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नयी दिल्ली. मजबूत उपभोक्ता मांग के दम पर भारत 2024 में भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रह सकता है। इससे निर्माण, आतिथ्य, रेलवे तथा विमानन सहित बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्रों में निवेश में बढ़ोतरी होगी। उद्योग मंडल एसोचैम ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। भारत ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था का तमगा बरकरार रखा है। सरकारी खर्च तथा विनिर्माण से मिले प्रोत्साहन के दम पर चालू वित्त वर्ष 2023-24 की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर उम्मीद से कहीं अधिक 7.6 प्रतिशत रही है। जीडीपी में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि ज्यादातर अनुमानों से कहीं अधिक है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की समान तिमाही में वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत, जबकि अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत थी। भारत की जीडीपी वृद्धि ने जुलाई-सितंबर में चीन की 4.9 प्रतिशत की वृद्धि को पीछे छोड़ दिया है। वहीं पश्चिमी देशों की अर्थव्यवस्थाएं उच्च ब्याज दर और ऊर्जा कीमतों का दबाव झेल रही हैं। एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा, ‘‘ समग्र अर्थव्यवस्था में सात प्रतिशत की वृद्धि के रुझान के साथ भारत की वृहद तस्वीर काफी मजबूत दिखती है...'' उद्योग निकाय के अनुसार, वित्तीय, निर्माण, होटल, विमानन, मोटर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक जैसे अन्य विनिर्माण क्षेत्रों का नेतृत्व करने वाला भारतीय उद्योग जगत आने वाले वर्ष में और बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में हैं। कच्चे तेल की कम कीमतों, कच्चे माल की लागत पर बड़े सकारात्मक प्रभाव के साथ मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने से इसको मदद मिल रही है। एसोचैम ने कहा, ‘‘ निर्माण जैसे क्षेत्रों से संबंधित कई उद्योगों ने भी गति पकड़ी है। इनमें इस्पात, सीमेंट, खनन, बिजली उत्पादन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं शामिल हैं। -
मुंबई. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक एसबीआई ने चुनिंदा अवधियों पर सावधि जमा के लिए ब्याज दर में 0.5 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बुधवार से प्रभावी संशोधित दरों के तहत 180-210 दिनों के बीच की जमा राशि पर 5.75 प्रतिशत प्रति वर्ष का ब्याज मिलेगा, जो पहले 5.25 प्रतिशत था। इसी तरह, 7-45 दिनों के लिए जमा पर 3.50 प्रतिशत ब्याज मिलेगा, जो पहले तीन प्रतिशत था।
वेबसाइट के अनुसार, अन्य अवधियों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि गई है। इसमें 46-179 दिन की अवधि के लिए ब्याज 4.75 प्रतिशत, 211 दिन से एक वर्ष से कम के लिए छह प्रतिशत और तीन साल से पांच साल से कम की अवधि पर ब्याज अब 6.75 प्रतिशत मिलेगा। -
मुंबई. सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी अपनी हरित ऊर्जा इकाई को एक-दो साल में सूचीबद्ध करने की योजना बना रही है। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) गुरदीप सिंह ने बुधवार को कहा कि कंपनी को भविष्य में इसमें अधिक मांग की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कंपनी देश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पूंजीगत व्यय में 30-40 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रही है। सिंह ने कंपनी की हरित ऊर्जा इकाई को सूचीबद्ध करने पर विचार करने से जुड़े एक सवाल पर कहा, “शायद मुझे लगता है कि (एक आईपीओ) अगले एक से दो साल में आने वाला है...।'' वे यहां 10वें ‘एसबीआई बैंकिंग एंड इकोनॉमिक कॉन्क्लेव' में एक परिचर्चा में यह बात कही।
उन्होंने कहा, “हम निश्चित रूप से आगे देख रहे हैं ...और यह हमारी सोचने की प्रक्रिया है... मुझे लगता है कि लगभग एक या दो साल में हम आईपीओ के लिए जाएंगे। -
नयी दिल्ली. चावल की महंगाई पर लगाम लगाने लगाने के मकसद से सरकार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के चावल को भारत ब्रांड के तहत बेचने की योजना बना रही है। खाद्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। हालांकि, इसकी कीमत अभी तय नहीं हो पायी है।
उल्लेखनीय है कि खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत ई-नीलामी के माध्यम से भारतीय खाद्य निगम के चावल की बिक्री के माध्यम से घरेलू उपलब्धता को बढ़ावा देकर खुदरा चावल की कीमतों पर अंकुश लगाने के मंत्रालय के प्रयासों को फीकी प्रतिक्रिया मिली है। अधिकारी ने कहा, भारत चावल' की खुदरा बिक्री का प्रस्ताव है लेकिन कीमत अभी तय नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ओएमएसएस के तहत, एफसीआई 29 रुपये प्रति किलोग्राम के आरक्षित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण चावल की पेशकश कर रहा है।
