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- 0- अब तक 95 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1 एवं 2 खिलोरा में 129 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र बरभाठा एवं नरियारा में 156 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र माना बस्ती में 97 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1,2 एवं 3 किरना में 105 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र कैलाशपुरी एवं कुकरीपारा में 147 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र रायपुरा में 127 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई व पूरे जिले में आज कुल 761 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 95 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- 0- अब तक 4400 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 264 बैचों में 4470 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 52 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।--
- 0- शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत कोर्टयार्ड होटल लाभांडी में आज 30 स्टाफ को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री देवप्रकाश कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार संचालित प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत 16 जुलाई 2025 से अब तक 18,628 लोगों को 215 बैच के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है ।--
- 0- ग्राम सभाओं में जल संरक्षण एवं आय बढ़ाने के उपायों की दी गई जानकारीरायपुर. जनपद पंचायत आरंग अंतर्गत 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक विभिन्न ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के तहत ‘नवा तरिया आय के जरिया’ योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।ग्राम सभाओं के दौरान ग्रामीणजनों को नए तालाब (नवा तरिया) निर्माण से होने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा अधिक से अधिक संख्या में तालाब निर्माण हेतु प्रेरित किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।उच्च कार्यालय से प्राप्त निर्देशानुसार जनपद पंचायत आरंग के 16 ग्राम पंचायतों में 20 नवा तरिया (नए तालाब) निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही अन्य ग्राम पंचायतों से भी प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं, जिन्हें शीघ्र ही प्रशासकीय स्वीकृति हेतु अग्रेषित किया जाएगा।यह कार्य विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM G के माध्यम से कराया जा रहा है। योजना के तहत नवा तरिया निर्माण से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा भू-जल स्तर में सुधार आएगा।नवनिर्मित तालाबों में मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय युवाओं की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही तालाबों के आसपास उन्नत कृषि एवं सिंचाई की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे रबी फसलों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी।तालाब के मेढ़ों पर फलदार वृक्ष जैसे कटहल, मुनगा, पपीता, नींबू एवं आम के पौधों का रोपण किया जाएगा तथा ‘बाड़ी’ विकास के माध्यम से सब्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।यह समग्र कार्य अभिसरण के तहत कृषि, उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन के नेतृत्व में यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।--
- भिलाईनगर। संभाग आयुक्त सत्य नारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह एवं निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-1 नेहरू नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुव्यवस्थित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान कोसा नाला, राधिका नगर रिक्त भूखण्ड, सब्जी मंडी एवं खेल परिसर का बारीकी से अवलोकन किया गया।राधिका नगर स्थित कोसा नाला में रिटर्निंग वाल निर्माण का संयुक्त निरीक्षण किया। नाले में बहते पानी के साथ जलकुंभी पाए जाने पर बरसात से पूर्व इसकी सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा के समय जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। आकाश गंगा सब्जी मंडी में बढ़ती भीड़ और पार्किंग समस्या को देखते हुए सुपेला थाना के पीछे स्थित रिक्त भूमि का भी अवलोकन किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारू तरीके से बनाए रखने के लिए सब्जी मंडी को उक्त स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। सब्जी मंडी निरीक्षण के दौरान व्यापारियों की समस्याएं भी सुनी गईं। इसके अलावा प्रियदर्शिनी परिसर स्थित खेल परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लिया गया तथा कार्य को निर्धारित ले-आउट के अनुसार ही कराने के निर्देश दिए गए।साथ ही रेलवे लाइन के किनारे प्रस्तावित सड़क निर्माण स्थल का भी अवलोकन कर कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। निगम प्रशासन द्वारा शहर में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय दंडाधिकारी महेश राजपूत, तहसीलदार डीकेश्वर साहू, उपायुक्त डी. के. कोसरिया, जोन आयुक्त अजय राजपूत, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता पुरूषोत्तम सिन्हा, बसंत साहू, दौलत चंद्राकर, अंकित सक्सेना, राजस्व निरीक्षक, पटवारी सहित अन्य उपस्थित रहे।--
