- Home
- छत्तीसगढ़
- अम्बिकापुर । उपसंचालक रोजगार ने बताया कि जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र अम्बिकापुर के द्वारा 28 अप्रैल 2026 को प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न क्षेत्र के निजी नियोजक विभिन्न तकनीकी एवं गैर तकनीकी लगभग 335 पदों पर साक्षात्कार के लिए उपस्थित रहेंगे। जिला स्तरीय रोजगार मेला पूर्णतः निःशुल्क है। नियुक्ति की शर्तों के लिए नियोजक स्वयं जिम्मेदार होंगे। कार्यालय की भूमिका इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ सुविधाप्रदाता के रूप में होगी। जिले के इच्छुक ऐसे समस्त आवेदक जो रोजगार मेला में भाग लेना चाहते है, अपने साथ शैक्षणिक योग्यता की अंकसूची, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साईज के फोटो के साथ 28 अप्रैल 2026 दिन को प्रातः 11:00 बजे से सायं 04:00 बजे तक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र गंगापुर अम्बिकापुर में आयोजित जिला स्तरीय रोजगार मेला में उपस्थित होकर रोजगार के अवसर का लाभ प्राप्त कर सकते है। जिला स्तरीय रोजगार मेला हेतु सरगुजा संभाग के समस्त शिक्षित युवाओं को रोजगार मेला में सहभागिता हेतु ऑनलाईन पोर्टल www.erojar.cg.gov.in एवं छत्तीसगढ़ रोजगार एप पर अपना रोजगार पंजीयन, रोजगार मेले हेतु पंजीयन दोनों ही आवश्यक है। अतः ऐसे आवेदक जिन्होंने ऑनलाईन पोर्टल ई-रोजगार पर अपना पंजीयन नहीं करवाया है, वे विभागीय पोर्टल पर अपना पंजीयन करवा सकते हैं।
- अम्बिकापुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि आगामी 30 अप्रैल को पूरे देश में आयुष्मान भारत दिवस मनाया जाएगा। जिसके अंतर्गत आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण हेतु जिले में तीनदिवसीय शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर 28 अप्रैल, 29 अप्रैल एवं 30 अप्रैल को लगाया जाएगा, जिसमें लोगों का आयुष्मान भारत कार्ड बनाया जाएगा तथा योजना के लाभ के बारे में बताया जाएगा। जिले में कुल लक्ष्य 922111 के विरूद्ध में 842431 कार्ड निर्माण किया जा चुका है। हितग्राही अपना राशन कार्ड, आधार कार्ड लेकर अपने नजदीकी पंचायत भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर निःशुल्क कार्ड बनवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत बीपीएल परिवार को 05 लाख एवं एपीएल परिवार को प्रति वर्ष 50 हजार रूपये का मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करता है। आयुष्मान वय वंदना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को 05 लाख तक का मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करता है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर बीमारियों लिवर प्रत्यारोपण, किडनी प्रत्यारोपण फेफड़ा प्रत्यारोपण, हृदय रोग, कैंसर, एप्लास्टिक अमीनिया, एसिड अटैक के उपचार के लिए 25 लाख तक की मुफ्त उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमानरायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत श्रमिकों के ई-के वाय सी कार्य में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 97.11 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-के वाय सी पूर्ण कर लिया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ ने केरलम, त्रिपुरा, मिजोरम जैसे छोटे राज्यों तथा कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को भी पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की है।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ;मनरेगा के तहत श्रमिकों की ई.केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करने में छत्तीसगढ़ ने देश भर में अग्रणी स्थान हासिल किया है। प्रदेश में लगभग 56.87 लाख से ज्यादा मजदूरों की डिजिटल वेरिफिकेशन (e-KYC) पूरी की गई है जो भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है। यह डिजिटल प्रक्रिया फर्जी जॉब कार्डों को हटाने और सीधे वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी पहुंचाने में मदद कर रही है।यह उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के सतत नेतृत्व, मॉनिटरिंग और प्रभावी रणनीति का परिणाम है। राज्य में योजनाबद्ध ढंग से अभियान चलाकर ई-के वाय सी की प्रक्रिया को तेज किया गया, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों को समयबद्ध रूप से इससे जोड़ा जा सका।रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुल 58 लाख से अधिक सक्रिय श्रमिकों में से 56 लाख से अधिक का ई-के वाय सी सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार गरीब और श्रमिक वर्ग के हितों के संरक्षण एवं उन्हें योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। ई-के वाय सी के माध्यम से श्रमिकों को समय पर भुगतान एवं योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित हो रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम स्तर पर कार्यरत टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ई-के वाय सी से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगी है, बल्कि वास्तविक हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने में भी पारदर्शिता आई है। श्री शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए निर्देशित किया कि शेष लंबित प्रकरणों को भी शीघ्र पूर्ण कर प्रदेश को 100 प्रतिशत e-KYC (ई - के वाय सी) लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जाए।प्रदेश में चलाए गए विशेष अभियान, ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से यह सफलता हासिल हुई है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है।
- रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में छत्तीसगढ़ शासन के चीफ इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज श्री हिम शिखर गुप्ता ने मुलाकात की। भेंट के दौरान राज्यपाल श्री डेका ने कारखानों में होने वाली औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोकने और श्रमिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।राज्यपाल ने निर्देश दिए कि कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो, मशीनों की नियमित जांच की जाए तथा कर्मचारियों को समय-समय पर सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते रोका जा सके और श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण तैयार हो।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में 64 अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता पैरा आर्मरेसलर श्री श्रीमंत झा ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने हाल ही में नार्वे के ईदफ्योर्ड में आयोजित हुए पैरा आर्मरेसलिंग कप 2026 प्रतियोगिता में 85 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया है।