- Home
- छत्तीसगढ़
- -8 को कारण बताओ नोटिस, 2 ठेकेदारों पर कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया-बस्तर में निरीक्षण और समीक्षा बैठकों में जताई थी गहरी नाराजगी, लापरवाह और काम में देरी करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई के दिए थे निर्देश-सड़कों व पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा सर्वाेच्च प्राथमिकता, लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी - श्री अरुण सावरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव द्वारा सड़कों व पुलों के निर्माण की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जाहिर करने और ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश के बाद विभाग ने दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त कर दिए हैं। लोक निर्माण विभाग ने कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले 8 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं। वहीं पूर्व में दो ठेकेदारों को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब का परीक्षण कर ठेकेदार के विरूद्ध कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया गया है। लोक निर्माण विभाग ने 10 जून को भी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर केशलूर के पास बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज में काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे होने और तय किए गए माइलस्टोन्स के अनुरूप नहीं होने पर ठेकेदार मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पिछले सप्ताह चार दिनों के बस्तर प्रवास के दौरान अपने चारों विभागों के कार्यों का निरीक्षण कर गहन समीक्षा की थी। उन्होंने निरीक्षण और बैठकों के दौरान सड़कों व पुलों के निर्माण की धीमी प्रगति पर अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर गहरी नाराजगी जताई थी। उन्होंने काम में लापरवाही, देरी और अनुबंध के अनुसार अपेक्षित तेजी नहीं लाने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने चार पुलों के निर्माण की धीमी प्रगति पर ठेकेदार मेसर्स गुप्ता कन्सट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है। कंपनी द्वारा भवरडींग नदी पर अदनार-तोतर मार्ग, कोंडागांव के घोटिया-मुंडा-चांदाबेड़ा मार्ग और बड़े राजपुर विकासखंड के पलना-मरीगांव-कुंडई मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है। कंपनी कबीरधाम जिले के बांटीपथरा से कुई (दमगढ़) मार्ग में हॉफ नदी पर भी उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कर रही है। चारों कार्यस्थलों पर कंपनी का काम अपेक्षित गति से काफी पीछे है।विभाग ने कांकेर के आमाबेड़ा- सेमर गांव सड़क पर नेरूल नदी तथा बोड़ागांव-खासगांव-तरादुल मार्ग में डुमरीकेल नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के कार्य में लेट-लतीफी पर ठेकेदार श्री निर्भय राम साहू का पंजीयन आगामी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है। विभाग द्वारा प्रगति की लगातार समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के लिए बार-बार निर्देशित और नोटिस जारी करने के बावजूद इन दोनों ठेकेदारों के काम की गति असंतोषजनक है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा मार्ग के चौड़ीकरण व सुधार कार्य की धीमी गति पर ठेकेदार श्री पंकज हालदार को पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के उत्तर का परीक्षण कर कार्रवाई के लिए बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया है। प्रमुख अभियंता ने सुकमा में पैकपारा-धनीकोड़ता मार्ग तथा केरलापाल-पटेलपारा-सिरसट्टी सड़क के कार्य में भी अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर ठेकेदार श्री आशीष भदौरिया को पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब का परीक्षण कर कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया है।विभाग ने कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बी.एम.एस. प्रोजेक्ट, कोंडागांव में हडेली-कुदूर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स सुराना एंड कंपनी और जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग के ठेकेदार मेसर्स एस.के. अरोरा को कार्यों में धीमी प्रगति के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कार्यस्थलों पर काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे होने और तय किए गए माइलस्टोन्स (महत्वपूर्ण पड़ावों) के अनुरूप नहीं होने पर सुकमा के चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क के ठेकेदार श्री के. मोहन रेड्डी, ट्रांससॉफ्ट इन्फ्रा और मेसर्स राघव कन्सट्रक्शन, कोंटा-गोलापल्ली मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स राघव कन्सट्रक्शन तथा भेज्जी-चिंतागुफा सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार श्री के. मोहन रेड्डी एवं श्री गोविन्द्र सिंह देशमुख को लोक निर्माण विभाग के सुकमा संभाग के कार्यपालन अभियंता द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ’”सड़कों व पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लेट-लतीफी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्यों के पूरे नहीं होने से लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। बस्तर में निर्माणाधीन सड़कों और पुलों को तेजी से पूरे कर बेहतर कनेक्टीविटी सुनिश्चित करने पर जोर है। वहां काम कर रहे ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को अनुबंध के अनुसार निर्धारित प्रगति तथा माइलस्टोन्स पूरे करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। काम में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की जा रही है।“ - श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री
- -छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं झारखंड की तुलना में सस्ती बिजली-बीते वर्षों में महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत में वृद्धि को देखते हुए विद्युत टैरिफ दरों में की गई है मामूली वृद्धिरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा की गई है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। आयोग ने बिजली शुल्क में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि की है। आयोग का कहना है कि पिछले वर्षों में बढ़ी महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत तथा पूर्व वर्षों के घाटे की भरपाई को देखते हुए यह मामूली वृद्धि, जरूरी और न्यायसंगत है।घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में औसतन 30 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। हालांकि उपभोग के अलग-अलग स्लैब के अनुसार यह बढ़ोतरी 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक रहेगी। शून्य से 200 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 30 पैसे प्रति यूनिट, 201 से 600 यूनिट तक खपत करने वालों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट तथा 600 यूनिट से अधिक खपत पर 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि निर्धारित की गई है। राज्य के लाखों परिवारों पर बढ़े हुए टैरिफ का वास्तविक प्रभाव केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के आसपास होगा। टैरिफ वृद्धि करते समय आयोग ने आम जनता और निम्न आय वर्ग के हितों का ध्यान रखा है।सरकार की मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की खपत पर आधा बिजली बिल देने की सुविधा मिल रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर वास्तविक अतिरिक्त भार अपेक्षाकृत कम रहेगा। अनुमान है कि इन उपभोक्ताओं के बिल पर प्रभाव औसतन केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के बराबर होगा।इसी प्रकार 201 से 600 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले कई उपभोक्ता पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर अपनी ग्रिड आधारित खपत 400 यूनिट के भीतर कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं पर भी बढ़ोतरी का प्रभाव बहुत ही कम होने की संभावना है।गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में औसतन 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। वहीं कृषि पंपों के लिए दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी घोषित की गई है। हालांकि कृषि उपभोक्ताओं को राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण इस वृद्धि का सीधा प्रभाव किसानों पर नहीं होगा।उच्च दाब (एचटी) श्रेणी के औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली शुल्क में संशोधन किया गया है। 220 केवी और 132 केवी श्रेणी में ऊर्जा प्रभार में 30 पैसे प्रति यूनिट तथा डिमांड चार्ज में 25 रुपये प्रति केवीए की वृद्धि की गई है। 33 केवी श्रेणी में 40 पैसे प्रति यूनिट और 11 केवी श्रेणी में 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी लागू होगी।नई टैरिफ व्यवस्था में कुछ विशेष रियायतें भी दी गई हैं। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों को व्यावसायिक श्रेणी के बजाय घरेलू श्रेणी में शामिल कर राहत प्रदान की गई है। इसके अलावा विलंबित भुगतान अधिभार की व्यवस्था को भी उपभोक्ता हित में सरल बनाया गया है। अब अतिरिक्त शुल्क केवल वास्तविक विलंब अवधि के आधार पर लगेगा। घरेलू और गैर-घरेलू श्रेणी के 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक अवधि में बिजली उपयोग करने पर 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट भी मिलेगी।आयोग के अनुसार संशोधित दरों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बिजली शुल्क पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड की तुलना में अभी भी कम है। ऐसे में राज्य में उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए बिजली दरें प्रतिस्पर्धी बनी रहेंगी। कुल मिलाकर, बिजली दरों में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन राहत योजनाओं, सब्सिडी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली नीतियों के कारण आम घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम होगा।
- -प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को मिलेगा नया बल, ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगे रोजगार के अवसर-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) की अनूठी पहल, अब महिलाएं खुद करेंगी सौर उपकरणों की मरम्मत और स्थापनारायपुर, / छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक सराहनीय व अभिनव शुरुआत की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत वंदे मातरम् संकुल स्तरीय संघ से जुड़ी 35 महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों को “सोलर दीदी” के रूप में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है। इस प्रशिक्षण के बाद अब ये महिलाएं गांवों में सौर ऊर्जा संयंत्रों और उपकरणों की स्थापना (इंस्टॉलेशन), संचालन तथा उनके रखरखाव व मरम्मत का मोर्चा संभालेंगी।आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा महिलाओं को सोलर सिस्टम की बारीकियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से सोलर पैनल और सिस्टम की तकनीकी जानकारी, इंस्टॉलेशन (स्थापना) की सही प्रक्रिया, सौर उपकरणों का नियमित रखरखाव, खराबी आने पर समस्या निवारण के व्यावहारिक तौर-तरीके बताए गए। इस पहल से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा सेवाओं की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। अब ग्रामीणों को अपने सौर उपकरणों को सुधरवाने के लिए शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि उनके अपने ही गांव में त्वरित तकनीकी सहायता मिल सकेगी।यह अभियान केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होगा। ये सोलर दीदियां ग्रामीण घरों और स्थानीय संस्थानों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने में सीधे तौर पर सहयोग करेंगी। इससे जहां एक ओर ग्रामीण अंचलों में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा का तेजी से विस्तार होगा, वहीं दूसरी ओर सौर संयंत्रों की स्थापना से मिलने वाले कमीशन और तकनीकी सर्विस चार्ज के माध्यम से इन महिलाओं की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और नवाचारपूर्ण कदम है। सोलर दीदी कार्यक्रम महिलाओं को पुरुष प्रधान माने जाने वाले तकनीकी क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने का शानदार अवसर प्रदान करेगा।यह अनूठी परियोजना महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण (हरित ऊर्जा संवर्धन) और सतत विकास के लक्ष्यों को एक साथ हासिल करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश कर रही है। आने वाले समय में ये सोलर दीदियां न केवल कबीरधाम के गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएंगी, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का बड़ा स्रोत बनेंगी।
- -रायगढ़ में बंद पड़ा बायोगैस संयंत्र हुआ पुनः चालू, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावारायपुर । गोबर गैस संयंत्रों का पुनर्जीवन ग्रामीण भारत में ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम है। यह गांवों को एलपीजी (LPG) पर निर्भरता से मुक्त कर पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए उत्तम जैविक खाद प्रदान करता है। राज्य में बायोगैस संयंत्रों के पुनर्जीवन और प्रभावी संचालन की यह पहल ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर गांवों की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायगढ़ जिले के ग्राम बड़े देवगांव (जनपद पंचायत खरसिया) स्थित गोबर गैस (बायोगैस) संयंत्र को पुनः क्रियाशील किया गया है। यह पहल राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, जैविक अपशिष्टों के वैज्ञानिक प्रबंधन और ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ के मार्गदर्शन में संयंत्र का विस्तृत निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान क्रेडा की तकनीकी टीम, जिला पंचायत के अधिकारी तथा ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से संयंत्र की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य संपन्न किए। इसके बाद संयंत्र को सफलतापूर्वक पुनः चालू कर बायोगैस से चूल्हा संचालित कर गैस आपूर्ति की गुणवत्ता और कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए बायोगैस संयंत्रों के नियमित रखरखाव, तकनीकी परीक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को घरेलू ईंधन की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित होगी, एलपीजी पर निर्भरता घटेगी तथा ऊर्जा व्यय में कमी आएगी।बायोगैस संयंत्र न केवल स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराते हैं, बल्कि गोबर और अन्य जैविक अपशिष्टों के प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संयंत्रों से प्राप्त जैविक खाद कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलता है।इस अवसर पर हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को संयंत्र के नियमित संचालन, गोबर की निर्धारित मात्रा में आपूर्ति, पाइपलाइन की समय-समय पर जांच तथा तकनीकी समस्याओं की त्वरित सूचना देने संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों ने संयंत्र के पुनः शुरू होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिलेगी, पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और घरेलू खर्च में बचत होगी।
- रायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों का निराकरण करने और कार्यालयीन समय पर उपस्थित होने वाले श्रेष्ठ अधिकारी-कर्मचारियों को मई माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किये है। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से अपेक्षा की है कि वे ई-ऑफिस पर अच्छे से अच्छा कार्य करें। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित कार्यालय में समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने कार्यक्रम में अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया और उन्हें प्रशंसा पत्र प्राप्त करने के लिए बधाई दी।विभागों में ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम स्थान पर गृह विभाग और दूसरे स्थान पर समाज कल्याण और तीसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन रहा। प्रशंसा पत्र समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने प्राप्त किया।मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए विभागीय सचिव को सम्मानित किया। इसमें श्रेष्ठ फाईल निष्पादन के लिए ई-ऑफिस पर सामान्य प्रशासन विभाग एवं उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव श्री रजत कुमार को प्रथम स्थान पर सम्मानित किया। वहीं पर विधि एवं विधायी की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत को दूसरे स्थान ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इसी तरह से तीसरे स्थान पर गृह एवं श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता को ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य सचिव ने संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी, वरिष्ठ सचिवालय सहायक एवं कनिष्ठ सचिवालय सहायक सहित अन्य कर्मचारियों को भी ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किए है।संयुक्त सचिव श्रेणी में ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अनुपम त्रिवेद्वी को प्रथम, दूसरे स्थान पर अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत को सम्मानित किया गया। वहीं पर परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव श्री कमलेश बंसोड को तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया है। उप सचिव श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव श्री दूरदेशी राम सोन्टापर को प्रथम स्थान पर, दूसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-एक के उप सचिव श्री किशोर कुमार भूआर्य को सम्मानित किया गया। तीसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-6 की उप सचिव ऋतु वर्मा को सम्मानित किया गया। अवर सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान पर विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव श्री अरूण कुमार मिश्रा को सम्मानित किया गया। दूसरे स्थान पर गृह विभाग के उप सचिव श्री पूरन लाल साहू को सम्मानित किया गया। तीसरे स्थान पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अवर सचिव श्री मगनलाल पवार को सम्मानित किया गया।मुख्य सचिव ने अनुभाग अधिकारी श्रेणी में ई-ऑफिस में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अनुभाग अधिकारी प्रथम स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-4 व 1 के अनुभाग अधिकारी श्री नंदकुमार मेश्राम को सम्मानित किया। दूसरे स्थान पर स्वास्थ्य विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री विरेन्द्र कुमार को और तीसरे स्थान के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री भोलेनाथ सारथी को सम्मानित किया। इसी तरह से वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री दूर्गेश रात्रे को सम्मानित किया गया। दूसरे स्थान पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री रामगोपाल सेन और तीसरे स्थान पर स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ कार्यालय सहायक श्री कमलेश यदु सम्मानित हुए।इसी प्रकार से कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान पर नगरीय प्रशासन विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री उमेश यादव, दूसरे स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री भानुप्रसाद और तीसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-2 के कनिष्ठ सहायक श्री सुरेन्द्र कुमार सम्मानित हुए। इसी प्रकार से टेक्नीकल सेक्शन (सेकेट्रीयेट) के ग्रेड-1,2,3 कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में श्री दीपेश कुमार को प्रथम स्थान पर सम्मानित किया गया।
- -नैतिकता से बड़ा कोई बल नहीं होता- श्री शर्मारायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मत्री श्री विजय शर्मा की उपस्थिति में आज वर्ष 2021 एवं वर्ष 2024 के छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित 33 उप पुलिस अधीक्षकों के बुनियादी प्रशिक्षण का नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी में शुभारम्भ हुआ। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आप सभी ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से इस प्रतिष्ठित सेवा में स्थान प्राप्त किया है। यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक सेवा, एक दायित्व, और एक बड़ी जिम्मेदारी है। इस समारोह में पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, अति. पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण श्री दीपाशु काबरा उपस्थित हुए। साथ ही अकादमी के महानिदेशक श्री अजय यादव, वरिष्ट पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमति सोनिया उके एवं अकादमी के समस्त अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि कि आज का दिन न केवल आप सभी नव-नियुक्त उप पुलिस अधीक्षकों के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप सभी ने कठिन परिश्रम, लगन और समर्पण के बल पर इस प्रतिष्ठित पद को प्राप्त किया है। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नैतिकता से बड़ा कोई बल नहीं होता, आज नवीन समाज की आवश्यकता को समझना और उसके आधार पर संवेदनशीलता पूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है। पुलिस केवल कानून का पालन करवाने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की रक्षा करने वाली एक शक्ति है। हमें न केवल अपराध को रोकना है, वल्कि जनता में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करना है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस की पहचान न केवल कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में है, बल्कि राज्य के हर नागरिक को सुरक्षा एवं न्याय दिलाने में भी है। हमारी चुनौती केवल अपराथों पर नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि हमें समाज के विश्वास को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। पुलिसिंग आज केवल शारीरिक साहस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीकों का उपयोग, साइबर अपराधों से निपटने की दक्षता और सामुदायिक जुड़ाव भी शामिल है। इस अवसर पर राज्य के पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम द्वारा कहा गया कि आज का दिन छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार के लिए अत्यंत गौरव और उत्साह का अवसर है। आपने कठिन प्रतियोगी परीक्षा, अथक परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह स्थान प्राप्त किया है। आज से आपका जीवन केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और कानून के शासन को सुट्टढ़ करने के महान दायित्व से जुड़ रहा है।नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी के निदेशक श्री यादव में अपने उद्बोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी में प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल 33 अभ्यर्थी उप पुलिस अधीक्षक बुनियादी प्रशिक्षण हेतु उपस्थित हुये हैं। अधिकांश प्रशिक्षु इंजीनियरिंग में शिक्षा प्राप्त किये हैं। संस्था के निदेशक द्वारा उप. पुलिस अधीक्षकों के 02 वर्षों के पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई कि प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक किन-किन विषयों का अध्ययन करेंगे एवं जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण में क्या-क्या प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।कार्यक्रम के अंत में डॉ. अभिषेक पल्लव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नेताजी सुभाष चंद्र बोसश् राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इसके पश्चात अकादमी परिसर में उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नीम के पौधे का रोपण किया। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों द्वारा 100 पौधों का वृक्षारोपण किया गया।
- -नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएंरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरी लगन और उत्साह के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि आप सभी बच्चों के सपनों को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने बच्चों से पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का परिश्रम और शिक्षा ही आने वाले समय में बच्चों की सफलता का आधार बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने तथा ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से प्रदेश और देश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के सफल, उज्ज्वल और प्रेरणादायी भविष्य की कामना की।
