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- रायपुर - सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका पद्म विभूषण से अलंकृत 92 वर्षीया आशा भोंसले के रविवार को आकस्मिक निधन पर रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, सभी एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों ने गहन शोक व्यक्त करते हुए उनके निधन को संगीत के क्षेत्र में एक युग का अवसान और अपूरणीय क्षति निरुपित किया है और कहा है कि लगभग लगातार 8 दशकों तक संगीत के क्षेत्र में हिन्दी, मराठी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में लगभग 12000 से अधिक गानों को सुमधुर स्वरों में प्रस्तुत करने वाली सुरों की मल्लिका आशा भोंसले का नाम विश्व में संगीत के क्षेत्र में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है. महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ सहित सभी एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों ने परमपिता परमेश्वर के दिव्य श्रीचरणों में दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान कर उनके समस्त परिवारजनों, सहयोगियों, मित्रों, इष्टगणों सहित विश्व भर के करोड़ों संगीत प्रेमियों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने हेतु सामूहिक विनम्र प्रार्थना की है.
- -रोड साईट व्यवसाय करने वाले छोटे व्यवसायियों को मिली स्थाई दुकानें, अब हटाये जाने का डर नहीं सतायेगा उन्हेंरायपुर। उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर कोरबा के लघु व्यवसायियों को एक बड़ा तोहफा देते हुये उन्हें आनंद बाजार वेंडिंग जोन की सौगात प्रदान की है। अब सड़क के किनारे फुटपाथ आदि पर व्यवसाय करने वाले इन लघु व्यवसायियों को सुविधापूर्ण स्थाई दुकानें मिल चुकी हैं, अब उन्हें बार-बार दुकान हटा दिये जाने का डर भी नहीं सतायेगा तथा निश्चिंत हो कर अपने व्यवसाय का संचालन कर सकेंगे। इस अवसर पर लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने की, वहीं सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद नरेन्द्र देवांगन सहित अन्य पार्षदगण व जनप्रतिनिधिगण विशेष रूप से उपस्थित थे।यहॉं उल्लेखनीय है कि कोरबा शहर में काफी तादात में सड़क के किनारे फुटपाथ आदि में लघु व्यवसायियों द्वारा अपने छोटे-छोटे व्यवसाय संचालित किये जा रहे हैं, किन्तु इन व्यवसायियों को सदैव स्थल से हटा दिये जाने का डर बना रहता है, वहीं दूसरी ओर इससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है, आवागमन बाधित होता है, जहॉं एक ओर इन लघु व्यवसायियों को दुकानें हटा दिये जाने का भय बना रहता है, वहीं दूसरी ओर वाहन चालकों, आमनागरिकों को भी असुविधा होती है, समय-समय पर इन व्यवसायियों को व्यवसाय प्रभावित होता है तथा उन्हें हर समय एक स्थाई स्थान की आवश्यकता बनी रहती है तथा उनका सपना रहता है कि उन्हें अपने व्यवसाय हेतु एक स्थाई ठिकाना मिल जाए। इन लघु व्यवसायियों के हितों के मद्देनजर नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा बुधवारी बाजार के सामने रोड की दूसरी ओर स्थित पार्किंग स्थल मैदान के किनारे-किनारे चारों ओर 53 दुकानों से युक्त वेंडिंग जोन का निर्माण कराया गया है, इन दुकानों को इन्हीं लघु व्यवसायियों को आबंटित किया गया है व आबंटित किया जा रहा है। आज प्रदेश के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षीय उपस्थिति में उक्त वेंडिंग जोन का लोकार्पण किया गया।इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि मेरे पिताजी एवं मैं स्वयं सड़क साईट में दुकान लगाकर व्यापार करते थे, अतः मैं रोड साईट में व्यवसाय करने वाले व्यवसायी बंधुओं के दुख दर्द से अच्छी तरह परिचित हूॅं, मेरा संकल्प है कि रोड साईट व्यवसाय करने वाले व्यापारी भाईयों के हितों की सदैव रक्षा की जायेगी, जब तक उन्हें उनके व्यवसाय हेतु स्थाई ठिकाना उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक उन्हें स्थल से हटाया नहीं जायेगा। इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुये कहा कि मेरे जन्म दिवस के अवसर पर आज यह पुन्य का कार्य करने का मौका महापौर के माध्यम से मुझे प्राप्त हुआ है, जिसके लिये मैं उन्हें धन्यवाद देता हूॅं। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने इस मौके पर लघु व्यवसायीबंधुओं को भी बधाई व शुभकामनायें दी तथा उनके व्यवसाय की सफलता तथा उनके लगातार प्रगति की कामना की।इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज तो मेरे लिये दोहरी खुशी का दिन है, क्योंकि एक ओर कोरबा के लोकप्रिय विधायक व मेरे बडे़ भाई उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का जन्म दिवस है, तो वहीं दूसरी ओर इस शुभ दिवस पर सड़क के किनारे व्यवसाय करने वाले हमारे छोटे-छोटे व्यवसायी भाईयों को उनके व्यवसाय हेतु स्थाई ठिकाना मिल रहा है। महापौर श्रीमती राजपूत ने आगे कहा कि उद्योग मंत्री श्री देवांगन द्वारा मुझे लगातार मार्गदर्शन दिया जाता है कि शहर के किसी भी छोटे व्यवसायी विशेषकर सड़क के किनारे दुकान लगाकर व्यवसाय करने वाले व्यवसायी भाईयों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हों, जो जहॉ व्यवसाय कर रहे हैं, उन्हें वहॉं से न हटाया जाए, जब तक की उन्हें स्थाई ठिकाना उपलब्ध न करा दिया जाए।उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन द्वारा लघु व्यवसायियों, वंेन्डर्स के हितों की सुरक्षा किये जाने के मद्देनजर दिये गये दिशा निर्देशों के तहत महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत एवं आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय के दिशा निर्देशन में नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा अपने सभी जोनांतर्गत वेंडिंग जोन का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि सड़क किनारे व फुटपाथ आदि में व्यवसाय कर अपना जीवन यापन करने वाले छोटे-छोटे व्यवसायियों को उनके व्यवसाय संचालन हेतु स्थाई ठिकाना प्रदान किया जा सके तथा वे भयमुक्त वातावरण में निश्चिन्त होकर अपना व्यवसाय कर सकें।इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने नवनिर्मित आनंद बाजार वेंडिंग जोन की दुकानों की चाबी व्यवसायियों को प्रदान की। इस मौके पर जिन व्यवसायियों को दुकानों का आबंटन व चाबी दिया गया, उनमें राजू गुप्ता, विनोद कुमार राठौर, नवोदित जैन, मनीष साहू, चंद्रिका देवांगन, मीना देवी, साहेब दास, राजेश सिंह, दीपू कुमार, जीतन दास, लता अभिषेक, मोहम्मद मुस्तफा आदि व्यवसायी शामिल हैं। इस मौके पर लघु व्यवसायियों ने उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत का हार्दिक स्वागत किया तथा उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद नरेन्द्र देवांगन लक्ष्मण श्रीवास, पंकज देवांगन, मुकुंद सिंह कंवर, प्रफुल्ल तिवारी, योगेश जैन, मनोज अग्रवाल, रूखमणी नायर, नरेन्द्र पाटनवार, दीनू महाराज, कृष्णा द्विवेदी, दुष्यंत शर्मा, आकाश श्रीवास्तव, मनोज राजपूत, अनिल यादव, सुरेन्द्र राजवाडे़ जोन कमिश्नर भूषण उरांव, अश्वनी दास, अंजुला अनंत, राजू गुप्ता, रामलाल पटेल, शबीर खान,विनोद राठौर, गुलजार सिंह, संजय मानिकपुरी, शैलेन्द्र यादव, प्रीति चौहान, स्वाति कश्यप, एस.के.जैन, संतोष देवंागन आदि सहित काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया गया। । इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रहेगी।इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को मुख्य अतिथि श्री गुरु खुशवंत, तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर , लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज, दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी। श्री गुरु खुशवंत, तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है।डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG), रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है।घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर, शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं। वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है।डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी।डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।
