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- -5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणारायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में धमतरी जिले के सुदूर आदिवासी एवं वनांचल विकासखंड नगरी के विशेष प्रतिभावान स्कूली बच्चों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान बच्चों की प्रतिभा और उपलब्धियों पर राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।इस समूह में शामिल 22 बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए हुआ है, जबकि पांच बच्चों ने स्पोकन इंग्लिश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। क्षेत्र की विशेष प्रतिभा एआई वीडियो क्रिएटर सातवीं कक्षा की छात्रा कुमारी गरिमा साहू द्वारा तैयार वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी राज्यपाल श्री डेका ने सराहना की और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।राज्यपाल ने इन बच्चों की सफलता में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया और कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को आगे बढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।राज्यपाल ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना बहुत आवश्यक है। लक्ष्य को सामने रखकर निरंतर मेहनत और लगन से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के बच्चों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है।राज्यपाल ने उपस्थित सभी बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने बच्चों से कहा कि इस राशि का उपयोग अपनी पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में करें। साथ ही, उन्हें गुल्लक भी प्रदान किए गए, ताकि उनमें नियमित बचत की आदत विकसित हो सके। इस अवसर पर राज्यपाल की उपसचिव श्रीमती निधि साहू सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, ग्राम सरपंच, संबंधित स्कूलों के प्रधान पाठक, शिक्षक उपस्थित थे।
- -टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को बताया गेम-चेंजर-कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के चलते वेट कैटेगरी बदलना बड़ी चुनौतीरायपुर। टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को बताया गेम-चेंजरटोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सेखोम मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के उद्घाटन अवसर पर अपने करियर के सबसे बड़े अधूरे लक्ष्य, एशियन गेम्स पदक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सपना अब भी उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले एक दशक से भारतीय वेटलिफ्टिंग की अग्रणी खिलाड़ी रही मीराबाई ने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में कई पदक जीते हैं, लेकिन एशियाई खेलों में पदक अब तक उनसे दूर रहा है। उन्होंने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में 19 वर्ष की उम्र में पदार्पण किया था, जहां वे नौवें स्थान पर रहीं। इसके बाद 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पीठ की चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकीं, जबकि 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में हिप की चोट ने उनका सपना अधूरा छोड़ दिया।31 वर्षीय मीराबाई ने कहा कि – “एशियन गेम्स मेरे लिए बेहद खास है। वहां प्रतियोगिता का स्तर बहुत ऊंचा होता है, और यही इसे सबसे चुनौतीपूर्ण बनाता है। मेरा सपना है कि मैं वहां पदक जीतूं।” हालांकि, इस लक्ष्य की राह आसान नहीं है। नियमों में बदलाव के कारण उन्हें 48 किलोग्राम और 49 किलोग्राम वर्ग के बीच संतुलन बनाना होगा। वे 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी, जबकि 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नागोया (जापान) में आयोजित एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी।उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स तक मैं 48 किलोग्राम में खेलूंगी, लेकिन एशियन गेम्स के लिए फिर से 49 किलोग्राम वर्ग में आना होगा, जो एक बड़ी चुनौती है। मीराबाई ने हाल ही में राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने स्नैच में 89 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाते हुए कुल 205 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।इस अवसर पर उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन देश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलता है, खासकर उत्तर-पूर्व और जनजातीय इलाकों में जहां बहुत टैलेंट है, लेकिन मंच की कमी रहती है। मीराबाई ने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और साई ट्रेनिंग सेंटर की भी प्रशंसा की। उनके अनुसार, इन संस्थानों में खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, पोषण और सुविधाएं मिल रही हैं, जो भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