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के ज़ोन क्रमांक 1, वार्ड क्रमांक 1 जुनवानी से खमरिया तक नहर की व्यापक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नहर से निकले कचरे को जेसीबी एवं डंपर के माध्यम से व्यवस्थित रूप से उठाया जा रहा है।निगम प्रशासन द्वारा शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्य निरंतर किया जा रहा है, जिससे जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और गंदगी के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं से नागरिकों को राहत मिल सके। नहर की सफाई से आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता का वातावरण भी सुनिश्चित हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि नियमित रूप से इस प्रकार के सफाई कार्य कराए जाएंगे, ताकि शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। निगम प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे नालों एवं नहरों में कचरा न डालें और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।--
- महासमुंद. जिले में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं महासमुंद द्वारा पशुपालक कृषकों के लिए समसामयिक सलाह जारी की गई है। वर्तमान में तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है और तेज गर्म हवाएं (लू) चल रही हैं, जिससे पशुओं के बीमार होने की संभावना बढ़ गई है।उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अंजना नायडू ने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में पशुओं को लू लगने का खतरा अधिक रहता है। इसके प्रमुख लक्षणों में आहार लेने में अरुचि, तेज बुखार, सांस का तेज चलना (हांफना), नाक से स्राव, आंखों से पानी आना, आंखों का लाल होना, पतला दस्त तथा शरीर में पानी की कमी के कारण लड़खड़ाकर गिरना शामिल हैं। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक छायादार एवं ठंडे स्थान (कोठे) में रखें। कोठे को खुला न छोड़कर टाट या बोरे से ढककर रखें तथा उस पर समय-समय पर पानी का छिड़काव कर वातावरण को ठंडा बनाए रखें, ताकि गर्म हवाओं के प्रभाव से बचाव हो सके।पशुओं को पर्याप्त मात्रा में संतुलित एवं पौष्टिक आहार देने के साथ-साथ हमेशा स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना आवश्यक है। गर्मी के दौरान ठोस आहार की बजाय तरल एवं नरम आहार देना अधिक लाभकारी होता है। साथ ही विवाह या अन्य आयोजनों से बचे बासी भोजन को पशुओं को खिलाने से बचने की सलाह दी गई है। कोठे की नियमित साफ-सफाई बनाए रखना भी जरूरी है। नवजात बछड़ों एवं बछियों की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता बताई गई है। संकर नस्ल एवं भैंस प्रजाति के पशुओं को पानी की उपलब्धता के अनुसार दिन में कम से कम एक बार नहलाने की सलाह दी गई है। यदि कोई पशु असामान्य व्यवहार करता दिखाई दे, तो तत्काल निकटतम पशु चिकित्सा संस्थान से संपर्क कर उपचार कराना चाहिए। इसके अलावा ग्रीष्म ऋतु में पशुओं से संचालित वाहनों (जैसे बैलगाड़ी आदि) के उपयोग पर भी दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक प्रतिबंध रखने हेतु जनजागरूकता बढ़ाने की अपील की गई है, ताकि पशुओं को अत्यधिक गर्मी से बचाया जा सके।--
- महासमुंद. कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के आदेश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा मेसर्स करणी कृपा पॉवर प्राईवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन अधिकारी श्री रामकुमार ध्रुव, श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग श्री डी०एन० पात्र, मुख्य रसायनज्ञ श्रीमती नीलिमा सोनकर एवं केमिस्ट पर्यावरण विभाग श्री जितेन्द्र सिंग, श्रम उप निरीक्षक श्रम विभाग श्री बेलारसन बघेल उपस्थित रहे।निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग की जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई। प्रबंधक को प्लांट के वाहनों को नेशनल हाईवे में सही दिशा में चलने तथा गलत दिशा में न चलने की हिदायत दी गई। पर्यावरण विभाग की जांच में प्लांट परिसर में ई.एस.पी. डस्ट का अत्यधिक मात्रा में भण्डारण होना पाया गया, उक्त डस्ट के उचित निस्तारण हेतु उद्योग प्रबंधन को निर्देशित किया गया। श्रम विभाग द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम, 1970, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। फैक्ट्री रोल में 40 कुशल एवं 05 अतिकुशल इस प्रकार कुल 45 कर्मचारी अन्य प्रदेशों के पाए गए तथा 30 अकुशल, 80 अर्धकुशल, 150 कुशल, 50 अतिकुशल कुल 310 कर्मचारी स्थानीय निवासी नियोजित पाए गए एवं ठेकेदारों के नियोजन में 20 कुशल, 15 अतिकुशल कुल 35 कर्मचारी अन्य प्रदेशों के पाये गये तथा 150 अकुशल, 50 अर्धकुशल, 40 कुशल, 10 अतिकुशल कुल 250 कर्मचारी स्थानीय निवासी नियोजित पाए गए। जांच में कर्मचारियों से संबंधित रिकार्ड समक्ष में प्रस्तुत नहीं किया गया। ठेकेदारों द्वारा ओवर टाईम लिया जाना पाया गया। ओवर टाईम से संबंधित रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। ठेकेदारों द्वारा अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के अन्तर्गत वांछित जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई। इस संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। आंतरिक परिवाद समिति का गठन कराया जाना पाया गया।