छत्तीसगढ़ के भिलाई के निवासी श्रीमंत झा एक प्रसिद्ध भारतीय पैरा-आर्मरेसलर (विकलांग कुश्ती खिलाड़ी) हैं, जिन्होंने नॉर्वे पैरा-आर्म रेसलिंग कप 2026 में 85 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रौशन किया है। वे एशिया नंबर-1 और वर्ल्ड नंबर-3 के रूप में पहचान रखते हैं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 64 से अधिक पदक जीत चुके हैं। श्री झा ने राज्यपाल को अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी। श्री डेका ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी तथा उनका सम्मान किया।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव में स्वाभिमान पैनल के सुनील चौरसिया ने एकता पैनल के कुबेर राम देशमुख को पराजित कर अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया है। वहीं महासचिव पद पर टाई होने के कारण टॉस किया गया, जिसमें एकता पैनल के रवींद्र कुमार दत्ता विजयी घोषित किए गए। इस दो कोणीय मुकाबले में स्वाभिमान पैनल की झोली में चार पद, जबकि एकता पैनल की झोली में तीन पद आए। इस चुनाव में सिंगल वोट को अवैध घोषित करने के कारण विवाद की स्थिति रही। वैसे आमतौर पर सिंगल वोट को मान्य करने का चलन रहा है। सिंगल वोट को वैधता मिलती तो परणामों में उलटफेर हो सकता था।भीषण गर्मी में भी बंपर वोटिंगरविवार को सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक हुए मतदान में भीषण गर्मी के बावजूद 83 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यह चुनाव एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्षों, एक महासचिव, दो उप महासचिवों एवं एक कोषाध्यक्ष पद के लिए था। एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में उतरे कुबेर राम देशमुख और सुनील चौरसिया के बीच एकतरफा मुकाबला देखने को मिला। जहां चौरसिया के पक्ष में 214 मत पड़े, वहीं देशमुख को 148 मतों से तसल्ली करनी पड़ी। उपाध्यक्ष पद पर अपनी किस्मत आजमा रहे स्वाभिमान पैनल के डॉ लक्षप्रद को 159 तथा एकता पैनल के जितेंद्र सिंह को 145 मत मिले। दोनों ही विजेता घोषित किए गए, जबकि दूसरी ओर इसी पद पर एकता पैनल के महेश विश्वकर्मा (142) तथा स्वाभिमान पैनल के भीमराव फुसे (134) को हार का सामना करना पड़ा।महासचिव पद का फैसला टॉस सेमहासचिव पद पर रवींद्र कुमार दत्ता और के आर देशमुख के बीच हार-जीत का फैसला सिक्का उछालकर किया गया, जिसमें दत्ता विजयी हुए। दत्ता और देशमुख को 145-145 मत मिले, इस पद के लिए खड़े एक स्वतंत्र प्रत्याशी रूपेंद्र कुमार वर्मा को महज 64 मत ही मिले। उप महासचिव पद पर दोनों पैनलों के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इन पदों पर स्वाभिमान पैनल की महिला प्रत्याशी पायल सिंह पवार और एकता पैनल के उम्मीदवार श्यामलाल साहू ने जीत हासिल की। पायल को 170 वोट, जबकि साहू को 153 वोट मिले। दूसरी ओर स्वाभिमान पैनल के सत्यनारायण महाराणा के पक्ष में151मत तथा एकता पैनल के टी सहदेव के पक्ष में 129 मत पड़े। टी सहदेव ने अपने पक्ष में भारी संख्या में पड़े सिंगल वोटों को चुनाव अधिकारी द्वारा अवैध घोषित करने के कारण अपना तीव्र विरोध जताया। कोषाध्यक्ष पद का नतीजा स्वाभिमान पैनल के पक्ष में आया। स्वाभिमान पैनल के रामनारायण साहू को 204 और अमल कुमार दास को 158 वोट मिले।टेंट लगाने और रैली को लेकर विवादक्लबहाउस में चुनाव को लेकर सुबह से ही काफी गहमागहमी रही। वोटिंग से लेकर मतगणना तक भीड़ जुटी रही। इस चुनाव में 439 लोगों को ही मताधिकार प्राप्त था। इससे पहले मतदान की पूर्व संध्या पर टेंट लगाने को लेकर विवाद की स्थिति रही। स्वाभिमान पैनल का टेंट मतदान केंद्र के ठीक सामने ठीक था, जबकि एकता पैनल का टेंट मतदान केंद्र से काफी दूर था। जिसे लेकर एकता पैनल ने चुनाव अधिकारी संदीप नंदनवार के सामने अपना विरोध दर्ज किया था। इसके अलावा स्वाभिमान पैनल द्वारा मतदान की पूर्व संध्या पर चुनावी रैली निकाली गई, जिस पर भी एकता पैनल ने कड़ी आपत्ति दर्ज की।
-
*12 हजार से अधिक पुस्तकें दान दी जा चुकी है*
*आप भी इस पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में बनें भागीदार*रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए सहायक लेखाधिकारी सुश्री स्वाति देवांगन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया| सुश्री देवांगन ने यूपीएससी, पीएससी एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के नोट्स सहित अन्य विषयों की 300 से अधिक पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीं।सुश्री देवांगन ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी विभागीय बैठक के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने पुस्तक दान का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि इन पुस्तकों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक 12 हज़ार पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक श्री प्रभात सक्सेना (94060 49000) एवं श्री केदार पटेल (94255 02970) से संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। -
*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा - बच्चों के पढ़ाई में मिलेगी मदद*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2026 को शुरू की गई ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस योजना के तहत महिलाएं मिलेट्स से बने स्वस्थ व्यंजन आम लोगों को परोसकर रोजगार प्राप्त कर रही हैं।राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कौशल्या विहार निवासी श्रीमती सी. राजेश्वरी राव को मिलेट कार्ट प्रदान किया।श्रीमती राजेश्वरी ने बताया कि वे पहले अपने समृद्धि महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत विभिन्न कार्य करती थीं। महिला एवं बाल विकास विभाग की इस योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया। आज मुख्यमंत्री के हाथों मिलेट कार्ट मिलने पर उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन का धन्यवाद किया।राजेश्वरी ने कहा कि इस योजना से उन्हें बहुत लाभ हुआ है और वे बेहद खुश हैं। मिलेट कार्ट से होने वाली आमदनी से वे अपना घर चला सकेंगी और बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठा पाएंगी।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से पात्र SHG महिलाओं को आधुनिक फूड कार्ट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें कोदो, कुटकी, रागी जैसे स्थानीय मिलेट्स से बने पौष्टिक व्यंजन बेचे जा रहे हैं।इन कार्ट्स पर रागी डोसा, कोदो इडली, ज्वार उपमा, मिलेट कुकीज जैसे हेल्दी फूड विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विभाग द्वारा महिलाओं को स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता है।इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार देकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और प्रदेश के पारंपरिक मोटे अनाज को बढ़ावा देकर लोगों को सेहतमंद भोजन का विकल्प देना है। हितग्राही महिलाओं को इस कार्ट से प्रतिदिन 500 से 1500 रुपये तक की आमदनी हो रही है। -