भारत चावल' को समान दर पर बेचा जाए या कम दर पर, इसका निर्णय मंत्री समूह को लेना है।” सरकार पहले से ही भारत ब्रांड के तहत गेहूं का आटा (आटा) और दालें भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नेफेड), राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) और केंद्रीय भंडार के दुकानों के माध्यम से बेच रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एफसीआई इस साल अब तक ओएमएसएस के तहत केवल 3.04 लाख टन चावल ही बेच पाई है। गेहूं के मामले में, नोडल एजेंसी ने ओएमएसएस के तहत 82.89 लाख टन गेहूं बेचा है। चावल की महंगाई दर सालाना आधार पर 13 प्रतिशत पर है और सरकार 2024 के आम चुनावों से पहले प्रमुख खाद्य कीमतों को लेकर चिंतित है। -
नयी दिल्ली. आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म एक और चार को अधिसूचित कर दिया है। इस फॉर्म को 50 लाख रुपये तक की कुल सालाना आय वाले व्यक्ति और इकाइयां भरते हैं। इससे व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के अलावा, 50 लाख रुपये तक की आय वाली कंपनियां और चालू वित्त वर्ष (अप्रैल 2023-मार्च 2024) में कारोबार और पेशे से आय अर्जित करने वाले वाले लोग इस वित्त वर्ष में अर्जित आय के लिए रिटर्न दाखिल करना शुरू कर सकते हैं। आमतौर पर, वित्त वर्ष के लिए आईटीआर फॉर्म मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में अधिसूचित किये जाते हैं। लेकिन पिछले साल, फॉर्म फरवरी में अधिसूचित किये गए थे। हालांकि, इस साल करदाताओं को जल्दी रिटर्न दाखिल करने की सुविधा देने के लिए आईटीआर फॉर्म दिसंबर में ही अधिसूचित कर दिये गये हैं। आईटीआर फॉर्म एक (सहज) और आईटीआर फॉर्म चार (सुगम) सरल फॉर्म हैं। आयकर विभाग ने शुक्रवार को फॉर्म अधिसूचित किये।
सहज को 50 लाख रुपये तक की आय वाले और वेतन, एक घर, अन्य स्रोतों (ब्याज) और 5,000 रुपये तक की कृषि से आय प्राप्त करने वाले निवासी व्यक्ति भर सकते हैं। सुगम फॉर्म वे व्यक्ति, हिंदु अविभाजित परिवार और सीमित देनदारी भागीदारी एलएलपी) वाली कंपनियां भर सकती हैं, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी कमाई कारोबार तथा पेशे से है। -
नयी दिल्ली. एयर इंडिया का पहला चौड़े आकार का ए350-900 विमान यूरोप की प्रमुख विमानन कंपनी एयरबस की फ्रांस स्थित टूलूज इकाई से शनिवार को यहां पहुंचा। बयान के अनुसार, वीटी-जेआरए के तौर पर पंजीकृत विमान राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर दोपहर 1.46 बजे उतरा। इसके साथ ही टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन अपने बेड़े में इस प्रकार का विमान रखने वाली भारत में पहली विमानन कंपनी बन गई है। इसमें कहा गया कि डिलिवरी उड़ान विशेष कॉल साइन एआई350 का उपयोग करके संचालित की जाती है।
एयरलाइन ने कहा कि यह विमान एयर इंडिया के 20 एयरबस ए350-900 के ऑर्डर में से पहला है। इसकी मार्च, 2024 तक पांच और विमानों की आपूर्ति निर्धारित है। एयरबस के साथ अपने अब संशोधित 250 विमान ऑर्डर में एयर इंडिया 40 ए350 विमान लेगी, जिनमें 20-20 विमान ए350-900 और ए350-1000 होंगे। साथ ही, 140 विमान अपेक्षाकृत पतले आकार के ए321नियो और 70 विमान ए320नियो विमान होंगे। एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) कैम्पबेल विल्सन ने कहा, “पहले एयरबस ए350-900 का आगमन कई मायनों में विश्व मंच पर भारतीय विमानन क्षेत्र के पुनरुत्थान की घोषणा है।” एयरलाइन पहले ही घोषणा कर चुकी है कि शुरुआत में इस विमान को छोटी दूरी के मार्गों पर संचालित किया जाएगा और बाद में इसे लंबी दूरी की उड़ानों के लिए तैनात किया जाएगा। कंपनी ने कहा कि नया विमान अगले साल जनवरी में वाणिज्यिक सेवा देने लगेगा। शुरुआत में चालक दल के प्रशिक्षण के लिए घरेलू स्तर पर परिचालन किया जाएगा, इसके बाद अंतरमहाद्वीपीय गंतव्यों के लिए लंबी दूरी की उड़ान भरी जाएगी। - नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए खाद्य तेल (edible oil) के आयात पर लागू सीमा शुल्क में कटौती को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। सरकार ने इस साल जून में कच्चे पाम तेल, कच्चे सूरजमुखी तेल और कच्चे सोया तेल पर कस्टम मार्च 2024 तक 17.5 प्रतिशत से घटाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया था। इनकी कीमतें नियंत्रण से बाहर हो रही थीं। अब इसे मार्च 2025 तक बढ़ा दिया गया है।वित्त मंत्रालय की एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि घटी हुई ड्यूटी मार्च 2024 में समाप्त होने वाली थी, लेकिन अब मार्च 2025 तक जारी रहेगी। शुल्क में कटौती से खाद्य तेलों की आयात लागत कम होगी, जिससे घरेलू कीमतें कम होंगी और लोगों को राहत मिलेगी।नवंबर में खाद्य मुद्रास्फीति (Food inflation) बढ़कर 8.70 फीसदी हो गई, जबकि अक्टूबर में 6.61 फीसदी थी। कुल उपभोक्ता मूल्य बास्केट में खाद्य मुद्रास्फीति की हिस्सेदारी लगभग आधी है।अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया रखेगा, क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वनस्पति तेल आयातक भारत ने स्थानीय कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए यह कदम उठा रहा है। सरकार द्वारा यह फैसला चुनावी वर्ष होने के नाते लिया गया होने का प्रतीत हो रहा है।