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- रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम जोन 9 जोन कमिश्नर ने जानकारी दी है कि टैंकर से गंदे पानी की सप्लाई के संबंध में चलाया जा रहा टैंकर निजी ठेकेदार द्वारा सप्लाई कार्य में लगा हुआ टैंकर है, जिसका अनुबंध दिनांक 17 अप्रैल .2026 को किया गया है। ठेकेदार के अनुसार संबंधित टैंकर नया था तथा टैंकर की सफाई न होने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई । वार्ड पार्षद द्वारा सूचना उपरान्त टैंकर को तत्काल बदलकर साफ पानी का टैंकर सप्लाई कर दिया गया व ठेकेदार पर जुर्माना लगाया गया। समस्त ठेकेदारो की तत्काल बैठक बुलाकर टैंकर भरने के पश्चात पानी परीक्षण कर ही सप्लाई हेतु निर्देशित किया गया है। अन्यथा की स्थिति में अनुबंध निरस्त करने की कार्यवाही की जावेगी।
- महासमुंद / जिले के बागबाहरा में स्थित अनुसूचित जाति बालक प्री-मेट्रिक छात्रावास आज मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बदौलत सफलता की नई पहचान बना रहा है। यहां के छात्र सीमित संसाधनों के बीच भी बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें साकार करने में जुटे हैं।छात्रावास अधीक्षक श्री मनोज चौधरी के मार्गदर्शन में यहां पढ़ाई का स्तर लगातार बेहतर हुआ है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष यहां के 7 छात्रों का चयन प्रतिष्ठित प्रयास आवासीय विद्यालय के लिए हुआ है। एक ही छात्रावास से इतने छात्रों का चयन होना एक बड़ी उपलब्धि है और यह यहां की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दर्शाता है।यह छात्रावास पढ़ाई के साथ छात्रों के कैरियर निर्माण में भी भूमिका निभा रहा है। यहां के एक छात्र कड़ी मेहनत के बल पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में चयन होकर छात्रावास का नाम रोशन किया है। उसकी सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। शैक्षणिक क्षेत्र में भी छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में यहां के दो छात्रों ने अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए छात्रावास में डिजिटल बोर्ड के माध्यम से स्मार्ट लर्निंग की सुविधा दी जा रही है, जिससे छात्र आधुनिक तरीके से तैयारी कर रहे हैं। छात्रावास का वातावरण भी बेहद सकारात्मक और घर जैसा है। यहां छात्रों के शारीरिक विकास के लिए ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रख सकें।
- रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन 2 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त होटल में गन्दगी से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम जोन 2 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया की उपस्थिति में जोन 2 क्षेत्र अंतर्गत होटल त्रिमूर्ति इन की स्वच्छता व्यवस्था का जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने औचक निरीक्षण नगर निगम जोन 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किया गया. इस दौरान गन्दगी मिलने पर भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने होटल त्रिमूर्ति इन के सम्बंधित संचालक लोकेश खत्री पर तत्काल 10000 रूपये का ई चालान करते हुए गन्दगी से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया.
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*कलेक्टर के निर्देश पर ताबड़तोड़ कार्रवाई*
*गैस रिफिलिंग का गोरखधंधा पकड़ा गया*बिलासपुर / कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर शुक्रवार की सुबह सीपत चौक सरकंडा में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण और रिफिलिंग के खिलाफ बड़ी छापामार कार्रवाई की गई। खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर के मार्गदर्शन में एएफओ अजय मौर्य एवं विनीता दास के नेतृत्व में टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश किया।खाद्य नियंत्रक श्री कुजूर ने बताया कि कार्रवाई के दौरान महामाया गैस चूल्हा सुधारक एवं विक्रेता तथा गर्ल्स हॉस्टल संचालक लव निमेष जायसवाल के कब्जे से 19 नग 14.2 किलोग्राम के भरे एवं आंशिक भरे घरेलू गैस सिलेंडर तथा 35 नग 5 किलोग्राम के घरेलू एवं व्यावसायिक सिलेंडर, इस प्रकार कुल 54 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। मौके से 7 नग रिफिलिंग बंशी (नोजल), एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन सहित अन्य उपकरण भी बरामद हुए। जांच में सामने आया कि बिना वैध अनुमति के गैस सिलेंडरों का भंडारण एवं रिफिलिंग कर अवैध रूप से विक्रय किया जा रहा था, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने के साथ ही आमजन की जान-माल को खतरा बना हुआ था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी जब्त सामग्री को सुरक्षित किया और मौके से गुजर रही कोनी इंडेन की डिलीवरी वैन को रुकवाकर संबंधित एजेंसी के सुपुर्द किया। इसी क्रम में विजय स्टील नामक प्रतिष्ठान जिसके मालिक सनटी अग्रवाल है से भी 2 घरेलू गैस सिलेंडर, 3 रिफिलिंग बंशी एवं एक तौल मशीन जब्त की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -
बिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार 25 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन लखीराम ऑडिटोरियम सभागार बिलासपुर में किया जाएगा। यह शिविर प्रातः 10 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे पूरी तैयारी के साथ समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रकरणों के निराकरण हेतु आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी साथ लाने को कहा गया है।
