- Home
- छत्तीसगढ़
- -नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ई चालान कार्यवाही प्रभावी तरीके से करने दिये निर्देश-बड़े बकायेदारों और सोसायटियों से बकाया राजस्व नियमानुसार सख्ती के साथ वसूलने निर्देश- दिये गये निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली नहीं होने पर संबंधितो पर कड़ी कार्यवाही होगीरायपुर - आज संध्या नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निगम राजस्व विभाग और नगर निवेश विभाग के अधिकारियों की आवश्यक बैठक नगर निगम मुख्यालय में लेकर कार्य समीक्षा कर नगर निगम के हित में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।आयुक्त श्री विश्वदीप ने निर्देशित करते हुए कहा कि एसआईआर का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता वाला है, उसी तरह नगर निगम के लिए राजस्व वसूली का कार्य भी सर्वोच्च प्राथमिकता का है। एसआईआर के प्रशासनिक कार्य दायित्व का निर्वहन करने के साथ नगर निगम रायपुर के लिए अधिकाधिक राजस्व वसूली सुनिश्चित करना सभी जोन कमिश्नर एवं जोन सहायक राजस्व अधिकारी सुनिश्चित करें।आयुक्त श्री विश्वदीप ने कहा कि दिये गये निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नगर निगम रायपुर हेतु राजस्व वसूली कार्य सभी अधिकारी व कर्मचारीगण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ हर हाल में सुनिश्चित करें अन्यथा की स्थिति में जवाबदेही तय कर नियमानुसार संबंधितो पर कडी कार्यवाही की जायेगी। राजस्व वसूली में कोई कोताही कदापि सहन नहीं की जायेगी।आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निवेश विभाग के अभियंताओं को सी एण्ड डी वेस्ट ग्रीन नेट, सड़क बाधा व अन्य कार्यों में प्रभावी तरीके से ई चालान कार्यवाही तेज गति से करने के आवश्यक निर्देश दिये। आयुक्त ने जोन कमिश्नरो एवं जोन सहायक राजस्व अधिकारियों को जोन अंतर्गत बड़े बकायेदारो और सोसायटी से नियमानुसार सख्ती के साथ कार्यवाही कर उनसे बकाया राजस्व वसूली प्राथमिकता के साथ किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरो को राजस्व वसूली कार्य पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर कार्यवाही प्रतिदिन किये जाने निर्देशित किया।नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा की गई कार्य समीक्षा के दौरान अपर आयुक्त राजस्व श्रीमती कृष्णा खटीक, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू, सभी जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारीगण उपस्थित थे।
- दुर्ग / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन का कार्य 31 जनवरी 2026 तक की जानी है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी, पर्यवेक्षण एवं धान के पुर्नचक्रण पर नियंत्रण हेतु राईस मिलों और उपार्जन केन्द्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। राज्य स्तरीय कंट्रोल एण्ड कमांड सेंटर से प्राप्त अलर्ट के अनुक्रम में 14 जनवरी 2026 को जिले की 02 राईस मिलों श्री श्याम एग्रो फूड प्रोडक्ट ग्राम गाड़ाडीह, तहसील पाटन एवं सतगुरू ट्रेडिंग कंपनी उतई, तहसील दुर्ग की जांच राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।खाद्य नियंत्रक दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार कंट्रोल एण्ड कमांड सेंटर से प्राप्त अलर्ट अनुसार श्याम एग्रो फूड प्रोडक्ट तथा सतगुरू ट्रेडिंग कंपनी को जारी 180 क्विंटल के डीओ के आधार पर उपार्जन केन्द्र द्वारा उपरोक्त मात्रा के धान का परिदान किया गया। इस संबंध में आरटीओ से प्राप्त जानकारी अनुसार जिन वाहनों में धान का उठाव किया गया था उनकी क्षमता 80 क्विंटल थी। इस प्रकार वाहन की क्षमता से अधिक धान परिवहन किये जाने के संबंध में राईस मिलों की जांच में वाहन की क्षमता से अधिक धान का परिवहन किया जाना पाया गया। इसके अतिरिक्त सतगुरू ट्रेडिंग कंपनी की जांच में धान निर्धारित मात्रा से 1210 क्विंटल कम तथा चावल 410 क्विंटल अधिक पाया गया। इसी प्रकार श्री श्याम एग्रो फूड प्रोडक्ट की जांच में 379 क्विंटल धान निर्धारित मात्रा से कम प्राप्त हुआ। इस प्रकार छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 के तहत अनियमितता पाये जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत राईस मिल के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए मिल सील करने की कार्यवाही की गई। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि धान खरीदी में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए भविष्य में भी अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर निगरानी रखते हुए सतत रूप से जांच जारी रहेगी तथा अनियमितता पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। file photo
- - उपार्जन केन्द्रों से 1,65,789.30 मे. टन धान का उठाव- किसानों को 91,959.17 लाख रूपये ऑनलाईन भुगतान- धान खरीदी की व्यवस्था से किसान संतुष्ट- उपज का वाजिब दाम मिलने से 78518 किसान लाभान्वित- धान बेचने के बाद 43238 किसानों ने किया 1,142.38 हेक्टेयर रकबा समर्पणदुर्ग /राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी और उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 98,678.53 लाख रूपए की लागत से 4,16,363.36 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 78518 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,40,735.14 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,65,789.30 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 43238 कृषकों ने 1,142.38 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 24,34,039 बारदाने उपलब्ध है।
- बिलासपुर, /जिले में संचालित सभी पालतू पशु दुकानों को संचालन दिनांक से 60 दिवस के भीतर तथा डॉग ब्रीडिंग सेंटरों को पशु प्रजनन एवं विपणन नियम 2017 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड में पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। पालतू पशु दुकान नियम 2018 की कंडिका 2(अ) के अनुसार पालतू पशुओं की श्रेणी में श्वान, बिल्ली, खरगोश, गिनी पिंग, हैमस्टर, मूसक या चूहिया एवं पिंजरा बंद पक्षी (एक्जोटिक रंगीन चिड़िया) शामिल हैं। पंजीयन हेतु आवेदन कार्यालय संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएँ, बिलासपुर में जमा किए जाएंगे, जिन्हें छत्तीसगढ़ राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड, रायपुर को पंजीयन के लिए प्रेषित किया जाएगा।छत्तीसगढ़ राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड, रायपुर द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि जिले में संचालित अपंजीकृत पालतू पशु दुकानों एवं डॉग ब्रीडिंग सेंटरों, जिनके द्वारा पंजीयन हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध सीलबंदी की कार्यवाही की जाए। जिले में संचालित अपंजीकृत पालतू पशु दुकानों एवं डॉग ब्रीडिंग सेंटर संचालकों को 5 दिवस के भीतर कार्यालय संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएँ, पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग में संपर्क कर पंजीयन हेतु विधिवत आवेदन प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित अवधि के पश्चात अपंजीकृत पालतू पशु दुकानों एवं डॉग ब्रीडिंग सेंटरों को सीलबंद किए जाने की कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
