करहीभदर मवेशी बाजार पर प्रशासन की सख्ती, आगामी आदेश तक संचालन प्रतिबंधित
0- ’जांच में पशुओं के लिए छाया-पानी की कमी, परिवहन में क्रूरता और वित्तीय अनियमितताओं के मामले आए सामने’
बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने ग्राम करहीभदर में लगने वाले साप्ताहिक मवेशी बाजार के संचालन पर आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया है। पशुओं की सुरक्षा, पशु क्रूरता की शिकायतों और बाजार संचालन में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।
गौ-सेवा एवं गौरक्षा संगठनों द्वारा बाजार में पशुओं के अवैध परिवहन और उनके साथ क्रूरता किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
’जांच में सामने आईं कई गंभीर खामियां’
जांच के दौरान बाजार परिसर में मवेशियों को बांधने के लिए पर्याप्त शेड, छाया और पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं मिली। पशुओं के लिए जरूरी सुविधाओं का अभाव पशु कल्याण के नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2005 से 2023 के बीच इस बाजार से संबंधित मामलों में पशु क्रूरता और मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 50 अपराध पंजीबद्ध किए गए। इसके अलावा, वाहनों में मवेशियों को क्षमता से अधिक और ठूंस-ठूंसकर ले जाने की शिकायतें भी सामने आईं।
’बाजार की आय के अंकेक्षण के निर्देश’
बाजार की नीलामी से प्रतिवर्ष लाखों रुपए की आय होने के बावजूद पशुओं की सुविधाओं पर पर्याप्त राशि खर्च किए जाने को लेकर सवाल उठे हैं। जांच में वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद कलेक्टर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नीलामी से प्राप्त आय का जिला स्तरीय समिति के माध्यम से अंकेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
’बाजार संचालन पर प्रतिबंध, पुलिस रखेगी निगरानी’
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि न्यायालयीन आदेश के बिना करहीभदर में मवेशी बाजार का संचालन नहीं किया जाएगा। वहीं, क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक, बालोद को बाजार स्थल पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य पशुओं के प्रति क्रूरता रोकना, उनके सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करना तथा बाजार संचालन में नियमों और वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन कराना है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशु कल्याण और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
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