*-परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल, गैजेट्स और ज्वेलरी पूर्णतः प्रतिबंधित, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई*
दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आगामी 3 मई को होने वाली नीट (एनईईटी) परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा हेतु जिला समन्वयकों और केंद्र अधीक्षकों की बैठक ली। बैठक के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं और अभ्यर्थियों की गहन जांच (सिक्योरिटी फ्रिस्किंग) सुनिश्चित की जाए। अभ्यर्थियों को किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए रिपोर्टिंग समय से कम से कम 2 घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है। बैठक में परीक्षा केंद्र के भीतर वर्जित वस्तुओं की विस्तृत सूची साझा करते हुए अवगत कराया गया कि किसी भी परिस्थिति में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, इयरफोन, पेजर, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर और पेन ड्राइव ले जाना सख्त मना है। इसके अतिरिक्त, स्टेशनरी मदों में ज्यामिति या पेंसिल बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, लिखने के पैड, स्केल, इरेज़र और किसी भी प्रकार की लिखित सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। व्यक्तिगत सामान जैसे वॉलेट, हैंडबैग, बेल्ट, टोपी, बड़े चश्मे और किसी भी प्रकार के आभूषण या धातु की वस्तुएं पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थियों को यह भी सूचित किया गया है कि वे अपने साथ पेन न लाएं, परीक्षा केंद्र पर पारदर्शी पेन उपलब्ध कराए जाएंगे। खाद्य पदार्थ और पानी की बोतलें (पारदर्शी बोतल को छोड़कर) भी प्रतिबंधित हैं। कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी इन प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ पाया जाए, तो उसे 'अनफेयर मीन्स' (अनुचित साधन) का दोषी मानते हुए उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -
*-नक्शा बटांकन और भू-अर्जन मुआवजा भुगतान में तत्परता लाने तहसीलदारों को सौंपी मैदानी निरीक्षण की जिम्मेदारी*
*-स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा**-राजस्व प्रकरणों के निराकरण में देरी पर जताई नाराजगी, लापरवाही पर नोटिस जारी करने के दिए निर्देश**-कोटवारी भूमि की बिक्री पर लगेगा पूर्णतः प्रतिबंधदुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अविवादित नामांतरण एवं अविवादित बटवारा(खाता विभाजन), विवादित नामांतरण एवं विवादित बटवारा, सीमांकन प्रकरण, व्यपवर्तन प्रकरण एवं आटो डायवर्सन, कोटवारी भूमि विक्रय पर सिविल वाद दायर, स्वामित्व योजना, भारतमाला व रेल अधिनियिम के तहत भू-अर्जन के लंबित प्ररकण, भू-आबंटन, जाति प्रमाण पत्र, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4, डीसीएस सर्वेयरों के मानदेय भुगतान, कोर्स रजिस्ट्रेशन, राजस्व पखवाड़ा में प्राप्त आवेदनों के निराकरण, ई-डिस्ट्रिक्ट लोक सेवा गारंटी, अभिलेख शुद्धता, नजूल राजस्व प्रकरणों व नक्शा बटांकन की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।बैठक में जिले में कोटवारी भूमि के अवैध विक्रय की जानकारी ली। कुल 90 प्रकरणों में से 89 मामलों में सिविल वाद दायर किया जाना है, अब तक 32 मामलों में वाद दायर किया गया है। 57 प्रकरण अभी लंबित हैं। कलेक्टर ने लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर ने जिले के सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे कोटवारी भूमि के सभी खसरा नंबरों की ग्रामवार सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं। इस सूची के आधार पर पंजीयक द्वारा इन जमीनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक (ब्लॉक) लगाई जाएगी, ताकि भविष्य में अवैध विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। अविवादित नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में राजस्व न्यायालयों में निराकरण प्रतिशत 92.42 प्रतिशत दर्ज किया गया है। 16646 प्रकरणों में से 15385 का निराकरण किया है और 1237 प्रकरण अभी लंबित है। वहीं समय सीमा के बाहर 115 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कई प्रकरण तकनीकी समस्याओं के कारण लंबित हैं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन समस्याओं के समाधान के लिए पत्र तैयार कर उच्च स्तर पर प्रेषित किया जाए, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित हो सके। हालिया समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने लंबित और समय सीमा से बाहर प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि ऐसे प्रकरण जो समय सीमा के बाहर हैं और जिनमें पटवारी द्वारा अभिलेख दुरुस्ती नहीं किए जाने के कारण मामले लंबित दिख रहे हैं, उन्हें गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस तरह की लापरवाही के लिए संबंधित पटवारियों को नोटिस जारी किया जाए। जिले में सीमांकन से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। बैठक बताया गया कि कुल 1,242 प्रकरणों में से 1,080 का निराकरण किया जा चुका है। वहीं 162 प्रकरण अभी लंबित हैं और 65 मामले समय सीमा के बाहर दर्ज किए गए हैं। कलेक्टर ने इन आंकड़ों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फील्ड में जाकर लंबित और समय सीमा से बाहर प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निराकरण सुनिश्चित करें। सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण मामलों में देरी से आम नागरिकों को परेशानी होती है।कलेक्टर श्री सिंह ने सीमांकन से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा की। कुल 1242 मामलों में से 1080 का निराकरण किया गया है। वहीं 162 प्रकरण लंबित और 65 समय सीमा के बाहर दर्ज है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फील्ड में जाकर समय सीमा से बाहर और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने को कहा। उन्होंने स्वामित्व योजना की प्रगति की जानकारी ली। जिले के 381 गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। 379 गांवों में आबादी भूमि के मैप-2 और मैप-3 प्राप्त हो चुके हैं। वहीं 106 गांवों में अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 273 गांवों में कार्य अभी प्रगति पर है। कलेक्टर ने अंतिम प्रकाशन के लिए शेष ग्रामों को शीघ्र करने को कहा, ताकि आगामी शिविर में वितरण का कार्य किया जा सके। कलेक्टर श्री सिंह ने भूमि-आबंटन के प्रकरणों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा शासकीय विभागों से भूमि आबंटन हेतु प्राप्त आवेदन को प्राथमिकता के साथ निपटाएं। कलेक्टर ने नक्शा बटांकन के कार्यों के सबंध में तहसीलदारों को निर्देशित किया कि मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीन की वस्तुस्थिति जांच की जाए एवं नक्शा बटांकन किया जाना भी सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा उन्होंने भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों एवं मुआवजा भुगतान, भारतमाला परियोजना, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण करने निर्देश दिए, जिससे प्रभावित लोगों को मुआवजा प्रदान करने में किसी भी प्रकार का विलंब न हो। कलेक्टर श्री सिंह ने जाति प्रमाण पत्र के लंबित प्रकरणों को गंभीरता के साथ शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए।बैठक में एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, संयुक्त कलेक्टर री हरवंश मिरी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस, एसडीएम श्री लवकेश धु्रव, श्री सोनाल डेविड, श्री महेश राजपूत, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम धु्रव सहित सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, एएसएलआर उपस्थित थे। -
