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- लखनऊ। लघु फिल्म 'डिटेक्टिव मीटर डाउन' को जर्मनी में आयोजित यूरोप के प्रतिष्ठित भारतीय फिल्म समारोहों में से एक 'इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट' में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार मिला है। देवांश अग्रवाल द्वारा निर्देशित 30 मिनट की यह लघु फिल्म मुंबई जैसे महानगर में बाहर से आकर बसने वाले लोगों के जीवन की विडंबनाओं और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी की घटनाओं से उपजे हल्के-फुल्के पलों को हास्य के साथ हृदयस्पर्शी अंदाज में पेश करती है।फिल्म की लेखिका गजल जावेद ने बताया कि 'डिटेक्टिव मीटर डाउन' को यह पुरस्कार मंगलवार को मिला। उन्होंने बताया कि यह जासूसी हास्य फिल्म है, जो जासूस बनने का सपना लेकर बिहार से मुंबई आए राजेश यादव नामक ऑटोरिक्शा चालक के इर्द-गिर्द घूमती है। लखनऊ की रहने वाली गजल ने कहा, ''मुंबई में ऑटोरिक्शा चलाने वाले अधिकतर लोग दूसरे राज्यों से आए हैं। हमें लगा कि हर प्रवासी की अपनी एक कहानी होती है। हमने राजेश के पात्र के जरिये ऐसे हर व्यक्ति की भावनाओं और आकांक्षाओं को सामने लाने की कोशिश की है, जो मुंबई में रहकर अपने सपनों को पूरा करने में जुटा है।'' गजल लखनऊ के मशहूर लेखक और स्वतंत्रता सेनानी शकील सिद्दीकी की नातिन हैं। लघु फिल्म की लेखिका के रूप में यह उनकी पहली फिल्म है। गजल ने कहा, ''मेरी इच्छा हाशिये पर खड़े किसी व्यक्ति को नायक के रूप में सामने लाने की थी, क्योंकि आमतौर पर फिल्मों में ऐसे पात्रों की बेबसी ही दिखाई जाती है और उन्हें नायक के रूप में पेश नहीं किया जाता।'' उन्होंने बताया कि इस फिल्म के जरिये यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि दुनिया में हर व्यक्ति की अहमियत है और उसके अस्तित्व के अपने मायने हैं। 'इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट' यूरोप के सबसे बड़े भारतीय फिल्म समारोहों में से एक है। इसका आयोजन 2004 से हर साल जर्मनी के स्टटगार्ट शहर में किया जाता है। इस महोत्सव में बॉलीवुड फिल्मों के अलावा भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में, समानांतर सिनेमा, वृत्तचित्र और लघु फिल्में भी प्रदर्शित की जाती हैं। इसमें सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म, सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र, 'डायरेक्टर्स विजन अवार्ड' और 'ऑडियंस अवार्ड' श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं।
- मुंबई। दिग्गज अभिनेता देव आनंद और अभिनेत्री कल्पना कार्तिक के बेटे सुनील आनंद का लंदन में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वह 70 वर्ष के थे। अभिनेता एवं निर्देशक सुनील आनंद ने वर्ष 1984 में अपने पिता द्वारा निर्देशित फिल्म 'आनंद और आनंद' से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'कार थीफ', 'मैं तेरे लिए' और 'मास्टर' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें अपने पिता जैसी सफलता नहीं मिल सकी। देव आनंद के करीबी मित्र मोहन चूड़ीवाला ने कहा, ''26 जुलाई को लंदन में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। देव साहब की बेटी देविना लंदन के लिए रवाना हो रही हैं।'' सुनील आनंद के परिवार में उनकी मां कल्पना कार्तिक और बहन देविना हैं।वर्ष 2011 में 88 वर्ष की आयु में देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद ने उनके फिल्म निर्माण बैनर 'नवकेतन फिल्म्स' की जिम्मेदारी संभाली थी। देव आनंद 'गाइड', 'हम दोनों' और 'हरे रामा हरे कृष्णा' जैसी कालजयी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। देव आनंद की 100वीं जयंती से पहले वर्ष 2023 में एक साक्षात्कार में सुनील आनंद ने अपने पिता को विद्वान अभिनेता बताते हुए कहा था कि उन्हें पढ़ने का बहुत शौक था, वह ''अपने व्यक्तित्व और पहनावे को लेकर हमेशा सजग रहते थे'' और राजघरानों से लेकर आम लोगों तक, सभी के साथ सहजता से घुल-मिल जाते थे। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपने जीवन के 40 वर्ष पिता के साथ बिताए और उनके स्वास्थ्य, कार्यक्रमों तथा उनकी कंपनी 'नवकेतन' की जिम्मेदारियां संभालीं। सुनील ने उस समय कहा था, ''मैंने वर्ष 2008 में हमारी कालजयी फिल्म 'गाइड' को कान फिल्म महोत्सव तक पहुंचाने के प्रयासों में भी समन्वय किया था। यह पहली भारतीय फिल्म थी, जिसे कान समिति ने महोत्सव में प्रदर्शित करने के लिए चुना था। यह मेरे पिता, हमारे परिवार, 'नवकेतन' और भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।'' उन्होंने अपने पिता के जीवन पर हॉलीवुड फिल्म बनाने की योजना का भी उल्लेख किया था।सुनील आनंद ने तब कहा था, ''यह मेरे पिता को समर्पित एक बहुत बड़ी फिल्म है। इसका निर्माण और निर्देशन मैं कर रहा हूं। यह सफर जारी रहेगा। मैं अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाता रहूंगा।''
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नयी दिल्ली. अभिनेता पंकज त्रिपाठी को भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफएम), मेलबर्न में 'आर्टिस्ट ऑफ डिस्टिंक्शन' (प्रतिष्ठित कलाकार) पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह सम्मान भारतीय सिनेमा में अभिनेता के असाधारण योगदान और देश के सबसे सम्मानित कलाकारों में से एक के रूप में उनकी उल्लेखनीय यात्रा को देखते हुए दिया जाएगा। यह पहली बार होगा जब राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता इस फिल्म महोत्सव में शामिल होंगे और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में यह सम्मान प्राप्त करेंगे। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'न्यूटन' और 'स्त्री' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले पंकज त्रिपाठी ने कहा कि यह पुरस्कार मिलना उनके लिए "वास्तव में खास और बेहद मायने रखने वाला" है। उन्होंने एक बयान में कहा, "भारतीय फिल्म महोत्सव, मेलबर्न में जल्द ही 'आर्टिस्ट ऑफ डिस्टिंक्शन' सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए बेहद गर्व का क्षण है। एक अभिनेता के तौर पर मेरा हमेशा यह विश्वास रहा है कि कहानियों में सीमाओं को पार करने, दिलों को जोड़ने और भाषा या भौगोलिक दूरी की परवाह किए बिना लोगों को करीब लाने की असाधारण शक्ति होती है। उन्होंने कहा, "आईएफएफएम जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर मेरी यात्रा को पहचान मिलना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। मेरे करियर की हर उपलब्धि फिल्म निर्माताओं, लेखकों, निर्देशकों, सह-कलाकारों, तकनीशियनों और सबसे बढ़कर दर्शकों के विश्वास और सहयोग से संभव हो पाई है, जिन्होंने मेरे काम को इतना प्यार और अपनापन दिया। यह सम्मान जितना मेरा है, उतना ही उन सभी लोगों का भी है।" उन्होंने कहा, "बिहार के एक छोटे से गांव से आने वाले मेरे जैसे व्यक्ति ने कभी कल्पना नहीं की थी कि जिन कहानियों का मैं हिस्सा बनूंगा, वे एक दिन पूरी दुनिया तक पहुंचेंगी और इस तरह सराही जाएंगी।" आईएफएफएम की निदेशक मितु बोमिक लांगे ने त्रिपाठी को इस पीढ़ी के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक बताया।
उन्होंने कहा, "वह ऐसे कलाकार हैं, जिनका अभिनय भाषा, भूगोल और संस्कृति की सीमाओं से परे जाता है। हर किरदार में वास्तविकता, सहानुभूति और शांत प्रभावशाली शक्ति लाने की उनकी असाधारण क्षमता ने उन्हें आज भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित आवाजों में से एक बना दिया है। भारतीय फिल्म महोत्सव, मेलबर्न में पंकज त्रिपाठी को 'आर्टिस्ट ऑफ डिस्टिंक्शन' पुरस्कार से सम्मानित करना हमारे लिए बेहद गर्व और सौभाग्य की बात है।" यह फिल्म महोत्सव 13 अगस्त से शुरू होकर 23 अगस्त तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित किया जाएगा। -