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राजनांदगांव । सहायक संचालक जिला कौशल विकास प्राधिकरण ने शाही नामक संस्था को प्रशासनिक आदेशों की प्रत्यक्ष अवज्ञा करने तथा हितग्राहियों की सुरक्षा, सत्यापन, निगरानी एवं वैधानिक प्रक्रियाओं को गंभीर रूप से प्रभावित करने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संस्था को सुस्पष्ट, तथ्यपरक, अभिलेखीय साक्ष्यों सहित एवं बिंदुवार स्पष्टीकरण सात दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से कार्यालय जिला कौशल विकास प्राधिकरण राजनांदगांव में प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए गए है। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने अथवा प्रस्तुत स्पष्टीकरण असंतोषजनक, भ्रामक, अपूर्ण पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार कठोर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में किसी भी शासकीय कार्य, योजना, निविदा से पूर्णत: प्रतिबंधित करने के साथ ही आवश्यकतानुसार अन्य विधिक व दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्राप्त जानकारी अनुसार जिला प्रशासन से शाही नामक संस्था द्वारा जिले में केवल मोबिलाइजेशन हेतु अनुमति अभ्यर्थित की गई थी। जिसके परिप्रेक्ष्य में केवल मोबिलाइजेशन कार्य की अनुमति प्रदान की गई है। संज्ञान में आया है कि संस्था द्वारा प्रदत्त अनुमति की शर्तों की अवहेलना, घोर उल्लंघन एवं दुरूपयोग करते हुए हितग्राहियों को अन्यत्र स्थानों पर रोजगार उपलब्ध कराने व राज्य के बाहर भेजे जाने हेतु प्रलोभित व प्रेरित किया जा रहा है, जो अनधिकृत, नियम विरूद्ध, भ्रामक एवं प्रशासन की पूर्व स्वीकृति के अभाव में किया गया अवैध कृत्य है। संस्था द्वारा जिले की 6-7 महिला हितग्राहियों को प्रशिक्षण के नाम पर रायपुर बुलाया गया और रायपुर पहुंचने पर महिला हितग्राहियों को बैंगलोर में प्रशिक्षण एवं रोजगार के लिए भेजे जाने की जानकारी दी गई। इस परिस्थिति से भयभीत होकर संबंधित हितग्राहियों द्वारा वापस लौटना पड़ा। यह कृत्य स्पष्ट रूप से भ्रामक प्रस्तुतीकरण, विश्वासभंग एवं हितग्राहियों को गुमराह करने की श्रेणी में आता है, जो अत्यंत आपत्तिजनक है। प्रथम दृष्टया असत्य, भ्रामक एवं प्रशासन की छवि व विश्वसनीयता को प्रभावित करने वाला पाया गया है। बिना सक्षम प्राधिकारी की विधिवत स्वीकृति के इस प्रकार का कथन करना गंभीर अनियमितता एवं दुराचार की श्रेणी में आता है। संस्था द्वारा यह कृत्य न केवल प्रशासनिक आदेशों की प्रत्यक्ष अवज्ञा का द्योतक है। इसके साथ ही हितग्राहियों की सुरक्षा, सत्यापन, निगरानी एवं वैधानिक प्रक्रियाओं को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला एवं जोखिमपूर्ण है। जिसे किसी भी स्थिति में सहन एवं स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। - - 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना, 1 मई से होगा घर-घर सत्यापन- पहली बार स्व-गणना, स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने की सुविधामोहला । जनगणना निदेशालय के निर्देशानुसार जिले में 16 अप्रैल से स्व-गणना शुरू हो गया है। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज सुबह निर्धारित पोर्टल से अपना स्व-गणना पत्रक ऑनलाइन भरा। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले वासियों से अपील की है कि जनगणना के लिये आने वाले प्रगणकों को सही जानकारी दें। आपके द्वारा दी गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी। स्पष्ट प्रावधान है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी का उपयोग साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं होगा।जनगणना के आंकड़े किसी योजना के हितग्राहियों क़ी पात्रता के लिए नहीं बल्कि कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन कार्य के लिये आधार बनते हैं। बताया गया कि शासन द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए आसान एवं सरल प्रक्रिया के तहत स्व-गणना भरने की सहूलियत दी गई है। घर का मुखिया इस फार्म को भर सकते है। एक मोबाइल से केवल एक ही स्व-गणना फार्म भरा जा सकता है। यह फॉर्म सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक भरा जा सकता है। इससे एक आई डी प्राप्त होगा जिसे प्रगणक के घर आने पर बताना होगा। यदि स्व-गणना फॉर्म नहीं भर पाते तो 1 से 30 मई के बीच प्रगणक घर आकर जानकारी लेंगे।प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना-भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिले में भी दो चरणों में जनगणना होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जायेगा। जनगणना कार्यक्रम के तहत प्रगणक घर-घर जाकर सेन्सस 2027 हाउस लिस्ट मोबाइल एप का उपयोग कर डिजिटल डाटा संग्रह करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा पोर्टल पर स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन भी करेंगे। दोनों तरह से प्राप्त डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी।पहले यह कार्य पर्यवेक्षकों द्वारा किया जायेगा। साथ ही चार्ज अधिकारी भी मैदान में जाकर पुनः सत्यापन कर त्रुटियां ठीक करायेंगे। ग्राम व नगर रजिस्टर का प्रारूप व विषय वस्तु, ग्रामीण व नगरीय चार्ज रजिस्टर, प्रगणक, पर्यवेक्षकों व चार्ज अधिकारियों के कार्य, पर्यवेक्षण व कानूनी शक्तियां इत्यादि के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। नागरिकों को स्व-गणना का अवसर प्रदान किया गया है। एसई वेब पोर्टल https://se.census.gov.in/के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में कोई भी व्यक्ति जनगणना संबंधी निर्धारित बिंदुओं में अपनी जानकारी स्वयं भर सकता है।
- राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिले में पदस्थ तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के स्थानांतरण आदेश जारी किया गया है।
जारी आदेशानुसार डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी तहसीलदार लाल बहादुर नगर श्री अमीय श्रीवास्तव को प्रभारी तहसीलदार तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ पदस्थ किया गया है। इसी प्रकार तहसीलदार डोंगरगढ़ श्री नीलकण्ठ जनबंधु को तहसीलदार तहसील कार्यालय लाल बहादुर नगर पदस्थ किया गया है। नायब तहसीलदार तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ श्री सत्यपाल यादव को तहसील कार्यालय डोंगरगांव, नायब तहसीलदार तहसील कार्यालय डोंगरगांव श्री चिराग रामटेके को तहसील कार्यालय डोंगरगढ़, नायब तहसीलदार तहसील कार्यालय डोंगरगांव सुश्री झरना राजपूत को तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ एवं नायब तहसीलदार तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ सुश्री मेघा जैन को तहसील कार्यालय तुमड़ीबोड़ (डोंगरगांव) में नवीन पदस्थापना दी गई है। कलेक्टर द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने निर्देशित किया गया है। -
