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- -महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त से वर्षा राठौर के चेहरे पर खिली मुस्कान, बोलीं—“विष्णु भैया ने हमारी खुशियां दोगुनी कर दीं”रायपुर । रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील और बहन-समान आत्मीय सोच एक बार फिर खुशियों की सौगात लेकर आई है। महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एक हजार रुपये की राशि पहुंची है। इस नियमित आर्थिक संबल से महिलाओं के चेहरों पर खुशी और मन में आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है।गौरेला विकासखंड के ग्राम सेमरा निवासी श्रीमती वर्षा राठौर के लिए भी महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले विशेष उपहार बनकर आई। खाते में एक हजार रुपये की राशि पहुंचने पर उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक उठी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बहनों के सम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक मजबूती के लिए संचालित यह योजना उनके जैसे परिवारों के लिए निरंतर सहारा बन रही है।श्रीमती वर्षा राठौर बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि घर-परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू आवश्यक सामग्री और अन्य जरूरी खर्चों में यह राशि काफी मददगार साबित होती है। नियमित रूप से राशि खाते में आने से उन्हें आर्थिक संबल के साथ अपनी आवश्यकताओं के लिए स्वयं निर्णय लेने का भरोसा भी मिला है।उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी बन रही है। हर महीने मिलने वाली सहायता से महिलाओं को परिवार की जिम्मेदारियों में अपनी भागीदारी और अधिक मजबूती से निभाने का अवसर मिल रहा है।रक्षाबंधन से ठीक पहले 30वीं किस्त मिलने की खुशी जाहिर करते हुए श्रीमती वर्षा राठौर ने भावुक होकर कहा, “हमारे विष्णु भैया ने राखी से पहले 30वीं किस्त जारी कर हम सभी बहनों की खुशियां दोगुनी कर दी हैं। इसके लिए मैं विष्णु भैया का हृदय से धन्यवाद करती हूं।”महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं की व्यक्तिगत जरूरतों के साथ-साथ परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। इससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता को भी बल मिल रहा है। रक्षाबंधन जैसे आत्मीय पर्व के अवसर पर मिली 30वीं किस्त ने श्रीमती वर्षा राठौर सहित प्रदेश की लाखों बहनों के लिए इस पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया है। उनके लिए यह राशि केवल एक हजार रुपये की सहायता नहीं, बल्कि संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु भैया की ओर से बहनों के सम्मान, भरोसे और आत्मीयता का उपहार बनकर आई है।
- -डीएमएफ मद से 13 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण को मिली हरी झंडीरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा कोरबा विधायक श्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से कोरबा शहर के आधारभूत ढांचे को बड़ा मजबूती मिलने जा रही है। शहर के प्रमुख मार्गों के नए सिरे से डामरीकरण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से 17.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री श्री देवांगन के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने 13 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति आदेश जारी कर दिया है।सोनालिया ब्रिज से तुलसी नगर बायपास 1.99 करोड़ रुपये, रिश्दा चौक से गायत्री मंदिर मुख्य मार्ग (जीटी रोड) 1.80 करोड़ रुपये, इमली डुग्गू बस्ती से खदान रोड तक (सीसी रोड व डिवाइडर) 1.74 करोड़ रुपये सड़कडामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है। इसी प्रकार पोड़ीबहार चर्च से लकी बिग बास्केट मोड़ तक 1.65 करोड़ रुपये, डीडीएम रोड से लालू राम कॉलोनी होते हुए बस स्टैंड 1.64 करोड़ रुपये, सरदार पटेल नगर (आवासीय क्षेत्र) 1.50 करोड़ रुपये, सरदार पटेल नगर (व्यावसायिक क्षेत्र) 1.45 करोड़ रुपये, प्रेम नगर मुख्य मार्ग से कपटमुड़ा डीपरा बस्ती 1.38 करोड़ रुपये, लालघाट बालको चेक पोस्ट से रिश्दा चौक (बीटी रोड) 1.20 करोड़ रुपये सड़कडामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है। सुभाष चौक से सब-स्टेशन तक 97.80 लाख रुपये, सोनालिया ब्रिज नहर से सीतामणि मुख्य मार्ग तक 87.75 लाख रुपये, कलेक्ट्रेट एटीएम से बैगिनडभार आंगनबाड़ी तक 66.18 लाख रुपये, नेहरू नगर (वार्ड-24) एवं शारदा विहार से टीपी नगर फाटक क्रमशः 55 लाख व 40 लाख रुपये सड़क डामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है।मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि इसके अलावा शहर के अन्य 6 प्रमुख मार्गों के लिए पूर्व में स्वीकृत 7.12 करोड़ रुपये के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इनमें जैन चौक से घंटाघर चौक, घंटाघर चौक से कोसाबाड़ी चौक, सुनालिया ब्रिज से पावर हाउस रोड तथा पुराने बस स्टैंड अंडरब्रिज रोड जैसे व्यस्त मार्ग शामिल हैं। बारिश का मौसम समाप्त होते ही इन सभी सड़कों पर डामरीकरण का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि शहर के सभी मुख्य मार्गाे एवं उप नगरीय क्षेत्र को जोड़ने वाले सड़कों के साथ-साथ वार्डों की आंतरिक सड़कों के डामरीकरण के लिए जिला खनिज न्यास मद से राशि की स्वीकृति आदेश जारी हो चुकी है, कुछ और सड़कों के लिए राशि कुछ दिनों में प्राप्त हो जाएगी। मानसून सीजन खत्म होने के बाद सभी स्वीकृत सड़कों का डामरीकरण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
- - नेशनल हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग एवं मवेशियों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के दिए निर्देश- ई-डीएआर पोर्टल में दुर्घटना प्रकरणों की समय पर एंट्री और 24 घंटे में सत्यापन के दिए निर्देश- कलेक्टर ने ली जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेकर जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। कलेक्टर ने नेशनल हाईवे पर हुई दुर्घटना पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को नेशनल हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग करने तथा सड़क पर आने वाले मवेशियों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने इन व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने नेशनल हाईवे के किनारे बन रहे सर्विस लेन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज इम्पीरियल के सामने दुर्घटना संभावित क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए हाफ मास्ट लाइट लगाने तथा दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना संभावित चौक-चौराहों एवं मार्गों का चिन्हांकन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने कहा।कलेक्टर ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं के कई मामलों की ई-डीएआर पोर्टल में समय पर एवं सही तरीके से प्रविष्टि नहीं हो रही है। इसके कारण दुर्घटना पीडि़तों को प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत मिलने वाले उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधा का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई होती है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं अस्पतालों के कर्मचारियों को पोर्टल पर दुर्घटना प्रकरणों की प्रविष्टि की प्रक्रिया का आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद अस्पताल द्वारा प्रकरण की ऑनलाइन प्रविष्टि किए जाने के पश्चात पुलिस विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा में उसका सत्यापन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों का सत्यापन 24 घंटे के भीतर करने तथा पूरी प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि पीडि़त को उपचार की सुविधा बिना विलंब मिल सके।कलेक्टर ने प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीडि़तों को मिलने वाले अधिकतम 7 दिवस तक के उपचार एवं 1 लाख 50 हजार रूपए तक के कैशलेस उपचार पैकेज की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने जिले के सभी निजी अस्पतालों एवं ट्रॉमा सेंटरों से सड़क दुर्घटना के मामलों को प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दर्ज कर पीडि़तों को योजना का लाभ दिलाने कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों के संबंधित कर्मचारियों को ई-डीएआर एवं प्रधानमंत्री राहत योजना की ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी देने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रक्रिया को सरलता से समझाने के लिए एक वीडियो तैयार कर निजी अस्पतालों के समूहों में साझा करने को कहा, ताकि सभी अस्पतालों को प्रकरण दर्ज करने एवं सत्यापन की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने दुर्घटना पीडि़तों को समय पर उपचार एवं पीएम - राहत योजना का लाभ दिलाने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आरटीओ तथा निजी अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में आरटीओ, यातायात पुलिस, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल के अधिकारी तथा निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा जिले में कीटनाशक विक्रय एवं भंडारण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में उप संचालक कृषि श्री फागूराम कश्यप के नेतृत्व में जिला स्तरीय निरीक्षण दल ने 24 एवं 25 अगस्त 2026 को सरायपाली विकासखण्ड के विभिन्न कीटनाशी विक्रय केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान जे.