- 0- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 9 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत के 154 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन0- 15 स्थानों पर वर्चुअल जुड़कर 59 ग्राम पंचायतों को दी विकास कार्यों की सौगातराजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शुक्रवार को रायपुर स्थित विधानसभा निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के 15 विभिन्न स्थानों पर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 59 ग्राम पंचायतों में 9 करोड़ 78 लाख 20 हजार रूपए की लागत से 154 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह ग्राम पंचायत रानीतराई में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि एक साथ कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की शुरूआत होना क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं ग्रामीणजनों को बधाई देते हुए कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शासन द्वारा ग्रामीण विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी शीघ्र ही सभी ग्रामों का दौरा कर विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन करेंगे तथा नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने बताया कि ग्राम अचानकपुर-भाटापारा, नवागांव एवं गठुला में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों का लोकार्पण किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, डिजिटल सेवाएं एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीणों को शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढऩे से लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना पोर्टल पर डिजिटल जनगणना प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहयोग करें, ताकि कोई भी व्यक्ति जनगणना से वंचित न रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रारंभ किए जा रहे सुशासन तिहार 2026 अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि 1 मई से 10 जून 2026 तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित कर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। इन शिविरों में राजस्व प्रकरण, नामांतरण, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, मनरेगा भुगतान, विद्युत एवं पेयजल संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न योजनाओं के लंबित मामलों का मौके पर समाधान किया जाएगा।पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के पंचायतों में लगभग 10 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सड़कों के निर्माण, पेयजल समस्या के समाधान और हर घर नल से जल पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील किया कि वर्षा जल संचयन और भू-जल रिचार्ज के लिए सामूहिक प्रयास करें, ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इस योजना से गरीब परिवारों के पक्के घर बनाने का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में किसानों की सुविधा के लिए नए धान खरीदी केंद्र और सहकारी समितियां खोली गई हैं, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ी है। साथ ही अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार 2026 के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित कर राजस्व, बिजली, प्रमाण पत्र एवं अन्य लंबित मामलों के त्वरित निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 का कार्य शुरू होने वाला है। उन्होंने जनगणना कार्य में सभी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए सभी का सहभागी बनना आवश्यक है। कार्यक्रम को ग्राम पंचायत रानीतराई सरपंच श्रीमती चमेली साहू, ग्राम पंचायत उसरीबोर्ड सरपंच श्रीमती मनीषा साहू, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत भर्रेगांव से महापौर श्री मधुसूदन यादव, ग्राम पंचायत सुकुलदैहान से अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, ग्राम पंचायत फुलझर से अध्यक्ष श्रम कल्याण बोर्ड श्री योगेश दत्त मिश्रा, ग्राम पंचायत जंगलेसर से अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चन्द्राकर, ग्राम पंचायत ठाकुरटोला से श्री खूबचंद पारख, ग्राम पंचायत डीलापहरी से अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मार्यादित राजनांदगांव श्री सचिन बघेल, ग्राम पंचायत टेड़ेसरा से विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष अग्रवाल, ग्राम पंचायत सिंघोला से सभापति जिला पंचायत श्रीमती देवकुमारी साहू एवं सदस्य जनपद पंचायत श्रीमती खुशबू साहू, ग्राम पंचायत खुटेरी से पूर्व अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्री रमेश पटेल एवं जनपद सदस्य श्री दुर्गेश साहू, ग्राम पंचायत फरहद से श्री विवेक साहू एवं जनपद सदस्य श्रीमती पुष्पा उईके, ग्राम पंचायत अचानकपुर भांठापारा से श्री कोमल सिंह राजपूत एवं सदस्य जनपद पंचायत श्रीमती पूर्णिमा साहू, ग्राम पंचायत भोथीपार खुर्द से श्री सौरभ कोठारी एवं श्री डिकेश साहू, ग्राम पंचायत मनकी से श्रीमती पुष्पा गायकवाड़ एवं श्री रमेश चंद्राकर, ग्राम पंचायत सुरगी से श्री लीलाधर साहू एवं आनंद साहू, सदस्य जनपद पंचायत श्री राजेन्द्र ठाकुर, श्री विरेन्द्र साव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे।--