-
-एससी-एसटी अत्याचार निवारण प्रकरणों की समीक्षा
बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। यह समिति अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित की गई है। बैठक में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। पीड़ितों को समयबद्ध न्याय एवं राहत सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में जिले में अधिनियम के अंतर्गत पंजीबद्ध प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि कुल 16 प्रकरणों में कुल 14 लाख 80 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों में निष्पक्ष, संवेदनशील एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारों की सुरक्षा एवं सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री संजय चंदेल, पुलिस विभाग, सामाजिक न्याय विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे। - रायपुर ।महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज गांव–बस्ती चलो अभियान के अंतर्गत भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम महावीरपुर एवं संजय नगर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों एवं आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि जनसमस्याओं का समाधान सीधे जनता के बीच जाकर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।प्रवास के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ग्राम महावीरपुर में नाली निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं तथा ग्राम संजय नगर में नवनिर्मित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के ये विकास कार्य ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ जनजीवन को अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।इस अवसर पर जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री मनमत बछाड़, महिला मोर्चा सूरजपुर जिला अध्यक्ष श्रीमती नूतन विश्वास, मंडल अध्यक्ष श्री हरीश राजवाड़े सहित दोनों ग्रामों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठजन, भाजपा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आत्मीय स्वागत करते हुए क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।
- -19 जनवरी तक आवेदन आमंत्रितमहासमुंद / भारत शासन की महत्वाकांक्षी योजना समावेशी शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जिला एवं विकासखंड स्तर पर संसाधन स्त्रोत केंद्रों की स्थापना की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा ने बताया कि इन संसाधन स्त्रोत केंद्रों में 01 फिजियो थैरेपिस्ट एवं 01 स्पीच थैरेपिस्ट के पदों पर 31 मार्च 2026 तक कार्य हेतु नियुक्ति की जानी है। उक्त पदों पर नियुक्ति के लिए योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इस संबंध में इच्छुक अभ्यर्थी जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.mahasamund.gov.in पर विस्तृत जानकारी का अवलोकन कर सकते हैं।
- महासमुंद / जिले में ग्राम पंचायतों की समग्र एवं आवश्यकता आधारित विकास योजना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मॉडल ग्राम पंचायत विकास योजना (मॉडल जीपीडीपी) को लेकर व्यापक प्रशिक्षण प्रक्रिया संचालित की जा रही है। जिला पंचायत द्वारा दिए गए निर्देश के तहत महासमुंद जिले के सभी 551 ग्राम पंचायतों में ब्लॉकवार फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।इसी क्रम में आज महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली विकासखंडों में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में मॉडल जीपीडीपी के क्रियान्वयन, ग्राम पंचायत योजना निर्माण समिति की भूमिका तथा सभी विभागों और समुदाय के सहयोग से नीड-बेस्ड जीपीडीपी योजना का निर्माण कर ग्राम सभा से पारित कराने की प्रक्रिया पर विशेष रूप से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान पीएआई इंडिकेटर्स के अनुरूप 9 एलएसडीजीएस थीम के आधार पर योजनाओं के निर्माण, समावेशी योजना प्रक्रिया तथा पंचायत स्तर पर समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया गया।महासमुंद विकासखंड में आयोजित प्रशिक्षण में 14 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, शिक्षक एवं पीएचई मैकेनिक शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों को विभागीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से प्रदान किया जा रहा है। फाउंडेशन की ओर से महेंद्र आर्य ने वीडियो माध्यम से मॉडल जीपीडीपी की अवधारणा, इसकी चरणबद्ध प्रक्रिया, फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका एवं पंचायत की सामूहिक सहभागिता को सरल रूप में समझाया। साथ ही प्रतिभागियों की समझ को मजबूत करने के लिए एक इंटरैक्टिव गतिविधि भी कराई गई।
- -सुरक्षा एवं श्रम कानूनों के उल्लंघन पर नोटिस जारीमहासमुंद / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया। संयुक्त निरीक्षण दल में प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री शशिकांत सिंह, सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार भाटापारा सुश्री दिशा शुक्ला, श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, श्रम उप निरीक्षक श्री बेलारसन बघेल सहित श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।निरीक्षण के दौरान मेसर्स न्यूट्रीक्राफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बिरकोनी का परीक्षण किया गया। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। वहीं औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच में संस्थान में श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण प्रदाय नहीं किया जाना, अग्नि सुरक्षा उपकरण का अभाव तथा सुरक्षा संबंधी सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं होना पाया गया। इन कमियों को लेकर प्रबंधन को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।श्रम विभाग द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम 1970, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 एवं वेतन भुगतान अधिनियम 1936 के अंतर्गत जांच की गई। जांच में महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के तहत आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं पाया गया, जिस पर तत्काल समिति का गठन कराया गया। इसके अतिरिक्त ओवरटाइम कराया जाना पाया गया, परंतु उसका रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। सूचना बोर्ड एवं अन्य आवश्यक अभिलेख भी प्रदर्शित नहीं थे। इस संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।इसी क्रम में मेसर्स जमा इंडस्ट्रीज प्रा.लि. बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच में सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाने की कमी पाई गई, जिस पर प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की जांच में यहां भी कोई अनियमितता नहीं पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936 एवं बाल श्रम अधिनियम 1986 के अंतर्गत जांच की गई। निरीक्षण में बाल श्रम निषेध बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया तथा ओवरटाइम का रिकार्ड भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर संबंधित प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
