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- -लंबित 20 हजार रुपए का मिला भुगतान-शिकायत पर त्वरित कार्यवाही, समाधान से आवेदक के चहरे में दिखी खुशी की लहरमुंगेली। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण का सशक्त माध्यम बन रही है। जिले में हेल्पलाइन पर दर्ज एक शिकायत के समाधान के बाद आवेदक संतोष साहू को उनके द्वारा 06-07 माह पूर्व किए गए सड़क निर्माण कार्य की 20 हजार रुपए की लंबित राशि का भुगतान प्राप्त हुआ। राशि मिलने से संतोष के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने प्रशासन की सक्रियता की सराहना की। ग्राम पंचायत टेढ़ाधौंरा के संतोष साहू ने छत्तीसगढ़ राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत सड़क निर्माण में कार्य किया था। कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान प्राप्त नहीं होने से वे परेशान थे। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत प्राप्त होते ही जिला पंचायत स्तर से प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही शुरू की गई। निर्माण एजेंसी एवं ग्राम पंचायत के सरपंच से संपर्क कर मामले की जांच की गई। इसके बाद संतोष साहू को उनकी लंबित 20 हजार रुपए की राशि का भुगतान सुनिश्चित कराया गया। भुगतान की राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। लंबे समय से अटके भुगतान के मिलने पर संतोष साहू ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद प्रशासन ने उनकी समस्या पर तत्परता से कार्यवाही की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 जनसमस्याओं के समाधान और प्रशासन को आम नागरिकों से सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। शिकायत पर संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही से आवेदकों की समस्या का समाधान होने के साथ ही शासन की जवाबदेह और जनहितैषी कार्यप्रणाली पर विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
- -वैज्ञानिक पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा, 8 ग्राम पंचायतों में स्वीकृत हुए आधुनिक बकरी शेडरायगढ़ । ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि तथा वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले की 8 ग्राम पंचायतों में वीबी-जीराम जी अंतर्गत लगभग 3 लाख रुपये प्रति इकाई की लागत से आधुनिक बकरी पालन शेड स्वीकृत किए गए हैं। यह पहल ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी तथा ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक बनेगी।ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन उचित शेड, स्वच्छता, चारे की व्यवस्था और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के अभाव में पशुओं में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित बकरी पालन मॉडल विकसित किया जा रहा है। स्वीकृत शेड ऊंचे एवं सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर निर्मित किए जाएंगे, जिनमें पर्याप्त वेंटिलेशन, स्वच्छता तथा पशुओं के सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्था होगी। इससे पशुओं को वर्षा, गर्मी एवं अन्य प्रतिकूल मौसम से सुरक्षा मिलेगी तथा संक्रमण और रोगों की संभावना में कमी आएगी। आधुनिक संरचना के कारण पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादन क्षमता में भी सुधार होगा।इस मॉडल के अंतर्गत बकरी पालन को केवल पशुपालन गतिविधि तक सीमित न रखकर आजीविका संवर्धन के व्यापक दृष्टिकोण से विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से हरे चारे की उपलब्धता, पूरक आहार, नियमित टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। बकरी के दूध, खाद एवं अन्य उत्पादों से अतिरिक्त आय के अवसर भी विकसित होंगे। विशेष बात यह है कि स्वीकृत शेड केवल बकरी पालन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इनके नीचे देशी मुर्गी पालन की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इससे हितग्राहियों को एक ही परिसर में बकरी एवं मुर्गी पालन का लाभ मिलेगा, जिससे आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार होंगे। बकरी के दूध और खाद के साथ-साथ अंडा एवं मुर्गी उत्पादन से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी।विशेषज्ञों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से संचालित बकरी पालन इकाइयों से पशु मृत्यु दर में कमी आएगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी तथा पशुपालकों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित करेगी। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि हितग्राहियों को आधुनिक एवं टिकाऊ बकरी पालन संरचना का लाभ मिल सके। मनरेगा के माध्यम से तैयार हो रही यह पहल स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी तथा आने वाले समय में जिले में समेकित पशुपालन मॉडल के रूप में नई पहचान स्थापित करेगी।
- -साइबर सुरक्षा, आत्मरक्षा, बाल अधिकार और महिला कल्याण योजनाओं पर प्रदेशभर में बढ़ रहा जनजागरूकता अभियानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के विकासखंड भैयाथान स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंगौटी में जागरूकता शिविर आयोजित कर छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।आयोजित शिविर में विशेषज्ञों ने छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा के व्यावहारिक उपाय बताए। साथ ही बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 के उपयोग की जानकारी दी गई।शिविर में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों के साथ घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, मासिक धर्म स्वच्छता, वित्तीय साक्षरता तथा महिला सुरक्षा पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित विभिन्न सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।कार्यक्रम के दौरान नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना तथा सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी महिला एवं बालिका हितैषी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र हितग्राहियों को इनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।बाल संरक्षण अधिकारियों ने बाल विवाह के दुष्परिणाम, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों तथा यातायात सुरक्षा नियमों पर भी विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने छात्राओं से किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या शोषण की आशंका होने पर तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर संपर्क करने की अपील की।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित ऐसे जागरूकता शिविरों के माध्यम से प्रदेशभर में बालिकाओं में आत्मविश्वास, कानूनी जागरूकता और सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