- 0-जवाहर नगर हाउसिंग बोर्ड के प्रधानमंत्री आवास कॉलोनी में सर्वे के साथ दी गई स्वास्थ्य शिक्षाभिलाईनगर। नगर पालिक निगम क्षेत्र में वर्तमान में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आयुक्त के निर्देशानुसार, निगम द्वारा गठित विशेष दस्ता और जिला मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम द्वारा निरंतर वार्डों में भ्रमण कर नागरिकों को लू से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।जोन-02 वैशाली नगर के वार्ड-25, जवाहर नगर हाउसिंग बोर्ड स्थित प्रधानमंत्री आवासीय कॉलोनी में सघन सर्वेलेंस और सर्वेक्षण कार्य किया गया। इस दौरान टीम ने घर-घर जाकर नागरिकों को गर्मी से बचाव हेतु स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की और जागरूकता पाम्पलेट वितरित किए। नागरिकों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया है।सर्वेक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने नागरिकों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी गई। दोपहर के समय जब तक बहुत अनिवार्य न हो, घर से बाहर न निकलें। धूप में निकलते समय सिर और कानों को कपड़े से ढंककर रखें। पानी का अधिक से अधिक सेवन करें। आहार में पानी से भरपूर फल जैसे खरबूजा, खीरा और ककड़ी को शामिल करें। शरीर में पानी की कमी को रोकने के लिए नींबू पानी, शिकंजी, लस्सी, और छाछ जैसे तरल पदार्थों का नियमित सेवन करें।अब तक 400 से अधिक घरों में संपर्क किया गया है। निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विगत एक सप्ताह (10/04/2026 से 17/04/2026) में व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है।
- बालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के 2949 अपूर्ण निर्माणाधीन एवं अप्रारंभ आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के उद्देश्य से जनपद पंचायत गुण्डरदेही में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा एक दिवसीय सघन संपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हितग्राहियों से सीधे संपर्क कर आवास निर्माण में आ रही समस्याओं का त्वरित निराकरण करना तथा उन्हें शीघ्र आवास पूर्ण करने हेतु प्रेरित करना है। अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं जनपद स्तर के नियुक्त ग्रामवार नोडल अधिकारियों के द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों में संबंधित हितग्राहियों के घर-घर पहुंचकर निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया गया तथा उन्हें शेष कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।इस दौरान प्रत्येक अधिकारियों ने लगभग 25-30 आवासों का स्थल निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों से संवाद स्थापित किया एवं उनकी समस्याओं जैसे सामाग्री की उपलब्धता, मजदूरी, तकनीकी मार्गदर्शन आदि को गंभीरता से सुना, साथ ही समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु संबधित विभागों से समन्वय स्थापित किया गया। अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को यह बताया गया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी आवासों को समय-सीमा में पूर्ण करना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्हें रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के उपाय अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अभियान के माध्यम से न केवल आवास निर्माण की गति में तेजी लाने का प्रयास किया गया, बल्कि हितग्राहियों में योजना के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता भी बढ़ाई गई। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी हितग्राहियों को शीघ्र आवास निर्माण पूरा कराने के लिए सक्रिय सहभागिता निभाई गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत गुण्डरदेही अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत सदस्य सहित प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- बालोद. कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आदेश जारी कर जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया है। जारी आदेश में बताया गया है कि जनगणना 2027 के कार्य को सुचारू एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराने हेतु जिले में जनगणना कार्य के लिए नियोजित सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया जाता है। प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूर्ण किये जाने हेतु 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक समय-सीमा निर्धारित है।जिले में जनगणना कार्य में लगे किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को कलेक्टर के पूर्वानुमोदन के बिना अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते हैं। विशेष परिस्थतियों में जिला जनगणना शाखा के माध्यम से अवकाश आवेदन प्रस्तुति उपरांत अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। पूर्व में कार्यालय प्रमुख द्वारा स्वीकृत अवकाश के प्रकरणों में जिला जनगणना शाखा के माध्यम से अवकाश हेतु पुनः आवेदन प्रस्तुत कर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी से अनुमोदन लिया जाना अनिवार्य होगा, अन्यथा की स्थिति में अवकाश स्वीकृति मान्य नहीं होगी। समस्त कार्यालय प्रमुख की व्यक्तिशः जिम्मेदारी होगी कि वे आदेश का पालन करें। उक्त आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- 0- श्रमिकों का किया जाएगा पंजीयन एवं नवीनीकरणबालोद. जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग द्वारा जिले के श्रमिकों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु श्रमिक सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन 24 अप्रैल को किया जाएगा। जिला श्रम पदाधिकारी ने बताया कि बालाजी रिसार्ट, तांदुला पुल के समीप 24 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान छत्तीगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीकृत श्रमिकों को डीबीटी केे माध्यम से लगभग 06 हजार श्रमिकों को विभिन्न योजना से लाभान्वित किया जाएगा। इसके अलावा अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को योजना अंतर्गत चेक वितरण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रमिकों के लिए भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।
