- Home
- छत्तीसगढ़
- * वनवासी विकास समिति द्वारा रायपुर में भव्य 'रक्षाबंधन उत्सव' का आयोजन* शबरी कन्या आश्रम की छात्राओं की सुमधुर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मनरायपुर/"एक-दूसरे की मान्यताओं और परंपराओं की रक्षा करना ही भारत का मूल स्वभाव है। आज हमारा वनवासी समाज कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। विशेषकर धर्मांतरण की आड़ में विदेशी शक्तियों ने इस सीधे-सरल समाज के सहज विश्वास पर कुठाराघात कर इसे तोड़ने का काम किया है, जो गंभीर चिंतन का विषय है।" यह प्रखर विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मध्यक्षेत्र के क्षेत्रीय संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने व्यक्त किए। वे आज वनवासी विकास समिति, रायपुर महानगर द्वारा शबरी कन्या आश्रम छात्रावास में आयोजित भव्य 'रक्षाबंधन उत्सव' में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।डॉ. सक्सेना ने आगे कहा कि वनवासी समाज की जीवनशैली और उनकी प्रकृति-पूजक संस्कृति अद्भुत है। यदि हम उनकी व्यवस्थाओं को नहीं बचाएंगे, तो प्रकृति की रक्षा कैसे होगी? हमें वैचारिक और सामाजिक रूप से इन्हें सशक्त कर इनकी प्रगति में सहभागी बनना होगा।प्रलोभन का खेल बंद न हुआ तो पूरा समाज संकट में आएगा: भीम सिंह कंवरकार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने अपने विशेष उद्बोधन में कहा कि तथाकथित विचारधारा के लोगों ने जनजातीय क्षेत्रों में पैठ बनाकर और सुख-सुविधाओं का लालच देकर बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराया है। हमारी परिवार व्यवस्था और प्रकृति पूजा ही हमारा सबसे बड़ा संबल है। यदि प्रलोभन देकर किया जा रहा यह धर्मांतरण नहीं रुका, तो आने वाले समय में हमारा पूरा समाज गहरे संकट में आ जाएगा। हमें इस समाज की रक्षा का दृढ़ संकल्प लेना होगा।बेटियों की शिक्षा-दीक्षा अत्यंत सराहनीय: मंजुला कंवरविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित आदर्शिनी महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मंजुला कंवर ने आश्रम की व्यवस्थाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि वनवासी कन्याओं को जिस प्रकार संस्कारवान शिक्षा दी जा रही है, वह अत्यंत अनुकरणीय और सराहनीय है। हम सभी को इन बेटियों के उज्जवल भविष्य और सुरक्षा के लिए हरसंभव सहयोग देना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता वनवासी विकास समिति के महानगर अध्यक्ष श्री रवि गोयल ने की।पूर्वोत्तर की गूंज और हस्तलिखित पुस्तक का विमोचनकार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद शबरी कन्या आश्रम में निवास कर रही पूर्वोत्तर (North-East) की छात्राओं ने सुमधुर समूह गीत और पारंपरिक लोकनृत्य की ऐसी रंगारंग छटा बिखेरी कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक अवसर पर अतिथियों द्वारा आश्रम की छात्राओं द्वारा स्वरचित एवं हस्तलिखित अनूठी पुस्तक 'शबरी के बेर' का विमोचन भी किया गया, जिसे उपस्थित जनों ने खूब सराहा।300 से अधिक प्रबुद्ध जनों ने लिया हिस्सा, बंधवाया रक्षासूत्रइस पावन पर्व पर आश्रम की जनजातीय बहनों ने उपस्थित सभी अतिथियों, डॉक्टरों, प्राध्यापकों और प्रबुद्ध नागरिकों को आदरपूर्वक तिलक लगाया और उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का भरोसा जताया। बदले में भाईयों ने भी बहनों की रक्षा और स्वावलंबन का संकल्प लिया। कार्यक्रम में श्रीमती माधवी जोशी,सुश्री ललिता मुर्मू, श्री रामनाथ कश्यप, डॉ अनुराग जैन, राजीव शर्मा, कृष्ण कुमार वैष्णव, दिलीप दास , तिसेन भगत, श्रीमती संगीता चौबे, श्रीमती रेखा देशपांडे सहित रायपुर महानगर के 300 से अधिक गणमान्य नागरिक और विभिन्न छात्रावासों के विद्यार्थी मौजूद रहे।वंदेमातरम के साथ समापन और सहभोजकार्यक्रम का गरिमापूर्ण संचालन श्रीमती प्राची भगत ने, प्रस्तावना श्रीमती सिद्धी दलवी ने तथा आश्रम का वार्षिक प्रतिवेदन अस्मिता दीदी ने प्रस्तुत किया। अंत में रायपुर महानगर के सचिव श्री प्रवीण अग्रवाल ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। सामूहिक 'वंदेमातरम' गान के साथ सभा का समापन हुआ, जिसके बाद सभी उपस्थित जनों ने एक साथ बैठकर सुरुचिपूर्ण सहभोज का आनंद लिया।
- राज्य के 1428 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को पीपीई किट वितरित, 1374 के आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए, 139 कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षणस्वच्छता कर्मियों हेतु आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए 47 ईआरएसयू और 14420 हेल्पलाइन का संचालनउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगरीय निकायों और विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई, कहा स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियां सर्वोच्च प्राथमिकताबिलासपुर/सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE) योजना के अंतर्गत राज्यों के प्रदर्शन की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ के साथ आंध्रप्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से देश में पहले स्थान पर हैं।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने इस उपलब्धि पर नगरीय निकायों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों व 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देकर जोखिमपूर्ण कार्यों को समाप्त करना और स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्य का वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के मशीनीकरण के लिए यहां किए जा रहे कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि स्वच्छता कर्मियों के सम्मान, सुरक्षित स्वच्छता व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य करने की ओर छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक 1487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वेक्षण कर 1465 कर्मियों का सत्यापन किया गया है। 169 नगरीय निकायों में 1428 कर्मियों को पीपीई (PPE) किट वितरित किए गए हैं और 1374 कर्मियों को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराया गया है। वहीं 139 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण तथा 923 स्वच्छता कर्मियों को कार्यशाला आयोजित कर सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल 14 जुलाई को राज्य के सभी नगरीय निकायों में 'नमस्ते' दिवस का आयोजन किया गया था, जिनमें 15 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने सहभागिता की थी। इन कार्यक्रमों में स्वच्छता कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण (OST), कर्मचारियों का सम्मान तथा पीपीई किट एवं आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए थे।'नमस्ते' योजना के अंतर्गत वेस्ट पिकर्स के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में 8527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, जिनमें से 6799 का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें से 991 वेस्ट पिकर्स को पीपीई किट भी दिए जा चुके हैं। वहीं 512 वेस्ट पिकर्स को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। अभी 6287 और वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है।विभागीय अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छता कर्मियों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में 47 ईआरएसयू (Emergency Response Sanitation Units) स्थापित किए गए हैं। 14 नगर निगमों, 24 जिला मुख्यालयों तथा 9 द्वितीय सर्वाधिक जनसंख्या वाले निकायों में ये ईआरएसयू स्थापित किए गए हैं। इनमें से 39 ईआरएसयू को सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं। ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के माध्यम से आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं के लिए त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित की जा रही है।इस तरह हुआ राज्यों का मूल्यांकनराज्यों में 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन का मूल्यांकन 100 अंकों के निर्धारित पैमाने पर किया गया है। इसमें प्रोफाइल किए गए स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन के लिए 20 अंक, एसयूवाय (SUY) के माध्यम से मशीनीकरण के लिए 10 अंक, ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 अंक, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के लिए 20 अंक तथा स्वच्छता मृत्यु से संबंधित मामलों में प्रवर्तन, मुआवजा एवं जवाबदेही के लिए 30 अंक निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त स्वच्छता मृत्यु के मामलों में नकारात्मक अंक का भी प्रावधान है। निर्धारित मूल्यांकन मानकों के आधार पर छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से प्रथम रैंक हासिल की है।सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित व गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने 2023 से संचालित है 'नमस्ते' योजनासीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 से 'नमस्ते' योजना शुरू की गई है। इसमें स्वच्छता कार्यों का मशीनीकरण बढ़ाने, असुरक्षित एवं खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई की प्रथा को समाप्त करने तथा स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य (Zero Fatality) करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मी (SSW), कचरा बीनने वाले (Waste Pickers), नाली साफ करने वाले तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) एवं फ़ीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) में कार्यरत कर्मियों को शामिल किया गया है।योजना का क्रियान्वयन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) योजना की राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
