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कृषि मंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2026 का किया विमोचन
रायपुर। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज यहां नया रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2026 का विमोचन किया। श्री नेताम ने कृषि दर्शिका के प्रकाशन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं उनके सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि दर्शिका में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्याें के साथ ही नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी तथा किसानों के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारियों को शामिल किया गया है, जो किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कृषि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में इसी प्रकार निरंतर प्रयासरत रहेगा। कृषि मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि पंचाग का अवलोकन भी किया।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कृषि मंत्री को विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2026 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका में छत्तीसगढ़ राज्य की सामान्य जानकारी, कृषि क्षेत्रफल, प्रमुख कृषि फसलों, उनकी उत्पादन तकनीक, कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्याें, योजनाओं, गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी रहती है। दर्शिका में विभिन्न खरीफ एवं रबी फसलों जिनमें अनाज, दलहन, तिलहन, लघु धान्य फसलें, चारा फसलें, औषधीय एवं सगंध फसलें तथा फल, फूल एवं सब्जी वाली फसलों की उन्नत कृषि कार्यमाला प्रकाशित की जाती है। इसके साथ ही कृषि विश्वविद्यालय की विगत वर्ष की गतिविधियों एवं उपलब्धियों, विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न फसलों की उन्नत किस्मों तथा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित एवं प्रसारित कृषक उपयोगी प्रौद्योगिकी की जानकारी भी प्रकाशित की जाती है। विभिन्न फसलों के प्रमुख कीट एवं प्रमुख रोग तथा उनका प्रबंधन भी शामिल किया जाता है। इसके साथ ही केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए संचालित विकास एवं कल्याण योजनाओं, उनके तहत दी जाने वाली सुविधाओं एवं अनुदान के संबंध में जानकारी दी जाती है। कृषि दर्शिका में कृषि विश्वविद्यालय, कृषि तथा संबंधित विभागों एवं किसानों के लिए उपयोगी अन्य संपर्क सूत्रों की जानकारी भी प्रकाशित की जाती है। विमोचन समारोह में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. कपिल देव दीपक निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा, डाॅ. नीता खरे, डॉ. ज्योति भट्ट, डॉ. दीप्ति झा डाॅ. जी.पी. अयाम, डाॅ. डी.पी. पटेल एवं संजय नैयर उपस्थित थे। -
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां राजभवन में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि पंचांग 2026 का विमोचन किया। श्री डेका ने कृषि पंचांग के प्रकाशन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं उनके सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कृषि पंचांग में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्यों, के साथ ही नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी तथा किसानों के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारियों का समावेश किया गया है, जो किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। डाॅ. चंदेल ने राज्यपाल श्री डेका को कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित अकादमिक, अनुसंधान तथा विस्तार कार्याें, विकास गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने राज्यपाल श्री डेका को विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि पंचांग 2026 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विगत 20 वर्षों से कृषि पंचांग का प्रकाशन किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न किसानोपयोगी जानकारियों का समावेश होता है। उन्होंने बताया कि कृषि पंचांग में वर्ष के 12 महीनों के कैलेन्डर एवं पंचांग के साथ-साथ किसानों के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान, विकास तथा विस्तार कार्यों, विभिन्न फसलों की नवीन उन्नत किस्मों, प्रमुख अनाज, दलहन, तिलहन, फल, फूल, सब्जी, मसाला आदि फसलों की कृषि कार्यमाला एवं उत्पादन तकनीक, नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी, कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि महाविद्यालयों तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों की प्रमुख गतिविधियों को शामिल किया जाता है। विमोचन समारोह में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. कपिल देव दीपक एवं निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा, भी उपस्थित थे। - रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं दी और राज्य हित से जुड़े विषयों पर चर्चा की। श्री डेका ने भी उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
- -बोड़ला से भोरमदेव तक सड़क उन्नयन हेतु मुख्यमंत्री ने की घोषणा-देश के पर्यटन मानचित्र पर सबसे तेजी से उभरता छत्तीसगढ़ : श्री शेखावत-भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया भूमिपूजन-स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत 146 करोड़ रूपए की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर होगा निर्माण-कॉरिडोर निर्माण से भोरमदेव बनेगा पर्यटन का केंद्र-बोड़ला से भोरमदेव तक सड़क उन्नयन हेतु मुख्यमंत्री ने की घोषणारायपुर ।केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत के विकास का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ बनता जा रहा है छत्तीसगढ़ इस संकल्प के साथ में हम सब लोग काम करेंगे ऐसा भरोसा और विश्वास आप सबको दिलाते हुए आप सबको बहुत सारी बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सतत आगे बढ़े और छत्तीसगढ़ का पर्यटन विकसित हो छत्तीसगढ़ की संस्कृति सुरक्षित और संरक्षित हो जिससे छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बने। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन सम्पन्न किया गया। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित एवं समग्र पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण होने से जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों को एक सशक्त पर्यटन श्रृंखला में जोड़ते हुए भोरमदेव को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा।छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने नववर्ष के अवसर पर कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के आग्रह पर भोरमदेव से बोड़ला तक सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य की भी घोषणा की।केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव महोत्सव स्थल पर कॉरिडोर के भूमिपूजन के बाद कल सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है।केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पेयजल, बिजली, डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में सकारात्मक बदलाव करते हुए अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में हर्जाने की गारंटी भी इस योजना में शामिल की गई है। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों से आग्रह किया कि 146 करोड़ रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए, क्योंकि यह कार्य धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि एक हजार साल पुराने बाबा भोरमदेव के मंदिर विकास हेतु आज भूमिपूजन हुआ है जो बहुत ही हर्ष की बात है। सावन के महीने में यहां हजारों की संख्या श्रद्धालु कावड़िये अमरकंटक से माता नर्मदा का जल लेकर बाबा भोरमदेव का जलाभिषेक करते हैं जिनका स्वागत करने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के साथ मैं भी आया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन ने हर वर्ग के विकास के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कवर्धा के जंगलों में वास करने वाले राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा जैसे प्रदेश की पिछड़ी जनजातियों के लिए शासन द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारम्भ की गई है, जिससे अब गांव-गांव तक पक्की सड़कें, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे अनेक योजनाओं का लाभ यहां के लोगों को मिल रहा है। वहीं उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारम्भ किए गए हैं, जिनमें एंबुलेंस के साथ में डॉक्टर एवं नर्स सहित पूरा तकनीकी स्टाफ भी उपलब्ध रहेगा जो घर घर जाकर लोगों का उपचार करेगा। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता से प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वादे किए थे जिन्हें पूरा करने का कार्य शासन द्वारा किया जा रहा है। मोदी की गारंटी को काम पूरा होने की गारंटी बताते हुए उन्होंने कहा हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवास से वंचित लोगों को आवास का अधिकार दिलाया, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपए पहुंच रहे है इसी तरह छत्तीसगढ़ के हजारों लोगों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी लाभ लिया है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर यहां के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चौत्र माह के तेरहवीं तिथि को भोरमदेव महोत्सव का आयोजन किया जाता है। पिछले वर्ष जब स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के लिए हमने केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से निवेदन किया था और भोरमदेव महोत्सव के दिन ही हमें भोरमदेव कॉरिडोर की स्वीकृति प्राप्त हुई थी और आज भूमिपूजन भी सम्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में भोरमदेव की तरह ही आस्था का केंद्र माने जाने वाले पंचमुखी श्री बुढ़ा महादेव मंदिर का भी अब विकास किया जा रहा है, जिसके लिए विगत दिनों जब आयोजन किया गया तो लोगों ने अपनी पूरी भक्ति भाव से मंदिर के विकास के लिए दिल खोलकर दान किया और एक ही दिन में 75 लाख रुपए कार्यक्रम समाप्ति के पूर्व ही संग्रहित हो गए थे। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल, राज्य कृषक कल्याण परिषद् के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायात उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, बोड़ला जनपद अध्यक्ष श्रीमती बालका रामकिंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामकुमार भट्ट, श्री संतोष पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गंगाबाई लोकचंद साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रघुराज सिंह, श्री विदेशी राम धुर्वे, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री अनिल ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, श्री मीलूराम साहू, बोड़ला नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विजय पाटिल सहित जनप्रतिनिधिगण और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान आज बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के पावन मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने मां दंतेश्वरी के चरणों में नमन करते हुए समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और सर्वांगीण कल्याण की मंगलकामनाएँ कीं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, संस्कृति सचिव श्री रोहित यादव, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी., डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। -
रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 5 मगर निवेश विभाग की टीम ने जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत रिंग रोड अंतर्गत चंगोराभाठा में अनुमति के विपरीत निर्माणाधीन भवन को हटाने की कार्यवाही जेसीबी मशीन की सहायता से की गयी.
कार्यवाही के दौरान नगर निगम कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेंन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश्वर राव रामटेके, उप अभियंता श्री टिकेन्द्र चंद्राकर सहित नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता की टीम की स्थल में उपस्थिति रही. -
राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में प्रशिक्षण ले रहे तीनों खिलाड़ी, असेसमेंट कैंप में भारतीय हॉकी कोच श्री पी.आर. श्रीजेश परख रहे खिलाड़ियों को
बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने बेंग्लुरू स्थित साई (Sports Authority of India) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में परफॉर्मेंस असेसमेंट के लिए चयनित खिलाड़ियों को हॉकी किट प्रदान किया। उन्होंने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय में गोलकीपर अल्फाज खान को गोलकीपिंग का संपूर्ण किट तथा फॉरवर्ड पोजिशन में खेलने वाली मधु सिदार और दामिनी खुसरो को हाकी स्टिक प्रदान किया। ये तीनों खिलाड़ी बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में पिछले तीन सालों से हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तीनों खिलाड़ियों के साई के परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में चयन पर खुशी जाहिर करते हुए बधाई दी। उन्होंने तीनों को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। जून-2022 से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बहतराई के आवासीय प्रशिक्षण केंद्र में 67 खिलाड़ी अभी हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। राज्य शासन और प्रशिक्षकों के सहयोग से यहां से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। हॉकी किट के वितरण के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री ए. एक्का और राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में हॉकी के वरिष्ठ कोच श्री राकेश टोप्पो भी मौजूद थे।रायपुर के अल्फाज खान हाल ही में 12 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक बेंग्लुरू के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में शामिल हुए थे। वहां भारतीय हॉकी कोच श्री पी.आर. श्रीजेश ने देशभर के खिलाड़ियों के प्रदर्शन को परखा। जशपुर की मधु सिदार और बोड़ला (कबीरधाम) की दामिनी खुसरो इसी महीने 16 जनवरी से 23 जनवरी तक आयोजित परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में शामिल होंगी। इन तीनों खिलाड़ियों ने 15वीं हॉकी इण्डिया जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। इसी आधार पर उनका चयन राष्ट्रीय स्तर पर परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप के लिए हुआ है। दामिनी खुसरो और मधु सिदार पिछले वर्ष हुए वेस्ट जोन हॉकी चैम्पियनशिप में विजेता टीम का हिस्सा रही थी। इसमें मधु सिदार सर्वाधिक गोल कर टॉप स्कोरर रही थी। -
बिलासपुर/रामसर साइट घोषित होने के बाद कोपरा जलाशय में मछली मछली मारने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर मछलीपालन विभाग द्वारा इस आशय के आदेश जारी किए गए हैं। मालूम हो कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्रीय सरकार द्वारा बिलासपुर शहर के नजदीक कोपरा जलाशय को एक माह पहले रामसर साइट घोषित किया गया है। बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पक्षियों का यह बसेरा है। बड़ा लुभावना दृश्य शीतकाल में यह तालाब बिखेरता है। मछलीपालन विभाग ने आसपास के ग्रामों में मछली मारने की मनाही संबंधी सूचना की मुनादी कराया है। प्रमुख रूप से इनमें सैदा , बेलमुंडी, कोपरा, सकरा, बूटेना, अमसेना, बहुतराई, पाड़ एवं सरसेनी के सरपंचों को भी इसकी सूचना से अवगत कराकर मछली मारने पर विभाग को सूचित करने कहा गया है। मछली मारते पकड़े जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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बिलासपुर/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिला कार्यालय में ब्रेल लिपि तैयार कैलेण्डर का विमोचन किया। यह कैलेण्डर ब्रेल प्रेस, समाज कल्याण विभाग द्वारा दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए वर्ष 2026 का ब्रेल लिपि में तैयार किया गया है। जिसमें ब्रेल के साथ ही लो-विजन के दृष्टिबाधितों का ध्यान रखते हुये सभी शासकीय सामान्य अवकाश, एैच्छिक अवकाश को शामिल किया गया है। कैलेण्डर को ब्रेल प्रेस के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया हैं। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने ब्रेल लिपि कैलेण्डर की प्रसन्नता करते हुये कहा कि सामान्य लागों के साथ ही दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल प्रेस, समाज कल्याण बिलासपुर का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएँ भी दी। विमोचन के समय एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी, संयुक्त संचालक समाज कल्याण श्री टीपी भावे, उपनियंत्रक श्रीमति बबीता कमलेश, सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्री प्रशांत मोकासे, श्री उत्तमराव माथनकार, श्री दीक्षांत पटेल, श्री आर पी मण्डल, कु. पूर्णिमा पाण्डे, श्री संतोष देवांगन, श्री रमाशंकर शुक्ला, दुर्गेश धीवर, शालिनी त्रिपाठी, नीतू दीवान, वामसी कृष्णा मौजूद थे।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा आज जोन-5 अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों एवं जन सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने सेक्टर-4 स्थित उद्यानों और क्रिकेट कोर्ट की स्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
उद्यानों का कायाकल्प और बेहतर सफाई पर जोर देने निरीक्षण के क्रम में निगम आयुक्त एवं स्थानीय पार्षद राजेश चौधरी ने सेक्टर-4 सड़क 12 के समीप स्थित उद्यान का अवलोकन किया। आयुक्त ने उद्यान की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए तत्काल व्यापक साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उद्यान में बच्चों के लिए स्थापित खेल सामग्रियों के संबंध में आयुक्त ने उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू एवं उप अभियंता को निर्देशित किये हैं कि सभी झूलों और उपकरणों का आवश्यक संधारण सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को सुरक्षित मनोरंजन मिल सके।आयुक्त ने सड़क 25 स्थित उद्यान का भी निरीक्षण किया और वहां भी बेहतर रखरखाव व संधारण कार्य जल्द पूर्ण करने को कहा। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए क्रिकेट कोर्ट में होगा सुधार खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में आयुक्त ने क्रिकेट कोर्ट का बारिकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए उन्होंने कोर्ट के चारों ओर लगी जाली के संधारण के निर्देश दिए, ताकि खेल के दौरान सुरक्षा बनी रहे। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता प्रिया करसे, उप अभियंता शंकर सुवन मरकाम, स्वस्छता निरीक्षक सूर्या, सुपरवाइजर मनीष चौधरी, वेंकट सहित निगम के अन्य विभागीय कर्मचारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। - रायपुर । रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान-केंद्रित तरीके से निरंतर जारी है। जिले के 105 उपार्जन केंद्रों में अब तक 42 हजार से अधिक किसानों से कुल 2 लाख 58 हजार 683.88 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। उपार्जन केंद्रों से 1 लाख 37 हजार 143.90 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। रायगढ़ जिले में ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से किसान निर्धारित तिथि एवं समय पर टोकन प्राप्त कर धान विक्रय कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा धान खरीदी प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने उपार्जन केन्द्रों के प्रभारियों को वास्तविक किसानों का ही धान क्रय करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