- अवैध शराब परिवहन व बिक्री पर सख्ती, मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच के दिए निर्देश
- दुर्घटना संभावित स्थलों का चिन्हांकन करें, जनजागरूकता से सड़क सुरक्षा सुदृढ़ बनाएं
- सुशासन तिहार 2026 के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने विशेष सतर्कता के निर्देश
मोहला । लॉ एंड ऑर्डर को लेकर कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह ने जिला कार्यालय के सभा कक्ष में समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने नशा नियंत्रण और जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने आगामी “सुशासन तिहार 2026” के दौरान जिले में शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा।
कलेक्टर ने एन-कॉर्ड की समीक्षा करते हुए जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों से उपचार लेकर लौटे व्यक्तियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होने कहा कि उनका सतत फॉलो-अप के साथ ग्राम पंचायतों के माध्यम से उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करे तथा समाज में जागरूकता फैलाने के प्रयास करे । उन्होंने महाराष्ट्र सीमा से अवैध शराब परिवहन पर कड़ी नजर रखते हुए लगातार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में अवैध शराब के परिवहन एवं बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाने, सभी मेडिकल स्टोर्स का नियमित निरीक्षण करने तथा मिलावटी शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने जिले के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक संकेतक एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही यातायात है नियमों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह ने राजस्व, पुलिस एवं कृषि विभाग समन्वय के साथ कोटवारों एवं ग्राम पंचायत सरपंचों की संयुक्त बैठक आयोजित कर उन्हें प्रशिक्षण देने की बात कही। उन्होंने अवैध गांजा एवं अफीम की खेती पर रोक लगाने, नशीले पौधों की पहचान कर उन्हें नष्ट करने तथा आमजन को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर जी.आर. मरकाम, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव, सहित पुलिस प्रशासन अधिकारी-कर्मचारी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। -
- कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जारी किया आदेश
मोहला । कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती तुलिका प्रजापति ने छत्तीसगढ़ पेय जल परिरक्षण अधिनियम द्वारा प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 30 जून तक जिले में नलकूप खनन पर प्रतिबंधित आदेश जारी किया है।
इस अवधि में जिले में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति नलकूप खनन नहीं कर सकेगा। इसके अंतर्गत पेयजल अथवा अन्य प्रयोजन के लिए नलकूप खनन नहीं किया जा सकेगा। किंतु शासकीय विभाग जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जिले में नया नलकूप खनन कर सकेगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग को नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। किंतु किए गए नलकूप खनन की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को दिया जाएगा।
जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए नलकूप खनन के अनुमति देने हेतु प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। राजस्व अनुविभाग मोहला के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मोहला को एवं राजस्व अनुविभाग मानपुर के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मानपुर को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। - दुर्ग. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने जिले में होने वाले नगरपालिका उप-निर्वाचन 2026 के लिए रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की है। छत्तीसगढ़ नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह नियुक्तियाँ भिलाई और रिसाली नगर पालिक निगम के रिक्त वार्डों में चुनाव संपन्न कराने हेतु की गई हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 01 (जुनवानी) के लिए नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल (आईएएस) को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। उनकी सहायता के लिए नगर निगम दुर्ग के उपायुक्त श्री मोहेन्द्र साहू को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार, नगर पालिक निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक 02 एवं 39 के लिए नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय को रिटर्निंग ऑफिसर और उपायुक्त श्री नरेन्द्र बंजारे को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पदाभिहित किया गया है। यह आदेश तत्कालशील हो गया है। निर्वाचन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियाँ शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।--
- 0- डीबीटी से मिली आर्थिक सहायता, प्रसव के समय आर्थिक चिंता से मिली राहत0- नवजात शिशु का भरण-पोषण हुआ आसानरायपुर। जिले की महिलाओं के जीवन में शासन की योजनाएं किस तरह सकारात्मक बदलाव ला रही हैं, इसका अच्छा उदाहरण ग्राम निसदा की श्रीमती लोकिन साहू ने प्रस्तुत किया है। आरंग विकासखंड के ग्राम निसदा, पोस्ट पारागांव निवासी श्रीमती लोकिन साहू जो छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिक हैं, पूर्व में मजदूरी का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण चिकित्सकों ने उन्हें पूर्ण विश्राम की सलाह दी, जिससे वे मजदूरी कार्य करने में असमर्थ हो गईं।ऐसे समय में उन्हें श्रम विभाग, जिला रायपुर से मिनीमाता महतारी जतन योजना की जानकारी प्राप्त हुई। इस योजना के अंतर्गत प्रसूति के दौरान मजदूरी क्षतिपूर्ति हेतु 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। श्रीमती साहू ने ऑनलाइन आवेदन किया, जिसके परीक्षण उपरांत उन्हें डीबीटी के माध्यम से 20 हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई।इस सहायता राशि का उपयोग उन्होंने अपने एवं अपने नवजात शिशु के भरण-पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल में किया, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिला और वे प्रसव के बाद बेहतर देखभाल कर सकीं।