नई दिल्ली। नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल है। रणबीर कपूर और साई पल्लवी अभिनीत फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में लॉन्च होगा। मगर, इससे पहले अमेरिका के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में इससे पर्दा उठेगा। बीते दिन बुधवार को रणबीर कपूर और यश ट्रेलर लॉन्च के लिए अमेरिका रवाना हो चुके हैं। उन्हें मुंबई एयरपोर्ट देखा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में फिल्म का स्पेशल पैनल गुरुवार यानी आज 23 जुलाई को दोपहर सवा तीन बजे 4,800 सीटों वाले बॉलरूम 20 में आयोजित किया जाएगा।
अमेरिका में इस इवेंट को एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट कोय जांद्रेउ होस्ट करने वाले हैं। ट्रेलर लॉन्च के मौके पर फिल्म के लीड एक्टर रणबीर कपूर के अलावा यश और निर्देशक नितेश तिवारी भी मौजूद रहेंगे। साथ ही निर्माता नमित मल्होत्रा भी होंगे। कॉमिक-कॉन प्रेजेंटेशन भारतीय समयानुसार 24 जुलाई को सुबह सवा तीन बजे से सवा चार बजे होगा। सैन डिएगो में लोग भारत से पहले इस ट्रेलर का दीदार कर पाएंगे।भारतीय समय की बात करें तो पीवीआर पिक्चर्स के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए स्क्रीनशॉट के मुताबिक भारत में ट्रेलर 24 जुलाई को सुबह 10 बजे रिलीज होगा। ट्रेलर डिजिटल प्लेटफॉर्म और सिनेमाघरों में देखा जा सकेगा। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि भारत में ट्रेलर 24 जुलाई को सुबह 8 बजे देखने को मिलेगा। वहीं, मेकर्स की तरफ से 24 जुलाई की रिलीज की पुष्टि की गई है। भारत में रिलीज के समय को लेकर कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि 'रामायण' में साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में हैं। रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में दिखेंगे। दो पार्ट में आने वाली इस फिल्म का पहला भाग इस साल दिवाली पर दस्तक देगा। - मुंबई. फिल्मकार रिची मेहता की फिल्म 'फूलन' का विश्व प्रीमियर 51वें टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (टीआईएफएफ) में होगा। यह फिल्म चंबल की कुख्यात दस्यु से नेता बनीं फूलन देवी के जीवन पर आधारित है। एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस हिंदी फिल्म का प्रदर्शन 16 सितंबर को प्रिंसेस ऑफ वेल्स थिएटर में महोत्सव के 'विशेष प्रस्तुति' खंड के तहत किया जाएगा। रिची मेहता द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म का निर्माण नमः पिक्चर्स के बैनर तले शरीन मंत्री केडिया, किशोर अरोड़ा, कंवल कोहली और मेहता ने किया है।वर्ष 1997 में प्रकाशित पुस्तक 'आई, फूलन-द ऑटोबायोग्राफी ऑफ इंडियाज़ बैंडिट क्वीन' से प्रेरित यह फिल्म फूलन देवी के जीवन के उस निर्णायक अध्याय को पर्दे पर उतारती है, जब उन्हें मारने के इरादे से हजारों हथियारबंद लोगों ने एक गांव को घेर लिया था। भारत के ग्रामीण क्षेत्र की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म गरीब घर की 17 वर्षीय लड़की के सफर को दर्शाती है, जो आगे चलकर देश की सबसे कुख्यात दस्युओं में से एक बन गई। निर्माताओं के अनुसार, फिल्म की कहानी 2,000 से अधिक हथियारबंद लोगों द्वारा किए गए 48 घंटे तक चले भीषण घेराव की घटना पर केंद्रित है। महोत्सव में प्रदर्शन के बाद 'फूलन' का प्रीमियर प्राइम वीडियो पर होगा। फिल्म में स्नेहा कुमारी ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म में अनुराग ठाकुर, विक्रम प्रताप सिंह, आकाश दहिया, प्रतीक पचौरी और देव दत्त बुधोलिया भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। दुनिया के प्रमुख फिल्म आयोजनों में शामिल टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव इस वर्ष 10 से 20 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।
- नयी दिल्ली. अभिनेता अमिताभ बच्चन द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले लोकप्रिय शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (केबीसी) का 18वां सीजन 10 अगस्त से सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर प्रसारित होगा। अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस बार शो की थीम 'सोचना पड़ेगा' होगी। उन्होंने वीडियो पोस्ट के साथ लिखा, ''कौन बनेगा करोड़पति 10 अगस्त से, रात नौ बजे, सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर। केबीसी सोचना पड़ेगा।'' एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 'सोचना पड़ेगा' थीम इस बात पर जोर देती है कि आज के दौर में केवल जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही ढंग से उपयोग करना अधिक महत्वपूर्ण है।विज्ञप्ति में कहा गया है कि रोजमर्रा की परिस्थितियों पर आधारित प्रचार फिल्मों के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि भले ही आज जानकारी तुरंत उपलब्ध हो और प्रौद्योगिकी ने सीखने के तरीके को बदल दिया हो, लेकिन वास्तव में महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति आलोचनात्मक ढंग से सोच सके, जानकारी का विश्लेषण कर सके और बदलते समय के अनुरूप सार्थक ढंग से स्वयं को ढाल सके। अमिताभ बच्चन वर्ष 2000 से 'कौन बनेगा करोड़पति' शो के प्रस्तोता रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2007 में प्रसारित शो के तीसरे सीजन को अभिनेता शाहरुख खान ने प्रस्तुत किया था। इसके अलावा अमिताभ बच्चन 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल और फिल्म 'सेक्शन 84' में नजर आएंगे। 'सेक्शन 84' में उनके साथ डायना पेंटी और निमरत कौर भी अहम भूमिकाओं में हैं।
- चेन्नई । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अंतिम फिल्म मानी जा रही 'जन नायकन' की रिलीज में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में प्रशंसकों के लिए विशेष रूप से तैयार की जा रही 'टी-शर्ट' की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तमिलनाडु के वस्त्र उद्योग के केंद्र तिरुपुर की परिधान फैक्टरियां चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। कई महीनों तक चले मुकदमों, फिल्म के ऑनलाइन लीक होने और सेंसर बोर्ड के साथ रही गतिरोध की स्थिति के बाद यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे राज्यभर के प्रशंसक अभिनेता से नेता बने विजय की तस्वीर वाली विशेष 'टी-शर्ट' के बड़े पैमाने पर 'ऑर्डर' स्थानीय विनिर्माताओं को दे रहे हैं, जिससे इन फैक्टरियों का उत्पादन चरम पर पहुंच गया है।'