एम.आर. कृषि केन्द्र मुड़पहार, पुष्पा कृषि सेवा केन्द्र अर्जुण्डा, कृष्णा कृषि सेवा केन्द्र तोरेसिंहा, नरेश कृषि सेवा केन्द्र सागरपाली, पटेल कृषि सेवा केन्द्र सागरपाली, अंकित कृषि पेस्टीसाइड्स मुरमुरी एवं ओम एग्रो बलौदा में अनियमितताएं पाई गईं।निरीक्षण में संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं करने, प्रतिष्ठान में मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने तथा निर्धारित प्रोफार्मा में किसानों को बिल उपलब्ध नहीं कराने जैसी अनियमितताएं पाई गईं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित फर्मों को कीटनाशी अधिनियम, 1968 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी संबंधितों से पांच दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने की स्थिति में संबंधित कृषि केन्द्रों के कीटनाशी लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।उप संचालक कृषि श्री कश्यप ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने तथा कीटनाशकों के विक्रय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है। उन्होंने कृषि आदान विक्रेताओं को नियमानुसार स्टॉक रजिस्टर संधारित करने, मूल्य सूची प्रदर्शित करने तथा किसानों को निर्धारित प्रारूप में बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि डॉ. परमजीत सिंह कंवर, अनुविभागीय कृषि अधिकारी सरायपाली श्री विवेक पटेल, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सरायपाली श्री एल.के. चौहान, कृषि विकास अधिकारी श्री मनोज पटेल एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री भीमेश्वर साहू उपस्थित रहे।
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- सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए एनएचएआई की लगातार पेट्रोलिंग और कार्रवाई जारी
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव द्वारा जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में नेशनल हाईवे पर मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए लगातार पेट्रोलिंग एवं मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के निर्देशों का असर अब मैदानी स्तर पर दिखाई देने लगा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा नेशनल हाईवे पर लगातार निगरानी एवं पेट्रोलिंग कर सड़क पर बैठे मवेशियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। नेशनल हाईवे के विभिन्न हिस्सों में सड़क के मीडियन रोड सेंटर एवं सोल्डर रोड सेंटर पर बैठी 51 गायों को हटाकर सड़क से दूर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
नेशनल हाईवे पर मवेशियों की मौजूदगी से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विशेषकर रात के समय सड़क पर बैठे मवेशी दिखाई नहीं देने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए एनएचएआई द्वारा दुर्घटना संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग कर सड़क पर आने वाले मवेशियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा की दृष्टि से नेशनल हाईवे पर मवेशियों की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी रखने तथा पेट्रोलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही रेडियम बेल्ट भी लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें। - -चबूतरे पर बैठकर छात्राओं से की आत्मीय चर्चा, स्वास्थ्य, पढ़ाई, करियर और छात्रावास की व्यवस्थाओं की ली जानकारी-छात्राओं की सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देशमहासमुंद / आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज शाम महासमुंद स्थित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया। मंत्री ने छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई, करियर, रहन-सहन तथा छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान स्थानीय विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा भी मौजूद थे।निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री नेताम ने छात्रावास प्रांगण में चबूतरे पर बैठकर छात्राओं के साथ आत्मीय चर्चा की। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, विषयों, परीक्षा की तैयारी, भविष्य में क्या बनना चाहती हैं और करियर को लेकर उनकी योजनाओं के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। छात्राएं अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ें तथा उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करें।मंत्री श्री नेताम ने छात्राओं से उनके स्वास्थ्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होता है या नहीं, किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उपचार की व्यवस्था कैसी है तथा भोजन की गुणवत्ता और समय पर भोजन मिलने की स्थिति क्या है। उन्होंने छात्रावास की स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, अध्ययन कक्ष, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावास में स्वच्छता और साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल निराकरण किया जाए।मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों से कहा कि छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि छात्राओं के अध्ययन और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए यहां ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां छात्राएं सुरक्षित महसूस करते हुए मन लगाकर पढ़ाई कर सकें। उन्होंने छात्राओं से भी कहा कि छात्रावास से संबंधित किसी भी समस्या अथवा आवश्यकता को अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष खुलकर रखें।उन्होंने अधिकारियों को छात्रावास की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा छात्राओं से समय-समय पर संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी लेने के निर्देश दिए। साथ ही छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और करियर संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री नेताम ने छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं से बातचीत के बाद संतोष व्यक्त किया। उन्होंने छात्राओं के उत्साह और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, श्री एतराम साहू, श्री पीयूष साहू, श्री महेंद्र सिक्का सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आदिम जाति विकास विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती शिल्पा साय, खंड प्रभारी श्री नीलेश खांडे तथा छात्रावास अधीक्षक श्रीमती शमशाद जहां सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
- -अतिक्रमण और यातायात नियमों के उल्लंघन पर होगी नियमित कार्रवाई-इस वर्ष आठ माह में 212 लोगों की सड़क हादसों में मौत, मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में 161 की गई जानबिलासपुर / कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेकर जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दुर्घटनाओं के एक-एक कारण की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए निर्धारित उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए बनाया गया है और इस पर सबसे पहला अधिकार पैदल यात्रियों का है। उन्होंने नगर निगम को फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट द्वारा भी निगरानी की जा रही है, इसलिए नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।उन्होंने सड़कों को सुरक्षित रखने के साथ सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व, पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं नगर निगम की संयुक्त टीम प्रत्येक सप्ताह आकस्मिक कार्रवाई करेगी। उन्होंने सड़क किनारे अवैध कब्जे, यातायात में बाधा बनने वाली गतिविधियों और अन्य सुरक्षा संबंधी कमियों को चिन्हांकित कर तत्काल निराकरण करने को कहा।एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने बताया कि इस वर्ष के शुरुआती आठ महीनों में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 212 लोगों की मृत्यु हुई है। इनमें 161 मौतें मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में हुई हैं, जिनमें अधिकांश मामले आमने-सामने की टक्कर से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हेलमेट का उपयोग कई मामलों में जान बचा सकता था। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को न्यूनतम करना सभी विभागों का साझा लक्ष्य होना चाहिए। एसएसपी ने सड़क पर आवारा पशुओं के बैठने को भी दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि जिले में 8 नए गोधाम स्वीकृत किए गए हैं, जिससे पशुओं के लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय कर पशुओं को सड़कों से हटाने और सुरक्षित स्थानों पर रखने की कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा।एसएसपी श्री सिंह ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जवाली नाला और गुरुनानक चौक जैसे क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। आगामी त्योहारों के दौरान विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने वाले मंडपों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। उन्होंने मंडपों में विद्युत कनेक्शन के लिए अवैध हुकिंग नहीं किए जाने की सख्त निगरानी के निर्देश दिए, ताकि विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को रोका जा सके।बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास भवन निर्माण एवं भूमि उपयोग संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्ग के केंद्र से 40 मीटर के दायरे में आवासीय तथा 75 मीटर के दायरे में व्यावसायिक उद्देश्य से भूमि उपयोग पर लागू प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन कराने तथा नियम विरुद्ध गतिविधियों पर कार्रवाई करने कहा गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एडिशनल एसपी पंकज पटेल, एडिशनल एसपी ट्रैफिक श्री करियारे, आरटीओ, एसडीएम, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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पक्के आवासों के साथ जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ताकत
बिलासपुर /प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-26 के दौरान जनपद पंचायतों के हितग्राहियों के स्वीकृति आवास निर्माण के लिए राशि जारी किया गया, जिसमें जनपद पंचायत बिल्हा में 18653 स्वीकृत आवास निर्माण के लिए 207.18 करोड़ राशि दिया जा चुका है, इसी प्रकार जनपद पंचायत कोटा में 17760 स्वीकृत आवास निर्माण के लिए 186.07 करोड़, जनपद पंचायत मस्तूरी में 18999 स्वीकृत आवास निर्माण के लिए 206.52 करोड़ एवं जनपद पंचायत तखतपुर में 16310 स्वीकृत आवास निर्माण के लिए 168.80 करोड़ राशि दिया जा चुका है। जिले में कुल 71722 स्वीकृत आवासों के निर्माण के लिए हितग्राहियों को कुल 768 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए निर्धारित किश्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डी.बी.टी के माध्यम से राशि अंतरित की जा रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित एवं पक्के आवास का सपना साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है। आवास निर्माण के साथ-साथ हितग्राहियों को अन्य शासकीय योजनाओं से भी लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की तस्वीर तेजी से बदल रही है। करीब 768 करोड़ रुपये के विकास संकल्प के तहत पक्के आवास, बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया आधार मिला है। यह पहल केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार और स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक व्यापक प्रयास के रूप में सामने आ रही है। वर्ष 2024-26 तक जिला बिलासपुर में 768 करोड़ की राशि का वितरण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। -
- जिले में 94 उर्वरक विक्रय केंद्रों और 21 पौध संरक्षण औषधि केंद्रों का निरीक्षण; अनियमितता मिलने पर नोटिस, बिक्री प्रतिबंध और जब्ती की कार्रवाई
मोहला । खरीफ वर्ष 2026 में जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग की सुनियोजित कार्ययोजना के तहत जिले के पंजीकृत किसानों को उर्वरकों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में जिले की समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसानों को उच्च गुणवत्ता के कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विक्रय केंद्रों की सतत निगरानी एवं निरीक्षण किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। जिले में अब तक 94 सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया। इनमें अनियमितता पाए जाने पर 30 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 5 केंद्रों पर उर्वरक बिक्री प्रतिबंधित की गई है।
इसी प्रकार जिले के 21 पौध संरक्षण औषधि केंद्रों का निरीक्षण किया गया। विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर 8 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं, वैध दस्तावेजों के बिना कीटनाशकों का विक्रय पाए जाने पर 3 केंद्रों में जब्ती एवं बिक्री प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। कृषि रसायनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक एवं कीटनाशकों के नमूने भी लिए जा रहे हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है।
कृषि विभाग द्वारा मौसम की अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग तथा संतुलित एवं समन्वित कृषि पद्धतियों के संबंध में प्रक्षेत्र स्तर पर जानकारी दी जा रही है। विभाग ने किसानों से कृषि रसायनों एवं अन्य कृषि आदानों की खरीदी केवल पंजीकृत संस्थानों एवं अधिकृत विक्रय केंद्रों से करने की अपील की है, ताकि उन्हें उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान प्राप्त हो सकें।
विभाग ने किसानों को उपज बढ़ाने के नाम पर किए जाने वाले भ्रामक प्रचार से सावधान रहने तथा अवैध तरीके से कृषि आदानों की खरीदी नहीं करने की सलाह दी है। किसानों से डोर-टू-डोर कृषि आदानों की बिक्री से सावधान रहने और क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां पाए जाने पर तत्काल संबंधित कृषि विभागीय अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है। - - रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त, गनिता बोदले ने जताया ‘विष्णु भैया’ का आभारमोहला । महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके परिवारों की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत 30वीं किस्त की राशि मिलने से मोहला विकासखंड के ग्राम एकटकन्हार निवासी हितग्राही श्रीमती गनिता बोदले की रक्षाबंधन की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को ‘विष्णु भैया’ कहते हुए योजना के लिए आभार व्यक्त किया।श्रीमती गनिता बोदले ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर माह एक हजार रुपए की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इस राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों, परिवार के खर्च और अपनी छोटी बेटी की देखभाल में करती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति ड्राइवर का कार्य करते हैं, ऐसे में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि परिवार के लिए आर्थिक सहयोग का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है।उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त की राशि खाते में आने से उन्हें काफी खुशी हुई है। इस राशि से वे अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीदेंगी। उन्होंने कहा कि त्योहार के समय मिलने वाली यह सहायता परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में काफी मददगार साबित होती है और त्योहार की खुशियों को और बढ़ा देती है। श्रीमती गनिता बोदले ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। तीज-त्योहार के अवसर पर मिलने वाली यह राशि उनके लिए विशेष महत्व रखती है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना की राशि हमारे परिवार के लिए बहुत सहारा है। रक्षाबंधन पर मिली इस राशि से त्योहार की खुशियां और बढ़ गई हैं। विष्णु भैया का बहुत-बहुत धन्यवाद।
