बीजापुर जिले में 50 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
बीजापुर । सुरक्षा बलों को बीजापुर जिले में बड़ी सफलता मिली है। । 68 लाख रुपए के इनामी 13 माओवादियों सहित कुल 50 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। जिसमें बटालियन नम्बर 01 सदस्य-01, पीएलजीए कंपनी नम्बर 02 सदस्य-04, कंपनी नम्बर 07 पार्टी सदस्य-01, कुतुल एरिया कमेटी, नेशनल पार्क एरिया कमेटी शमिल है। बीजापुर एसपी जितेन्द्र यादव ने नक्सलियों को मुख्यधारा में स्वागत करते हुए अन्य नक्सलियों को मुख्यधारा में जुडऩे की अपील की है।
सीआरपीएफ के डीआईजी देवेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि अंदरूनी क्षेत्रों में नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना के साथ शासन की विकासोन्मुखी कार्य सडक़ों का विस्तार, परिवहन की सुविधा, पानी, बिजली एवं शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजना ग्रामीणों तक पहुंचने लगी है। सुरक्षा बलों का ग्रामीणों के साथ हो रहे सकारात्मक संवाद, सामुदायिक पुलिसिंग के तहत् दी जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार प्रसार से माओवादी संगठन से मोहभंग हुआ है। समर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन नम्बर 01 सदस्य, कंपनी नम्बर 02 एवं 07 सदस्य, एसीएम, जनताना सरकार अध्यक्ष, केएएमएस अध्यक्ष, सीएनएम अध्यक्ष, मिलिशिया कमाण्डर, मिलिशिया डिप्टी कमांडर, मिलिशिया प्लाटून सदस्य, मिलिशिया सदस्य एवं सावनार, कोरचोली, कमलापुर आरपीसी के अन्य सदस्य है शामिल ।
वहीं बीजापुर एसपी जितेन्द्र यादव ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से अब तक माओवादी घटना में शामिल 153 माओवादी गिरफ्तार हुए, 157 माओवादियो ने आत्मसमर्पण किया एवं जिले में अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 83 माओवादी मारे गए है । वही आज रोनी परसिक ,रविन्द्र कारम ,राकेश कड़ती,बटालियन नं. 01 व 02 में पीएलजीए सदस्य इनाम 08 -08.00 लाख का इनामी है। छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति और नियद नेल्लानार योजना के कारण कई माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यह योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है । इस योजना के तहत, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जैसे कि पुनर्वास, रोजगार और शिक्षा । इसके अलावा, नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए भी राहत और पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने नक्सलियों से अपील की है कि वे सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों । बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकलें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों, जहाँ वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें। आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीतियों से प्रभावित होकर भारत के संविधान पर विश्वास रखते हुए उक्त माओवादियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया। आत्मसमर्पण करने पर इन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत् 25- 25 हजार रूपये नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।













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