- -शहीद वन कर्मियों के बलिदान को किया नमन-वन, पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी - मंत्री श्री नेतामरायपुर ।आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वनमंडलाधिकारी कार्यालय परिसर में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया।मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आयोजित कार्यक्रम में वन शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि परिसर में निर्मित शहीद स्मारक उन वन कर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने अपने कर्तव्य पालन के दौरान नक्सलियों के हाथों अपने प्राण न्यौछावर किए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं विषम परिस्थितियों में वनों और पर्यावरण की सुरक्षा करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है। वन कर्मी विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए वन संपदा और वन्य प्राणियों की रक्षा में जुटे रहते हैं। उन्होंने बताया कि अवैध कटाई, वनाग्नि, अवैध कब्जा और अवैध शिकार जैसी गतिविधियों से वनों को लगातार खतरा बना हुआ है, ऐसे में वन विभाग के कर्मचारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने वन शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।उन्होंने कहा कि वनों और पर्यावरण के कारण ही मानव जीवन संभव है, इसलिए इनकी रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जंगलों पर आश्रित हैं, इसलिए वनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं से अनेक वनस्पतियां, औषधीय पौधे, जड़ी-बूटियां एवं वन्य प्राणी नष्ट हो रहे हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे वनों की रक्षा के लिए आगे आएं और अवैध कटाई, अवैध कब्जा एवं वनाग्नि जैसी गतिविधियों को रोकने में सहयोग करें।उन्होंने बढ़ती गर्मी के मौसम में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने तथा अमानवीय कृत्यों पर सख्ती से कार्रवाई करने की बात कही। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह पर्यावरण संरक्षण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं समृद्ध वन संपदा का संरक्षण करे।इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी श्री आलोक बाजपेयी एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -बैगा-बिरहोर बसाहटों में आधारभूत सर्वेक्षण प्रारंभ, योजनाओं से जुड़ेंगे हर परिवाररायपुर । विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) शुरू किया है। इस मिशन का उद्देश्य 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 75 PVTG समुदायों को पक्का घर, स्वच्छ जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करना है।बिलासपुर जिले में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशन में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के लिए आधारभूत सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। यह सर्वेक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक परिवार तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत बिलासपुर जिले की 54 बसाहटों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय, मुख्यतः बैगा और बिरहोर का आधारभूत सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है। यह सर्वेक्षण आधुनिक तकनीक के उपयोग के साथ मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। सर्वेक्षण दल द्वारा प्रत्येक पीवीटीजी परिवार के घर-घर पहुंचकर सभी सदस्यों की विस्तृत जानकारी एकत्रित की जा रही है। इस दौरान आधार कार्ड, प्रधानमंत्री जनधन खाता, आयुष्मान कार्ड, सिकल सेल कार्ड, टीकाकरण की स्थिति, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना का लाभ, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी संकलित की जा रही है।भारत सरकार द्वारा विकसित ‘सर्वे सेतु ऐप’ के माध्यम से यह कार्य रियल टाइम लोकेशन के आधार पर किया जा रहा है, जिससे सर्वेक्षण की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हो रही है। इस डिजिटल प्रक्रिया से न केवल आंकड़ों का त्वरित संकलन संभव हो रहा है, बल्कि भविष्य की योजनाओं के निर्माण में भी सहूलियत मिलेगी। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने आज कुछ गांवों का दौरा कर सर्वे कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि इस सर्वेक्षण के माध्यम से पीवीटीजी परिवारों की वास्तविक स्थिति का आंकलन कर उन्हें शासकीय योजनाओं से पूर्ण रूप से जोड़ा जाए और उनके समग्र विकास के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके।
- -मिट्टी की सांस लौटाएगी हरी खाद- घटती उर्वरता के दौर में किसानों के लिए उम्मीद की हरियालीरायपुर। हरी खाद मिट्टी की उपजाऊ शक्ति, जैविक पदार्थ और नत्रजन (नाइट्रोजन) बढ़ाने के लिए उगाई जाने वाली दलहनी फसलें (जैसे- ढैंचा, सनई, मूंग, लोबिया) हैं, जिन्हें फूल आने से पहले खेत में ही जोतकर मिला दिया जाता है। यह मृदा की संरचना सुधारती है, नमी बनाए रखती है और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम कर लागत घटाती है। हरी खाद का उपयोग मिट्टी के लिए किसी जीवनदायिनी संजीवनी से कम नहीं है।उर्वरता तेजी से घट रही धरती जो कभी सोना उगलती थी, आज थकान से बोझिल दिखने लगी है। रासायनिक उर्वरकों की अंधाधुंध दौड़ और लगातार सघन खेती ने मिट्टी की सेहत को भीतर तक कमजोर कर दिया है। ऐसे समय में कृषि विभाग ने किसानों के सामने एक सरल, सस्ता और टिकाऊ उपाय रखा है, हरी खाद, जो सिर्फ खेती नहीं, बल्कि धरती के पुनर्जन्म की कहानी लिख सकती है।कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस खरीफ सीजन से ही हरी खाद को अपनाएं। विभाग का मानना है कि बढ़ती जनसंख्या और घटते जोत रकबा के कारण किसान एक ही खेत पर बार-बार खेती करने को मजबूर हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता तेजी से घट रही है।जैविक कार्बन और जरूरी पोषक तत्वों की कमी अब साफ दिखाई देने लगी है। हरी खाद केवल विकल्प नहीं, बल्कि टिकाऊ खेती की दिशा में निर्णायक कदम है। यह मिट्टी को पुनर्जीवित करने का सबसे सस्ता और प्रभावी माध्यम है। आज जब खेती लागत के बोझ तले दब रही है और मिट्टी अपनी ताकत खो रही है, तब हरी खाद उम्मीद की वह हरियाली है जो धरती को फिर से जीवंत कर सकती है।