श्रीमती साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना मजदूर वर्ग की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है, जिससे प्रसूति के समय उन्हें आर्थिक चिंता से राहत मिलती है और वे अपने तथा अपने बच्चे के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित कर पाती हैं।मिनीमाता महतारी जतन योजना की शुरुआत वर्ष 2010 में की गई थी, जो वर्तमान में भी निरंतर संचालित है। योजना का उद्देश्य निर्माण श्रमिक वर्ग की महिलाओं को प्रसूति अवधि के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी मजदूरी की क्षतिपूर्ति करना है, ताकि वे अपने एवं अपने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार कर सकें।योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए महिला का कम से कम एक वर्ष पूर्व निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत होना आवश्यक है तथा बच्चे के जन्म के 90 दिवस के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होता है।योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिक श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in या ‘श्रमेव जयते’ मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जिला कार्यालय, सहायक श्रमायुक्त रायपुर से संपर्क किया जा सकता है।आवश्यक दस्तावेज रुप में श्रमिक पंजीयन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, जच्चा-बच्चा कार्ड, बैंक पासबुक (स्कैन प्रति), आधार कार्ड, स्वघोषणा प्रमाण पत्र नियोजक संबंधी स्वघोषणा पत्र जमा करें।
- रायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 9 स्वास्थ्य विभाग में स्वच्छता से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत पर नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के निर्देश पर जोन 9 क्षेत्र अंतर्गत फुण्डहर में नाली में निर्माणाधीन मकान का मलबा डालकर निकास बाधित किये जाने से सम्बंधित जनशिकायत जोन 9 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे, श्री उमेश नामदेव,स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में स्थल पर सही पाए जाने पर जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन 9 स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्बंधित निर्माणकर्त्ता नागरिक महेन्द्र साहू पर तत्काल 1000 रूपये का ई चालान उन्हें भविष्य के लिए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए किया गया और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
- 0- दक्षिण विधायक सुनील सोनी एवं महापौर मीनल चौबे ने एमआईसी सदस्य व वार्ड 57 पार्षद अमर गिदवानी, जोन 4 अध्यक्ष मुरली शर्मा, रायपुर शहर भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर रहे मौजूद0- गर्मी की तपीश को देखते हुए अधिकारी नई कांकीट रोड बनाने के बाद तराई का कार्य करवाये दक्षिण विधायक0- सभी नये विकास कार्य शीघ्र प्रारंभ कर समय सीमा में गुणवत्ता से पूर्ण करें- महापौर 0रायपुर. रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर जोन कमांक 4 अंतर्गत पंडित भगवतीचरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 57 क्षेत्र के 7 विभिन्न स्थानो पर लगभग 32 लाख रू. की स्वीकृत लागत से नये विकास कार्यों का श्रीफल फोडकर व कुदाल चलाकर भूमिपूजन कर कार्यारंभ रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी और महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने वार्ड 57 पार्षद व निगम एमआईसी सदस्य श्री अमर गिदवानी, जोन 4 अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता श्री राजेश जैन, सुश्री पल्लवी पाण्डेय,सुश्री गायत्री देवांगन, नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी, कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन सहित वार्ड 57 के पेंशनबाडा कालोनी क्षेत्र के रहवासी गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिको, नवयुवको की बडी संख्या में उपस्थिति के मध्य किया एवं नगरवासियों को एक और शानदार सौगात दी ।रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि जोन 4 अधिकारीगण गर्मी की तपीश को देखते हुए नये सीसी रोड निर्माण के बाद उसमें तराई का कार्य करवाना सुनिश्चित करें ताकि गर्मी के चलते नई सीसी रोड को कोई क्षति नहीं पहुंचने पाये। रायपुर दक्षिण विधायक ने कहा कि रायपुर नगर निगम क्षेत्र में पूर्ववर्ती शहर सरकार के 5 साल के कार्यकाल में विकास कार्य प्रारंभ नहीं होने के बाद नगर निगम की नई परिषद के कार्यकाल में सभी वार्डो में तेजी से नये विकास कार्य करवाये जा रहे है। शहर सरकार के पास विकास कार्य करवाने राशि की कोई कमी नहीं है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने वार्डवासियों को 32 लाख के नये विकास कार्य वार्ड में प्रारंभ होने पर हार्दिक बधाई दी एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वीकृति अनुसार शीघ्र कार्य प्रारंभ करवाकर सभी नये विकास कार्य तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ जनहित में पूर्ण करवाना सुनिश्चित करें।वार्ड 57 पार्षद व एमआईसी सदस्य श्री अमर गिदवानी ने वार्ड 57 में 32 लाख की लागत से नाली, सीसी रोड, सामुदायिक भवन आदि के 7 स्थानो पर नये विकास कार्य प्रारंभकरने पर सभी वार्डवासियों की ओर से रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी और महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा को धन्यवाद दिया एवं नये विकास कार्य प्रारंभ होने पर सभी वार्डवासियों को हार्दिक बधाई दी ।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने शहर में चल रहे विकास कार्यो एवं मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों की समीक्षा बैठक लिये। बैठक में बिजली बिल, पानी टंकी निर्माण, पाईप लाइन संधारण, प्रकाश एवं पेयजल व्यवस्था, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन, स्वच्छ सर्वेक्षण, तालाब सफाई, निर्माण कार्य, रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सिवरेज निर्माण एवं लंबित शिकायतों का निराकरण जैसे विषय प्रमुख बिन्दु थे।