दर्शकों को खूब पसंद आई 'रामायण', रणबीर कपूर और यश के अभिनय की जमकर हुई तारीफ
नयी दिल्ली. हिंदू पौराणिक महाकाव्य 'रामायण' पर आधारित भव्य फिल्म बृहस्पतिवार को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसे दर्शकों से ज्यादातर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलीं। दर्शकों ने फिल्म के शानदार दृश्यांकन और कलाकारों, विशेषकर रणबीर कपूर और यश, के अभिनय की जमकर सराहना की। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी यह फिल्म प्राचीन महाकाव्य पर आधारित दो भागों वाली सिनेमाई प्रस्तुति की पहली कड़ी है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में हैं। बड़े बजट की इस फिल्म को रिलीज के पहले दिन देशभर में 11,621 शो में दिखाया जा रहा है, जो इसकी व्यापक सिनेमाघर प्रस्तुति को दर्शाता है। दिन चढ़ने के साथ ही देशभर के सिनेमाघरों से फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई दर्शकों ने इसकी भव्यता, सिनेमैटोग्राफी, दृश्य प्रभावों (वीएफएक्स) और कलाकारों के अभिनय की तारीफ की। हालांकि, कुछ दर्शकों का मानना था कि कहानी कहने का अंदाज व संवाद और बेहतर हो सकते थे। मुंबई के अंधेरी स्थित फन रिपब्लिक में फिल्म का 3डी संस्करण देखने वाले एक दर्शक ने महाकाव्य को पर्दे पर पेश करने के फिल्म की टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि फिल्म में पात्रों को लेकर रचनात्मक टीम ने जो दृष्टिकोण अपनाया, उसे अंत तक बरकरार रखा गया है। दर्शक ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''वीएफएक्स, सीजीआई और सब कुछ बेहद भव्य है। फिल्म काफी वास्तविक लगती है। हमारी संस्कृति और इतिहास के अनुसार रामायण का सटीक चित्रण किया गया है। हर छोटी-बड़ी बात को दिखाया गया है और इस पर पूरी बारीकी से काम किया गया है।'' उन्होंने कहा, ''मुझे सबसे ज्यादा यही बात पसंद आई। पात्रों का चित्रण वास्तविक लगा। फिल्म निर्माताओं ने जो रचनात्मक फैसले लिये, उन पर वे पूरी फिल्म में कायम रहे।'' फिल्म में यश के अभिनय को विशेष रूप से सराहना मिली। कई दर्शकों ने कहा कि अभिनेता ने रावण के किरदार को पारंपरिक खलनायक की तरह पेश करने के बजाय उसमें कई भावनात्मक और जटिल पहलुओं को उभारा है। एक दर्शक ने कहा, ''रावण के रूप में यश शानदार हैं। रावण को लेकर मेरी जो कल्पना थी, वह उसी तरह के लगे। उन्होंने लंकेश या रावण को किसी पारंपरिक मुख्यधारा के खलनायक की तरह नहीं निभाया, बल्कि बेहद सहज और शानदार अभिनय किया।'' एक अन्य दर्शक ने यश के संवाद अदायगी के अंदाज और संस्कृत के इस्तेमाल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि अभिनेता ने इस किरदार को निभाने के लिए काफी मेहनत की है। भगवान राम की भूमिका में रणबीर कपूर के अभिनय को भी दर्शकों ने सराहा। एक दर्शक ने कहा कि अभिनेता ने फिल्म के पहले भाग में पूरे समय उन्हें बांधे रखा। उन्होंने कहा, ''जब राम की भूमिका की बारी आई, तो मुझे नहीं पता था कि रणबीर कपूर इसे किस तरह निभाएंगे, लेकिन उन्होंने मुझे पूरी तरह बांधे रखा। इसलिए फिल्म का पहला भाग पूरी तरह पैसा वसूल रहा।'' एक अन्य दर्शक ने फिल्म को 'शानदार' बताते हुए नितेश तिवारी के निर्देशन, पंकज कुमार और महेश लिमये की सिनेमैटोग्राफी तथा दृश्य प्रभावों की तारीफ की। उन्होंने कहा, ''मुझे फिल्म बहुत पसंद आई। खासतौर पर नितेश तिवारी का निर्देशन काबिल-ए-तारीफ है। फिल्म करीब सवा तीन घंटे की है, लेकिन एक पल के लिए भी आप बोर नहीं होंगे।'' दर्शक ने स्वीकार किया कि फिल्म की कहानी को स्थापित करने में शुरुआत में कुछ समय लगता है, लेकिन इसके भव्य दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। उन्होंने कहा, ''शुरुआत में कहानी को आगे बढ़ाने में थोड़ा समय लगता है। कुछ दृश्य कमजोर भी लग सकते हैं, लेकिन आप बोर नहीं होंगे। फिल्म का हर दृश्य आपको पसंद आएगा।'' हालांकि, एक दर्शक ने कहा कि 'रामायण' अपने बड़े बजट और भव्य पैमाने को लेकर बनी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने कहा, ''यह बड़े बजट की फिल्म है, इसलिए मुझे लगा था कि यह अच्छी होगी। लेकिन देखने के बाद निराशा हुई। फिल्म में कुछ खास नहीं है। मैंने इसे 3डी में देखा, इसलिए थोड़ा मनोरंजन जरूर मिला।'' उन्होंने फिल्म के निर्देशन और संवादों पर भी सवाल उठाए। दर्शक ने कहा, ''हमने 'रामायण' का जो धारावाहिक देखा था, वह बहुत अच्छा था और लंबे समय तक चला था। इस फिल्म में उसके एक प्रतिशत जितना भी अभिनय नहीं है।'' सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर ज्यादातर प्रतिक्रियाएं सकारात्मक रही हैं।









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