- -उद्योगों को 8,950 पीपल के पौधे लगाने की जिम्मेदारी-रायगढ़ व धरमजयगढ़ वनमंडलों में 3.43 लाख से अधिक पौधों का रोपण, उद्योगों और कंपनियों की होगी सतत मॉनिटरिंगरायपुर। सक्रिय मानसून के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से राज्य शासन की महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘एक पेड़ माँ के नाम’ महाअभियान के तहत व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। अभियान को प्रभावी और परिणाममुखी बनाने के लिए रायगढ़ जिले के कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में संचालित वृक्षारोपण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन होनी चाहिए। उन्होंने अभियान में जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं, विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं तथा जागरूक नागरिकों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक रोपा गया पौधा आने वाले वर्षों में जिले की हरित पहचान बने।बैठक में वन मंडलाधिकारी ने बताया कि जिले के रायगढ़ वनमंडल एवं धरमजयगढ़ वनमंडल द्वारा वर्षा ऋतु 2026 के लिए वृहद कार्ययोजना तैयार कर अभियान को गति दी जा रही है। वन विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणियों के वृक्षारोपण के साथ पौधों की सुरक्षा और जीवितता सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।रायगढ़ वनमंडल के अंतर्गत रायगढ़, खरसिया, घरघोड़ा एवं तमनार परिक्षेत्र के कुल 27 स्थलों में लगभग 448.49 हेक्टेयर क्षेत्र में 3 लाख 43 हजार 212 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह कार्य राज्य कैम्पा मद के अंतर्गत संपादित होगा। वृक्षारोपण के लिए वन विभाग की हाईटेक रोपणियों में सागौन, जामुन, बेल, अर्जुन, आँवला, नीम सहित स्थानीय जलवायु के अनुरूप विभिन्न प्रजातियों के गुणवत्तायुक्त पौधे तैयार किए गए हैं।अभियान के अंतर्गत क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण, सेफ्टी जोन ब्लॉक वृक्षारोपण, ट्रांसमिशन लाइन के नीचे बौनी प्रजातियों का रोपण तथा वन्यप्राणी एवं पक्षी संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष वृक्षारोपण भी किया जाएगा। प्रत्येक स्थल पर रोपण प्रभारी एवं सहायक प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जो पौधों की सुरक्षा, देखभाल एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करेंगे।वन विभाग द्वारा संचालित किसान वृक्ष मित्र योजना के माध्यम से निजी भूमि पर भी वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष वनमंडल के 44 कृषकों द्वारा लगभग 83.11 एकड़ भूमि पर साधारण सागौन, बांस एवं क्लोनल नीलगिरी के 50 हजार 118 पौधे लगाए जाएंगे। इससे किसानों को भविष्य में अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा तथा पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।इसी कड़ी में कलेक्टर ने जिले में स्थापित सभी बड़े उद्योगों एवं कंपनियों को भी पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम से जोड़ते हुए उनके परिसरों एवं आसपास के क्षेत्रों में पीपल के पौधों का वृहद स्तर पर रोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी जिला पर्यावरण विभाग को सौंपी गई है। विभाग द्वारा पौधों के वितरण से लेकर उनके रोपण एवं संरक्षण तक की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले की विभिन्न शासकीय उद्यान रोपणियों में पीपल के पौधे तैयार कर उद्योगों एवं कंपनियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शासकीय उद्यान रोपणी बोईरदादर से 3,200, घरघोड़ा स्थित संजय निकुंज उद्यान रोपणी से 1,250, कंजारा (लैलूंगा) रोपणी से 3,700 तथा धरमजयगढ़ रोपणी से 800 पौधों का वितरण किया जा रहा है। इस प्रकार जिले में कुल 8 हजार 950 पीपल के पौधे उद्योगों एवं कंपनियों द्वारा लगाए जाएंगे।इस अभियान में जिले की प्रमुख औद्योगिक इकाइयाँ एवं सार्वजनिक उपक्रम सक्रिय रूप से भागीदारी निभाएंगे। इनमें जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, जिंदल पावर लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू स्टील, एनटीपीसी, अडानी पावर, एमएसपी स्टील एंड पावर, नलवा स्टील एंड पावर, शाकंभरी स्टील्स, एनआर इस्पात एंड पावर, सिंघल एनर्जी, सालासार स्टील एंड पावर, अंजनी स्टील्स, रायगढ़ इस्पात एंड पावर, स्केनिया स्टील एंड पावर्स, अंबुजा सीमेंट्स, सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स, हिण्डाल्को इंडस्ट्रीज, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी, एसईसीएल सहित जिले की अनेक औद्योगिक एवं खनन इकाइयाँ शामिल हैं, जिन्हें संबंधित उद्यान रोपणियों से पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।कलेक्टर ने संबंधित विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि पौधारोपण केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे के संरक्षण, नियमित देखभाल और जीवित रहने की दर की भी लगातार समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों और संबंधित उद्योगों को निर्देशित किया कि अभियान को जनसहभागिता से जोड़ते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण का स्थायी जनआंदोलन बनाया जाए। वनमंडलाधिकारी ने जिले के नागरिकों, किसानों, जनप्रतिनिधियों, शैक्षणिक संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें, अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उन्हें संरक्षित कर हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-संतुलित रायगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
- - साय सरकार के सुशासन में को मिली आर्थिक मजबूती-डिजिटल एवं पारदर्शी व्यवस्था से सीधे खातों में अंतरित हुई प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि, वनवासी परिवारों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला नया संबलरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वनवासी एवं तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का ऑनलाइन भुगतान किया गया। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरवाही वनमंडल अंतर्गत पेण्ड्रारोड जिला लघु वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से 9 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के 10 हजार 160 हितग्राहियों के बैंक खातों में 1 करोड़ 39 लाख 36 हजार 718 रुपये की राशि एमएफपी कलेक्शन एंड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से सीधे अंतरित की गई।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वनवासी समुदायों की आजीविका को सुदृढ़ करने, उन्हें समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जिले में 6593 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण के आधार पर बोनस राशि का वितरण किया गया। पूरी भुगतान प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी माध्यम से संपन्न होने से हितग्राहियों को बिना किसी विलंब के सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्राप्त हुई, जिससे संग्राहकों में प्रसन्नता का वातावरण है।वनमंडल अधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक श्रीमती ग्रीष्मी चांद के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान से हजारों वनवासी परिवारों को आर्थिक राहत मिली है। प्राप्त बोनस राशि का उपयोग हितग्राही कृषि कार्यों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यक घरेलू जरूरतों की पूर्ति में कर सकेंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए पारिश्रमिक का भुगतान 4 हजार रुपये प्रति मानक बोरा की दर से पहले ही किया जा चुका था। अब प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि के भुगतान से तेन्दूपत्ता संग्राहकों को अतिरिक्त आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है। इससे न केवल वनवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं हितग्राही-केंद्रित नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से बोनस राशि उपलब्ध कराना इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है, जो वनवासी समुदाय के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय जोड़ रहा है।