निगम आयुक्त बैठक की शुरूवात विद्युत आडिट के संबंध में किए गए कार्य से किये । विद्युत कनेक्शन के संबंध में सही ऑडिट हो जिससे विद्युत बिल का अतिरिक्त भार को काम किया जा सके। कार्यालय अवधि के लिए शासकीय नंबर का उपयोग अनिवार्य किया जाना है। शहर में चल रहे पानी टंकी का निर्माण समय सीमा में पूर्ण कराना है, जिससे नागरिको को पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति की जा सके। वार्डो के लिकेज पाईप लाईन का चिन्हांकित कर शीध्र उसका संधारण कराया जाना है, जिससे पानी की बर्बादी रोकी जा सके। सड़को पर लगे लाईटो का चालू कराना है, बंद लाईट का संधारण कर उसके जगह नया लाईट लगाया जाना है और उद्यानों में पौघो की पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था मुहैया कराना अति आवश्यक है, जिससे पर्यावरण को हरा-भरा एवं प्रदुषण मुक्त बनाया जा सके। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, नालियों, तालाबों, मोहल्लो एवं बाजारों का प्रतिदिन सफाई को प्राथमिकता देना है। आगामी 1 मई से सुशासन तिहार प्रारंभ होगा, जिसमें आम नागरिक अपने समस्याओं के निवारण हेतु आवेदन कर सकते हैं।बैठक के दौरान आयुक्त ने कहा कि शहर में चल रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए करना है। निर्माण कार्यो को गुणवत्ता युक्त एवं समय पर पूर्ण कराया जावे, जिससे नागरिको को मिलने वाली सुविधा प्रदान की जा सके। बरसात से पूर्व रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अधिक से अधिक निर्माण कराया जाना है, जिससे वर्षा जल का संरक्षण किया जा सके और गिरते भू-जल स्तर को सुधारा जा सके। चल रहे सिवरेज लाईन का कार्य जल्द पूरा कराना है। साथ ही नागरिको से मिलने वाली शिकायतों का समय पर निराकरण किया जाए। शहर के वार्ड पार्षद एवं जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर कार्य करना है, जिससे वार्ड की समस्या में सुधार हो सके।इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार दोहरे, अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, वेशराम सिंहा, उपायुक्त नरेंद्र बंजारे, डी एस कोसरिया, जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता, संजय वर्मा, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, सुनील जैन, अरविन्द शर्मा, अनिल सिंह, लेखाधिकारी चंद्रभूषण साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उद्यान सह जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू, राजस्व अधिकारी जे पी तिवारी, सहायक अभियंता गण, उप अभियंता गण, सहायक राजस्व अधिकारी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।--
- 0- पांडुलिपियों के सुरक्षित संकलन हेतु नोडल अधिकारी श्री उत्तम ध्रुव से करें संपर्कदुर्ग. देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सहेजने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित 'ज्ञानभारतम्’ मिशन के तहत दुर्ग जिले में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से कागज, ताड़पत्र, भोजपत्र, धातु, कपड़े और चमड़े पर लिखित प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की खोज, पहचान और उनका डिजिटलीकरण किया जा रहा है। अब तक जिले में किए गए 4 सर्वेक्षणों में 74 पांडुलिपियों की पहचान कर उन्हें रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज किया जा चुका है। यह अभियान आगामी 15 जून तक जारी रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य निजी और संस्थागत संग्रहों में छिपे ऐतिहासिक व वैज्ञानिक ज्ञान को सामने लाना है।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जिले के नागरिकों, प्रबुद्धजनों और निजी संग्राहकों से अपील की है कि यदि उनके पास या उनके पूर्वजों के समय की कोई भी प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो वे इसकी जानकारी साझा कर राष्ट्र की विरासत को संरक्षित करने में सहभागी बनें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि निजी हाथों में मौजूद दुर्लभ पांडुलिपियों का दस्तावेजीकरण वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता है। इन बहुमूल्य दस्तावेजों के सुरक्षित संकलन हेतु डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के नागरिक अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों को सुरक्षित रूप से जमा करने या उनकी जानकारी दर्ज कराने के लिए नोडल अधिकारी के पास पहुंचकर इस राष्ट्रीय अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।--
- दुर्ग. भारत सरकार गृह मंत्रालय महानिदेशालय अग्निशमन सेवा नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षक नई दिल्ली के पत्रानुसार नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, एनसीसी एवं होमगार्ड जवानों को सिविल डिफेंस, एयर रेडियो/ब्लैकआउट मॉक एक्सरसाइज हेतु मॉक अभ्यास 24 अप्रैल 2026 को शाम 05 बजे से रात्रि 8 बजे तक डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट दुर्ग कैंपस केन्द्रीय विद्यालय के पास (केन्द्रीय जेल) में किया जाएगा। उक्त मॉक अभ्यास हेतु कलेक्टर दुर्ग द्वारा विभिन्न विभाग के अधिकारियों को कार्य दायित्व सौंपे गये हैं। साथ ही मॉक अभ्यास के समय शाम 05 बजे से रात्रि 08 बजे तक उपस्थिति सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया है।--
- दुर्ग. महिला एवं बाल विकास विभाग, दुर्ग द्वारा 'मिशन शक्ति योजना' के अंतर्गत संचालित अतिरिक्त सखी वन स्टॉप सेंटर में विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, दावा आपत्ति के निराकरण के पश्चात पात्र पाए गए आवेदकों के लिए आगामी 29 अप्रैल, 2026 को वॉक-इन-इंटरव्यू और दस्तावेजों का सत्यापन आयोजित किया जाएगा। जिला स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा पर तैयार की गई मेरिट सूची के आधार पर यह प्रक्रिया संपन्न होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, साक्षात्कार और दस्तावेज़ सत्यापन का कार्य विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग समय पर होगा। केस वर्कर और बहुउद्देशीय कर्मचारी/रसोइया के लिए सुबह 9 बजे से सत्यापन और 10.30 बजे से इंटरव्यू शुरू होगा।वहीं, सुरक्षा गार्ड/नाइट गार्ड के लिए सुबह 10.30 बजे सत्यापन और अपरान्ह 12 बजे से इंटरव्यू होगा, साइको-सोशल काउंसलर व पैरा लीगल कार्मिक/वकील के लिए दोपहर 12.00 बजे दस्तावेज सत्यापन और अपरान्ह 01 बजे से इंटरव्यू और केन्द्र प्रशासक व पैरा मेडिकल कार्मिक के लिए दोपहर 01 बजे से सत्यापन तथा अपरान्ह 3.00 बजे से इंटरव्यू प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। यह संपूर्ण आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, पांच बिल्डिंग परिसर, जिला-दुर्ग के कार्यालय में किया जाएगा। इंटरव्यू में सम्मिलित होने वाले पात्र आवेदकों की सूची जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.durg.gov.in और विभागीय सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। पात्र अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने मूल दस्तावेजों के साथ नियत समय पर उपस्थित रहें।--
