बस्तर गोंचा महापर्व में कल नेत्रोत्सव पूजा विधान, सात जुलाई को चलेगी तुपकी
जगदलपुर । 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज अपने 617 वर्षों से चली आ रही रियासतकालीन परम्परा का निर्वहन करते हुए प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी विगत 22 जून से आगामी 17 जुलाई तक बस्तर गोंचा महापर्व का आयोजन कर रही है।
360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष ईश्वर नाथ खम्बारी, गोंचा अध्यक्ष विवेक पांडे, सुदर्शन पाणिग्राही ने आज जगदलपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विगत 22 जून को देवस्नान पूर्णिमा (चंदन जात्रा) पूजा विधान के साथ बस्तर गोंचा महापर्व 2024 का आगाज हो चुका है, भगवान श्री श्री जगन्नाथ जी अनसर काल की समाप्ति के साथ कल 6 जुलाई को नेत्रोत्सव पूजा विधान उपरांत दिनांक 7 जुलाई को पारम्परिक बस्तर के तुपकी (तोप) के गर्जना के साथ श्रीगोंचा रथयात्रा पूजा विधान के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा व बलभद्र स्वामी के 22 विग्रहों को तीन रथों पर रथारूढ़ कर परिकमा उपरांत जनकपुरी सिरहासार भवन (गोंचा मण्डप) में विराजित किये जायेंगे, जहाँ अनवरत 9 दिनों तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। इस दौरान निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार दिनांक 08 से 15 जुलाई तक प्रत्येक दिवस समाज के द्वारा विविध धार्मिक/सांस्कृतिक अनुष्ठान की परम्परा के निर्वहन की व्यवस्था भी की गई है।
इस वर्ष श्री गोंचा रथयात्रा, हेरा पंचमी, छप्पन भोग एवं बाहुड़ा गोंचा रथयात्रा का शहर में लगे बड़े एल ई डी स्क्रीन के माध्यम से लाइव प्रसारण किया जावेगा। गोंचा महापर्व के दौरान प्रत्येक दिवस संध्या 7:30 बजे भगवान की महाआरती उपरांत भजन-कीर्तन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन होंगे, जिसमें स्थानीय एवं सांस्कृतिक मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों द्वारा भजन संध्या की प्रस्तुति होगी।








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