- -महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, त्वरित न्याय और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्परायपुर / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियुक्त डॉ. ममता साहू ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया।शास्त्री चौक स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में उन्होंने कार्यभार संभालते हुए महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण, उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण तथा महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. ममता साहू ने आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया और सभी से समर्पण, पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की। उन्होंने आयोग के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने, उनकी शिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण तथा उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि आयोग महिलाओं के हितों से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करेगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, नगर निगम रायपुर के पार्षद महेश ध्रुव, दुर्गेश राव, श्रीमती रजनी शेंगडे, जितेन्द्र साहू, कृष्णा साहू, श्रीमती सीमा डहरिया, गीतेश साहू सहित आयोग के सचिव, सहायक संचालक, लेखाधिकारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -दीदियों के हुनर ने जीता जनप्रतिनिधियों का दिलरायपुर। अरक (अथवा अरवा) चावल बिना उबाले (कच्चे) धान से तैयार किया गया चावल है। यह अपनी प्राकृतिक सुगंध, खिले हुए दानों और पोषक तत्वों के लिए जाना जाता है। पारंपरिक खेती के तरीकों से उगाए जाने वाले इन चावलों में एक खास सुगंध होती है जो पकने के दौरान पूरी रसोई को महका देती है।नारायणपुर के घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसी अबूझमाड़ की सदियों पुरानी पाक संस्कृति ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के गलियारों में अपनी अनूठी छाप छोड़ी। विधानसभा परिसर में आयोजित एक विशेष खाद्य प्रदर्शनी में जब जनप्रतिनिधियों के सामने अबूझमाड़ के पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन परोसे गए, तो हर कोई इस समृद्ध विरासत का मुरीद हो गया। यह आयोजन केवल व्यंजनों का प्रदर्शन मात्र नहीं था, बल्कि नारायणपुर की जनजातीय संस्कृति, स्थानीय कृषि उत्पादों और महिला सशक्तिकरण की एक शानदार सफलता की कहानी है।इस विशेष आयोजन में सबसे बड़ा आकर्षण रहा अबूझमाड़ का पारंपरिक श्अरक चावलश्। हल्के पीले रंग और अपनी भीनी-भीनी प्राकृतिक खुशबू के लिए पहचाने जाने वाले इस चावल से बनी खीर ने विधानसभा में मौजूद सभी मंत्रियों, विधायकों और अतिथियों का दिल जीत लिया।इस खीर का स्वाद चखने के बाद जनप्रतिनिधियों ने इसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की और इसे छत्तीसगढ़ की एक अनमोल और दुर्लभ खाद्य धरोहर बताया।अबूझमाड़ के इन पारंपरिक स्वादों को सुदूर अंचलों से निकालकर राज्य के शीर्ष सदन तक पहुँचाने का यह सफर आसान नहीं था। इस पूरी पहल को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन मंत्री श्री केदार कश्यप और नारायणपुर कलेक्टर,जिनके मार्गदर्शन और दूरदर्शी प्रयासों ने इस आयोजन को एक बड़े मंच पर स्थापित किया।इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को तो प्रदर्शित किया ही, साथ ही स्थानीय महिलाओं के कौशल और आत्मनिर्भरता को भी एक नया आयाम दिया है। स्व-सहायता समूह की दीदियों ने अपनी कड़ी मेहनत से साबित कर दिखाया कि यदि सही मंच मिले, तो वनांचल के पारंपरिक ज्ञान को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा सकता है। अबूझमाड़ की पाक परंपरा केवल भोजन नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। विधानसभा में मिला यह सम्मान हमारे पारंपरिक कृषि उत्पादों और स्थानीय महिलाओं की आत्मनिर्भरता को एक नई दिशा देगा।
- -पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश; नवा रायपुर को "पीपल फॉर पीपल सिटी" बनाने के अभियान को बताया भविष्य के प्रति सामूहिक संकल्परायपुर ।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित नवीन छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढि़यों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी भी है।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान प्रत्येक नागरिक को अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करने का प्रेरक अभियान है। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना केवल एक परंपरा निभाना नहीं, बल्कि हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण के संरक्षण का संकल्प है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के नाम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का दायित्व निभाए, तो यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप लेकर प्रदेश को और अधिक हराभरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर को "ष्पीपल फॉर पीपल सिटी" के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से एक लाख पीपल के पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी अभियान चलाया जा रहा है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता के संवर्धन, स्वच्छ वायु, जलवायु संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। वे हमें शुद्ध वायु, छाया, वर्षा, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन प्रदान करते हैं। इसलिए पौधे लगाने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प ले। यही हमारी मातृभूमि, प्रकृति और आने वाली पीढि़यों के प्रति सच्ची सेवा होगी। उन्होंने कहा, "हम सभी "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधे लगाएं, उनका संरक्षण करें और हरित, स्वच्छ तथा समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।"
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई को दी भावभीनी श्रद्धांजलि : गनियारी में आयोजित दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी पहुंचे, जहां उन्होंने विश्वविख्यात पंडवानी गायिका, पद्मश्री, पद्मभूषण एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पैतृक गृह ग्राम गनियारी में आयोजित इस शोकसभा में मुख्यमंत्री ने स्व. डॉ. तीजन बाई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया तथा शोकसंतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्व. डॉ. तीजन बाई के पुत्र श्री दिलहरण पारधी तथा परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और उन्हें ढांढस बंधाया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान थीं। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा, अद्भुत साधना और पंडवानी की कापालिक शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई का योगदान आने वाली पीढ़ियों को भी निरंतर प्रेरित करता रहेगा। स्व. डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोककला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित रहा। उन्होंने पंडवानी को विश्व मंच तक पहुंचाकर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी कला, साधना और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष 'डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण' प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोक कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नामकरण स्व. डॉ. तीजन बाई के नाम पर किया जाएगा, ताकि इस क्षेत्र के विद्यार्थी उनके जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों से प्रेरणा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने यह कहा कि लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को राज्य सरकार द्वारा चिरस्थायी रखते हुए उनकी जीवनभर की कला-साधना के प्रतीक रहे तंबूरे को रायपुर के संग्रहालय में पूरे सम्मान के साथ संरक्षित रखा जाएगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियां उनकी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।श्रद्धांजलि सभा को सांसद श्री विजय बघेल, प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल तथा विधायक पद्मश्री श्री अनुज शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने स्व. डॉ. तीजन बाई के व्यक्तित्व, कृतित्व और लोककला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उन्हें सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पद्मश्री श्री आर.एस. बारले, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अन्य गणमान्यजन, छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पहुंचे कलाकार, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान आज विधानसभा परिसर लोकतंत्र की पाठशाला बन गया, जब भिलाई स्थित शकुंतला विद्यालय के ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं का दल शैक्षणिक भ्रमण पर विधानसभा पहुंचा। विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय परंपराओं को निकट से समझने का अवसर प्राप्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की आकांक्षाओं को सदन में अभिव्यक्त करने की सतत प्रक्रिया है। विधानसभा में जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा होती है और जनता के कल्याण के लिए नीतियां एवं कानून बनाए जाते हैं।