गंगा मैया मंदिर प्रांगण झलमला में ‘मिशन वात्सल्य’ एवं ‘मिशन शक्ति’ के तहत जागरूकता अभियान
0- 900 से अधिक श्रद्धालुओं को बाल अधिकार, बाल विवाह रोकथाम और महिला सुरक्षा के प्रति किया गया सजग
बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गंगा मैया मंदिर प्रांगण झलमला में 13 से 16 अक्टूबर तक चार दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजानंद साहू के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों एवं श्रद्धालुओं को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक व सजग बनाना रहा।
बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण पर हुआ सघन प्रचार-प्रसार
चार दिवसीय इस अभियान के दौरान मंदिर परिसर में पहुंचे 900 से अधिक श्रद्धालुओं व आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। विभागीय दल द्वारा बच्चों के बुनियादी अधिकारों, बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम, बाल श्रम उन्मूलन, पॉक्सो एक्ट तथा बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के दुव्र्यवहार से बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही महिलाओं व बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जनमानस को अवगत कराया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 के प्रभावी उपयोग की दी सीख
अभियान के दौरान ‘मिशन वात्सल्य’ के तहत बच्चों की देखरेख व संरक्षण तंत्र की जानकारी देते हुए आपातकालीन चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा ‘मिशन शक्ति’ के तहत महिलाओं की सहायता हेतु संचालित महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में बताया गया। श्रद्धालुओं को प्रेरित किया गया कि यदि समाज में कहीं भी बाल विवाह, बाल शोषण या महिलाओं के प्रति असुरक्षा की स्थिति दिखे, तो तत्काल इन हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देकर अपनी जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
पोस्टर एवं पाम्पलेट्स के माध्यम से दिया गया जागरूकता का संदेश
मंदिर प्रांगण में जागरूकता बैनर व पोस्टरों के माध्यम से सुरक्षित वातावरण निर्माण और बच्चों के सर्वांगीण विकास का संदेश प्रसारित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में महिलाओं और बेटियों को समान अवसर एवं सुरक्षित परिवेश प्रदान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
इस चार दिवसीय अभियान के सफल क्रियान्वयन में महिला एवं बाल विकास विभाग के आउटरीच वर्कर श्रीमती गुणवती सिरसाम, श्रीमती बसंती कतलाम एवं श्री अखिलेश कुमार की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने निरंतर उपस्थित रहकर श्रद्धालुओं के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया।












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