प्रधानमंत्री ने कहा-प्रत्येक राज्य में क्षेत्रीय भाषा में मेडिकल शिक्षा देने वाला एक महाविद्यालय उनका सपना है
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश के जिन राज्यों में स्कूली शिक्षा का माध्यम क्षेत्रीय भाषाएं हैं, उनमें वे कम से कम एक-एक मेडिकल कॉलेज स्थापित होते देखना चाहते हैं।
वे आज असम के सोनितपुर जिले में ढेकियाजुली में असम माला कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में सड़कों के बुनियादी ढांचे का विकास करके सड़क संपर्क बढ़ाना और राज्य की आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करना है।
असम में हाल में शुरू की गई अनेक विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समूचा पूर्वोत्तर क्षेत्र, विकास के मार्ग पर अग्रसर हो रहा है और इसमें असम की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि असम इस बात की मिसाल है कि किसी तरह सामूहिक प्रयासों से अच्छे नतीजे प्राप्त किए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2016 तक असम में मेडिकल कॉलेजों की संख्या केवल छह थी। लेकिन पिछले पांच वर्षों में ही छह और मेडिकल कॉलेज वहां खोले गए हैं।
श्री मोदी ने कहा कि असम के स्वाधीनता सेनानियों ने 1942 में हमारे तिरंगे झंडे के सम्मान की रक्षा और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन बलिदान किया। उन्होंने कहा कि आज भारत के बहादुर नौजवान जाग उठे हैं और अपने स्वाधीनता सेनानियों और उनके बलिदानों से प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं।
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