- मुर्गी-बत्तख और बटेर पालन ने संवारी आजीविकाबिलासपुर/मस्तुरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बोहारडीह की श्रीमती ज्योति कुर्रे ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर अपनी मेहनत और लगन से स्वरोजगार की नई राह बनाई है। वे गांव में संचालित ’’सागर महिला स्व सहायता समूह’ की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें मुर्गी एवं बत्तख पालन के लिए बैंक से ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का सदुपयोग करते हुए ज्योति कुर्रे ने बत्तख, मुर्गी एवं बटेर पालन का व्यवसाय शुरू किया।श्रीमती ज्योति कुर्रे ने बताया कि इस व्यवसाय से प्राप्त अंडों को वे स्थानीय स्तर पर गांव में विक्रय करती हैं। इसके साथ ही थोक में अंडों का व्यवसाय कर अच्छा मुनाफा अर्जित कर रही हैं। ज्योति कुर्रे ने अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में किराना दुकान का संचालन भी शुरू किया है। मुर्गी पालन, अंडा व्यवसाय और किराना दुकान के माध्यम से वे प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। बिहान योजना के माध्यम से मिले मार्गदर्शन, समूह का सहयोग और बैंक ऋण की सुविधा ने ज्योति कुर्रे को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ ही स्वावलंबन की मिसाल बन रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिले तो वे अपनी मेहनत से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।ज्योति कुर्रे ने कहा कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना ने उन्हें ’’आत्मनिर्भर, सक्षम और आर्थिक रूप से सशक्त’’ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
-
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के आतिथ्य में अखिल भारतीय प्रतियोगिता का शुभारंभ
- बहुभाषी मंच संचालन से शुभारंभ समारोह हुआ गरिमामय
रायपुर। 48वीं अखिल भारतीय विद्युत स्पोर्ट्स नियंत्रण बोर्ड टेबल टेनिस प्रतियोगिता-2026 का शुभारंभ पावर कंपनी के प्रबंध निदेशक (जनरेशन)श्री संजीव कुमार कटियार एवं प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री भीम सिंह कंवर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
पावर कंपनीज मुख्यालय परिसर के महिला मंडल भवन टेबल टेनिस हॉल में उद्घाटन समारोह में केंद्रीय क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक समिति के महासचिव तथा कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री एम.एस. चौहान,कार्यपालक निदेशक (पी सी एंड आर ए) एवं अखिल भारतीय विद्युत स्पोर्ट्स नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री के.एस. मनोठिया,मुख्य अभियंता रायपुर क्षेत्र श्री संजीव सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री कटियार ने अपने उद्बोधन में सभी खिलाड़ियों एवं टीमों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना को मजबूत करता है। उन्होंने खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ खेल भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
श्री भीमसिंह कंवर ने कहा खेल में जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना, अनुशासन और आपसी सौहार्द है। उन्होंने छत्तीसगढ़ पहुंची सभी टीमों के खिलाड़ियों एवं सदस्यों से प्रतियोगिता के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के समृद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत का आनंद लेने का भी आग्रह किया।
दीप प्रज्वलन पश्चात कार्यपालन अभियंता श्री आशीष अग्निहोत्री द्वारा देशभर से पहुंचे सभी नौ टीमों के खिलाड़ियों को खेल की शपथ दिलाई गई। प्रतियोगिता में केपीटीसीएल, सीएसईसी (कोलकाता), आंध्र प्रदेश ट्रांसको, तेलंगाना ट्रांसको, केपी सीएल, तमिल नाडु इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड, असम, उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला होगा। तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे टीम इवेंट, पुरुष एकल, पुरुष युगल श्रेणी के लिए खिलाड़ी खेलेंगे।
समारोह का संचालन उप महाप्रबंधक जनसंपर्क श्री गोविंद सिंह पटेल एवं आभार प्रदर्शन श्री राजेश सिंह ने किया।
इस अवसर पर समारोह में श्री राजेश सिंह,श्री पंकज सिंह परमार, सचिव श्री विनय चंद्राकर , चीफ रेफरी श्री प्रवीण निरापूरे, सहायक मुख्य रैफरी श्री प्रणय नन्द मजुमदार सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बहुभाषी स्वागत ने बढ़ायी राष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता के शुभारंभ की गरिमा और उत्साह-
समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आई टीमों के मैनेजरों को मंच पर अतिथियों के स्वागत के लिए आमंत्रित करने का विशेष अंदाज सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। मंच संचालन कर रहे श्री गोविन्द पटेल ने प्रत्येक टीम के प्रतिनिधि को उनकी स्थानीय बोली/भाषा में स्वागत करते हुए आमंत्रित किया और साथ में हिंदी में उसका भाव भी प्रस्तुत किया। इस बहुभाषी एंकरिंग ने पूरे समारोह को आत्मीयता से भर दिया। विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ी और टीम मैनेजर इस अपनत्व से भावविभोर हो उठे। समारोह में ‘अनेकता में एकता’ का भाव जीवंत रूप से दिखाई दिया। इसमें तमिल, कन्नड़, तेलगू, बांग्ला, असमिया सहित हिंदी और छत्तीसगढी में एंकरिंग की गई। - -बाम्हनपाली के किसान राजकुमार ने बरबटी और खीरा की खेती से कमाया 2.70 लाख रुपये का शुद्ध लाभरायपुर । कभी पारंपरिक तरीके से खेती कर सीमित लाभ प्राप्त करने वाले किसान राजकुमार साहू ने खेती में बदलाव और आधुनिक तकनीक अपनाकर बरबटी एवं खीरा की खेती से बेहतर उत्पादन प्राप्त किया। इससे उन्होंने 2.70 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक बन रही है।रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड के ग्राम बाम्हनपाली निवासी किसान राजकुमार के पास 0.800 हेक्टेयर सिंचित भूमि है। पहले वे पारंपरिक तरीके से खेती करते थे, जिससे उन्हें लगभग 60 से 80 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता था। इससे करीब 2.48 लाख रुपये की बिक्री होती थी और लगभग 78 हजार रुपये का लाभ प्राप्त होता था। खेती में नई तकनीक और बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने के बाद उनका उत्पादन बढ़कर 100 से 120 क्विंटल तक पहुंच गया। इससे उन्हें 3.60 लाख रुपये की बिक्री प्राप्त हुई, जबकि उत्पादन में 90 हजार रुपये की लागत आई। लागत राशि घटाने के बाद उन्हें 2.70 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस तरह उनकी आय और लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।राजकुमार ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में फसल प्रबंधन किया तथा जैविक खाद एवं अनुशंसित दवाओं का उपयोग किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत उन्हें 20 हजार रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ। विभागीय मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक के उपयोग से उन्हें बेहतर उत्पादन के साथ अधिक लाभ प्राप्त करने में सफलता मिली। उद्यानिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि राज कुमार साहू की सफलता यह संदेश देती है कि पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण, बेहतर फसल प्रबंधन और आधुनिक तकनीक को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी उद्यानिकी फसलों की खेती के प्रति प्रोत्साहित हो रहे हैं।
- -21 उत्कृष्ट शिक्षकों का किया सम्मानरायपुर । आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राष्ट्र के भविष्य निर्माण में गुरुजनों का योगदान अमूल्य है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास विद्यालय तथा नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। शिक्षक ही समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी के सच्चे निर्माता होते हैं, जो ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को आकार देते हैं। मंत्री श्री नेताम ने इस आशय के विचार शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह व्यक्त किए।उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन और अच्छे संस्कार भी विकसित करते हैं । वे बच्चों में स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता और कुछ नया सीखने की जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन इस प्रकार करने का आह्वान किया कि वे समाज के लिए मिसाल बन सकें।समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार से श्री श्याम सुंदर चौरगे (शिक्षक, शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा, राजपुर), श्रीमती नीलीमा एक्का (शिक्षिका, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा), श्री जवाहर लाल पैकरा (प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़) को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार शिक्षादूत पुरस्कार जिले के विभिन्न विकासखंडों के 18 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित थे।
- छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के आतिथ्य में अखिल भारतीय प्रतियोगिता का शुभारंभ- बहुभाषी मंच संचालन से शुभारंभ समारोह हुआ गरिमामयरायपुर। 48वीं अखिल भारतीय विद्युत स्पोर्ट्स नियंत्रण बोर्ड टेबल टेनिस प्रतियोगिता-2026 का शुभारंभ पावर कंपनी के प्रबंध निदेशक (जनरेशन)श्री संजीव कुमार कटियार एवं प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री भीम सिंह कंवर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।पावर कंपनीज मुख्यालय परिसर के महिला मंडल भवन टेबल टेनिस हॉल में उद्घाटन समारोह में केंद्रीय क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक समिति के महासचिव तथा कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री एम.एस. चौहान,कार्यपालक निदेशक (पी सी एंड आर ए) एवं अखिल भारतीय विद्युत स्पोर्ट्स नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री के.एस. मनोठिया,मुख्य अभियंता रायपुर क्षेत्र श्री संजीव सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री कटियार ने अपने उद्बोधन में सभी खिलाड़ियों एवं टीमों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना को मजबूत करता है। उन्होंने खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ खेल भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।श्री भीमसिंह कंवर ने कहा खेल में जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना, अनुशासन और आपसी सौहार्द है। उन्होंने छत्तीसगढ़ पहुंची सभी टीमों के खिलाड़ियों एवं सदस्यों से प्रतियोगिता के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के समृद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत का आनंद लेने का भी आग्रह किया।दीप प्रज्वलन पश्चात कार्यपालन अभियंता श्री आशीष अग्निहोत्री द्वारा देशभर से पहुंचे सभी नौ टीमों के खिलाड़ियों को खेल की शपथ दिलाई गई। प्रतियोगिता में केपीटीसीएल, सीएसईसी (कोलकाता), आंध्र प्रदेश ट्रांसको, तेलंगाना ट्रांसको, केपी सीएल, तमिल नाडु इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड, असम, उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला होगा। तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे टीम इवेंट, पुरुष एकल, पुरुष युगल श्रेणी के लिए खिलाड़ी खेलेंगे।समारोह का संचालन उप महाप्रबंधक जनसंपर्क श्री गोविंद सिंह पटेल एवं आभार प्रदर्शन श्री राजेश सिंह ने किया।इस अवसर पर समारोह में श्री राजेश सिंह,श्री पंकज सिंह परमार, सचिव श्री विनय चंद्राकर , चीफ रेफरी श्री प्रवीण निरापूरे, सहायक मुख्य रैफरी श्री प्रणय नन्द मजुमदार सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।बहुभाषी स्वागत ने बढ़ायी राष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता के शुभारंभ की गरिमा और उत्साहसमारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आई टीमों के मैनेजरों को मंच पर अतिथियों के स्वागत के लिए आमंत्रित करने का विशेष अंदाज सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। मंच संचालन कर रहे श्री गोविन्द पटेल ने प्रत्येक टीम के प्रतिनिधि को उनकी स्थानीय बोली/भाषा में स्वागत करते हुए आमंत्रित किया और साथ में हिंदी में उसका भाव भी प्रस्तुत किया। इस बहुभाषी एंकरिंग ने पूरे समारोह को आत्मीयता से भर दिया। विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ी और टीम मैनेजर इस अपनत्व से भावविभोर हो उठे। समारोह में ‘अनेकता में एकता’ का भाव जीवंत रूप से दिखाई दिया। इसमें तमिल, कन्नड़, तेलगू, बांग्ला, असमिया सहित हिंदी और छत्तीसगढी में एंकरिंग की गई।
- -तीन दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं का जीवंत प्रदर्शन, नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का संदेशरायपुर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, लोकगायन और लोकनृत्य की विविध परंपराओं को संरक्षित करने और कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का रविवार को रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में भव्य शुभारंभ हुआ। 6 से 8 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में प्रदेश की पारंपरिक लोकविधाओं की विविध रंगत देखने को मिल रही है।कार्यक्रम के पहले दिन मुक्ताकाशी मंच पर छत्तीसगढ़ी लोकधुनों और पारंपरिक लोकगाथाओं ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक लोकसंस्कृति की जीवंत दुनिया से जुड़ते नजर आए। आयोजन की शुरुआत भरथरी गाथा की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद कलाकारों ने पंडवानी, देवार गीत और भरथरी गाथा सहित विभिन्न लोकविधाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।लोकरंग पर्व में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। आयोजन में भरथरी गाथा, देवार गीत, करमा नृत्य, सरहुल, लोरिक-चंदा, ददरिया, पंडवानी और पंथी जैसी विविध लोककलाओं की प्रस्तुतियां शामिल हैं।पहले दिन सुश्री दुर्गा साहू ने पंडवानी, श्रीमती पूनम तिवारी ने देवार गीत तथा सुश्री अरुणिमा शर्मा ने भरथरी गाथा की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। कलाकारों की प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की लोकजीवन की संवेदना, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई दी।कार्यक्रम के संचालक एवं संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि स्थानीय मंचों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहन मिलता है और उन्हें अपनी कला के प्रदर्शन का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश की ‘सुघर’ संस्कृति, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनमें प्रदेश के इतिहास, सामाजिक जीवन, लोकविश्वास और सामुदायिक परंपराओं की गहरी छाप दिखाई देती है। ऐसे आयोजनों के जरिए इन परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।लोकरंग पर्व के शुभारंभ अवसर पर संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, उपसंचालक श्री उमेश मिश्रा, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि मीर अली मीर, बॉलीवुड अभिनेत्री श्वेता पड्डा , वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार श्री दीपेंद्र दीवान, साहित्यकार श्री विजय मिश्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं कला-संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।तीन दिवसीय लोकरंग पर्व 8 सितंबर तक चलेगा। आगामी दिनों में भी छत्तीसगढ़ की विभिन्न लोकविधाओं से जुड़े कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन के माध्यम से रायपुरवासियों को प्रदेश की पारंपरिक लोककलाओं, लोकसंगीत, लोकगाथाओं और लोकनृत्यों की विविधता को करीब से देखने और सुनने का अवसर मिल रहा है। मुक्ताकाशी मंच पर सजी यह सांस्कृतिक संध्या छत्तीसगढ़ की उस लोकपरंपरा की तस्वीर प्रस्तुत कर रही है, जिसमें माटी की महक, लोकजीवन की सहजता और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत एक साथ दिखाई देती है।
- -राज्य के 1428 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को पीपीई किट वितरित, 1374 के आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए, 139 कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण-स्वच्छता कर्मियों हेतु आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए 47 ईआरएसयू और 14420 हेल्पलाइन का संचालन-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगरीय निकायों और विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई, कहा स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियां सर्वोच्च प्राथमिकतारायपुर.। सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE) योजना के अंतर्गत राज्यों के प्रदर्शन की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ के साथ आंध्रप्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से देश में पहले स्थान पर हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने इस उपलब्धि पर नगरीय निकायों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों व 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देकर जोखिमपूर्ण कार्यों को समाप्त करना और स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्य का वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के मशीनीकरण के लिए यहां किए जा रहे कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि स्वच्छता कर्मियों के सम्मान, सुरक्षित स्वच्छता व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य करने की ओर छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक 1487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वेक्षण कर 1465 कर्मियों का सत्यापन किया गया है। 169 नगरीय निकायों में 1428 कर्मियों को पीपीई (PPE) किट वितरित किए गए हैं और 1374 कर्मियों को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराया गया है। वहीं 139 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण तथा 923 स्वच्छता कर्मियों को कार्यशाला आयोजित कर सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल 14 जुलाई को राज्य के सभी नगरीय निकायों में 'नमस्ते' दिवस का आयोजन किया गया था, जिनमें 15 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने सहभागिता की थी। इन कार्यक्रमों में स्वच्छता कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण (OST), कर्मचारियों का सम्मान तथा पीपीई किट एवं आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए थे। 'नमस्ते' योजना के अंतर्गत वेस्ट पिकर्स के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में 8527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, जिनमें से 6799 का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें से 991 वेस्ट पिकर्स को पीपीई किट भी दिए जा चुके हैं। वहीं 512 वेस्ट पिकर्स को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। अभी 6287 और वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छता कर्मियों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में 47 ईआरएसयू (Emergency Response Sanitation Units) स्थापित किए गए हैं। 