प्रधानमंत्री मोदी ने एम्स-जम्मू का उद्घाटन किया, कहा - अब लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा
जम्मू. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का उद्घाटन करते हुए कहा कि जम्मू के लोगों को अब विशेष चिकित्सा उपचार के लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। सांबा जिले के विजयपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के किनारे 226.84 एकड़ में फैले इस अस्पताल की स्थापना क्षेत्रीय स्वास्थ्य देखभाल जरूरतों को पूरा करने, अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और चिकित्सा शिक्षा मानकों को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत की गई है। यहां 32,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास करने के बाद एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में मेडिकल कॉलेज की संख्या चार से बढ़कर 12 हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘इसी समयावधि में, जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस सीटें 500 से बढ़कर 1300 हो गई हैं।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘2014 से पहले जम्मू-कश्मीर में कोई पीजी मेडिकल सीटें नहीं थीं और आज केंद्र शासित प्रदेश में 650 पीजी मेडिकल सीटें हैं।'' उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 35 नए नर्सिंग और पैरामेडिक कॉलेज भी खुल रहे हैं जिससे नर्सिंग सीटों में भी काफी वृद्धि होगी। एम्स-जम्मू के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 15 नए एम्स जोड़े हैं, जिनमें अकेले जम्मू-कश्मीर में दो एम्स शामिल हैं। वहीं, एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि एम्स-जम्मू व्यापक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार है, जिसमें बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में प्रतिदिन 2000-3000 रोगियों के आने की उम्मीद है। प्रवक्ता ने कहा कि पहले चरण में 750 बिस्तरों की व्यवस्था की जानी है, जिसमें ट्रॉमा देखभाल, सामान्य देखभाल और सुपर-स्पेशलिटी के लिए 193 आईसीयू बिस्तर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एम्स जम्मू में लगभग 50 विभाग बनाने की योजना है, जिसमें सामान्य और विशेष देखभाल दोनों शामिल होंगे। प्रवक्ता ने कहा कि 20 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, चौबीसों घंटे उपलब्ध होने वाली एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी कि मरीजों को निरंतर देखभाल मिल सके।








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