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने विद्यार्थियों से अध्ययन के साथ-साथ संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझने, संविधान के प्रति सम्मान विकसित करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव तथा विधायक श्री रिकेश सेन भी उपस्थित थे। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही को दर्शक दीर्घा से देखा और प्रश्नकाल, विभिन्न विषयों पर चर्चा तथा संसदीय प्रक्रियाओं को निकट से समझा। उन्होंने विधानसभा भवन की संरचना, कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त कीं। विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि पुस्तकों में पढ़ी गई संसदीय व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर उनके लिए विशेष रहा। उन्होंने कहा कि इससे लोकतंत्र, संविधान और जनप्रतिनिधियों की भूमिका के प्रति उनकी समझ और अधिक विकसित हुई है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई ने शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त करने के उद्देश्य से अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। निगम की संयुक्त टीम ने सुपेला स्थित परदेशी चौक के पास संचालित व्यापारियों द्वारा दुकानों के सामने किए गए अवैध अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से हटाया।निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि व्यापारियों द्वारा दुकानों के सामने सड़क तक सामान एवं अन्य सामग्री रखकर सार्वजनिक मार्ग पर कब्जा कर लिया गया है। इससे सड़क संकरी हो गई थी और राहगीरों तथा वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति को देखते हुए नगर पालिक निगम भिलाई ने सख्त कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान जोन-1 उपायुक्त सह जोन आयुक्त डी के कोसरिया, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, सहायक राजस्व अधिकारी सुनील जोशी, बेदखली प्रभारी विनय शर्मा, राजस्व विभाग, बेदखली अमला तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। टीम ने जेसीबी की सहायता से सड़क पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की तैनाती के कारण अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सड़कों एवं फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नागरिकों की सुविधा और निर्बाध यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। निगम ने व्यापारियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें और शहर को व्यवस्थित एवं सुगम बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।
- भिलाईनगर। नमस्ते दिवस के अवसर पर नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-1 नेहरू नगर स्थित एसएलआरएम सेंटर में कार्यरत स्वच्छता दीदियों के सम्मान एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा उपकरणों का वितरण किया गया। इस अवसर पर स्वच्छता दीदियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया।कार्यक्रम में उपायुक्त सह जोन आयुक्त दिनेश कोसरिया ने कहा कि स्वच्छता दीदियां शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रखना निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी स्वच्छता कर्मियों से सुरक्षा उपकरणों का नियमित उपयोग करने तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की। इस अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली ने स्वच्छता कर्मियों को स्वच्छता के साथ-साथ व्यक्तिगत सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की। जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना ने भी सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की जानकारी देते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में पी.आई.यू अभिनव ठोकनेए सुभम पाटनी एवं ए.पी.एम. सहित निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने स्वच्छता दीदियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए निगम द्वारा निरंतर प्रयास किए जाने की बात कही।
- -मंत्री रामविचार नेताम और प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने संयुक्त प्रेसवार्ता में रखीं आदिम जाति विकास विभाग की उपलब्धियांरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार के पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल में आदिवासी समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। छत्तीसगढ़ संवाद के आडिटोरियम में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री श्री रामविचार नेताम एवं प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने एक संयुक्त प्रेसवार्ता में विभाग की बहुआयामी उपलब्धियों और भावी योजनाओं का पूरा ब्यौरा साझा किया।मंत्री श्री नेताम ने बताया कि प्रदेश की कुल आबादी का लगभग 30.62 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जनजाति वर्ग का है। विभाग द्वारा राज्य की 43 जनजातियों एवं उनके उपसमूहों के विकास के लिए कई अभिनव योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर बनाना है।पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार करते हुए अब समयबद्ध ऑनलाइन डीबीटी भुगतान सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2025-26 में 84 हजार 702 विद्यार्थियों को 94.57 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। राज्य में वर्तमान में 2,817 आश्रम एवं छात्रावास संचालित हैं, जहाँ लाखों छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाएं पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से दी जा रही हैं।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि प्रदेश में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 27 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने न केवल राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई है, बल्कि राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में 55 स्वर्ण, 43 रजत और 64 कांस्य (कुल 162 पदक) जीतकर छत्तीसगढ़ को देश में दूसरा स्थान दिलाया है।आदिवासी युवाओं को प्रशासनिक व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के योग्य बनाने के लिए श्युवा करियर निर्माण योजनाश् के तहत अब तक 164 युवाओं का चयन अखिल भारतीय एवं राज्य स्तरीय सेवाओं में हो चुका है। सरकार आगामी वर्ष से इसे और व्यापक रूप देते हुए सीजी-एसीई (ब्ळ-।ब्म्) योजना के रूप में शुरू करने जा रही है। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालय, खेल परिसर और विशेष शिक्षण केन्द्रों के माध्यम से भी मदद दी जा रही है।वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में 4.28 लाख से अधिक व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे और हजारों सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र दिए जा चुके हैं। वनाधिकार से जुड़े 19 हजार मामलों में से 16 हजार से अधिक का त्वरित निराकरण किया गया है। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए देवगुड़ी निर्माण एवं मरम्मत योजना, जनजातीय गौरव दिवस और शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव जैसे आयोजन किए जा रहे हैं।विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए शुरू किए गए पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान) के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। बस्तर, सरगुजा तथा मध्य क्षेत्र के विकास के लिए अधोसंरचना कार्यों को तेज कर दिया गया है। वर्ष 2026-27 के बजट में विभाग के लिए 2,136.26 करोड़ रुपए तथा जनजातीय उपयोजना के अंतर्गत 42,165.95 करोड़ रुपए का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। आगामी वर्ष की प्रमुख परियोजनाएं में कोरबा में नया खेल परिसर, बीजापुर में 500 सीट की क्षमता वाला नया प्रयास आवासीय विद्यालय, नारायणपुर एवं सुकमा में सर्वसुविधायुक्त एजुकेशन सिटी, छात्रावासों-आश्रमों के नए भवनों का निर्माण और शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण शामिल हैं।इस प्रेसवार्ता के दौरान अंत्याव्यवसायी वित्त एवं विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति विभाग के आयुक्त श्री राहुल वेंकट और टीआरटीआई की संचालक श्रीमती हीना अनिमेष नेताम भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।