दुर्ग। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार से केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव लौट आए हैं। वे आज सोमवार को दुर्ग के गंजपारा स्थित कार्यालय में दोपहर 12 बजे से जनदर्शन के लिए बैठेंगे, जहां वे कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश देंगे।
मंत्री कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 15 दिनों से शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव पार्टी के निर्देशानुसार पश्चिम बंगाल के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रहे। इस दौरान उन्होंने चुनावी जनसंपर्क, रोड शो एवं केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी की सभाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मतदाताओं से सघन संपर्क कर भाजपा के पक्ष में मतदान का आह्वान किया तथा बंगाल में भयमुक्त एवं सुशासन की सरकार बनाने के संकल्प को मजबूत किये। साथ ही, स्थानीय कार्यकर्ताओं में उत्साह एवं ऊर्जा का संचार किये।बंगाल प्रवास से लौटने पर आज दुर्ग के भाजपा कार्यकर्ताओं ने रायपुर विमानतल पर उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवा मोर्चा एवं मंडल स्तर के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पूरे उत्साह और जोश के साथ मंत्री गजेन्द्र यादव का स्वागत कर उनके नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किये। -
- शिविर में बच्चों को आध्यात्म के प्रति जागरूक करने और पारंपरिक खेलों से जोड़ने का होगा अभिनव प्रयास
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से एक मई से 30 मई तक तक ग्रीष्मकालीन बाल संस्कार शिविर लगाया जा रहा है। हर साल ऑनलाइन मोड पर लगने वाला यह शिविर इस वर्ष वीकएंड पर ऑफलाइन भी होगा। यानी बाल संस्कार शिविर सोमवार से गुरुवार तक ऑनलाइन चलेगा, तो शुक्रवार व शनिवार को ऑफलाइन होगा और सभी शिविरार्थी बच्चे सुबह सात से आठ बजे महाराष्ट्र मंडल परिसर में जुटेंगे और शिविर को एंजॉय करेंगे।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि अपने बच्चों को आध्यात्म और संस्कारों से जोड़ने का यह अभिभावकों के पास अच्छा अवसर है। इस संदर्भ में 22 अप्रैल को आध्यात्मिक समिति की ऑनलाइन बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा भी सुनिश्चित की गई। आस्था के अनुसार अगर बच्चों को अपने पारंपरिक खेलों से परिचित कराते हुए उससे जोड़ना है, तो आपको शिविर को ऑफलाइन मोड पर लाना ही होगा। हम शुक्रवार और शनिवार को शिविर में बच्चों को पिट्टूल, बिल्लस, पोशमपा, छुपन छुपाई, रेस टीप जैसे खेल भी खिलाएंगे। इसके अलावा बच्चों को नाटक की बुनियादी सीख दी जाएगी। फायरलेस कुकिंग के माध्यम से भी बच्चों को परिस्थितियों से जूझना सिखाया जाएगा।आध्यात्म समिति प्रमुख आकांक्षा गद्रे ने बताया कि ऑनलाइन शिविर सुबह सात से आठ बजे लगेगा। इसमें बच्चों को दैनंदिनी के स्तोत्र, गणपति स्तोत्र, अथर्व शीर्ष पाठ, राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्त्र नाम, गीता का 12वां और 15वां अध्याय सहित विविध मंत्रोच्चार सिखाएं व याद कराए जाएंगे। इसके साथ ही इन मंत्रों का अर्थ भी बच्चों को बताया जाएगा। इसके अलावा उन्हें शिक्षाप्रद कहानियां, सामान्य ज्ञान, पहेलियां बताई जाएंगी। सम सामयिक विषयों पर भी बच्चों से चर्चा की जाएगी। वहीं व्यायाम, योग, ड्राइंग, पेंटिंग, संगीत जैसे सेगमेंट से बच्चों को शिविर से जोड़ा जाएगा।आध्यात्म समिति प्रमुख सृष्टि दंडवते के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को महाराष्ट्र मंडल परिसर में लगने वाले ऑफलाइन शिविर में बच्चों को ब्रेन गेम, खेल-खेल में योग, पेड़- पौधे लगाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। शिविर के प्रत्येक सेगमेंट के लिए अलग- अलग प्रशिक्षक अथवा प्रशिक्षिकाओं की व्यवस्था की गई है। सृष्टि ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन मोड पर शिविर से जुड़ने वाले शहर से बाहर के बच्चों के लिए शुक्रवार और शनिवार को भी ऑनलाइन शिविर से जुड़ने की सुविधा होगी। उन्हें ऐसी प्रशिक्षक का सानिध्य भी मिलेगा, जो शहर के बाहर ऑनलाइन शिविर में अपनी सेवाएं दे रहे होंगे। सृष्टि के अनुसार बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय प्रमुख कार्यवाह शेखर राव साहेब अमीन और छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले के माध्यम से ऑनलाइन शिविर को लेकर बड़े पैमाने पर प्रचार- प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस शिविर से लाभान्वित हो सके। -
-21 गायिकाओं की सुरीला सफर ‘अभी ना जाओ छोडकर’ से शुरू होकर ‘जीते हैं शान से...’ तक रहेगा जारी
रायपुर। 12 अप्रैल को फिल्म इंडस्ट्री की सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन के करीब पखवाड़े भर बाद महाराष्ट्र मंडल का म्युजिकल ग्रुप संगीतमय कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि देने जा रहा है। 29 अप्रैल, बुधवार को शाम सात बजे आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में 21 महिला सभासद गायिकाएं आशा भोसले के चुनिंदा 21 गानों की सुमधुर प्रस्तुति देकर उन्हें श्रद्धसुमन अर्पित करेंगी।
कार्यक्रम की संयोजक भारती पलोसकर ने बताया कि कार्यक्रम में उन्हीं गायिकाओें के गाने सुनने का अवसर मिलेगा, जो पहले से ही लाइव म्युजिक अथवा कोराओके माध्यम से अपनी आवाज का जादू बिखेरते रहे हैं। इतना तो तय है कि भारतीय फिल्मों की वर्सिटाइल सिंगर आशा भोसले को श्रद्धांजलि देने का यह संगीतमय सिलसिला ‘अभी न जाओ छोड़कर’ से शुरू होकर ‘दम मारो दम मिट जाए गम, ‘ये मेरा दिल प्यार का दिवाना’, दो लफ्जों की है दिल की कहानी या है मोहब्बत या है जुबानी से होते हुए ‘… जीते हैं शान से, मरते हैं शान से’ तक जाकर ही थमेगा। भारती के अनुसार कार्यक्रम में संगीतप्रेमियों को हर दशक और प्रत्येक एरा के चुने हुए बेहतरीन गानों को एंजॉय करने का मौका मिलेगा।कार्यक्रम की सह संयोजक अंकिता किरवई ने जानकारी दी है कि आशा भोसले के गानों को अपनी मौलिक आवाज में हम तक पहुंचाने वाली महाराष्ट्र मंडल की गायिकाओं में भारती पलसोदकर, देविका देशपांडे, स्वाति जोशी, वैशाली जोशी, प्रीति केसकर, अंकिता किरवई, मंजरी बक्षी, साक्षी जोशी, अंजलि कान्हे, सुमिता रायजादा, रुक्मणी रामटेके, प्रगति ओगले, सुरेखा पाटिल, अस्मिता कुसरे, निशा देव, स्मिता राजे, अनुभा झा, सुप्रिया शेष, पूजा सिंग, आरती दीप शामिल हैं। आशीष गुप्ता, रंजन मोड़क सहित अनेक संगीत के क्षेत्र से जुड़े सदस्यों का सहयोग भी कार्यक्रम में मिलेगा।अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि संगीतमय कार्यक्रम के रूप में यह महाराष्ट्र मंडल का पहला प्रयोगात्मक प्रयास है। हमें विश्वास है कि फिल्मी गानों को पसंद करने और आमतौर पर सुनने वाले संगीतप्रेमी दर्शक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जुटेंगे। जिससे हर आयुवर्ग की गायिकाओं को प्रोत्साहन की ऊर्जा मिलेगी। मंडल के अनेक रंगसाधकों ने भी 29 अप्रैल के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शकों से पहुंचने की अपील की है, ताकि भविष्य में भी ऐसे संगीतमय आयोजन जारी रहें। -