- 0- प्लेसमेंट कैम्प 20 अप्रैल कोमहासमुंद. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 20 अप्रैल 2026 को प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। यह कैम्प मचेवा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित रोजगार कार्यालय परिसर में प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 2ः00 बजे तक आयोजित होगा।जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से निजी क्षेत्र की कंपनी छप्प्ज् लिमिटेड द्वारा बैंकिंग सेक्टर में असिस्टेंट मैनेजर के 50 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को 22,000 रुपये से 36,000 रुपये प्रतिमाह तक वेतनमान दिया जाएगा। आवेदकों की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है। कैम्प में शामिल होने के लिए आवेदकों का रोजगार विभाग के पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है। इच्छुक अभ्यर्थी https://erojgar.cg.gov.in/MainSite/JobSeeker/Registration WithAdhar-aspÛ या रोजगार विभाग के मोबाइल एप के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं। बिना ऑनलाइन पंजीयन के अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं स्थान पर अपनी शैक्षणिक योग्यता की छायाप्रति के साथ उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।
- 0- ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य अंतर्गत ग्राम ठेकवाडीह में सर्वेबालोद. ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य के अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम ठेकवाडीह में सर्वेक्षण के दौरान डॉ. प्रकाश पतंगीवार के पास अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान ग्राम ठेकवाडीह निवासी डॉ. प्रकाश पतंगीवार ने प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां और दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन दस्तावेजों में गोंड शासकों की विस्तृत वंशावली से लेकर ब्रिटिश शासन काल के महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने समृद्ध इतिहास से रूबरू हो सकें।
- 0- कलेक्टर एवं अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर प्रस्तावित कार्य योजना की विस्तृत समीक्षा कीबालोद. मुख्य सचिव श्री विकासशील ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभावित ग्रामों के निवासियों को जिला खनिज न्यास संस्थान निधि के राशि का समुचित लाभ सुनिश्चित कराने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर विलेज एक्शन प्लान तैयार कर इसे ग्राम सभा में अनुमोदन कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री विकासशील आज संबंधित जिलों के कलेक्टरों एवं प्रभारी अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य सचिव ने अपने-अपने जिले के प्रभावित क्षेत्रों में जिला खनिज न्यास संस्थान निधि के उपयोग हेतु प्रस्तावित कार्य योजना की भी विस्तृत समीक्षा की। इस मौके पर खनिज सचिव श्री पी दयानंद, खनिज विभाग के संचालक श्री रजत बंसल एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सभी जिला कलेक्टरों को विलेज एक्शन प्लान में प्रभावित क्षेत्रों के हितग्राहियों को शासन के विभिन्न 31 जन कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित कराने के अलावा इन ग्रामों में 14 बुनियादी आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करते हुए विलेज सैचुरेशन मॉडल पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शासन के 10 विशेष प्राथमिकता वाले योजनाओं और 14 आधारभूत अधोसनसर्चना के कार्य जिला खनिज निधि की प्राथमिकता के आधार पर ही ग्रामवार वार्षिक कार्य योजना तैयार कर जिला के योजना तैयार की जाए तथा 15 मई तक इसे अंतिम रूप से वेबसाइट पर प्रकाशित कराएं और उसके अनुसार ही कार्य करें।मुख्य सचिव ने इसके आधार पर ही जिला खनिज न्यास संस्थान से कार्य की स्वीकृति एवं उनका समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्षिक कार्य योजना में सूचीबद्ध कार्यों के लिए ही राशि स्वीकृत करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार से परिवर्तन एवं संशोधन बिल्कुल भी न की जाए। बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला खनिज न्यास संस्थान के अंतर्गत बालोद जिले को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न जन कल्याणकारी कार्यों के संपादन हेतु प्रस्तावित कार्य योजना के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वर्चुअल बैठक के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 0- भिलाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 109 एवं अहिवारा में 40 घरों का किया भ्रमणदुर्ग. वार्ड-67 सेक्टर 7 पश्चिम सड़क 37 ए भिलाई नगर में पीलिया के मरीजों की जानकारी होने पर डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग एवं डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, दुर्ग के मार्गदर्शन में श्री विजय सेजुले, सुपरवाईजर, श्री हितेन्द्र कोसरे, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दानी से प्राप्त जानकारी अनुसार आज प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 109 घरों का भ्रमण किया गया, जिसमें कोई भी पीलिया से ग्रसित नए मरीज़ नही मिले। उक्त संक्रमित क्षेत्र में पूर्व के कुल 37 पीलिया के मरीज है। जिनमें से 02 पुराने मरीज श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंस, भिलाई में उपचाररत है तथा 01 पुराना जिला चिकित्सालय का मरीज़ डिस्चार्ज हुए, इस प्रकार कुल भर्ती मरीज 02 है। उक्त प्रभावित क्षेत्र में नगर निगम भिलाई की मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा लक्षणयुक्त मरीजांे की (सीबीसी/एलटीएफ/आरटीएफ/विडाल) व अन्य आतिआवश्यक जाचं की जा रही है, वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है।