सिविल सेवा परीक्षा के नियम लगातार बदलते फ्रेमवर्क का हिस्सा: सरकार
नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि सिविल सेवा परीक्षा के नियम एक बदलते हुए फ्रेमवर्क का हिस्सा हैं और सरकार सभी को समान अवसर देने के लिए लगातार सुधारात्मक उपाय करती रहती है। सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा में लद्दाख के अभ्यर्थियों को भारतीय भाषा की परीक्षा उत्तीर्ण करने से छूट देने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन होने के प्रश्न पर लिखित जवाब में कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम राज्यों के उम्मीदवारों के लिए भारतीय भाषा का प्रश्नपत्र अनिवार्य नहीं है। उन्होंने लद्दाख के संबंध में प्रश्न पर कहा कि सिविल सेवा परीक्षा के नियम एक बदलती रूपरेखा का हिस्सा हैं। सिविल सेवा परीक्षा हर साल तीन चरणों में आयोजित की जाती है - प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों का चयन किया जाता है। मंत्री ने कहा, ''देश भर में अभ्यर्थियों को समान अवसर देने के लिए, सरकार लगातार सुधार करती है और सुधारात्मक उपाय अपनाती है।





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