केंद्र ने दो लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी देने के लिए डिजिटल प्रणाली शुरू की
नयी दिल्ली. केंद्रीय उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बृहस्पतिवार को एकीकृत ई-बिल प्रणाली शुरू की। इससे सरकार लगभग दो लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी प्रदान कर सकेगी। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि यह प्रणाली मानव संचालित, कागज आधारित लेनदेन से पूरी तरह डिजिटल कामकाज की ओर बदलाव को दिखाता है, जिससे बिलों के आदान प्रदान को खत्म किया जा सकेगा। नड्डा ने पेशकश के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, "यह ऑनलाइन प्रणाली पारदर्शी, प्रभावी और प्रौद्योगिकी संचालित प्रशासन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।" उर्वरक सचिव, रजत कुमार मिश्रा ने इस पेशकश को विभाग के वित्तीय परिचालन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह पहल उर्वरक विभाग के एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) और वित्त मंत्रालय के महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के बीच एक प्रौद्योगिकीय साझेदारी का नतीजा है। यह प्रणाली खर्चों पर वास्तविक समय पर निगरानी और मजबूत वित्तीय नियंत्रण देता है, जिसमें सभी भुगतानों को केन्द्रीय स्तर पर देखा और रिपोर्ट किया जा सकता है। ई-बिल मंच उर्वरक कंपनियों को ऑनलाइन दावा पेश करने और वास्तविक समय में भुगतान स्थिति का पता लगाने की सुविधा देता है। इससे भौतिक रुप से उसका पता लगाने और उसके लिए कहीं आने जाने की जरुरत खत्म हो जाती है।

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