'मेंशन इन डिस्पैचेस' सम्मान के लिए चयनित श्वान 'टायसन'
नयी दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में एक सैन्य अभियान के दौरान असाधारण साहस दिखाने वाले सेना के हमलावर श्वान 'टायसन' को इस साल 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' सम्मान के लिए चुना गया है। दो पैरा के श्वान (एक जर्मन शेफर्ड) 'टायसन' का नाम उन 75 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' की सूची में शामिल है, जिन्हें उन सैन्यकर्मियों के लिए मंज़ूरी दी गई है जिन्होंने ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन हिफाजत जैसे कई सैन्य अभियान में हिस्सा लिया था। यह सम्मान 'ऑपरेशन रक्षक' के तहत किए गए कार्य के लिए दिया गया है।
रीमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स का हमलावर श्वान दो पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के साथ संबद्ध है। सेना के व्हाइट नाइट्स कोर ने फरवरी में सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था कि ऑपरेशन 'त्राशी-1' के तहत, टायसन ने ''आतंकवादियों के ठिकाने में घुसने की अगुवाई करते हुए पहली गोली खुद खाकर असाधारण साहस का परिचय दिया''। देश की आजादी की 80वीं सालगिरह की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने 89 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' को भी मंज़ूरी दी थी। इनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के चार और भारतीय वायुसेना के 10 कर्मी शामिल हैं।







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