इसी प्रकार विकासखण्ड धमधा अंतर्गत 16 अप्रैल को वार्ड नं-05,06,07 अहिवारा में पीलिया की मरीजों की जानकारी होने पर 17 अप्रैल को डॉ. मनोज दानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार डॉ.सी.बी.एस.बंजारे जिला सर्वेलेंस अधिकारी दुर्ग, रितिका सोनवानी जिला महामारी विशेषज्ञ जिला दुर्ग, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना अग्रवाल एवं विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती रिचा मेश्राम श्री गोविंद सिंह उद्दे बी.ई.टी.ओ. के द्वारा एवं बलराम वर्मा सुपरवाइजर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ 40 घरों का भ्रमण किया गया जिसमें कोई भी नये पीलिया से ग्रसित मरीज नही मिले। इस प्रकार उक्त संक्रमित क्षेत्र में 04 अप्रैल से आज दिनांक 17 अप्रैल 2026 तक कुल 12 पीलिया के मरीज है। जिसमें से आज दिनांक तक कुल 06 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किये गए। इस प्रकार वर्तमान में उक्त प्रभावित क्षेत्र से कुल 03 मरीज (02 सामु.स्वा. केन्द्र अहिवारा व 01 श्री शंकराचार्य कॉलेज जुनवानी दुर्ग) में उपचार ले रहे है। वर्तमान में जिनकी स्थिति सामान्य है। आज प्रभावित क्षेत्र से कुल 07 पानी जॉच हेतु सैम्पल चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज कचान्दुर दुर्ग भेजा गया एवं नगर पालिका अहिवारा द्वारा पाईप लाईन की मरम्मत की जा रही है व आवश्यकतानुसार लक्षण युक्त मरीजों का (सीबीसी/एलटीएफ/आरटीएफ/विडाल) व अन्य अति आवश्यक जांच की जा रही है, वर्तमान में स्थिति पूर्णता नियंत्रण में है।पीलिया हेतु पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रगट होते है। पीलिया के प्रमुख लक्षण भूख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ उपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना है।--
- 0- समाज कल्याण विभाग की पहल से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, दो साल बाद परिजनों से हुई मुलाकातरायपुर। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित एकीकृत महिला सहायता केंद्र ‘अपराजिता’ जरूरतमंद महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण महाराष्ट्र के मालेगांव निवासी मेहमूदा बानो हैं, जिन्हें उपचार एवं देखभाल के बाद उनके परिजनों को सुरक्षित सुपुर्द किया गया।सुश्री मेहमूदा बानो (उम्र 40 वर्ष), जो मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में पाई गई थीं, उन्हें 24 जून 2024 को रायपुर स्थित अपराजिता इंटीग्रेटेड वूमेन असिस्टेंस सेंटर में उपचार हेतु भर्ती कराया गया था। केंद्र में निरंतर चिकित्सा, परामर्श एवं देखभाल के परिणामस्वरूप उनकी मानसिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।स्वास्थ्य में सुधार के पश्चात 13 अप्रैल 2026 को मेहमूदा बानो को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। यह पुनर्मिलन उनके जीवन में एक नई शुरुआत का प्रतीक बना।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में स्थापित इस महिला सहायता केंद्र का उद्देश्य मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं असहाय महिलाओं को मनोवैज्ञानिक परामर्श, उपचार एवं अस्थायी आश्रय प्रदान करना है। अब तक इस केंद्र से लगभग 150 हितग्राही लाभान्वित हो चुके हैं।केंद्र द्वारा प्रत्येक माह कम से कम दो हितग्राहियों के स्वास्थ्य सुधार कर उन्हें परिजनों को सौंपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही, सुपुर्दगी के बाद भी हितग्राहियों के स्वास्थ्य की नियमित जानकारी ली जाती है।समाज कल्याण विभाग की यह पहल न केवल महिलाओं के पुनर्वास में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन की ओर पुनः अग्रसर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना का लाभ लेने हेतु हेल्पलाइन नंबर 155326 एवं टोल फ्री नंबर 1800-233-8989 पर संपर्क किया जा सकता है।--
- 0- नारायणपुर के युवाओं को मिला रोजगार का अवसररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संबल केंद्र रायपुर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण नारायणपुर जिले के श्री सौनारू राम साहू एवं श्री गोविंद कुमार नाग हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर नई राह बनाई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार में बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले से आए इन दोनों दिव्यांगजनों को रायपुर स्थित संबल केन्द्र में 3 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें क्षतिग्रस्त सहायक उपकरणों की मरम्मत की तकनीकी जानकारी दी गई।इस प्रशिक्षण से न केवल दोनों हितग्राहियों के कौशल में वृद्धि हुई है, बल्कि वे अब अपने क्षेत्र में अन्य दिव्यांगजनों की सहायता करने के लिए भी सक्षम हो गए हैं। इससे नारायणपुर जिले में इस योजना के सुचारू संचालन में भी मदद मिलेगी और स्थानीय स्तर पर दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।प्रशिक्षण के माध्यम से दिव्यांगजनों को अपने दैनिक जीवन के कार्यों को सुगमता से करने में सहायता मिलेगी तथा वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में स्थापित संबल केन्द्र रायपुर में बैटरी चलित ट्रायसाइकिल, हस्तचलित ट्रायसाइकिल सहित विभिन्न सहायक उपकरणों की मरम्मत की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही यहां कृत्रिम हाथ एवं पैर भी बनाए जाते हैं। ‘दिव्यांग गैरेज’ परियोजना के तहत उपकरणों की मरम्मत कर दिव्यांगजनों को राहत प्रदान की जाती है।शासन के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को प्रत्येक 5 वर्ष में उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, किंतु उपयोग के दौरान उनमें आने वाली खराबियों के समाधान हेतु संबल केन्द्र एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरा है।यह पहल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध हो रही है।