-
-छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बना
-खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी. दयानंद ने ली पत्रकार वार्ता
रायपुर। सचिव खनिज संसाधन श्री पी. दयानंद ने बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज विभिन्न क्षेत्रों में पाये जाते है। इन खनिजों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अन्वेषण एवं उत्खनन हेतु खनिज ब्लॉक तैयार कर नीलामी एवं अन्य माध्यम से खनन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। जिससे राज्य शासन को राजस्व की प्राप्ति में पिछले 2 वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।सी.एम.डी.सी. भी इस राज्य में अन्वेषण एवं खनन से संबंधित कार्यों के संपादन का सहभागी है। छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज आधारित स्थानीय उद्योगों को खनिज के आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने तथा खनिज राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन (सी.एम.डी.सी.) का गठन 07 जून 2001 में किया गया। सी.एम.डी.सी. के कार्य संचालन का स्वरूप माईनिंग एण्ड मार्केटिंग ठेका,उत्खनन ठेका, मार्केटिंग ठेका, एमडीओ, अन्वेषण एवं संयुक्त उपक्रम के माध्यम सेअन्वेषण एवं खनन कार्य वर्तमान में कार्यरत् है।श्री दयानन्द ने बताया कि वर्तमान में 09 खनिजों के खनन/मार्केटिंग एवं अन्वेषण का कार्य सी.एम.डी.सी. के द्वारा किया जा रहा है (टिन,बाक्साईट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरण्डम, डोलोमाईट, कोयला)। (टिन) वर्तमान में सी.एम.डी.सी. के द्वारा बस्तर के अनुसूचित जनजातियों के जीविकोपार्जन के लिए विशेष रूप से टिन अयस्क की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त उपक्रम के माध्यम से खनन एवं टिन स्मेल्टर का भी संचालन किया जा रहा है। यह खनिज भी क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में आता हैं।सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को टिन विक्रय करने का सही मूल्य सही वक्त में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप यह क्रय मूल्य बढ़कर वर्तमान में 1926.00 रूपये प्रति कि.ग्रा किया गया है। इस प्रकार लगभग 03 गुना अधिक राशि क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त हो रहा है। परिणामस्वरूप टिन ओर की क्रय मात्रा में भी अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है एवं ऑनलाईन क्रय एवं रियल टाईम भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु TIN -Tribal Incentive for Natural Resources, Portal तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम सेऑनलाईन भुगतान हितग्राहियों को प्राप्त होगा।श्री दयानंद ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में अन्वेषण कार्य में सी.एम.डी.सी., मॉयल केसहयोग से बलरामपुर जिले में मैग्नीज एवं ग्रेफाईट का अन्वेषण का कार्य कर रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हो रहे है। कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पाेरेशन के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के संबंध में समझौता पत्र हस्ताक्षर किया जाचुका है। इसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमिति का गठन किया गया है। शीघ्र ही इसकी अपेक्षित परिणाम प्राप्त हांेगे एवं केन्द्र शासन के निर्देशानुसार क्रिटिकल मिनरल में आत्मनिर्भरता की ओर सी.एम.डी.सी. की सहभागीता बढ़ रही है। यह समझौता केवल खनन तक सीमित नहीं है अपितु इसमें खनिज संवर्धन,प्रसंस्करण, तकनीकी सहयोग और सबसे महत्वपूर्ण हमारे युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर भी शामिल है। मुझे विश्वास है कि यह पहल रोजगार सृजन करेगी और हमारी युवा पीढ़ी को गरिमा और अवसर प्रदान करेगी।सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पारदर्शी नीलामी - माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने खनिज संसधान प्रबंधन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। सी.एम.डी.सी. ने MSTC के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक - सक्षम नीलामी प्रक्रिया द्वारा निविदा और खनिज बिक्री में नये मानक स्थापित किये है। उक्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नीलामी से, जहां एक ओर लौह अयस्क की नीलामी में रिकॉर्ड उच्च बिक्री मूल्य प्राप्त हुए है, वही दूसरी ओर लौह अयस्क के उत्खनन में न्यूनतम दर प्राप्त हुआ है, जो प्रतिस्पर्धी पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है।उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान से उत्पादित लौह अयस्क के विक्रय से राज्य शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपये का राजस्व साथ ही सी.एम.डी.सी. को शुद्ध लाभ लगभग 24 करोड़ रूपये प्राप्त हुआ। वर्ष 2021 से 2025 तक 1.10 करोड़रूपये सीएसआर में व्यय हो चुका है एवं 42 लाख रूपये की कार्यों की स्वीकृति प्रचलन में है। माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक पेड़ के नाम पर 14700 वृक्षांे कारोपड़ किया गया है एवं 29.77 लाख रूपये का व्यय की गई। चालू वित्तीय वर्ष में 60,000 टन लौह अयस्क की नीलामी की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से प्रचलन में है। इस खदान के संचालन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसी अनुक्रम में आरीडोंगरी में उत्पादन क्षमता 05 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष किये जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे है। इस हेतु खनन योजना तैयार किया जा रहा है। सरगुजा जिले में सी.एम.डी.सी. की 05 खदानें संचालित है, जिससे वित्तिय वर्ष 2023-24 से दिसंबर 2025 तक में राज्य शासन को 11.28 करोड़ एवं सी.एम.