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 राष्ट्रीय राजमार्ग पर घुमंतु पशुओं के प्रबंधन के लिए ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी - कलेक्टर

 - कलेक्टर ने चरवाहे की व्यवस्था और दुर्घटना रोकने के प्रभावी उपाय करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव  । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में मंंगलवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रमुख मार्गों पर घुमंतु पशुओं के प्रबंधन और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिव, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, पुलिस विभाग, नगरीय निकाय तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि सड़क पर पशुओं के विचरण से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम के साथ ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और ग्राम पंचायतों की सहभागिता से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने सभी सरपंच एवं सचिवों को अपने-अपने क्षेत्र में प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों को अपने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए चरवाहे की व्यवस्था करने कहा, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रमुख सड़कों पर विचरण करने वाले पशुओं को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। इसके लिए स्थानीय टेक्स संग्रहण तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों का नियमानुसार उपयोग करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह तक इस व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाएगी। जिन पंचायतों द्वारा पशु प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया जाएगा, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को विकास कार्यों के लिए प्रोत्साहन तथा बेहतर कार्य करने वाले सरपंचों को सम्मानित करने की बात भी कही।
पशु आश्रय स्थलों को सक्रिय कर पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान विकसित करें-
कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के पशु आश्रय स्थलों को सक्रिय करने पर जोर देते हुए कहा कि पशुओं के संरक्षण के साथ मानव-पशु टकराव को रोकना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव प्राप्त कर पशु आश्रय स्थलों में आवश्यक शेड, फेंसिंग, चारा एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क के आसपास उपलब्ध शासकीय भूमि का चिन्हांकन कर आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित पशु आश्रय स्थल विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभिन्न पंचायतों में उपलब्ध गौठानों की क्षमता तथा अतिरिक्त पशुओं को रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली गई।
कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग की पेट्रोलिंग टीम, पुलिस और ग्राम पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर पशुओं के पाए जाने की सूचना तत्काल संबंधित टीम तक पहुंचनी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इसके लिए सरपंच, सचिव, चरवाहे, जनपद पंचायत एवं राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम को समन्वित सूचना समूह से जोडऩे के निर्देश दिए गए। उन्होंने रात्रिकालीन पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाने के साथ दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी तथा उपलब्ध अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करने कहा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात पुलिस के अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सरपंच, सचिव तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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