देश ने मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का मन बना लिया है: अमित शाह
नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी लोकसभा चुनाव की तुलना रविवार को महाभारत के युद्ध से की और कहा कि जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) देश के विकास के लिए काम कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नीत ‘इंडिया' गठबंधन परिवारवादी पार्टियों और भ्रष्टाचारियों से भरा पड़ा है। भाजपा के दो दिवसीय अधिवेशन के आखिरी दिन ‘भाजपा: देश की आशा, विपक्ष की हताशा' प्रस्ताव पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने वंशवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देने के लिए विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन की कड़ी आलोचना की। शाह ने कहा, ‘‘जैसे महाभारत के युद्ध में दो खेमे थे... कौरव और पांडव थे, वैसे ही चुनाव से पहले अभी दो खेमे हैं।'' उन्होंने कहा कि इनमें से एक खेमा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा नीत राजग है और दूसरा कांग्रेस के नेतृत्व वाला ‘इंडिया' गठबंधन है। उन्होंने कहा, ‘‘‘इंडिया' गठबंधन सभी वंशवादी पार्टियों का गठबंधन है जो वंशवाद, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण की पोषक हैं जबकि भाजपा नीत राजग सभी दलों का गठबंधन है जो राष्ट्र के सिद्धांतों पर चलता है।'' शाह ने कहा कि देश के लोगों को यह तय करना होगा कि वे इस बार दोनों में से किसे जनादेश देना चाहते हैं।
उन्होंने इन (वंशवादी) पार्टियों को चलाने वाले परिवारों की दूसरी, तीसरी और चौथी पीढ़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि विपक्ष में ‘टू-जी', ‘थ्री-जी' और ‘फोर-जी' पार्टियों की भरमार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया है और वैश्विक स्तर पर देश का कद बढ़ाया है। शाह ने कहा कि लोगों के मन में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार सत्ता में लौटेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों की वंशवाद, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और जाति की राजनीति को समाप्त कर विकास की राजनीति को केंद्र में ला दिया। शाह ने देश की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री मोदी के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
उन्होंने सोनिया गांधी, शरद पवार, लालू प्रसाद और एम.के. स्टालिन एवं अन्य का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गरीबों और देश के विकास के बारे में सोचते हैं जबकि ‘इंडिया' गठबंधन के नेता अपनी संतान को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनाने के बारे में सोचते हैं। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों के शासन के दौरान हुए कथित घोटालों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है।'' बैठक में मोदी-मोदी के नारे के बीच उन्होंने कहा कि मोदी के खिलाफ परिवारवादी पार्टियों के सभी ‘राजकुमार' एक साथ आ गए हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि केवल शक्तिशाली परिवार से ही कोई व्यक्ति इस शीर्ष पद पर आसीन हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘एक तरफ परिवार द्वारा चलाई जाने वाली पार्टियां हैं और दूसरी तरफ गरीब मां का बेटा है।'' उन्होंने कहा कि सरकार ने उन 60 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए काम किया है जो पहले विकास प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस करते थे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल हर चीज का विरोध करते हैं, चाहे वह अनुच्छेद 370 को निरस्त करना हो, तीन तलाक पर प्रतिबंध हो, संशोधित नागरिकता कानून हो या संसद के नए भवन का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण राम मंदिर का निमंत्रण ठुकरा दिया।
शाह ने कहा कि अगर भाजपा में परिवार द्वारा संचालित राजनीति पार्टी होती तो चाय बेचने वाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री नहीं बनता। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी के 10 वर्षों में आज देश विकसित भारत का स्वप्न लेकर आगे बढ़ रहा है। दूर-दूर तक ‘घमंडिया' गठबंधन को सत्ता प्राप्ति की संभावना नहीं दिखती है। इस वजह से वो आज हर चीज का विरोध करने लगे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज आप सबके माध्यम से भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि अगले चुनाव में दो खेमें आमने-सामने हैं। एक तरफ मोदी जी के नेतृत्व में राजग है तो दूसरी ओर कांग्रेस के नेतृत्व में सारी परिवारवादी पार्टियों का ‘घमंडिया' गठबंधन। ये ‘घमंडिया' गठबंधन भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति का पोषक है और भाजपा एवं राजग राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर चलने वाला गठबंधन है।'' पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने उन 60 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम किया है जो पहले विकास प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस करते थे। भाजपा के प्रस्ताव में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेताओं की अमर्यादित टिप्पणियों से देश की मौलिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाने की बात कही गई है। द्रमुक नेताओं द्वारा सनातन धर्म की आलोचना के मद्देनजर यह उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में आप नेताओं की गिरफ्तारी और पश्चिम बंगाल में महिलाओं और अन्य के खिलाफ हिंसा का भी उल्लेख है। पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में शुमार शाह ने अपने संबोधन में जहां एक तरफ मोदी के 'बेदाग' नेतृत्व पर प्रकाश डाला, वहीं दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन को 'भ्रष्ट' करार दिया। विपक्षी दलों द्वारा सरकार पर संस्थाओं को कमजोर करने का अक्सर आरोप लगाये जाने का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संस्थाओं को जितना नुकसान पहुंचाया, उतना कोई और नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो न्यायपालिका जैसी संस्थाओं तक को नहीं बख्शा।
शाह ने आपातकाल का हवाला देते हुए मुख्य विपक्षी पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि इसने 90 बार राज्य सरकारों को बर्खास्त किया, उनमें से 50 बार अकेले इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकारों ने किया। उन्होंने दावा किया, ''100 साल बाद भी, निर्वाचित सरकारों को गिराने में कांग्रेस के रिकॉर्ड का कोई भी मुकाबला नहीं कर पाएगा। शाह ने कहा कि सरकार ने शहरी और ग्रामीण विकास, विदेश नीति और रक्षा आवश्यकताओं, विकास और गरीबों के कल्याण जैसे मुद्दों के बारे में पहले की भ्रांतियों को पाट दिया है और देश का समग्रता में विकास सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन 60 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर करने का काम किया है जो पहले विकास प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस करते थे। गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद अंतिम सांस ले रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोदी सरकार के 3.0 के तहत भारत उनसे पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। राहुल गांधी के नेतृत्व वाली 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सत्ता हासिल करने के लिए आंदोलन किए हैं, लेकिन भाजपा ने हमेशा देश के लिए ऐसा किया है, चाहे वह अनुच्छेद 370 हटाने का अभियान हो, राम मंदिर निर्माण हो या गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराने का अभियान हो।

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