राजनांदगांव अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का पुराना एस्टोटर्फ भी बदलेगा
राजनांदगांव ।राजनांदगांव अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम की कायाकल्प होने वाली है। लगभग 10 वर्ष पुराने एस्ट्रोटर्फ को बदलने की तैयारी है। साथ ही वहां फ्लड लाइट भी लगाई जाएगी। इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने 8.5 करोड़ रुपये की कार्ययोजना राज्य शासन को भेज भी दी है। इसमें लगभग छह करोड़ टर्फ व शेष 2.5 करोड़ रुपये फ्ल़ लाइट के लिए है। हालांकि अभी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण इस पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं हुआ है। संभावना जताई जा रही है कि अगले माह इस पर शासन की स्वीकृति मिल सकती है।
स्थानीय विधायक डा. रमन सिंह के अंतिम मुख्यमंत्रित्व काल में वर्ष 2014 में गौरव पथ किनारे सर्वसुविधायुक्त अंतरराष्ट्रीय हाकी स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। उसी समय वहां एस्ट्रोटर्फ भी लगाया गया। जानकारों के अनुसार टर्फ की अधिकतम आयु सात वर्ष होती है। यहां का टर्फ् तो 10 वर्ष पुराना हो चुका है। इस कारण जगह-जगह फट चुका है। नियमित देखरेख के अभाव में यह और खराब हो गया। दो वर्ष से इसे बदलने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। तीन माह पहले अखिल भारतीय हाकी प्रतियोगिता के समापन व पुरस्कार वितरण में पहुंचे राज्य के खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने घोषणआ की थी कि टर्फ् बदलेगा। स्टेडियम में फ्लड लाइट भी लगाई जाएगी। इसके लिए उन्होंने खेल विभाग से प्राक्कल मांगा था। मई के पहले सप्ताह में इसे भेजा जा चुका है। चुंकि सरकार के बजट में भी स्टेडियम के जीर्णोद्धार का उल्लेख हाेने के कारण पूरी संभावना जताई जा रही है कि शीघ्र ही सरकार इसके लिए राशि की भी स्वीकृति दे सकती है।
फ्लड लाइट के लिए मांगे 3.5 करोड़
अंतरराष्ट्रीय हाकी स्टेडियम में फ्लड लाइट भी लगनी है। यह भी राज्य सरकार के बजट में शामिल है। खेल विभाग ने बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर व फ्लड लाइट के लिए कुल 2.5 करोड़ रुपये का प्राक्कलन शासन को भेज दिया है। बताया जा रहा है कि अगले माह फ्लड लाइट सप्लाई करने वाली निजी कंपनी सर्वे के लिए आएगी। सबकुछ अपेक्षित रहा तो बारिश के बाद स्टेडियम दुधिया रोशनी से जगमगाने लगेगा। उल्लेखनीय है कि फ्लड लाइट की आवश्यकता शुरू से महसूस की जा रही है। कांग्रेस के शासन काल में इसके लिए औपचारिक प्रयास तो हुए, लेकिन वह परिणाम तक पहुंच ही नहीं सका। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के उप संचालक ए. एक्का ने बताया कि टर्फ व फ्लड लाइठ, दोनों के लिए लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये की कार्ययोजना भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी कराई जएगी।



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