उन्होंने कहा, पिछले 8 से 10 महीनो में खाद्य तेलों के दाम मैं भारी गिरावट आई है लेकिन दूसरी तरफ शुष्क मौसम एवं कई क्षेत्र में बारिश अनियमित एवं कम होने से उत्पादन में कमी होने के आसार हैं और जमीन के अंदर पानी की कमी होने के नाते रवि फसल में भी पिछले वर्षों के मुकाबले कमी होने के आसार है इसलिए सरकार का यह फैसला लिया गया हो सकता है।कच्चे पाम तेल, कच्चे सूरजमुखी तेल और कच्चे सोया तेल पर कम आयात शुल्क संरचना मूल रूप से मार्च 2024 में समाप्त होने वाली थी।भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक देशआदेश के अनुसार, रिफाइनर अब मार्च 2025 तक कम शुल्क पर आयात करना जारी रख सकते हैं। हालांकि इनके अलावा आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है । HS CODE 15071000 क्रूड सोया तेल पर 5 फीसदी, 15111000 क्रूड पाम तेल पर 7.5 फीसदी, 15121110 क्रूड सोया तेल पर 5 फीसदी की ड्यूटी लगती है।भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक देश है। यह अपनी 60 फीसदी आवश्यकता आयात से पूरी करता है। देश मुख्य रुप से इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से पाम तेल खरीदता है जबकि यह अर्जेंटीना और ब्राजील से सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का आयात करता है।
- नई दिल्ली।क्रिप्टो करेंसी प्लेटफॉर्म कॉइनस्विच की रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि देश में क्रिप्टो निवेशकों की कुल संख्या 1.9 करोड़ से ज्यादा है और इनमें करीब 9 फीसदी महिला निवेशक हैं।रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले 75 फीसदी युवा हैं और इनकी उम्र 18 से 35 साल के बीच है। यह दर्शाता है कि युवाओं की क्रिप्टो में काफी दिलचस्पी है।इस बीच, सिर्फ दिल्ली, बेंगलूरु और मुंबई जैसे महानगरों में क्रिप्टो निवेश के कुल मूल्य का पांचवा हिस्सा है। मूल्य के हिसाब से क्रिप्टो में निवेश के मामले में दिल्ली देश भर में शीर्ष स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार 2023 में डॉगकॉइन सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकॉइन था। कुल क्रिप्टो निवेश में इसकी 11 फीसदी हिस्सेदारी रही। इसके बाद बिटकॉइन (8.5 फीसदी) और एथेरियम (6.4 फीसदी) का स्थान रहा।
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नई दिल्ली। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC Stock) का शेयर शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारी वॉल्यूम का सहारा पाकर 7 फीसदी की उछाल के साथ 19 महीने के उच्चस्तर 820.05 रुपये को छू गया क्योंकि वित्त मंत्रालय ने कंपनी को 25 फीसदी सार्वजनिक शेयरधारिता के नियम से एकबारगी की छूट दी है। यह शेयर अंत में 3.73 फीसदी की बढ़त के साथ 793 रुपये पर बंद हुआ।
एक्सचेंज के आंकड़े बताते हैं कि इसमें शुक्रवार को एनएसई व बीएसई पर कुल मिलाकर 1.16 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ। सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनी का शेयर 31 मई, 2022 के बाद के सर्वोच्च स्तर पर है।आज के लाभ के साथ इस शेयर ने 29 मार्च के 52 हफ्ते के निचले स्तर 530.20 रुपये से 50 फीसदी की रिकवरी की है। कंपनी के शेयर ने सूचीबद्धता के दिन 17 मई, 2022 को 918.85 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था।एक्सचेंज को भेजी सूचना में एलआईसी ने कहा है, वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने जनहित में भारतीय जीवन बीमा निगम को 25 फीसदी सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों के अनुपालन 10 साल में करने की एकबारगी की छूट दी है। यह समय सूचीबद्धता के समय से मिली है यानी कंपनी को मई 2032 तक इसका अनुपालन करना है।LIC की सूचीबद्धता एक्सचेंजों पर 17 मई, 2022 को हुई थी और उसे न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों का अनुपालन 2027 तक करना था। हालांकि उसे 5 साल का विस्तार मिला है और अब उसे मई 2032 तक इसका अनुपालन करना होगा।मौजूदा नियम कहता है कि एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बाजार पूंजीकरण वाली सूचीबद्ध इकाई को 25 फीसदी की न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता का अनुपालन सूचीबद्धता से पांच साल के भीतर करनी होती है। परिचालन के मोर्चे पर सबसे बड़ी बीमा कंपनी लगातार निराश कर रही है।इस साल अब तक के आधार पर एलआईसी का सालाना प्रीमियम समकक्ष (एपीई) 20 फीसदी फिसला है। समूह का एपीई भी 40 फीसदी घटा है, वहीं वित्त वर्ष 24 में अब तक इसमें 33 फीसदी की नरमी दर्ज हुई है।कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 30 नवंबर, 2023 को 58.8 फीसदी थी, जो एक साल पहले 67.7 फीसदी रही थी। वित्त वर्ष 24 की पहली छमाही में न्यू बिजनेस मार्जिन की वैल्यू 14.6 फीसदी पर स्थिर रही।कंपनी प्रॉडक्ट मिक्स में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है और इसका ज्यादा ध्यान गैर-भागीदारी वाले सेगमेंट (नॉन-पार) पर है, यह कहना है केआर चोकसी रिसर्च का। कंपनी से उद्योग की वृद्धि के मौके को पूंजीकृत करने की उम्मीद है, जिसे उसकी अहम प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों और भौगोलिक विस्तार से सहारा मिलेगा।ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज ने हालांकि एलआईसी को 850 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीद की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने कहा, ‘एलआईसी के पास उद्योग में अग्रणी स्थिति बरकरार रखने का दमखम है। हालांकि इस विशाल संगठन को उम्दा व अच्छी तरह से विचारित क्रियान्वयन योजना की दरकार है।’ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि एलआईसी एपीई में वित्त वर्ष 23-25 के दौरान 3 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि की रफ्तार से वृद्धि दर्ज करेगी (वित्त वर्ष 24 में गिरावट और वित्त वर्ष 25 में तेज रिकवरी), ऐसे में वह नए बिजनेस की वैल्यू में 9 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि के हिसाब से बढ़त हासिल करने में सक्षम होगी। -
नई दिल्ली। भारत में 2030 तक सालाना एक करोड़ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री होने की उम्मीद है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को यह अनुमान जताते हुए कहा कि इससे करीब पांच करोड़ नौकरियां पैदा होंगी।
उन्होंने 19वें EV Expo 2023 को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘वाहन आंकड़ों के अनुसार भारत में 34.54 लाख ईवी पहले ही पंजीकृत हैं।’’केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत में दुनिया का शीर्ष ईवी विनिर्माता बनने की क्षमता है और सरकार स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।गडकरी ने कहा कि सरकार ने मौजूदा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हाइब्रिड और पूरी तरह से EV में बदलने की अनुमति दी है।उन्होंने बताया कि इसके लिए नियमों को अंतिम रूप दे दिया गया है और प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन सफलतापूर्वक किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा सार्वजनिक परिवहन और लॉजिस्टिक में तेजी से ईवी को बढ़ावा देने का है। - नयी दिल्ली. वैश्विक बाजार में शराब की मांग बढ़ने से भारत से शराब से बने उत्पादों का निर्यात अगले कुछ वर्षों में एक अरब डॉलर से अधिक पर पहुंचने का अनुमान है। वाणिज्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव राजेश अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में भारतीय शराब उत्पादों का निर्यात 23 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समूची अवधि में यह 32.5 करोड़ डॉलर रहा था। अग्रवाल ने कहा, ‘‘भारत में बनी शराब की मांग बढ़ रही है। अगले कुछ वर्षों में इसके एक अरब डॉलर से अधिक हो जाने का अनुमान है। भारतीय शराब उत्पादों का बाजार बड़ी तेजी से बढ़ रहा है और दुनियाभर में इन ब्रांड की मांग धीरे-धीरे जोर पकड़ रही है।'' इन उत्पादों का वैश्विक कारोबार करीब 130 अरब डॉलर होने का अनुमान है।इस अवसर पर अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में होने वाले ‘इंडस फूड शो' में शराब पर केंद्रित एक अलग खंड भी मौजूद होगा। इस प्रदर्शनी में 2,500 से अधिक विदेशी और 5,000 से अधिक घरेलू खरीदारों के शामिल होने की संभावना है।
- नयी दिल्ली. सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को 10 साल के भीतर 25 प्रतिशत न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (एमपीएस) हासिल करने की छूट दी है। सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी मई 2022 में सूचीबद्ध हुई थी। सरकार ने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के माध्यम से एलआईसी में 22.13 करोड़ से अधिक शेयर यानी 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। कंपनी में फिलहाल सरकार की 96.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।एलआईसी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि आर्थिक मामलों के विभाग ने ‘एलआईसी को सूचीबद्धता की तारीख से 10 साल के भीतर यानी मई 2032 तक 25 प्रतिशत न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता हासिल करने को लेकर एक बारगी छूट दी है। सरकार ने इस साल की शुरुआत में नियमों में संशोधन किया था ताकि सूचीबद्ध सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों को निजीकरण के बाद भी जरूरत के अनुसार जनहित में 25 प्रतिशत न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारित की आवश्यकता से छूट मिले
- नयी दिल्ली। रिलायंस जियो ने दूरसंचार बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए सितंबर में 34.7 लाख मोबाइल ग्राहक जोड़े। दूसरी ओर एयरटेल के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 13.2 लाख बढ़ी। बाजार नियामक ट्राई ने अपने मासिक आंकड़ों में यह जानकारी दी। वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) ने सितंबर में 7.5 लाख मोबाइल ग्राहक खो दिए, जिससे उसके वायरलेस ग्राहकों की संख्या घटकर 22.75 करोड़ रह गई। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस जियो को सितंबर में 34.75 लाख वायरलेस ग्राहक मिले और उसका उपयोगकर्ता आधार बढ़कर 44.92 करोड़ हो गया। भारती एयरटेल ने सितंबर में अपने मोबाइल ग्राहकों की संख्या में 13.2 लाख की बढ़ोतरी की। इसके साथ कंपनी के कुल वायरलेस ग्राहक बढ़कर 37.77 करोड़ हो गए।