तिरुपुर टेक्सटाइल यूनिट एसोसिएशन' के सदस्य के. प्रभाकरन ने कहा, ''कुछ दिन पहले फिल्म की रिलीज की घोषणा होने के बाद से यहां की वस्त्र निर्माण इकाइयां 'जन नायकन' की विशेष टी-शर्ट तैयार करने के लिए 'ओवर टाइम' काम कर रही हैं।'' उन्होंने बताया कि 700 से अधिक वस्त्र इकाइयां टी-शर्ट के उत्पादन में जुटी हुई हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए अधिकांश स्थानीय विनिर्माता राज्य भर में कूरियर सेवा और 'कैश ऑन डिलीवरी' (वस्तु प्राप्त होने पर भुगतान करने) की सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं। स्थानीय परिधान फैक्टरी के मालिक के. सेवा नाथन ने कहा, ''कई वर्षों बाद हम इस तरह का उत्साह देख रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि केवल तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों केरल और कर्नाटक से भी बड़ी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं। इन टी-शर्ट पर मुख्यमंत्री विजय की लोकप्रिय तस्वीरों के साथ फिल्म का शीर्षक छपा है। कई 'ऑर्डर' में उनके राजनीतिक सफर का जश्न मनाने वाले नारे भी शामिल हैं। नाथन के अनुसार, फिल्म की रिलीज से पहले तय समय सीमा के भीतर ऑर्डर पूरे करने के लिए प्रिंटिंग इकाइयों में दोहरी पाली में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''इनमें काम करने वाले कई कर्मचारी खुद भी विजय के जबरदस्त प्रशंसक हैं। उनके लिए यह केवल काम नहीं, बल्कि अपने पसंदीदा अभिनेता को सम्मान देने जैसा है।'' तमिलनाडु फिल्म वितरक संघ के सूत्रों ने बताया कि 23 जुलाई से यह फिल्म राज्य के लगभग 1,000 सिनेमाघरों में प्रदर्शित किए जाने की संभावना है। फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) की मंजूरी मिलने की प्रक्रिया में काफी देरी हुई। इस दौरान कानूनी अड़चन और फिल्म की 'पायरेसी' जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। 'जन नायकन' में पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, गौतम वासुदेव मेनन, प्रकाश राज और नारायण सहित कई प्रमुख कलाकार हैं। फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है, छायांकन सत्यन सूर्यन ने किया है और संपादन प्रदीप ई. राघव ने किया है।
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-छत्तीसगढ़ के अद्वितीय रामनामी समुदाय पर आधारित ‘राम-नामी’ को बेस्ट वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का पुरस्कार
नई दिल्ली। वर्ष 2024 के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा हो चुकी है। ‘आर्टिकल 370’ ने बेस्ट फीचर फील्म का पुरस्कार जीता, जबकि ‘भंगार’ को बेस्ट नॉन-फीचर फील्म और छत्तीसगढ़ के अद्वितीय रामनामी समुदाय पर आधारित ‘राम-नामी’ को बेस्ट वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का पुरस्कार मिला। ये पुरस्कार भारतीय सिनेमा में फीचर फील्मों, नॉन-फीचर फ़िल्मों और सिनेमा पर लिखे गए लेखों में बेहतरीन उपलब्धियों को सम्मान देते हैं।इन पुरस्कारों की घोषणा शनिवार को फीचर फिल्म जूरी के चेयरमैन जयराज, नॉन-फीचर फिल्म जूरी के चेयरमैन असीम सिन्हा और सिनेमा पर बेस्ट राइटिंग जूरी के चेयरमैन ए. चंद्रशेखर ने की। इस मौके पर संयुक्त सचिव (फिल्म्स) डॉ. अजय नागभूषण एम.एन. और प्रधान महानिदेशक, पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के धीरेंद्र ओझा भी मौजूद थे।
यामी गौतम ने ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मुख्य भूमिका) का पुरस्कार जीता, जबकि ममूटी (‘ब्रह्मयुगम’) और कार्तिक आर्यन (‘चंदू चैंपियन’) ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मुख्य भूमिका) का पुरस्कार साझा किया। रणदीप हुड्डा ने ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ डेब्यू डायरेक्टर का पुरस्कार जीता, जबकि ‘कल्कि 2898 एडी’, ‘अमरन’, ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘स्त्री 2’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने भी बड़े पुरस्कार हासिल किए, जो भारतीय सिनेमा की विविधता और बेहतरीन गुणवत्ता को दर्शाते हैं। - मुंबई। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के 72वें संस्करण के विजेताओं में शुमार अभिनेता रणदीप हुड्डा, संजय मिश्रा और अन्य कलाकारों ने अपने काम को मिली इस मान्यता के लिए आभार जताया। रणदीप हुड्डा को फिल्म "स्वातंत्र्य वीर सावरकर" के लिए सर्वश्रेष्ठ पदार्पण निर्देशक का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देने की घोषणा की गई। उन्होंने अपनी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उसने उन पर भरोसा किया और अच्छे-बुरे हर दौर में उनका साथ दिया। "स्वातंत्र्य वीर सावरकर" के अभिनेता और निर्देशक हुड्डा ने एक बयान में कहा, "यह सम्मान हम सभी का है। मुझे उम्मीद है कि इससे ज्यादा से ज्यादा लोग, खासकर युवा पीढ़ी, वीर सावरकर की विरासत को जानने और उस पर विचार करने के लिए प्रेरित होंगे।" संजय मिश्रा को फिल्म "भक्षक" में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। भूमि पेडनेकर अभिनीत इस फिल्म में एक आश्रय गृह में बच्चों के यौन शोषण की कहानी दिखाई गई है। मिश्रा ने बताया कि उन्हें इस सम्मान की जानकारी पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) से मिली, जहां उनके दिवंगत पिता काम करते थे। वरिष्ठ अभिनेता ने कहा, "राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। इसने मेरे दिल को छू लिया।" "भक्षक" में एक स्थानीय समाचार चैनल के कैमरामैन की भूमिका निभाने वाले मिश्रा ने कहा कि उन्होंने हमेशा हर किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है। भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर मिश्रा को बधाई दी।उन्होंने लिखा, "मेरे प्यारे संजय मिश्रा जी, आप बहुत खास और अद्भुत इंसान हैं। आपके साथ काम करना हमेशा सम्मान की बात होती है। मन प्रफुल्लित है।" राजकुमार राव की फिल्म "श्रीकांत - आ रहा है सबकी आंखें खोलने" को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इसका निर्देशन तुषार हीरानंदानी ने किया है, जबकि निर्माता भूषण कुमार, कृष्ण कुमार और निधि परमार हीरानंदानी हैं। यह फिल्म उद्योगपति श्रीकांत बोला के जीवन पर आधारित है, जिसमें दिखाया गया है कि दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को हकीकत में बदला और 'बोलेंट इंडस्ट्रीज' की स्थापना की। निर्देशक तुषार हीरानंदानी ने कहा कि यह पुरस्कार श्रीकांत बोला के प्रेरणादायक जीवन और पूरी टीम की मेहनत को समर्पित है। उन्होंने कहा, "फिल्म 'श्रीकांत' बनाना मेरे करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा। यह पुरस्कार श्रीकांत बोला के प्रेरक जीवन और इस कहानी को दिल से पर्दे पर उतारने वाली पूरी टीम को समर्पित है।" भूषण कुमार ने कहा कि यह सम्मान पूरी टीम के लिए गर्व की बात है और इसका श्रेय उद्योगपति श्रीकांत बोला की प्रेरक कहानी को जाता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को इन पुरस्कारों की घोषणा की। ये पुरस्कार वर्ष 2024 में प्रमाणित फिल्मों के लिए दिए गए हैं।
- नयी दिल्ली। फिल्म निर्माता एस. एस. राजामौली ने अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के 44वें जन्मदिन के अवसर पर अपनी आगामी फिल्म 'वाराणसी' से उनके किरदार की पहली तस्वीर साझा की। इस फिल्म में महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी नजर आएंगे। यह सात अप्रैल, 2027 को रिलीज होगी। फिल्म की कहानी 512 ईस्वी के एक ऐसे समुदाय के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके पास एक प्राचीन रहस्य है, जो दुनिया को बचा सकता है। फिल्म की कहानी के अनुसार, 2027 ईस्वी में 'शंभवी' नामक एक क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराता है, जिससे भीषण तबाही मच जाती है। राजामौली द्वारा शनिवार को इंस्टाग्राम पर साझा किए गए पोस्टर में प्रियंका चोपड़ा 'मंदाकिनी' के किरदार में नजर आती हैं। पोस्टर में वह काले परिधानों में दिखती हैं। पोस्टर के साथ राजामौली ने लिखा, ''मुस्कराने पर शालीनता... और न मुस्कराने पर आग। 'मंदाकिनी'..."इसके बाद उन्होंने फिल्म के सेट से प्रियंका चोपड़ा की एक और तस्वीर भी साझा की।'वाराणसी' का संगीत एम. एम. कीरवाणी ने तैयार किया है, जिन्हें राजामौली की पिछली फिल्म 'आरआरआर' के लिए ऑस्कर पुरस्कार मिल चुका है। फिल्म का निर्माण श्री दुर्गा आर्ट्स और शोइंग बिजनेस ने किया है।