- - योजनाओं की जानकारी एवं किसानों को जागरूक करने बनाएं संयुक्त कार्ययोजना- मत्स्य पालन के लिए अधिक से अधिक लोगों को दें प्रशिक्षण, योजनाओं का मिले लाभमोहला । कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने आज कलेक्टर सभाकक्ष में कृषि, उद्यानिकी, पशुधन विकास, मत्स्य, खाद्य एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों की संयुक्त बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी के अभाव में कई किसान शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाते हैं। इसके लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुधन विकास एवं मत्स्य विभाग संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर किसानों को योजनाओं की जानकारी देने एवं जागरूक करने का कार्य करें।उन्होंने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टैक पंजीयन, शाकंभरी योजना, कृषि सिंचाई यांत्रिकीकरण, प्राकृतिक खेती सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उक्त योजनाएं किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। सभी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने एग्रीस्टैक पंजीयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती सलाम ने कहा कि जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों।कलेक्टर श्रीमती सलाम ने उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत उद्यानिकी विकास योजना, फल क्षेत्र विस्तार, मसाला क्षेत्र विस्तार, उद्यानिकी कृषक प्रशिक्षण, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल तथा राष्ट्रीय बागवानी मिशन जैसी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजनाओं के तहत अधिक से अधिक पात्र किसानों का चयन कर उन्हें लाभान्वित करने का कार्य करें। उन्होंने नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।मत्स्य विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, सहकार से समृद्धि, मत्स्य बीज उत्पादन एवं मत्स्य पालन में नवाचार की समीक्षा की गई। विभागीय अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तालाब एवं पाउंड लाइनर के लिए हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसी प्रकार सहकार से समृद्धि के तहत नवीन समितियों का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलने के साथ ही लोगों को रोजगार एवं आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारी को अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षण प्रदान करने तथा मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारी ने पशु संगणना, संस्थावार टीकाकरण, औषधि वितरण, कृमिनाशक दवा वितरण, एंटी रेबीज टीकाकरण एवं राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत किए गए कार्यों को जानकारी दी। कलेक्टर श्रीमती सलाम ने कहा कि जिले में पशुपालन के क्षेत्र में रोजगार एवं आय के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। उन्होंने सूकर, बकरी एवं मुर्गी पालन को बढ़ावा देने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती सलाम ने शासकीय उचित मूल्य दुकानों, जिले में उपलब्ध राशन कार्डों तथा राशन के भंडारण एवं वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राशन का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के साथ ही पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन का वितरण किया जाए।आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत कलेक्टर ने देवगुड़ी, छात्रवृत्ति, धरती आबा अभियान एवं एनसीईएआर सर्वे की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने देवगुड़ी सहित अन्य कार्यों को अतिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही आत्मसमर्पित एवं नक्सल पीड़ित तथा प्रभावित परिवारों की आवश्यक एंट्री एवं अन्य कार्यवाही पूर्ण करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
- - गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को पूरक आहार एवं दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश- महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर कलेक्टर ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देशमोहला । कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने तथा कुपोषण एवं एनीमिया की स्थिति में सुधार लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।कलेक्टर ने हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक पूरक आहार एवं दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए नियमित निगरानी जरूरी है। संबंधित अधिकारी एवं मैदानी अमला बच्चों के स्वास्थ्य की सतत निगरानी करते हुए आवश्यकतानुसार उपचार एवं पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कुपोषित एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले बच्चों को बेहतर उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकतानुसार पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो तथा चिन्हांकित बच्चों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।कलेक्टर ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। विभागीय अधिकारी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत स्कूल, कॉलेज सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस पर कलेक्टर श्रीमती सलाम ने कहा कि अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए केवल बालिकाओं तक सीमित न रखते हुए महिलाओं को भी इससे व्यापक रूप से जोड़ा जाना आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि एक ही मंच के माध्यम से एनीमिया, पोषण, स्वास्थ्य, फिटनेस, आत्मनिर्भरता एवं सेल्फ डिफेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बालिकाओं एवं महिलाओं को जागरूक किया जाए। उन्होंने इसके लिए तहसील स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं तक योजनाओं और आवश्यक जानकारी का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि बालिकाओं एवं महिलाओं को अपने स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। इसके लिए विभागीय योजनाओं को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए।कलेक्टर ने पालना केंद्र तथा चाइल्ड हेल्पलाइन की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा जरूरतमंद बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती सलाम ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- मोहला । 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में किया गया। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री मिथिलेश डोंडे, नेत्र रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल डॉ. पुष्प लता देवांगन, बीएमओ मानपुर डॉ. गिरीश खोबरागड़े, मेडिकल ऑफिसर टीकाकरण डॉ. देवेश ठाकुर तथा बीपीएम निशा नायक ने भारत माता के चलचित्र पर श्रीफल एवं पुष्प अर्पित कर अभियान का शुभारंभ किया।जिले में 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाएगा। यह आयोजन कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय खोबरागड़े, जिला नोडल अधिकारी अंधत्व डॉ. आर.आर. धुर्वे और जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री राकेश वर्मा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।नेत्रदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इस अभियान में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी वीरेंद्र महंत, ललेश्वरी सलामे, छबल नेताम, आकाश साहू एवं दुर्गेश वर्मा द्वारा लोगों को नेत्रदान के महत्व के संबंध में जानकारी दी जाएगी तथा नेत्रदान के लिए प्रेरित किया जाएगा।इसी क्रम में 25 अगस्त को विकासखंड मानपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जिला मेडिकल बोर्ड का आयोजन भी किया गया। इसमें कुल 128 लोगों ने पंजीयन कराया और सभी 128 लोगों की जांच की गई। जांच प्रक्रिया के उपरांत 55 पात्र लोगों के मेडिकल प्रमाण पत्र बनाए जाकर प्रदान किए जाएंगे।स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से नेत्रदान के महत्व को समझने और इस पुनीत कार्य के लिए आगे आने की अपील की है। नेत्रदान के माध्यम से मृत्यु के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में दृष्टि का उजाला लाया जा सकता है।
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- अगरबत्ती-धूप निर्माण से सालाना लगभग 3 लाख रुपए तक की आय अर्जित कर रहीं महिलाएं
मोहला । ग्रामीण परिवेश में रहते हुए भी महिलाएं अपनी मेहनत, हुनर और समूह की एकजुटता से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। विकासखंड अंबागढ़ चौकी के ग्राम थैलीटोला की जय मां लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की 10 महिलाओं ने अगरबत्ती एवं धूप-लुभान निर्माण को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। समूह की महिलाएं इस कार्य से सालाना लगभग 3 लाख रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती रिंकी सिन्हा बताती हैं कि कुछ समय पहले तक समूह से जुड़ी सभी महिलाएं घर-परिवार के कार्यों और खेती-किसानी में ही व्यस्त रहती थीं। नियमित आमदनी का कोई अलग साधन नहीं था। बिहान योजना से जुड़ने के बाद महिलाओं को एकजुट होकर अपनी क्षमता और रुचि के अनुरूप स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। इसी क्रम में समूह ने अगरबत्ती एवं धूप-लुभान निर्माण का कार्य शुरू किया। श्रीमती सिन्हा ने बताया कि समूह की महिलाओं ने स्वरोजगार को आगे बढ़ाने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया। स्वयं सिद्ध, बीआरसी, बैंक लिंकेज एवं पीएमईजीपी जैसी योजनाओं से मिले सहयोग ने समूह की गतिविधियों को मजबूती प्रदान की। योजनाओं के माध्यम से प्राप्त सहयोग का उपयोग कर महिलाओं ने अपने कार्य को व्यवस्थित किया और उत्पादन बढ़ाते हुए इसे आय के बेहतर साधन के रूप में विकसित किया।