0 अध्यक्ष काले का आग्रह- समसामयिक विषय पर आधारित नाटक मराठी के साथ हिंदी में भी मंचित करें, ताकि इसका संदेश पहुंचे अधिकाधिक लोगों तक
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में वरिष्ठ रंगसाधकों ने एक बार फिर सम सामयिक ज्वंलत विषय पर आधारित नाटक ‘सेलिबेशन’ को मंचित करने की तैयारी शुरू कर दी है। सन् 2003 को प्रशांत दलवी द्वारा मराठी में लिखे गए इस नाटक का वाचन रंगसाधक- निर्देशक प्रसन्न विजय निमोणकर ने प्रिया प्रशांत बक्षी के साथ किया, तो कक्ष में बैठे तमाम कलाकार स्तब्ध रहे गए। कुछ की तो आंखें नम थीं। कोई भी कलाकार कुछ कहने की स्थिति में नहीं था।दो अंकों वाले इस नाटक के निर्देशक प्रसन्न निमोणकर और मार्गदर्शक अनिल श्रीराम कालेले होंगे। नाटक में कुछ और कसावट लाने के बाद इसकी स्क्रिप्ट को लॉक किया जा रहा है। उसके बाद नाटक के प्रत्येक पात्रों पर कलाकारों के नामों की अंतिम मुहर लगाकर इसकी रिहर्सल शुरू की जाएगी। ‘सेलिबेशन’ की स्क्रिप्ट सुनने के लिए मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते, रंजन मोडक, पवन ओगले, प्रिया बक्षी, कुंतल कालेले, कीर्ति हिशीकर, अभिषेक बक्षी, जयेश कालेले, रविंद्र ठेंगड़ी, नवीन देशमुख, समीर टुल्लु सहित अनेक रंगसाधक उपस्थित रहे।स्क्रिप्ट वाचन के बाद अध्यक्ष अजय काले ने नए नाटक को लेकर सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आग्रह किया कि चूंकि यह नाटक मराठी में लिखा गया है, इसलिए केवल मराठी तक ही इसे सिमित न रखें। बेहद ज्वलंत, गंभीर विषय पर लिखे गए इस नाटक का मैसेज सही मायनों में हिंदी में मंचन करने के बाद ही अधिकाधिक लोगों का पहुंचेगा। इसके साथ ही महाराष्ट्र मंडल के कलाकारों को रायपुर के अलावा दूसरे शहरों में इस नाटक को मंचित करने का अवसर मिलेगा। काले ने स्पष्ट किया कि इस नाटक का मंचन किसी तीज- त्योहार या पूर्व निर्धारित उत्सव पर नहीं, बल्कि किसी विशेष अवकाश के दिन किया जाएगा, ताकि बड़ी संख्या रंगप्रेमी दर्शक इसे देखने के लिए जुट सके।नाटक के रिहर्सल को लेकर सचिव चेतन दंडवते ने भी कई अहम् सुझाव दिए। मार्गदर्शक कालेले व निर्देशक निमोणकर को अध्यक्ष का सुझाव पसंद आया। इस पर अंतिम निर्णय लेने के बाद जल्द ही ‘सेलिब्रेशन’ की रिसर्हल शुरू की जाएगी। दोनों ने ही यह स्पष्ट किया कि नाटक में कई पुराने रंगसाधकों के साथ नए कलाकारों को भी अभिनय करने का मौका मिलेगा। -
0- महाराष्ट्र मंडल के फिट उत्सव में दिखा हर वर्ग के प्रतिस्पर्धियों में उत्साह
0- फिल्मी गानों पर सभी ने जमकर किया जुंबारायपुर। हम भारतीयों के खाने की थाली में आमतौर पर रोटी, सब्जी, दाल, चावल और मिठाइयां नजर आती हैं। इन दिनों आम का सीजन होने के कारण आम बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। हम लोग आमतौर पर कुछ मीठा पहले, तो कुछ मीठा भोजन के अंत में खाते हैं। हमारा डाइट अच्छा है, लेकिन इसे लेने का तरीका हमें बदलना होगा। डाइट का सही तरीका आपको फिट रखेगा और यही हमारे आज के कार्यक्रम का लक्ष्य है। उक्त बातें महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित फिट उत्सव के दौरान फिटनेस कोच श्रेयस कुलकर्णी ने कही।श्रेयस ने बताया कि आमतौर पर भारतीयों का आहार ज्यादा कार्बोहाइड्रेटयुक्त होता है, जो उनके वजन बढ़ने और डायबिटीज का बड़ा कारण है। हमारी थाली को संतुलित करने के लिए हमें भोजन में प्रोटीन और फाइबर को शामिल करना होगा। फिट रहने के लिए खाने का आर्डर क्या होना चाहिए, यह जिज्ञासा सबके मन में आती है। डायट विशेषज्ञ श्रेयस ने अनुसार सबसे पहले आपको सलाद खाना चाहिए, जिसमें आपको फाइबर मिलेगा, उसके बाद वसा और प्रोटीन खाना है जैसे अंडा, चिकन, पनीर, टोफू, दही आदि। उसके बाद उसके बाद सब्जियां जैसे लौकी, भिंडी, कद्दू, गोभी और अंत में दाल चावल, ओट्स का उपमा, दलिया खाना चाहिए।श्रेयस ने आगे कहा कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक ऐसा व्यायाम है, जिसमें मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए बाहरी प्रतिरोध जैसे डंबल, रेजिस्टेंस बैंड या शरीर के वजन का उपयोग किया जाता है। इसके लिए आपको सिर्फ जिम जाने की जरूरत नहीं है, आप घर पर रहकर भी अपनी स्ट्रेंथ बिल्ड कर सकते हैं। ट्रेनिंग शुरू करने से पहले पांच-10 मिनट का वार्मअप (जैसे जंपिंग जैक या हल्की जॉगिंग) जरूर करें, जिससे चोट न लगे। आप बिना किसी उपकरण के भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं।मोटिवेशनल टॉक के तहत युवा समिति की प्रमुख डाॅ. शुचिता देशमुख ने कहा कि फिट रहने के लिए जागरूक होने की कोई उम्र नहीं होती। आप जब सक्रिय होंगे, तब से आपकी फिटनेस अच्छी होनी शुरू हो जाएगी। फिट उत्सव का उद्देश्य भी यही है कि लोगों को कैसे फिट रखा जाए, वो भी तब, जब हमारी पीढ़ी का डाइट प्लान पूरी तरह बिगड़ा हुआ है। आज हम जंक फूड से घिरे हैं। ऐसे में सही डाइट और सही तरीके से डाइट बेहद जरूरी है। कार्यक्रम की शुरुआत श्रावणी मुकादम के जुंबा डांस के साथ की गई। इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, अजय पोतदार, शुभम् पुराणिक, पल्लवी मुकादम, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, मेघा पोतदार सहित बड़ी संख्या में युवा समिति के पदाधिकारी, सभासद और प्रतिस्पर्धी उपस्थित थे।*स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के चरण:-*0- स्क्वैट्स: पैरों की ताकत के लिए 0- पुशअप्स: छाती और बाहों के लिए 0- लंजेस: पैरों और संतुलन के लिए 0- प्लैंक्स: कोर (पेट) की ताकत के लिए (20-60 सेकंड तक रुकेग्लूट ब्रिजेस: हिप्स के लिए। -
