टीबी के हाई रिस्क मरीजों को जुलाई से लगेगा एडल्ट बीसीजी टीका
-जून माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं व मितानिनों को प्रशिक्षण दिया जाएगा
राजनांदगांव। टीबी के रोगियों को एडल्ट बीसीजी टीका लगाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। राजनांदगांव जिले में टीबी से पीड़ित लोगों की संख्या 491 हैं। जुलाई से टीकाकरण की शुरुआत हो जाएगी। इसके पहले जून माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं व मितानिनों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बता दें कि पहले चरण में 18 से 60 वर्ष के बीच के उन्हीं लोगों को यह टीका लगाया जाएगा, जो हाई रिस्क पर हैं। इसमें एसे व्यक्ति जो पहले टीबी के मरीज रहे हैं या टीबी मरीजों के साथ रहते हैं, हेल्थ केयर से जुड़े लोग, एचआइवी पाजिटिव मरीज शामिल हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि टीका क्षय रोग से लड़ने शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करेगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को बीसीजी टीका लगाना अनिवार्य है।
टीबी के रोगियों को एडल्ट बीसीजी टीका लगाने स्वास्थ्य विभाग ने पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। पहले चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और मितानिनों को प्रशिक्षण से गुजरना होगा। प्रशिक्षण के बाद सर्वे भी शुरू होगा। मितानिन घर-घर जाकर सर्वे करेगी। सर्वे रिपोर्ट सीधे स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंचेगी। इसके बाद टीकाकरण के लिए चिह्नांकित किया जाएगा। सबसे पहले 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगेगा।
चिकित्सकों ने बताया कि बीसीजी का टीका सात वर्ष से कम उम्र के बच्चों के बाएं हाथ में लगाया जाता था। टीबी मुक्त भारत अभियान के तत अब 18 वर्ष से अधिक उम्रके हाई रिस्क श्रेणही में आने वाले मरीजों के दाहिने हाथ में टीका लगाया जाएगा। इसके पहले डोर-टू-डोर सर्वे होगा। सर्वे के बाद टीकाकरण शुरू होगा। टीकाकरण निश्शुल्क रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव जिले में टीबी से पीड़ित रोगों की संख्या कम है। इसके चलते दूसरे चरण में राजनांदगांव के लोगों को बीसीजी टीका लगेगा। पहले चरण में उन जिलों का रखा गया है, जहां हजार से अधिक टीबी के मरीज हैं। पहले उन जिलों में टीकाकरण होगा, फिर राजनांदगांव में होगा।
टीबी आफिसर केशव कन्नौजे, ने बताया कि एडल्ट बीसीजी टीकाकरण के लिए प्लानिंग चल रही है। जिला व विकासखंड स्तर के चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। टीबी के हाई रिस्क मरीजों को पहले टीका लगाया जाएगा।

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