बारिश और ओलावृष्टि से सर्द हुआ मौसम, सर्दी-बुखार के बढ़े मरीज
रायपुर। पिछले दो दिनों में मौसम ने करवट ली है। प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि ने ठंडक लौटा दी है। खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवा और पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छाए रहे। हवा की गति में उतार-चढ़ाव होता रहा। मौसम में आए बदलाव की वजह से सर्दी-खांसी और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पतालों में ज्यादा मरीज पहुंचने लगे हैं। दो दिन पहले ऐसे मरीजों की संख्या जहां 12 से 15 थी, लेकिन अब बढ़कर 18 से 20 हो गई है।
रायपुर मौसम विज्ञान विभाग के मौसम वैज्ञानिक हरिप्रसाद चंद्रा ने बताया कि फरवरी महीने में किसी भी सप्ताह में एक बार इस तरह की स्थिति बनती ही है। इस दौरान खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवा काफी नीचे रहती है। इसकी ऊंचाई 0.9 किमी के करीब रहती है। इसी वजह से इसका जनजीवन पर अधिक असर होता है।
बुधवार सुबह में हवा 10 किमी प्रतिघंटे की गति से चली तो शाम को 6 किमी की गति से। इसका औसत 8 किलोमीटर प्रतिघंटे रहा। दिन का पारा में एकदम से 9 डिग्री सेल्सियस गिर गया। मंगलवार को जहां अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं बुधवार को 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के संचालक डॉ. जीके दास ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश का लाभ गेहूं की फसल को होगा। सरसो और चना की खेती को इससे नुकसान हो सकता है। अधिक दिन तक बादलों के रहने से फसलों में कीट का प्रकोप बढ़ सकता है।
हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. जय तिवारी ने कहा कि कोविडका प्रभाव है। पर मौसम में बदलाव पर इसका असर नहीं है। हम अभी इससे उबरे नहीं हैं। मौसम में आए बदलाव की वजह से वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। नमक पानी का गरारा जरूरी है।


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