- -182 हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमतारायपुर / छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य शासन के जल संसाधन विभाग ने विकासखण्ड खड़गंवा के अंतर्गत आने वाले गज्जूपानी जलाशय के जीर्णाेद्धार के लिए तीन करोड़ आठ लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस जलाशय के के जीर्णाेद्धार 182 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाइ्र की सुविधाए मिलेगी।इस स्वीकृत राशि से गज्जूपानी जलाशय के मुख्य बांध और उसकी नहरों के जीर्णाेद्धार व मरम्मत का कार्य किया जाएगा। लंबे समय से बेहतर रखरखाव की बांट जोह रहे इस जलाशय की नहरों के सुदृढ़ीकरण से पानी की बर्बादी रुकेगी और अंतिम छोर (टेलर एंड) तक पानी आसानी से पहुंच सकेगा।जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के तहत प्रस्तावित सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के किसानों को खरीफ और रबी फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इस जीर्णाेद्धार कार्य से क्षेत्र के कुल 182 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की बेहतर और सुनिश्चित सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे स्थानीय कृषि उत्पादन और किसानों की आय में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होगी।
- -जल संरक्षण के साथ आजीविका को मिली नई उड़ानरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “विकसित भारत -गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन का एक बड़ा जरिया बनकर उभर रही है। इस योजना के तहत बस्तर जिले के विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत खोटलापाल में कराए गए डबरी (छोटे तालाब) निर्माण कार्य ने न केवल जल संकट को दूर किया है, बल्कि स्थानीय किसान की जिंदगी में भी समृद्धि के नए रंग भर दिए हैं। ग्राम खोटलापाल निवासी किसान श्री सोनधर की भूमि पर निर्मित यह डबरी आज पूरे क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और ग्रामीण विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है। सोनधर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले वर्षा का अधिकांश पानी बहकर बर्बाद हो जाता था, जिसके कारण गर्मी के मौसम में खेतों की सिंचाई के लिए भारी संकट का सामना करना पड़ता था। लेकिन डबरी निर्माण के बाद अब बारिश के पानी का प्रभावी ढंग से संचयन हो रहा है। खेतों को अब समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है।डबरी में पानी की उपलब्धता से सोनधर को अब साल में अतिरिक्त फसल लेने का सुनहरा अवसर मिला है। पानी की प्रचुरता से पशुपालन और बाड़ी (सब्जी उत्पादन) विकास जैसी गतिविधियों को भी नया जीवन मिला है। यह डबरी केवल खेतों की प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सोनधर के लिए आजीविका का एक मजबूत अतिरिक्त साधन भी बन गई है। लाभार्थी किसान श्री सोनधर ने कहा कि अब इस डबरी में सफलतापूर्वक मछली पालन किया जा रहा है, जिससे परिवार को हर साल अच्छी अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। आने वाले समय में यहाँ बतख पालन शुरू करने की भी योजना है, जिससे आमदनी के स्रोत और बढ़ेंगे।इस डबरी निर्माण का सकारात्मक प्रभाव केवल एक किसान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका लाभ पूरे ग्रामीण परिवेश को मिल रहा है। डबरी के कारण आसपास के क्षेत्र का भूजल स्तर (वाटर टेबल) सुधरा है, जिससे निकटवर्ती कुओं और हैंडपंपों में पानी की उपलब्धता बढ़ गई है। खेतों की मिट्टी में नमी बनी रहने से आसपास की फसलों को भी लाभ हो रहा है। डबरी निर्माण के दौरान ग्राम पंचायत के जॉब कार्डधारी ग्रामीणों को गाँव में ही रोजगार मिला, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े और काम की तलाश में होने वाले पलायन पर प्रभावी रोक लगी।खोटलापाल में हुआ यह सफल प्रयोग यह साबित करता है कि यदि जल संरक्षण के कार्यों को जनभागीदारी और सरकारी योजनाओं के समन्वय से लागू किया जाए, तो खेती, पर्यावरण और ग्रामीण आजीविकाकृतीनों को एक साथ सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
- -राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में EMRS छेरीबेड़ा के बच्चों ने बिखेरी चमक, छत्तीसगढ़ की टीम उपविजेतारायपुर । राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता (National Youth Parliament Competition) संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा स्कूली और कॉलेज छात्रों के लिए आयोजित एक प्रमुख कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय प्रक्रियाओं की समझ और नेतृत्व गुणों का विकास करना है ताकि वे जिम्मेदार नागरिक और भविष्य के जन-प्रतिनिधि बन सकें। जब हौसले बुलंद हों और मार्गदर्शन सही मिले, तो छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नारायणपुर के सुदूर वनांचल की प्रतिभाएँ भी देश की राजधानी दिल्ली तक अपनी धमक दर्ज करा सकती हैं।छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के नारायणपुर जिले में स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) छेरीबेड़ा के विद्यार्थियों ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। राजस्थान के उदयपुर (खेरवाड़ा) में आयोजित आंचलिक (जोनल) स्तरीय राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में इस विद्यालय की 53 सदस्यीय टीम ने न केवल छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि अपने उत्कृष्ट और ओजस्वी प्रदर्शन से पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला था, जिसमें छत्तीसगढ़ की टीम उपविजेता बनकर उभरी।इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाले 8 प्रतिभावान विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ है। इन बच्चों को अब देश के लोकतंत्र के मंदिर—नई दिल्ली स्थित संसद भवन का शैक्षणिक भ्रमण करने और वहाँ लाइव कार्यवाही देखने का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा। ज्ञात हो कि स्पीकर की भूमिका में हर्षा को प्रथम स्थान,द्वितीय स्थान में मनसाय और अनुराधा तथा तृतीय स्थान अंजीला, निकिता, वेदिका, जयबति और शामी को मिला। इन बच्चों ने जिस आत्मविश्वास के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संसदीय बहसों को मंच पर जीवंत किया, उसने निर्णायकों का दिल जीत लिया।इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे विद्यालय के प्राचार्य का प्रेरणादायी नेतृत्व और विज़न रहा है। वहीं, बच्चों को संसद की बारीकियां सिखाने और उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाने में कार्यक्रम प्रभारी व सामाजिक विज्ञान के शिक्षक के कड़े प्रशिक्षण और समर्पण की मुख्य भूमिका रही। प्राचार्य ने इस गौरवमयी उपलब्धि पर NESTS हेड क्वार्टर (नई दिल्ली), EMRS स्टेट सोसायटी CTD रायपुर, नारायणपुर कलेक्टर और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त सहित सभी उच्चाधिकारियों का आभार व्यक्त किया है, जिनके निरंतर सहयोग से बच्चों को आगे बढ़ने का हौसला मिला।बस्तर संभाग के नारायणपुर जैसे वनांचल क्षेत्र के बच्चों की इस बड़ी छलांग से पूरे प्रदेश में हर्ष का माहौल है। विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