यह है हरी खाद- मिट्टी का प्राकृतिक टॉनिककृषि विभाग के अधिाकारियों ने बताया कि हरी खाद उन फसलों को कहा जाता है जिन्हें खेत में उगाकर हरी अवस्था में ही मिट्टी में मिला दिया जाता है। ढैंचा, सन, मूंग, उड़द, लोबिया, बरसीम जैसी दलहनी फसलें इसमें प्रमुख हैं। इनकी जड़ों में मौजूद राइजोबियम जीवाणु हवा से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी में जमा करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे किसान महंगे यूरिया से करता है। हरी खाद का उपयोग मिट्टी के लिए किसी जीवनदायिनी संजीवनी से कम नहीं है।हरी खाद के लाभहरी खाद से मिट्टी में नाइट्रोजन की पूर्ति होती है, फास्फोरस की घुलनशीलता बढ़ती है, जिंक, आयरन, कॉपर जैसे सूक्ष्म तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है। इसके अलावा मिट्टी की संरचना में सुधार, भुरभुरापन, नमी धारण क्षमता में वृद्धि और खरपतवार व कीटों पर प्राकृतिक नियंत्रण भी मिलता है।नाइट्रोजन की भरपूर आपूर्तिढैंचा एक एकड़ में 55 से 60 किलो नाइट्रोजन देता है, जो करीब 3 बोरी यूरिया के बराबर है। इसके अलावा सनाई 45-50 किलो, बरसीम 48-50 किलो और लोबिया/ग्वारफली 22-30 किलो नाइट्रोजन प्रति एकड़ देती है।समय का ध्यान ही सफलता की कुंजीसिंचित क्षेत्रों में मई में बुवाई करें, असिंचित क्षेत्रों में जून (वर्षा पूर्व) में बुवाई करें। 40-50 दिन बाद हरी अवस्था में ही जुताई कर मिट्टी में मिला दें। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस पारंपरिक लेकिन वैज्ञानिक पद्धति को अपनाएं और अपनी मिट्टी, अपनी आय और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करें।
- -देश की आधी आबादी को उसका अधिकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया - लता उसेण्डी-लोकतंत्र में महिलाओं को विधानसभा व लोकसभा में 33 प्रतिशत स्थान दिया जायेगा - लता उसेण्डी-नारीशक्ति वंदन अधिनियम के लिये प्रधानमंत्री मोदी का माना आभारजगदलपुर । भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेण्डी ने जगदलपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 भारत के लोकतंत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। इस क्रांतिकारी कदम को उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त कर सुश्री उसेण्डी ने कहा कि इससे पहले कभी किसी ने दल ने संसद के दोनों सदनो मे पारित कराने की हिम्मत नहीं दिखा पाए।भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेण्डी ने कहा कि महिलाओं को केवल वोट बैंक के तौर पर तमाम राजनीतिक दलों ने देखा, लेकिन उनका अधिकार किसी ने नहीं दिया। देश की आधी आबादी को उनका अधिकार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दिया है एवं सबके विकास में महिलाओं को भी जोड़ा। सुश्री उसेण्डी ने कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नारीत्व का जो सम्मान किया है, उसके लिए देश की सभी बहनें प्रधानमंत्री श्री मोदी को बहुत साधुवाद देती हैं कि उन्होंने इतनी ताकत के साथ भारत की संसद में इस अधिनियम को रखा है। जब इस अधिनियम को संसद के पटल पर रखा गया तब परिस्थितियाँ सकारात्मक नहीं थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2029 में यह बिल लागू हो, उस दिशा में कार्य किया और अभी उस पर संशोधन आ रहा है। आने वाले समय में विधानसभा और लोकसभा में संशोधन के साथ यह बिल पारित होगा 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ। महिलाओं ने देश में बहुत बेहतर काम किया।भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेण्डी ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री मोदी ने की, जिसका सकारात्मक परिणाम आया है। आज महिलाएं नीति-निर्धारक भी हैं, केवल नीति के लाभार्थी नहीं हैं। महिलाएं अब नीति बनाएंगी। जब महिलाएं सदन में बड़ी संख्या में बैठेंगी तो सकारात्मक परिणाम आएगा, जो भारत की राजनीति को परिवर्तित करेगा। लता उसेण्डी ने नारी शक्ति वंदन बिल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह बिल महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह बिल महिलाओं के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाएगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आगे व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।इस पत्रवार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महिला आयोग सदस्य ओजस्वी मण्डावी, महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष रमशिला नाग, महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री अंतीवेक सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- दुर्ग । वार्ड-67 सेक्टर 7 पश्चिम सड़क 37 ए भिलाई नगर में पीलिया के मरीजों की जानकारी होने पर 12 अप्रैल 2026 को डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के निर्देशन में एवं डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, दुर्ग के मार्गदर्शन में डॉ. पियाम सिंग, प्रभारी अधिकारी, सिविल हॉस्पिटल सुपेला भिलाई व श्रीमती रितीका सोनवानी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, दुर्ग श्री विजय सेजुले, सुपरवाईजर, श्री हितेन्द्र कोसरे, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया। सेक्टर-07, स्ट्रीट-37ए भिलाई में पीलिया ग्रस्त होने के कारण लक्षण पाये गये मरीजों का रक्त नमूना लिया गया।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दानी से प्राप्त जानकारी अनुसार आज प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 65 घरों का भ्रमण कर 07 पीलिया से ग्रसित नए मरीज पहचान किये। इस प्रकार उक्त संक्रमित क्षेत्र में आज दिनांक तक कुल 31 पीलिया के मरीज़ मिले। जिनमें 01 पुराने मरीज डिस्चार्ज हुए। इस प्रकार भर्ती मरीज श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंस भिलाई में 03, पल्स हास्पीटल, भिलाई-1 में 01 उपचाररत है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रगट होते है। पीलिया के प्रमुख लक्षण भुख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ ऊपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना।
