केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा है कि सरकार 2025-26 तक तापीय कोयले का आयात पूरी तरह बंद करने की दिशा में काम कर रही है
नई दिल्ली। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा है कि सरकार 2025-26 तक तापीय कोयले का आयात पूरी तरह बंद करने की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए नई कोयला खादानों की खोज और नीलामी की पारदर्शी प्रक्रिया का कार्य प्रगति पर है। वे आज आईआईटी बाम्बे में पहले खनन स्टार्टअप सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से देश इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस पहले खनन स्टार्ट-अप सम्मेलन में 82 स्टार्ट-अप और एक सौ 40 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयात पर निर्भरता से लागत बढती है और विदेशी व्यय में भी वृद्धि होती है।
पिछले नौ वर्षों में हुए विकास का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 में कोयला उत्पादन पांच सौ मिलियन टन था। आज भारत कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक और आयातक देश है। उन्होंने कहा कि भारत में विश्व का चौथा सबसे बड़ा कोयला भंडार है। इस साल कोयले का उत्पादन आठ सौ 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है।श्री प्रहलाद जोशी ने बताया कि 2014 में तीन सौ स्टार्ट-अप थे। पिछले नौ वर्षों में, यह संख्या बढकर एक लाख हो गई है। इन स्टार्ट-अप से नौ लाख नौकरियां सृजित हुई हैं। उन्होंने कहा कि टिकाऊ और अधिकतम खनन तकनीक समय की मांग है। इसके लिए स्टार्ट-अप तकनीक जरूरी है





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