- नयी दिल्ली। फिल्मकार क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'द ओडिसी' ने रिलीज के पहले दिन भारत में बॉक्स ऑफिस पर 20 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। फिल्म में मैट डेमन ने ओडिसियस, टॉम हॉलैंड ने टेलीमेकस, जेंडाया ने एथेना, रॉबर्ट पैटिनसन ने एंटिनस, लुपिता न्योंगो ने हेलन ऑफ ट्रॉय एवं क्लाइटेमनेस्ट्रा, ऐन हैथवे ने पेनेलोप और चार्लीज थेरॉन ने कैलिप्सो सहित कई अहम किरदार निभाए हैं। फिल्म शुक्रवार को दुनियाभर में रिलीज हुई।ट्रेड ट्रैकिंग वेबसाइट 'सैकनिल्क' के अनुसार, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 17.40 करोड़ रुपये की कमाई की जबकि देश में इसकी कुल कमाई 20.76 करोड़ रुपये रही। फिल्म ने दुनियाभर में कुल 3.98 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई की है। 'द ओडिसी' की कहानी यूनानी राजा ओडिसियस (मैट डेमन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो 'ट्रॉजन वॉर' के बाद अपने घर लौटने के लिए 10 साल की बेहद खतरनाक यात्रा पर निकलता है। ओडिसियस इस दौरान प्रतिशोधी देवताओं, समुद्री राक्षसों और मायावी स्त्रियों जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी पत्नी पेनेलोप (ऐन हैथवे) और बेटे टेलीमेकस (टॉम हॉलैंड) से दोबारा मिलने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म का निर्माण 'सिंकोपी इंक' के बैनर तले किया गया है।
- मुंबई ।अभिनेता विक्रांत मैसी ने कहा है कि उन्हें अपनी फिल्मों के असफल होने से अधिक डर एक जैसे किरदार निभाने और रचनात्मक दोहराव से लगता है और यही वजह है कि वह हर फिल्म में स्वयं को नये रूप में पेश करने का प्रयास करते हैं। मैसी को '12वीं फेल', 'सेक्टर 36', 'हसीन दिलरुबा', 'दिल धड़कने दो', 'लुटेरा', 'प्रितम एंड पेड्रो' और 'ब्रोकन बट ब्यूटीफुल' जैसी फिल्मों और ओटीटी सीरीज में भूमिकाओं के लिए सराहा गया है। उन्होंने कहा कि बॉक्स ऑफिस पर सफलता भी महत्वपूर्ण है, लेकिन एक अभिनेता के लिए सबसे बड़ा डर ''किरदारों का दोहराव'' और ''अभिनय में नयापन खत्म हो जाना'' होता है।उन्होंने कहा कि अगर कोई फिल्म सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन नहीं करे तो इसे ठीक नहीं कह सकते। उन्होंने कहा, ''आप चाहते हैं कि फिल्म कमाई करे और ज्यादा से ज्यादा लोग उसे देखें। हालांकि, प्री-सेल (रिलीज से पहले फिल्म के संगीत तथा ओटीटी और टेलीविजन पर प्रदर्शन के अधिकार को बेच देने) से आपकी न्यूनतम लागत निकल आती है।'' उन्होंने कहा कि बेशक, आप चाहते हैं कि फिल्म अच्छा कारोबार करे, लेकिन एक अभिनेता के तौर पर सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि आप बार-बार वही किरदार निभाने लग जाएं।'' उन्होंने कहा, ''दोहराव और अभिनय में नयापन खत्म हो जाना ही वास्तव में डरावनी चीज है। मुझे असफल होने का डर नहीं लगता, क्योंकि जब आप नये प्रयोग करते हैं तो कभी-कभी असफलता भी मिलती है।'' मैसी ने बताया कि 2024 में उन्होंने सात महीने के लिए काम से विराम लिया था, क्योंकि उन्हें लगने लगा था कि उनके अभिनय में दोहराव आने लगा है। इस दौरान उन्होंने अपने अभिनय पर गौर किया। उन्होंने कहा, ''अपने काम का पुनर्मूल्यांकन करना बहुत जरूरी है। दुनिया अभूतपूर्व गति से बदल रही है, इसलिए एक रचनात्मक कलाकार के रूप में आपको लगातार खुद को बेहतर बनाना पड़ता है।'' अभिनेता मैसी (39) जल्द ही नेटफ्लिक्स पर आने वाली ओटीटी सीरीज ''मुसाफिर कैफे'' में नजर आएंगे। इस सीरीज के साथ वह निर्माता के रूप में भी अपनी शुरुआत कर रहे हैं। वह आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के जीवन पर आधारित प्रस्तावित बायोपिक ''व्हाइट'', अभिनेता सनी सिंह के साथ 'यार जिगरी' सहित कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम कर रहे हैं। मैसी ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के बाद कई लोगों ने उन्हें एक खास छवि बनाए रखने की सलाह दी थी, लेकिन वह जोखिम उठाने और अलग-अलग तरह की कहानियां चुनने में विश्वास रखते हैं। उन्हें ''12वीं फेल'' में अभिनय के लिए 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला था। उन्होंने कहा, ''मैं हमेशा ऐसी फिल्में करना चाहता था जिनमें कहानी को आगे बढ़ाने की मुख्य जिम्मेदारी मेरे कंधों पर हो और मुझे दमदार भूमिकाएं निभाने का मौका मिले...मैंने हमेशा ही लीक से हटकर काम किया है।'' मैसी ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि अपने काम के जरिए समाज पर सार्थक प्रभाव छोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि फिल्मकार विधु विनोद चोपड़ा के साथ ''12वीं फेल'' में काम करने के अनुभव ने सिनेमा के प्रति उनका नजरिया व्यापक किया, जिसके बाद उन्होंने ''मुसाफिर कैफे'' के जरिए फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ''मुझे लगा कि मैं अभिनय से आगे बढ़कर भी सिनेमा में योगदान दे सकता हूं और 'मुसाफिर कैफे' इसके लिए सबसे उपयुक्त फिल्म लगी।'' भोपाल और मसूरी की पृष्ठभूमि पर आधारित ''मुसाफिर कैफे'' लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है। यह श्रृंखला तीन अजनबियों की आपस में जुड़ी यात्राओं की कहानी है, जो प्रेम, बिछड़ने और आत्म-खोज के सफर से गुजरते हैं। इसमें मैसी, चंद्र मोहन शर्मा की भूमिका निभा रहे हैं, जो ऐसी जिंदगी की तलाश में है जिसे वह सचमुच अपना मान सके। अभिनेत्री वेदिका पिंटो ने सुधा और महिमा मकवाना ने प्रीति का किरदार निभाया है। यह सीरीज 24 जुलाई से नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होगी।
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नयी दिल्ली. बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की फिल्म 'धमाल 4' ने रिलीज के शुरुआती दो दिनों में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कुल 38.71 करोड़ रुपये की कमाई की है। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी यह फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। टी-सीरीज के बैनर तले बनी यह फिल्म 'धमाल' श्रृंखला की चौथी फिल्म है। फिल्म में 'आदि' और 'मानव' के किरदारों की जोड़ी फिर नजर आई है। ये किरदार क्रमशः अरशद वारसी और रितेश देशमुख ने निभाए हैं। इनके अलावा फिल्म में अजय देवगन, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन शुक्रवार को 15.50 करोड़ रुपये और शनिवार को 23.21 करोड़ रुपये की कमाई की। विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'धमाल 4' की कहानी पैसे के लालची लोगों पर आधारित है, जो दूरदराज के एक द्वीप पर छिपे खजाने की तलाश में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते हैं। उनकी इस तलाश में नया मोड़ तब आता है, जब उनका सामना आधुनिक समुद्री डाकुओं के एक दल से होता है जो उसी खजाने की तलाश में है। फिल्म का निर्माण अजय देवगन, भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, अशोक ठकेरिया, इंद्र कुमार, आनंद पंडित और कुमार मंगत पाठक ने किया है। 'धमाल' फिल्म श्रृंखला की शुरुआत 2007 में आई इसी नाम की फिल्म से हुई थी। इसके बाद 2011 में 'डबल धमाल' और 2019 में 'टोटल धमाल' रिलीज हुई।