- -NDPS Act के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई-थाना खुर्शीपार एवं ACCU टीम की संयुक्त प्रभावी कार्यवाहीदुर्ग । थाना खुर्शीपार क्षेत्र अंतर्गत पुलिस को आज मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि बालाजी नगर श्री राम मंदिर के पास स्थित एक मकान में उड़ीसा से आए व्यक्तियों द्वारा अवैध मादक पदार्थ गांजा लाकर बिक्री हेतु रखा गया है। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्तियों की घेराबंदी कर पूछताछ एवं तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपीगण के कब्जे से कुल 09 किलो 500 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा, नगदी रकम 12,100 रुपए एवं 02 नग मोबाइल जप्त किया गया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा उड़ीसा से गांजा लाकर स्थानीय स्तर पर विक्रय करना स्वीकार किया गया।मामले में अपराध क्रमांक 134/2026 धारा 20(बी), 27 NDPS Act के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।▪️ घटना का कारण :अवैध लाभ अर्जित करने हेतु मादक पदार्थ की बिक्री▪️ घटनास्थल :बालाजी नगर, श्री राम मंदिर के पास, खुर्शीपार, दुर्ग▪️ आरोपी का नाम :1. नवीन राना, उम्र 26 वर्ष, निवासी चिंचेड, थाना तूसरा, जिला बलांगीर (उड़ीसा)2. प्रमोद राणा, उम्र 28 वर्ष, निवासी चिंचेड, थाना तूसरा, जिला बलांगीर (उड़ीसा)3. दुर्गा अम्मा, उम्र 65 वर्ष, निवासी बालाजी नगर, खुर्शीपार, दुर्ग▪️ जप्त सामग्री :1. अवैध मादक पदार्थ गांजा – 09 किलो 500 ग्राम (कीमती लगभग ₹4,75,000/-)2. नगदी रकम – ₹12,100/-3. 02 नग मोबाइल (कीमती ₹32,000/-)कुल जुमला कीमती ₹5,19,100/-▪️ सराहनीय भूमिका :उक्त कार्यवाही में थाना खुर्शीपार पुलिस टीम एवं ACCU टीम की संयुक्त रूप से प्रभावी भूमिका रही।▪️ दुर्ग पुलिस की अपील :दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को दें। नशे के विरुद्ध अभियान में जनसहयोग अपेक्षित है तथा ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी
- -चुरेगांव में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजनरायपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार विकासखण्डवार जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दूरस्थ अंचलों के गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में बीते दिनों कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड अंतर्गत जिले के सीमा पर स्थित ग्राम चुरेगांव में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता के साथ सुना। इस दौरान कलेक्टर, जिला पंचायत सदस्य श्री कपिल नाग, जनपद सदस्य श्री घसियाराम सेठिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों को जानकारी ली और निराकरण हेतु निर्देशित किया।कलेक्टर ने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना है, ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु ब्लॉक या जिला मुख्यालय तक न आना पड़े। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। उन्होंने श्रम पंजीयन के लाभों की जानकारी देते हुए ग्रामीण महिलाओं को आजीविका संवर्धन हेतु ई-रिक्शा योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पशुपालन विभाग की योजनाओं से जुड़ने एवं विकसित भारत जीरामजी योजना के अंतर्गत शेड निर्माण का लाभ उठाने की अपील की।शिविर में ग्रामवासियों से विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर स्थल में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को 04 ट्रायसायकल एवं 01 बैसाखी वितरित की गई। मुख्यमंत्री पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत 03 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृत की गई। इसी प्रकार 13 आधार कार्ड, 7 जाति प्रमाण पत्र, श्रम विभाग द्वारा 11 श्रम कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 14 राशन कार्ड, उद्यान विभाग द्वारा 03 वर्मी बेड प्रदान किए गए। राजस्व विभाग द्वारा 15 किसान किताब, कृषि विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को रागी बीज वितरण और वन विभाग द्वारा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा योजना के अंतर्गत ग्राम हिचका की श्रीमती सुनीता मंडावी को 02 लाख रुपए एवं ग्राम कावागांव की श्रीमती सुपोतिन कोर्राम को 30 हजार रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। साथ ही वन विभाग द्वारा 200 पौधे का भी वितरण किया गया।कलेक्टर ने लिया मड़िया पेज का आनंदकभी लाल आतंक से प्रभावित रहे चुरेगांव जैसे अंदरूनी गांव में आयोजित इस शिविर के दौरान ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक पेय ‘मड़िया पेज’ की व्यवस्था की गई थी। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने ग्रामीण महिलाओं के बीच पहुंचकर मड़िया पेज का स्वाद लिया और उनकी सराहना की।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, एसडीएम सुश्री आकांक्षा नायक, तहसीलदार श्री विजय मिश्रा, श्री संतोष सिन्हा, जनपद पंचायत सीईओ श्री अनुराग सिन्हा, सरपंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया। उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
- -सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण और मछली पालन से ग्रामीणजन समृद्धि की ओररायपुर /सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण और मछली पालन ग्रामीण भारत में समृद्धि, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता के प्रमुख स्तंभ बन रहे हैं। ये गतिविधियां न केवल परिवार को ताजी और पौष्टिक सब्जियां व प्रोटीन प्रदान करती हैं, बल्कि अतिरिक्त आय का जरिया भी बनती हैं। महिला आजीविका में वृद्धि के लिए एकीकृत क़ृषि सबंधित "दीदी के बखरी "कार्य अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है, जिसे देखकर बाकी दीदीयां भी अपने जीवन स्तर में सुधार लाने और आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है।उत्तर बस्तर कांकेर जिले में बिहान योजना के तहत महिलाओं के आजीविका में वृद्धि हेतु सभी स्तर पर विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं । जिले में काफ़ी संख्या में दीदीयां अपने जीवन स्तर में सुधार के लिए आय मूलक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं । अपनी आय दुगुनी करने के लिए एकीकृत क़ृषि के साथ अन्य लाइवलिहुड एक्टिविटी कर रही हैं इसमें अपने घर के बखरी (बाड़ी) में व्यावसायिक रूप से सब्जी -भाजी लगाकर उसको बाजार में बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही है, साथ ही मछली पालन, मुर्गीपालन, बकरी पालन व वनोपज संग्रहण कर रही है। इस प्रकार से एकीकृत क़ृषि जिले के चार विकासखंड_ नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा में संचालित है, जिसमें प्रत्येक संकुल के चार गांव को लिया गया है। योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, जिससे उनकी औसत आय प्रतिमाह बीस से पच्चीस हजार तक पहुंच जाए।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उत्तर बस्तर कांकेर के मार्गदर्शन में यह योजना ज़िले में सुचारु रूप से संचालित हो रही है l यह योजना "दीदी के बखरी" नाम से संचालित है । विकासखण्ड नरहरपुर में 1200 महिलाएं, कांकेर में 790, चारामा में 734 एवं भानुप्रतापपुर में 640 महिलाएं इस प्रकार कुल 3364 महिला किसानों द्वारा सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण, मछली पालन इत्यादि गतिविधियां की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में 10 हजार 780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें उनका आवश्यक सहयोग करके उनके आय में वृद्धि का प्रयास किया जायेगा । इनके लिए सभी कलस्टर लेवल पर आजीविका सेवा केंद्र भी खोला जा रहा है जो दीदियों द्वारा ही संचालित होगा। इसके माध्यम से इनको उक्त गतिविधि के संचालन हेतु आवश्यक बीज, क़ृषि उपकरण, खाद आदि मुहैया कराया जायेगा। जिला पंचायत सीईओ ने गत दिनों नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर की महिला किसानों से मिलकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली।नरहरपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत रावस और बांस पत्तर पहुंचे जहाँ महिला किसान सुरेखा नेताम के द्वारा बनाये गए बखरी में लगाए ग्राफ्टेड सब्जी_ भाजी और मुर्गी पालन के कार्य को देख कर प्रसन्नता जाहिर की। सुरेखा ने बताया कि हरी पत्तेदार सब्जियां, कंदमूल और फल एनीमिया (खून की कमी) को दूर करते हैं और बच्चों व माताओं को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।ग्राम ठेमा की महिला किसान नामिका यादव के वनोपज और मुर्गी, मछली पालन के कार्य को देखकर काफ़ी सराहा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और जनजातीय समुदाय महुआ, इमली, शहद, लाख, और विभिन्न जड़ी-बूटियों का संग्रहण कर उन्हें बेचकर अपनी आय बढ़ाते हैं।भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम हाटकर्रा की महिला मोतिन दर्रो ने बताया कि मुर्गी पालन के साथ मछली पालन (Poultry-cum-Fish) करने से मुर्गियों की बीट मछली का चारा बन जाती है, जिससे चारे का खर्च बचता है और लाभ बढ़ता है। बकरीपालन एवं मछली पालन और सूरजमुखी की खेती के कार्य को देखकर प्रसंशा की। ग्राम धनेली की महिला जमुना कोर्राम से आजीविका डबरी से संबंधित जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ली तथा कठोली की दीदी से चर्चा कर उन्होंने उनकी औसत मासिक आय की जानकारी लेते हुए उन्हें कार्य के प्रति प्रोत्साहित किया
- -जल जीवन मिशन के तहत शुरू हुई जल आपूर्ति, 52 किमी दूर स्थित गांव को मिली बड़ी राहत- महिलाओं को पानी के लिए भटकने से मुक्ति, ग्रामीण जीवन में आया सकारात्मक बदलाव- मुख्यमंत्री के नेतृत्व और प्रशासनिक प्रयासों से अबूझमाड़ में तेज हुआ विकासरायपुर // छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम नेलांगुर में अब विकास की नई तस्वीर उभरने लगी है। महाराष्ट्र सीमा से लगे इस पूर्व अतिसंवेदनशील गांव में पहली बार घर-घर नल से पानी पहुंचना शुरू हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास कार्यों ने भी गति पकड़ ली है। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत इस दूरस्थ गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की गई है। सोलर पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकी है।जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे थे, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हो रही है। विशेष रूप से महिलाओं को अब दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। गांव में जल आपूर्ति शुरू होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहजता आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।नेलांगुर में जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। प्रशासन द्वारा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति की यह पहल न केवल बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रही है।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। तिरुमला तेलुगु महिला समाज (टीटीएमएस) के तत्वावधान में शनिवार को एसएनजी, सेक्टर 04 के ऑडिटोरियम में उगादि पर्व सामाजिक सद्भाव व समरसता, सम्मान और संस्कृति के अनूठे संगम के बीच मनाया गया। रंगारंग सांस्कृतिक छटा के बीच टीटीएमएस की अध्यक्ष टी जयारेड्डी ने पचास से अधिक समाज प्रमुखों, वरिष्ठजनों, समाजसेवियों तथा चौंतीस नृत्यांगनाओं का स्मृति चिह्न और शाॅल देकर सम्मान भी किया। सम्मान समारोह के अलावा सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित हुई नृत्य प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें सेक्टर 06 ग्रुप प्रथम, तालपुरी एवं सेक्टर 04 ग्रुप द्वितीय, सेक्टर 02 तृतीय तथा सेक्टर 05 व चरोदा ग्रुप चतुर्थ स्थान पर रहे। वहीं पी सृजना और टी काव्या को बेस्ट डान्सर घोषित किया गया। जजों की भूमिका राखी राॅय तथा डॉ जी रतीश बाबू ने निभाई। कार्यक्रम का संचालन रमा गोर्ती ने किया। उगादि पर्व मनाने की परंपरा दक्षिण भारतीय राज्यों विशेषकर आंध्रप्रदेश, तेलंगाना तथा कर्नाटक में रही है, इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टीटीएमएस ने इस सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का काम किया।भरतनाट्यम एवं लोक नृत्य ने बांधा समांइससे पहले उगादि पर्व का विधिवत आरंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ, उसके बाद नृत्यांगनाओं ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत बी पूर्वी ने भरतनाट्यम के माध्यम से गणेश वंदना पेश कर की। भरतनाट्यम, लोक नृत्य और फिल्मी नृत्य प्रस्तुत करने वाली महिलाओं और बालिकाओं में भावना, शशि, प्रभा, रुक्मिणी, एस भावना, टी वीणा, उमा, माधुरी, अन्नपूर्णा, एस दिव्या, के शारदा, पी सृजना, पी अनीता, उमावती, डी गीताराव, पी आशा, जया, मानसा, गायत्री, पूजा, पी लक्ष्मी, देवयानी, एस ललिता, वी ललिता, के तुलसी, बी श्यामला, एल लावण्या, डी सत्यवती, एल मीनाक्षी, के दीपा, पुष्पलता, जी राजेश्वरी, देविका और डी सविता शामिल हैं।समाज प्रमुखों का हुआ सम्मानसम्मानित होने वाले प्रमुख व्यक्तियों में एनएन राव, नीलम चन्ना केशवलु, चन्ना केशवलु, वी प्रभाराव, टी सहदेव, के रुद्रमूर्ति, श्रीनिवास, के उमाशंकर, टी डिल्लेश्वर राव, डी कामराजू, बी पापाराव, राजेश्वर राव, जोगाराव, वी अप्पलस्वामी, जे श्रीनिवास राव, लोकेश राव, डी मोहनराव, जी माधवराव, डॉ परी, डॉ के राज, मानेश्वर राव, विजयलक्ष्मी, ममता राव, नेहा पटनायक, उमास्वामी तथा जे अरुणा समेत पचास से ज्यादा लोगों के नाम शुमार हैं। कार्यक्रम में विजयलक्ष्मी, रंजू बोस, रेखा राव, द्रौपदी, रंजू रेड्डी, मंजू सूर्यवंशी, जी पद्मा राव, ईशा, भवानी रेड्डी, देवी रेड्डी, पी रमा, ओ राजेश्वरी राव, यू नमिता, एमवी शैलजा और जी रोहिणी रेड्डी की सक्रिय भूमिका रही।
- श्रीमती नीलम आज आत्मनिर्भर बनकर एक छोटे से फैंसी दुकान का संचालन कर रहे हैं एवं अपनी बेटी के भविष्य के लिए पैसे जोड़ रही हैरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदना योजना से प्रदेश में महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में आरंग विकासखंड के ग्राम नारा मंदिर हसौद की निवासी श्रीमती नीलम देवांगन की सफलता की एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।श्रीमती नीलम देवांगन को योजना की जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुश्री रजनी देवांगन द्वारा दी गई। प्रारंभ में मिलने वाली मासिक राशि भले ही कम लगी, लेकिन नीलम ने इसका उपयोग सोच-समझकर किया और इसे आत्मनिर्भरता का माध्यम बना लिया। उन्होंने सबसे पहले अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एलआईसी की किश्त जमा करना शुरू किया, जिससे परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।इसके साथ ही नीलम ने अपने आत्मनिर्भर बनने के संकल्प को साकार करते हुए घर के एक छोटे से हिस्से में फैंसी स्टोर की शुरुआत की। दुकान के लिए आवश्यक सामग्री उन्होंने योजना से प्राप्त राशि से ही खरीदी। धीरे-धीरे उनकी दुकान गांव की महिलाओं के बीच लोकप्रिय हो गई और आज यह एक स्थायी आय का स्रोत बन चुकी है।दुकान से होने वाली आमदनी और योजना की नियमित सहायता ने नीलम के परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। अब वे न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।नीलम देवांगन का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस महत्वाकांक्षी योजना ने महिलाओं को आत्मसम्मान और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें रोजगार सृजन की दिशा में प्रेरित कर रही है।नीलम ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की यह पहल उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक बनी है।
- गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाओं पर जोररायपुर/ जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री कुमार बिश्वरंजन ने रायपुर शहर स्थित कलाकेंद्र और नालंदा लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों संस्थानों की कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए निर्बाध और सुचारू संचालन के निर्देश दिए।कलाकेंद्र में सीईओ ने संगीत, नृत्य एवं अन्य कला विधाओं के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण का अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित यह केंद्र बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों को उनकी रुचि अनुसार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।इसके पश्चात उन्होंने नालंदा लाइब्रेरी का दौरा कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की शंकाओं का समाधान किया, उनसे फीडबैक लिया और लाइब्रेरी की उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया।
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम जोन 9 स्वास्थ्य विभाग में प्राप्त तालाब की सफाई से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे,श्री उमेश नामदेव, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में नगर निगम जोन 9 अंतर्गत महर्षि वाल्मीकि वार्ड क्रमांक 32 अंतर्गत अवन्ति विहार कॉलोनी शीतला तालाब में तत्काल सफाई मित्रों की टीम भेजकर विशेष सफाई अभियानपूर्वक करवाकर कचरा एकत्रित कर उसका परिवहन करवाते हुए जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत स्वच्छता कायम करते हुए अवन्ति विहार कॉलोनी शीतला तालाब से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
- --दिया स्वच्छ सरोवर और स्वच्छ उद्यान का जन - जन को सकारात्मक स्वच्छता सन्देशरायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा जोन 4 क्षेत्र में रविनगर उद्यान और जोन 7 क्षेत्र में तात्यापारा वार्ड अंतर्गत हाण्डी तालाब की सफाई विशेष अभियान जन - जन को स्वच्छ सरोवर और स्वच्छ उद्यान का सकारात्मक स्वच्छता सन्देश नगर निगम जोन 7 जोन अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा की विशेष उपस्थिति और नगर निगम स्वच्छ भारत मिशन शाखा नोडल अधिकारी प्रभारी कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कडु और बंच ऑफ फूल्स के श्री सतीश भुवालका, ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर के श्री अभिताभ दुबे, श्री टुटेजा, श्री विजय हिंशीकर, बंच ऑफ फूल्स सहित ग्रीन आर्मी के स्वयंसेवकों, ब्रम्हविद स्कूल के लगभग 100 से अधिक विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से समाजहित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से दिया.नगर निगम जोन 7 जोन अध्यक्ष और तात्यापारा वार्ड पार्षद श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा ने हाण्डी तालाब की सफाई में स्वयंसेवकों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, आमजनों, पर्यावरण प्रेमियों के साथ मिलकर श्रमदान करते हुए तालाब की सफाई के अभियान में सक्रियता से भाग लिया और सभी नागरिकों से तालाब में कचरा, गन्दगी, पॉलीथिन, हवन, पूजन वेस्टेज सामग्रियों आदि को नहीं फेंककर उसमें गन्दगी ना फैलाने और तालाब को स्वच्छ बनाये रखने के पर्यावरण हितेषी कार्य में सक्रिय भागीदार बनने की विनम्र अपील की.
- अनुपस्थित रहने वाले 5 कर्मियों को 'कारण बताओ' नोटिस जारीभिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के अंतर्गत आगामी जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु प्रगणकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में आज जोन क्रमांक 4, खुर्सीपार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्वामी आत्मानंद स्कूल में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी अमरनाथ दुबे के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।खुर्सीपार क्षेत्र के लिए कुल 99 प्रगणकों को प्रशिक्षण हेतु बुलाया गया था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रगणकों को जनगणना के दौरान डेटा प्रविष्टि, प्रपत्र भरने की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराना, ताकि गणना कार्य त्रुटिहीन हो सके।प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन और गंभीरता बनाए रखने हेतु निगम प्रशासन पूरी तरह सख्त है। आज के सत्र में कुल 99 प्रगणकों में से 94 उपस्थित रहे, जबकि 5 प्रगणक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।"जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।"— अमरनाथ दुबे, जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी (जोन-4)ड्यूटी से नदारद रहने वाले इन 5 प्रगणकों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए, जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी के निर्देशानुसार उन्हें तत्काल 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा अन्य जोनों में भी इसी प्रकार चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
- कोण्डागांव,। कोंडागांव जिले में ‘अंगना में शिक्षा’ कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को जिले के सभी प्राथमिक शालाओं में ‘पढ़ई तिहार’ का व्यापक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान एवं जिला मिशन समन्वयक श्री ईमल बघेल के नेतृत्व में संपन्न हुआ।शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के पांचों विकासखंड—कोंडागांव, माकड़ी, फरसगांव, बड़ेराजपुर एवं केशकाल की कुल 1252 प्राथमिक शालाओं में आयोजित इस कार्यक्रम में 48,372 छात्र-छात्राएं, 2,754 शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में माताएं एवं अभिभावक शामिल हुए। पूरे जिले में उत्साहपूर्ण वातावरण के साथ शिक्षा को जनआंदोलन का रूप दिया गया।‘अंगना में शिक्षा’ पहल क्या है‘अंगना में शिक्षा’ एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों को घर एवं आंगन के वातावरण में सरल, सहज और आनंददायक तरीके से शिक्षा प्रदान करना है। इस अभियान में अभिभावकों, विशेषकर माताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, ताकि वे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में सहयोग कर सकें। इससे बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं गणनात्मक कौशल (एफएलएन) को मजबूती मिलती है और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है।‘पढ़ई तिहार’ से बढ़ रही जागरूकता‘पढ़ई तिहार’ के माध्यम से बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचारों एवं शिक्षण पद्धतियों का प्रदर्शन किया गया। इससे समुदाय में शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ी और अभिभावकों की सहभागिता मजबूत हुई।