14 नगर निगमों, 24 जिला मुख्यालयों तथा 9 द्वितीय सर्वाधिक जनसंख्या वाले निकायों में ये ईआरएसयू स्थापित किए गए हैं। इनमें से 39 ईआरएसयू को सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं। ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के माध्यम से आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं के लिए त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित की जा रही है।राज्यों में 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन का मूल्यांकन 100 अंकों के निर्धारित पैमाने पर किया गया है। इसमें प्रोफाइल किए गए स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन के लिए 20 अंक, एसयूवाय (SUY) के माध्यम से मशीनीकरण के लिए 10 अंक, ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 अंक, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के लिए 20 अंक तथा स्वच्छता मृत्यु से संबंधित मामलों में प्रवर्तन, मुआवजा एवं जवाबदेही के लिए 30 अंक निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त स्वच्छता मृत्यु के मामलों में नकारात्मक अंक का भी प्रावधान है। निर्धारित मूल्यांकन मानकों के आधार पर छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से प्रथम रैंक हासिल की है।सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 से 'नमस्ते' योजना शुरू की गई है। इसमें स्वच्छता कार्यों का मशीनीकरण बढ़ाने, असुरक्षित एवं खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई की प्रथा को समाप्त करने तथा स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य (Zero Fatality) करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मी (SSW), कचरा बीनने वाले (Waste Pickers), नाली साफ करने वाले तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) एवं फ़ीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) में कार्यरत कर्मियों को शामिल किया गया है।योजना का क्रियान्वयन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) योजना की राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
- -जशपुर के रंजीता स्टेडियम में उमड़ा आस्था और उत्साह का सैलाब, गोविंदाओं ने दिखाया साहस और सामूहिक शक्ति-श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करें- राजेश अग्रवालरायपुर । भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, आस्था और उल्लास से सराबोर जशपुर के रंजीता स्टेडियम में आयोजित भव्य दही हांडी उत्सव में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सम्मिलित हुए। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं और गोविंदा टोलियों की मौजूदगी में उत्सव का उल्लास देखते ही बना। पूरे स्टेडियम परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने उत्सव में शामिल होकर श्रद्धालुओं और गोविंदाओं का उत्साहवर्धन किया तथा सभी को दही हांडी उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, करुणा, धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। दही हांडी जैसे पारंपरिक उत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के साथ समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।उत्सव का मुख्य आकर्षण गोविंदा टोलियों द्वारा दही हांडी फोड़ने का रोमांचक प्रदर्शन रहा। एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर ऊंचाई तक पहुंचते गोविंदाओं ने साहस, विश्वास, अनुशासन और सामूहिक प्रयास का शानदार परिचय दिया। दही हांडी फूटते ही पूरा स्टेडियम ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि दही हांडी केवल उत्सव और मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि सामूहिक शक्ति, सहयोग और विश्वास का प्रतीक है। जब समाज एकजुट होकर लक्ष्य की ओर आगे बढ़ता है, तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। गोविंदाओं की टोली का प्रत्येक सदस्य एक-दूसरे पर विश्वास करते हुए सामूहिक प्रयास करता है और यही एकजुटता समाज की सबसे बड़ी ताकत है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और विविधतापूर्ण धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों से है। दही हांडी जैसे उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।उन्होंने कहा, “हमारी संस्कृति हमारी पहचान है। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि इन परंपराओं को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।”उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश में समाज को सही दिशा देने की अद्भुत शक्ति है। प्रेम, सद्भाव, कर्तव्य और लोककल्याण के उनके आदर्श आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं।रंजीता स्टेडियम में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्सव में शामिल हुए। गोविंदाओं की टोलियों के प्रदर्शन के दौरान दर्शकों का उत्साह देखते ही बना।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा, “धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे अवसरों पर लोग अपने मतभेद भुलाकर एक साथ उत्सव मनाते हैं। इससे आपसी सद्भाव, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है। हमें भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर प्रेम, शांति और भाईचारे को आगे बढ़ाना चाहिए।”मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दही हांडी उत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, गोविंदा टोलियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।उन्होंने कहा कि जशपुर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराएं जिले की विशिष्ट पहचान हैं। ऐसे आयोजन जशपुर की सांस्कृतिक जीवंतता को प्रदेश और देश के सामने प्रस्तुत करने के साथ सामाजिक एकता को भी मजबूती प्रदान करते हैं।दही हांडी उत्सव के दौरान कृष्ण भक्ति से जुड़े गीतों और भजनों ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया। “तेरे नैना हेरत हेरत, माखन चुराए नंदलाल…” जैसे भक्ति भाव से वातावरण गूंजता रहा। उमंग, उल्लास और कृष्ण भक्ति से सजे इस भव्य उत्सव ने जशपुर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।
- -युवा किसान अंकित लकड़ा ने मछली पालन, मुर्गी पालन और बागवानी को जोड़कर तैयार किया एकीकृत कृषि मॉडल-प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिली 8 लाख रुपये की अनुदान सहायता, दो तालाबों में मछली पालन के साथ 1,000 से 1,200 मुर्गियों का कर रहे पालनरायपुर / खेती में बदलाव केवल नई तकनीक से नहीं, बल्कि नई सोच से भी आता है। जशपुर जिले के ग्राम रतबा के युवा किसान अंकित लकड़ा ने इस बात को अपनी मेहनत और नवाचार से साबित किया है। कभी केवल बारिश के भरोसे धान की खेती करने वाले अंकित ने आज अपने खेत को मछली पालन, मुर्गी पालन, बागवानी और बहुफसली खेती से जोड़कर आय के कई स्रोत तैयार कर लिए हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय के अवसर बढ़ाने के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अंकित को भी मिला है। योजनाओं से मिली सहायता और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने पारंपरिक खेती को आधुनिक और बहुआयामी कृषि मॉडल में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया है।अंकित लकड़ा बताते हैं कि पहले वे मुख्य रूप से बरसात के मौसम में धान की खेती करते थे। खेती से होने वाली आय को बढ़ाने के लिए उन्होंने कृषि और मत्स्य विभाग से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अपने खेत में दो तालाब तैयार कराए और मछली पालन शुरू किया।तालाब बनने के बाद उनके खेत की तस्वीर ही बदल गई। तालाब के पानी का उपयोग गर्मी के मौसम में सिंचाई के लिए होने लगा। इससे वे अब वर्षा ऋतु के अलावा गर्मी में भी खेती कर पा रहे हैं। साथ ही खेत में आम और लीची सहित विभिन्न फलदार पौधे लगाए गए हैं, जिससे आने वाले समय में बागवानी भी उनकी अतिरिक्त आय का माध्यम बनेगी।अंकित ने अपने दोनों तालाबों के ऊपर मुर्गी पालन के लिए शेड तैयार किया है। शेड की क्षमता करीब 1,000 से 1,200 मुर्गियों की है। उन्होंने मुर्गी पालन और मछली पालन को आपस में जोड़कर संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का तरीका अपनाया है।मुर्गियों से निकलने वाला अपशिष्ट तालाब में पहुंचकर मछलियों के लिए प्राकृतिक आहार के रूप में उपयोगी होता है। इससे मछली पालन में बाहरी आहार पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिलती है। इस तरह एक ही स्थान पर संचालित दो गतिविधियां एक-दूसरे को सहारा देती हैं और किसान को अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराती हैं।अंकित ने तालाब की मेड़ों पर आम सहित अन्य फलदार पौधे भी लगाए हैं। तालाब के पानी से इन पौधों की सिंचाई की जाती है। उनका कहना है कि मेड़ पर पेड़ लगाने से मिट्टी को मजबूती मिलती है और मेड़ के कटाव को रोकने में भी मदद मिलती है। वहीं आम और लीची जैसे फलदार पौधे भविष्य में अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनेंगे।इस प्रकार अंकित ने खेत के प्रत्येक हिस्से का उपयोग उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए किया है। तालाब उनके लिए केवल मछली पालन का साधन नहीं, बल्कि सिंचाई, बागवानी और मुर्गी पालन से जुड़ी गतिविधियों का आधार बन गया है।