डीसी. को 8.13 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। वर्तमान में सी.एम.डी.सी. द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत 05 बाक्साईट खदानों की नीलामी प्रगति पर है।सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में सी.एम. डी.सी.- एन.एम.डी.सी. संयुक्त उपक्रम एनसीएल के द्वारा बैलाडिला डिपॉजिट 04 और डिपॉजिट 13 में खनन कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होंगे। इस हेतु डिपॉजिट 04 का रेजिंग कॉन्ट्रेक्टर की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2026 में दोनों खदानों में उत्पादन प्रारंभ होने से एक ओर शासन और निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय उद्योगों को लौह अयस्क सुगमता से प्राप्त होगा। परिणामस्वरूप राज्य का समावेशी विकास होने में सी.एम.डी.सी. की सहभागीता चिन्हीत् होगी। सी.एम.डी.सी. को दोनों परियोजनाओं से अधिकतम उत्पादन की स्थिति में लगभग राज्य शासन को 7 हजार करोड रूपये राजस्व एवं सी.एम.डी.सी. को 3 हजार करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं विकास के अवसर का मार्ग प्रशस्त होगा। बहुमूल्य खनिजों की श्रेणी में CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम एनसीएल जिला महासमुंद के ग्राम बलौदा-बेलमंुडी में हीरा खनिज के क्षेत्र में हीरा धारित किम्बरलाईट की उपस्थिति के संकेत मिले है, इसकी पुष्टि हेतु ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री के कुशल मार्ग निर्देशन में विगत वर्षों से लंबित केरवा कोल परियोजना के लिए अब सफलता प्राप्त हुई है। सटीक कार्ययोजना के माध्यम से पारदर्शी नीलामी से 15.85 प्रतिशत प्रिमियम में MDO का चयन हो चुका है। यह ब्लॉक MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से कोयला मंत्रालय भारत शासन द्वारा आबंटित है।क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अधिकमत उत्पादन की स्थिति में राज्य शासन को लगभग 150 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी एवं MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से 53 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्त होगी। सी.एम.डी.सी. के द्वारा मुख्य खनिजों के साथ-साथ माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर खनन/व्यापार हेतु गौण खनिज को भी शामिल किया गया है। इस क्रम में जिला सक्ती के ग्राम छितापंडरिया में डोलोमाईट खनिज रकबा 326.167 हे. क्षेत्र को राज्य शासन द्वारा सी.एम.डी.सी. हेतु आरक्षित किया गया है। इसके अनुक्रम में सी.एम.डी.सी. द्वारा माईनिंग/मार्केटिंग के लिए MDO चयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके के MSTC के माध्यम से प्रचलन में है।कोरण्डम खनिज के क्षेत्र में जिला बीजापुर के ग्राम कुचनुर में सी.एम.डी.सी. को उत्खनिपट्टा क्षेत्र में वर्षांे बाद उत्पादन प्रारंभ हो गया है, 1 टन प्रतिवर्ष उत्पादन क्षमता का पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त है। उत्पादित कोरण्डम में आधारित स्थानीय लोगों को जीविकोपार्जन एवं समाजिक/आर्थिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए कोरण्डम कटिंग/पॉलिशिंग का प्रशिक्षण दिया जा कर जीविकोपार्जन की व्यवस्था की जा रही है। कॉपर की उपस्थिति की पुष्टि एवं भविष्य में खनन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के साथ संयुक्त उपक्रम छत्तीसगढ़ कॉपर लिमिटेड का गठन किया जा चुका है। इस हेतु राष्ट्रीय खनिज एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के माध्यम से अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति हो चुकी है एवं अन्वेषण का कार्य प्रगति पर है। यह अन्वेषण क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा मोहला-मानपुर जिले में हिदर ब्लॉक 28.60 वर्ग कि.मी. एवं बोदल ब्लॉक में 21.75 वर्ग कि.मी. 03 वर्ष के लिए अधिसूचित किया गया है।भविष्य की कार्ययोजना - पिछले 02 वर्षों में सी.एम.डी.सी. के द्वारा नवीन आयाम स्थापित किये है एवं भविष्य के परियोजनाओं को अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए सटिक कार्ययोजना तैयार कर क्रमशः आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सी.एम.डी.सी. भी सहभागीता निभाने का प्रयास कर रही है।टिन खनिज के लिए नॉन ऑपरेशन खदान को लैप्स घोषित किया गया एवं केन्द्र सरकार के माध्यम से नीलामी की कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी 2 से 3 वर्षों में खदान प्रारंभ होने से भविष्य में खनन एवं निकासी से राज्य शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।टिन स्लैग में अवस्थित टेंटलम, नियोबियम एवं अन्य को निष्कर्षण की कार्ययोजना तैयार कर पायलट परियोजना प्रारंभ की जा रही है। नवीन क्षेत्रों का चयन कर MSTC के माध्यम से क्रिटिकल मिनरल के लिए अन्वेषण/खनन की कार्ययोजना पर आगे कार्यवाही की जाएगी।लौह अयस्क में वर्तमान उत्पादन क्षमता 5 लाख मिट्रिक टन से 20 लाख मिट्रिक टन किया जा रहा है इससे राज्य शासन को राजस्व के रूप मंे लगभग 250 करोड़ रूपये एवं सी.एम.डी.सी. को 768.4 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी। बाक्साईट खनिज में पथरई खदान में उत्पादन क्षमता 2 लाख टन होने से एवं अन्य संचालित परियोजना में अधिकतम उत्पादन/निकासी की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को अतिरिक्त राजस्व में लगभग 10 करोड़ रूपये की वृद्धि होगी है।क्रिटिकल मिनरल में भविष्य में कोल इण्डिया के साथ नये ग्रेफाईट युक्त क्षेत्र का चयन कर संयुक्त रूप से अन्वेषण/उत्खनन का कार्य किया जाएगा। टिनस्लैग/एल्यूमिनियम स्लैग से क्रिटिकल मिनरल का निष्कर्षण किया जाएगा। क्रिटिकल मिनरल का सेमिनार आयोजित एवं रिसर्च पेपर आमंत्रित किये जाएंगे।डोलोमाईट में 2 मिलियन टन उत्पादन क्षमता आगामी 03 वर्षों में प्राप्त करने की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को 20 करोड़ रूपये का लाभ होगा एवं राज्य शासन को 32 करोड़ प्राप्त होगा।हीरा क्षेत्र में प्रचलित पूर्वेक्षण से चिन्हित् हीरा धारित क्षेत्र में हीरा की उपस्थिति सुनिश्चित होने पर शासन को लाभ मिलेगा।सी.एम.डी.सी. द्वारा खनन से संबंधित सर्विस प्रोवाइडर के रूप में सेवा दिया जाकर अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति का प्रयास किया जाएगा। जैसे - प्री एम्बेडेड क्लियरेन्स की कार्यवाही से नीलामी हेतु ब्लॉक जल्दी उपलब्ध हांगे, इससे शासन को राजस्व की प्राप्ति एवं सी.एम.डी.सी. को सेवा शुल्क प्राप्त होगा। इसी तरह खनन योजना तैयार करने, अन्वेषण एजेंसी के रूप में कार्य करने एवं ड्रोन से संबंधित कार्य,चेक गेट, वेब्रिज सेवा, बंद पड़ी खदानों का पुर्नउद्धार एवं ग्रेनाईट माईनिंग एवं कटिंग/पॉलिशिंग उद्योग, सैण्ड माईनिंग पर भी कार्ययोजना तैयार किया गया है। - -17 जनवरी तक कर सकते हैं पंजीयनमहासमुंद / जिले के ग्रामीण युवकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा निःशुल्क 30 दिवसीय मोबाईल रिपेयरिंग प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। निदेशक बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी ने बताया कि इच्छुक प्रतिभागी निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए 17 जनवरी 2026 तक पंजीयन करा सकते है। पंजीयन के लिए बी.पी.एल. राशन कार्ड की प्रतिलिपि, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज की 4 फोटो एवं न्यूनतम 8वीं उत्तीर्ण अंकसूची आवश्यक है। पंजीयन एवं प्रशिक्षण की जानकारी के लिए कमलेश पटेल के मोबाईल नम्बर 79997-00673, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाईल नम्बर 83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाईल नंबर 91310-65767 पर प्रातः 10ः00 बजे से शाम 6ः00 बजे तक संपर्क कर सकते है।
