महाराष्ट्र मंडल में महिला केंद्रों के वर्षभर के कार्यक्रम तय
कार्यकारिणी, सभी समितियों व महिला केंद्रों के पदाधिकारियों की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
पहली बार चार- चार महिला केंद्रों के समूह बने, जिनके माध्यम से होंगे तीज- त्योहारों के भव्य आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आगामी वर्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय ली गई है। चौबे कॉलोनी स्थित मंडल भवन के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आहूत बैठक में और भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें मुख्य रूप से चार-चार महिला केंद्रों को मिलाकर एक-एक समूह बनााया गया और वर्षभर होने वाले कार्यक्रमों को लाटरी सिस्टम से चारों समूहों के मध्य वितरित किया गया।
अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि एक अप्रैल 2023 को महाराष्ट्र मंडल के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करने के बाद अब सखी निवास (कामकाजी महिला वसती गृह) के प्रत्येक कमरे को लेट-बाथ से अटैच करने के बाद अब दिव्यांग बालिका विकास गृह के जर्जर हो चुके भवन को ध्वस्त कर नए सिरे से बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है, लेकिन इसमें कोई बाधा न आए इसके लिए न केवल महाराष्ट्र मंडल के सभासदों को, बल्कि शहर के दानदाताओं को भी मुक्त हस्त से आर्थिक मदद करने की आवश्यकता है। दिव्यांग बच्चियों के नए भवन में उन्हें ऐसी बहुत सी अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी, जो उन्हें अभी तय नहीं मिल पा रही थी।
सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि नए दिव्यांग बालिका विकास गृह में बुजुर्गों के डे केयर सेंटर को भी स्थापित करने की योजना है। इस योजना का नाम पहले ही आपुलकि (आत्मीय) योजना रखा गया है। इसमें ऐसे घरों के बुजुर्गों को यहां सशुल्क रखा जाएगा, जिनके यहां बाकी सदस्य सुबह अपने- अपने कार्यों से ऑफिस, स्कूल- कॉलेजों के लिए निकल जाते हें। शाम को परिवार के सदस्य अपने- अपने बुजुर्ग अभिभावक को आपुलकि केंद्र से लेकर घर लौटेंगे।
महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि बैठक में हमने 16 केंद्रों को मिलाकर चार समूह बनाएं हैं। समूह नंबर एक में वल्लभ नगर, सिविल लाइन, बूढ़ापारा, तात्यापारा और अमलीडीह महिला केंद्र को रखा गया है। इसी तरह समूह क्रमांक दो में रोहिणीपुरम, डंगनिया, चौबे कॉलोनी, सुंदर नगर, ग्रुप नंबर तीन में टाटीबंध, कोटा, सरोना और ग्रुप नंबर चार में शंकर नगर, अवंती विहार व देवेंद्र नगर, सडडू- मोवा महिला केंद्र रहेंगे।
विशाखा ने बताया कि चार ग्रुप बनाने के बाद हमने लॉटरी सिस्टम से सालभर होने वाले कार्यक्रमों को समूहों में बांटा। चार पर्चियां बनाई गईं और चारों ग्रुप के प्रतिनिधि को बुलाकर उसमें से एक चिट्ठी उठाने को कहा। ग्रुप नंबर एक ने संक्रांत की पर्ची निकाली। दूसरे ग्रुप ने महिला उत्सव की, तीसरे समूह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की और चौथे ग्रुप ने तीज महोत्सव की पर्ची निकाल कर इनके आयोजन की जिम्मेदारी ली।
उपाध्यक्ष गीता दलाल के अनुसार बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जैसे महाराष्ट्र मंडल में सदस्यता अभियान को गति देने, एक सभासद एक ही केंद्र का प्रतिनिधि करे दूसरे केंद्रों में दखलंदाजी न करे, महिला केंद्रों के आयोजनों में शामिल होने वाली महिलाएं अनिवार्य रूप से महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद हो, जिन परिवारों में 18 वर्ष से अधिक आयु के सदस्य अभी तक मंडल के सदस्य नहीं बने हैं, उन्हें तत्काल सभासद बनाया जाए, महाराष्ट्र मंडल में कार्यक्रम अथवा बैठक को देखते हुए कोई भी केंद्र अपने यहां किसी भी प्रकार की बैठक या कार्यक्रम का आयोजन न करे।











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