- स्वीट कॉर्न की खेती से समृद्धि की नई मिसाल बने किसान रामचंद्ररायपुर/ कोण्डागांव जिले के किसान अब पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए धान, सब्जियों और अन्य नगदी फसलों के साथ-साथ स्वीट कॉर्न की खेती कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं। जिले में कृषि के क्षेत्र में हो रहे इस सकारात्मक बदलाव का एक प्रेरणादायक उदाहरण बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्राम मारंगपुरी निवासी किसान श्री रामचंद्र साहू हैं, जिन्होंने स्वीट कॉर्न की खेती को अपनाकर आर्थिक समृद्धि की नई पहचान बनाई है।श्री रामचंद्र साहू पिछले तीन वर्षों से स्वीट कॉर्न का उत्पादन कर रहे हैं। उनके बेटे श्री राजेन्द्र साहू ने बताया कि बाजार में इसकी बढ़ती मांग और बेहतर लाभ को देखते हुए इस वर्ष लगभग ढाई एकड़ भूमि में अशोका किस्म के स्वीट कॉर्न की खेती की है। इसके लिए उन्होंने लगभग 7 किलोग्राम बीज का उपयोग किया, जिस पर लगभग 21 हजार रुपये की लागत आई। आधुनिक खेती की पद्धतियों को अपनाते हुए उन्होंने फसल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया, जिसका सकारात्मक परिणाम उन्हें बेहतर उत्पादन और आय के रूप में प्राप्त हो रहा है।उन्होंने बताया कि सामान्य मक्का की तुलना में स्वीट कॉर्न की बाजार में मांग अधिक रहती है। तैयार फसल का प्रत्येक भुट्टा लगभग 7 रुपये प्रति नग की दर से विक्रय होता है। अप्रैल से जुलाई के बीच तैयार होने वाली इस फसल से उन्हें एक सीजन में लगभग दो लाख रुपये तक की आय प्राप्त होती है। कम समय में बेहतर लाभ मिलने के कारण स्वीट कॉर्न किसानों के लिए लाभकारी विकल्प के रूप में उभर रही है। फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन बढ़ाने के लिए श्री साहू नैनो यूरिया का भी उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार नैनो यूरिया के प्रयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई है तथा पौधों के विकास और उत्पादन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इसके साथ ही उन्होंने शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेकर अपनी खेती को और अधिक सशक्त बनाया है।श्री रामचंद्र साहू को कृषि विभाग की योजनाओं के अंतर्गत शैलो ट्यूबवेल तथा स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली का लाभ भी प्राप्त हुआ है। इन सुविधाओं के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव हो रही है और फसल उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। आधुनिक सिंचाई तकनीकों के उपयोग से खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। कोण्डागांव जिले में कृषि के क्षेत्र में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। किसान अब धान और पारंपरिक फसलों के साथ सब्जी उत्पादन, स्वीट कॉर्न तथा अन्य लाभकारी फसलों की खेती की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं। आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों, नैनो उर्वरकों और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के उपयोग से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है तथा खेती अधिक लाभकारी बन रही है।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ शासन की ‘मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस’ योजना बेमेतरा जिले में दलहन उत्पादन को नई ऊंचाई दे रही है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और उन्नत खेती तकनीकों के चलते जिले में ग्रीष्मकालीन उड़द-मूंग की खेती का रकबा एक वर्ष में चार गुना से अधिक बढ़ गया है। पिछले वर्ष 285 हेक्टेयर में होने वाली खेती इस वर्ष बढ़कर 1191 हेक्टेयर तक पहुंच गई है।विकासखंड नवागढ़ के ग्राम हरदी के किसान इंद्रकुमार ने ग्रीष्मकालीन उड़द की खेती कर सफलता की नई मिसाल पेश की है। कृषि विभाग के अनुसार उन्हें 7 से 8 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन मिलने की संभावना है। वहीं कोरकापारा के किसान शिवशंकर वर्मा को 5 से 6 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन का अनुमान है। दोनों किसानों ने उन्नत बीजों और वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाकर बेहतर परिणाम हासिल किए हैं।कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि उड़द और मूंग जैसी दलहन फसलें किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता में भी सुधार करती हैं। जिले में करीब 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में 1280 किसानों द्वारा उड़द फसल के प्रदर्शन लगाए गए हैं, जिससे अन्य किसान भी आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। बेमेतरा में दलहन खेती का बढ़ता दायरा इस बात का संकेत है कि वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
- रायपुर/खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन बेमेतरा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देवकर तहसील के ग्राम गाड़ाडीह में अवैध रूप से भंडारित 585 बोरी उर्वरक जब्त कर गोदाम सील कर दिया। जब्त उर्वरकों में बायो पोटाश और बायो ऑर्गेनिक फास्फेट शामिल हैं।कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने छापेमारी के दौरान करीब 29.25 मीट्रिक टन उर्वरक का अवैध भंडारण पकड़ा। अधिकारियों ने बताया कि उर्वरकों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अमानक उर्वरकों के कारोबार पर सख्त नजर रखी जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है, ताकि दोषियों के विरूद्ध तत्परता से कार्यवाही की जा सके। जिला प्रशासन ने सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने की बात कही है।
- खरीफ सीजन 2026रायपुर/खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर कृषि विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संयुक्त संचालक कृषि ने बेमेतरा जिले के कृषि अधिकारियों की बैठक लेकर बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता सहित विभिन्न तैयारियों की समीक्षा की।संयुक्त संचालक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने खरीफ फसलों के रकबा विस्तार, उन्नत कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों के किसानों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने, मौसम आधारित कृषि सलाह उपलब्ध कराने और कृषि संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचे और आधुनिक खेती पद्धतियों के प्रति किसानों को लगातार जागरूक किया जाए।बैठक में खरीफ सीजन के लिए बीज एवं उर्वरक भंडारण, उपलब्ध संसाधनों और किसानों के हित में किए जाने वाले कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जिले में खरीफ सीजन के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।
- -20.93 करोड़ की लागत से बनने वाली टंकी से 2500 घरों को मिलेगा पानी-चार वार्डों में 2 किमी राइजिंग मेन पाइपलाइन और 25 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन भी बिछाई जाएगीरायपुर. ।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के खम्हारडीह में बहुप्रतीक्षित 2500 किलोलीटर क्षमता के पानी टंकी के निर्माण का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से करीब 20 करोड़ 93 लाख रुपए की लागत से बनने वाली इस पानी टंकी से शहर के 2500 घरों को पानी मिलेगा। इसके लिए चार वार्डों, वार्ड क्रमाकं-9, 10, 30 और 31 में 25 किमी डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन और 2 किमी राइजिंग मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके निर्माण से इन चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। विधायकगण श्री सुनील सोनी और श्री पुरंदर मिश्रा तथा महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का प्राथमिक दायित्व है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महापौर श्रीमती मीनल चौबे के नेतृत्व में रायपुर के सभी क्षेत्रों का तेजी से विकास किया जा रहा है। रायपुर को राजधानी के अनुरूप सजाया और संवारा जा रहा है। रायपुर के चारों विधायक और महापौर शहर के विकास और जनसुविधाएं बढ़ाने लगातार सक्रियता से विकास एवं निर्माण कार्य स्वीकृत करवा रहे हैं।विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने खम्हारडीह में नई पानी टंकी के निर्माण का अपना वादा आज पूर्ण कर दिया है। पूर्ववर्ती सरकार ने जितना काम 5 वर्षों में नहीं किया, श्री विष्णु देव साय की सरकार ने उससे कहीं अधिक कार्य अपने ढाई साल के कार्यकाल में कर दिखाया है। वहीं महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि आज का दिन खम्हारडीह में जल समस्या के स्थायी निदान के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इसके लिए केवल राशि ही नहीं दी है, बल्कि उन्होंने यहां के लोगों को जलापूर्ति का साधन दे दिया है। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर नगर निगम में जल कार्य विभाग के अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू, जोन-3 अध्यक्ष श्रीमती साधना प्रमोद साहू, एमआईसी सदस्यगण श्री महेन्द्र खोडियार, श्रीमती संजना संतोष हियाल, श्री अवतार भारती बागल, श्री अमर गिदवानी, जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल और श्री रमेश सिंह ठाकुर सहित अनेक पार्षदगण भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -बस्तर के आर्थिक विकास और लघु वनोपजों के समुचित उपयोग के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचनरायपुर /नक्सलवाद का दंश झेलते-झेलते बस्तर चार दशकों तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा, लेकिन अब नक्सलवाद की समाप्ति के साथ केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा, पांचजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गया था। अब परिस्थितियां बदल रही हैं और एक नए, विकसित तथा समृद्ध बस्तर के निर्माण का अवसर प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे आमजन को मूलभूत सुविधाओं सहित सभी आवश्यक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पूर्व ही यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण किए हैं। उनके नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली सफलता भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया गया।उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व समाज में विश्वास और उत्साह का संचार करता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में माओवाद के विरुद्ध सामूहिक संकल्प विकसित हुआ। सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा, आम जनता खुलकर माओवाद के विरोध में सामने आई और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की। इस संघर्ष में लेखकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह बस्तर आए थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से मुलाकात कर उनके योगदान की सराहना की थी।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री राजीव रंजन प्रसाद और सुश्री रचना नायडू ने यह पुस्तक ऐसे समय में लिखी है, जब माओवाद की समाप्ति हो चुकी है। इस दृष्टि से यह पुस्तक और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। समय के साथ स्मृतियां धुंधली हो जाती हैं और घाव भरने लगते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि माओवाद के कठिन दौर और उससे मुक्ति के संघर्ष को दस्तावेज़ी रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उससे सीख सकें।उन्होंने कहा कि जब भावी पीढ़ियां इस विषय पर लिखी पुस्तकों को पढ़ेंगी, तब उन्हें यह समझने का अवसर मिलेगा कि माओवाद से मुक्ति के लिए समाज और सुरक्षा बलों ने कितना कठिन संघर्ष किया तथा कितने जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह पुस्तक उन्हें यह भी बताएगी कि हिंसा किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकती और लोगों का विश्वास केवल संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर ही जीता जा सकता है।मुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि लेखकों ने अत्यंत गंभीर और व्यापक शोध किया है। उन्होंने बस्तर समाज के विभिन्न वर्गों, आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा नक्सलवाद को निकट से देखने और झेलने वाले लोगों से संवाद कर महत्वपूर्ण तथ्यों का संकलन किया है। पुस्तक यह उजागर करती है कि किस प्रकार माओवादी नेतृत्व ने अपने कैडर का विस्तार किया और अनेक परिवारों पर संगठन में सदस्य भेजने का दबाव बनाया।मुख्यमंत्री ने कहा कि लेखकों ने अपने शोध में जिन पूर्व नक्सलियों से बातचीत की, उनमें लगभग 80 प्रतिशत लोग अशिक्षित या केवल पांचवीं कक्षा तक शिक्षित पाए गए। जिस आयु में उनके हाथों में कलम होनी चाहिए थी, उस आयु में उन्हें हथियार थमा दिए गए। माओवाद ने एक पूरी पीढ़ी को शिक्षा से वंचित रखा, उन्हें परिवार और समाज से दूर कर दिया। उन्होंने कहा कि श्री राजीव रंजन प्रसाद ने बस्तर पर पहले भी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें माओवाद का वास्तविक चेहरा उजागर करने के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का भी प्रभावी चित्रण किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब बस्तर के नवनिर्माण का समय है। राज्य सरकार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के जरिए शासकीय योजनाओं का लाभ सैचुरेशन मोड में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। जहां पहले सुरक्षा कैंप स्थापित थे, वहां अब सेवा डेरे विकसित किए जा रहे हैं, जो शासकीय सेवाओं, कौशल विकास और उद्यमिता के केंद्र बनेंगे।उन्होंने कहा कि वर्तमान में बस्तर की लगभग 85 प्रतिशत आबादी की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन के माध्यम से अगले तीन वर्षों में इस आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। सहकारिता के माध्यम से बस्तर को अग्रणी संभाग बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जनजातीय परिवारों को गाय अथवा भैंस उपलब्ध कराकर कृषि के साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और उन्हें बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नए बस्तर में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से यहां की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने पुस्तक के लेखक श्री राजीव रंजन प्रसाद और सुश्री रचना नायडू को इस महत्वपूर्ण कृति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक को बताया वर्षों की मेहनत का परिणामविधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक वर्षों की मेहनत और गहन अध्ययन का परिणाम है। यह पुस्तक किसी वातानुकूलित कक्ष में बैठकर नहीं लिखी गई, बल्कि बस्तर के दूरस्थ जंगलों तक पहुंचकर, आत्मसमर्पित नक्सलियों से संवाद कर और जमीनी वास्तविकताओं को समझकर तैयार की गई है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा - माओवाद पेट से नहीं, दिमाग से आया थाउप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि माओवाद किसी आर्थिक आवश्यकता से नहीं, बल्कि एक विचारधारा के रूप में आया था। इसका उद्देश्य बंदूक की नली के बल पर सत्ता स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि आज वे बंदूकें वापस रखवाई जा चुकी हैं और समाज सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।इस दौरान उन्होंने बाबा नागार्जुन की कविता का उल्लेख भी किया। श्री शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद बस्तर में मेलों, मड़इयों और साप्ताहिक बाजारों में फिर से रौनक लौट आई है। देवगुड़ियों में पूजा-पाठ पुनः प्रारंभ हो गया है। राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के लिए बेहतर पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है तथा इसके लिए पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने भी पुस्तक के लेखक श्री राजीव रंजन प्रसाद एवं सुश्री रचना नायडू को बधाई और शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम में साहित्य, मीडिया, समाज सेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