- -किसान तुंहर टोकन ऐप ने धान विक्रय प्रक्रिया बनाई सरल और पारदर्शीरायपुर। छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों का व्यापक लाभ किसानों को मिल रहा है। किसान तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने की सुविधा ने धान विक्रय प्रक्रिया को आसान, समयबद्ध और व्यवस्थित बना दिया है।अंबिकापुर के ग्राम पंचायत करजी के लघु सीमांत किसान श्री धर्मसाय ने बताया कि उनके पास कुल 84 क्विंटल धान का रकबा है और उन्होंने ऐप के माध्यम से घर बैठे 64 क्विंटल धान के लिए टोकन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सुविधा ने समिति कार्यालय की भीड़ और अनावश्यक भागदौड़ समाप्त कर दी है, जिससे किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।निर्धारित तिथि पर धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर श्री धर्मसाय को गेट पास, धान की नमी जांच और बारदाना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया निर्बाध रूप से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित है और धान विक्रय में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई। उपार्जन केन्द्रों पर पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था तथा समिति कर्मचारियों द्वारा सहयोग जैसे प्रबंध किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इस कदम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। साथ ही किसान धान के साथ गेहूं, तिलहन और सब्जी उत्पादन की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं, जिससे आय के स्रोत विविध हो रहे हैं।श्री धर्मसाय ने धान खरीदी व्यवस्था को किसान हितैषी बताते हुए राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल पारदर्शिता, बेहतर मूल्य और सुविधाजनक खरीदी व्यवस्था के कारण किसान आत्मविश्वास से भर रहे हैं और प्रदेश का ग्रामीण कृषि तंत्र मजबूत हो रहा है।
- - कोच एवं खिलाडिय़ों ने भोजन की गुणवत्ता के प्रति संतुष्टि जाहिर कीराजनांदगांव । स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित एवं स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित 69वीं राष्ट्रीय शालेय कीड़ा प्रतियोगिता 2026 में एसजीएफआई के निर्देशानुसार खिलाडिय़ों, कोच एवं अन्य स्टॉफ के लिए कॉमन मेस की बेहतर व्यवस्था की गई है। जिसमें एसजीएफआई द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार खिलाडिय़ों को भोजन दिया जा रहा है। चण्डीगढ़ के कोच श्री नरेन्दर सिंह द्वारा स्वयं एवं खिलाडिय़ों को भोजन से पूरी तरह संतुष्ट बताया गया है। जम्मू-कश्मीर के दल प्रबंधक श्री बिलाल अहमद भट्ट ने भी बताया है कि वे पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में आते रहें हैं, यहां की मेजबानी सदैव से ही अच्छी रही है। भोजन के संबंध में उन्होंने जानकारी दी कि वे और उनके खिलाड़ी भोजन की गुणवत्ता से पूर्ण रूप से संतुष्ट हैं। ओडि़सा के कोच एवं दल प्रबंधक श्री देवा ने बताया कि वे राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पहली बार आए हुए हैं और यहां की आवास, भोजन एवं परिवहन व्यवस्था उत्तम दर्जे की है। प्रतियोगिता में संचालित कॉमन मेस में कुल 16 टीमें भोजन ग्रहण कर रहीं है। कुल 36 टीमों में से 20 टीमें अपने भोजन की व्यवस्था स्वयं वहन कर रहीं है।
- -पी.एम. विश्वकर्मा योजना से कुम्हार कला को मिली नई पहचान और रोजगाररायपुर। राज्य एवं केंद्र शासन की योजनाएं पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कोरबा जिले के रामकुमार प्रजापति इसका उदाहरण हैं, जिन्होंने पी.एम. विश्वकर्मा योजना के माध्यम से अपने पारंपरिक कुम्हार व्यवसाय को नई दिशा और पहचान दी है।रामकुमार प्रजापति वर्षों से अपने पारंपरिक कुम्हार कार्य से जुड़े हुए हैं। मिट्टी को आकार देने की कला उन्हें पारिवारिक परंपरा में विरासत के रूप में मिली है। हालांकि समय के साथ बाजार की मांग, आधुनिक डिज़ाइन और तकनीकी संसाधनों के अभाव के कारण उनका व्यवसाय सिमट गया था। ऐसे समय में शासन की पी.एम. विश्वकर्मा योजना उनके लिए परिवर्तनकारी साबित हुई।योजना के अंतर्गत रामकुमार प्रजापति ने लाइवलीहुड कॉलेज, कोरबा में कुम्हार ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक चाक के उपयोग की तकनीक सीखी, जिससे विभिन्न प्रकार के सुंदर, आकर्षक और टिकाऊ मिट्टी के पात्रों का निर्माण संभव हो सका। आधुनिक तकनीक के प्रयोग से उनके कार्य में गुणवत्ता, गति और डिज़ाइन की विविधता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।प्रशिक्षण अवधि के दौरान शासन द्वारा प्रदत्त 4,000 रुपये की स्टाइपेंड राशि भी मिली। इसके अतिरिक्त, बिना गारंटर एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्होंने आवश्यक उपकरण क्रय कर अपने व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में वे पाली क्षेत्र के बाजारों में नियमित रूप से अपनी दुकान लगाकर स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका अर्जित कर रहे हैं।
- रायपुर -आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर अभियान चलाकर नगर निगम जोन 3 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता श्री नरेश साहू, उप अभियंता श्री अक्षय भारद्वाज की उपस्थिति में अभियान चलाकर नगर निगम जोन क्रमांक 3 क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय सम्पति पर अपना अवैध प्रचार विज्ञापन चस्पा कर शासकीय सम्पति का विरुपण किये जाने पर सम्बंधित विभिन्न 6 संस्थानों फिजियो केयर पर 5000 रूपये, ओम मोटर गैरेज पर 3000 रूपये, हैंड्स अप पर 2000 रूपये, कॉस्मो एक्सपो पर 4000 रूपये, रिवाज पर 7000 रूपये और आरम्भ प्री स्कूल पर 8000 रूपये इस प्रकार कुल 6 संस्थानों के सम्बंधित संचालकों पर कुल 29000 रूपये का जुर्माना उन्हें प्रक्रिया के अंतर्गत नियमानुसार नोटिस जारी jकरते हुए भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए करने की कार्यवाही की गयी.
