमता बढ़ेगी। वाहन बनाने वाली कंपनियों का संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा कि आरबीआई द्वारा शुक्रवार को घोषित 0.25 प्रतिशत की दर कटौती तथा पहले की गई रेपो दर में कमी, देश में उपभोक्ता धारणा को प्रोत्साहित करने वाले अनुकूल मौद्रिक माहौल को और मजबूत करती है। चंद्रा ने कहा, "वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में घोषित आयकर राहत उपायों और ऐतिहासिक जीएसटी 2.0 सुधारों के साथ यह कदम ग्राहकों की खरीद क्षमता को और बढ़ाएगा।'' उन्होंने कहा कि सियाम को उम्मीद है कि मौद्रिक और राजकोषीय उपायों से भारतीय वाहन उद्योग की वृद्धि को और गति मिलेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को वृहद आर्थिक स्थिति और वैश्विक परिस्थितियों पर गौर करते हुए प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया।
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नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइंस के संचालन में आज शनिवार को भी भारी अव्यवस्था रही, जिसके कारण देशभर में हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे। मुंबई, गुवाहाटी, हैदराबाद और दिल्ली सहित कई बड़े हवाईअड्डों पर लंबी कतारें, भीड़ और अव्यवस्थित हालात देखने को मिले। इंडिगो ने शनिवार सुबह तक पूरे देश में 109 उड़ानें रद्द कीं, जिसमें 51 आगमन और 58 प्रस्थान शामिल हैं जिससे यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। दिल्ली एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा, जहां 54 प्रस्थान और 52 आगमन सहित कुल 106 उड़ानें रद्द की गईं। हैदराबाद एयरपोर्ट के अनुसार, इंडिगो ने शनिवार के लिए कुल 69 उड़ानें रद्द की हैं, जिनमें 26 आगमन और 43 प्रस्थान शामिल हैं।पूर्वोत्तर क्षेत्र में हालात सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रहे। गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर यात्रियों को घंटों इंतज़ार करना पड़ा। एक भारतीय सेना के जवान ने बताया कि उन्हें उड़ान रद्द होने की जानकारी समय पर नहीं मिली और परिवार के साथ वे एयरपोर्ट पर फंस गए। एक अन्य यात्री सुखचैन ने कहा कि उसकी 5 दिसंबर की शाम 6:30 बजे वाली उड़ान रद्द हुई, फिर उसे 6 दिसंबर को 11 बजे के लिए रीशेड्यूल किया गया, लेकिन वह उड़ान भी रद्द कर दी गईमुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर भी दूरी-दूरी तक कतारें लगी रहीं। अंतरराष्ट्रीय उड़ान से मुंबई पहुँचे दीपेेश श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी नागपुर की कनेक्टिंग फ्लाइट बिना सूचना रद्द कर दी गई। यात्री हृदयेश ने भीड़ के बीच लोगों से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की।उड़ानों की बड़े पैमाने पर रद्दीकरण के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) सक्रिय हो गया है और खासकर इंडिगो के लिए तात्कालिक सुधार उपाय लागू करने के आदेश जारी किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, उड़ान शेड्यूल आधी रात तक स्थिर होना शुरू हो जाएगा और अगले कुछ दिनों में सेवाएँ सामान्य होने लगेंगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि उड़ान रद्द होने पर यात्रियों को ऑटोमैटिक फुल रिफंड मिलेगा और फंसे हुए यात्रियों को एयरलाइंस की ओर से होटल में ठहराने की व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से लाउंज एक्सेस दिया जाएगा, जबकि देर से चल रही उड़ानों के यात्रियों को स्नैक्स और जरूरी सुविधाएं प्रदान की जाएँगी। मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया है, जो स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है। सरकार ने कहा कि DGCA द्वारा शुक्रवार को घोषित नियमों में छूट सहित सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि उड़ानों की नियमितता बहाल की जा सके और यात्रियों की परेशानी कम हो।
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मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वृद्धि दर का अनुमान 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया। यह संशोधन जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक वृद्धि को ध्यान में रखते हुए किया गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में आर्थिक गतिविधियों को आयकर एवं जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाए जाने, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, सरकार के पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी और कम मुद्रास्फीति के कारण सहज मौद्रिक परिस्थितियों का लाभ मिला है। जुलाई-सितंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सभी अनुमानों से अधिक 8.2 प्रतिशत रही है जो पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक संकेतक अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भी घरेलू आर्थिक गतिविधियों के मजबूत बने रहने की ओर इशारा करते हैं। हालांकि कुछ संकेतकों में हल्की कमजोरी उभरती दिख रही है। मल्होत्रा ने कहा, "त्योहारी मांग और जीएसटी दर कटौती ने अक्टूबर-नवंबर में घरेलू खपत को सहारा दिया है। ग्रामीण मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि शहरी मांग में स्थिर सुधार हो रहा है।" उन्होंने कहा कि निवेश गतिविधियां भी बेहतर रुझान दिखा रही हैं। गैर-खाद्य बैंक ऋण में विस्तार और उद्योगों में क्षमता उपयोग बढ़ने