बिलासपुर/ देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके को अपने पुत्र शिवांश रामटेके के इलाज के लिए मुख्यमन्त्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से बड़ी राहत मिली है सिकलसेल की गंभीर बीमारी से जूझ रहे 15 वर्षीय बालक को इस सहायता से जीवनदान मिला है जिसके लिए परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके ने बताया कि उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती तब खड़ी हो गई, जब उन्हें ये पता चला कि उनका पुत्र सिकलसेल की गंभीर बीमारी से ग्रसित है। प्राइवेट कंपनी में नौकरी से महँगा इलाज करा पाना उनके लिए संभव नहीं था ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना की जानकारी मिली और उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। त्वरित रूप से उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें 15 लाख रुपए इलाज के लिए मिले।मनीष कश्यप बताते हैं कि यह दिन उनके लिए सबसे बड़ी खुशी का दिन था उन्हें बेटे के इलाज और जीवन बचाने की उम्मीद मिली योजना के तहत 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता से बेटे के इलाज का रास्ता आसान हुआ और परिवार के जीवन में खुशियां लौटी, शिवांश इलाज के बाद अब पूरी तरह स्वस्थ है और डाक्टरों की निगरानी में है। शिवांश के पिता भावुक होकर कहते हैं कि मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल ने उनके बेटे को नया जीवन दिया है , जिसके लिए वे उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। - रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को बूथ क्रमांक 203, क्लब हाउस, विनायक सिटी, भाठागांव रायपुर में मन की बात कार्यक्रम के 133वें संस्करण का श्रवण किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, मंत्री केदार कश्यप, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, भाजपा प्रदेश मंत्री अमित साहू, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, जिला अध्यक्ष रायपुर शहर रमेश सिंह ठाकुर, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता सहित आमजन ने भी मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया।मुख्यमंत्री साय ने 'मन की बात' में छत्तीसगढ़ के संरक्षण प्रयासों के उल्लेख पर जताया आभारमन की बात का प्रसारण सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों का विशेष उल्लेख करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री साय ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व और सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हमारे राज्य में काले हिरणों के संरक्षण की दिशा में हो रहे कार्यों की सराहना की है। प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देशवासियों को हर महीने के अंतिम रविवार का बेसब्री से इंतज़ार रहता है। प्रधानमंत्री एक 'परिवार के मुखिया' की भांति 140 करोड़ भारतीयों से जुड़ते हैं और देश के विभिन्न कोनों में हो रहे नवाचारों को साझा करते हैं, जिससे आम जनता को प्रोत्साहन मिलता है। श्री साय ने प्रधानमंत्री द्वारा बांस को 'पेड़' की श्रेणी से हटाकर 'घास' की श्रेणी में लाने के निर्णय की चर्चा की।जिससे अब बांस की कटाई, परिवहन और बिक्री में सुगमता होगी, जो ग्रामीणों के लिए आय का एक बड़ा ज़रिया बनेगा।"मन की बात" हम सभी के लिए प्रेरणादायक : किरण देवभाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कालीपुर के बूथ क्रमांक 14 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस दौरान जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही,मंडल अध्यक्ष महेन्द्र सेठिया, सीमांचल दास, मनोज पटेल, आरेंद्र, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कश्यप, जनपद सदस्य अनिता नागे , संरपंच सरिता भोयर,तेमल कश्यप, प्रदीप गुहा,लाला पटेल, अनंत राम , खगेश्वर भाजपा भोयर,सुरेश ठाकुर,धासीराम ,उदय दुबे,राधे पन्द्रै,प्रेम ठाकुर,व पदाधिकारी, ग्रामीण जन उपस्थित थे।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम हम सभी के लिये प्रेरणादायक है। मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री मोदी समाज के विभिन्न प्रेरणादायी पहलुओं, देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी नई जानकारी व नये कार्यों सहित अनेक विषयों का संदेश देशवासियों से साझा करते हैं। जनभागीदारी के साथ राष्ट्र निर्माण के संकल्प का बड़ा संदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम का आधार है। श्री देव ने कहा कि मन की बात के ज़रिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की करोड़ों करोड़ जनता से सीधे संवाद स्थापित करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देने हम सभी भी आगे आयें।केंद्रीय राज्यमंत्री साहू व कौशिक ने सरगाँव में सुना प्रसारणकेंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने बिल्हा विधानसभा के सरगांव नगर पंचायत बूथ क्रमांक 121 में “मन की बात” का श्रवण किया। इस अवसर पर बिल्हा विधायक धरयलाल कौशिक, पार्टी के पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।टिफिन मीटिंग में दिखी संगठन की आत्मीयता और एकजुटता‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत छत्तीसगढ़ भाजपा द्वारा आयोजित टिफिन मीटिंग में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने साथ लाए टिफिन से भजिया और टमाटर की चटनी कार्यकर्ताओं को स्वयं परोसी और सभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर भोजन किया। आयोजन में संगठन की आत्मीयता स्पष्ट रूप से देखने को मिली कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप फरा, विधायक पुरंदर मिश्रा धुसका-बड़ा, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ठेठरी, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज चौसेला और मोना सेन खुरमी जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन लेकर टिफिन मीटिंग में पहुँचे। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी विविध स्थानीय व्यंजनों से आयोजन को और समृद्ध बनाया।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार की टिफिन बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के बीच भाईचारा और समर्पण की भावना सुदृढ़ होती है तथा मतभेद स्वतः समाप्त हो जाते हैं। श्री साय ने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