- रायपुर/ प्रदेश की राजधानी रायपुर शहर में शीतलहर से आमजनों को सुरक्षा और त्वरित राहत देने नगर पालिक निगम के जोन कार्यालयों के माध्यम से रैनबसेरा पंडरी, रेल्वे स्टेशन, जयस्तम्भ चौक के समीप, रेल्वे स्टेशन के पास, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी, महोबा बाजार हॉट बाजार, सरोना बस्ती मुख्य मार्ग, परमानन्द नगर कोटा, सत्यम विहार कॉलोनी रायपुरा, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर, बड़ा अशोक नगर, रोटरी नगर, टाटीबंध चौक के समीप, शंकर नगर, अवन्ति विहार कॉलोनी सहित राजधानी शहर में लगभग 35 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. नगर निगम रायपुर द्वारा विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिदिन नियमित अलाव जलाने की व्यवस्था देने से इससे शहर के निवासी प्रतिदिन सैकड़ों आमजनों को लगातार बढ़ती शीतलहर से सहज बचाव सहित त्वरित राहत मिल रही है.रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से महादेवघाट रायपुरा श्री हनुमान मन्दिर के समीप और महोबा बाजार हॉट बाजार, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी चंगोराभाठा बाजार, ब्रम्हदेईपारा,शिक्षक कॉलोनी डंगनिया, खमतराई चौक के पास, जयस्तम्भ चौक के पास, रायपुर जिलाधीश परिसर के सामने डॉ भीम राव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल चौक के पास, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर के पास, मोतीबाग, डंगनिया पानी टंकी स्कूल के समीप, शंकर नगर चौपाटी, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव, अंतर राज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव, भाठागांव चौक के समीप, कुकरीपारा, दूधाधारी मठ मार्ग, सरोना, चंदनीडीह, कबीर नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फेस-2, हीरापुर चौक सुलभ शौचालय काम्प्लेक्स के समीप , कबीर चौक रामनगर, गीतांजलि नगर शंकर नगर, जगन्नाथ चौक रामनगर, प्रियदर्शिनी नगर, भाठागांव, नगर पालिक निगम जोन 9 कार्यालय परिसर के समीप मोवा, नगर निगम जोन 10 कार्यालय और अन्य लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में आमजनों को शीतलहर से रायपुर शहर क्षेत्र में सुरक्षा और त्वरित राहत देने सार्वजनिक अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. शीतलहर की सम्पूर्ण अवधि के दौरान आमजनों को राहत देने जोन कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन नियमित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है.
- रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर ने जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन स्वच्छता निरीक्षक श्री राकेश बंजारे की उपस्थिति में जोन 8 अंतर्गत डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम वार्ड क्रमांक 19 अंतर्गत प्रीतम नगर में सफाई व्यवस्था के औचक निरीक्षण के दौरान आवासीय क्षेत्र में गंदगी और प्रदूषण की जनशिकायत सही मिलने और डेयरी के मवेशियों को सडक पर छोडने से सडक दुर्घटनाएं आए दिन होने की जानकारी पर स्थल पर समीक्षा कर तत्काल डेयरी संचालक पर जुर्माना करने के निर्देश दिये। जोन अध्यक्ष के निर्देश पर जोन 8 स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेयरी संचालक सुदामा दास पर तत्काल 5 हजार रू. का जुर्माना किया गया और शीघ्र स्वतः आवासीय क्षेत्र से डेयरी को नगर निगम सीमा क्षेत्र के बाहर शिफ्ट करने पुनः नोटिस जारी की अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी संबंधित डेयरी संचालक को दी गई।|
- नियमानुसार 1 दिन का लगभग 18 लाख कटौती के साथ अतिरिक्त 5 लाख का जुर्माना तत्काल करने के महापौर के सख्त निर्देश 0**अपर आयुक्त को सख़्त निर्देश..दोबारा होने पर अनुबंध पर पुनर्विचार करें.*अधिकारी काम से संतुष्ट होने पर ही भुगतान के फाइल को आगे बढ़ायें.रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र हेतु सफाई के लिए अनुबंधित एजेंसी रामकी कंपनी के वाहन चालको और हेल्परो द्वारा अचानक हड़ताल पर विगत दिवस चले जाने और उससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने को लेकर आज नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम मुख्यालय के महापौर कक्ष में बुलवाकर रामकी कंपनी के प्रतिनिधि अधिकारी लोकल हेड श्री योगेश कुमार को गहन नाराजगी व्यक्त करते हुए जमकर फटकार लगायी। महापौर ने सख्त निर्देश दिये कि दोबारा रायपुर शहर में अचानक बेमुद्दत हड़ताल की स्थिति नहीं आने दिया जाना संबंधित रामकी कंपनी प्रबंधन सुनिश्चित करें अन्यथा की स्थिति में हड़ताल के कारण व्यवस्था सफाई को लेकर शहर में प्रभावित होने पर रामकी कंपनी नियमानुसार कड़ी कार्यवाही का सामना करने तैयार रहे।महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा आज महापौर कक्ष में शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, सहायक अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री योगेश कड्डु, स्वच्छ भारत मिशन विषय विशेषज्ञ श्री प्रणीत चोपड़ा की रामकी कंपनी की लोकल हेड श्री योगेश कुमार की उपस्थिति रही।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने निगम अधिकारियों को अनुबंध की शर्तों के अनुसार रामकी कंपनी पर एक दिन की हड़ताल एवं काम बंद के कारण व्यवस्था प्रभावित होने से नियमानुसार 18 लाख रू. रामकी कंपनी के देयक में कटौती किया जाना और रामकी कंपनी पर 5 लाख रू. का जुर्माना किया जाना तत्काल सुनिश्चित करने निर्देशित किया है।महापौर ने कहा कि रायपुर शहर की सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा हीला हवाला कदापि सहन नहीं किया जायेगा एवं संबंधितों पर नियमानुसार कडी कार्यवाही व्यवस्था सफाई में शहर में प्रभावित होने पर की जायेगी। महापौर ने रामकी कंपनी के शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने विशेष ध्यान देने निर्देशित किया।
- भिलाई नगर। बीएलसी घटक का व्यापक स्तर पर जगह जगह होर्डिंग वॉलपेंटिंग और वार्डो में डोर टू डोर सर्वे कराया जा रहा है तथा इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया के ज़रिए कचरा संग्रहण वाहनों द्वारा हर वार्डो में मुनादी, जनप्रतिनिधियो के व्यक्तिगत प्रवचन तथा प्रमुख चौराहों पर होर्डिंग, फ्लैक्स और बैनर पोस्टर लगाए गए हैं। तथा राष्ट्रीय स्तर पर "अंगीकार अभियान 2025 " चलाया गया, जो 4 सितम्बर से 31 अक्टूबर तक विभिन्न स्थलों में शिविर, आवास ऋण मेला एवं संस्कृति कार्यक्रम तथा वार्डो में घर घर जाकर सर्वे कराया गया और अभी भी किया जा रहा है ।
- महासमुंद / निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संबंध में रोल ऑब्जर्वर श्री भीम सिंह द्वारा बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर जिले में मतदाता सूची से संबंधित दावा-आपत्तियों की सुनवाई के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, भारतीय समाजवादी पार्टी व आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिगण, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी महासमुंद अक्षा गुप्ता मौजूद थे।बैठक में प्रेक्षक श्री भीम सिंह ने बताया कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है, इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे, इसके लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दावा-आपत्तियों की सुनवाई निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी और प्राप्त सभी आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील किया कि अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करें, पात्र मतदाताओं का नाम सूची में जुड़वाने, अपात्र प्रविष्टियों को हटाने तथा आवश्यक संशोधन हेतु दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने में सहयोग करें। साथ ही उन्होंने कहा कि सुनवाई की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी रहेगी तथा सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने सुझाव एवं शंकाएं रखीं, जिनका प्रेक्षक एवं अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया।बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा ने दावा-आपत्ति प्राप्त करने, उनके निराकरण, समय-सीमा, प्रपत्रों की जानकारी तथा सुनवाई की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदनों की जांच बीएलओ एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है और सुनवाई के पश्चात विधिसम्मत रूप से मतदाता सूची में आवश्यक सुधार किया जाएगा।इसके अलावा बैठक में राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (एनवीएसपी) के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने कहा। श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनवीएसपी का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए, ताकि मतदाता अपने पोलिंग बूथ, नाम और अन्य विवरणों में त्रुटियों को समय रहते सुधार सकें। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे एनवीएसपी, वोटर हेल्पलाइन ऐप और ईसीआई की वेबसाइट के माध्यम से मतदाता आसानी से अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं।प्रेक्षक श्री भीम सिंह ने दावा-आपत्तियों की सुनवाई प्रक्रिया का लिया जायजाबैठक के पश्चात प्रेक्षक श्री भीम सिंह ने तहसील कार्यालय महासमुंद पहुंचकर मतदाता सूची से संबंधित दावा-आपत्तियों की सुनवाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रेक्षक ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विलोपन एवं संशोधन से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई की प्रक्रिया का जायजा लिया तथा बीएलओ द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दस्तावेज़ सत्यापन, आवेदन पंजीयन, आवेदकों को दी जा रही जानकारी एवं समयबद्ध निराकरण की स्थिति का अवलोकन किया।प्रेक्षक श्री भीम सिंह ने बीएलओ को निर्देशित किया कि सभी दावे एवं आपत्तियों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आधार है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित तहसील एवं निर्वाचन शाखा के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -घुमंतु पशुओं के संरक्षण पर दिया गया जोरमहासमुंद / प्रदेश में निराश्रित, घुमंतु तथा कृषिक पशुओं के संरक्षण, संवर्धन एवं विस्थापन हेतु शासन द्वारा गौधाम योजना स्वीकृत की गई है। इसी कड़ी में योजना के पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक बुधवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, जिला स्तरीय गौधाम समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू मौजूद थे।बैठक में गौधाम के संचालन, संबंधित संस्था के चयन तथा उनके दायित्वों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान जानकारी दी गई कि प्रत्येक विकासखण्ड में गौठानों का चयन कर गौधाम स्थापना हेतु प्राप्त आवेदनों को विकासखण्ड समिति की अनुशंसा के साथ जिला स्तरीय समिति एवं कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जिला स्तरीय समिति एवं कलेक्टर की अनुशंसा के उपरांत प्रस्ताव छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग, रायपुर को प्रेषित किए जाएंगे। जिले में अब तक कुल 14 ग्रामों से गौधाम स्थापना हेतु आवेदन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग, रायपुर को भेजे जा चुके हैं।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि घुमंतु पशुओं को प्राथमिकता के आधार पर सड़कों से हटाकर गौधामों में सुरक्षित रखा जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही गौधाम समिति के अध्यक्ष द्वारा गौधामों को रोजगार के केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस संबंध में संबंधित ग्राम पंचायतों से गौधाम प्रस्ताव हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने में सहयोग करने की अपील की गई। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक, उप संचालक पंचायत, नगर पालिका महासमुंद के प्रतिनिधि, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं पशुपालन विभाग के स्थानीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तातापानी महोत्सव का किया भव्य शुभारंभ-तातापानी महोत्सव के लिए हर साल ₹25 लाख: आस्था, पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को मिला स्थायी संबल-667 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण-भूमिपूजनरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बुधवार को बलरामपुर जिले में आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य उपासना का पर्व है और यह भारतीय संस्कृति, एकजुटता तथा समृद्धि का सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति, लोहड़ी एवं पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस अवसर पर तातापानी महोत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।उन्होंने तपेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में प्राचीन शिव चबूतरे पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला मुख्यालय बलरामपुर में शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, डाइट संचालन हेतु भवन, तथा जिला पंजीयन कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने 655 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की नई सौगात दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और छत्तीसगढ़ की जनता से किए गए हर वादे को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है। 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। 5 लाख से अधिक भूमिहीन किसानों को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 10-10 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तातापानी में 60 फीट ऊँची भगवान शिव की भव्य प्रतिमा के समीप स्कूली बच्चों के साथ पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और आत्मीय वातावरण में मनाया। इस भावपूर्ण दृश्य ने पर्व की सांस्कृतिक गरिमा के साथ-साथ बच्चों के चेहरे पर उल्लास और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे 200 जोड़ों को उनके नवदाम्पत्य जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ और मंगलकामनाएँ प्रदान कीं, तथा उनके जीवन में प्रेम, विश्वास और समृद्धि से भरे उज्ज्वल भविष्य की कामना की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक माटीकला और ग्रामीण हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करते हुए राजपुर विकासखंड के ग्राम आरा निवासी कुम्हार श्री शिवमंगल के साथ स्वयं चाक पर मिट्टी डालकर चाक चलाया, जिससे शिल्पकारों में नया उत्साह और आत्मविश्वास झलक उठा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम स्थल पर विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए छत्तीसगढ़ की परंपरा और प्रगति के सुंदर संगम को करीब से महसूस किया। प्रदर्शनी में जनजातीय व्यंजन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता तथा ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसे नवाचारों से जुड़े स्टॉलों ने यह दिखाया कि छत्तीसगढ़ अपनी जड़ों से जुड़ा रहकर भी भविष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम अध्यक्ष श्री राम सेवक पैंकरा, विधायक श्री अनुज शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
-