मॉनिटरिंग और ऑनलाइन एंट्रीकार्यक्रम के सफल संचालन हेतु सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, स्रोत समन्वयकों, संकुल प्राचार्यों एवं समन्वयकों के साथ डीआरजी एवं बीआरजी टीमों द्वारा सतत निरीक्षण किया गया। साथ ही राज्य स्तर पर प्राप्त लिंक के माध्यम से ऑनलाइन एंट्री का कार्य भी किया गया।इस बार किए गए प्रमुख बदलावइस वर्ष ‘पढ़ई तिहार’ में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं । बढ़ती गर्मी को देखते हुए कार्यक्रम की तिथि 25 अप्रैल के स्थान पर 11 अप्रैल निर्धारित की गई। समर कैंप अब स्कूलों में न होकर घरों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें माताओं की भूमिका प्रमुख रहेगी।समर कैंप में तीन प्रमुख बिंदु को शामिल किया गया है, जिसमें ब्लैकबोर्ड कॉर्नर के तहत घर में बच्चों के लिए छोटा ब्लैकबोर्ड या लेखन कोना तैयार कर उन्हें नियमित अभ्यास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। दूसरा बच्चों में अनुशासन और स्वच्छता की आदत विकसित करने हेतु यूनिफार्म के महत्व पर जोर दिया जाएगा और तीसरा ओआरएस एवं स्वास्थ्य जागरूकता के तहत गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए ओआरएस, नारियल पानी, नींबू पानी एवं नियमित जल सेवन की आदत विकसित की जाएगी।समर कैंप के संचालन की जिम्मेदारी ‘स्मार्ट माता’ को सौंपी गई है, जो घर पर ही बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन करेंगी। इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी कोंडागांव समग्र शिक्षा के पेडागॉजी प्रभारी श्रीनिवास नायडू (एपीसी) द्वारा दी गई।
- दुर्ग / दुर्ग संभाग के न्यायिक अधिकारियों हेतु एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमीनार का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा जिला न्यायालय, दुर्ग में किया गया। इस सेमीनार में दुर्ग संभाग के पाँच सिविल जिलों से कुल 120 न्यायिक अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा न्याय एवं विधिक ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक दीप का प्रज्वलन कर सेमीनार का शुभारंभ किया गया। सेमीनार में माननीय श्रीमती न्यायमूर्ति रजनी दुबे, तथा माननीय श्री न्यायमूर्ति रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।माननीय मुख्य न्यायाधिपति ने नव अधिनियमित आपराधिक कानूनों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि ये कानून आपराधिक न्याय प्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम हैं, जिनमें तकनीकी प्रगति का समावेश किया गया है तथा अधिक प्रभावी और पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया गया है। न्यायिक अधिकारियों को इन अधिनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उनका स्पष्ट एवं व्यावहारिक समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।सेमीनार के विषयों पर प्रकाश डालते हुए माननीय मुख्य न्यायाधिपति ने कहा कि चयनित विषय अत्यंत व्यावहारिक महत्व के हैं तथा ये निचली अदालतों के समक्ष आने वाली दैनिक चुनौतियों को प्रतिबिंबित करते हैं। परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरणों के संदर्भ में उन्होंने शीघ्र निराकरण हेतु नवाचारी प्रकरण प्रबंधन तकनीकों एवं उपकरणों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे प्रक्रियात्मक निष्पक्षता बनाए रखते हुए लंबित प्रकरणों का प्रभावी निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।माननीय मुख्य न्यायाधिपति ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के बढ़ते महत्व पर भी सेमीनार में प्रकाश डाला तथा ई-साक्ष्य की अवधारणा, विशेष रूप से भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की ग्राह्यता पर चर्चा की। न्यायिक अधिकारियों को डिजिटल साक्ष्य से संबंधित वैधानिक प्रावधानों से भली-भांति परिचित रहने की सलाह दी गई।अपने उद्बोधन के समापन में माननीय मुख्य न्यायाधिपति ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सेमीनार प्रतिभागियों के ज्ञान एवं कौशल को समृद्ध करेगा तथा न्यायिक कार्यों में आने वाली चुनौतियों के समाधान हेतु व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करेगा। माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय ने पुनः यह प्रतिपादित किया कि न्यायपालिका की शक्ति उसकी दक्षता, निष्पक्षता एवं न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता में निहित है तथा न्यायिक अधिकारियों की भूमिका विधि के शासन को सुदृढ़ करने एवं जनता के विश्वास को बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग ने स्वागत भाषण दिया, जिसमें उन्होंने निरंतर न्यायिक शिक्षा और विचारों के आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दिया। इसके बाद श्रीमती निधि शर्मा तिवारी, निदेशक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर ने परिचयात्मक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सेमीनार के उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की और बदलते कानूनी परिदृश्य में क्षमता निर्माण की बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया। उद्घाटन सत्र का समापन दुर्ग के द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।सेमीनार का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण मध्यस्थता 2.0 आईएआईएसएजीआर - दुर्ग के लिए मध्यस्थता रणनीति मॉडल नामक प्रकाशन का विमोचन था, जिसका अनावरण माननीय मुख्य न्यायाधिपति के हाथों हुआ। उनकी गरिमामय उपस्थिति में मध्यस्थता पर इस महत्वपूर्ण कृति के विमोचन ने कार्यक्रम को एक विशिष्ट आयाम प्रदान किया और सौहार्दपूर्ण विवाद समाधान के प्रति न्यायपालिका की प्रगतिशील प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।आयोजित सेमीनार में कुल 120 न्यायिक अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विधिक विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिए गए, जिनमें आदेश 7 नियम 10 एवं नियम 11, सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत न्यायालय की अधिकारिता एवं वादपत्र निरस्तीकरण की शक्ति, निष्पादन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु रणनीतियाँ, धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के प्रकरणों के निपटारे हेतु तकनीक एवं उपाय, धारा 351 बी.एन.एस.एस. के अंतर्गत अभियुक्त के परीक्षण का उद्देश्य, ग्राह्यता एवं साक्ष्य मूल्य, तथा ई-साक्ष्य का अवलोकन एवं धारा 63 के अंतर्गत उसके वैधानिक प्रावधान जैसे विषय शामिल रहे। सेमीनार का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों के ज्ञान एवं कौशल में अभिवृद्धि करना तथा न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाना रहा।आयोजित सेमीनार में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं न्यायिक अधिकारियों की दक्षता वृद्धि के उद्देश्य से एक रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन किया गया, जिसमें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो), दुर्ग द्वारा भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया। वहीं, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी, धमधा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।