- रायपुर ।कोरबा जिले के करतला विकासखंड के ग्राम बैगापाली के किसान शीतल दास के पास लगभग 14 एकड़ कृषि भूमि है। पिछले कई वर्षों से वे धान की खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वर्ष 2024-25 में भी उन्होंने धान की उत्तम फसल ली। शीतल दास ने गत वर्ष 280 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र कनकी में बेचा था और इस वर्ष भी उन्होंने 280 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र कनकी में विक्रय के लिए पहुंचाया।किसान शीतल दास बताते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी सीमा और धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य किसानों के लिए बड़ा सहारा बना है। वे बताते हैं कि अब उपार्जन केंद्रों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। पहले के समय में किसानों को टोकन के लिए लंबी कतारें लगानी पड़ती थीं, अक्सर टोकन नहीं मिलता था और पूरा दिन व्यर्थ चला जाता था। लेकिन अब सरकार द्वारा ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू करने से किसान अपनी सुविधा अनुसार टोकन प्राप्त कर धान बेच सकते हैं।शीतल दास के अनुसार उनकी खेती ही उनके जीवन-यापन का मुख्य आधार है। पिछले वर्ष धान बेचने के बाद प्राप्त राशि से उन्होंने अपने घर के निर्माण के साथ अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा किया। उनका कहना है कि समय पर मिलने वाला समर्थन मूल्य और सुधारित उपार्जन व्यवस्था ने किसानों का विश्वास मजबूत किया है।
- रायपुर । वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की उपस्थिति में गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर कोरबा में शहर और दूरस्थ अंचलों से गुम हुए मोबाइल को साइबर सेल द्वारा ट्रेस किया गया। आज आयोजित कार्यक्रम में ऐसे सभी 100 मोबाइल को वापस लौटाया गया।खोई हुई वस्तुओं को लौटाना सिर्फ़ एक प्रक्रिया नहीं—यह नागरिकों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी और उनके विश्वास को लगातार सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत श्री योगेश जैन जी, पार्षद श्री अशोक चावलानी जी भी उपस्थित रहे।
- रायपुर, ।सरकारी योजनाएँ जब ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ आँकड़े नहीं बदलतीं, बल्कि ज़िंदगियाँ संवारती हैं। ऐसा ही एक जीवंत उदाहरण जिला बेमेतरा के जनपद पंचायत बेरला अंतर्गत ग्राम पंचायत खम्हरिया (एम) के निवासी श्री रेवा राम साहू हैं, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना ने सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया सवेरा लेकर आया है।प्रधानमंत्री आवास योजना ने श्री साहू और उनके परिवार को वह पक्का आशियाना दिया, जिसकी उन्होंने वर्षों तक केवल कल्पना ही की थी। यह मकान आज उनके लिए ईंट-पत्थर की संरचना भर नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, विश्वास और सुरक्षित भविष्य का प्रतीक बन चुका है। प्रधानमंत्री आवास मिलने से पहले श्री रेवा राम साहू अपने परिवार के साथ एक अत्यंत जर्जर कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात के मौसम में छत से टपकता पानी, दीवारों में सीलन और सांप-बिच्छुओं का डर बना रहता था। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण पक्का मकान बनवाना उनके लिए एक दूर का सपना था।ऐसे कठिन समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके जीवन में आशा की मजबूत नींव बनकर सामने आई। जैसे ही पहली किस्त की राशि बैंक खाते में प्राप्त हुई, उन्होंने निर्माण कार्य प्रारंभ किया। शासन की पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध सहायता से आज उनका पक्का मकान पूर्ण रूप से तैयार है। आज श्री साहू का परिवार एक मजबूत और सुरक्षित पक्के मकान में रह रहा है। यह घर उनके लिए स्थायित्व, शांति और आत्मविश्वास का आधार बन गया है।श्री रेवा राम साहू कहते हैं कि यह सिर्फ एक घर नहीं है, यह हमारे सपनों और आत्मसम्मान की छत है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने मेरे पूरे परिवार का जीवन बदल दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जनकल्याणकारी सोच के कारण ही गरीब परिवारों को सुरक्षित आवास का सपना साकार हो पा रहा है।
- -फरवरी में छत्तीसगढ़ में होगा आयोजन, देशभर के जनजातीय खिलाड़ी 7 खेलों में दिखाएंगे अपनी प्रतिभारायपुर।. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए यह वाहन राज्य के सभी जिलों में जाएगी। आयोजन के शुभंकर मोरवीर, थीम-सांग और मशाल के साथ प्रदेशभर में घूम-घूमकर यह लोगों को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की जानकारी देगी।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने गुरुवार को नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय से मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ को मिली है। उन्होंने इसके लिए भारत सरकार तथा केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अगले माह फरवरी में होने वाले इस आयोजन के बारे में लोगों को जानकारी देने आज मशाल गौरव यात्रा को रवाना किया गया है।खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 7-8 जनवरी कोखेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इनमें हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, कुश्ती, एथलेटिक्स और वेट-लिफ्टिंग शामिल हैं। इन खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भागीदारी करने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए आगामी 7 जनवरी और 8 जनवरी को ट्रायल का आयोजन किया गया है। बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में तीरंदाजी, तैराकी और एथलेटिक्स के लिए ट्रायल प्रक्रिया आयोजित की गई है। वहीं हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती और वेट-लिफ्टिंग के लिए ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा में होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाए जाने के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
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-दिव्य अनुभूति विद्यालय, चांदनी चौक, कोहका का वार्षिक समारोह