आज समूह की महिलाएं स्वयं अगरबत्ती एवं धूप-लुभान तैयार करने से लेकर उसकी पैकेजिंग और विक्रय तक की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ महिलाएं अपने गांव में ही रोजगार प्राप्त कर रही हैं। इससे उन्हें अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग करने का अवसर भी मिल रहा है।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती सिन्हा का कहना है कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले जहां महिलाएं केवल घरेलू कार्यों और खेती-किसानी तक सीमित थीं, वहीं अब वे स्वयं रोजगार का संचालन कर रही हैं और अपनी मेहनत से आमदनी अर्जित कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि समूह द्वारा बनाए गए अगरबत्ती एवं धूप-लुभान को जिले के बाजारों, दुकानों तथा शासन द्वारा आयोजित सरस मेलों में जाकर विक्रय किया जाता है। समूह की महिलाएं अपने व्यवसाय का और विस्तार करने तथा अधिक से अधिक बाजारों तक अपने उत्पाद पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मेहनत, हुनर और शासन की योजनाओं से मिले सहयोग के बल पर थैलीटोला की ये महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर लगातार आगे बढ़ रही हैं। - -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा विधानसभा के 171 मेधावियों का किया सम्मान, प्रतिभा को मिला बड़ा मंच और सपनों को नई उड़ान-पहली बार इतने बड़े स्तर पर हुआ आयोजन, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी मिला सम्मान-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बच्चों के बीच बैठकर की आत्मीय बातचीत, पढ़ाई और भविष्य के सपनों की ली जानकारी-मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि, प्रतीक चिन्ह के साथ प्रेरक पुस्तकें भी की गईं भेंटरायपुर । मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर सफलता हासिल करने वाले कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 171 मेधावी विद्यार्थियों के लिए यह दिन खास और यादगार रहा। पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम, कवर्धा में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि के चेक एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कवर्धा में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस समारोह में वनांचल क्षेत्र के विद्यालयों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इस पहल ने ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा को पहचान और प्रोत्साहन देने का संदेश दिया।समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों से आत्मीयता के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया, उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में जाना तथा उनके सवालों और जिज्ञासाओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरक पुस्तकें भी भेंट कीं, ताकि उनमें पढ़ने और सीखने की आदत को और बढ़ावा मिले। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के साथ सेल्फी लेकर उनके साथ खुशियां भी साझा कीं। कार्यक्रम की एंकर अनुराधा दुबे ने भी अपनी प्रेरक और उत्साहवर्धक बातों से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। पूरे समारोह में विद्यार्थियों में उत्साह और खुशी का माहौल रहा। सम्मान, संवाद और प्रोत्साहन से भरे इस आयोजन ने मेधावी विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को और निखारने तथा भविष्य में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए नई ऊर्जा दी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा की धरती प्रतिभाओं से भरी हुई है। आज सम्मानित हो रहे ये मेधावी विद्यार्थी अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर आने वाले समय में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे। कवर्धा की यह प्रतिभा आगे चलकर न केवल जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेगी, बल्कि एक दिन देश का गौरव बनेगी।मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये तथा कक्षा 12वीं में 90 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही सभी चयनित विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री रामकुमार भट्ट, श्री रामकिंकर वर्मा, श्री निर्मल द्धिवेदी, श्री हरीश लुनिया, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, डीएफओं श्री निखिल अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओं श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, स्कूली विद्यार्थी, पालकगण, शिक्षक, शाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जो करना है वह पूरे मन से कर डालो। जो दिल में है, उसे पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। सकारात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्य और जुनून के लिए पूरा प्राण लगा देना चाहिए। संसाधनों की कमी को कभी अपनी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने युवाओं को सावधान करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसी कई ताकतें हैं, जो युवाओं के मन में गुस्सा भरने का प्रयास करती हैं। इससे सचेत रहने की जरूरत है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नवजवानों में बहुत तेज और ऊर्जा होती है। इस ऊर्जा का उपयोग समाज की भलाई और देश को आगे बढ़ाने में होना चाहिए। समाज का हित, अपने बड़ों का हित और देश का हित सबसे बड़ी बात है। भारत की परंपरा सदैव पूरे समाज और राष्ट्र के हित में सोचने की रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी अवधारणा भारत की ताकत है और युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग रहते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सभी युवा अपने जीवन में आगे बढ़ें, तरक्की और उन्नति करें। अपने पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ प्रयास करना चाहिए।समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। कक्षा 12वीं के छात्र राकेश जांगड़े ने उनसे पूछा कि विद्यार्थी जीवन में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए वे परीक्षा की तैयारी पहले से करते थे या प्रथम आने का जुनून रहता था। इस पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के दौरान कक्षा में शिक्षक की बातों पर पूरा ध्यान देना चाहिए। केवल रटने के बजाय विषय को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रथम आने का जुनून रखने के बजाय विषय को अच्छी तरह समझने पर ध्यान देना चाहिए। जब विषय की समझ मजबूत होगी तो विद्यार्थी किसी भी प्रश्न का उत्तर आत्मविश्वास के साथ दे सकेगा।कक्षा 10वीं की छात्रा मृदुला श्रीवास्तव ने विद्यार्थी जीवन से जुड़ा सवाल करते हुए पूछा कि जब विज्ञान की पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होते थे, तब वे किस तरह आगे बढ़े। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि समय और संसाधनों की कमी कभी किसी को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी को अपनी प्रगति में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षकों के प्रति सम्मान रखने और कक्षा में शिक्षक द्वारा पढ़ाए जा रहे विषय पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की पहल पर आयोजित इस समारोह में मेधावी विद्यार्थियों के साथ उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्कूल के प्राचार्य व शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष को भी सम्मानित किया गया।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोमवार को निवास कार्यालय में संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।इस अवसर पर कृषि एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री प्रबोध मिंज उपस्थित थे।