- -पुनर्वासित युवाओं के प्रशिक्षण का किया अवलोकन, वेलकम एवं इलेक्ट्रिकल टूल किट का किया वितरणरायपुर । उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने गुरुवार को दंतेवाड़ा स्थित पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को इलेक्ट्रिकल टूल किट एवं वेलकम किट का वितरण किया। नवरात्रि के अंतिम दिन उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने दंतेवाड़ा पहुंचकर उन्होंने माँ दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।इसके पश्चात वे पुनर्वास केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से चर्चा की और उनकी आवश्यकताओं एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। युवाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद वे अपने गृह ग्राम लौटकर खेती-किसानी करना चाहते हैं। इस पर श्री शर्मा ने आश्वस्त किया कि इच्छुक युवाओं को कृषि संबंधी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।उपमुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पुनर्वास नीति का उद्देश्य उन्हें मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। उन्होंने युवाओं से अपने अन्य साथियों को भी पुनर्वास के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया, ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर उज्ज्वल भविष्य बना सकें। उन्होंने पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, भोजन व्यवस्था एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा की। युवाओं द्वारा स्वयं भोजन बनाने की इच्छा जताने पर उन्होंने अनुमति प्रदान करते हुए कहा कि इच्छुक युवा स्वेच्छा से भोजन बना सकते हैं।श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी पुनर्वासित युवाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाए तथा केंद्र से बाहर जाने से पूर्व उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनाना भी सुनिश्चित किए जाएं। उपमुख्यमंत्री उनसे अपील की कि यदि उनके परिजन या पहचान के लोग जेल में निरुद्ध हैं तो वे उनसे मिल सकते हैं या वे पुनर्वास केंद्र में आकर साथियों से मुलाकात कर सकते हैं और यदि वे जेल से पुनर्वास करना चाहें तो भी शासन उनकी हर संभव मदद कर जेल से पुर्नवास कराने को तैयार है।उल्लेखनीय है कि वर्तमान में केंद्र में कुल 107 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 60 बीजापुर एवं 47 दंतेवाड़ा जिले के हैं। यहां इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, प्लंबिंग, सिलाई और ड्राइविंग जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं। अब तक 7 युवाओं को ड्राइविंग के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है तथा 75 युवाओं को सिलाई मशीन का वितरण किया गया है।सीआरपीएफ के जवानों का उपमुख्यमंत्री ने किया प्रोत्साहनगुरुवार को उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा बस्तर से कभी अति संवेदनशील क्षेत्र माने जाने वाले मारडूम घाटी मार्ग से होते हुए चित्रकूट, लोहंडीगुड़ा और बारसूर के रास्ते दंतेवाड़ा पहुंचे थे। इसके माध्यम से उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि कभी दुर्गम माने जाने वाले मार्ग भी अब सुगम हो गए हैं। अब लोग बिना किसी भय के रात हो या दिन निर्भय होकर इन पर सफर कर सकते हैं। उन्होंने दंतेवाड़ा स्थित सीआरपीएफ बटालियन कैंप पहुंच, जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारे सैन्य बलों के शौर्य का ही परिणाम है कि आज बस्तर संभाग में अब तक लोगों की नजरों से छुपे हुए नए नए पर्यटन केंद्रों में पहुंच कर लोग बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं और स्थानीय लोगों को इससे रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।
- -जनजातीय कल्याण और खेल विकास को लेकर हुई सार्थक चर्चारायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोवा के खेल एवं युवा मामले तथा जनजातीय कल्याण मंत्री श्री रमेश तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए श्री तावड़कर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह एवं जशपुर के स्थानीय उत्पाद भेंट किए।मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री तावड़कर से जनजातीय कल्याण और खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उल्लेखनीय है कि श्री रमेश तावड़कर के नेतृत्व में गोवा सरकार का प्रतिनिधिमंडल ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में सहभागिता हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यह प्रतिनिधिमंडल खेल आयोजन में भागीदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मुक्तांगन, आदिवासी संग्रहालय सहित राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन भी करेगा।