- मुंबई। भारत में आर्थिक गतिविधियों में व्यापक मजबूती बनी रहने की संभावना है। साथ ही 2024-25 की पहली तीन तिमाहियों में खुदरा मुद्रास्फीति मौजूदा 5.6 प्रतिशत से घटकर 4.6 प्रतिशत पर आ सकती है। बुधवार को जारी आरबीआई बुलेटिन में प्रकाशित एक लेख में यह बात कही गई।लेख में अर्थव्यवस्था के बारे में कहा गया कि 2024 में वैश्विक वृद्धि की रफ्तार और धीमी हो सकती है। मुद्रास्फीति विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में अलग-अलग गति से ब्याज दरों में कटौती का रास्ता साफ कर सकती है। लेख के मुताबिक भारत में, आर्थिक गतिविधियों में जारी मजबूती कच्चे माल की लागत में कमी और कॉरपोरेट मुनाफे के चलते आगे भी बनी रहने की उम्मीद है। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्रा के नेतृत्व वाले एक दल ने यह लेख तैयार किया है। आरबीआई ने हालांकि कहा कि लेख केंद्रीय बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।
- नयी दिल्ली. ‘गूगल मैप्स' अगले साल की शुरुआत में भारत से ‘एड्रेस डिस्क्रिप्टर' सेवा लॉन्च करेगा। कंपनी की एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह गूगल द्वारा भारत से शुरू की जाने वाली पहली वैश्विक सेवा होगी। इस सेवा के तहत मैप का इस्तेमाल कर रहे व्यक्ति द्वारा साझा की गई लोकेशन के निकटतम ‘लैंडमार्क' (मुख्य स्थान) और वहां से लोकेशन की दिशा का पता चल सकेगा। गूगल मैप्स की उपाध्यक्ष और महा प्रबंधक मिरियम डैनियल ने कहा, ‘‘हम भारत से पहली बार नया नवोन्मेष- ‘गूगल मैप्स' पर ‘एड्रेस डिस्क्रिप्टर' पेश कर रहे हैं, जिससे हमारे उपयोगकर्ताओं को स्थानों के पते को पहले से बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।'' उन्होंने कहा कि यह सुविधा अगले साल की शुरुआत में पूरे भारत में लॉन्च की जाएगी।डेनियल ने ‘स्ट्रीट व्यू' नेविगेशन की शुरुआत की घोषणा की जो पैदल चल रहे उपयोगकर्ता के रास्ते में पड़ने वाली इमारतों या मार्गों के वास्तविक ऑनलाइन चित्र दिखाएगी और इसके साथ ही जनवरी 2024 से भारत के 15 शहरों में ‘लेंस इन मैप्स' की सुविधा शुरू की जाएगी जिससे लोगों को यह पता चल सकेगा कि पैदल चलते समय उनके मार्ग में कौन की दुकानें या अन्य प्रतिष्ठान पड़ेंगे।
- नयी दिल्ली। सभी वैश्विक बदलाव भारत के पक्ष में काम कर रहे हैं, लेकिन देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में एक समावेशी वृद्धि की है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को यह बात कही। टाटा समूह के प्रमुख ने जेआरडी टाटा व्याख्यान में कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) का प्रभाव रहेगा और अगर भारत ने इसके लिए तैयारी की, तो यह फायदेमंद होगा। उन्होंने कहा कि शीत युद्ध के बाद तुलनात्मक रूप से स्थिर और समृद्धि दौर के विपरीत अब ऐसा लगता है कि दुनिया ने अप्रत्याशित संघर्षों और आर्थिक अनिश्चितता को रास्ता दे दिया है। महामारी के चलते आपूर्ति श्रृंखला को भारी झटका लगा है। चन्द्रशेखरन ने कहा, ''विशेष रूप से विकसित बाजारों में आर्थिक नरमी थी। हालात स्थिर होते हुए दिख रहे थे, लेकिन अब हम दो युद्धों के बीच में हैं और अमेरिका-चीन व्यापार गतिरोध चल रहा है।'' उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण वैश्विक बदलाव भी हो रहे हैं। खासकर एआई, ऊर्जा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्र में ऐसा हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा, ''ये सभी परिवर्तन वृद्धि, नवाचार और अतीत से बेहतर नया भविष्य बनाने के लिए अवसर देते हैं। इस लिहाज से भारत महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। आर्थिक रूप से, हम पहले ही पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। कई चीजें हमारे पक्ष में काम कर रही हैं।'' चंद्रशेखरन ने भारत की मजबूत व्यापक स्थिरता, एक स्वस्थ बैंकिंग प्रणाली, निर्यात की बढ़ती हिस्सेदारी, निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में नए पूंजीगत व्यय चक्र, बढ़ती खपत और मजबूत सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचा का हवाला देते हुए कहा कि सभी वैश्विक बदलाव भारत के पक्ष में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''खासकर आज की अनिश्चित दुनिया में हमारे पास वैश्विक ताकत बनने की क्षमता है... हमारे सामने कई चुनौतियां हैं। हमारी प्रति व्यक्ति जीडीपी वैश्विक औसत से 60 प्रतिशत कम है। राज्यों में प्रति व्यक्ति आय में अंतर बहुत बड़ा है।'' चंद्रशेखरन ने आगे कहा कि कुल श्रम बल में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 37 प्रतिशत हैं और उन्हें समान काम के लिए अपने पुरुष समकक्षों की तुलना में 35 प्रतिशत कम वेतन मिलता है। उन्होंने कहा, ''समावेशी विकास हमारी सबसे बड़ी चुनौती रही है। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि सभी तक बुनियादी शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच हो।'' चन्द्रशेखरन ने यह भी कहा कि एक तरफ हमारे पास अत्यधिक कुशल लोगों का एक बड़ा समूह है, तो दूसरी तरफ अकुशल लोगों की संख्या भी बहुत बड़ी है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर लड़की को भी लड़कों की तरह समान अवसर मिले।