- -प्रदेश के विकास में बंगाली समाज की अहम भूमिका - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बंगाली समाज के नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी लोगों को बंगाली नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बंगाली समाज का सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बंगाली समाज की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में भी समाज के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि सदैव महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने युवाकाल में लंबे समय तक रायपुर में रहे। उनके निवास स्थल को सरकार विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है तथा राजधानी का विमानतल उनके सम्मान में स्वामी विवेकानंद विमानतल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बंगाली समाज की अहम भूमिका रहेगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, मेघनाद साहा, स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम में विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी समाज के प्रतिनिधियों को नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर श्री अखिलेश सोनी, श्री प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, श्री प्रवीण सेन, श्री विवेक वर्धन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) सरोज पांडेय ने सदन में प्रस्तुत नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष द्वारा किए गए विरोध पर कहा है कि इससे कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा एक बार फिर से बेनकाब हो गया है। कांग्रेस पार्टी सहित समूचा विपक्ष नहीं चाहता कि देश की आधी आबादी मातृशक्ति देश के विकास में पुरुषों के साथ कदम मिलाकर चले। कांग्रेस पार्टी आज भी मातृशक्ति को केवल वोट बैंक समझती है जो उन्हें सिर्फ चुनावी वर्ष में ही याद आती है।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह महिलाओं की 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ लोकसभा एवं विधानसभा में उपस्थिति हो, इस उद्देश्य से यह नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाए थे। कांग्रेस पार्टी आज भी महिलाओं को केवल घर तक ही रहने के लिए समझती है। सुश्री पांडेय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री देश के विकास में महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए यह बिल लेकर आए थे, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने विरोध किया। कांग्रेस सहित समूचा विपक्ष समझता है कि महिलाओं में नेतृत्व करने की क्षमता नहीं है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार 12 वर्षों से महिलाओं के विकास एवं उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं में महिलाओं की भूमिका अग्रणी है। साथी भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के नाम से अलग से योजनाएं संचालित हो रही है। - रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी ने सदन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा प्रस्तुत नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने के लिए कांग्रेस पार्टी सहित समूचे विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अभी भी महिलाओं को केवल वोट बैंक ही समझती है। आज जब महिलाएं देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचकर देश का नेतृत्व कर रही है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी है जो आज भी महिलाओं को घर की चारदीवारी में सीमित रखकर उनका केवल शोषण करती है। सुश्री उसेंडी ने कहा कि लोकसभा एवं राज्यसभा में 33% के साथ महिलाओं की उपस्थिति हो इसके लिए यह अधिनियम लाया गया था लेकिन कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती की महिलाएं सदन में पहुंचे। कांग्रेस पार्टी यह अच्छी तरह जानती है कि अगर महिलाएं लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभा में पहुंचकर नेतृत्व करेगी तो कांग्रेस पार्टी का सफाया देश से होना तय है।भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री उसेंडी ने कहा कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार मिले भारतीय जनता पार्टी यही चाहती थी जिसे कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष ने महिलाओं की सहभागिता राजनीति में ना हो इसलिए विरोध किया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करके कांग्रेस पार्टी ने देश की महिलाओं के साथ एक बार फिर से छल किया है। सुश्री उसेंडी ने कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर देशभर की महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिला लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इस अधिनियम का विरोध करके महिलाओं का विरोध किया है। अब देश की मातृशक्ति आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी को पूर्ण रूप से शून्य पर ला देगी।
