“आईआईएम रायपुर और नेशनल एससी–एसटी हब ने शुरू किया निःशुल्क बिज़नेस एक्सेलरेटर: उद्यमिता सशक्तिकरण की बड़ी पहल”
“छत्तीसगढ़ के एससी/एसटी उद्यमियों के लिए आईआईएम रायपुर का बड़ा कदम, पूरी तरह प्रायोजित बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम लॉन्च”
रायपुर। भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर (IIM, Raipur), जो देश में “बिल्डिंग बिज़नेस ओनर्स” की अपनी विशिष्ट पहचान के लिए जाना जाता है, ने भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के नेशनल एससी–एसटी हब के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और सूक्ष्म व छोटे व्यवसायों के लिए एक व्यापक बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम आरंभ किया है। यह कार्यक्रम उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार, रणनीतिक निर्णय क्षमता, वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल उपकरणों के उपयोग जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक एवं उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे वे जीविका-आधारित कारोबार से आगे बढ़कर दीर्घकालिक, विस्तारयोग्य और प्रतिस्पर्धी कारोबारी मॉडल विकसित कर सकें।
कार्यक्रम का ढांचा मिश्रित शिक्षण मॉडल पर आधारित है, जिसमें भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर परिसर में आयोजित कक्षाओं के साथ-साथ लाइव ऑनलाइन शिक्षण सत्र भी शामिल हैं। प्रतिभागियों को कुल 72 घंटे की संरचित ट्रेनिंग और 18 घंटे की व्यक्तिगत मेंटरशिप प्रदान की जाएगी। यह संपूर्ण प्रशिक्षण संस्थान के अनुभवी प्राध्यापकों, उद्योग विशेषज्ञों और सफल व्यवसाय मार्गदर्शकों द्वारा दिया जाएगा, ताकि उद्यमियों को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस दिशा और रणनीति विकसित करने में सहायता मिल सके।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अपने बिज़नेस मॉडल को और सुदृढ़ करने, संभावनाशील बाज़ारों की पहचान करने, वित्तीय निर्णयों को अधिक वैज्ञानिक बनाने तथा संचालन क्षमता बढ़ाने हेतु डिजिटल टूल्स का उपयोग सीखने का अवसर मिलेगा। एमएसएमई क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित केस अध्ययन, व्यावहारिक अभ्यास और व्यक्तिगत मेंटरशिप सत्र उनके लिए आगामी 90 से 180 दिनों की ठोस कार्य–योजना बनाने में सहायक होंगे।
कार्यक्रम उद्यमियों को नए बाज़ारों तक पहुंच, सरकारी खरीद प्रक्रिया की समझ और व्यवसायिक नेटवर्क विकसित करने का सुनहरा अवसर भी उपलब्ध कराता है। इससे प्रतिभागियों को व्यापार विस्तार, ग्राहक आधार बढ़ाने और नए अवसरों तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी।
भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के डायरेक्टर-इन-चार्ज प्रो. संजीव पराशर ने कहा कि यह बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों के लिए एक संरचित मार्ग प्रशस्त करता है, जिससे वे अपने व्यवसाय की मजबूत नींव तैयार कर आत्मविश्वास के साथ विस्तार कर सकें। उन्होंने कहा कि अनेक उद्यमों में पर्याप्त संभावनाएँ होती हैं, परंतु औपचारिक प्रबंधन प्रशिक्षण, सामरिक मार्गदर्शन और नेटवर्किंग के अभाव में उनका विकास बाधित होता है। नेशनल एससी–एसटी हब के सहयोग से विकसित यह पहल उद्यमियों को आज के प्रतिस्पर्धी एवं परिवर्तनशील व्यवसायिक वातावरण में सफलता के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रोग्राम के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक तथा 18 वर्ष या उससे अधिक आयु निर्धारित की गई है, साथ ही महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration) में “Trading” को मुख्य गतिविधि के रूप में दर्ज कराने वाले आवेदक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। कार्यक्रम की कुल शुल्क राशि ₹99,000 तथा लागू वस्तु एवं सेवा कर है, जिसे नेशनल एससी–एसटी हब पूर्ण रूप से प्रायोजित कर रहा है। प्रतिभागियों को केवल ₹7,500 (जीएसटी सहित) पंजीकरण शुल्क देना होगा, जिससे यह कार्यक्रम आर्थिक दृष्टि से अत्यंत सुलभ हो जाता है।
आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं, और कार्यक्रम की शुरुआत आगामी वर्ष के आरंभ में निर्धारित है। यह पहल भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर की समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों को भारत के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र में और अधिक सक्रिय रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसी क्रम में, भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर द्वारा आयोजित वार्षिक डीजीपी–आईजीपी सम्मेलन ने भी संस्थान की राष्ट्रीय महत्व की चर्चाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में भूमिका को मजबूत किया। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की उपस्थिति ने न केवल इस आयोजन के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि नवा रायपुर परिसर की रणनीतिक प्रासंगिकता और संस्थान की बढ़ती राष्ट्रीय भूमिका को भी दर्शाया।






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