- बिलासपुर । कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार एंव उप संचालक महोदय के मार्गदर्शन मे जिला बिलासपुर में खनिज विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एंव भण्डारण पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। दिनांक 23/03/2026, 24/03/2025 व 25/03/2026को खनिज अमला बिलासपुर द्वारा काठकोनी, देवरीखुर्द, खम्हरिया, सकरी,निरतु, सेंदरी, मंगला,तुरकाडीह,लोखंडी,लोफण्डी,दर्रीघाट, लावर, जयरामनगर कोटा, करही कच्छार, पहन्दा क्षेत्र की जाँच की गयी। जाँच के दौरान खम्हरिया क्षेत्र से खनिज मिट्टी का अवैध उतखनन करते 01 जे सी बी व 01 ट्रैक्टर ट्राली जप्त किया गया। सकरी क्षेत्र से खनिज मिट्टीईट का अवैध परिवहन करते 02 ट्रैक्टर ट्राली जप्त किया गया। जयरामनगर क्षेत्र से खनिज गिट्टी का अवैध परिवहन करते 03 हाइवा 01ट्रैक्टर ट्राली वाहन को जप्त किया गया।सेंदरी क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 03 ट्रेक्टर ट्राली को जप्त किया गया। ।करही कच्छार क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 01 ट्रेक्टर ट्राली को जप्त किया गया। पहँदा क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 01 ट्रेक्टर ट्राली को जप्त किया गया।लोफण्डी क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 01 ट्रैक्टर ट्राली को जप्त किया गया। इस प्रकार जप्त कुल 14 वाहनों को पुलिस थाना कोनी, कोटा, पुलिस सहायता केंद्र केंदा व जाँच चौकी लावर की अभिरक्षा मे रखा गया है।खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही जारी है।
- -बिलासपुर जिले के 39 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिली आर्थिक सहायता-संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभारबिलासपुर /पं. दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले में बड़ी संख्या में भूमिहीन मजदूरों को राहत मिली है। योजना के तहत जिले के 39 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रति हितग्राही 10 हजार रुपए की सहायता राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बलौदाबाजार जिले से इस राशि का अंतरण किया गया। जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र सौंपे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बलौदा बाजार जिले से राज्य के लाखों भूमिहीन मजदूरों की डीबीटी के जरिए राशि हस्तांतरित की गई। हितग्राहियों के खाते में राशि पहंुचते ही मैसेज प्राप्त होने पर उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। आर्थिक रूप से कमजोर एवं भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए यह सहायता राशि किसी संबल से कम नहीं है। दैनिक मजदूरी पर निर्भर इन परिवारों के लिए यह राशि उनकी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायक साबित हो रही है। जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के हितग्राहियों ने योजना के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें समय पर मिली यह सहायता राशि घर-गृहस्थी के खर्च, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों एवं अन्य आवश्यक कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगी। ग्राम नगोई की हितग्राही दुर्गा केंवट और बेसाखा बाई ने कहा कि सरकार द्वारा मिल रही इस एकमुश्त सहायता राशि से उनके कई कार्य पूरे हो सकेंगे। ग्राम महमंद के किसान दशरथ निर्मलकर और छतलाल ने बताया कि वह इस राशि का उपयोग गाय खरीदने के लिए करेंगे, जिससे वे अपनी आजीविका बढ़ा सके। वहीं बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम भिमनी के किसान शिवकुमार यादव ने बताया कि इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में करेंगे। ग्राम जलसो की राजकुमारी और ग्राम नगोई की बृहस्पति केंवट ने कहा कि हम जैसे गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह एक संवेदनशील पहल है। जिसका लाभ हमें तीन वर्षाें से मिल रहा है। हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना भूमिहीन मजदूर परिवारों के हित में बड़ी पहल है।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया। पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन, सत्यापन एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया गया। प्रशासनिक अमले द्वारा गांव-गांव एवं वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित कर हितग्राहियों को जागरूक किया गया तथा उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। जिला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि योजना का लाभ केवल पात्र एवं वास्तविक हितग्राहियों तक ही पहुंचे। इसके लिए नियमित समीक्षा, मॉनिटरिंग एवं मैदानी अमले की सक्रिय भागीदारी रही जिसके फलस्वरूप जिले में योजना का सफल क्रियान्वयन हुआ और हजारों पात्र परिवारों को योजना का सीधा लाभ मिल सका।
- बिलासपुर /जिले में बर्ड फ्लू की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए कंट्रोल रूम की स्थापना की है। कलेक्टोरेट बिल्डिंग के कक्ष क्रमांक 25 में स्थित यह कंट्रोल रूम आम नागरिकों और संबंधित विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान का प्रमुख माध्यम बनेगा।कंट्रोल रूम का लैंडलाइन नंबर (07752-251000)जारी किया गया है, जिस पर नागरिक बर्ड फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, शिकायत या सूचना दे सकेंगे। यह कंट्रोल रूम दिन-रात 24 घंटे सक्रिय रहेगा। प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम के संचालन हेतु अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है, ताकि हर सूचना पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बर्ड फ्लू से संबंधित किसी भी संदिग्ध स्थिति या मृत पक्षियों की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें, जिससे समय रहते रोकथाम के प्रभावी उपाय किए जा सकें।
