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राष्ट्रपति मुर्मू ने सात कीर्ति चक्र प्रदान किए; गगनयात्री प्रशांत नायर भी सम्मानित

 नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों के उन कर्मियों को सोमवार को सात कीर्ति चक्र प्रदान किए जिन्होंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना अदम्य साहस, अद्वितीय वीरता और असाधारण पराक्रम दिखाया। इनमें से दो कर्मियों को पदक मरणोपरांत दिए गए। भारतीय वायुसेना के पायलट और गगनयात्री एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर भी शांतिकाल में दिए जाने जाने वाले भारत के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र पाने वालों में शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह के प्रथम चरण के तहत मुर्मू ने रक्षा बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस के कर्मियों को सात कीर्ति चक्र (जिनमें दो मरणोपरांत शामिल हैं), 15 वीर चक्र (जिनमें तीन मरणोपरांत शामिल हैं) और 29 शौर्य चक्र (जिनमें एक मरणोपरांत शामिल है) प्रदान किए। नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर दिल्ना के. और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. शौर्य चक्र पाने वालों में शामिल हैं। राष्ट्रपति ने उन्हें 'नाविका सागर परिक्रमा-दो' में असाधारण धैर्य, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए यह वीरता पुरस्कार प्रदान किया। लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. ने लेफ्टिनेंट कमांडर दिल्ना के. के साथ मिलकर हिंद महासागर, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर और दक्षिणी महासागर से होते हुए 25,600 समुद्री मील से अधिक की यात्रा की। राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक 'पोस्ट' में प्रशस्ति पत्र के हवाले से कहा, ''तूफानी परिस्थितियों में खतरनाक 'ड्रेक पैसेज' से गुजरते समय नौका बुरी तरह झुक गई थी। उस पर फिर से नियंत्रण पाने के लिए असाधारण कौशल और अत्यंत साहस की जरूरत थी। अभियान के दौरान वे नौका से 'प्वाइंट नेमो' यानी महासागर के सबसे दुर्गम बिंदु तक पहुंचने वाली पहली भारतीय भी बनीं।'' सरकार द्वारा साझा की गई पुरस्कार विजेताओं की सूची के अनुसार, राष्ट्रीय राइफल्स के लांस नायक मीनाक्षी सुंदरम, पैरा (विशेष बल) के नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा, असम राइफल्स के मेजर अर्शदीप सिंह और पैरा (विशेष बल) के कैप्टन लालरीनावमा सैलो को भी कीर्ति चक्र प्रदान किया गया। राष्ट्रीय राइफल्स की महार रेजिमेंट के सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर और सिक्किम स्काउट्स के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन ने 'एक्स' पर कई पोस्ट में समारोह की कुछ तस्वीरें और प्रशस्ति पत्र भी साझा किए।

 
राष्ट्रपति भवन ने कहा, ''राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान वीरता प्रदर्शित करने के लिए जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, 32 असम राइफल्स के मेजर अंशुल बाल्टू को शौर्य चक्र प्रदान किया। अप्रैल 2025 में दक्षिण असम के दीमा हसाओ में तलाशी अभियान के दौरान उन्होंने नजदीक से एक सशस्त्र उग्रवादी का सामना किया और अकेले ही उसे मार गिराया। अभियान में तीन सशस्त्र उग्रवादी मारे गए और हथियार एवं युद्ध जैसी सामग्री बरामद हुई।'' एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि राष्ट्रपति ने 11 पैरा (विशेष बल) के मेजर लीशंगथेम दीपक सिंह को उनके असाधारण साहस के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया। इसमें कहा गया, ''दो निर्दोष नागरिकों के अपहरण से जुड़ी खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने बेहद नजदीक से एक आतंकवादी को मार गिराया और अपने शरीर को ढाल बनाकर अपहृत नागरिक को सुरक्षित रखा। इस अभियान में दो कट्टर उग्रवादी मारे गए और एक निर्दोष नागरिक को बचाया गया।'' राष्ट्रपति भवन ने पोस्ट में कहा, ''राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 19वीं बटालियन, सिख रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भारती शुक्ला को अपने किसी नुकसान के बिना सटीक अभियान की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया। आतंकवादियों के एक समूह की घुसपैठ के बारे में विशिष्ट सूचना मिलने पर लेफ्टिनेंट कर्नल शुक्ला ने जुलाई 2024 में नियंत्रण रेखा के पास घात लगाई। इस अभियान में भारी हथियारों से लैस तीन विदेशी आतंकवादी मारे गए।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी समारोह में शामिल हुए।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हमें उनके असाधारण साहस, उनकी प्रतिबद्धता और राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा पर गर्व है।''

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