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नयी दिल्ली। जाने-माने रंगमंच निर्देशक एवं अभिनेता रजत कपूर के नाटक 'द थिंग विद फेदर्स' का मंचन आठ और नौ अगस्त को मुंबई में पहली बार किया जाएगा, जो आद्यम रंगमंच के आठवें सीजन की चौथी प्रस्तुति होगी। रबिया कपूर और चंद्रचूड़ राय द्वारा सह-लिखित यह नाटक 1900 से 1950 के बीच के दौर की कहानी पेश करता है, जिसमें असाधारण परिस्थितियों का सामना करने वाले आम लोगों के जीवन को दिखाया गया है। यह नाटक युद्धों और राजनीतिक उथल-पुथल पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, उन लोगों के जीवन को दर्शाता है जो इतिहास के बदलते दौर के बीच प्यार, बिछोह, उम्मीद और संघर्ष से प्रभावित होते हैं। कपूर ने एक बयान में कहा, ''हमने 20वीं सदी के पहले हिस्से पर आधारित एक नाटक मंचन के बारे में सोचा था। फिर यह विचार आया कि अगर इन 50 महत्वपूर्ण वर्षों की कहानी को आम लोगों के नजरिये से देखा जाए तो शायद यह ज्यादा प्रभावी और जीवंत लगेगी।'' इस नाटक के कलाकारों में विनय पाठक, मंत्रा, नील भूपालम, भाव्या रामपाल, वारिस अहमद जैदी, चंद्रचूड़ राय और अमित पुरोहित शामिल हैं। मुंबई में बाल गंधर्व रंग मंदिर में प्रीमियर के बाद यह नाटक 12 और 13 सितंबर को 'नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स' (एनसीपीए) के जमशेद भाभा रंगमंच में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद इसका मंचन 26 और 27 सितंबर को दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में भी होगा। - आलेख प्रशांत शर्माजन्मदिन पर विशेष--11 जुलाईफिल्मी परदे पर सबको हंसाने वाली प्यारी टुनटुन (जन्म-11 जुलाई 1923 - निधन 23 नवम्बर 2003) की आज बर्थ एनिवर्सिरी है। वे लोगों के दिलों में ऐसे छाई कि आज भी यदि कोई मोटी महिला दिख जाती है, तो लोग मजाक में उसे टुनटुन कह देते हैं। टुनटुन ने अपना कॅरिअर पाश्र्वगायिका के रूप में अपने मूल नाम उमा देवी खत्री से शुरू किया था। अफसाना लिख रही रही हूं... गीत उन्होंने ही गाया है।नूरजहां के प्रति दीवानगी और गायिकी के जुनून ने उन्हें मथुरा से मुंबई पहुंचाया। चाचा के घर में पली-बढ़ी उमा देवी की हैसियत परिवार में एक नौकर के समान थी। घरेलू काम के सिलसिले में उमादेवी का दिल्ली के दरियागंज इलाके में रहने वाले एक रिश्तेदार के घर अक्सर आना-जाना लगा रहता था। वहीं उनकी मुलाक़ात अख्तर अब्बास क़ाज़ी से हुई, जो दिल्ली में आबकारी विभाग में निरीक्षक थे। काज़ी साहब उमा देवी का सहारा बने, लेकिन वे लाहौर चले गए।इस बीच उमा देवी ने भी गायिका बनने का ख्वाब पूरा करने के लिए मुंबई जाने की योजना बना ली। दिल्ली में जॉब करने वाली उनकी एक सहेली की मुंबई में फि़ल्म इंडस्ट्रीज के कुछ लोगों से पहचान थी। एक बार जब वो गांव आई, तो उसने उमा देवी को निर्देशक नितिन बोस के सहायक जव्वाद हुसैन का पता दिया। वर्ष 1946 था और उमादेवी 23 बरस की थी। वे किसी तरह हिम्मत जुटाकर गांव से भागकर मुंबई आ गई। जव्वाद हुसैन ने उन्हें अपने घर पनाह दी। मुंबई में उमा देवी की दोस्ती अभिनेता और निर्देशक अरूण आहूजा और उनकी पत्नी गायिका निर्मला देवी से हुई, जो मशहूर अभिनेता गोविंदा के माता-पिता थे। इस दंपत्ति ने उमा देवी का परिचय कई प्रोड्यूसर और डायरेक्टर से करवाया। उस समय तक अख्तर अब्बास काज़ी साहब भी मुंबई आ गए थे। 1947 में उमा देवी और काज़ी साहब ने शादी कर ली।उसके बाद उमा देवी काम की तलाश करने लगी। उन्हें कहीं से पता चला कि डायरेक्टर अब्दुल रशीद करदार फि़ल्म दर्द बना रहे हैं. वे उनके स्टूडियो पहुंचकर उनके सामने खड़े हो गई। उन्होंने पहले कभी करदार साहब को नहीं देखा था। बेबाक तो वो बचपन से ही थी, उनसे ही सीधे पूछ बैठी, करदार साहब कहां मिलेंगे? मुझे उनकी फि़ल्म में गाना गाना है। शायद उनका ये बेबाक अंदाज़ करदार साहब को पसंद आ गया, इसलिए बिना देर किये उन्होंने संगीतकार नौशाद के सहायक गुलाम मोहम्मद को बुलाकर उमा देवी का टेस्ट लेने को कह दिया। उस टेस्ट में उमादेवी ने फिल्म जीनत में नूरजहां द्वारा गाया गीत आँधियां गम की यूं चली गाया। हालांकि उमा देवी एक प्रशिक्षित गायिका नहीं थी, लेकिन रेडियो पर गाने सुनकर और उन्हें दोहराकर वे अच्छा गाने लगी थी। बरहलाल, उनका गया गाना सबको पसंद आया और वो 500 रुपये की पगार पर नौकरी पर रख ली गई।जब उमा देवी की मुलाक़ात नौशाद से हुई, तो उनसे भी बेबकीपूर्ण अंदाज़ में उन्होंने कह दिया कि उन्हें अपनी फि़ल्म में गाना गाने का मौका दें, नहीं तो वे उनके घर के सामने समुद्र में डूबकर अपनी जान दे देंगी। नौशाद साहब भी उनकी बेबाकी पर हैरान थे। खैर, उन्होंने उमा देवी को गाने मौका दिया और दर्द फिल्म का गीत अफ़साना लिख रही हूं ...उनसे गवाया। यह गीत बहुत हिट हुआ और आज तक लोगों की ज़ेहन में बसा हुआ है। उस फि़ल्म के अन्य गीत आज मची है धूम, ये कौन चला, बेताब है दिल .. भी लोगों को बहुत पसंद आये।फिर क्या था , उमा देवी की गायिका के रूप में गाड़ी चल पड़ी। कई फि़ल्मी गीतों को उन्होंने अपनी सुरीली आवाज़ से सजाया। 1947 में ही बनी फि़ल्म नाटक में उन्हें गाने का मौका मिला और उन्होंने गीत दिलवाले जल कर मर ही जाना गाया। फिर 1948 की फि़ल्म अनोखी अदा में दो सोलो गीत काहे जिया डोले हो कहा नहीं जाए, दिल को लगा के हमने कुछ भी न पाया और फि़ल्म चांदनी रात में शीर्षक गीत'चांदनी रात है, हाय क्या बात है, में भी उन्होंने अपनी आवाज़ दी। उमादेवी को गाने के मौके मिलते रहे और वो गाती रहीं। उन्होंने कई फि़ल्मों में गाने गए। उनके द्वारा गाये गए गीत लगभग 45 के आस-पास हैं।बच्चों के जन्म के साथ उनकी पारिवारिक जि़म्मेदारियां बढ़ रही थी। साथ ही लता मंगेशकर , आशा भोंसले जैसी संगीत की विधिवत् शिक्षा प्राप्त गायिकाओं का भी बॉलीवुड फि़ल्म इंडस्ट्रीज में पदार्पण हो चुका था। उमादेवी ने गायन का प्रशिक्षण नहीं लिया था। इसलिए धीरे-धीरे उनका गायन का काम सिमटता गया और एक दिन वह अपना गायन करिअर छोड़कर पूरी तरह अपने परिवार में रम गई। परिवार चलाना मुश्किल हुआ तो उमादेवी ने फिर से फि़ल्मों में काम करने का मन बनाया।वे अपने गुरू नौशाद साहब से मिली। उमादेवी फिर से फि़ल्मों में गाना चाहती थीं, लेकिन समय आगे निकल चुका था। स्थिति को देखते हुए नौशाद साहब ने उन्हें कहा, तुम अभिनय में हाथ क्यों नहीं आजमाती? उमादेवी ने अपने बेबाक अंदाज़ में उन्होंने कह दिया, मैं एक्टिंग करूंगी, लेकिन दिलीप कुमार के साथ। दिलीप कुमार उस समय के सुपरस्टार थे। इसलिए उमादेवी की बात सुनकर नौशाद साहब हंस पड़े, लेकिन इसे किस्मत ही कहा जाए कि अपने अभिनय करिअर की शुरूआत उमादेवी ने दिलीप कुमार के साथ ही की। फिल्म थी - बाबुल जिसमें हिरोइन थीं - नर्गिस। उस वक्त उमा देवी का वजन काफी बढ़ गया था। दिलीप कुमार ने ही मोटी उमा को देखकर टुनटुन नाम दिया और यह नाम हमेशा के लिए उनके साथ जुड़ गया। फि़ल्म रिलीज़ हुई और छोटे से रोल में भी उनका अभिनय काफ़ी सराहा गय। उसके बाद आई मशहूर निर्माता-निर्देशक और अभिनेता गुरु दत्त की फि़ल्म मिस्टर एंड मिस 55 में उन्होंने अपने अभिनय के वे जौहर दिखाए कि हर कोई उनका कायल हो गया.बाद में टुनटुन की ख्याति इतनी बढ़ गई थी कि फि़ल्मकार उनके लिए अपनी फि़ल्म में विशेष रूप से रोल लिखवाया करते थे और टुनटुन भी हर रोल को अपने शानदार अभिनय से यादगार बना देती थीं। 70 के दशक के बाद उन्होंने फि़ल्मों में काम करना कम कर दिया और अधिकांश समय अपने परिवार के साथ गुजारने लगी। उनकी अंतिम फिल्म 1990 में आई कसम धंधे की थी। 24 नवंबर 2003 में उन्होंने इस दुनिया से विदा ली, लेकिन आज भी वे हिन्दी फिल्मों की पहली और सबसे सफ़ल महिला कॉमेडियन के रूप में याद की जाती हैं।