- -महिला अधिकार, जागरूकता और सशक्तिकरण को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर हुई चर्चारायपुर । महिला अधिकारों के संरक्षण, महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्यालय में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर से सौजन्य भेंट की।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर विस्तार से महत्वपूर्ण चर्चा हुई। डॉ. ममता साहू ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल एवं प्रभावी आयोजन के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों, उनके संरक्षण से जुड़े प्रावधानों तथा उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया गया।राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में प्रस्तावित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। प्रशिक्षण के माध्यम से महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने तथा जमीनी स्तर पर जागरूकता को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनों की जानकारी देना सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है। राष्ट्रीय महिला आयोग के मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी रूप से आयोजित कर महिलाओं तक अधिकार एवं सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महिला अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए जागरूकता एवं प्रशिक्षण गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ समन्वय से प्रस्तावित यह कार्यक्रम प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- महासमुंद / स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के अंतर्गत महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) सुनसुनिया ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। ग्रामीण श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए विद्यालय ने 92.5 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।यह उपलब्धि विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, छात्राओं एवं समुदाय के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। विद्यालय द्वारा स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता एवं हरित परिसर निर्माण जैसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इन सतत प्रयासों के फलस्वरूप विद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विद्यालय को योग्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही स्वच्छ एवं हरित गतिविधियों को और सुदृढ़ करने के लिए विद्यालय को 1 लाख रुपए की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा संबंधित विद्यालयों के शाला प्रमुखों को शैक्षिक अनुभव यात्रा में सहभागी होने का अवसर भी मिलेगा।केजीबीवी सुनसुनिया की इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और छात्राओं को बधाई देते हुए स्वच्छता एवं हरित गतिविधियों को निरंतर प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देने और शहर को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न क्षेत्रों में वृक्षारोपण एवं पौधरोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम के जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत जामुल थाना परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान थाना परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए।वृक्षारोपण कार्यक्रम का उद्देश्य परिसर को हराभरा बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना रहा। पौधों के बढ़ने के साथ परिसर में हरियाली बढ़ेगी, जिससे वातावरण भी स्वच्छ एवं अनुकूल रहेगा। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं निगम के अधिकारी कर्मचारियों ने पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण एवं पर्यावरणीय असंतुलन को देखते हुए अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाना आवश्यक है। केवल पौधरोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से रोपे गए पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। कार्यक्रम के दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से अपनी सहभागिता निभाई तथा अधिक से अधिक लोगों को पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया।निगम की ओर से नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने घरों, संस्थानों एवं आसपास उपलब्ध स्थानों पर पौधे लगाएं तथा लगाए गए पौधों को नियमित रूप से पानी देने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाएं। सामूहिक प्रयासों से ही भिलाई शहर को अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, बैंक ऑफ बड़ौदा उप क्षेत्रीय प्रमुख जयप्रकाश नारायण, कार्यपालन अभियंता अरविन्द शर्मा, पार्षद प्रदीप सेन, उद्यान सह जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू, बैंक ऑफ बड़ौदा क्षेत्रीय बिजनेस डेव्हलपमेंट मेनेजर विनय प्रकाश, ब्रांच मैनेजर निखिल वासनिक, अनिल शर्मा, सुभाष सपाटे, सुनीता पराडकर, जितू तोमर, विकास साहू एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- ड्रोन दीदी चित्ररेखा ने महिला हितैषी योजनाओं के संचालन हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जताया आभारबालोद/नमो ड्रोन दीदी योजना अंतर्गत बालोद जिले की चित्ररेखा साहू एक सफल ड्रोन दीदी बनकर अब आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में नई उड़ान भर रही है। वे अब किसानों के मित्र के रूप में आधुनिक कृषि यंत्र ड्रोन के माध्यम से फसलों में नैनो उर्वरकों के छिड़काव का कार्य करती हैं। उन्होंने बताया कि ड्रोन दीदी बनकर वे काफी गर्व महसुस करती हैं, क्योंकि उससे उन्हें एक नई पहचान मिली है, लोग अब उन्हें ड्रोन दीदी के नाम से जानते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नई पहचान के साथ ही आर्थिक रूप से नई उड़ान भरने का मौका मिला, अब उन्हें अपनी सारी जरूरतों के लिए बेहतर आय प्राप्त हो जाता है। चित्ररेखा साहू ने बताया कि ड्रोन दीदी बनने के साथ ही जब आर्थिक स्थिति बेहतर हुई तो उन्होंने अपने लिए स्कूटी खरीदा, जिसके पश्चात अपने घर का निर्माण कार्य पूरा कराया और अब वे अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाने का कार्य कर रही हैं। ड्रोन दीदी चित्ररेखा साहू ने बताया कि शासन हम महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर हमें आगे बढ़ाने के लिए पूरी मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के संचालन से महिलाओं की छोट-छोटी जरूरतों को पूरा करने का बेहतर सहारा प्राप्त हुआ है। चित्ररेखा साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे मुख्यमंत्री विष्णु भैया, हम महिलाओं के हित में निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्हें रक्षाबंधन पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
- नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्तियों को पट्टा वितरण हेतु 27 अगस्त तक पात्रता सूची का निर्धारण करने के दिए निर्देशबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों को पट्टा वितरण, जल जीवन मिशन कार्य, एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन, डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की है। श्रीमती मिश्रा ने सभी एसडीएम तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को नगरीय निकाय के आवासहीन परिवारों को पट्टा वितरण हेतु पात्रता सूची का निर्धारण कर 27 अगस्त तक इसकी जानकारी अनिवार्य रूप से देने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत उन्होंने अधिकारियों को केवल घास जमीन का ही पट्टा देने के निर्देश दिए हैं। बैठक में उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष रह गए कृषकों का शत प्रतिशत पंजीयन, डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य आदि के कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष एवं राजस्व अनुविभागीय अधिकारी के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर /रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 9 के अंतर्गत कुशभाऊ ठाकरे वार्ड क्रमांक 7 क्षेत्र अंतर्गत दलदल सिवनी क्षेत्र में ग्राम पंचायत भवन के पास नवीन रंगमंच निर्माण कार्य का रायपुर ग्रामीण विधायक निधि मद से 9 लाख 98 हजार रूपये की स्वीकृत लागत से शीघ्र कराये जाने नगर निगम रायपुर के एमआईसी सदस्य श्री खेम कुमार सेन, वार्ड पार्षद श्री मोहन साहू, श्री देवदत्त द्विवेदी सहित कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव एवं वार्डवासी गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, नवयुवकों, आमजनों की उपस्थिति के मध्य श्रीफल फोड़कर एवं कुदाल चलाकर भूमिपूजन किया. रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव को तत्काल स्वीकृति अनुसार वार्ड 7 के दलदल सिवनी क्षेत्र में ग्राम पंचायत भवन के पास नवीन रंगमंच निर्माण कार्य प्रारम्भ करवाकर तय समयसीमा के भीतर सतत मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्राथमिकता से पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया. वार्ड 7 के पार्षद निगम एमआईसी सदस्य श्री खेम कुमार सेन ने वार्ड 7 के दलदल सिवनी क्षेत्र में नवीन रंगमंच निर्माण कार्य हेतु भूमिपूजन कर कार्यरम्भ करवाने हेतु समस्त वार्डवासियों की ओर से रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू को हार्दिक धन्यवाद दिया.