- नयी दिल्ली। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड रेल (आरआरटीएस) गलियारे के निर्माण और औद्योगिक गलियारे के विकास के लिए 25-25 करोड़ डॉलर के दो कर्जों को स्वीकृति दी है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि 82 किलोमीटर लंबे आरआरटीएस गलियारे के निर्माण के लिए एडीबी 25 करोड़ डॉलर का वित्त मुहैया कराने जा रहा है। एडीबी ने वर्ष 2020 में आरआरटीएस के निर्माण के लिए 104.9 करोड़ डॉलर का वित्तपोषण कई चरणों में मुहैया कराने पर सहमति जताई थी। पहली किस्त में 50 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया था। वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव जूही मुखर्जी ने कर्ज समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि इस निवेश से आरआरटीएस शहरी परिवहन में सुधार ला पाएगा और इससे महिलाओं एवं दिव्यांगों को भी आर्थिक लाभ होंगे। एडीबी ने विनिर्माण को अधिक प्रतिस्पर्द्धी बनाने और राष्ट्रीय आपूर्ति शृंखला को सशक्त करने के लिए औद्योगिक गलियारा विकास के लिए भी 25 करोड़ डॉलर के एक कर्ज को मंजूरी दी है। इस 'सबप्रोग्राम 2' से परिवहन, लॉजिस्टिक एवं शहरी सुविधाओं से औद्योगिक गलियारों को लैस करने में मदद मिलेगी। इसके पहले 25 करोड़ डॉलर का 'सबप्रोग्राम 1' कर्ज भी एडीबी ने अक्टूबर, 2021 में दिया था।
- मुंबई। शेयर बाजार की रफ्तार 2024 में धीमी हो सकती है और 50 शेयरों वाला निफ्टी अगले साल केवल दो फीसदी की बढ़त हासिल करेगा। कोटक सिक्योरिटीज ने सोमवार को यह अनुमान जताया। घरेलू ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि कि निफ्टी 2024 के अंत तक 21,834 पर होने की संभावना है, जबकि सोमवार को कारोबार के अंत में सूचकांक 21,418 पर बंद हुआ। कोटक सिक्योरिटीज ने कहा कि भारतीय बाजारों ने 2023 में अब तक 13 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ इतिहास रचा। इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक में क्रमश: 39 फीसदी और 48 फीसदी की मजबूत वृद्धि हुई। ब्रोकरेज घराने ने 2024 के बारे में अनुमान जताते हुए कहा कि हम विभिन्न घटनाओं से भरे दौर में प्रवेश कर रहे हैं। नए साल की पहली छमाही में वैश्विक ब्याज दर, भारतीय उपभोग के रुख और आम चुनावों सहित कई कारकों पर नजर रहेगी। ब्रोकरेज कंपनी ने यह भी अनुमान जताया कि आरबीआई नए साल में अपने मौद्रिक रुख में बदलाव नहीं करेगा, क्योंकि वह मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत से नीचे लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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नयी दिल्ली। जीवन बीमा निगम (एलआईसी) 2047 तक सभी के लिए बीमा' हासिल करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने कहा कि इसके लिए बीमा कंपनी विशेष योजना बना रही है और खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए तैयार किए गए उत्पाद पेश किए जाएंगे। उन्होंने बताया, ‘‘जोर इस बात पर होगा कि अधिकतम ग्रामीण जनता को कैसे बीमा के दायरे में लाया जाए, जिन्हें वास्तव में बीमा की जरूरत है। आने वाले दिनों में हमारे कुल कारोबार में ग्रामीण हिस्सेदारी भी बढ़ जाएगी।'' उन्होंने कहा कि ‘2047 तक सभी के लिए बीमा' के लक्ष्य को हासिल करने में एलआईसी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इस दिशा में कंपनी ने पहले ही काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नियामक को धन्यवाद देना चाहिए। नियामक इरडा ने पहले ही एक समग्र उत्पाद ‘बीमा विस्तार' का प्रस्ताव दिया है, जिसमें जीवन, स्वास्थ्य और संपत्ति बीमा शामिल होगा।'' उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को बेचने के लिए ‘बीमा वाहक' को लगाया जाएगा और यह एक महिला-केंद्रित वितरण मॉडल होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का आह्वान किया है, जब देश ब्रिटिश शासन से आजादी के 100 साल पूरे करेगा। फिलहाल, भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है लेकिन वैश्विक औसत की तुलना में यहां बीमा की पहुंच कम है। मोहंती ने कहा कि दावा निपटान, ऋण और अन्य सेवाएं एक क्लिक पर उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा, ग्राहकों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। वे घर बैठे अपने मोबाइल पर हमारी जरूरी सेवाओं तक पहुंच सकते हैं... हम फिनटेक पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और व्यापार के विस्तार में इसकी क्षमता का उपयोग करेंगे।'' उन्होंने कहा कि एलआईसी अपनी खुद की फिनटेक शाखा के विकल्प भी तलाश रही है, जिसे एक कारोबारी मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।
