ट्रक की चपेट में आने से युवक की मौत, गुस्साये ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
- डोंगरगांव-राजनांदगांव मुख्य मार्ग करीब आठ घंटे तक जाम
राजनांदगांव। डोंगरगांव क्षेत्र के ग्राम सुखरी के आश्रित गांव झींका स्थित एक फैक्ट्री की पार्किंग में रिवर्स करते ट्रक की चपेट में आने से युवक ग्राम बरसनटोला निवासी अंशुल निषाद (17 वर्षीय) की मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साएं ग्रामीणों ने घटना स्थल पर हंगामा किया, पर जब वहां उनकी बातें नहीं सुनी गई तो आक्रोशित ग्रामीणों ने डोंगरगांव-राजनांदगांव मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीण देर शाम सड़क पर बैठकर बांस-बल्ली रखकर रोड जाम कर रखा था, जो सोमवार रात नौ बजे अधिकारियों की समझाइश के बाद खत्म हुआ। करीब आठ घंटे तक रोड जाम रहा। गुस्साएं ग्रामीणों को समझाइश देने डोंगरगांव एसडीओपी दिलीप सिंह सिसोदिया, निरीक्षक उपेंद्र शाह और एसडीएम मनोज मरकाम, तहसीलदार प्यारेलाल नाग, नायब तहसीलदार झरना सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाइश भी दी, पर ग्रामीण अड़े रहे। देर शाम को क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, पर ग्रामीणों ने किसी की नहीं सुनी। रात करीब नौ बजे ट्रक मालिक और प्रशासन से मुआवजा दिलाने के आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने आंदोलन खत्म किया।
पुलिस ने बताया कि ग्राम बरसन टोला निवासी अंशुल निषाद (17 वर्षीय) अपने बड़े पिता के झींका में होटल पर रहकर काम करता था। सुबह अंशुल होटल के लिए पानी लेकर आ रहा था, तभी पार्किंग में ट्रक चालक फैक्ट्री में जाने के लिए गाड़ी रिवर्स ले रहा था उसी बीच ट्रक के पीछे चपेट में आने से अंशुल की मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। गुस्साएं ग्रामीणों ने घटना के विरोध में हंगामा करते हुए डोंगरगांव-राजनांदगांव मुख्य मार्ग को जाम कर दिया था। देर शाम को आक्राेशित ग्रामीणों को समझाने के लिए भाजपा नेता दिनेश गांधी, रामकुमार गुप्ता, जनपद सदस्य रोहित सोनकर, सिद्धिक बड़गुजर व अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचे थे।
गुस्साएं ग्रामीणों ने दोपहर एक बजे से डोंगरगांव-राजनांदगांव मुख्य मार्ग को जाम किया था। इसके कारण दोनों रूट की गाड़ियों को डायवर्ट कराया गया। ग्रामीण सड़क पर बांस-बल्ली रखकर जमे थे। मोटर साइकिल चालकों को भी आने-जाने नहीं दिया। चक्काजाम के दौरान यात्री बस चालक पर भी ग्रामीणों ने गुस्सा उतारा जब बस चालक किनारे से जाने की तैयारी कर रहा था। बस को रूकवाकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। सड़क जाम के दौरान ग्रामीणों ने एंबुलेंस व स्कूली वाहनों को ही आने-जाने दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक अंशुल घर का इकलौता चिराग था। उसकी मौत पर ग्रामीणों ने मृतक परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजे देने की मांग की। रात करीब नौ बजे ग्रामीणों को समझाइश देकर मनाया गया। मृतक परिवार को ट्रक मालिक की ओर से 50 हजार रुपये और प्रशासन से 25 हजार रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण शांत हो गए। मुख्य मार्ग होने के कारण डोंगरगांव से राजनांदगांव की ओन आने-जाने वाली गाड़ियों को पुलिस ने अर्जुनी और बगदई के पास से डायवर्ट किया था। प्रदर्शन खत्म होने के बाद रोड को क्लीयर कराकर यातायात व्यवस्था बनाई।





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