शिक्षा मंत्रालय, परख ने पाठ्यक्रम मानकों में सामंजस्य बनाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया
नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय मूल्यांकन नियामक ‘परख' ने सोमवार को देश भर में स्कूली मूल्यांकन, परीक्षा पद्धतियों और बोर्ड की समानता पर विचार-विमर्श के लिए पहली कार्यशाला का आयोजन किया। स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कार्यशाला में कहा, ‘‘भारत में वर्तमान में लगभग 60 स्कूल परीक्षा बोर्ड हैं जो विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य एक एकीकृत ढांचा स्थापित करना है जो विभिन्न बोर्ड या क्षेत्रों के बीच छात्रों के लिए निर्बाध बदलाव को सक्षम बनाता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसमें विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम मानकों, ग्रेडिंग प्रणाली और मूल्यांकन पद्धतियों में समानता लाना, विभिन्न बोर्ड के माध्यम से प्राप्त प्रमाणपत्रों और ग्रेड को मान्यता देना शामिल है।'' ‘परफॉर्मेंस एसेसमेंट, रिव्यू एंड एनालिसिस ऑफ नॉलेज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट' (परख) सभी मान्यता प्राप्त स्कूल बोर्ड के लिए छात्र मूल्यांकन के लिहाज से नियम, मानक और दिशानिर्देश तय करने का काम करेगा।





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