- सांसद विजय बघेल अपने बचपन को याद कर हुए भावुक
- वीर बालक ओम उपाध्याय का सांसद ने शाल-श्रीफल स्मृति चिन्ह से किया सम्मान
भिलाई। त्याग, तपस्या और बलिदान की भूमि है भारत... जहां बच्चे-बच्चे में राम और घर-घर बसती है सीता... जहां अनेक धर्म और संस्कृति की एकता विश्व में मिशाल है। विश्व गुरु के इस धरती पर ऋषि-मुनियों के संस्कार हिलोरी मारती है... जी हां यही देखने को मिला दिव्य अनुभूति विद्यालय, चांदनी चौक, कोहका के वार्षिक स्नेह सम्मेलन में।
जहां नन्हें कदमों ने आने वाले खतरों की ओर इशारा करते हुए एकता बनाए रखने का संदेश दिया, तो वहीं लोक संस्कृति, परंपरा और सुमधुर गीतों से पारंपरिक वेशभूषा में छात्र-छात्राओं ने नयनाभिराम प्रस्तुति देकर तालियां बटोरीं। इस अवसर पर स्कूल की अनेक गतिविधियों में सालभर श्रेष्ठता का प्रदर्शन करने वाले बच्चों को अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान किए।
वीर बालक ओम का सांसद ने किया सम्मान
समारोह के मंच पर खास अवसर रहा कि राज्य के वीर बालक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से "साहिबजादा अजीत सिंह" अवार्ड से सम्मानित, दिव्य अनुभूति विद्यालय में ग्यारहवीं का छात्र ओम उपाध्याय को उनकी वीरता और साहस के लिए सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि दुर्ग सांसद विजय बघेल और शिक्षाविद् स्कूल संचालक जेपी घनघोरकर, संगठन प्रभारी भाजपा कवर्धा महेश वर्मा ने शाल-श्रीफल, मैडल और स्मृति चिन्ह से ओम का अभिनंदन किया। इस दौरान सांसद विजय बघेल ने स्कूल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए शिक्षाविद् जेपी घनघोरकर के प्रयासों की सराहना की, वहीं स्कूल के समय में अपने बचपन को याद कर भावुक हो गए। समारोह का बेहतरीन संचालन प्राचार्य माधुरी वर्मा और प्रभारी अन्नपूर्णा ने किया। शिक्षिका रूपेश्वरी साहू, ममता पांडे, जागेश्वरी वर्मा, चित्रलेखा साहू, तिलेश्वरी साहू, अनिता शर्मा, रोहाणी जंघेल, विद्या देवांगन, गिरिजा जंघेल, मंजुलता के मार्गदर्शन में कार्यक्रम पूरा हुआ।
ये रहे समारोह के अतिथि
समारोह के अतिथियों में भाजपा भिलाई पूर्व जिला अध्यक्ष बृजेश बिजपुरिया, कार्यक्रम संयोजक संगठन प्रभारी भाजपा कवर्धा महेश वर्मा, भाजपा आईटी प्रदेश सह संयोजक अमित मिश्रा, प्रतिष्ठित समाज सेवी निशिकांत शर्मा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष निगम भिलाई संजय जे. दानी, अध्यक्ष महिला मोर्चा भाजपा स्वीटी कौशिक, जिला संयोजक, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ, भिलाई दुर्ग डॉ. प्रदीप चौधरी, भाजपा जिला दुर्ग संयोजक शिक्षा प्रकोष्ठ ब्रजकिशोर द्विवेदी, उपाध्यक्ष भाजपा भिलाई इस्पात मजदूर संघ शारदा गुप्ता, अध्यक्ष कोहका व्यापारी संघ कन्हैया लाल सोनी, जिला सह संयोजक शिक्षा प्रकोष्ठ भाजपा सुरेश मालवीय, अशोक यादव, शैलेंद्र वर्मा व भानु जंघेल थे। -
वेब सीरीज का समाजशास्त्र : एक अध्ययन (मिर्जापुर, आश्रम, पंचायत एवं पाताल लोक के संदर्भ में) विषय पर शोध
रायपुर। श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल विश्वविद्यालय, भिलाई (छत्तीसगढ़) ने पत्रकार समरेन्द्र शर्मा को पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने 'वेब सीरीज का समाजशास्त्र : एक अध्ययन (मिर्जापुर, आश्रम, पंचायत एवं पाताल लोक के संदर्भ में)' विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
समरेन्द्र शर्मा ने यह शोध कार्य डॉ. धनेश जोशी के निर्देशन में किया। अपने शोध में उन्होंने लोकप्रिय हिंदी वेब सीरीज को केवल मनोरंजन के माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि समकालीन समाज की सत्ता संरचनाओं, सामाजिक यथार्थ और वैचारिक विमर्श के प्रभावशाली मंच के रूप में विश्लेषित किया है।
शोध में यह स्पष्ट किया गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित वेब सीरीज किस प्रकार समाज में व्याप्त जाति, वर्ग, लिंग, धर्म, राजनीति और सत्ता संबंधों को उजागर करती हैं तथा सामाजिक चेतना को प्रभावित करती हैं।
उल्लेखनीय है कि समरेन्द्र शर्मा पिछले 25 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं। वे विभिन्न टीवी चैनलों, समाचार पत्रों और डिजिटल मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुके हैं।
पीएचडी उपाधि प्राप्त होने पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके भविष्य की कामना की है। - रायपुर / छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व ने गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में देशभर के लिए एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। मध्य भारत के सबसे स्वच्छ नदी-वन पारिस्थितिकी तंत्रों में शामिल यह रिजर्व अब केवल बाघों और जंगली भैंसों का ही नहीं, बल्कि विलुप्तप्राय गिद्धों के संरक्षण का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।गिद्ध पर्यावरण के 'सफाईकर्मी' हैं और इनके बिना बीमारियों का खतरा बढ़ सकता हैमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार इंद्रावती के टाइगर रिजर्व क्षेत्र में गिद्धों सुरक्षित क्षेत्रों (Vulture Safe Zones) का निर्माण कर इनकी घटती आबादी को बचाना और बढ़ाना है, क्योंकि गिद्ध पर्यावरण के 'सफाईकर्मी' हैं और इनके बिना बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है l गिद्धों के अस्तित्व पर जहरीली दवाओं (NSAID), असुरक्षित शव निपटान और मानव हस्तक्षेप जैसे गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए इंद्रावती टाइगर रिजर्व में उपग्रह (सैटेलाइट) टेलीमेट्री आधारित निगरानी कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।गिद्ध लगभग 10,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रहते हैं सक्रियछत्तीसगढ़ में यह अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें उच्च-रिज़ॉल्यूशन गिद्ध गतिविधि डेटा का उपयोग संरक्षण कार्यों की दिशा तय करने के लिए किया जा रहा है। अब तक के आंकड़ों से पता चला है कि गिद्ध लगभग 10,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और घने जंगलों व मानव बस्तियों के बीच लगातार आवाजाही करते हैं।