से निजी निवेश में तेजी आने लगी है। हालांकि, वैश्विक मांग कमजोर पड़ने से अक्टूबर में माल निर्यात में तेज गिरावट आई है और सेवा निर्यात भी नरम रहा है। आपूर्ति पक्ष पर वास्तविक सकल मूल्य-वर्द्धन (जीवीए) में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है, जिसमें उद्योग और सेवाओं दोनों ने मजबूत प्रदर्शन किया है। कृषि क्षेत्र को भी इस साल बेहतर खरीफ उत्पादन, पर्याप्त जल भंडार और रबी फसल की अच्छी बुवाई का समर्थन मिल रहा है। आरबीआई गवर्नर ने कहा, "इन सभी कारकों को ध्यान में रखा जाए तो स्थिर कीमतों पर जीडीपी वृद्धि के वित्त वर्ष 2025-26 में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि तीसरी तिमाही में यह सात प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.5 प्रतिशत रहेगी।" उन्होंने जोखिम को संतुलित बताते हुए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वृद्धि दर के 6.7 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 6.8 प्रतिशत रहने का भी अनुमान जताया। मल्होत्रा ने बाह्य क्षेत्र पर कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में तेज बढ़ोतरी हुई है। देश के बाहर एफडीआई का प्रवाह बढ़ने के बावजूद शुद्ध एफडीआई बढ़ा है। हालांकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) ने इस साल अप्रैल से तीन दिसंबर के दौरान शुद्ध रूप से 70 करोड़ अमेरिकी डॉलर की शुद्ध निकासी की है जो मुख्य रूप से शेयर बाजार में बिकवाली का नतीजा है। बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) और अनिवासी भारतीय जमा खातों के प्रवाह में भी पिछले वर्ष की तुलना में कमी आई है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 28 नवंबर तक 686.2 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो 11 महीने से अधिक के आयात खर्च के लिए पर्याप्त है। मल्होत्रा ने कहा “भारत का बाहरी क्षेत्र मजबूत है और हम अपनी बाहरी वित्तीय जरूरतों को आराम से पूरा कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि वैश्विक वृद्धि पहले के अनुमानों से बेहतर रही है लेकिन बदलते भू-राजनीतिक और व्यापारिक माहौल में परिदृश्य पर अनिश्चितता अब भी बनी हुई है।
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मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को वृहद आर्थिक स्थिति और वैश्विक परिस्थितियों पर गौर करते हुए प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया। मजबूत आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति में नरमी के बीच आरबीआई ने नीतिगत दर में यह कटौती की है। इसके साथ ही आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया। इसके अलावा महंगाई दर के अनुमान को 2.6 प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। इस तरह वर्ष 2025 में रेपो दर में अब तक कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है। इससे पहले, केंद्रीय बैंक ने इस साल फरवरी से जून तक रेपो दर में कुल एक प्रतिशत की कटौती की थी। वहीं अगस्त और अक्टूबर में मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया था। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने छह-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीस) की तीन-दिवसीय बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा, ‘‘एमपीसी ने आम सहमति से रेपो दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत करने का निर्णय किया है।" उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मौद्रिक नीति के रुख को तटस्थ बनाये रखा गया है।
इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक आर्थिक स्थिति के हिसाब से नीतिगत दर में समायोजन को लेकर लचीला बना रहेगा। रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। रेपो दर में कटौती होने से आवास, वाहन समेत अन्य खुदरा कर्ज पर ब्याज में बदलाव की संभावना है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। वहीं चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को घटाकर 2.0 प्रतिशत कर दिया गया जबकि पहले इसके 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। - नयी दिल्ली. भारत में अक्टूबर में सक्रिय मोबाइल ग्राहकों की संख्या में 57 लाख की बढ़ोतरी हुई। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के हालिया आंकड़ों के आधार पर विभिन्न विश्लेषकों की रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान जियो ने 39 लाख नए ग्राहक जोड़कर सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 कैलेंडर वर्ष में मजबूत ग्राहक वृद्धि और मोबाइल डेटा का बढ़ता उपयोग औसत प्रति कमाई (एआरपीयू) के लिए सकारात्मक संकेत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर में पूरे दूरसंचार क्षेत्र में सक्रिय ग्राहकों की संख्या 57 लाख बढ़कर 109.4 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले पांच महीनों में सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है। अक्टूबर में जियो के सक्रिय ग्राहकों की संख्या 39 लाख बढ़कर 47.6 करोड़ हो गई, जबकि भारती एयरटेल के ग्राहकों संख्या लगभग 28 लाख बढ़कर 39.2 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं वोडाफोन आइडिया के सक्रिय ग्राहकों की संख्या में चार लाख की कमी आई।

















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