- दुर्ग. कार्यालय परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना, दुर्ग-ग्रामीण द्वारा आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद पर नियुक्ति हेतु चयन प्रक्रिया के अगले चरण की सूचना जारी कर दी गई है। परियोजना स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा आवेदनों के मूल्यांकन के पश्चात अनंतिम वरीयता सूची जारी की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सूची पर किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने के लिए अभ्यर्थी 03 मई, 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। ज्ञात हो कि दावा-आपत्ति केवल https://aww.e-bharti.in/ पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। साथ ही, इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के नवीन दस्तावेज़ स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए अनंतिम वरीयता सूची ऑनलाइन पोर्टल के साथ-साथ परियोजना कार्यालय तथा जनपद पंचायत दुर्ग के सूचना पटल पर भी चस्पा कर दी गई है। पात्र आवेदकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल का अवलोकन करने और आवश्यकतानुसार अपनी आपत्ति दर्ज कराने की अपील की गयी है।
- 0- राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रायपुर जिले में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक ली0- ग्राम पंचायत स्तर पर जल संरक्षण के लिए डबरी का निर्माण किया जाए0- नशे पर सख्ती से रोक लगाए एवं भारी वाहनों के आवागमन पर करे नियंत्रण0- प्रोजेक्ट ग्रीन पालना, प्रोजेक्ट अजा सहित अन्य प्रोजेक्ट की राज्यपाल ने की सराहनारायपुर. राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रायपुर जिले की विकासखण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक ली। राज्यपाल ने कहा कि सभी अधिकारी जनता से मिलें और उनके बीच जाएं तथा हितग्राहियों से मुलाकात करें एवं उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर योजनाओं का फीडबैक लें। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत जानने का सबसे बेहतर तरीका लोगों से लगातार संवाद है। राज्यपाल ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट ग्रीन पालना और प्रोजेक्ट रचना की सराहना की। श्री डेका ने योजनाओं में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।राज्यपाल श्री डेका ने कलेक्टरेट परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया।राज्यपाल को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। श्री डेका ने जिले के विभिन्न विकासखण्डों में हो रहे डबरी निर्माण की भी सराहना करते हुए कहा कि हमें बड़े किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए इससे रायपुर के जलस्तर में सुधार आएगा और भविष्य में होने वाले संभावित पेयजल की समस्या का सामना करने में सहयोग मिलेगा।उन्होंने अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को व्यवहारिक और प्रभावी उपाय अपनाने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में धान की खेती अधिक होती है, जो पानी की खपत बढ़ाती है। इसलिए बड़े किसानों को अन्य फसलों की ओर भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि रायपुर तेजी से विकसित हो रहा है और आने वाले वर्षों में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन जाएगा। उन्होंने जल जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर जल स्रोतों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए, ताकि उसी आधार पर बेहतर योजना और रणनीति बनाई जा सके।श्री डेका ने कहा कि हमें ग्राम पंचायत स्तर पर छोटी-छोटी डबरी बनानी चाहिए। इस कार्य में समुदाय की भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करें और जनप्रतिनिधियों को भी ऐसे कार्यों के लिए शामिल करें। सभी शासकीय कार्यालयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग करें और अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने जल जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक वर्ष से मिशन मोड के तहत कुओं के निर्माण का कार्य तेजी से किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत घरों में अब रेन वाटर हार्वेस्टिंग को शामिल किया जा रहा है।राज्यपाल ने कहा कि वृक्षारोपण को अधिक से अधिक बढ़ावा दें। एम्स, डॉ. भीमराव अंबेडकर हॉस्पिटल एवं स्कूलों में वृक्षारोपण करें। सड़कों के किनारे भी वृक्षारोपण किया जा सकता है इससे प्रदूषण की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। उन्होंनेे कहा कि विकास की निशानी अधिक से अधिक पेड़ लगाना और हरियाली है।प्रोजेक्ट हर घर मुनगा की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा दें, नेचुरल फार्मिंग में वैल्यू एडिशन जरूरी है। हमें विशेष रूप से हाइड्रोपोनिक्स को बढ़ावा देना चाहिए। आने वाला समय में इसकी अच्छी संभावना है। उन्होंने नर्सरी हाइड्रोपोनिक्स विकसित करने का सुझाव दिया।“ग्रीन पालना” परियोजना की चर्चा के दौरान राज्यपाल ने जानकरी ली कि नवप्रसूता महिलाओं को दिए गए पौधों की निगरानी कैसे होती है कि वे जीवित हैं या नहीं। इस पर कलेक्टर ने बताया कि एआई आधारित प्रणाली के तहत मितानिन घर-घर जाकर पौधों की फोटो लेकर उनका फॉलोअप करती हैं। राज्यपाल ने कहा कि पेड़ लगाना हम सभी की जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। राज्यपाल ने योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आम जनता से कहा कि योग की कक्षाओं तक ही सीमित न रहें बल्कि योग सीखने के बाद नियमित रूप से घर में भी इसका अभ्यास करें।यातायात व्यवस्था पर राज्यपाल ने कहा कि जिले में भारी वाहनों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। रैश ड्राइविंग और हेलमेट के मामले में पहले जागरूकता बढ़ाने और फिर आवश्यक होने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि अभी से सख्ती और जागरूकता के जरिए इसे रोकना जरूरी है।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल, रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती मनीषा ठाकुर, राज्यपाल की उपसचिव सुश्री निधि साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।--