अंकित को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन के लिए शासकीय सहायता मिली। मत्स्य विभाग से उन्हें करीब 8 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई। इसके साथ पॉन्ड लाइनर, पॉलीथिन, बोर, मोटर और मछली आहार जैसी आवश्यक सामग्री की सुविधा भी मिली।शासकीय योजना से मिली सहायता ने उनके लिए मछली पालन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का रास्ता आसान किया। अंकित बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी और मार्गदर्शन से उन्हें आधुनिक तरीके से मत्स्य पालन करने में काफी मदद मिली।अंकित अब अपने खेत को केवल एक फसल तक सीमित नहीं रखते। मछली पालन और मुर्गी पालन के साथ वे अलग-अलग मौसम में विभिन्न फसलों की खेती और बागवानी कर रहे हैं। तालाब के पानी की उपलब्धता ने उन्हें गर्मी में भी खेती करने का अवसर दिया है।इस बहुआयामी मॉडल से उन्हें सालभर अपने खेत से उत्पादन प्राप्त करने और आय के अलग-अलग स्रोत विकसित करने का अवसर मिल रहा है। उनके खेत में कृषि के साथ पशु एवं मत्स्य आधारित गतिविधियों का समन्वय ग्रामीण क्षेत्रों में एकीकृत कृषि प्रणाली की उपयोगिता को भी दर्शाता है।अंकित लकड़ा की कहानी उन ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेती को केवल पारंपरिक तरीके से करने के बजाय इसे आधुनिक व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहते हैं। उनका अनुभव बताता है कि उपलब्ध भूमि और पानी जैसे संसाधनों का बेहतर नियोजन, शासकीय योजनाओं की जानकारी और मेहनत के साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।अंकित की पहल यह संदेश देती है कि खेती में नवाचार, योजनाओं का सही उपयोग और विभिन्न कृषि गतिविधियों का समन्वय किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम साबित हो सकता है। उनका खेत अब सिर्फ फसल उत्पादन की जगह नहीं, बल्कि ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक मिसाल बन गया है।
- शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षक हुए सम्मानितरायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका शिक्षक दिवस के अवसर पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि समय का सही उपयोग जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दौर इंटरनेट और तकनीक का दौर है तथा बच्चे तेजी से एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं को समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने समय में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से गुरु विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करते थे। समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परिश्रम करने वालों को निश्चित रूप से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए।राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ मिला है, उसके प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए तथा वर्तमान में रहकर जीवन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित होने से देश को जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में परिवार और शिक्षकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।इस अवसर पर आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ शिक्षकों के सम्मान, उनके अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।कार्यक्रम में संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसईसीएल के डायरेक्टर श्री बिरंची दास, श्री हिमांशु जैन, एसईसीएल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- 26वीं राज्य स्तरीय साल क्रीड़ा प्रतियोगिता का शानदार समापनप्रदेश के पांच संभागों के 845 खिलाड़ियों एवं 150 से अधिक ऑफिशियल ने लिया भागबिलासपुर/उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इन प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्रदान करने की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री श्री साव आज यहां 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल के मैदान में संघर्ष करने और पसीना बहाने वाले खिलाड़ी ही सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते हैं। उन्होंने कहा कि जो खेलेगा, वही खिलेगा। आज देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी खेल और खिलाड़ियों के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। खेलो इंडिया के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर भी मिला है। राज्य सरकार ने बंद हो चुके खेल अलंकरण को पुनः प्रारंभ करने के साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की है।श्री साव ने बताया कि गत 29 अगस्त को राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ 74 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के अंतर्गत इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से खेलों के विकास के साथ ही स्पोर्ट्स साइंस और खेल अधोसंरचना को भी मजबूत किया जाएगा।बिलासपुर संभाग बना ओवरऑल चौंपियन -26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों के 845 खिलाड़ियों एवं 150 से अधिक ऑफिशियल ने भाग लिया। चार दिवसीय प्रतियोगिता में बेसबॉल, तैराकी और वाटर पोलो की स्पर्धाएं आयोजित की गईं। बिलासपुर संभाग ने सभी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3800 अंकों के साथ ओवरऑल चौंपियन का खिताब अपने नाम किया।प्रतियोगिता का आयोजन बिलासपुर के संजय तरण पुष्कर एवं छत्तीसगढ़ स्कूल खेल मैदान में किया गया। समापन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया।शिक्षा के साथ खेल भी जरूरी : विधायक श्री अमर अग्रवालबिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि जीवन बहुआयामी है। शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना भी आवश्यक है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के विकास के लिए बनाई गई नीतियों का परिणाम है कि आज भारतीय खिलाड़ी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मे सरकार ने खेलों के लिए आधारभूत अधोसंरचना विकसित करने का कार्य किया है।खेल की प्रतिस्पर्धा भविष्य को बनाती है उज्ज्वल : विधायक श्री धरमलाल कौशिकबिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि खेल के माध्यम से छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा है और खेल के मैदान में होने वाली प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाती है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल के क्षेत्र में अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।समापन समारोह में मस्तुरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय,, श्री मोहित जायसवाल, श्री दीपक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री शिव कुमार बनर्जी, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर श्री अश्वनी कुमार भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती वर्षा शर्मा, सहायक संचालक क्रीड़ा श्री जी.डी. गर्ग, बीईओ बिल्हा श्री भूपेंद्र कौशिक, डॉ. सुरेश शुक्ला, श्री सुशील मिश्रा, श्री रितेश सिंह, श्री मृत्युंजय शर्मा, श्री अजय त्रिपाठी, श्री सुभाष त्रिपाठी, श्री प्रदीप पाण्डेय, श्री संदीप त्रिपाठी, श्री धीरेन्द्र पाठक, श्रीमती लीना शर्मा, श्रीमती निशा दुबे, श्रीमती सुयश दुबे, फरीदा बेगम, अमृता, मधु सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी एवं खेलप्रेमी उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन डॉ. भारती दुबे, मास्टर ऑफ सेरेमनी श्री आशीष मिश्रा एवं श्री शाहिद हुसैन ने किया। देवकीनंदन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई।
- बिलासपुर/बिलासपुर के तोरवा के डायमंड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने दमदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया। तेज स्मैश, शानदार कोर्ट कवरेज और आखिरी अंक तक जीत के लिए संघर्ष ने मुकाबलों को रोमांच से भर दिया। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन उनकी मेहनत, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन की ओर से आयोजित प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ उसे और निखारने का बेहतर अवसर देती हैं। मैदान पर खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और खेल कौशल देखकर स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन की प्रतिभाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं।श्री साव ने विजेता खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण निरंतर अभ्यास, अनुशासन और बेहतर करने की ललक है। ऐसी प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों का अनुभव मिलता है और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं।
