'सेवा तीर्थ' कर्नाटक के चालुक्य मंदिरों, बौद्ध स्तूपों से प्रेरित
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के नए भवन 'सेवा तीर्थ' की वास्तुकला में चालुक्य शासनकाल के कर्नाटक के मंदिरों और बौद्ध स्तूपों का प्रभाव दिखता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुक्रवार को उद्घाटन किए गए 'सेवा तीर्थ' परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय भी स्थित होंगे। अधिकारियों ने बताया कि सफेद और लाल बलुआ पत्थर से बनी ये इमारतें भारतीय संस्थागत वास्तुकला को संदर्भित करती हैं। उन्होंने बताया कि यह रंग संयोजन संरचना को एक सुंदर, टिकाऊ और कालातीत गुणवत्ता प्रदान करता है, साथ ही इसे एक सांस्कृतिक पहचान के संदर्भ में स्थापित करता है। बौद्ध स्तूपों से प्रेरित धातु की परत वाले गुंबद टिकाऊपन और रखरखाव में आसानी सुनिश्चित करते हुए इसे सुंदर दृश्य प्रदान करते हैं। प्रवेश द्वार का डिजाइन 11वीं-13वीं शताब्दी के चालुक्य मंदिरों की पत्थर की जालीदार नक्काशी से प्रेरित है, जबकि फूलों के आकार के पत्थर पारंपरिक रूप से मंदिर के पैनल में पाए जाने वाले वर्गाकार डिजाइन से लिये गये हैं।

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