वन्यजीव प्रबंधन को मिली नई वैज्ञानिक दिशागौरतलब है कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। राज्य में पहली बार दो गिद्धों की सैटेलाइट ट्रैकिंग के माध्यम से 18,000 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले GPS डेटा पॉइंट्स प्राप्त किए गए हैं, जिससे वन्यजीव प्रबंधन को नई वैज्ञानिक दिशा मिली है। इस सफलता में क्षेत्रीय जीवविज्ञानी श्री सूरज कुमार के नेतृत्व में “गिद्ध मित्र दल” (गिद्ध संरक्षण स्वयंसेवक दल) की अहम भूमिका रही है। यह दल घोंसलों की निगरानी, शवों के सुरक्षित प्रबंधन और स्थानीय समुदायों को संरक्षण से जोड़ने का कार्य कर रहा है। इसी सामुदायिक सहयोग का परिणाम है कि “गुड्डा सारी गुट्टा” जैसे दुर्गम क्षेत्रों में पहली बार निर्बाध प्रजनन सुनिश्चित हो सका है।“वुल्चर रेस्टोरेंट” की स्थापनासंरक्षण प्रयासों के तहत उप-निदेशक श्री संदीप बलागा के पर्यवेक्षण में “वुल्चर रेस्टोरेंट” की स्थापना भी की गई है। यह नियंत्रित भोजन स्थल हैं, जहां केवल पशु चिकित्सा परीक्षण के बाद NSAID-मुक्त शव ही रखे जाते हैं। इससे गिद्धों को सुरक्षित भोजन मिल रहा है। साथ ही ये केंद्र सामुदायिक शिक्षा के केंद्र के रूप में भी कार्य कर रहे हैं, जहां स्कूलों और स्थानीय युवाओं को पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्धों के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है।“गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र” (Vulture Safe Zone) की स्थापनाभविष्य की रणनीति के तहत कार्यक्रम के तीसरे चरण का नेतृत्व भी उप-निदेशक श्री संदीप बलागा करेंगे। इस चरण में तीन अतिरिक्त गिद्धों की सैटेलाइट टैगिंग, 50 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन, पंचायतों की भागीदारी से 100 किलोमीटर क्षेत्र में “गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र” (Vulture Safe Zone) की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ की पहली गिद्ध पुनर्वास कार्ययोजना के प्रकाशन का लक्ष्य रखा गया है l तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और सामुदायिक सहभागिता को एक सूत्र में पिरोते हुए इंद्रावती टाइगर रिजर्व यह संदेश दे रहा है कि दूरदर्शी नेतृत्व में जंगल और लोग साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
- -सीआईआरएफ के अंतर्गत 665 करोड़ की 174 किमी सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति-साल के पहले दिन छत्तीसगढ़ के लिए अच्छी खबर, केंद्र सरकार ने 4 सड़क खंडों के लिए स्वीकृत किए 665 करोड़-लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव को भारत सरकार की मंजूरी, 5 जिलों में 174 किमी सड़क होगी चौड़ी और मजबूत-डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में कनेक्टिविटी और विकास को नई गति - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी को दिया धन्यवादरायपुर /केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में चार सड़क खंडों के मजबूतीकरण, चौड़ीकरण और उन्नयन के लिए 664 करोड़ 67 लाख रुपए मंजूर किए हैं। सीआरआईएफ (Central Road & Infrastructure Fund) से प्राप्त होने वाली इस राशि से राज्य के पांच जिलों में करीब 174 किलोमीटर सड़कों के विकास और उन्नयन के कार्य किए जाएंगे। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आज राशि स्वीकृति का आदेश राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के सचिव को भेजा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने राज्य में सड़कों के विकास के लिए इतनी बड़ी राशि देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया है।उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा भारत सरकार को चार सड़क खंडों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण के प्रस्ताव भेजे गए थे। इन्हें मंजूर करते हुए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मुंगेली जिले के कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग के 21 किमी भाग में फोरलेन के निर्माण और मजबूतीकरण के लिए 156 करोड़ 33 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। कांकेर जिले में कांकेर-भानुप्रतापपुर-संबलपुर मार्ग की 48.4 किमी टू-लेन विद्यमान सतह के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण के लिए 130 करोड़ 63 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।केंद्र सरकार द्वारा सीआरआईएफ से सुकमा से दंतेवाड़ा मार्ग के 68 किमी लंबाई में टू-लेन सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 230 करोड़ 85 लाख रुपए तथा गरियाबंद जिले में राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद मार्ग में 35.5 किमी लंबाई में सड़क की मजबूती और उन्नयन के लिए 146 करोड़ 86 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इन महत्वपूर्ण मार्गों के विकास एवं उन्नयन से इन जिलों में राज्यीय राजमार्ग तथा मुख्य जिला मार्ग अच्छी होंगी और आवागमन बेहतर होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सीआरआईएफ से मंजूर की गई इस राशि के लिए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में सड़कों के निर्माण में केंद्र सरकार का लगातार सहयोग मिल रहा है। इस राशि से मुंगेली, कांकेर, सुकमा, दंतेवाड़ा और गरियाबंद जैसे दूरवर्ती जिलों में सड़कों का चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और उन्नयन होगा। इससे राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में परिवहन बेहतर होगा।केंद्रीय सड़क अधोसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत मुंगेली, कांकेर, सुकमा/दंतेवाड़ा एवं गरियाबंद जिलों में ₹664.67 करोड़ की लागत से 173.70 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण स्वीकृति प्राप्त हुई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी द्वारा प्रदेश के लिए स्वीकृत इन परियोजनाओं से राज्य के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि ये सड़कें बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और क्षेत्रीय आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएँगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इन परियोजनाओं से बस्तर संभाग के दुर्गम और आंतरिक क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे स्थानीय जनता, किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों तथा आपातकालीन सेवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय बाजारों तक पहुँच और सरल होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे सहयोग और स्वीकृतियों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी के विशेष प्रयासों से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों तथा अन्य महत्वपूर्ण सड़कों का तेज़ी से विस्तार हो रहा है। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज प्रगति पथ पर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य में अधोसंरचना विकास, कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार के अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुँच रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नई स्वीकृत सड़क परियोजनाएँ शीघ्र क्रियान्वित होकर प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास को और अधिक गति देंगी।वहीं उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने विभाग के प्रस्ताव पर सड़कों के विकास एवं उन्नयन के लिए राज्य को मिली राशि के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। राज्य में नई सड़कों के निर्माण और विद्यमान सड़कों की मजबूती व उन्नयन के लिए विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में 8092 करोड़ रुपए की नवीन स्वीकृति जारी की गई है। लोक निर्माण विभाग इन सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- -23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा रायपुर साहित्य उत्सवरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे। उल्लखेनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। साहित्य उत्सव में देशभर के प्रख्यात साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, पत्रकारों, समीक्षकों एवं पाठकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सृजनात्मक लेखन, प्रकाशन जगत, युवा साहित्य तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों से जुड़े विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे।
- -दशकों से लंबित परियोजनाएँ अब समयबद्ध रूप से हो रही पूरी : प्रगति प्लेटफ़ॉर्म प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की निर्णायक कार्यशैली का सशक्त प्रमाण - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की गति नई ऊँचाइयों पर पहुँची है। दशकों से लंबित महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं ऊर्जा परियोजनाएँ अब “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से समयबद्ध ढंग से पूरी हो रही हैं। यह केंद्र सरकार की परिणामोन्मुख, जवाबदेह तथा निर्णायक कार्यशैली का सशक्त प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से न केवल देश में रेल उत्पादन को नई गति मिली है, बल्कि इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिली है और औद्योगिक विकास को नई दिशा प्राप्त हुई है।इसी प्रकार एनटीपीसी की लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना (1600 मेगावाट) से छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म ने परियोजनाओं की निगरानी, निरंतर समीक्षा और बाधाओं के त्वरित समाधान की एक सशक्त प्रणाली विकसित की है। स्पष्ट लक्ष्य, तेज़ क्रियान्वयन और ठोस परिणाम—यही नए भारत की कार्यसंस्कृति है और यही “विकसित भारत @ 2047” के लक्ष्य को साकार करने का मार्ग है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति (PRAGATI) की 50वीं बैठक ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को भी नई गति प्रदान की है। प्रगति सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए विकसित एक आईसीटी आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसने परियोजनाओं की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है। पिछले दशक में प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं की रफ्तार तेज हुई है। इससे देशभर में अवसंरचना, ऊर्जा, रेल, सड़क, कोयला और अन्य क्षेत्रों से जुड़े अनेक कार्यों को समयबद्ध प्रगति मिली है। इन परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ से संबंधित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ भी शामिल हैं।बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्य का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। इस परियोजना को वर्ष 2007 में स्वीकृति मिली थी। प्रगति बैठकों में नियमित समीक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय के कारण इस परियोजना को नई गति मिली, जिसके परिणामस्वरूप इसका कार्य तेज़ी से आगे बढ़ा और लक्षित प्रगति सुनिश्चित हुई।भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, सहायक उद्योगों के विस्तार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। इससे राज्य को देश के प्रमुख इस्पात उत्पादन केंद्र के रूप में और अधिक मजबूती मिली है।इसी प्रकार रायगढ़ में वर्ष 2009 में स्वीकृत लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना की प्रगति प्लेटफॉर्म के अंतर्गत उच्च स्तरीय समीक्षाओं, समय-समय पर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों और निरंतर मॉनिटरिंग से तेज गति मिली और इसके क्रियान्वयन में ठोस प्रगति दर्ज की गई।आज लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में से एक बन चुकी है। इस परियोजना ने न केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को “पावर हब ऑफ इंडिया” के रूप में और अधिक मजबूत किया है। इससे राज्य और देश दोनों के ऊर्जा तंत्र को नई स्थिरता प्राप्त हुई है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यह रेखांकित किया कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने सहयोगी संघवाद को नई शक्ति दी है और केंद्र तथा राज्यों के संयुक्त प्रयासों से विकास कार्यों में गति और विश्वास दोनों बढ़ा है।प्रगति से तेज़ होती छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रगति की 50वीं बैठक को देश और छत्तीसगढ़ के लिए दूरगामी महत्व का बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने की जो व्यवस्था स्थापित की गई है, उसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिला है। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण तथा लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना जैसी बड़ी परियोजनाओं को नई गति मिलना इस बात का प्रमाण है कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने वास्तविक अर्थों में समाधान-उन्मुख शासन का मॉडल प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश के औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षमता, निवेश, रोज़गार और सहायक अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रगति के माध्यम से परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित होने से छत्तीसगढ़ विकसित भारत @ 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी निर्णायक भूमिका और मजबूती के साथ निभाता रहेगा।