- श्यामा श्याम धाम ट्रस्ट ने पत्रकारिता, समाजसेवा और बाल वीरता को किया सम्मानितदुर्ग/श्री श्यामा श्याम धाम ट्रस्ट उमरपोटी, दुर्ग द्वारा कृष्ण प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रदेशभर से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकारों को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के साथ समाजसेवा और बाल वीरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मान प्रदान किया गया।ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं राधा-कृष्ण मंदिर के प्रमुख सेवादार नंद कुमार कश्यप तथा विधायक ललित चंद्राकर ने सम्मानित पत्रकारों को सम्मान पत्र एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय पत्रकारों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।इन पत्रकारों का हुआ सम्मानउत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रशांत शर्मा, मंजूषा शर्मा, प्रकाश शर्मा, ब्रजेश चौबे, राम अवतार तिवारी, अरुण मिश्रा (दुर्ग), अनिल गुप्ता (भिलाई), मोहन तिवारी, देवीलाल साहु (दुर्ग), अमृता शर्मा, संदीप पुराणिक, वीरेन्द्र शर्मा एवं हाजी गौस मोहम्मद को सम्मानित किया गया।समाजसेवी राजेन्द्र निगम सम्मानितसमाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए राजेन्द्र कुमार निगम, अध्यक्ष कुलदीप निगम वृद्धाश्रम एवं संयुक्त सचिव छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद, रायपुर को सम्मान प्रदान किया गया। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की गई।बाल वीरता के लिए ओम उपाध्याय को विशेष सम्मानसमारोह में भिलाई निवासी बहादुर बालक ओम उपाध्याय को विशेष दिव्यांग वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी बहादुरी और साहस को देखते हुए ट्रस्ट की ओर से यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया।विधायक को भेंट किया स्मृति चिन्हसमारोह के समापन अवसर पर श्री श्यामा श्याम धाम ट्रस्ट की ओर से विधायक ललित चंद्राकर को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता, समाजसेवा एवं बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कृष्ण प्रकटोत्सव के धार्मिक आयोजन के साथ आयोजित सम्मान समारोह ने सामाजिक सरोकारों और सकारात्मक पत्रकारिता को एक मंच प्रदान किया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पत्रकारों की मौजूदगी से कार्यक्रम गरिमामय बना।
- बालोद. जिले के 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए 7 से 12 सितंबर तक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यदि आपके परिवार या आस-पड़ोस में कोई पात्र दिव्यांग बच्चा है, तो उसे इस शिविर का लाभ अवश्य दिलाएं।???? स्थान: समाज कल्याण विभाग परिसर, बालोद???? विशेष सुविधा: बच्चों को शिविर तक लाने और वापस ले जाने के लिए निःशुल्क बस व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।ज़रूरी दस्तावेज़ साथ लाएं: बच्चे का आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, पुराना प्रमाण पत्र (यदि नवीनीकरण कराना हो) और बैंक पासबुक। इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करें ताकि हर जरूरतमंद बच्चे तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंच सके। ????#Balod #CGSocialWelfare #Divyangjan #UDIDCard #BalodNews #SocialInitiative #Chhattisgarh
- बालोद. जिला रोजगार कार्यालय सिवनी (बालोद) में एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन होने जा रहा है। 3 बड़ी कंपनियां कुल 185 पदों पर सीधी भर्ती करेंगी।???? जरूरी विवरण:तारीख: 11 सितंबरस्थान: जिला रोजगार कार्यालय, सिवनी (बालोद)योग्यता: 10वीं, 12वीं पास, ITI, B.Sc. एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग और किसी भी संकाय में ग्रेजुएट (तकनीकी और गैर-तकनीकी पद)⚠️ शामिल होने के लिए: रोजगार विभाग के पोर्टल या अधिकृत ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है।#Balod #BalodUpdates #ChhattisgarhJobs #JobFair #RojgarMela #CGJobs #EmploymentAlert #BalodNews
- 0- हर महीने 20 हजार तक की आमदनीबालोद. सुदूर वनांचल में बसे ग्रामीणों के लिए कभी बैंक जाना और सरकारी योजनाओं की राशि निकालना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन बालोद जिले के डौंडी विकासखंड स्थित ग्राम नलकसा की करिश्मा ढीमर ने इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर ‘बैंक सखी’ बनीं करिश्मा आज वनांचल में घर-घर जाकर ग्रामीणों को वित्तीय सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।करिश्मा अपने और आसपास के लगभग आठ गांवों में बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं। वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, विकसित भारत जी राम जी जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि का भुगतान वे सीधे ग्रामीणों के दरवाजे पर माइक्रो एटीएम के जरिए करती हैं। नकद निकासी के अलावा बिजली बिल भुगतान, मोबाइल रिचार्ज और मनी ट्रांसफर जैसी सुविधाएं भी वे ग्रामीणों को उपलब्ध करा रही हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक के चक्कर काटने, लंबी कतारों में लगने और आवागमन में होने वाले खर्च व समय की बर्बादी से मुक्ति मिल गई है।करिश्मा की यह पहल न केवल ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुई है, बल्कि खुद उनके स्वावलंबन का बड़ा आधार बनी है। वे हर महीने औसतन 8 से 9 लाख रुपये का डिजिटल लेन-देन करती हैं। इससे उन्हें कमीशन के रूप में प्रतिमाह 18,000 से 20,000 रुपये तक की आमदनी हो रही है। इस आय से वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती से संभाल रही हैं और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।अपनी सफलता और ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आ रहे बदलाव से उत्साहित करिश्मा ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में चलाई जा रही योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा, "महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वाभिमान से जीने का अवसर देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद विष्णु भैया।"
- 0- अटल पंचायत VLE के प्रशिक्षण से शासकीय सेवाओं की ऑनलाइन राह हुई आसानरायपुर। किसी ग्रामीण नागरिक को आय प्रमाण पत्र, मूल निवास या जाति प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र बनवाना हो या गांव की स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता से जुड़ी समस्या दर्ज करानी हो, अब इन सेवाओं की ऑनलाइन प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही आसान हो गई है। सेवा सेतु पोर्टल और अटल पंचायत VLE इस बदलाव के महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिले में शासकीय सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सेवा सेतु पोर्टल पर नवीन ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी और उनकी प्रक्रिया से अटल पंचायत VLE को परिचित कराने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।प्रशिक्षण के दौरान VLE को पोर्टल पर सेवा चयन, ऑनलाइन आवेदन, आवश्यक दस्तावेजों की प्रविष्टि, आवेदन की जांच तथा नागरिकों को सेवा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया गया।प्रशिक्षण में आय प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, SC/ST प्रमाण पत्र, OBC प्रमाण पत्र, EWS प्रमाण पत्र और विवाह प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के साथ-साथ सफाई एवं स्वच्छता संबंधी समस्या, स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायत, व्यापार अनुज्ञप्ति (Trade License) और भूमि उपयोग संबंधी जानकारी जैसी स्थानीय सेवाओं को ऑनलाइन दर्ज कराने की प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया।अटल पंचायत VLE अब केवल ऑनलाइन आवेदन में सहयोग करने वाले माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल शासकीय सेवाओं से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध इस सुविधा से नागरिकों को घर के पास ही आवेदन करने में सहयोग मिल रहा है।सेवा सेतु पोर्टल पर लगातार नई सेवाओं को ऑनलाइन करने और VLE को प्रशिक्षित करने की यह पहल डिजिटल सुशासन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का प्रभावी प्रयास है।
- 0- मध्यप्रदेश की महंगी शराब सहित अवैध मदिरा बरामद, 03 प्रकरण दर्जरायपुर। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुष्क दिवस के दौरान अवैध शराब के परिवहन एवं बिक्री पर प्रभावी रोकथाम के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आबकारी विभाग, जिला रायपुर द्वारा सघन अभियान चलाया गया। अभियान के तहत विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 03 प्रकरण कायम किए तथा बड़ी मात्रा में अवैध मदिरा जब्त की।पहली कार्रवाई पाजी द पिंड ढाबा में की गई। यहां आरोपी ईशु पाल भसीन के आधिपत्य से होंडा WR-V कार में रखी विदेशी मदिरा बरामद की गई। इसमें विभिन्न ब्रांड की कुल 08 बोतल विदेशी मदिरा व्हिस्की जब्त की गई। बरामद मदिरा की कुल मात्रा 06 लीटर, कीमत 15,856 रुपये तथा वाहन की अनुमानित कीमत 6.50 लाख रुपये है। आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की गैर-जमानती धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।दूसरी कार्रवाई थाना खम्हारडीह अंतर्गत की गई, जहां आरोपी राजू मलिक के कब्जे से 21 पाव देशी मदिरा मसाला तथा 02 बोतल बीयर बरामद की गई। कुल 5.08 बल्क लीटर मदिरा की कीमत 2,580 रुपये आंकी गई। आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की गैर-जमानती धारा 34(2) के तहत कार्रवाई की गई।इसी क्रम में ग्राम सोनबेरी, थाना मंदिर हसौद क्षेत्र में आरोपी राहुल जांगड़े के आधिपत्य से 21 पाव रोमियो मसाला बरामद किया गया। कुल 3.78 बल्क लीटर मदिरा की कीमत 2,100 रुपये है। आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार शुष्क दिवस के दौरान अवैध मदिरा के परिवहन, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध आबकारी विभाग द्वारा सतत निगरानी एवं कार्रवाई की जा रही है।यह कार्रवाई उपायुक्त आबकारी श्री प्रवीण वर्मा के मार्गदर्शन पर सहायक जिला आबकारी अधिकारियों श्री अल्ताफ खान, श्री आशीष सिंह एवं श्री वैभव मित्तल तथा आबकारी उपनिरीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं श्री राहुल सिंह द्वारा की गई।