- -महापौर मीनल चौबे ने 11 इलेक्ट्रानिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवानारायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा राजधानी शहर रायपुर की कचरा संग्रहण प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया गया। भारत सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2026 (Solid Waste Management Rules 2026) को 28 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया है और ये 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू होगे। इसमें अब प्रत्येक नागरिक, संस्थान को गीला, सूखा, सेनेटरी एवं स्पेशल केयर वेस्ट चार श्रेणियो में कचरा अलग करना (पृथक्करण) अनिवार्य है।बुधवार को कुल 11 इलेक्ट्रॉनिक वाहनो का शुभारंभ रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर एमआईसी सदस्य सर्वश्री महेन्द्र खोडियार, मनोज वर्मा, अवतार भारती बागल भोलाराम साहू, अमर गिदवानी, नंदकिशोर साहू खेम कुमार सेन, श्रीमती संजना संतोष हियाल, श्रीमती सरिता आकाश दुबे, श्रीमती सुमन अशोक पाण्डेय, नगर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय, अपर आयुक्त राजस्व श्रीमती कृष्णा सटीक, मुख्य अभियंता श्री संजय बागडे, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू, कार्यपालन अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री योगेश कडु, कम्प्यूटर प्रोग्रामर श्री तोरन शर्मा, उप अभियंता श्रीमती कृष्णा राठी, रामकी कंपनी के लोकल हेड श्री योगेश कुमार, सफाई सुपरवाईजरों सहित स्वच्छ भारत मिशन शाखा के विषय विशेषज्ञ श्री प्रणीत चोपडा, श्री सूरज चंद्राकर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियो की उपस्थिति में 11 इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के समक्ष से वार्डो में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कार्य हेतु अनुबंचित्त एजेंसी रामकी कंपनी के नये वाहनों को रवाना किया गया।
- रायपुर - रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने बुधवार को राजधानी शहर रायपुर में नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा शासन के निर्देश पर नरैया तालाब के समीप निर्माणाधीन वर्किंग वुमेन हॉस्टल के कार्य की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण स्थल पर पहुंचकर किया। कार्य की प्रगति को देखकर स्थल समीक्षा कर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। दक्षिण विधायक ने निर्देशित किया कि इसी गति से कार्य करवाकर तय समय सीमा के भीतर सतत मॉनिटरिंग करवाकर गुणवत्ता युक्त तरीके से वर्किंग वुमेन हॉस्टल के कार्य को पूर्ण करना प्राथमिकता से राजधानी शहर में सुनिश्चित किया जाये।रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने राजधानी शहर में नरैया तालाब के समीप एवं मठपुरैना क्षेत्र में रिक्त शासकीय भूमियों के स्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया एवं अधिकारियों को रिक्त शासकीय भूमियों को सुरक्षित करके वहां जनहित में योजनाएं बनाकर कियान्वित करने का शीघ्र प्रस्ताव देने के निर्देश जनहित की दृष्टि से दिये।रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी के निरीक्षण के दौरान रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित नगर निगम जोन 6 जोन अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, मुख्य अभियंता श्री संजय बागडे, कार्यपालन अभियंता श्री पदमाकर श्रीवास, सहायक अभियंता श्री शैलेन्द्र पटेल, उपअभियंता एवं अन्य संबंधित नगर निगम अधिकारियों कर्मचारियो की स्थल पर उपस्थिति रही।
- बिलासपुर /संभागायुक्त श्री सुनील जैन की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) की स्वशासी समिति (प्रबंधकारिणी सभा) की बैठक बुधवार को सिम्स के नवीन काउंसिल कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के बाद संभागायुक्त ने चिकित्सालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान उन्होंने वार्ड, ओपीडी एवं अन्य प्रमुख इकाइयों का अवलोकन कर साफ-सफाई, उपचार व्यवस्था तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर सदस्य सचिव और डीन श्री रमनेश मूर्ति, डिप्टी कमिश्नर डॉ. स्मृति तिवारी, अस्पताल अधीक्षक श्री लखन सिंह, नोडल अधिकारी डॉ. भूपेन्द्र कश्यप भी मौजूद थे।