- रायपुर / विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) के अंतर्गत सारंगढ़,-बिलाईगढ़ जिले के जनपद पंचायत सारंगढ़ की ग्राम पंचायत गोड़म में सीएलएफ क्लस्टर से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगभग 30 हजार सीड बॉल तैयार किए गए।इन सीड बॉल का वितरण जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, क्लस्टर के सरपंचों, अन्य अधिकारियों तथा स्व-सहायता समूह की दीदियों की उपस्थिति में क्लस्टर अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों को किया गया। इस दौरान सभी ने मिलकर मानव श्रृंखला का निर्माण कर बीज रोपण उत्सव मनाया और लोगों को वीबी जीरामजी अंतर्गत पौधारोपण करने एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।इस अवसर पर निर्देश दिए गए कि सीड बॉल का उपयोग वीबी- जीरामजी के अंतर्गत निर्मित तालाबों की मेड़ों, डबरियों की मेड़ों तथा अन्य उपयुक्त स्थलों पर रोपण के लिए किया जाएगा, ताकि वर्षा ऋतु में हरित आवरण बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों को वीबी - जीरामजी योजना के उद्देश्यों, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा जनभागीदारी आधारित विकास कार्यों की जानकारी भी दी गई। सभी से अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाकर इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।
- रायपुर । वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के विरुद्ध शानदार प्रदर्शन करते हुए टेस्ट मैच में जीत दर्ज करने पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह जीत केवल एक मैच की सफलता नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के निरंतर सशक्त होते सफर, खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, अनुशासन और अदम्य क्षमता का प्रतीक है। विश्व क्रिकेट के प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर मिली यह ऐतिहासिक विजय प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह उपलब्धि देश की युवा बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। खिलाड़ियों के समर्पण, कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट टीम भावना ने यह सिद्ध किया है कि भारतीय बेटियां हर क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने टीम की सभी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ एवं सहयोगी दल को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
- रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कोलंबिया में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) 2026 में स्वर्ण पदक जीतने पर कनिष्क जैन, रिद्धेश अनंत बेंडाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया एवं स्वरित जोशी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों की यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व और गौरव का विषय है। उन्होंने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और वैज्ञानिक सोच के बल पर न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता का परिचय दिया है, बल्कि विश्व मंच पर भारत का मान भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय विद्यार्थियों का लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन देश की युवा प्रतिभाओं की क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रमाण है। यह सफलता देशभर के विद्यार्थियों को ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सभी स्वर्ण पदक विजेताओं, उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में भी भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन करते रहेंगे।
- -जागरूकता रथ रवाना, सास-बहू सम्मेलन और जनजागरूकता कार्यक्रमों के जरिए दिया जाएगा स्वस्थ परिवार का संदेशरायपुर। जशपुर जिले में स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार की अवधारणा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 11 से 18 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। अभियान के तहत जिलेभर में परिवार नियोजन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिवार नियोजन के महत्व को घर-घर तक पहुंचाया जाए तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए।इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर परिवार नियोजन, सुरक्षित मातृत्व, जनसंख्या स्थिरीकरण तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएगा।इस वर्ष अभियान की थीम जब बच्चे में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल रखी गई है। डॉ. जात्रा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य दंपतियों को गर्भधारण के उचित समय, दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का सुरक्षित अंतराल रखने तथा परिवार नियोजन के विभिन्न विकल्पों के प्रति जागरूक करना है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति भी मजबूत होती है।अभियान के दौरान जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सास-बहू सम्मेलन, परामर्श शिविर और विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से परिवार नियोजन से जुड़ी भ्रांतियों का निराकरण करते हुए योग्य दंपतियों को उपलब्ध सेवाओं एवं उनके लाभों की जानकारी दी जाएगी।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। इनमें कॉपर-टी, अंतरा इंजेक्शन, गर्भनिरोधक गोलियां (छाया एवं माला-एन) तथा निरोध शामिल हैं। इच्छुक दंपतियों को प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा आवश्यक परामर्श एवं सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा पुरुष नसबंदी कराने वाले हितग्राहियों को 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े के दौरान 11 से 18 जुलाई तक जिला चिकित्सालय जशपुर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव में प्रतिदिन पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध रहेगी।स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी योग्य दंपतियों से अपील की है कि वे परिवार नियोजन अपनाकर स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल परिवार के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें तथा शासन द्वारा उपलब्ध निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
- रायपुर ।जशपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं से हुई जनहानि के तीन मामलों में प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करते हुए जिला प्रशासन ने राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के तहत कुल 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है।अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांसाबेल तहसील के ग्राम नकबार निवासी सुखयारो बाई की कुएं में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में उनकी माता श्रीबाई को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।इसी प्रकार मनोरा तहसील के ग्राम खोखसो बेंजोरा निवासी जयपाल राम की नाले में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती मनकुमारी बाई को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।वहीं, मनोरा तहसील के ग्राम बेंजोरा निवासी दिलसार अंसारी की कुएं में डूबने से हुई मृत्यु के मामले में उनके पिता श्री जमील अंसारी को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण की जा रही हैं, ताकि संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को त्वरित आर्थिक संबल मिल सके।
- रायपुर। राज्य शासन ने राजिमवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए राजिम नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। राजिम नगर पंचायत की सीमाएं ही राजिम नगर पालिका की सीमाएं होंगी। राज्य शासन के इस निर्णय से पूरे शहर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने राजिम नगर पंचायत के नगर पालिका के रूप में उन्नयन पर कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय से राजिम के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी तथा शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे राजिम में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को और ज्यादा गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंचेगा।