- *जनसुविधा आधारित ई-बस रूट तैयार करने, 30 सितम्बर तक प्रगतिरत आवासों को पूर्ण करने, वेस्ट-टू-एनर्जी के लिए व्यवहारिक वित्तीय मॉडल और 15वें वित्त आयोग के कार्यों की बेहतर प्लानिंग के दिए निर्देश*रायपुर/नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री ई-बस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना तथा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं की व्यवहारिकता, वित्तीय पक्ष, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा नागरिकों को मिलने वाले लाभों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में जनसुविधा, समग्र योजना, समयबद्धता, वित्तीय व्यवहार्यता और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल भी बैठक में मौजूद थे।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत रायपुर में ई-बसों के संचालन को व्यवस्थित, सुविधाजनक और अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए व्यापक रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बसों के रूट निर्धारित करते समय रायपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के साथ स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करें, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके और अधिक से अधिक नागरिक सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठा सकें। उन्होंने प्रस्तावित बस रूटों की व्यवहारिकता, यात्री आवागमन एवं कनेक्टिविटी का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वे प्लान तैयार कराने के निर्देश दिए। साथ ही पीपीपी मॉडल के आधार पर बस-स्टॉप्स की सूची तैयार करने तथा बस-स्टॉप्स का निर्धारण यात्रियों की सुविधा और आवश्यकता के अनुरूप करने को कहा।प्रमुख सचिव ने यात्रियों की सुविधा और आम नागरिकों की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए युक्तिसंगत एवं सुविधाजनक किराया निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बस योजना को आधुनिक एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए नवीन तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जाए। बस-रूट, बस-स्टॉप, बसों की उपलब्धता एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं को तकनीक आधारित बनाते हुए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।श्री बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों को मिशन अवधि की अंतिम निर्धारित तिथि 30 सितम्बर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में शेष एवं निर्माणाधीन आवासों की संख्या के आधार पर साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर विशेष ड्राइव चलाने तथा आवास निर्माण को मिशन मोड में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक नगरीय निकाय स्तर पर आवासों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और जहां निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां आवश्यक समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने को कहा।प्रमुख सचिव ने जिला कलेक्टरों को भी जिले में शेष आवासों को पूर्ण कराने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा उनकी सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से लंबित आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए। आवास निर्माण में आने वाली तकनीकी, प्रशासनिक व अन्य समस्याओं की समयबद्ध पहचान कर उनका निराकरण सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने हितग्राहियों के आवास निर्माण की वास्तविक प्रगति के आधार पर योजना के प्रावधानों के अनुसार किस्त की राशि का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सके और निर्माण कार्य में गति बनी रहे। श्री बोरा ने बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की योजनाओं के लिए चिन्हित क्लस्टरों, उनकी व्यवहार्यता तथा वित्तीय पक्षों का विस्तृत परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाएं ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इनके क्रियान्वयन के लिए तकनीकी व्यवहार्यता के साथ-साथ दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता का स्पष्ट आकलन भी आवश्यक है। उन्होंने वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में राज्य सरकार एवं नगरीय निकायों पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय दायित्व का समग्र आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य में इन परियोजनाओं के संचालन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए अपेक्षित वित्तीय संसाधनों का यथार्थपरक अनुमान तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों को आगे बढ़ाते समय राज्य सरकार पर पड़ने वाले संभावित दीर्घकालिक वित्तीय भार का स्पष्ट आकलन किया जाए, ताकि परियोजनाओं की वित्तीय संरचना व्यवहारिक एवं टिकाऊ हो।बैठक में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के अंतर्गत निजी क्षेत्र की संभावित सहभागिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने सक्षम एवं अनुभवी निजी भागीदारों की उपलब्धता, परियोजना में निवेश के प्रति उनकी रुचि तथा उनकी अपेक्षाओं का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य सरकार, नगरीय निकायों एवं निजी क्षेत्र के बीच उत्तरदायित्वों और वित्तीय सहभागिता का संतुलित निर्धारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि परियोजनाओं का क्रियान्वयन व्यावहारिक एवं दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके। उन्होंने प्रस्ताव को यथाशीघ्र अंतिम रूप देकर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।*15वें वित्त आयोग के कार्यों की बेहतर प्लानिंग और गैप एनालिसिस पर जोर*प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में अधिकारियों को 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग समुचित एवं दीर्घकालिक योजनाओं के आधार पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय आवश्यकताओं का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों की योजना तैयार की जाए, जिससे सीमित संसाधनों का अधिकतम प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।उन्होंने विशेष रूप से सड़कों की प्लानिंग पर जोर देते हुए कहा कि सड़क निर्माण एवं उन्नयन के कार्यों को अलग-अलग एवं बिखरे हुए रूप में करने के बजाय शहर की समग्र अधोसंरचना एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से किया जाए। सड़कों से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यकता, यातायात दबाव, कनेक्टिविटी और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए प्राथमिकता तय करने के निर्देश दिए।प्रमुख सचिव ने नगरीय निकायों में सैचुरेशन आधारित विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का आकलन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि आवश्यक नागरिक सुविधाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध हों। इसके लिए उन्होंने गैप एनालिसिस तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक शहरी अधोसंरचना से संबंधित कमियों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जा सके। गैप एनालिसिस के आधार पर कार्यों का चयन होने से विकास कार्य अधिक लक्षित, प्रभावी और परिणामोन्मुख होंगे।
