प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बदल सकता है लोगों का जीवन’
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में ‘एआई एक्शन समिट’ के दौरान अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर बना कर लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है।
संसाधन और प्रतिभाओं को एक साथ लाने की जरूरत
पेरिस के ग्रैंड पैलेस में आयोजित सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, “शासन का मतलब सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित करना भी है, खास तौर पर ग्लोबल साउथ में। एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर करके लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एआई एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें विकास लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज हो जाए। ऐसा करने के लिए, हमें संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना होगा। हमें ओपन-सोर्स सिस्टम विकसित करना होगा जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए। हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डाटा सेट बनाना होगा…”
पीएम मोदी ने वांस को अमेरिकी उपराष्ट्रपति चुनाव में उनकी जीत पर बधाई दी
प्रधानमंत्री मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं। इससे पहले पीएम मोदी सोमवार को पेरिस पहुंचे। ओर्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से आयोजित रात्रि भोज के लिए एलिसी पैलेस रवाना हुए।फ्रांसीसी नेता ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। रात्रि भोज में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। पीएम मोदी ने वांस को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में उनकी जीत पर बधाई दी। बता दें पीएम मोदी पेरिस से अमेरिका के लिए रवाना होंगे।
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं
पीएम मोदी के पेरिस पहुंचने से पहले एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की तरह हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं। हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं।”
मैक्रों ने कहा, “भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं। हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं। पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं। लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो।'(










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