- 0- शिक्षक दिवस पर रायपुर नगर निगम की छह स्कूलों के 59 शिक्षक - शिक्षिकाओं को महापौर मीनल चौबे ने सभापति सूर्यकान्त राठौड़, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग अध्यक्ष नंदकिशोर साहू, पार्षदों सहित किया सम्मानित0- सेवानिवृत्त शिक्षिका श्रीमती मधु शर्मा की सेवाओं का किया गया सम्मान0- पार्षद श्रीमती अंजलि गोलछा, श्री कैलाश बेहरा, श्री महेश ध्रुव ने अपने शिक्षकों के चरणस्पर्श कर लिया आशीर्वादरायपुर. महान शिक्षक भारत गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयन्ती को शिक्षक दिवस के अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम की छह स्कूलों के 59 शिक्षक - शिक्षिकाओं को नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के चतुर्थ तल पर स्थित नगर निगम सामान्य सभा सभागार में महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग अध्यक्ष श्री नंदकिशोर साहू, जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा, श्रीमती ममता तिवारी, श्रीमती अंजलि गोलछा, सर्वश्री देवदत्त द्विवेदी, कैलाश बेहरा, राजेश कुमार देवांगन, महेश कुमार ध्रुव, एल्डरमैन सर्वश्री राजू राघवानी, अनिल सोनकर, बी. श्रीनिवास राव, नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त श्री जसदेव सिंह बाबरा, कार्यपालन अभियंता श्री गजराम कँवर, उपअभियंता सुश्री रुचिका मिश्रा की मंच पर उपस्थिति में श्रीफल, स्मृतिचिन्ह प्रदत्त कर सम्मानित किया.शिक्षक दिवस आयोजन में पार्षद श्रीमती अंजलि गोलछा ने अपनी शिक्षिका श्रीमती रचना तिवारी के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद लिया. पार्षद श्रीमती अंजलि गोलछा ने कहा कि वे आज जीवन में जो कुछ हैँ, वह उनकी स्कूल के दिनों की शिक्षिका श्रीमती रचना तिवारी जी द्वारा दिए गए संस्कारों के कारण से हैँ. पार्षद श्री महेश ध्रुव ने अपने स्कूल के दिनों के शिक्षक श्री यशवंत वर्मा के चरणस्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया इसी तरह पार्षद श्री कैलाश बेहरा ने स्कूल के दिनों के अपने शिक्षक का चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम की सेवानिवृत्त शिक्षिका श्रीमती मधु शर्मा की सेवाओं को श्रीफल एवं स्मृतिचिन्ह प्रदत्त कर सम्मानित किया. महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने शिक्षक दिवस कार्यक्रम का सुभारम्भ महान शिक्षक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मंच पर शिक्षक दिवस पर नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग अध्यक्ष श्री नंदकिशोर साहू और पार्षदगणों सहित नगर निगम स्कूल की व्यायाम शिक्षिका श्रीमती यामिनी शुक्ला, खमतराई स्कूल के प्राचार्य एवं नगर निगम स्कूल शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष श्री मृत्युंजय शुक्ला, नवीन सरस्वती कन्या शाला की प्राचार्या श्रीमती रचना तिवारी, डब्ल्यूआरएस स्कूल के प्राचार्य श्री प्रदीप भोई, श्रीमती ऋतू वर्मा, श्रीमती रितिका कुर्रे, श्रीमती संध्या तिवारी, श्री मनोज बोंगीवार, श्रीमती पूनम निहाल, श्रीमती सोनिया, श्री टार्जन ध्रुव, श्री जगन्नाथ यादव, श्रीमती शीतल, श्रीमती अर्चना महोबे, श्री यशवंत निर्मलकर, श्री देवेंद्र वर्मा, शिक्षक श्री यशवंत वर्मा, श्री मिथिलेश कुमार गौतम सहित नगर निगम की छह स्कूलों के 59 शिक्षक - शिक्षिकाओं को सम्मानित किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम स्कूलों के शिक्षक - शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस पर हार्दिक शुभकामनायें दीं. महापौर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में शिक्षकों का सदैव सम्मान किया जाता है. शिक्षक नौनिहालों का भविष्य गढ़ने का कार्य करते हैँ. महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष श्री मृत्युंजय शुक्ला से शिक्षकों सहित नगर निगम मुख्यालय के अधिकारियों से मिलकर नगर निगम स्कूलों के शिक्षकों की समस्याओं की जानकारी देकर उनसे चर्चा करने कहा. महापौर ने कहा कि वे अधिकारियों से इसमें चर्चा कर नगर निगम स्तर की समस्याओं का समाधान नगर निगम स्तर पर करवाने शीघ्र प्रयास करेंगी, वहीं नियमानुसार जिन समस्याओं का समाधान राज्य शासन को करना है, उन्हें एमआईसी की बैठक में रखवाकर राज्य शासन को प्रकरण नियमानुसार निर्देश प्राप्त करने हेतु भेजने की कार्रवाई की जाएगी.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर नगर निगम में सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट की जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान जनप्रतिनिधियों के लिए प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि उन्हें नगर निगम रायपुर की स्कूलों के सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की क्षमताओं पर विश्वास है. उनकी समस्याओं को सुनकर नियमानुसार समाधान के प्रयास प्रक्रिया के अंतर्गत उनके द्वारा अधिकारियों से जानकारी लेकर की जाएगी.खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग अध्यक्ष श्री नंदकिशोर साहू ने नगर निगम स्कूलों के शिक्षक - शिक्षिकाओं के कार्यों की सराहना की और उन्हें शिक्षक दिवस पर हार्दिक बधाई दी. उन्होंने कहा कि वे नगर निगम की स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षिकाओं की समस्याओं को महापौर श्रीमती मीनल चौबे और एमआईसी सदस्यों को अवगत करवाकर चर्चा कर उनका समाधान करने एमआईसी की बैठक में नियमानुसार चर्चा कर समाधान करवाने प्रयास करेंगे.कार्यक्रम में शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष श्री मृत्युंजय शुक्ला ने अवगत करवाया और उनका समाधान करवाने का महापौर श्रीमती मीनल चौबे से विनम्र अनुरोध किया. कार्यक्रम का संचालन शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष श्री मृत्युंजय शुक्ला और अंत में आभार प्रदर्शन उपायुक्त श्री जसदेव सिंह बाबरा ने किया.
- 0- चालू राजस्व वर्ष में अब तक 105 ग्रामों के 20,602 हितग्राहियों को सौंपे गए ई-अधिकार अभिलेख0- जीआईएस और ड्रोन तकनीक से पारदर्शी भू-मापन के जरिए सीमा विवादों का होगा स्थायी समाधान0- ग्रामीणों को मिल रहा कानूनी स्वामित्व हक, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही है गतिदुर्ग. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि के पारदर्शी भू-मापन और ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी हक दिलाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अभिजित सिंह के मार्गदर्शन में दुर्ग जिले में 'स्वामित्व योजना' का क्रियान्वयन व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई इस महत्वाकांक्षी योजना को राज्य शासन की मान्यता के तहत छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 67 के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आबादी भूमि का जीआईएस प्रणाली और ड्रोन तकनीक के माध्यम से सटीक सर्वेक्षण कर अधिकार अभिलेख तैयार करना है, जिससे ग्रामीण संपत्तिधारकों को भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र प्रदान किया जा सके।योजना के सफल संचालन और अंतिम प्रकाशन के अंतर्गत दुर्ग जिले की विभिन्न तहसीलों के ग्रामों को शामिल किया गया है। इस क्रम में जिला दुर्ग के अंतर्गत विभिन्न तहसीलों के ग्राम शामिल हैं, जिसमें तहसील दुर्ग के अंतर्गत ग्राम दमोदा, चिरपोटी, कुठेलाभाठा, कातरो, खाड़ा, नगपुरा, बेलोदी, मालूद, भटगांव, खपरी, खेदामारा, बासीन, झेंझरी, भरदा, कुथरेल, कोनारी, अछोटी, अण्डा एवं गनियारी शामिल हैं। वहीं तहसील बोरी के अंतर्गत ग्राम गाड़ाडीह, चिखला, चीचा, टेकापार, टेमरी, डोडकी, डोमा, तुमाखुर्द, देउरकोना, दनिया, पथरिया, पुरदा, परसदा, परसदाखुर्द, पोटिया, फुण्डा, बिरेझर, बोरीबुजर्ग, मड़ियापार, सुखरीकला, सेवती, सिलतरा, हसदा, हिरीं, करेली, लिटिया, नवागांव, रौता, सेमरिया, जोगीगुफा, खर्रा एवं अरसी को शामिल किया गया है।इसी प्रकार तहसील पाटन के अंतर्गत ग्राम उफरा, आँधी, औरी, करेला, कोपेडीह, खोला, गबदी, घुघवा, जमराव, डगनिया, दरबारमोखली, नारधी, पुनईडीह, पन्दर, परसाही, पाहंदा, फंडा, बासीन, बोरवाय, बोहारडीह, मटिया, मोहभट्ठा, रूही, मानिकचौरी, कापसी, मोतीपुर, बटंग, औरी, भांठागांव, जामगांव (एम), गोड़पेन्ड्री, छाटा, गाडाडीह, बोदल, मटंग, ठकुराईनटोला, सिनकोन्हा, धमना, चारभाठा, भैंसबोड, मुडपार, महकाकला, चुनकट्टा, भरर, भनसुली, कुरूदडीह, गुढियारी, आमालोरी, कानाकोट, बोरेन्दा, खम्हरिया, महुदा, कौही, चंगोरी, सांकरा, जांमगांव (आर) एवं देवादा शामिल हैं। तहसील धमधा के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में अकोली, कन्हारपुरी, करेली, दानीकोकड़ी, दारगांव, नंदेली, पैंड्रावन, पेंडरी, पड़ोरा, परसूली, बसनी, बिरझापुर, महाराजपुर, मोतिमपुर, सुखरीखुर्द, सिल्ली, घसरा, गोरपा, ठेलका, रूहा, राजपुर, गोबरा, साल्हेखुर्द, गाडाधार, धूमा, खिलोराखुर्द, खैरझिटी, जाताघर्रा, बिरेभाठ, देवरी, हिरेतरा, भरनी, तरकोरी, रौंदा, सोनेसरार, छिराही, सिरनाभाठा, रक्सा, डगनिया, मुडपार, राहटादाह, तितुरघाट, परसकोल, कुटहा, नवागांव, खिलौराकला, पेण्डरीतराई, कोकडी एवं पेंडरी को सम्मिलित किया गया है। इसके अलावा तहसील अहिवारा के अंतर्गत ग्राम कंडरका, करहीडीह, घटियाखुर्द, डूमर, देऊरझाल, धिकुड़िया, नंदिनी खंदनी, पथरिया, परसदा, पोटिया, मलपुरीखुर्द, सण्डी, मुर्रा, सेमरिया, नंदौरी, रिंगनी, सुरजीडीह, अछोटी, पिटौरा, अहेरी, ढौर, ओटेबंध, मुडपार, मेडेसरा, सहगांव, सगनी, हिगनाडीह एवं कोडिया शामिल हैं।उल्लेखनीय है कि राजस्व विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग, देहरादून द्वारा संयुक्त रूप से इस सर्वेक्षण कार्य को पूरा किया जा रहा है। इसके तहत सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा ड्रोन के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्र का इमेजरी एकत्र कर ऑर्थाे रेक्टिफिकेशन प्रोसेस किया जाता है, जिसके बाद डिजिटल प्रारूप नक्शा तैयार कर ई-अधिकार अभिलेख जारी किए जाते हैं। योजना के अंतर्गत यदि आबादी क्षेत्र के समीप दखलरहित भूमि पर बसाहटें हैं, तो कलेक्टर द्वारा संहिता की धारा 243 के तहत उसे आबादी भूमि घोषित करने की कार्यवाही की जाती है।