- नयी दिल्ली। सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से नौ के बाजार पूंजीकरण में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 2.26 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक लाभ में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस रहीं। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,658.15 अंक या 2.37 प्रतिशत के लाभ में रहा।शुक्रवार को सेंसेक्स 969.55 अंक या 1.37 प्रतिशत बढ़कर 71,483.75 के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान यह 1,091.56 अंक या 1.54 प्रतिशत बढ़कर 71,605.76 अंक तक पहुंच गया था, जो इसका अबतक का सर्वकालिक उच्चस्तर है। समीक्षाधीन सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस सहित नौ कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन 2,26,391.77 करोड़ रुपये बढ़ गया। सिर्फ भारती एयरटेल के बाजार मूल्यांकन में गिरावट आई। सप्ताह के दौरान टीसीएस का बाजार मूल्यांकन 85,493.74 करोड़ रुपये बढ़कर 14,12,412.13 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सबसे अधिक लाभ में टीसीएस ही रही। इन्फोसिस की बाजार हैसियत 36,793.61 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 6,55,457.54 करोड़ रुपये रही।भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का बाजार मूल्यांकन 30,700.67 करोड़ रुपये बढ़कर 5,78,671.84 करोड़ रुपये पर और रिलायंस इंडस्ट्रीज का 26,386.16 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 16,88,173.26 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 18,493.9 करोड़ रुपये बढ़कर 7,27,330.82 करोड़ रुपये पर और जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का 14,294.5 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 5,03,722.82 करोड़ रुपये हो गया। आईटीसी का मूल्यांकन 11,412.78 करोड़ रुपये बढ़कर 5,71,636.39 करोड़ रुपये पर और एचडीएफसी बैंक का 2,428.72 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 12,57,093.46 करोड़ रुपये रहा। हिंदुस्तान यूनिलीवर ने सप्ताह के दौरान 387.69 करोड़ रुपये जोड़े और इसका बाजार मूल्यांकन 5,92,801.88 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस रुख के उलट भारती एयरटेल की बाजार हैसियत 3,654.15 करोड़ रुपये घटकर 5,58,242.75 करोड़ रुपये रह गई। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारतीय स्टेट बैंक, आईटीसी, भारती एयरटेल और एलआईसी का स्थान रहा।
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नई दिल्ली। एनटीपीसी माइनिंग ने वित्त वर्ष 2023-24 में अब तक दो करोड़ 32.2 लाख टन कोयला उत्पादन किया है। यह पूरे वित्त वर्ष 2022-23 में प्राप्त दो करोड़ 32 लाख टन के उत्पादन स्तर से कुछ अधिक है।
उत्पादन का यह स्तर 257 दिनों में हासिल किया गया। यानी 2022-23 के मुकाबले 108 कम दिन में यह उत्पादन हासिल किया गया। सालाना आधार पर कोयला उत्पादन में 77 प्रतिशत और आपूर्ति में 88 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। एनटीपीसी लि. की अनुषंगी एनटीपीसी माइनिंग ने एक बयान में कहा, ‘‘एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड (एनएमएल) ने वित्त वर्ष 2022-23 के दो करोड़ 32.03 लाख टन की तुलना में 2023-24 में 13 दिसंबर तक दो करोड़ 32.23 लाख टन उत्पादन किया…।’’ -
नयी दिल्ली. चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह बजट अनुमान (बीई) के 58.34 प्रतिशत यानी 10.64 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल-नवंबर के दौरान शुद्ध कर संग्रह 10.64 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 23.4 प्रतिशत अधिक है। रिफंड जारी करने से पहले सकल संग्रह अप्रैल-नवंबर की अवधि में 17.7 प्रतिशत बढ़कर 12.67 लाख करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से नवंबर तक 2.03 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया।
मंत्रालय ने कहा कि जिन मामलों में रिफंड शुरू में विफल हो गया था, उनके लिए विशेष पहल की गई और बाद में वैध बैंक खातों में रिफंड जारी किया गया। चालू वित्त वर्ष 2022-23 में प्रत्यक्ष कर (व्यक्तिगत आयकर और कॉरपोरेट कर) संग्रह 18.23 लाख करोड़ रुपये और अप्रत्यक्ष कर (जीएसटी, सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क) संग्रह 15.38 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। -
नयी दिल्ली. विमानन नियामक डीजीसीए ने बृहस्पतिवार को अयोध्या हवाई अड्डे के लिए ‘एयरोड्रम' लाइसेंस जारी किया। इस हवाई अड्डे को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) लगभग 350 करोड़ रुपये की लागत से विकसित कर रहा है। एएआई के चेयरमैन संजीव कुमार को डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के प्रमुख विक्रम देव दत्त ने लाइसेंस दिया। एएआई ने बृहस्पतिवार को कहा कि अयोध्या हवाई अड्डे को सभी मौसम की स्थिति के लिए सार्वजनिक उपयोग श्रेणी में एयरोड्रम लाइसेंस दिया गया है। एएआई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘‘हवाई अड्डे में एयरोनॉटिकल ग्राउंड लाइट (एजीएल) बुनियादी ढांचे के साथ 2,200 मीटर लंबा रनवे है। यह डीवीओआर और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) से युक्त है, जो हवाई अड्डे को रात में और कम दृश्यता/आरवीआर 550 मीटर के दौरान उड़ानों को संचालित करने की अनुमति देता है।'' डीवीओआर डॉपलर अत्यधिक उच्च फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज से संबंधित है, जो विमान के नेविगेशन में मदद करता है। आरवीआर रनवे की दृश्यता से संबंधित है। एएआई ने बयान में कहा, ‘‘बहुप्रतीक्षित अयोध्या हवाई अड्डे में 6,500 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला एक टर्मिनल भवन होगा। यह व्यस्त अवधि के दौरान 600 यात्रियों और सालाना 10 लाख यात्रियों को संभाल सकता है।'' अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तारित रनवे ए-321/ बी-737 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है।