- जन्मदिन विशेष-9 जुलाईआलेख प्रशांत शर्मामुंबई। हिंदी सिनेमा जगत के बेहतरीन अभिनेता संजीव कुमार आज जिंदा होते तो वे अपना 82 वां जन्मदिन मना रहे होते। साथ ही फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से लोगों को प्रभावित कर रहे होतेेे। लेकिन मात्र 47 साल की उम्र में वे इस दुनिया से रुखसत हो गए। उन्होंने हर तरह की फिल्में कीं। सबसे ज्यादा जया भादुड़ी के साथ उन्हें पसंद किया। जया फिल्म इंडस्ट्री की वो एकमात्र एक्ट्रेस हैं, जो संजीव कुमार की प्रेमिका बनी, बेटी बनी और फिर बहू के रूप में भी नजर आईं। फिल्म कोशिश में संजीव और जया के अभिनय को खूब सराहना मिली थी।9 जुलाई 1938 को संजीव कुमार का जन्म सूरत में हुआ था। उनका असली नाम हरिहर जेठालाल जरीवाला था और उनके करीबी उन्हें प्यार से हरी भाई कहकर बुलाते थे। इंडस्ट्री की रवायत थी असल जिंदगी के नाम को भुलाकर पर्दे पर नए चमकते हुए नाम को बनाना और ऐसे ही सिनेमा में आने के बाद हरिहर जेठालाल दुनिया के लिए बन गए संजीव कुमार।घर खरीदने का सपना पूरा नहीं हो पायासंजीव कुमार के दौर की बात हो तो अंजू महेन्द्रू का नाम सुनाई दे ही जाता है। राजेश खन्ना से लेकर संजीव कुमार तक अंजू की करीबियां रही हैं। संजीव अंजू को मुंहबोली बहन मानते थे। एक दफा अंजू महेन्द्र ने बीबीसी से बात करते हुए कहा था कि संजीव कुमार की एक इच्छा मरते समय तक भी पूरी नहीं हो सकी थी। दरअसल संजीव कुमार मुंबई में अपना एक बंगला खरीदना चाहते थे। जब उन्हें कोई बंगला पसंद आता और उसके लिए पैसे जुटाते तब तक उसके भाव बढ़ जाते। यह सिलसिला कई सालों तक चला। अंजू ने इस इंटरव्यू में कहा था- जब पैसा जमा हुआ, घर पसंद आया तो पता चला की वह प्रॉपर्टी कानूनी पचड़े में फंसी है। मामला सुलझे उससे पहले वह चल बसे। तो ऐसे रुपये होने के बावजूद संजीव कुमार मुंबई में अपने खुद के घर का सपना कभी पूरा ही नहीं कर सके।बहुत शक्की थे संजीव कुमारपर्दे पर अक्सर गंभीर किरदार निभाने वाले संजीव कुमार असल जिदंगी में भी संजीदा ही थे। इसी इंटरव्यू में अंजू महेन्द्रू ने संजीव कुमार को लेकर कई दिलचस्प बातें भी साझा की। उन्होंने कहा था- जिन महिलाओं के साथ भी उनका अफेयर रहा उन पर संजीव बहुत शक किया करते थे। उन्हें लगता था कि वे उन्हें नहीं उनके पैसों को चाहती हैं। इसी धारणा के चलते उनकी शादी नहीं हो पाई। संजीव कुमार हेमामालिनी से बेतहाशा प्यार करते थे। वहीं सुलक्षणा पंडित उनके प्यार में पागल थी। संजीव कुमार के ठुकराए जाने के बाद सुलक्षणा डिप्रेशन में चली गईं और उनका कॅरिअर खत्म हो गया। .मौत का लगा रहता था डरएक दिलचस्प बात यह भी है कि संजीव कुमार को हमेशा एक फिक्र यह भी रहती थी कि उनके परिवार में अधिकतर पुरुषों की मौत 50 की उम्र से पहले ही हुई थी। संजीव के छोटे भाई की मृत्यु भी कम उम्र में होने से उनके मन में यह बात और गहरे से बैठ गई। संजीव अक्सर अपने करीबियों से कहते थे कि वह भी जल्दी चले जाएंगे और नियति का खेल देखिए हुआ भी कुछ ऐसा ही और 6 नवंबर 1985 को 47 साल की उम्र में वह भी चल बसे।मौत के बाद रिलीज हुईं फिल्मेंसंजीव कुमार की मौत के बाद 10 फिल्में रिलीज हुई थीं। इनमें से अधिकांश फिल्मों की शूटिंग बाकी रह गई थी। कहानी में फेरबदल कर इन्हें प्रदर्शित किया गया था। 1993 में उनकी अंतिम फिल्म प्रोफेसर की पड़ोसन प्रदर्शित हुई। इसके अलावा कातिल (1986), हाथों की लकीरें (1986), बात बन जाए (1986), कांच की दीवार (1986), लव एंड गॉड (1986), राही (1986) दो वक्त की रोटी (1988), नामुमकिन (1988), ऊंच नीच बीच (1989) फिल्में उनकी मौत के बाद रिलीज हुई थीं।हम हिन्दुस्तानी फिल्म से शुरू किया संजीव ने फिल्मी सफरसंजीव कुमार ने अपने फिल्मी सफर के दौरान कई यादगार भूमिकाएं निभाई थी। उन्होंने 1960 में आई फिल्म हम हिन्दुस्तानी से फिल्मी सफर शुरू किया था। उन्होंने अनुभव (1971), सीता और गीता (1972), कोशिश (1972), अनामिका (1973), नया दिन नई रात (1974), आंधी (1975), शोल (1975), मौसम (1975), उलझन (1975), नौकर (1979), सिलसिला (1981) सहित कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। (छत्तीसगढ़आजडॉट विशेष)
- मुंबई। बॉलीवुड गलियारे में अभिनेता शाहिद कपूर और निर्देशक-कोरियोग्राफर अहमद खान की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से दोनों के बीच आई दूरी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई थी. अब इस कथित अनबन पर खुद अहमद खान ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. एक हालिया इंटरव्यू में अहमद खान ने शाहिद कपूर के साथ अपनी तीन दशक पुरानी बचपन की दोस्ती, साल 2015 में हुए विवाद के पीछे की असल वजह और भविष्य में दोबारा साथ काम करने की संभावनाओं पर बेहद खुलकर और बेबाकी से अपनी बात रखी है.अहमद खान ने कहा, "मेरा मतलब है कि अब हम उतना नहीं मिलते हैं. हम दोनों बचपन के दोस्त हैं। जब मैं 11 साल का था और वह महज 7 साल का था, तब हमारी दोस्ती हुई थी. इस तरह हमारा रिश्ता करीब 30 साल पुराना है." फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध और व्यस्त जीवनशैली का जिक्र करते हुए अहमद ने आगे कहा, "लेकिन यह काम ही ऐसा है ना कि इसमें कई नए दोस्त आते हैं.आप इस क्षेत्र में इतने नए लोगों से दोस्ती कर लेते हैं कि आप भूल जाते हैं कि आपके असली दोस्त कौन हैं. अब हमारी लाइफस्टाइल भी पूरी तरह बदल चुकी है."एक समय बेहद करीबी रहे इन दोनों दोस्तों के बीच दरार आने की खबरें पहली बार साल 2015 में खुलकर सामने आई थीं. बैकग्राउंड की बात करें तो उस दौरान अहमद खान को वर्टिगो (चक्कर आने की गंभीर बीमारी) के अटैक के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था, लेकिन शाहिद कपूर एक बार भी उनका हालचाल जानने अस्पताल नहीं पहुंचे.दूसरी तरफ, इसी बात से नाराज होकर अहमद खान भी जुलाई 2015 में मीरा राजपूत के साथ हुई शाहिद कपूर की शादी में शामिल नहीं हुए थे, जबकि उन्हें आमंत्रित भी नहीं किया गया था. उस समय अहमद ने कहा था कि हमारे बीच कुछ मतभेद लंबे समय से सुलग रहे थे, जो अचानक बाहर आ गए. शुरुआती दिनों में शाहिद कपूर के करियर को संवारने में अहमद खान का बहुत बड़ा योगदान रहा था. उन्होंने ही साल 1999 में आए बैंड 'आर्यन्स' के सुपरहिट डेब्यू म्यूजिक वीडियो "आँखों में तेरा ही चेहरा" में शाहिद को कोरियोग्राफ किया था. इसके बाद शाहिद की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म 'इश्क विश्क' (2003) के गानों की कोरियोग्राफी भी अहमद ने ही की थी. आगे चलकर अहमद खान ने शाहिद को मुख्य अभिनेता के रूप में लेकर फिल्म 'फूल एंड फाइनल' (2007) का निर्देशन किया और साल 2010 में फिल्म 'पाठशाला' का निर्माण (प्रोड्यूस) किया, जिसमें शाहिद ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.शाहिद कपूर के साथ भविष्य में दोबारा काम करने के सवाल पर अहमद खान ने सकारात्मक रुख दिखाया, लेकिन साथ ही व्यावहारिक विसंगतियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में शाहिद फिल्मों के एक खास खाके (टेम्पलेट) का पालन कर रहे हैं, जैसी फिल्में वे करना चाहते हैं. दूसरी ओर, मैं उस तरह का सिनेमा बना रहा हूं जो मुझे पसंद है."दोनों के दोबारा साथ आने की शर्तों को स्पष्ट करते हुए अहमद ने कहा, "हम तब दोबारा साथ काम करेंगे जब हमारी रचनात्मक सोच (सेंसिबिलिटी) एक जैसी होगी. जब हम दोनों एक ही तरह की फिल्में बनाने को लेकर सहमत होंगे, तो काम आसान हो जाएगा. मुझे पता है कि अगर मैं उस सही समय पर उनके पास कोई स्क्रिप्ट लेकर जाऊंगा, तो वह तुरंत इसके लिए तैयार हो जाएंगे. लेकिन फिलहाल, यह पचास-पचास (50-50) वाली स्थिति है."पेशेवर मोर्चे की बात करें तो अहमद खान इन दिनों अपनी निर्देशित मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' की सफलता का आनंद ले रहे हैं. वहीं, 45 वर्षीय शाहिद कपूर भी 'फर्जी' और 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया' जैसी हालिया सफलताओं के बाद अपनी आगामी फिल्मों 'देवा' और 'ओ रोमियो' की तैयारियों में व्यस्त हैं.
