संस्कृति मंत्री ने राष्ट्रपति के जगदलपुर आगमन और बस्तर पंडुम शुभारंभ की तैयारियों का जायजा लिया
रायपुर ।जगदलपुर में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के आगमन तथा बस्तर पंडुम कार्यक्रम की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर कार्यक्रम को भव्य बनाने पर जोर दिया। यह आयोजन न केवल आदिवासी जीवन शैली, परंपरा, कला और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है, बल्कि बस्तर की आत्मा, सांस्कृतिक चेतना और सामुदायिक जीवन का जीवंत प्रतिबिंब भी है।श्री राजेश अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रदर्शनियों की तैयारी और स्वागत समारोह की रूपरेखा पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि आदिवासी कलाकारों के प्रदर्शन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और पारंपरिक नृत्यों की प्राथमिकता सुनिश्चित की जाए, ताकि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर पूरे देश के समक्ष चमके। मंत्री महोदय ने कहा, "यह पंडुम आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और प्रचार का प्रमुख मंच बनेगा, तथा महामहिम राष्ट्रपति के आगमन से इसे नई पहचान मिलेगी।"बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदाय की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने वाला प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव है। तैयारियों में स्थानीय जनजातीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिसमें गोंड, मुरिया, हल्बा समेत विभिन्न आदिवासी समुदायों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।यह कार्यक्रम बस्तर क्षेत्र के विकास और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगा। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि महामहिम राष्ट्रपति का यह दौरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को राष्ट्रीय पटल पर लाने का सुनहरा अवसर है। हम सभी छत्तीसगढ़ वासी महामहिम राष्ट्रपति महोदया के स्वागत हेतु उत्साहित हैं। उनका यह आगमन न केवल बस्तर पंडुम को गौरवान्वित करेगा, बल्कि आदिवासी कल्याण और क्षेत्रीय विकास के लिए नई दिशा भी प्रदान करेगा।










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