प्रधानमंत्री ने कोविड-19 रोधी टीका बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों से की मुलाकात
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोविड-19 रोधी टीके बनाने वाली सात भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान इन प्रतिनिधियों ने कहा कि महज नौ महीनों में नागरिकों को टीकों की 100 करोड़ खुराक देने के पीछे प्रधानमंत्री का नेतृत्व एक प्रमुख कारक रहा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने इस दौरान टीकों को लेकर शोध सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री से इस मुलाकात में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, जाइडस कैडिला, बॉयोलॉजिकल ई, जेन्नोवा बायोफार्मा और पैनेसिया बायोटेक के प्रतिनिधि मौजूद थे। इनके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती पवार ने भी बैठक में शिरकत की। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अब तक टीकों की 101.30 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। बैठक के बाद सीरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री की दृष्टि को श्रेय दिया और कहा कि टीका उद्योग को आगे ले जाने, क्षमता लगातार बढ़ाने और भविष्य की महामारियों की तैयारी को लेकर प्रधानमंत्री के साथ बैठक में चर्चा हुई। उन्होंने कहा, ‘‘अब पूरे विश्व में, देश टीकों के उत्पादन में निवेश करने वाले हैं और भारत को इसमें आगे रहने की जरूरत है। इसे सरकार और उद्योग जगत के साथ मिलकर कैसे आगे बढ़ाना है, इस बारे में हमने चर्चा की।'' अदार पूनावाला के पिता साइरस पूनावाला ने कहा कि उनके मन में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री ने अगर स्वास्थ्य मंत्रालय का नेतृत्व ना किया होता तो आज भारत टीकों की एक सौ करोड़ खुराक नहीं उपलब्ध करा पाता। उन्होंने कहा, ‘‘जब वह पिछले साल नवंबर में पुणे आए थे तो मैंने उन्हें आश्वस्त किया था कि टीकों के मामले में हम भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे और दुनिया का सबसे सस्ता टीका विकसित करेंगे। आज वह बहुत खुश थे कि उस आश्वासन को हमने पूरा किया है।'' एक वीडियो संदेश में जाइडस कैडिला के पंकज पटेल ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने टीके विकसित किए, उसके लिए सबसे बड़े कारक प्रधानमंत्री थे। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने शुरू से हमें प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि आप करो, सरकार आपके साथ है। आपको जहां भी असुविधा होगी, सरकार आपको सहयोग करेगी। इसी वजह से हम टीके विकसित कर पाए।'' उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत में नवोन्मेष का जो नया अध्याय आरंभ हुआ है, वह बहुत तेजी से बढ़ेगा और भारत एक नवोन्मेषी राष्ट्र के रूप में उभरेगा। भारत बायोटेक के कृष्णा इल्ला ने कहा कि 100 करोड़ टीकों की खुराक देने की उपलब्धि आसान नहीं थी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इसे करने को लेकर प्रतिबद्ध थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी नकारात्मक्ताओं को अवसर में परिवर्तित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने इसे संभव कर दिखाया। मैं समझता हूं कि कोई नेता अपने देश के लिए क्या कर सकता है, यह उसका उदाहरण है।'' भारत बायोटेक की संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा इल्ला ने इस मुलाकात के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और एक ट्वीट में कहा कि यह संवाद विचारोत्तेजक और वैश्विक नवोन्मेष और निर्माण में नेतृत्व देने के लिए भारतीय बायोफार्मा कंपनियों को तैयार करने की अंतरदृष्टि वाला रहा। भारत ने 21 अक्टूबर को महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान के तहत एक अरब खुराक का आंकड़ा पार कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी, जिसके लिए दुनियाभर से देश को बधाई मिलने का सिलसिला जारी है। देश में टीकाकरण के पात्र वयस्कों में से 75 प्रतिशत से अधिक लोगों को कम से कम एक खुराक लग चुकी है, जबकि करीब 31 प्रतिशत लोगों को टीके की दोनों खुराक लग चुकी हैं। नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सभी पात्र लोगों को टीकों की पहली खुराक दी जा चुकी है।





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