- नयी दिल्ली. आलिया भट्ट और शरवरी अभिनीत फिल्म 'अल्फा' ने रिलीज के पहले सप्ताहांत में दुनियाभर के सिनेमाघरों की टिकट खिड़की पर 57.60 करोड़ रुपये की कमाई की। निर्माताओं ने सोमवार को यह जानकारी दी। शिव रवैल के निर्देशन में बनी और यशराज फिल्म्स (वाईआरएफ) द्वारा निर्मित "अल्फा", इस स्टूडियो की जासूसी कहानियों पर आधारित फिल्मों की श्रृंखला की पहली ऐसी फिल्म है जिसमें मुख्य भूमिकाएं महिला कलाकारों ने निभाई हैं। निर्माताओं ने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर पोस्ट साझा कर फिल्म की कमाई के आंकड़े जारी किए।पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'अल्फा' के हमारे दर्शकों के लिए 'अल्फा-प्यार'। एक्शन, संगीत और रोमांच से भरपूर 'अल्फा' सिनेमाघरों में देखिए। अपने टिकट अभी बुक करें।'' यह फिल्म दो विशिष्ट खुफिया एजेंटों की कहानी पर आधारित है, जिनके किरदार आलिया भट्ट और शरवरी ने निभाए हैं। फिल्म में ये दोनों एजेंट एक खतरनाक दुश्मन (बॉबी देओल का किरदार) का मुकाबला करने के लिए एक बड़े अभियान पर निकलती हैं। फिल्म में अनिल कपूर भी एक महत्वपूर्ण भूमिका में हैं, जबकि ऋतिक रोशन विशेष भूमिका में जासूस कबीर धारीवाल के अपने किरदार को दोहराते नजर आए हैं। "अल्फा" यशराज फिल्म्स की जासूसी कहानियों पर आधारित फिल्मों की श्रृंखला की नवीनतम फिल्म है, जिसमें इससे पहले "एक था टाइगर", "टाइगर जिंदा है", "वॉर", "पठान", "टाइगर 3" और "वॉर 2" जैसी फिल्में शामिल हैं। यह फिल्म शुक्रवार को देश भर के सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज हुई।
- नयी दिल्ली. ।बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने उन प्रशंसकों के प्रति आभार जताया जो मुंबई में भारी बारिश के बावजूद उनकी एक झलक पाने के लिए उनके आवास 'जलसा' के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद भावुक करने वाला क्षण है। अमिताभ बच्चन पांच दशक से भी अधिक समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। वह हर रविवार अपने आवास के बाहर आकर अपने प्रशंसकों से मुलाकात करते हैं, जो उनकी एक झलक पाने के लिए वहां इकट्ठा होते हैं। अभिनेता यह वर्षों से करते आ रहे हैं। अभिनेता ने सोमवार को अपने व्यक्तिगत ब्लॉग पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा कर कहा कि उनके प्रशंसक खराब मौसम में भी चाहे बारिश हो या सर्दी, उनके आवास के पास आते हैं। इस समय मुंबई में मानसून की स्थिति गंभीर बनी हुई है।तस्वीरों में अभिनेता अपने प्रशंसकों का अभिवादन करते नजर आए। उन्होंने लिखा, " हाथ हिलाना, नमस्कार करना, ऑटोग्राफ देना… और वे आते हैं, इंतजार करते हैं और फिर चले जाते हैं… मैं हमेशा उनका सम्मान करता हूं। चाहे बारिश हो, धूप हो या सर्दी, वे मौसम की परवाह किए बिना आते हैं और वही उत्साह बनाए रखते हैं… यह मेरे लिए बेहद भावुक करने वाला है।" बच्चन फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' के अगले भाग और 'सेक्शन 84' में नजर आएंगे, जिसमें वह डायना पेंटी और निमरत कौर के साथ दिखाई देंगे।
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मुंबई/ अभिनेता आमिर खान रविवार को यहां अपने निवास पर आयोजित एक निजी समारोह में गौरी स्प्रैट के साथ विवाह बंधन में बंध गए। इस दौरान परिवार के करीबी सदस्य और फिल्म उद्योग से जुड़े उनके मित्र मौजूद रहे। मुंबई में भारी बारिश के बावजूद विवाह समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार हुआ। इस अवसर पर 'लगान' के निर्देशक आशुतोष गोवारिकर, हास्य कलाकार एवं अभिनेता वीर दास, क्रिकेटर इरफान पठान और उद्योगपति मुकेश अंबानी सहित फिल्म उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों से जुड़े आमिर के करीबी मित्र उपस्थित रहे। अभिनेता की टीम द्वारा साझा की गई तस्वीरों के अनुसार, आमिर खान परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में गौरी स्प्रैट के साथ विवाह संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते नजर आए। एक तस्वीर में गौरी का बेटा इस जोड़े के बीच बैठा दिखाई दे रहा है, जबकि आमिर का बेटा आजाद अभिनेता के पास बैठा नजर आ रहा है। आमिर खान का यह तीसरा विवाह है। इससे पहले उन्होंने फिल्म निर्माता रीना दत्ता से विवाह किया था और दोनों 1986 से 2002 तक साथ रहे थे। उनके दो बच्चे, जुनैद और इरा खान हैं। इसके बाद अभिनेता ने 2005 में फिल्म निर्माता किरण राव से विवाह किया था। दोनों 2021 में अलग हो गए, हालांकि वे अपने बेटे आजाद की मिलकर परवरिश कर रहे हैं। बेंगलुरु की रहने वाली गौरी सौंदर्य एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी हैं और पहले विवाह से उनका एक बेटा है।
- मुंबई। आलिया भट्ट और शरवरी अभिनीत फिल्म "अल्फा" ने अपने प्रदर्शन के पहले दिन दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 17.42 करोड़ रुपये की कमाई की है। निर्माताओं ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए फिल्म की कमाई के आंकड़े साझा किए। इस पोस्ट में फिल्म का एक पोस्टर साझा किया गया है, जिस पर बॉक्स ऑफिस के आंकड़े लिखे हुए हैं। इस पोस्ट के साथ लिखे संदेश में कहा गया है, "'अल्फा' दुनिया भर में दिल जीत रही है। पहले दिन की वैश्विक सकल कमाई 17.42 करोड़ रुपये।" निर्माताओं के अनुसार, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 11.20 करोड़ रुपये (सकल) और विदेशों में 6.22 करोड़ रुपये की कमाई की है। शिव रवैल के निर्देशन में बनी और यशराज फिल्म्स (वाईआरएफ) के द्वारा निर्मित "अल्फा", इस स्टूडियो की जासूसी कहानियों पर आधारित फिल्मों की श्रृंखला की पहली ऐसी फिल्म है जिसमें मुख्य भूमिकाएं महिला कलाकारों ने निभाई हैं। यह फिल्म दो विशिष्ट खुफिया एजेंटों की कहानी पर आधारित है, जिनके किरदार आलिया भट्ट और शरवरी ने निभाए हैं। फिल्म में ये दोनों एजेंट बॉबी देओल द्वारा निभाए गए एक खतरनाक दुश्मन का मुकाबला करने के लिए एक बड़े अभियान पर निकलती हैं। फिल्म में अनिल कपूर भी एक महत्वपूर्ण भूमिका में हैं, जबकि ऋतिक रोशन विशेष भूमिका में जासूस कबीर धारीवाल के अपने किरदार को दोहराते नजर आए हैं। "अल्फा" यशराज फिल्म्स की जासूसी कहानियों पर आधारित फिल्मों की श्रृंखला की नवीनतम फिल्म है, जिसमें इससे पहले "एक था टाइगर", "टाइगर जिंदा है", "वॉर", "पठान", "टाइगर 3" और "वॉर 2" जैसी फिल्में शामिल हैं। यह फिल्म शुक्रवार को देश भर के सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज हुई।
- मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी के करियर की सबसे बेहतरीन और कल्ट फिल्मों में शुमार 'आवारापन' के सीक्वल का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. सोमवार, 29 जून को मेकर्स ने प्रशंसकों को बड़ा सरप्राइज देते हुए 'आवारापन 2' का पहला आधिकारिक टीज़र रिलीज कर दिया है. यह टीजर ठीक उसी तारीख को रिलीज किया गया है, जिस दिन 19 साल पहले (29 जून 2007) इस फिल्म का पहला भाग सिनेमाघरों में आया था. विशेष फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़े पर्दे पर दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है.रिलीज हुआ 1 मिनट से अधिक का यह टीज़र पुरानी यादों को ताजा कर देता है. टीज़र की शुरुआत इमरान हाशमी के एक रेगिस्तानी इलाके में बाइक चलाने से होती है, जिसमें बैकग्राउंड में भारी आवाज में संवाद सुनाई देता है— "कुछ लोगों की कहानियां उनकी मर्जी से खत्म नहीं होतीं, उनकी कहानी दूसरों के लिए लिखी जाती है।" इसके तुरंत बाद बैकग्राउंड में फिल्म का आइकोनिक गाना 'तो फिर आओ' (Toh Phir Aao) का नया वर्जन गूंजने लगता है.टीजर में दिखाया गया है कि शिवम अपनी मृत प्रेमिका आलिहा हामिद (श्रिया सरन) की कब्र पर गुलाब का फूल चढ़ाने जाता है. वह याद करता है कि कैसे पहले भाग के अंत में उसे गोली मार दी गई थी, लेकिन एक बौद्ध भिक्षु ने उसे बचा लिया था. अब वह अपनी मौत को चुनौती देते हुए इस दर्द को हमेशा के लिए खत्म करने निकला है. इमरान हाशमी टीज़र में अपना प्रसिद्ध डायलॉग दोहराते हैं, "दर्द से पुराना रिश्ता है मेरा... इस बार या तो यह आवारापन खत्म होगा, या मैं."नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में कई नए चेहरे शामिल किए गए हैं. टीजर में बॉलीवुड की ग्लैम डॉल दिशा पटानी की एक बेहद महत्वपूर्ण झलक दिखाई गई है, जो फिल्म में फीमेल लीड का किरदार निभा रही हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी भी इस फिल्म का हिस्सा हैं और वे अपने करियर में पहली बार एक खूंखार विलेन के रूप में स्क्रीन पर नजर आने वाली हैं. फिल्म की कहानी बिलाल सिद्दीकी ने लिखी है, जो शिवम के अतीत और वर्तमान के संघर्षों, उसके बदले और मोक्ष ( की यात्रा को और गहराई से दिखाएगी. राजस्थान और दक्षिण-पूर्व एशिया की खूबसूरत लोकेशंस पर इस फिल्म की शूटिंग पूरी की जा चुकी है.