- * *रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार विश्वरंजन सहित शहर के ऑक्सीजोन गार्डन, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव सहित भिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानो पर पहुंचकर रायपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान का किया प्रत्यक्ष निरीक्षण*रायपुर/प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन के जनप्रिय पर्यावरण हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की अभिनव योजना के अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिह के मार्गनिर्देशन में पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्य को लेकर व्यक्त की गई गहन चिंता के तत्काल पश्चात से रायपुर जिला क्षेत्र अतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में आयुक्त श्री संबित मिश्रा के मार्गनिर्देशन में सभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा सतत मॉनिटरिंग कर प्रतिदिन नियमित अपने- अपने जोन क्षेत्र के सभी वार्डो में ऐसे सभी पौधों को चिन्हित करने का कार्य किया गया, जो पूर्व में चारों ओर से ट्री गार्ड एवं कांक्रीट के घेरों पेवर में घिरे हुए होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे.ऐसे समस्त पौधों को चिन्हित करके प्राकृतिक रूप से स्वतः विकसित होने एवं स्वयं मिट्टी, पानी प्राप्त करने पर्यावरण हितैषी वातावरण देने इन सभी पौधों को चारों ओर से घेरकर लगाये गये ट्री गार्ड और कांक्रीट के घेरों पेवर को हटाने का कार्य रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी 10 जोनों में तेज गति से निरन्तर समाजहित में पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से करवाया गया।समाज हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन अंतर्गत महाभियान आज रायपुर जिला प्रशासन एवं रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा रायपुर नगर निगम क्षेत्र में सभी जोनो के अंतर्गत वार्डो में व्यापक रूप से रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार एवं रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार चलाया गया। आज प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान के अंतर्गत प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर रायपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत ऑक्सीजोन गार्डन क्षेत्र, तेलीबांधा तालाब मरीन ड्राइव क्षेत्र सहित अन्य प्रमुख विभिन्न सार्वजनिक स्थानो पर पहुंचकर प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा सहित रायपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार विश्वरंजन एवं अन्य संबंधित रायपुर नगर निगम के जोन कमिश्नरो, कार्यपालन अभियंताओं एवं अन्य संबंधित निगम अधिकारियों की उपस्थिति में किया।यहां यह उल्लेखनीय है कि आज दिनांक 24 अगस्त 2026 तक विभिन्न जोनों के भिन्न क्षेत्रों के स्थानों में इन सभी चिन्हित पौधों को समाज हित में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से चारों ओर कॉक्रीट के घेरे पेवर लगाकर लगाए गए अब तक लगभग 2609 ट्री गार्ड और लगभग 1029 कांकीट के घेरों पेवर को समस्त जोन कमिश्नरों द्वारा वहां पहुंचकर हटवाये जाने का कार्य तेजी के साथ करवाया गया है और यह अभियान रायपुर नगर निगम क्षेत्र में निरन्तर प्रगति पर है एवं सभी जोन कमिश्नरों की सतत निगरानी में सभी 10 जोन क्षेत्रों में ऐसे सभी पौधों को स्वतः विकसित होने पानी प्राप्त कर सकने आवश्यक पर्यावरण हितैषी वातावरण कायम करने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया गया हैआज 24 अगस्त को रायपुर नगर निगम क्षेत्र में प्रोजेक्ट पुनर्जीवन अंतर्गत 307 विभिन्न स्थानो से ट्री गार्ड एवं लगभग 458 स्थानो से कांकीट पेवर पेड़ो के चारो ओर से उन्हें नवजीवन प्रदान करते हुए सभी 10 जोनो द्वारा रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार एवं नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार हटाए गए। इसके अंतर्गत आज 24 अगस्त को जोन 1 ने 32 ट्रीगार्ड एवं 10 कांकीट पेवर, जोन 2 ने 32 ट्रीगार्ड एवं 21 काकीट पेवर, जोन 3 ने 35 ट्रीगार्ड एवं 10 कांकीट पेवर, जोन 4 ने 15 ट्रीगार्ड एवं 140 कांकीट पेवर, जोन 5 ने 7 ट्रीगार्ड एवं 45 कांकीट पेवर, जोन 6 ने 49 ट्रीगार्ड एवं 73 कांकीट पेवर, जोन 7 ने 35 ट्रीगार्ड एवं 75 कांकीट पेवर, जोन 8 ने 28 ट्रीगार्ड एवं 40 कांकीट पेवर, जोन 9 ने 56 ट्रीगार्ड, जोन 10 ने 18 ट्रीगार्ड एवं 44 कांकीट पेवर पेडो के चारो ओर से उन्हें स्वतः विकसित होने का अवसर देने हटाने की कार्रवाई अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त श्रीमती जागृति साहू एवं सभी 10 जोन कमिश्नरो एवं कार्यपालन अभियंताओं के निर्देशन में हटाने की कार्यवाही लोकप्रिय प्रोजेक्ट पुनर्जीवन अंतर्गत की गई है, प्राप्त जानकारी के अनुसार आज प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान के अंतर्गत दिन भर चली अभियानपूर्वक पर्यावरणहितकारी कार्रवाई में रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र के सभी 10 जोन क्षेत्रों में कुल मिलाकर लगभग विभिन्न 1500 स्थानों पर पेड़ों के चारों ओर घिरे ट्री गार्ड एवं कांक्रीट पेवर के घेरों को हटाकर पेड़ों को प्राकृतिक तौर पर स्वतः विकसित होने का सुअवसर समाज हित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से प्रदान किया गया है।रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने राजधानी रायपुर शहर क्षेत्र के समस्त रहवासी नागरिको से रायपुर जिला प्रशासन की ओर से विनम्र अपील की कि वे ऐसे सभी पौधों को आवश्यक पानी खाद आदि देकर विकसित करने में सहभागी बनकर अपनी सक्रिय सहभागिता को दर्ज करवाने का कष्ट करें।ऐसा करने वाले सभी पर्यावरण प्रेमी नगरवासियों को पर्यावरण मित्र के रूप में रायपुर जिला प्रशासन के तत्त्ववधान में पर्यावरण हितैषी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन योजना के अंतर्गत समाज में उनके द्वारा पर्यावरण हितकारी योगदान देने हेतु सम्मानित किया जायेगा।रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के 10 जोन कमिश्नरों द्वारा करवाये जा रहे उक्त पर्यावरण हितैषी कार्यों की रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा प्रतिदिन स्वतः नियमित मॉनिटरिंग और कार्य की प्रगति की सतत निरंतर समीक्षा रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर की जा रही है।
- रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के आदेशानुसार और अपर आयुक्त राजस्व श्री लोकेश्वर साहू एवं उपायुक्त राजस्व डॉ अंजलि शर्मा एवं नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 1 राजस्व विभाग द्वारा 2 बड़े बकायादारों वार्ड, 3अंतर्गत गोगांव के जगदीश छाबरिया अमित छाबरिया 218084/- और जगदीश रूपेरा पर 460059 /-रू इस प्रकार दो बड़े बकायादारों पर कुल 678143 /-रूपये का बकाया होने और बकाया राशि रायपुर नगर पालिक निगम को अदा नहीं किये जाने पर उनके सम्बंधित संस्थानों में तत्काल सीलबंदी करने की नियमानुसार कड़ी कार्रवाई प्रक्रिया के अंतर्गत की गयी |आज नगर पालिक निगम रायपुर जोन 1 राजस्व विभाग की टीम द्वारा जोन 1 क्षेत्र अंतर्गत सभी 7 वार्डो में बड़े बकायादारों पर कार्रवाई हेतु अभियान चलाया गया. यह अभियान कार्रवाई निरंतर जारी रहेगा.आज नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 1 राजस्व विभाग की सीलबंदी कार्रवाई के दौरान स्थल पर नगर पालिक निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के मार्गनिर्देशन में कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा, जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री मनीष मरकाम, राजस्व निरीक्षक श्री आशीष शर्मा, श्री संतोष साहू और सहायक राजस्व निरीक्षक अरविन्द छेदइया राहुल यादव की उपस्थिति रही.




