- 0- ‘ज्ञान भारतम्’ अभियान से पांडुलिपि संरक्षण को नया बलबिलासपुर. संस्कृति मंत्रालय की पहल ‘ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण’ के तहत देश की अमूल्य पांडुलिपियों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण के लिए अब ग्राम स्तर पर भी व्यापक प्रयास शुरू हो गए हैं। इस अभियान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित कर सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, संस्कृति, विज्ञान और दर्शन को संजोए रखने वाली पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार द्वारा ‘ज्ञान भारतम्’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से न केवल पांडुलिपियों का सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण किया जा रहा है, बल्कि उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा गया है। अभियान के तहत ‘ज्ञान भारतम् मोबाइल एप’ विकसित किया गया है, जिसके जरिए कोई भी नागरिक मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से लॉगिन कर पांडुलिपियों की जानकारी दर्ज कर सकता है। उपयोगकर्ता व्यक्तिगत रूप से, मंदिर ट्रस्ट, विश्वविद्यालय या अन्य संस्थान के प्रतिनिधि के रूप में भी पंजीयन कर सकते हैं। एप पर उपलब्ध पांडुलिपियों की तस्वीरें अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, ताकि उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो सके।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस दिशा में राज्य स्तरीय स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है। वहीं बिलासपुर जिले में जिला स्तरीय समिति गठित कर अभियान को गति दी गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार अग्रवाल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिले में 8 मास्टर ट्रेनर और 494 अन्वेषकों की नियुक्ति कर उनका प्रशिक्षण भी पूरा किया जा चुका है। बिलासपुर में इस अभियान को ग्राम सभाओं तक ले जाकर एक अभिनव पहल की गई है। ग्राम स्तर पर बैठकों में पांडुलिपियों के महत्व पर चर्चा की जा रही है और ग्रामीणों को इन्हें सुरक्षित रखने एवं सूचीबद्ध करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे गांवों में छिपी हुई दुर्लभ पांडुलिपियों को पहचानने और संरक्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।यह पहल न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का प्रयास है, बल्कि स्थानीय समुदायों को अपनी विरासत के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।--
- 0- लू से बचाव और उपचार के लिए जारी किए व्यापक दिशा-निर्देशबिलासपुर. प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में लू के लक्षण, बचाव के उपाय, प्रारंभिक उपचार तथा अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रदेश में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे लू (हीट स्ट्रोक) की संभावना बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए समय रहते सतर्कता और बचाव अत्यंत आवश्यक है। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लू के प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, शरीर में दर्द, अत्यधिक गर्मी के बावजूद पसीना न आना, अत्यधिक प्यास लगना, पेशाब कम आना तथा बेहोशी शामिल हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करते हुए तुरंत आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।लू से बचाव के लिए नागरिकों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, धूप में निकलते समय सिर और कान ढंकने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के, सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। अधिक पसीना आने पर ओआरएस घोल का सेवन करने तथा चक्कर या घबराहट होने पर छायादार स्थान पर आराम करने और ठंडे पेय पदार्थ लेने की भी सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर 104 आरोग्य सेवा केंद्र से नि:शुल्क परामर्श लेने को कहा गया है।लू से प्रभावित व्यक्ति के लिए प्राथमिक उपचार के रूप में सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखना, शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करना, पर्याप्त तरल पदार्थ देना तथा मरीज को हवादार स्थान पर लिटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गंभीर स्थिति में तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाने पर जोर दिया गया है।स्वास्थ्य विभाग ने सभी शासकीय अस्पतालों को भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बाह्य रोगी विभाग में आने वाले मरीजों की लू के लक्षणों की जांच, कम से कम दो बेड आरक्षित रखना, वार्डों में कूलर या अन्य शीतलन व्यवस्था करना तथा ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा प्राथमिक उपचार कक्ष में ओआरएस कॉर्नर स्थापित करने, पर्याप्त मात्रा में जीवनरक्षक दवाएं, इंट्रावेनस फ्लूइड और ओआरएस पैकेट उपलब्ध रखने तथा गंभीर मरीजों के लिए विशेष प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।प्रत्येक जिला और ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल चिकित्सा दल तैनात करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में सतर्क रहें, पर्याप्त पानी पिएं और लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।--
- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में एक बार फिर जटिल चिकित्सा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए डॉक्टरों की टीम ने 22 वर्षीय युवक को नई दृष्टि और सामान्य जीवन की ओर लौटने का अवसर प्रदान किया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई आंख की निचली पलक का सफल ऑपरेशन कर मरीज को बड़ी राहत मिली है।दिसंबर 2025 की दुर्घटना के बाद बढ़ी थी परेशानीप्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक दिसंबर 2025 में एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। हादसे में उसकी आंख की निचली पलक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे वह अपनी आंख पूरी तरह बंद नहीं कर पा रहा था। प्रारंभिक उपचार के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद वह सिम्स के नेत्र रोग विभाग पहुंचा।विशेषज्ञों ने किया सर्जरी का निर्णयनेत्र विशेषज्ञों द्वारा गहन जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन के दौरान पलक पर बने पुराने कठोर निशान (स्कार टिश्यू) को सावधानीपूर्वक हटाया गया। इसके बाद पलक की संरचना को पुनः सामान्य करने के लिए उन्नत स्किन ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग किया गया।जटिल सर्जरी के बाद तेजी से सुधारसर्जरी अत्यंत जटिल थी, क्योंकि ग्राफ्ट का आकार बड़ा था। इसके बावजूद विशेषज्ञों ने सफलतापूर्वक स्किन ग्राफ्ट का प्रत्यारोपण कर पलक और गाल के हिस्से का पुनर्निर्माण किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की आंख की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और अब वह सामान्य रूप से देख पा रहा है। पलक भी पूरी तरह से बंद हो रही है, जिससे चेहरे की विकृति दूर हो गई है।इन विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिकाइस सफल सर्जरी मेंडॉ. सुचिता सिंह, डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. कौमल देवांगन, डॉ. विनोद ताम्कनंद, डॉ. डेलीना नेल्सन, डॉ. संजय चौधरी एवं डॉ. अनिकेत सहित नर्सिंग स्टाफ सिस्टर संदीप कौर तथा नेत्र, सर्जरी एवं निश्चेतना विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।मरीज व परिजनों ने जताया आभारअस्पताल प्रशासन के अनुसार सर्जरी पूरी तरह सफल रही है। मरीज की पलक सामान्य स्थिति में लौट आई है और आंख की कार्यक्षमता भी बहाल हो गई है। चेहरे की विकृति समाप्त होने से मरीज और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली तथा सिम्स के चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा,“सिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर निरंतर बेहतर हो रहा है। हमारे विशेषज्ञ चिकित्सक जटिल से जटिल मामलों में भी उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। यह उपलब्धि संस्थान की आधुनिक सुविधाओं और डॉक्टरों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा,“इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफल निष्पादन हमारी टीम की समन्वित कार्यप्रणाली और विशेषज्ञता को दर्शाता है। सिम्स में अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार यहीं मिल रहा है।”सरकारी संस्थान में विश्वस्तरीय उपचार का उदाहरणइस सफल सर्जरी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के बल पर जटिल से जटिल बीमारियों का विश्वस्तरीय उपचार संभव है।--
- 0- निस्तारी के लिए 107 गांवों के 211 तालाब भरे जाएंगेबिलासपुर. जिले में बढ़ती जल आवश्यकता को देखते हुए जिला प्रशासन ने खूंटाघाट जलाशय से नहरों के माध्यम से गांवों के निस्तारी तालाब भरने का निर्णय लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर जल संसाधन विभाग द्वारा 25 अप्रैल को सवेरे 11 बजे से खारंग जलाशय के बाएं और दाएं तट की नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। नहर किनारे बसे 107 गांवों के 211 तालाबों को भरने की योजना बनाई गई है। यह निर्णय जनप्रतिनिधियों की मांग और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि नहर के पानी का उपयोग केवल निस्तारी तालाब भरने के लिए ही किया जाए। जल संसाधन विभाग के मैदानी अमले को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में तालाबों को भरवाना सुनिश्चित करें और किसी भी स्थिति में निस्तारी के अलावा अन्य उपयोग के लिए पानी न दिया जाए। साथ ही पानी के दुरुपयोग और अपव्यय को रोकने के लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। यदि नहर के पानी का उपयोग रबी में धान की सिंचाई जैसे अन्य कार्यों में किया गया तो संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- 0- अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी0- जिले में 34 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी 119 केंद्रों में देंगे परीक्षाबिलासपुर. छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड अंतर्गत उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2026 का आयोजन 26 अप्रैल को जिले के 119 केंद्रों में सवेरे 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक किया जाएगा। इस परीक्षा में 34 हजार 396 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए है। जिसके अनुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 2 घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। परीक्षा का समय सवेरे 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक निर्धारित किया गया है, लेकिन सुरक्षा और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के कारण परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 9.30 बजे ही बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।परीक्षार्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आना होगा, जबकि गहरे रंग जैसे काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी रंग और चॉकलेटी रंग के कपड़े प्रतिबंधित रहेंगे। धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच के लिए निर्धारित समय से पहले केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा। पैरों में फुटवियर के रूप में चप्पल पहनने की अनुमति होगी और कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनना वर्जित है। इसके अलावा, परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार के संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा केंद्र में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी। केंद्र में केवल काले या नीले बॉल पांइट पेन लेकर ही आना होगा।






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