- -रायपुर प्रेस क्लब के प्रस्ताव पर रामकृष्ण प्रबंधन ने दी सहमति-रायपुर प्रेस क्लब में स्वास्थ्य शिविर का ‘आभार एवं समापन समारोह’ संपन्न-डॉ. संदीप दवे की बड़ी घोषणा: पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए स्वास्थ्य जाँच शिविर अब 30 जून तक बढ़ा-अस्पताल की ओपीडी और निशुल्क दवाइयों के साथ हॉस्पिटल चार्ज में हमेशा मिलेगी भारी छूटरायपुर ।: छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के तत्वावधान में रायपुर प्रेस क्लब के सम्मानित सदस्यों, पत्रकार साथियों एवं उनके परिजनों के लिए आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का "आभार एवं समापन समारोह" आज रविवार को रायपुर प्रेस क्लब, मोती बाग में गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ।रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल, रायपुर द्वारा आयोजित इस शिविर के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप दवे उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सतीश थोरानी ने की। इस दौरान रायपुर प्रेस क्लब के तमाम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पत्रकारगण मौजूद थे।शिविर की अवधि 30 जून तक बढ़ी, कूपन धारकों को राहतसमारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. संदीप दवे ने पत्रकारों की सामाजिक सहभागिता और उनके कठिन कार्य परिवेश की सराहना की। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पत्रकारों और उनके परिवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर की अवधि को अब 30 जून 2026 तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। पूर्व में पत्रकारों को जारी किए गए कूपन के माध्यम से वे इस विस्तारित अवधि तक अपनी निशुल्क जाँचें करवा सकेंगे।पत्रकारों के लिए हमेशा रहेगी विशेष छूटडॉ. संदीप दवे ने पत्रकार जगत को एक और बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की कि शिविर समाप्त होने के बाद भी रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल में पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए विशेष रियायतें जारी रहेंगी। इसके तहत:नि:शुल्क ओपीडी (OPD) की सुविधा मिलेगी।दवाइयों पर 10% की छूट प्रदान की जाएगी।हॉस्पिटल चार्ज (अस्पताल के अन्य शुल्कों) में 30% की स्थायी छूट हमेशा लागू रहेगी।कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री सतीश थोरानी और रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने इस मानवीय पहल के लिए रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल प्रबंधन और डॉ. संदीप दवे का आभार व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि इस शिविर से सैकड़ों पत्रकार परिवारों को सीधे तौर पर लाभ मिला है और भविष्य में मिलने वाली छूट से उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिलेगी।समारोह के अंत में रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सफल आयोजन के लिए सभी सम्माननीय अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा एवं राधा कृष्ण सुंदरानी के अलावा कार्यक्रम संयोजक अमर गीदवानी, के साथ कार्यक्रम समन्वयक अनिल जोतसिंघानी और चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के प्रमुख पदाधिकारी गण मौजूद रहे एवं कार्यक्रम में प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा भारतीय, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े के साथ वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश शर्मा ,प्रशांत शर्मा, संदीप पुराणिक, ताहिर हैदरी, प्रदीप दुबे, विजय शर्मा , विद्या भूषण सिन्हा, रमेश पांडेय, प्रत्यूष शर्मा एवं पत्रकारगण उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री 36वें नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप के समापन समारोह में हुए शामिल-24 राज्यों के 810 खिलाड़ी हुए शामिल, मध्यप्रदेश बना ओवरआल चैंपियनरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय में आयोजित 36वें नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को पुरस्कार प्रदान किए। विगत 12 जून से प्रारंभ इस चैंपियनशिप में देश के 24 राज्यों के 810 खिलाड़ियों तथा करीब 400 अधिकारियों, खेल संघों के पदाधिकारियों और सपोर्टिंग स्टॉफ ने भागीदारी की। चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश ओवरऑल चैंपियन बना। केरलम और ओड़िशा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब भी समापन समारोह में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समापन समारोह में खिलाड़ियों और विभिन्न राज्यों से आए कयाकिंग-कैनोइंग संघों के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी इस खेल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। देशभर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में राज्य के लिए पदक जीत कर ला रहे हैं। राज्य में कयाकिंग-कैनोइंग को और आगे बढ़ाने सरकार हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। भारत सरकार 2047 तक विकसित भारत के साथ ही देश को दुनिया की पांच बड़ी खेल शक्तियों में शामिल करने रोडमैप बनाकर काम कर रही है। ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा पदक जीते, इसके लिए योजना बनाकर काम कर रही है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आज खेलों का महत्व केवल खेल तक ही सीमित नहीं है। यह नौजवानों के विकास और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने का बड़ा माध्यम है। देश के वातावरण को बदलने के लिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं को खेल के मैदान में लाना पड़ेगा। खेल के मैदान से सब कुछ मिलता है। मान-सम्मान, धन-दौलत, शोहरत... ये सब खेल के मैदान से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो खेलेगा वही खिलेगा, इसलिए आप खूब खेलें, खूब आगे बढ़ें। उन्होंने नवा रायपुर में इस चैंपियनशिप के शानदार आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद तीन दिनों तक यहां अच्छा आयोजन हुआ है। देशभर के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि खेल अब एक अच्छा करियर भी हो गया है। खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए सरकार लगातार सुविधाओं व अधोसंरचनाओं को मजबूत कर रही है। इससे बड़ी संख्या में युवा खेलों को अपना रहे हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के सभी विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।नवा रायपुर के सेंध जलाशय में 36वें नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप के तहत महिला एवं पुरूष वर्ग में जूनियर और सब-जूनियर स्तर पर कयाकिंग-कैनोइंग की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ प्रदेश कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री बलदेव सिंह भाटिया, सचिव श्री प्रशांत रघुवंशी, एशियन कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री प्रशांत कुशवाहा, उत्तराखंड कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के डॉ. डी.के. सिंह और ओड़िशा कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के श्री विपिन दास सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी (राछा) स्थित सत्य निजनाम बोध संस्थान में आयोजित सत्य निजनाम सत्संग सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर संस्थान के सदस्यों ने पुष्पवर्षा एवं गजमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने परमपूज्य सद्गुरु सत्य कबड्डीदास जी एवं पूजनीया गुरुमाता सत्य लीला देवी जी से भेंट कर आशीर्वाद लिया तथा आश्रम परिसर में लाल चंदन का पौधा रोपा।सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सत्य निजनाम बोध संस्थान आध्यात्म और नशामुक्ति के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। आध्यात्मिक मूल्यों से ही स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए नशामुक्ति को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। राज्य सरकार नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई कर रही है तथा जनजागरूकता के माध्यम से समाज को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को निरंतर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का नया वातावरण बना है। अब इन क्षेत्रों में सड़क, दूरसंचार, राशन वितरण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076, अटल डिजिटल सेवा केंद्र और अन्य नागरिक सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सत्य निजनाम बोध संस्थान के अनुयायी उपस्थित थे।