- 0- सभापति सूर्यकांत राठौड़ की कलेक्टर चेम्बर में रही उपस्थिति0- सभापति सूर्यकान्त राठौड़ ने नव नामांकित पार्षद एल्डरमेन अनिल सोनकर को पद की शपथ लेने पर दी हार्दिक शुभकामनाएंरायपुर. छत्तीसगढ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम में नव नामांकित पार्षद एल्डरमेन श्री अनिल सोनकर को आज रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने रायपुर कलेक्टर चेम्बर में पद की शपथ दिलवायी।नवनामांकित पार्षद , एल्डरमेन ने पद की ईश्वर के नाम सत्यनिष्ठा की शपथ ली। इस अवसर पर रायपुर कलेक्टर चेम्बर में नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकात राठौड,, नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, नगर निगम सचिव श्रीमती सगीता साहू की उपस्थिति रही।शपथ ग्रहण करने पर रायपुर नगर निगम के नव नामांकित पार्षद एल्डरमेन श्री अनिल सोनकर को पद की शपथ ग्रहण करने पर रायपुर नगर निगम सभापति श्री सूर्यकात राठौड़ और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह सहित नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, नगर निगम सचिव श्रीमती संगीता साहू ने बुके प्रदत्त कर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
- 0- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुजरा में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का किया गया आयोजन0- नव प्रवेशित विद्यार्थियों को फुलमाला से स्वागत कर एवं मुँह मीठा कराकर शाला में किया गया स्वागत अभिनंदन0- जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष, कलेक्टर सहित अन्य अतिथि हुए शामिल, प्रार्थना शेड स्थल का सीमेंटीकरण एवं अतिरिक्त कक्ष का निर्माण करने की घोषणा कीबालोद. कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सासंद श्री भोजराज नाग ने कहा कि अच्छी शिक्षा किसी भी राष्ट्र व समाज के विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि इसी मंशा के अनुरूप केन्द्र व राज्य सरकार हमारे नौनिहालों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए कृतसंकल्पित है। श्री नाग आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुजरा में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव समारोह के अवसर पर उद्गार व्यक्त कर रहे थे। श्री नाग कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने किया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि के रूप में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं इंडियन रेडक्राॅस सोसायटी छत्तीसगढ़ के चेयरमेन श्री तोमन साहू, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जनपद पंचायत डौण्डी के अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद पंचायत बालोद के अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम, जिला पंचायत सदस्य सुश्री नीलिमा श्याम, जनपद सदस्य श्री तुलेश्वर हिचामी, ग्राम पंचायत गुजरा के सरपंच श्रीमती पार्वती मण्डावी के अलावा एसडीएम श्री सुरेश साहू, जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा ग्रामीणजन उपस्थित थे। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा कक्षा पहली, छठवीं, नौवीं एवं ग्यारहवीं के नव प्रवेशित विद्यार्थियों को फुलमाला से स्वागत एवं मुँह मीठा कराकर उनका आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत किया गया। समारोह में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुजरा में नवनिर्मित प्रार्थना शेड का फीता काटकर लोकार्पण किया गया। इस मौके पर नव प्रवेशित विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तक प्रदान करने के अलावा सरस्वती सायकिल योजना के अंतर्गत निःशुल्क सायकिल भी वितरण किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नाग ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी प्रदान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे भारत वर्ष में संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने की बहुत ही प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा रही है। प्राचीन काल में गुरूकुलों एवं आश्रमों में पूज्य गुरूओं एवं ऋषि मुनियों के द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु अध्यात्मिक, नैतिक, शारीरिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कार की शिक्षा भी अनिवार्य रूप से दी जाती है। श्री नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप केन्द्र व राज्य सरकार हमारे विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान कर सन् 2047 तक देश को विकसित बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं बालकों को भी अपने बच्चों की शिक्षा-दीक्षा विशेष ध्यान देकर देश के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील भी की। इस अवसर पर उन्होंने भारत सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत शामिल किए गए नए पाठ्यक्रमों के संबंध में भी जानकारी देते हुए उन्होंने इसेे मजबूत, सशक्त एवं एक शक्तिशाली भारत की आधारशिला बताया। श्री नाग ने कहा कि विकास के लिए रोड, पुल-पुलिया जैसे अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को पूरा किया जाना आवश्यक है। लेकिन इससे भी अधिक मानवीय संसाधनों का विकास, एक स्वस्थ, शिक्षित, ज्ञानवान भारत एवं समाज का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ने कहा कि अधोसंरचना से जुड़े विकास कार्यों के अलावा ग्लोबल वार्मिंग, तेजी से मंडरा रहे पर्यावरण संकट जैसे ज्वलंत एवं समसामयिक विषयों पर भी चिंता करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। श्री नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना काल में इस दिशा में बेहतरीन कार्य पर पूरी दुनिया के सामने अनुपम उदाहरण पेश किया था। सांसद श्री नाग ने बालोद जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु वृहद वृक्षारोपण अभियान तथा तेजी से घट रहे भूजल स्तर की रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने हेतु चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान आदि कार्यों की भूरी-भूरी सराहना भी की। इस अवसर पर सांसद श्री नाग ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुजरा के प्रार्थना शेड स्थल का कांक्रिटीकरण, विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण करने की भी घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने आज जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए अन्य मांगों को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करने का आश्वासन दिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में उपस्थित सभी अतिथियों, छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं ग्रामीणजनों सहित समस्त लोगों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र एवं समाज के विकास के लिए मेरूदण्ड है। श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि हम सभी का प्रयास होना चाहिए की कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके साथ ही देश को विकसित बनाने हेतु सभी बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान किया जाना अत्यंत उन्होंने सभी विद्यार्थियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन ने ग्राम गुजरा में शाला प्रवेश उत्सव के बेहतरीन आयोजन की सराहना की। उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा सभी वर्ग के लोगों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू ने कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय के अनुरूप गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना केन्द्र व राज्य सरकार के विशेष प्राथमिकता में शामिल है।श्री साहू ने बालोद जिले में शिक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाने हेतु समाज के सभी वर्ग के लोगों से सहयोग की अपील की। