आईआईटी-जोधपुर ने सिविल एवं अवसंरचना अभियांत्रिकी में नए बीटेक पाठ्यक्रम की शुरुआत की
नयी दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी),जोधपुर ने दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्येागिकी, नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, हवाई अड्डे और बंदरगाह डिजाइन जैसे बड़े पैमाने पर एकीकृत बुनियादी ढांचे से संबंधित पाठ्यक्रमों को शामिल करके ''सिविल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग'' में अपनी तरह का एक नया बीटेक कार्यक्रम शुरू किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में अन्य सिविल इंजीनियरिंग कार्यक्रमों के विपरीत यह पाठ्यक्रम छात्रों को बुनियादी ढांचे की योजना और डिजाइन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीनों के अलावा अन्य कई विषयों के बारे में बेहतर ज्ञान उपलब्ध कराता। आईआईटी-जोधपुर में ''सिविल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग'' विभाग के प्रमुख रंजू मोहन ने कहा कि विनिर्माण, ऑटोमोबाइल और एयरोस्पेस उद्योगों के मुकाबले सिविल और बुनियादी ढांचा उद्योग, डिजिटल और परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों को तेजी से नहीं अपना सके हैं। उन्होंने कहा, '' हमारे कार्यक्रम में एक पाठ्यक्रम संरचना है जो इन उन्नत परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों के साथ पारंपरिक सिविल इंजीनियरिंग को शामिल और एकीकृत करती है। इस तरह, हम अगली पीढ़ी के सिविल इंजीनियरों का निर्माण कर रहे हैं।'' यह कार्यक्रम छात्रों को नियमित बीटेक डिग्री के अलावा ''स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर'' या ''पर्यावरण इंजीनियरिंग' में विशेषज्ञता हासिल करने में भी सक्षम है।





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