- -बोदरी में संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती समारोह में हुए शामिल, 42 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास-सामुदायिक भवन, खेल मैदान, स्कूल उन्नयन और तालाब सौंदर्यीकरण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएंरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के बोदरी में आयोजित संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने संत गाडगे बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए सेवा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता तथा मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क अधोसंरचना विकास की आधारशिला है और इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे बाबा का संपूर्ण जीवन समाज सुधार, स्वच्छता और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने छुआछूत, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित स्वच्छ भारत मिशन, संत गाडगे बाबा के स्वच्छता और जनजागरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कन्नौजे रजक समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपये तथा संत गाडगे भवन निर्माण हेतु 25 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही सन्नडय कुर्मी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 60 लाख रुपये और वर्मा समाज के सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने धमनी-चकरभाठा मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में उन्नयन, बोदरी में एयरपोर्ट के समीप खेल मैदान उपलब्ध कराने तथा जोरा तालाब के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और समाज के पदाधिकारियों का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित और जागरूक बनाने में सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- बालोद । बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम रेंगनी निवासी श्रीमती उमा बाई और उनके परिवार के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना किसी वरदान से कम नहीं रही। कभी उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर था, जहां बरसात के दिनों में छत से लगातार पानी टपकता रहता था। बारिश के चार महीने पूरा परिवार डर और परेशानी के बीच जीवन बिताता था। रातों की नींद और दिन का सुकून दोनों छिन जाता था। बरसात शुरू होने से पहले हर साल खपरैल और दीवारों की मरम्मत करानी पड़ती थी, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता था।परिवार का सपना था कि उनका भी एक पक्का मकान हो, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यह सपना पूरा होना मुश्किल लग रहा था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। वर्ष 2024-25 में उनका आवास स्वीकृत हुआ और मकान निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि मिली। इसके बाद धीरे-धीरे उनका पक्का मकान तैयार हो गया। अब परिवार सुरक्षित और निश्चिंत होकर अपने नए घर में रह रहा है।श्रीमती उमा बाई ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना ने उनके परिवार का वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। अब उन्हें बारिश के मौसम का डर नहीं सताता और पूरा परिवार खुशहाल जीवन जी रहा है।
- -कलेक्टर-एसएसपी ने रक्तदाताओं का बढ़ाया उत्साहबिलासपुर /भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा बिलासपुर द्वारा विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जल संसाधन विभाग परिसर स्थित प्रार्थना सभा कक्ष में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 28 यूनिट रक्तदान किया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि “रक्तदान एक ऐसा महादान है, जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है। स्वस्थ व्यक्ति को स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि दुर्घटना, गंभीर बीमारी अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में रक्तदान ही मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होता है। युवाओं को आगे आकर रक्तदान के इस पुनीत कार्य में सहभागी बनना चाहिए। कलेक्टर एवं एसएसपी ने शिविर में पहुंचकर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया तथा रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए उनके योगदान की सराहना की।कार्यक्रम के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने भी रक्तदान किया तथा लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। रक्तदान शिविर के सफल संचालन में जिला चिकित्सालय बिलासपुर एवं श्री राम ब्लड बैंक की टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉससोसाइटी के अध्यक्ष श्री बी.एल. गोयल, श्री सुनील सोन्थलिया, डॉ. राजू अवस्थी, श्री सौरभ सक्सेना, श्री अमरजीत दुआ, श्री आदित्य पांडे, श्री लक्ष्मी नारायण मिश्रा, श्री सुशील राजपूत, श्री मनीष मिश्रा, श्रीमती ममता लहरे, श्रीमती पूजा नौरीश सहित अन्य लोगों ने अपना सहयोग प्रदान किया।
- -वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाई, कलेक्टर ने सराहा खिलाड़ियों का प्रदर्शन-'खेलो इंडिया' से मिला मंच, राष्ट्रीय स्तर पर चमकी प्रतिभारायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की महिला खिलाड़ियों (शारदा और पूजा) ने पहले 'खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स' के महिला फुटबॉल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड) जीता है l छत्तीसगढ़ की टीम ने रोमांचक फाइनल में झारखंड को हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की lसुकमा जिले की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। जिले के दूरस्थ गांवों से आने वाली फुटबॉल खिलाड़ी शारदा प्रधानी (ग्राम चिपुरपाल) और पूजा माड़वी (ग्राम कोलईगुड़ा, कोंटा) ने प्रथम नेशनल ट्राइबल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर नई उपलब्धि हासिल की है। वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी है।उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर में आयोजित 'खेलो इंडिया' योजना के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता में दोनों खिलाड़ी छत्तीसगढ़ की विजेता फुटबॉल टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं। टीम ने सेमीफाइनल में अरुणाचल प्रदेश को हराने के बाद फाइनल मुकाबले में झारखंड को पराजित कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खिलाड़ियों की सफलता में खेलो इंडिया फुटबॉल कोच श्री शिवेंद्र ठाकुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।शारदा और पूजा वर्तमान में आवासीय खेल अकादमी रायपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। स्वर्ण पदक जीतने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने कलेक्टर श्री अमित कुमार से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान कलेक्टर ने उनकी पढ़ाई, प्रशिक्षण और खेल संबंधी अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें जिला प्रशासन की ओर से बधाई दी। साथ ही उन्होंने 'विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना' के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। यह सहयोग खिलाड़ियों को आगे बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेगा। जिला प्रशासन द्वारा खेल प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहन दिए जाने का ही परिणाम है कि सुकमा जैसे दूरस्थ जिले की बेटियां राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं। शारदा और पूजा की सफलता जिले के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई है। इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी श्री विरुपाक्ष पौराणिक भी उपस्थित थे।
- रायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम के एशिया कप विजेता सदस्य अवि मानिकपुरी ने सौजन्य मुलाकात की। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नवा रायपुर में अपने निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान अवि को अंडर-18 एशिया कप में भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अवि को आगे भी अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।श्री साव ने कहा कि अवि मानिकपुरी की उपलब्धि राज्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय टीम में स्थान बनाया है।बिलासपुर के रहने वाले अवि मानिकपुरी भारत के उभरते हॉकी खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जिसमें अवि मानिकपुरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्री साव से अवि की मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी, महासचिव डॉ. मनीष श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव श्री अमिताभ मानिकपुरी और अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री मृणाल चौबे भी मौजूद थे।
- -वन विकास निगम की कार्यशाला में मिली आधुनिक कृषि की जानकारी-कम पानी और कम भूमि में अधिक उत्पादन पर विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शनरायपुर। हाइड्रोपोनिक्स एक उन्नत कृषि तकनीक है, जिसमें मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता। पौधों को सीधे पानी और उसमें घुले आवश्यक पोषक तत्वों के माध्यम से उगाया जाता है। यह तकनीक पारंपरिक खेती की तुलना में कम जगह और कम पानी में अधिक व तेजी से फसल उगाने में बेहद कारगर है।छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा “हाइड्रोपोनिक्स नवाचार एवं न्यूट्रिशन फील्ड तकनीक भविष्य की रणनीति” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ उत्पादन प्रणालियों की जानकारी देना तथा भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करना था। कार्यशाला में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली के प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं प्रोफेसर डॉ. मुर्तजा हसन तथा हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ मोहम्मद जावेद आलम ने प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने बताया कि हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के माध्यम से कम भूमि और कम पानी में नियंत्रित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण फसल उत्पादन किया जा सकता है।डॉ. मुर्तजा हसन ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, घटती कृषि भूमि और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें भविष्य की आवश्यकता बन रही हैं। उन्होंने बताया कि यह तकनीक पोषण सुरक्षा, अधिक उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ मोहम्मद जावेद आलम ने हाइड्रोपोनिक प्रणाली की स्थापना, पोषक तत्व प्रबंधन, उपयुक्त फसल चयन और व्यावसायिक संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी आसानी से अपनाई जा सकती है तथा युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है।कार्यशाला में निगम के अधिकारी-कर्मचारी, कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ तथा अन्य प्रतिभागी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न तकनीकी विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अधिकारियों ने विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं आधुनिक, वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश में नवाचार आधारित विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- रायपुर । राज्य शासन ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के 18 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की है। इनमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी से लेकर राजस्व निरीक्षक, स्वास्थ्य निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक और सहायक ग्रेड-2 शामिल हैं ।विभाग ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती किरण पटेल और सहायक राजस्व निरीक्षक श्री राजेश तिवारी का निलंबन समाप्त करते हुए आगामी आदेश पर्यंत क्रमशः बम्हनीडीह नगर पंचायत और खैरागढ़ नगर पालिका में पदस्थ किया है। यद्यपि दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच जारी रहेगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने स्थानांतरित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर 7 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण कर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर वर्तमान स्थान से वेतन आहरित नहीं होगा। इसके उल्लंघन पर नियंत्रण अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।


- -युवा खिलाडि़यों की उपलब्धियां बढ़ा रही हैं छत्तीसगढ़ का गौरव - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम के एशिया कप विजेता सदस्य श्री अवि मानिकपुरी ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अवि मानिकपुरी को अंडर-18 एशिया कप में भारत की ऐतिहासिक विजय में महत्वपूर्ण योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने अवि मानिकपुरी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी समर्पण और लगन के साथ आगे बढ़ते रहें तथा आने वाले समय में भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अवि की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि अवसर और संकल्प मिलने पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाडि़यों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास और खिलाडि़यों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयासों से युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के नए अवसर मिल रहे हैं।उल्लेखनीय है कि बिलासपुर निवासी अवि मानिकपुरी भारत के उभरते हुए हॉकी खिलाडि़यों में शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जिसमें अवि मानिकपुरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी, महासचिव डॉ. मनीष श्रीवास्तव तथा अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री मृणाल चौबे उपस्थित थे।
- -विश्व रक्तदाता दिवस पर राज्यपाल ने रक्तदाताओं का किया सम्मानरायपुर । मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है दूसरे के जीवन की रक्षा करना और यह अपने ही रक्त के एक बूंद से हो सके तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं है। रक्त का दान सबसे बड़ा दान होता है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज प्रदेश के स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए उक्त बातें कहीं।विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित करने के लिए लोकभवन में समारोह आयोजित किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के अध्यक्ष राज्यपाल श्री डेका ने सर्वाधिक रक्तदान करने वाले प्रदेश के 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर लोकभवन में रेडक्रॉस द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित अन्य लोगांे ने उत्सव पूर्वक रक्तदान किया।कार्यक्रम को संबोधित करने हुए राज्यपाल ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और यह केवल स्वस्थ व्यक्ति के स्वैच्छिक दान से ही उपलब्ध हो सकता है। राज्यपाल ने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, एनीमिया, हिमोफिलिया, कैंसर तथा दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोगों में जो सेवा भाव है वह दूसरी जगह देखने को नहीं मिलती। रक्तदाताओं ने वर्षो से निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर अनेक लोगों को नया जीवन दिया है। ऐसे रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सेवा भावना आने वाली पीढि़यों के लिए उदाहरण है। राज्यपाल ने रेडक्रॉस ब्लड बैंक और उसकी टीम के कार्यो की भी सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था वर्षो से जरूरत मंदों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमेन श्री तोमन साहू ने स्वागत उदबोधन दिया तथा छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. रूपल पुरोहित ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के उपाध्यक्ष श्री रूपेश पाणिग्रही, कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल, रेडक्रॉस ब्लड सेंटर रायपुर के प्रभारी डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय, पूर्व चेयरमेन श्री अशोक अग्रवाल रेडक्रॉस के पदाधिकारी, स्वैच्छिक रक्तदाता तथा सहयोगी, संस्थानों तथा संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।



























.jpg)