विश्वविद्यालयों ने सख्त दिशा-निर्देशों के साथ कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए तैयारी की
नयी दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों ने अपने परिसरों में वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। डीयू ने शनिवार को छात्रों को घर या अपने छात्रावासों में रहने तथा जब तक बहुत जरूरी ना हो अपने शैक्षणिक कार्य के लिए शारीरिक उपस्थिति से बचने की सलाह दी। वहीं, जेएनयू ने रविवार को परिसर के अंदर हर समय मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया। डीयू ने एक नोटिस में कहा कि शैक्षणिक गतिविधियां और अन्य आवश्यक कार्य द्वार पर अनिवार्य रूप से थर्मल स्क्रीनिंग, सामाजिक दूरी और मास्क पहनने के साथ जारी रहेंगे, जबकि विज्ञान संकाय, कला संकाय, छात्रावासों और हॉल समेत अन्य स्थानों के अंदर प्रवेश प्रतिबंधित होगा और किसी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। विश्वविद्यालय ने अगले नोटिस तक किसी भी कार्यक्रम के लिए सम्मेलन केंद्र और सेमिनार हॉल की बुकिंग भी रद्द कर दी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज ने शुक्रवार को सूचित किया कि उसके 13 छात्रों और दो स्टाफ सदस्यों को मार्च के अंतिम सप्ताह में हिमाचल प्रदेश के डलहौजी की यात्रा के बाद कोविड-19 से संक्रमित पाया गया। कॉलेज के प्रिंसिपल जॉन वर्गीस ने कहा कि कॉलेज की आंतरिक क्षेत्र में प्रवेश सभी के लिए प्रतिबंधित है। जेएनयू ने एक परिपत्र में कहा कि छात्रावास, पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन और सड़कें समेत पूरे परिसर में छात्रों और कर्मचारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। परिपत्र में कहा गया, "छात्रों और कर्मचारियों को छात्रावासों, प्रशासनिक भवनों, स्कूल भवनों और डॉ. बी आर अंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय और अन्य इमारतों और सार्वजनिक स्थानों पर जाने की अनुमति तभी दी जाएगी, जब वे मास्क पहने रहेंगे।" इसमें कहा गया कि स्कूलों, विशेष केंद्रों, छात्रावासों, प्रशासनिक भवन और केंद्रीय पुस्तकालय सहित सभी प्रमुख स्थानों पर हैंड सेनिटेशन और थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है।
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