- -राज्य के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए बनेंगे विश्राम गृह-चिकित्सा शिक्षा विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयूरायपुर / जब कोई गंभीर बीमारी घर में दस्तक देती है, तो पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से टूट जाता है। ऐसे वक्त में दूर-दराज के गांवों से शहर आने वाले गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इलाज के साथ-साथ खुद के ठहरने की होती है। अक्सर मरीज तो वार्ड में इलाज करा रहा होता है, लेकिन उसके अपने लोग अस्पताल के गलियारों, ठंडी सीढ़ियों या खुले आसमान के नीचे रातें गुजारने को मजबूर होते हैं। इसी मानवीय पीड़ा को महसूस करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बहुत ही प्रशंसनीय कदम उठाया है। अब राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए सर्वसुविधायुक्त ‘विश्राम गृह’ बनाए जाएंगे, ताकि किसी भी मजबूर आंख को रात बिताने के लिए सुरक्षित छत की तलाश में भटकना न पड़े।इस नेक काम को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में मंत्रालय नवा रायपुर में मेडिकल एजुकेशन विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच एक एमओयू संपादित हुआ है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री खुशवंत साहेब , स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त श्री रितेश अग्रवाल सहित सेवादान फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित थे।इस समझौते की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन आश्रय स्थलों के निर्माण, सजावट और उनके रोजमर्रा के संचालन का पूरा जिम्मा संस्था खुद उठाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार और संस्था मिलकर एक ऐसा मानवीय ढांचा तैयार कर रहे हैं जहाँ परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहद किफायती ठहराव मिलेगा। इन विश्राम गृहों में केवल सिर छुपाने की जगह ही नहीं मिलेगी, बल्कि अपनों की सेवा में लगे लोगों के लिए 24 घंटे सुरक्षा, सीसीटीवी की निगरानी, साफ-सुथरा भोजन और एक गरिमामय माहौल भी सुनिश्चित किया जाएगा।योजना के पहले पड़ाव में रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर जैसे प्रमुख शहरों के मेडिकल कॉलेजों को चुना गया है, जहां दूरस्थ अंचलों से बड़ी संख्या में लोग उम्मीद लेकर पहुँचते हैं। यह पहल दिखाती है कि स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ दवा और डॉक्टर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनमें उन लोगों के लिए भी जगह होनी चाहिए जो अपने बीमार परिजनों के लिए संबल बनकर साथ खड़े रहते हैं। यह कदम न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि उन हजारों परिवारों को एक बड़ी मानसिक राहत भी पहुँचाएगा जिनके पास शहर में रहने का कोई ठिकाना नहीं होता।"इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं, अपनों के साथ और सुकून से भी होता है।छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को नया विस्तार मिलने जा रहा है। इस MoU के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए बेहतर और सुविधाजनक 'विश्राम गृह' बनेंगे जो 'नो प्रॉफिट-नो लॉस' के आधार पर संचालित होंगे।" स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल"राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर इलाज उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की गरिमा और सुविधा का भी ख्याल रखना है। दूर-दराज़ से आने वाले लोग कई दिनों तक अस्पतालों के आसपास असुविधाजनक परिस्थितियों में रुकने को मजबूर होते हैं। विश्राम गृह की व्यवस्था उनके लिए सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती ठहराव का बड़ा सहारा साबित होगी।यह पहल संवेदनशील और उत्तरदायी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्राम गृहों के माध्यम से मरीज परिजनों को सम्मानजनक आवास, भोजन और बुनियादी सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मानवता और संवेदना का समन्वय और सुदृढ़ होगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।
- बिलासपुर /भारत सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत अम्ब्रेला योजना मिशन शक्ति का आरंभ किया गया है। मिशन शक्ति की उपयोजना “सामर्थ्य” के अंतर्गत स्वाधार एवं उज्जवला गृह योजना को समाहित करते हुए शक्ति सदन - एकीकृत राहत एवं पुनर्वास गृह योजना का संचालन किया जा रहा है। शक्ति सदन के प्रभावी संचालन एवं सुचारू क्रियान्वयन के लिए सेवाप्रदाता नियुक्ति किया जाना है। इसके लिए पात्र आवेदकों से 19 जनवरी 2025 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।पद हेतु शैक्षणिक योग्यता, नियम एवं शर्तें तथा विज्ञापन की जानकारी जिले के वेबसाइट www.bilaspur.gov.in पर उपलब्ध है। इसके अलावा कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग के पीछे स्थित कार्यालय, बिलासपुर के सूचना पटल का भी अवलोकन किया जा सकता है।
- - राजनांदगांव जिले के पात्र आवेदकों के लिए 18 जनवरी को अग्निवीर जनरल ड्यूटी एवं 20 जनवरी को अग्निवीर ट्रेडसमेन (दसवीं) की शारीरिक दक्षता परीक्षाराजनांदगांव । भारतीय सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा आयोजित ऑनलाईन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) में उत्तीर्ण उम्मीदवारों की अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क व स्टोर कीपर, अग्निवीर ट्रेडसमेन (आठवीं व दसवीं) के पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं अन्य भर्ती प्रक्रिया 10 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक इंडोर स्टेडियम धमतरी में की जाएगी। राजनांदगांव जिले के पात्र आवेदकों के लिए 18 जनवरी 2026 को अग्निवीर जनरल ड्यूटी एवं 20 जनवरी 2026 को अग्निवीर ट्रेडसमेन (दसवीं) की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को प्रवेश पत्र उनके ई-मेल पर भेज दिया गया है। इसके साथ ही प्रवेश पत्र वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in से प्राप्त कर सकते है। परीक्षा शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड एवं सभी कागज रैली अधिसूचना के अनुसार और साथ में आधार कार्ड से लिंक मोबाईल भी लेकर आना अनिवार्य है। परीक्षा के संबंध में अन्य जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव के दूरभाष क्रमांक 07744-299523 पर संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।


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