- -नारी सशक्तीकरण के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से देंगी जवाब - मुख्यमंत्री श्री साय-नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध, मातृशक्ति के सम्मान और भागीदारी का विरोध : मुख्यमंत्रीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के विरोध को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि यह विरोध केवल एक कानून का विरोध नहीं है, बल्कि देश की मातृशक्ति के अधिकार, सम्मान और नेतृत्व क्षमता को नकारने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह रुख उन करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं और विश्वास पर सीधा आघात है, जिन्होंने अपने सशक्त भविष्य का सपना देखा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को शासन और निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को समान अवसर, राजनीतिक भागीदारी और सशक्त पहचान देने के लिए केंद्र सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। ऐसे समय में कांग्रेस और INDI गठबंधन द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध उनकी संकीर्ण मानसिकता और दोहरे मापदंड को उजागर करता है।उन्होंने कहा कि आज देश की माताएँ और बहनें पूरी सजगता के साथ इस प्रकार के राजनीतिक रुख को देख और समझ रही हैं। नारी सशक्तीकरण के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि नारी सशक्तीकरण की यह यात्रा अब रुकने वाली नहीं है। महिलाओं को उनका अधिकार, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में उचित स्थान दिलाना ही सरकार का संकल्प है, जिसे हर परिस्थिति में पूरा किया जाएगा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने संसद में 'नारी शक्ति वन्दन विधेयक' की राह में विपक्षी दलों द्वारा उत्पन्न किए गए अवरोधों और उनके नकारात्मक रवैए पर कड़ा प्रहार करते हुए विपक्षी गठबंधन के 'महिला विरोधी' चरित्र की घोर निंदा की है। श्री देव ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो दल सार्वजनिक मंचों पर महिला सशक्तीकरण का ढोंग करते हैं, उन्होंने सदन के भीतर अपनी संकीर्ण मानसिकता और राजनीतिक स्वार्थ के चलते देश की आधी आबादी के हक पर कुठाराघात किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि विपक्षी दलों के लिए 'महिला सशक्तीकरण' केवल चुनावी रैलियों का एक नारा है। जब इतिहास रचने और महिलाओं को विधायी अधिकार देने का समय आया, तो विपक्ष ने अपने प्रगतिशील होने की मुखौटों को उतार फेंका। यह वही राजनीतिक कुनबा है जिसने दशकों तक इस विधेयक को ठंडे बस्ते में डाल रखा था। आज जब देश की नारी शक्ति को उनका उचित स्थान मिल रहा है, तो विपक्ष की बौखलाहट उनके 'महिला द्वेषी' राजनीतिक डीएनए को प्रमाणित करती है। श्री देव ने कहा कि विपक्ष का यह कृत्य केवल एक विधेयक का विरोध नहीं है, बल्कि देश की उन करोड़ों बेटियों और महिलाओं के सपनों का अपमान है जो राष्ट्र निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। विपक्षी नेताओं की नीयत और नीति, दोनों ही हमेशा से महिला अधिकारों के विरुद्ध रही है। श्री देव ने कहा कि विपक्षी बाधाएं हमारे संकल्प को कमजोर नहीं कर सकतीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति वन्दन' का जो यज्ञ शुरू हुआ है, वह अपनी पूर्णता तक अवश्य पहुँचेगा। देश की जनता, विशेषकर मातृशक्ति, विपक्षी दलों के इस महिला विरोधी चरित्र को देख रही है और आने वाले समय में उन्हें इसका करारा जवाब देगी।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा ने कांग्रेस और 'घमंडिया' गठबंधन के अन्य दलों द्वारा 'नारी शक्ति वन्दन अधिनियम' के मार्ग में निरंतर बाधाएँ उत्पन्न करने के प्रयासों की कड़े शब्दों में निंदा की है। भाजपा की महिला सांसद त्रय ने कहा कि दशकों तक महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को लटकाने, भटकाने और अटकाने वाली ताकतों का असली चेहरा एक बार फिर देश के सामने उजागर हो गया है।भाजपा सांसद त्रय श्रीमती चौधरी, श्रीमती जांगड़े और श्रीमती वर्मा ने अपने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कभी भी महिला आरक्षण को धरातल पर उतारने की ईमानदार कोशिश नहीं की। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की नारी शक्ति को उनका उचित अधिकार मिल रहा है, तो कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अनर्गल तर्क देकर इसे रोकने का कुप्रयास कर रहे हैं। भाजपा सांसदों ने कहा कि विपक्ष द्वारा संसद के भीतर और बाहर जिस तरह का आचरण किया गया, वह देश की आधी आबादी के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। विपक्षी दलों का इतिहास रहा है कि उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित और महिला कल्याण से ऊपर अपनी संकीर्ण राजनीति और तुष्टिकरण को रखा है। 'नारी शक्ति वन्दन अधिनियम' का विरोध करना यह सिद्ध करता है कि ये दल नहीं चाहते कि भारत की बेटियां नीति-निर्माण के उच्चतम स्तर पर अपनी भागीदारी दर्ज कराएं। भाजपा सांसदों ने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष की कोई भी बाधा मोदी सरकार के 'महिला नेतृत्व वाले विकास' के संकल्प को नहीं डिगा सकती। यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं-बहनों के सम्मान और सामर्थ्य का वन्दन है। भाजपा सांसदों ने देश की जनता, विशेषकर महिलाओं से आह्वान किया है कि वे कांग्रेस और उसके सहयोगियों की इस दकियानूसी सोच को पहचानें, जो प्रगति के हर मार्ग में रोड़ा अटकाने का काम कर रहे हैं।



