- नयी दिल्ली । जयराम रमेश ने मारुति 800 के 40 साल पूरे होने पर इंदिरा, राजीव गांधी का योगदान याद किया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने देश की पहली स्वदेशी कार ‘मारुति 800’ की शुरुआत के 40 बरस पूरे होने पर गुरुवार को इसके निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तथा राजीव गांधी के योगदान को याद किया।वर्ष 1983 में 14 दिसंबर को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पहली मारुति 800 की चाभी हरपाल सिंह नामक व्यक्ति को सौंपी थी। हरपाल सिंह का नाम लकी ड्रॉ में निकला था । इसके बाद यह कार भारत के करोड़ों परिवारों का हिस्सा बनी। अब यह चलन से बाहर हो चुकी है।पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज से 40 साल पहले उपभोक्ता क्रांति ने गति पकड़ी और इंजीनियरिंग उद्योग में बदलाव आया। लोगों की कार मारुति 800 शुरू की गई और देश इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को याद करता है, जिन्होंने पीछे रहकर एक शांत लेकिन बेहद प्रभावी भूमिका निभाई थी। ओ. सुजुकी और वी. कृष्णमूर्ति को याद करना भी महत्वपूर्ण है जिन्होंने ऐतिहासिक सुजुकी-मारुति संयुक्त उद्यम को संभव बनाया।’’ उन्होंने कहा कि कृष्णमूर्ति ने पहले ‘भेल’ (भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड) को मजबूती दी थी और बाद में ‘सेल’ (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) का कायापलट किया।रमेश ने इस बात उल्लेख किया, ‘‘कृष्णमूर्ति भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे महान प्रबंधकों में से एक थे। उन्होंने मुझे तीन अलग-अलग मौकों पर नौकरी की पेशकश की, लेकिन मेरी नजरें, सही या गलत, कहीं और थीं। वह अत्यंत सम्मोहक व्यक्तित्व थे।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘40 साल बाद हम मारुति-सुज़ुकी (जो अब केवल सुजुकी है) और इसके कई प्रभावों का स्मरण करते हैं। आइए, असमानता और जलवायु परिवर्तन के दृष्टिकोण से, थोड़ा रुककर सोचें कि आज कुल बिक्री होने वाली कारों में 50 प्रतिशत से अधिक ‘एसयूवी’ (स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल) होती हैं।’’
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नयी दिल्ली. अमेरिकी रेटिंग एजेंसी फिच का अनुमान है कि भारत में अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनावों में मौजूदा सत्ता के ही दोबारा जीतकर आने की ‘काफी हद तक संभावना' है। फिच रेटिंग्स ने मंगलवार को बयान में आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर अपना आकलन पेश करते हुए कहा कि मौजूदा प्रशासन के दोबारा लौटकर आने की अधिक संभावना होने से भारत में नीतियों को लेकर निरंतरता बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, अगली सरकार को चुनाव में मिलने वाले बहुमत का आकार ही यह तय करेगा कि सरकार अपने सुधारों के एजेंडा पर कितने महत्वाकांक्षी ढंग से आगे बढ़ पाती है। रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘हमारी काफी हद तक यह राय है कि भारत और बांग्लादेश में मौजूदा सरकार के पास ही सत्ता बनी रहेगी। भारत में अगले साल अप्रैल-मई और बांग्लादेश में जनवरी में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसा होने पर व्यापक नीतिगत निरंतरता बने रहने का संकेत मिलता है।'' फिच ने भारत को 'बीबीबी-' रेटिंग के साथ स्थिर परिदृश्य दिया हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली मौजूदा सरकार का इस समय दूसरा कार्यकाल चल रहा है। यह सरकार पहली बार वर्ष 2014 में चुनकर आई थी और वर्ष 2019 में इसने अपनी सत्ता बरकरार रखी थी। अगर मोदी सरकार फिर से चुनाव जीतने में सफल रहती है तो यह इसका लगातार तीसरा कार्यकाल होगा।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि एशियाई क्षेत्र के रेटिंग पोर्टफोलियो में शामिल करीब आधे देशों में वर्ष 2024 में संसद या राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों में निरंतरता का मुद्दा प्रमुखता से छाए रहने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तान एवं श्रीलंका में चुनावी नतीजों का इन देशों के क्रेडिट प्रोफाइल पर असर पड़ने की आशंका भी है। इसकी वजह यह है कि ये दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से मिले राहत पैकेज कार्यक्रम पर काफी हद तक निर्भर हैं।







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