कार्यक्रम में उपस्थित न्यायिक अधिकारियों को नवीन आपराधिक कानूनों की महत्वपूर्ण धाराओं, उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग तथा न्यायिक प्रक्रियाओं में आए बदलावों से अवगत कराया गया। सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विषय से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारीगण तथा दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा एवं राजनांदगांव जिलों के न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर । दुर्ग सांसद विजय बघेल के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रथम बार आयोजित अंडर 20 कुश्ती का महासंग्राम रोमांचक होता जा रहा है। रोजाना बड़ी तादाद में मौजूद खेल प्रेमियों के बीच देश भर के पहलवान कुश्ती के दांव पेंच आजमा रहे हैं।दूसरे दिन शनिवार को बालक वर्ग के कुल 240 मुकाबले हुएl जिसमें 10 पहलवानो को गोल्ड ,10 को सिल्वर और 20 पहलवानो को ब्रॉन्ज मैडल और प्रशस्ति पत्र दिये गयेl छत्तीसगढ़ के लिये भी गर्व रहा की इस दंगल में अंडर-20 बालक वर्ग में छत्तीसगढ़ को भी मैडल हासिल हुआl इस मौके पर दुर्ग सांसद विजय बघेल ने बताया कि वो स्वयं कबड्डी के राष्ट्रीय खिलाडी रहें हैं। कबड्डी टीम का खेल हैं लेकिन पहलवानी एकल गेम हैं जिसके लिये हर खिलाडी हर पहलवान को तपना पड़ता है अनुशासन पूर्वक कठिन संघर्ष करना पड़ता है और तब सफलता प्राप्त होती है।श्री बघेल ने इस मौके पर कहा कि जीत की भूख को जो स्थाई रख पाता है वो देश की संम्पत्ति बनता है और आज हम छत्तीसगढ़ के भिलाई में ऐसे ही खिलाडी के रूप में देश की संपत्ति का निर्माण करने का एक छोटा सा प्रयास कर रहें है। उन्होंने कहा कि उनके लिये गौरवान्वित करने का हमेशा यह कारण रहता ऐसी सकारात्मक पहल पर लोग दिन रात एक कर इस तरह के आयोजन को नई ऊंचाईयां देते हैं।आयोजन के संदर्भ में निशु पाण्डेय ने बताया कि छत्तीसगढ़ कुश्ती संघ के अध्यक्ष जगन्नथ पहलवान, उपाध्यक्ष एवं प्रदेश आर्थिक प्रकोष्ठ कार्य समिति सदस्य भाजपा भूपेंद्र यादव और उनकी पूरी टीम ने इस भव्य आयोजन हेतु सांसद विजय बघेल धन्यवाद ज्ञापित करते हुये विश्वास दिलाया है कि भविष्य में हम कुश्ती को छत्तीसगढ़ में शीर्ष स्थान दिलाने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती कराने तैयार हैlइस कुश्ती के महासंग्राम का समापन रविवार 12 अप्रैल को होगा। आयोजक़ समिति के सदस्य वीरेन्द्र यादव पहलवान, भाजपा के पूर्व पार्षद एवं प्रदेश ओबीसी प्रकोष्ठ के विशेष आमंत्रित सदस्य देवेंद्र यादव,जी सुरेश बाबे, शशिकांत बघेल, राघवेंद्र सिंह, अजय पानिकर, राजेश सिंह, विश्वरतन सिन्हा, प्रमोद सिंह, सुधीर बंसल, डाकेश्वर परगनिहा और कल्पना स्वामी ने अंतिम दिन का महामुकाबला देखने भिलाई-दुर्गवासियों से उपस्थिति का आव्हान किया है।
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सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में बढ़ते पारिवारिक विवादों को सुलझाने और संबंधों में सुधार लाने के उद्देश्य से “एकत्व - परिवार परामर्श केंद्र” का शुभारंभ किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे और पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय ने कोतवाली थाना परिसर में नव-निर्मित भवन का लोकार्पण किया। यह केंद्र परिवारों में बढ़ते मनमुटाव, तनाव और बिखराव को कम कर आपसी संवाद के माध्यम से समाधान उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया है। यहां अनुभवी काउंसलर्स द्वारा भावनात्मक सहयोग और परामर्श दिया जाएगा। पहले से कार्यरत 3 काउंसलर्स के साथ 6 नए काउंसलर्स की नियुक्ति की गई है, जिससे मामलों का त्वरित निराकरण संभव होगा।वर्तमान में दर्ज 55 प्रकरणों में से 28 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। अधिकारियों ने इस पहल को सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की है।
- -ट्रैक्टर पलटने की घटना की जांच पूरी, अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी निगरानीरायपुर / बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की जांच के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं छत्तीसगढ राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।बिलासपुर जिले के खनिज अमले द्वारा खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम गढ़वट में सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 8-9 अप्रैल की मध्य रात्रि में दो युवक नदी क्षेत्र में गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इस घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मौके पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले, बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की पुष्टि हुई।प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम से जुड़ी है। इस आधार पर पुलिस थाना रतनपुर में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों युवक नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन के उद्देश्य से गए थे। हालांकि घटना स्थल पर अवैध उत्खनन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन क्षेत्र में बनाए गए कच्चे मार्ग और ट्रैक्टर के आवागमन के संकेत पाए गए।खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में गढ़वट और आसपास के इलाके में कुल 47 प्रकरण दर्ज कर लगभग 6.95 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय और जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। file photo
- पेंड्रा। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में जनगणना 2027 के प्रशिक्षण में बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर दो सहायक शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है। जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी। तहसीलदार एवं ग्रामीण चार्ज जनगणना अधिकारी द्वारा सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला डोंगराटोला श्री इजहार सिंह ओटी और सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला बगड़ी श्री पवन कुमार कश्यप को जारी नोटिस में कहा गया है कि जनगणना 2027 के संबंध में प्रगणक एवं सुपरवाईजर का प्रशिक्षण 10 अप्रैल को पीएमश्री सेजेस विद्यालय मरवाही में सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित किया गया था। आपकी ड्यूटी प्रगणक के कार्य हेतु कार्यादेशित है। उक्त प्रशिक्षण में आप बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाये गये है, जबकि जनगणना कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। आपका यह कृत्य कार्य के प्रति स्वेच्छाचारिता एवं घोर लापरवाही तथा उदासीनता को प्रदर्शित करता है। आपका उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत है। क्यों न आपके विरूद्ध सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 में विहित प्रावधानानुसार कार्यवाही संस्थित की जावे। इस संबंध में आप अपना जवाब 24 घंटे के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। अनुपस्थिति अथवा जवाब संतोषप्रद नहीं होने की स्थिति में आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी, जिसके जिम्मेदार आप स्वंय होंगे।











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