जी20 के सदस्य समुद्री अर्थव्यवस्था, जिम्मेदार कृत्रिम मेधा पर करेंगे विचार-विमर्श
गुवाहाटी। भारत की जी20 अध्यक्षता में सदस्य देशों के प्रतिनिधि सोमवार से शुरू होने जा रही ‘सुप्रीम ऑडिट इंस्टीट्यूशंस-20 (एसएआई20)' की तीन दिवसीय बैठक में समुद्रों एवं महासागरों पर आधारित अर्थव्यवस्था (ब्लू इकोनॉमी) एवं जिम्मेदार कृत्रिम मेधा (एआई) विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत सोमवार को इस बैठक की मेजबानी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) करेंगे। एक विज्ञप्ति में बताया गया कि एसएआई20 कार्यक्रम में जी20 के सदस्य देश, आमंत्रित राष्ट्र तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मिस्र, इंडोनेशिया, ओमान, कोरिया, रूस, सऊदी अरब, तुर्किये तथा संयुक्त अरब अमीरात के एसएआई भी इसमें शामिल होंगे। कैग ने समुद्रों एवं महासागरों पर आधारित अर्थव्यवस्था तथा जिम्मेदार कृत्रिम मेधा जैसे दो प्राथमिक क्षेत्रों पर एसएआई20 के सरोकार समूह को सहयोग करने का प्रस्ताव दिया है। ब्लू इकोनॉमी के अंतर्गत ऐसी अर्थव्यवस्था आती है, जो प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से महासागरों व समुद्रों पर आधारित होती है। समुद्री अर्थव्यवस्था का मतलब है कि समुद्री संसाधनों का अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, आजीविका को बेहतर बनाने तथा रोजगार के लिए सूझबूझ से इस्तेमाल किया जाए, जिससे हमारी परिस्थितिकी भी संरक्षित और सुरक्षित रहे।



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