- मुंबई। टीवी इंडस्ट्री के पसंदीदा कप्लस में से एक जैस्मिन भसीन और अली गोनी के लिए इस साल का बर्थडे ट्रिप काफी तनावपूर्ण साबित हो रहा है. अभिनेत्री जैस्मिन भसीन अपने जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए बॉयफ्रेंड अली गोनी के साथ दुबई गई थीं, लेकिन वहां अचानक एक गंभीर संक्रमण (की चपेट में आने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. अली गोनी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर अस्पताल के कमरे से जैस्मिन की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए इस बात की जानकारी दी. उन्होंने एक बेहद भावुक पोस्ट लिखकर अपनी लेडीलव के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.अभिनेता अली गोनी ने इंस्टाग्राम पर जैस्मिन के साथ दो तस्वीरें और एक वीडियो पोस्ट किया है. पहली तस्वीर में अली अस्पताल के बेड पर लेटी जैस्मिन को गले लगाते हुए ढाढस बंधा रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में जैस्मिन व्हीलचेयर पर बैठी हुई नजर आ रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने एक छोटा वीडियो भी साझा किया है, जिसमें जैस्मिन बीमारी की हालत में भी हिम्मत जुटाकर अस्पताल के कमरे में ही अपना बर्थडे केक काटती दिख रही हैं.अली ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, "हैप्पी हैप्पी बर्थडे जैस्मिन. हम यहां तुम्हारा जन्मदिन मनाने आए थे, लेकिन जिंदगी की कुछ और ही योजनाएं थीं. जन्मदिन की खूबसूरत यादें बनाने की जगह, आज हम अस्पताल के कमरे में हैं. तुम्हें इस तरह तकलीफ में देखना इस पूरे सफर का सबसे मुश्किल हिस्सा रहा है. तुम्हें फिर से स्वस्थ और मुस्कुराते हुए देखने के लिए मैं किसी भी जश्न को छोड़ने को तैयार हूं." अली ने आगे लिखा कि अल्लाह तुम्हें अच्छी सेहत, खुशियां और कामयाबी दे, आज मेरे दिल में बस यही एक दुआ है. अली गोनी ने बताया कि जैस्मिन भसीन को उनके जन्मदिन पर अस्पताल में भर्ती कराया गयाअली गोनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक और विस्तृत हेल्थ अपडेट साझा किया. उन्होंने लिखा, "मैसेज और कॉल करने वाले सभी लोगों का प्यार और दुआओं के लिए शुक्रिया. जैस्मिन अचानक बहुत ज्यादा बीमार पड़ गईं और गंभीर संक्रमण के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. हमारे लिए पिछले कुछ दिन बेहद मुश्किल और भावुक कर देने वाले रहे हैं." अली ने प्रशंसकों से माफी मांगते हुए कहा कि वे फिलहाल किसी का फोन या मैसेज का जवाब नहीं दे पा रहे हैं, क्योंकि उनका पूरा ध्यान जैस्मिन की देखभाल पर है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैस्मिन को बेहतरीन मेडिकल केयर मिल रही है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं.इस बीच, सोशल मीडिया पर लगातार कपल की शादी को लेकर कयास लगाए जा रहे थे, जिस पर अली गोनी ने कुछ समय पहले ही तीखी प्रतिक्रिया दी थी. इंस्टाग्राम पर लोगों द्वारा लगातार शादी की तारीख पूछे जाने पर अली ने मजाकिया लेकिन सख्त लहजे में लिखा था, "जब शादी करनी होगी, मैं खुद सबको बता दूंगा. मेरे रिश्तेदार भी मेरे पीछे इतने नहीं पड़े हैं, जितना यहां इंस्टाग्राम पर लोग पड़े रहते हैं. अपना-अपना काम करो, खुश रहो और दूसरों को भी रहने दो."जैस्मिन भसीन और अली गोनी की मुलाकात साल 2018 में रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 9' के दौरान हुई थी, जहां दोनों अच्छे दोस्त बने थे. इसके बाद साल 2020 में 'बिग बॉस 14' के घर के भीतर दोनों को एक-दूसरे के लिए अपने प्यार का एहसास हुआ और तब से वे लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं.
- लॉस एंजिलिस। फिल्म 'माइकल' ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 97.75 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई कर ली है। इसी के साथ यह सर्वाधिक कमाई करने वाली 'बायोपिक' फिल्म बन गई है। इसने क्रिस्टोफर नोलन की ऑस्कर विजेता फिल्म 'ओपेनहाइमर' की कमाई को भी पीछे छोड़ दिया है।पॉप संगीत के बादशाह माइकल जैक्सन के जीवन पर आधारित इस फिल्म में उनके भतीजे जाफर जैक्सन ने मुख्य भूमिका निभाई है। यह फिल्म 24 अप्रैल को रिलीज हुई थी। 'ट्रेनिंग डे' और 'द इक्वलाइजर' फ्रेंचाइजी जैसी फिल्मों के लिए मशहूर एंटोनी फूक्वा ने 'माइकल' का निर्देशन किया है। मनोरंजन समाचार संस्था 'वैरायटी' के अनुसार, इस फिल्म ने क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'ओपेनहाइमर' की वैश्विक कमाई को पीछे छोड़ दिया है, जिसने दुनियाभर में 97.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई की थी। इसके साथ ही 'माइकल' सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 'म्यूजिकल बायोपिक' भी बन गई है।माइकल जैक्सन ने 'बिली जीन', 'बीट इट' और 'थ्रिलर' सहित कई बेहद लोकप्रिय गाने गाए हैं। वर्ष 2009 में लॉस एंजिलिस में 'प्रोपोफॉल' के अत्यधिक सेवन से हुई विषाक्तता के कारण उनका निधन हो गया था। उस समय उनकी उम्र 50 वर्ष थी। यह फिल्म माइकल जैक्सन के जीवन के सफर को दिखाती है।
- नयी दिल्ली/ अक्षय कुमार की फिल्म "वेलकम टू द जंगल" ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। इस फिल्म के निर्देशक अहमद खान हैं और इसे स्टार स्टूडियो18, बेस इंडस्ट्रीज ग्रुप, केप ऑफ गुड फिल्म्स और सीता फिल्म्स ने बनाया है। यह फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। निर्माताओं के अनुसार, फिल्म ने पहले दिन दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 27.60 करोड़ रुपये कमाए और अगले दिन 31.8 करोड़ रुपये की कमाई की। दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कुल कमाई 59.40 करोड़ हो गयी है। "वेलकम टू द जंगल", "वेलकम" (2007) और "वेलकम बैक" (2015) के बाद "वेलकम" फ्रैंचाइजी की तीसरी फिल्म है। इस फिल्म से अक्षय की फ्रैंचाइजी में वापसी हो रही है, वह "वेलकम बैक" में नहीं थे।

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