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव समारोह में उपस्थित अतिथियों सहित समस्त लोगों का आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम मात्र औपचारिक कार्यक्रम नही है अपितु यह अवसर देश के भावी भविष्य के निर्माण का भी अवसर है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप जिले के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त एवं संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कारगर उपाय सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ बच्चों के पालकों एवं अभिभावकों सहित सभी वर्गों के लोगों को बच्चों को वर्तमान समय के अनुरूप बेहतरीन एवं उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि शासन के मंशानुरूप बालोद जिले में विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के अलावा सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए सभी लोगों को ’एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के अंतर्गत अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने की अपील भी की। इसके अलावा उन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरा कर चुके सभी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु 13 से 18 जुलाई तक चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अनिवार्य रूप से टीका लगाने की भी अपील की। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे ने स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जिले में शिक्षा विभाग के गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर आभार प्रदर्शन विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री प्रवीण चर्तुवेदी ने किया। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मान करने के अलावा आदान सामग्री के रूप में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन, श्रवण बाधित विद्यार्थियों को टैबलेट का भी वितरण किया गया। इस मौके पर सांसद श्री नाग जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोमन साहू, जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों के साथ न्योता भोज भी ग्रहण किया।--
- 0- वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, आला अधिकारियों सहित समाज के सभी वर्ग के लोगों की उपस्थिति से कार्यक्रम बना विहंगम, ऐतिहासिक एवं यादगार0- मिशन अंकुर के तहत जिले में आज ऐतिहासिक वृक्षारोपण, 83 स्थानों में सीपीटी में 91 हजार 863 सीड बाॅल का किया गया रोपणबालोद. हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन जैसे चुनौतियों से निपटने की दिशा में बालोद जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया कदम को कार्य रूप में परिणित करने की दिशा में आज का दिन ऐतिहासिक एवं अनुकरणीय रहा। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के मिशन अंकुर के महाभियान के तहत जिले के 83 चिन्हित विभिन्न स्थानों पर आज एक ही दिन में कुल 91 हजार 863 सीड बाॅल का रोपण किया गया। इसके अंतर्गत बालोद जिला प्रशासन के मिशन अंकुर के तहत डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम गुजरा के पंडवान में सांसद श्री भोजराज नाग, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम, जिला पंचायत सदस्य सुश्री नीलिमा श्याम सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों आला अधिकारियों, कर्मचारियों शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं, बिहान समूह की दीदियों, ग्रामीणों सहित हजारों की संख्या में लोगों ने एक साथ सीड बाॅल का रोपण किया। वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, आला अधिकारियों सहित समाज के सभी वर्ग के लोगों की उपस्थिति से जिला प्रशासन के मिशन अंकुर के तहत सामूहिक सीड बाॅल रोपण का कार्यक्रम ऐतिहासिक, विहंगम एवं यादगार कार्यक्रम बन गया।निश्चित रूप से मिशन अंकुर के तहत आज संपन्न वृहद कार्यक्रम आने वाले समय के लिए पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। ज्ञातव्य हो कि मिशन अंकुर के इस महाभियान के तहत आज ग्राम गुजरा के पंडवान सहित जिले के विभिन्न 83 चिन्हित स्थानों पर एक ही दिन में कुल एक 91 हजार 863 सीड बाॅल का रोपण किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री भोजराज नाग ने मिशन अंकुर के तहत बालोद जिला प्रशासन के इस कार्य को ऐतिहासिक एवं अभिनव बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व एवं दिशा-निर्देशन में सीड बाॅल रोपण का जो कार्य किया जा रहा है वह पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में सभी के लिए प्रेरणादायी होगा। सीड बाॅल रोपण के अवसर पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने बालोद जिला प्रशासन के इस अभिनव एवं अनुकरणीय पहल की भूरी-भूरी सराहना करते हुए पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।ज्ञातव्य हो कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों, वनांचलों, और बंजर या खाली पड़ी जमीनों को फिर से हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से बालोद जिला प्रशासन द्वारा मिशन अंकुर के माध्यम से सीड बाॅल का रोपण करने का विशेष पहल की गई है। इसके अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ’विकसित भारत जी राम जी’ और अन्य विकास योजनाओं के तहत 83 स्थानों पर सीपीटी का निर्माण कराया गया है। सीपीटी मूल रूप से पानी को रोकने और मवेशियों से पौधों को बचाने के लिए बनाई गई गड्ढे होते हैं। इन गड्ढों के आसपास की सुरक्षित जमीन पर इन सीड बॉल्स को प्राकृतिक रूप से पनपने के लिए रखा गया है।मिशन अंकुर के तहत सीड बाॅल रोपण कार्यक्रम के संबंध में जानकारी कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि आज जिस तरह से तापमान बढ़ रहा है और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियाँ सामने आ रही हैं, ऐसे में हमें पारंपरिक वृक्षारोपण के साथ-साथ सीड बॉल जैसी नवोन्मेषी और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। मिशन अंकुर का उद्देश्य केवल बीजारोपण करना नहीं है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण देकर एक विशाल वृक्ष में तब्दील करना है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने जिला प्रशासन मिशन अंकुर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सीड बॉल तकनीक कम लागत, कम समय और कम मेहनत में अधिक से अधिक पौधे उगाने का एक बेहद कारगर और शानदार तरीका है। विशेषकर सीपीटी के आसपास इन्हें लगाने के दोहरे लाभ हैं पहला, गड्ढों में संचित वर्षा जल से बीजों को लंबे समय तक पर्याप्त नमी मिलेगी, और दूसरा, यह क्षेत्र जानवरों की पहुँच से सुरक्षित रहेगा, जिससे पौधों की उत्तरजीविता दर कई गुना बढ़ जाएगी।सीड बॉल, जिसे आम बोलचाल में ’बीज बम’ भी कहा जाता है, उपजाऊ मिट्टी, जैविक खाद (वर्मी कंपोस्ट), राख और विभिन्न प्रजातियों के बीजों का एक विशेष मिश्रण होता है। इसे हाथों से गोल आकार देकर छाँव में सुखाया जाता है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए गहरे गड्ढे खोदने की आवश्यकता नहीं होती है। इन्हें सीधे जमीन पर फेंका या रखा जा सकता है। बारिश के मौसम में जब इन सीड बॉल्स पर पानी की बूँदें गिरती हैं, तो बाहरी मिट्टी का आवरण नमी सोख लेता है और अंदर मौजूद खाद की गर्मी व पोषण से बीज स्वतः ही सुरक्षित रूप से अंकुरित होने लगता है। इस महाभियान में उपयोग की गई सीड बॉल्स में मुख्य रूप से स्थानीय जलवायु के अनुकूल फलदार, छायादार और औषधीय पौधों के बीज उपयोग किए गए हैं। इनमें नीम, पीपल, बरगद, जामुन, करंज, मुनगा, अमरूद, सीताफल और आंवला प्रमुख हैं। इससे न केवल जिले का हरित आवरण तेजी से बढ़ेगा, बल्कि मिट्टी का कटाव रुकेगा, भूजल स्तर में वृद्धि होगी, और स्थानीय पशु-पक्षियों को भी प्राकृतिक आश्रय और भोजन प्राप्त होगा।इस अभियान की एक सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यह महज एक पर्यावरणीय पहल नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का भी एक बेहतरीन उदाहरण है। इन सीड बॉल्स का निर्माण राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुडी स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया गया है। महिलाओं ने पिछले कई हफ्तों से दिन-रात मेहनत कर, सही अनुपात में मिट्टी और खाद का मिश्रण तैयार कर इन सीड बॉल्स को आकार दिया है।






















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