- -काले हिरण संरक्षण के प्रयासों को राष्ट्रीय सराहना प्रदेश के लिए गर्व का विषय : कश्यपरायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में छत्तीसगढ़ के काले हिरण संरक्षण कार्यों का उल्लेख किए जाने पर वन मंत्री केदार कश्यप ने इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक क्षण बताया है। श्री कश्यप ने कहा कि यह केवल एक उल्लेख नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के जंगलों, वन्यजीवों और यहां की जनभागीदारी पर आधारित संरक्षण मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। राज्य सरकार के सतत प्रयासों, वन विभाग की सक्रियता और स्थानीय समुदायों की भागीदारी ने मिलकर काले हिरण जैसे संवेदनशील वन्यजीवों के संरक्षण को एक सफल अभियान बनाया है।वन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश में जैव विविधता को सहेजने के लिए आधुनिक तकनीक, सतत निगरानी और जनजागरूकता को प्राथमिकता दी जा रही है। “मन की बात” जैसे राष्ट्रीय मंच पर इन प्रयासों की चर्चा होना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत और विश्वसनीय मॉडल बनकर उभर रहा है। श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण, हरित विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बांस आधारित आजीविका को बढ़ावा देने से जहां ग्रामीणों की आय बढ़ी है, वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी नई दिशा मिली है। श्री कश्यप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर पवन ऊर्जा पर दिए जा रहे बल के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन और आर्थिक विकास दोनों को मजबूती मिलेगी। श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह समय अपनी उपलब्धियों को और आगे बढ़ाने का है। “मन की बात” के माध्यम से मिली यह पहचान प्रदेश के हर नागरिक, वनकर्मी और जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें प्रकृति संरक्षण और सतत विकास के मार्ग पर और अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
- भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व दुर्ग सम्भाग प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा : शीघ्र जारी होगी नई सूचीभिलाई। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं दुर्ग सम्भाग प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही ने बताया है कि भिलाई जिला भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंडल की हाल ही में जारी की गई सूची की घोषणा स्थगित कर दी गई है। श्री पाणिग्रही ने स्पष्ट किया कि संगठन के संज्ञान में यह बात आई है कि जारी की गई सूची में कुछ गंभीर तकनीकी विसंगतियां रह गई थीं। पार्टी की रीति-नीति और सांगठनिक मापदण्डों की पारदर्शिता को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से वर्तमान सूची की घोषणा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं दुर्ग सम्भाग प्रभारी श्री पाणिग्रही ने कहा कि जिला मंडल की पिछली सूची में कुछ तकनीकी त्रुटियाँ पाई गई थीं, जिसे सुधारना आवश्यक है। कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए श्री पाणिग्रही ने कहा कि पार्टी हितों को सर्वोपरि रखते हुए, सभी पहलुओं पर पुनः विचार कर एक नई और त्रुटिहीन सूची शीघ्र ही जारी की जाएगी।
- -‘मन की बात’ के बाद आयोजित टिफिन मीटिंग में दिखी संगठन की आत्मीयता और एकजुटतारायपुर, // ‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत छत्तीसगढ़ भाजपा द्वारा आयोजित टिफिन मीटिंग में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने साथ लाए टिफिन से भजिया और पताल की चटनी कार्यकर्ताओं को स्वयं परोसी और सभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर भोजन किया।आयोजन में संगठन की आत्मीयता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों से टिफिन लाकर एक-दूसरे के साथ भोजन साझा किया। केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप फरा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा धुसका-बड़ा, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ठेठरी, प्रदेश कार्यालय प्रभारी अशोक बजाज चौसेला और मोना सेन खुरमी जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन लेकर टिफिन मीटिंग में पहुंचे। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी विविध स्थानीय व्यंजनों से आयोजन को और समृद्ध बनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अपने हाथों से भोजन कराकर आपसी स्नेह और एकता का परिचय दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि परिवार के सदस्यों की तरह एक साथ बैठकर भोजन करने से आत्मीयता बढ़ती है और आपसी संवाद मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिफिन बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के बीच भाईचारा और समर्पण की भावना सुदृढ़ होती है तथा मतभेद स्वतः समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। भाजपा में नेता और कार्यकर्ता के बीच कोई भेद नहीं है, बल्कि सभी एक समान भाव से संगठन के उद्देश्य के लिए कार्यरत हैं।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने दशकों पूर्व ‘टिफिन बैठक’ की परंपरा प्रारंभ की थी, जिसका उद्देश्य संगठन में आत्मीयता और सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना था। यह परंपरा आज भी भाजपा के संगठनात्मक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। छत्तीसगढ़ में इस पहल की शुरुआत बूथ स्तर से की जा रही है, जिससे संगठन की जड़ों को और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- -स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण : ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचानरायपुर /यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में 'मन की बात' कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है।एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव - काले हिरण - से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है।बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है।छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे।अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया।संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई।इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।काले हिरण के बारे में:काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाएं, सरकारी योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र की रहने वाली शाम कुमारी पहाड़ी कोरवा की सफलता की कहानी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के पहल पर शाम कुमारी को स्वास्थ्य विभाग में रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे अब वे अपनी उच्च शिक्षा का सपना स्वयं के दम पर पूरा कर रही हैं।सरगुजा जिले के विकासखंड लुंड्रा के ग्राम पंचायत चिरमुण्डा निवासी शाम कुमारी वर्तमान में बी.एससी. (B.Sc.) अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। शिक्षा के प्रति उनके जज्बे और आर्थिक आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें 'शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवापारा' में वार्ड आया (Ward Aya) के पद पर पदस्थ किया गया है।अपनी खुशी साझा करते हुए शाम कुमारी कहती हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन रोजगार मिलने से अब राह आसान हो गई है। उन्होंने बताया, मैं बहुत खुश हूँ कि मुझे रोजगार का अवसर मिला है। अब मैं अपनी आगे की पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकती हूँ और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर सकती हूँ।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों (PVTG) के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से शिक्षित पहाड़ी कोरवा युवक युवती को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय और वार्ड आया के 30 पदों पर नियुक्ति किया गया है। शाम कुमारी ने इस अवसर के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन सरगुजा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए शासन द्वारा उठाए जा रहे ये कदम समाज में नया हौसला भर रहे हैं।शाम कुमारी का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य पहाड़ी कोरवा छात्र-छात्राओं के लिए भी एक संदेश है कि शासन की योजनाओं और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