ज्ञात हो कि योजना के शुभारंभ से लेकर अब तक दुर्ग जिले में समग्र रूप से कुल 187 ग्रामों के 38,690 हितग्राहियों का अधिकार अभिलेख प्रकाशित किए जा चुके हैं। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, तहसील पाटन के 58 ग्रामों के 13,874 हितग्राही, धमधा तहसील के 49 ग्रामों के 6,482 हितग्राही, बोरी तहसील के 32 ग्रामों के 6,707 हितग्राही, अहिवारा तहसील के 29 ग्रामों के 5,746 हितग्राही तथा दुर्ग तहसील के 19 ग्रामों के 5,881 हितग्राही अब तक इस योजना से शामिल हैं। वहीं केवल चालू राजस्व वर्ष (01 अक्टूबर 2025 से अब तक) के आंकड़ों के अनुसार, जिले की 5 तहसीलों के कुल 105 ग्रामों में 20,602 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण सफलतापूर्वक किया गया है। इसमें तहसील पाटन के 34 ग्रामों के 7,920 हितग्राही, धमधा के 33 ग्रामों के 3,569 हितग्राही, अहिवारा के 17 ग्रामों के 3,851 हितग्राही, दुर्ग के 13 ग्रामों के 3,527 हितग्राही तथा बोरी तहसील के 8 ग्रामों के 1,735 हितग्राही शामिल हैं। इस योजना से ग्राम पंचायतों का संपत्ति रजिस्टर तैयार होगा जिससे उनकी स्थायी आय में वृद्धि होगी और संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी। साथ ही ग्रामीण जन अपनी संपत्ति के प्रामाणिक दस्तावेज के आधार पर बैंकों से आसानी से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन हेतु ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें ग्रामीणों द्वारा सचिव एवं पटवारी को अपनी संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराया जा रहा है।
- 0- एआईसी एवं ईआईएल के सीएसआर मद से एलिम्को जबलपुर द्वारा आयोजित होंगे शिविरदुर्ग. जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग दुर्ग के सहयोग से जिले के दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण प्रदान करने हेतु मूल्यांकन, परीक्षण एवं चिन्हांकन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर एग्रीकल्चर इन्श्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) तथा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) की निगमित सामाजिक दायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), जबलपुर के माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। उप संचालक समाज कल्याण से प्राप्त जानकारी अनुसार शिविरों का आयोजन दो पृथक-पृथक चरणों में तिथिवार एवं क्षेत्रवार किया जाएगा।प्रथम चरण में एग्रीकल्चर इन्श्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) के सौजन्य से दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों दोनों के लिए मूल्यांकन शिविर आयोजित होंगे। इसके तहत 06 सितंबर 2026 को सुपेला भिलाई स्थित भक्त माता कर्मा सांस्कृतिक भवन (लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय के पास) में शिविर लगेगा, जिसमें नगर पालिक निगम दुर्ग, भिलाई एवं जनपद पंचायत दुर्ग के समस्त ग्राम पंचायत शामिल होंगे। इसके पश्चात 07 सितंबर 2026 को मंगल भवन (नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा के पीछे) में शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा, नगर पालिका परिषद कुम्हारी, जामुल, अहिवारा, नगर पंचायत धमधा एवं जनपद पंचायत धमधा के समस्त ग्राम पंचायत शामिल होंगे। वहीं 08 सितंबर 2026 को नगर पालिक निगम रिसाली के सभागार में शिविर होगा, जिसमें नगर पालिक निगम रिसाली, नगर पंचायत पाटन, जनपद पंचायत पाटन, नगर पालिका परिषद अमलेश्वर एवं नगर पंचायत उतई क्षेत्र के हितग्राही सम्मिलित होंगे।द्वितीय चरण में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) के सहयोग से केवल दिव्यांगजनों के लिए मूल्यांकन शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस क्रम में 15 सितंबर 2026 को भीमराव अम्बेडकर भवन (बाजार चौक, धमधा) में शिविर लगेगा, जिसमें नगर पालिका परिषद कुम्हारी, जामुल, अहिवारा, नगर पंचायत धमधा एवं जनपद पंचायत धमधा के समस्त ग्राम पंचायत शामिल होंगे। इसके बाद 16 सितंबर 2026 को सामुदायिक देवांगन भवन (पंदर रोड, पाटन) में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा, नगर पंचायत पाटन, जनपद पंचायत पाटन, नगर पालिका परिषद अमलेश्वर एवं नगर पंचायत उतई के क्षेत्र सम्मिलित होंगे। चरण के अंतिम दिन 17 सितंबर 2026 को स्वामी विवेकानंद भवन (जेल तिराहा चौक, पदमनाभपुर, दुर्ग) में शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें नगर पालिक निगम दुर्ग, भिलाई, रिसाली तथा जनपद पंचायत दुर्ग के समस्त ग्राम पंचायत के दिव्यांगजन शामिल हो सकेंगे। सभी शिविरों का समय प्रातः 10:00 बजे से शाम 04:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।शिविर में आने वाले पात्र दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड की छायाप्रति, आधार कार्ड की छायाप्रति, पार्षद या सरपंच द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र तथा दिव्यांगता दर्शाती हुई दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा। वहीं वरिष्ठजनों को आधार कार्ड की छायाप्रति, आय प्रमाण पत्र एवं दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना होगा। इन शिविरों में ऐसे हितग्राही भी पात्र होंगे जिन्हें एलिम्को द्वारा पूर्व में मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदान किए 5 वर्ष तथा ट्रायसायकल या अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए 3 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, या जो पूर्व के शिविरों में छूट गए थे। शिविर में केवल चिन्हांकन की कार्यवाही की जाएगी और तत्पश्चात एलिम्को द्वारा पृथक से वितरण शिविर लगाकर सहायक उपकरणों का वितरण किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के पात्र हितग्राहियों को शिविर तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
- दुर्ग. धान खरीदी के लिए किसानों का शत-प्रतिशत एग्रीस्टेक पंजीयन कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंगलवार, 01 सितम्बर 2026 को कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में पीडब्ल्यूडी सभाकक्ष में आयोजित बैठक में एग्रीस्टेक एवं बकेट क्लेम में किसानों के पंजीयन के संबंध में सभी अनुविभागीय अधिकारियों, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, अधिकक्षक भू-अभिलेख एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से सम्बद्ध सेवा सहकारी समितियों के संमिति प्रबंधक / प्रभारियो की समीक्षा बैटक ली गई। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट किया है कि बिना एग्रीस्टेक पंजीयन धान नहीं बिकेगा, सह खातेदारों का भी पंजीयन होना भी आवश्यक है। उन्होने कहा कि इस वर्ष 2026-27 में धान बिकी के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन एवं सह-खातेदारों का बकेट क्लेम (सहमति सत्यापन) अनिवार्य रहेगा।बकेट क्लेम तब बनता है जब किसी कृषि भूमि में एक से अधिक हिस्सेदारी होती है। प्रत्येक हिस्सेदार के नाम से बकेट आईडी बनती है, जिसे एग्रीस्टेक में पंजीयन कराना आवश्यक है। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिये हैं कि बकेट क्लेम और किसानों के पंजीयन का कार्य समय-सीमा में पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित कर सह खातेदारों का सत्यापन, सहमति और पंजीयन प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा । इस वर्ष संस्थागत छूट को भी समाप्त कर दिया गया है, इस संबंध में भी दुर्ग कलेक्टर श्री सिंह ने बताया है कि पिछले वर्षों में संस्थागत पंजीयन वाले किसानों को जो विशेष छूट दी गई थी, उसे इस वर्ष समाप्त कर दिया गया है।संस्थागत सहित सभी श्रेणियों के किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है। जिन किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन नही होगा, वे किसान धान बिकी से वंचित रह जायेगें। यदि किसी किसान अथवा संस्था धान नही बेचना चाहते, ऐसे किसान अथवा संस्था से लिखित घोषणा पत्र लिये जाने का निर्देश दिया गया है। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा समिति प्रबंधक / प्रभारी एवं संबंधित अमले को सभी लंबित बकेट क्लेम का कार्य समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने निर्देशित किया गया। एग्रीस्टेक में बकेट क्लेम के पंजीयन हेतु समिति के प्रबंधक / प्रभारी के सहयोग हेतु कृषि विस्तार अधिकारी एवं जिले के पटवारियों को भी निर्देश प्राप्त हुये हैं कि उक्त कार्य में समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर पंजीयन का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाए । जिले में एग्रीस्टेक पंजीयन प्रगति पर है, जिसकी समीक्षा साप्ताहिक की जा रही है।
- दुर्ग. जिले में 1 जून 2026 से 05 सितम्बर 2026 तक 699.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 913.2 मिमी तहसील पाटन में तथा न्यूनतम 500.8 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 824.7 मिमी, तहसील बोरी में 637.5 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 750.1 मिमी और तहसील अहिवारा में 569.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 05 सितम्बर 2026 को तहसील दुर्ग में 3.8 मिमी, तहसील धमधा में 0.0 मिमी, तहसील पाटन में 0.1 मिमी, तहसील बोरी में 0.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 0.0 मिमी और तहसील अहिवारा में 0.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।




