कोरबा. कोरबा जिले में पुल से नीचे गिरने के बाद एक कार में लगी आग में दो लोगों की झुलसकर मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के बांगो थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव के करीब बुधवार तड़के एक कार अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गिर गई और उसमें आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर निवासी दो लोग कार में सवार होकर बलरामपुर जिले में आयोजित तातापानी महोत्सव में शामिल होने जा रहे थे और लगभग चार बजे मदनपुर गांव के करीब चालक का वाहन पर से नियंत्रण खो गया और कार पुल से नीचे गिर गई। उन्होंने बताया कि पुल से नीचे गिरते ही कार में धमाका हुआ और उसमें आग लग गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस दुर्घटना में कार सवार गोपाल चंद्र डे (42) और अरुण सेन (36) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल मौके पर पहुंचा और आग बुझाने के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और मामले की जांच की जा रही है। - रायपुर। श्रम विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के संबंध में श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन द्वारा आज प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा विगत 02 वर्षो में 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिसमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक एवं 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल है।विभाग के अधीन मंडलों द्वारा संचालित कुल 71 योजनाओं में विगत 02 वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ राशि से लाभान्वित किया गया है, जिसमें से 28,49,167 निर्माण श्रमिकांे को लगभग रूपये 653.75 करोड़, 91,595 असंगठित श्रमिकों लगभग रूपये 143.77 करोड़, एवं 14,592 संगठित श्रमिकों को रूपये 7.24 करोड़ रूपये से लाभांवित किया गया है। विभाग द्वारा श्रमिकों को देय हितलाभ केन्द्रीयकृत डी0बी0 टी0 के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि अवगत कराया गया कि इज ऑफ डूईंग व्यवस्था के तहत कारखनों का निरीक्षण स्वचलित प्रणाली के द्वारा किया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में प्रदेश के कारखानों का कारखाना अधिनियम अंतर्गत कुल 2218 निरीक्षण किये गये हैं। प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर कारखाना प्रबंधनों के विरूद्ध 666 अभियोजन माननीय श्रम न्यायालय में दायर किये गये हैं तथा कुल 05 करोड़ रूपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया है।उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम अंतर्गत विगत 02 वर्षो में बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा भिलाई में 100 बिस्तर-युक्त चिकित्सालय संचालित है तथा शीघ्र ही बिलासपुर में चिकित्सालय प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार राज्य में 43 औषधालय संचालित है और 04 नवीन औषधालय खोले जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विभाग द्वारा भारत सरकार के अनुशंसा एवं बिजनेस रिफार्मस के तहत निर्धारित सभी 17 रिफार्मस को राज्य के श्रमिकों तथा नियोजकों के हित में लागू किया जा चुका है। छोटे व्यापारियों को छूट प्रदाय करने हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 सहपठित नियम, 2021 को 10 या 10 से अधिक श्रमिक नियोजन वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नयी श्रेणी ‘‘नियत कालिक नियोजन कर्मकार’’ का प्रावधान किया गया है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी। महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत रात्रिपाली में महिला कर्मकारों को सशर्त नियोजन का अधिकार दिया गया है। कारखाना लायसेंस की अवधि 10 से 15 वर्ष कर दी गई है।मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर नये 04 श्रम संहिता लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत राज्य में 04 नये नियम बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नये कोड के परिणामस्वरूप श्रमिकों का हित संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। प्रत्येक श्रमिक को नियुक्ति पत्र, महिला श्रमिकों को सभी प्रकार के नियोजनों में काम करने का अधिकार, श्रमिकों को बेहतर न्यूनतम वेतन, नियोक्ता द्वारा श्रमिकों का वर्ष में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण करने, गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु ‘‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल’’ का गठन का प्रावधान इत्यादि लाभ सुनिश्चित होगा।श्रम मंत्री द्वारा विभाग की आगामी कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गयी कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या 20 से अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले दुकान एवं स्थापनाओं में लागू करने हेतु राज्य विधानसभा में पुनः विधेयक पारित कर, माननीय राष्ट्रपति महोदय की स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है।कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी तथा बीरगांव औषधालय का उन्नयन कर इन्हे मॉडल औषधालय केे रूप में विकसित किया जायेगा।श्री देवांगन ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक योजना प्रारंभ की जावेगी। तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के संतानों को उच्च शिक्षा हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए नवीन योजना ’’अटल कैरियर निर्माण योजना’’ प्रारंभ की जावेगी।शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार समस्त जिलों में श्रम अन्न केन्द्र स्थापित कर किया जाएगा।शिकायत निवारण एवं जन जागरूकता प्रणाली का सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से मैसेजिंग सुविधा, मोबाईल नंबर सत्यापन, एजेंटी को ए.आई. की सुविधा प्रारंभ की जायेगी, जिससे शिकायतों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे प्राप्त हो सके। अंत में मंत्री श्री देवांगन द्वारा सभी मीडिया कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
- -सूखत और कीट-क्षति पर शासन की व्यवस्था से सुरक्षित हुई धान खरीदी प्रणालीरायपुर /धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था में सूखत एवं चूहा आदि कीटों के द्वारा धान के नुकसान को लेकर कुछ स्थानों पर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह तथ्यों से परे है। वस्तुस्थिति यह है कि धान भंडारण के दौरान नमी में कमी के कारण वजन में आंशिक गिरावट (सूखत) एक स्वाभाविक और तकनीकी प्रक्रिया है, जो वर्षों से चली आ रही है और देश के सभी धान उत्पादक राज्यों में देखी जाती है।सरकारी अभिलेखों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में 6.32 प्रतिशत और 2020-21 में 4.17 प्रतिशत सूखत दर्ज की गई थी। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सूखत कोई नई या अचानक उत्पन्न हुई स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली भौतिक-तकनीकी प्रक्रिया है।धान संग्रहण केंद्रों में नमी, तापमान, भंडारण अवधि, परिवहन और वातावरण के प्रभाव से धान में प्राकृतिक रूप से कुछ प्रतिशत वजन घटता है। इसे वैज्ञानिक रूप से “मॉइस्चर लॉस” या “ड्रायिंग लॉस” कहा जाता है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे नियंत्रित, मापा और पारदर्शी बनाया जा सकता है।खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में लगभग 3.49 प्रतिशत सूखत की संभावना व्यक्त की गई है, जो पूर्व वर्षों के औसत के अनुरूप है और असामान्य नहीं है।वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था में संग्रहण केंद्रों पर डिजिटल स्टॉक एंट्री, वजन सत्यापन, गुणवत्ता परीक्षण, गोदाम ट्रैकिंग, परिवहन एवं उठाव की निगरानी जैसी व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता को तुरंत पहचाना जा सके। अब सूखत केवल एक अनुमान नहीं, बल्कि डेटा-आधारित और ट्रैक-योग्य प्रक्रिया बन चुकी है। जहां यह प्राकृतिक सीमा में रहती है, उसे सामान्य माना जाता है, और जहां यह असामान्य रूप से अधिक पाई जाती है, वहां जांच और उत्तरदायित्व तय किया जाता है।धान खरीदी व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनके धान का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिले, भंडारण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और पूरी प्रणाली विश्वसनीय और पारदर्शी बनी रहे।आज प्रदेश की धान खरीदी प्रणाली डिजिटल टोकन, ऑनलाइन भुगतान, स्टॉक ट्रैकिंग और शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं के माध्यम से देश की सबसे संगठित और निगरानी-आधारित व्यवस्थाओं में शामिल हो चुकी है। इससे किसानों का विश्वास मजबूत हुआ है और प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ी है।इसलिए यह स्पष्ट किया जाता है कि सूखत भंडारण की एक वैज्ञानिक वास्तविकता है — जिसे अब पहली बार पूरी पारदर्शिता, निगरानी और नियंत्रण के साथ संचालित किया जा रहा है।


















.jpg)







.jpg)