-
आयुष्मान भारत योजना से जिला अस्पताल में इस वर्ष 07 हजार से अधिक लोगों को मिला सुरक्षा कवच
बालोद/जिला अस्पताल बालोद आज केवल एक अस्पताल मात्र नहीं रह गया है, बल्कि यह अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवा का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। यहाँ की स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों के लोगों के लिए भी भरोसे का प्रतीक बन गया है।सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर. के. श्रीमाली ने बताया कि जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। नियमित ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की निरंतर जांच और भर्ती की सुविधा मिली है। पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे से अत्याधुनिक जांच की सुविधा लोगों को मिल रही है। इसके साथ ही विशेष रूप से निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा, विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई में नियमित ही लोग स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल बालोद के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र में सामान्य प्रसव और जटिल सिजेरियन (सीजर) ऑपरेशन की चैबीसों घंटे की उपलब्धता जिलेवासियों को मिल रही है। सिविल सर्जन डाॅ. श्रीमाली ने बताया कि वर्ष 2025-26 में जिला अस्पताल बालोद में 01 लाख 32 हजार 512 लोगों ने ओपीडी के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को लाभ लिया है। जिसमें 11 हजार 225 मरीजों को आईपीडी के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं मिली है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल बालोद में आयुष्मान भारत योजना के तहत इस वर्ष 07 हजार 138 लोगों ने निःशुल्क इलाज करा कर लाभान्वित हुए हैं।स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना आज मध्यम और गरीब परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। बालोद जिले में यह योजना न केवल आंकड़ों में, बल्कि लोगों की मुस्कान और उनके विश्वास में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। जिला अस्पताल बालोद आज अत्याधुनिक सुविधाओं और आयुष्मान कार्ड के सफल क्रियान्वयन के कारण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने वाला नया केन्द्र बनता जा रहा है।आयुष्मान कार्ड की शक्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांकेर जिले के पखांजूर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से भी लोग बालोद आ रहे हैं। पखंाजूर से पहुॅची निकीता बाला ने बताया कि उनके नवजात शिशु को गंभीर स्वास्थ्य समस्या थी, जिसके लिए उन्होंने बालोद जिला अस्पताल के एसएनसीयू पर भरोसा जताया। निकिता बताती हैं कि यहाँ मेरे बच्चे को जो देखभाल मिली, उसने हमें आर्थिक और मानसिक, दोनों ही संकटों से बचा लिया। आयुष्मान कार्ड की बदौलत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज ने हमारे लिए एक अनमोल उपहार की तरह काम किया है। बालोद जिले की निवासी श्रीमती देववती ने बताया कि उन्होंने अपने पहले बच्चे के जन्म के समय निजी अस्पताल में भारी खर्च उठाया था। लेकिन इस बार, उन्होंने जिला अस्पताल बालोद को चुना, यहाॅ उनका प्रसव पूरी तरह निःशुल्क और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों और स्टाफ द्वारा समय पर जांच और सहयोग ने उन्हें निजी अस्पतालों से भी बेहतर अनुभव प्रदान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड ने हम मध्यमवर्गीय परिवारों की इलाज की चिंता को इलाज के भरोसे में बदल दिया है। आज जिला अस्पताल बालोद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करते हुए ‘‘स्वस्थ समाज-सशक्त छत्तीसगढ़‘‘ की नई इबारत लिख रहा है।क्रमांक/92 -
-उप मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' सत्र की अध्यक्षता की, छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों को किया साझा
-केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय जल्दी ही युवा मामलों पर भी आयोजित करेगा विशेष चिंतन शिविररायपुर / केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। श्री साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया।श्री साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके।आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके।चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन श्री अभिनव बिंद्रा, श्री पुलेला गोपीचंद और श्री गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। - बलौदाबाजार / पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से न केवल बिजली बिल से राहत मिल रही है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी भागीदारी का अवसर दे रहा है। सोलर पैनल अपनाकर लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं। शिक्षिका देवश्री साहु ने भी योजना के तहत अपने मकान के छत पर सोलर पैनल लगवाया जिससे अब मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।ग्राम खैरघटा निवासी और पेशे से शिक्षिका देवश्री साहू ने बताया कि सोलर पैनल लगाने की प्रेरणा उन्हें अपने भाई के घर से मिली, जहाँ उन्होंने पहली बार इस तकनीक को देखा और इसके फायदों के बारे में विस्तार से समझा। शासन की इस लोक-कल्याणकारी योजना से प्रभावित होकर उन्होंने जून 2025 में अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करवाया।सोलर पैनल लगने के बाद देवश्री के घर की बिजली व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आया है। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि पहले जिस बिजली बिल के भुगतान की चिंता बनी रहती थी, वह अब लगभग शून्य हो गया है। साथ ही इसे लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार से सब्सिडी भी मिली है। एक शिक्षिका होने के नाते वे समाज में जागरूकता के महत्व को समझती हैं और अब वे अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।देवश्री ने अपनी इस आर्थिक बचत और सहूलियत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण में मददगार है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें बिजली के खर्चों से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' का क्रियान्वयन जिस तेजी से हो रहा है, उसका सीधा लाभ देवश्री जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों को मिल रहा है।







.jpg)





.jpg)










.jpg)


