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गंगा की निर्मलता पर मोदी सरकार ने परिवर्तनकारी कदम उठाए : शेखावत

नयी दिल्ली। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने सोमवार को कहा कि गंगा की निर्मलता को लेकर 1985 से टुकड़ों-टुकड़ों में प्रयास हुए लेकिन गंभीरता की कमी होने के कारण ये सार्थक नहीं रहे । शेखावत ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद गंगा एवं सहायक नदियों की निर्मलता को लेकर परिवर्तनकारी कदम उठाये गए जिसे दुनिया महसूस कर रही है। जल शक्ति मंत्री शेखावत ने ‘गंगा उत्सव 2021' के उद्धाटन के अवसर पर कहा कि नदियां देश में विभिन्न संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम हैं और इसमें गंगा नदी सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं । उन्होंने कहा कि दुनिया में पिछले समय में पर्यावरण, जलवायु को लेकर बदलाव हुए हैं और इसके कारण उत्पन्न चुनौतियों से पूरी दुनिया चिंतित है । शेखावत ने कहा कि मानव सभ्यताओं को नदियों ने जीवन दिया लेकिन आज इस बात पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है कि हमने नदियों को क्या दिया ? उन्होंने कहा कि गंगा की निर्मलता को लेकर 1985 से लेकर टुकड़ों-टुकड़ों में प्रयास हुए लेकिन गंभीरता की कमी होने के कारण ये परिणामदायक नहीं रहे । शेखावत ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद गंगा एवं सहायक नदियों की निर्मलता को लेकर परिवर्तनकारी कदम उठाये गए जिसे दुनिया ने प्रयागराज और हरिद्वार कुंभ में महसूस किया है। उन्होंने कहा कि गंगा की सफाई सरकार के लिए काफी अहम है क्योंकि पवित्र नदी भारत की आर्थिक गतिविधियों की आधार रही है। उन्होंने कहा, “हमने गंगा को आम आदमी से जोड़ने में कामयाबी हासिल की है और इसे एनएमसीजी के तहत जन आंदोलन बनाया है। गंगा की सफाई की प्रक्रिया को अंजाम देने में करोड़ों लोग अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।” उन्होंने कहा, “गंगा भारत की आर्थिक गतिविधि की नींव रही है और देश की 40 प्रतिशत आबादी की आजीविका गंगा पर निर्भर है जो हमारे लिए इसकी सफाई को अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।” शेखावत ने कहा कि भारत एक विविध देश है और गंगा जैसी नदियां लोगों को बांधती हैं और एकजुट करती हैं, इसलिए उनके प्रति “हमारी प्रतिबद्धता जरूरी है।” जल शक्ति सचिव पंकज कुमार ने कहा कि एनएमसीजी की वजह से जमीनी स्तर पर काफी सुधार देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पानी की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। कुमार ने यह भी कहा कि सरकार नदियों की सफाई का विस्तार कर रही है। उल्लेखनीय है कि 'गंगा उत्सव 2021 –नदी महोत्सव' न केवल गंगा नदी बल्कि देश भर की सभी नदियों में मनाया जा रहा है। पूरे देश के 150 जिलों में उत्सव गतिविधियों की योजना बनाई गई है जिनमें 112 गंगा क्षेत्र यानी गंगा किनारे स्थित जिलों में और शेष अन्य प्रमुख नदियों के साथ मनायी जा रही हैं। शेखावत ने उत्सव में कंटीन्यूअस लर्निंग एंड एक्टिविटी पोर्टल (सीएलएपी) का लोकार्पण किया। सीएलएपी अपने पोर्टल के माध्यम से लगातार साल भर जुड़ाव के लिए एक मंच प्रदान करेगा। ट्री क्रेज फाउंडेशन के साथ साझेदारी में यह बच्चों और युवाओं के लिए बनाया गया है। इस अवसर पर गंगा डालफिन की सुरक्षा को लेकर एक मागदर्शिका भी जारी की गई।
इस उत्सव में कहानी, लोककथाओं, बड़ी हस्तियों के साथ संवाद, प्रश्नोत्तरी, पारंपरिक कलाओं की प्रदर्शनी, प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा नृत्य और संगीत प्रदर्शन, फोटो दीर्घाओं का आयोजन भी किया जा रहा है। 

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