बैठक में संस्थान के शैक्षणिक, चिकित्सकीय एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा कर कई अहम निर्णय लिए गए। संभागायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। बैठक में सिम्स ऑडिटोरियम में केंद्रीकृत वातानुकूलन प्रणाली की स्थापना, भवन मरम्मत एवं अन्य सिविल कार्य, जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार, महाविद्यालय भवन में अतिरिक्त निर्माण एवं वाटर प्रूफिंग सहित विभिन्न विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही संस्थान के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती समारोह की तैयारी करने का निर्णय लिया गया। मोर्चरी भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, विद्यार्थियों के अध्ययन कक्षों के उन्नयन, फिजियोथेरेपी इकाई के विस्तार तथा अस्पताल परिसर में आवश्यक रखरखाव कार्यों को भी मंजूरी दी गई।इस अवसर पर समिति के सदस्य, वरिष्ठ चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- -100 बीमित श्रमिकों का हुआ निःशुल्क परीक्षण एवं उपचारदुर्ग / प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के निर्देशानुसार कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें (श्रम विभाग) के रिसाली-मरौदा केन्द्र द्वारा अक्षयपात्र फाउंडेशन, सेक्टर-6, भिलाई में ’श्रमवीर स्वास्थ्य जाँच शिविर’ का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रभारी बीमा चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. (श्रीमती) सूर्या वर्मा के मार्गदर्शन में मेडिकल टीम ने लगभग 100 बीमित श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें मुख्य रूप से रक्तचाप, मधुमेह और रक्त की जाँच कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। स्वास्थ्य जाँच के साथ-साथ श्रमिकों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया गया और उन्हें ई.एस.आई.सी. योजना के अंतर्गत मिलने वाले चिकित्सा हितलाभ, नकद हितलाभ, विकलांगता, मातृत्व लाभ तथा द्वितीयक व तृतीयक उपचार संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। शिविर के सफल संचालन में श्रीमती किरण, श्रीमती योगिता पटेल, श्रीमती अनुराधा बघेल, मो. तैयुब अंसारी, श्री धनंजय वर्मा और श्री हुमन ने अपनी महत्वपूर्ण सेवायें दीं। कार्यक्रम के अंत में संस्था द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
- - 50 हितग्राहियों को योजना के तहत प्रमाण पत्र वितरितदुर्ग / दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत बुधवार को जिले के 32 हजार 295 हितग्राहियों के खाते में 10 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन ने 50 हितग्राहियों को योजना के तहत प्रमाण पत्र वितरित किए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बलौदाबाजार जिले से बटन दबाकर पात्र हितग्राहियों के खातों में राशि हस्तांतरित की गई, जिसका सीधा प्रसारण सभाकक्ष में किया गया। योजना के अंतर्गत भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन ने कहा कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह उन परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जिनके पास अपनी जमीन नहीं है, लेकिन वे अपनी मेहनत से देश की नींव को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान करती है। उन्होंने हितग्राहियों से योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस ने जानकारी देते हुए बताया कि दुर्ग विकासखंड के 13,252, धमधा के 8,943 और पाटन विकासखंड के 10,100 हितग्राहियों सहित कुल 32,295 लोगों को राशि उनके खातों में हस्तांतरित की गई है। कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों ने योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में अपने अनुभव साझा किए और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पवन शर्मा, जनपद सीईओ श्री रूपेश पाण्डेय, तहसीलदार दुर्ग श्री प्रफुल्ल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित रहे।
- -कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक-संरक्षित पाण्डुलिपियां आने वाली पीढ़ी के लिए ज्ञानवर्धक साबित होगा: डॉ. गौरव सिंहरायपुर / जिले में अब पाण्डुलिपियों का संरक्षण किया जा रहा है। भारत सरकार के ज्ञानभारतम् मिशन के तहत यह प्रारंभ किया गया है। इस मिशन के अंतर्गत समन्वय के जिए जिला समिति का गठन किया गया है जिसक अध्यक्ष कलेक्टर होंगे एवं अन्य सदस्यों में जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम आयुक्त, जिले में स्थित विश्वविद्यालय के कुलसचिव महाविद्यालय के प्राचार्य, कलेक्टर द्वारा नामांकित संस्कृत अन्य प्राचीन भाषा विशेषज्ञ एवं जिला शिक्षा अधिकारी शामिल हैं। इस समिति की प्रथम बैठक कलेक्टरेट सभाकक्ष में हुई।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इस मिशन के अंतर्गत ज्ञानभारतम् मिशन के तहत पाण्डुलिपियों, ताम्रपत्रों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ हस्तलिखित ग्रन्थों का व्यक्तिगत एवं संस्थागत संग्रहण कर सूचिब़़द्व किया जाना है। यह पाण्डुलिपि संरक्षित होने पर आने वाली पीढी़ के ज्ञानवर्धक साबित होगा, साथ ही उन्हें उनके गौरवशाली इतिहास एवं तथ्यों से परिचित होेंगे।बैठक में पुरातत्वविद श्री प्रभात सिंह ने बताया कि इस अभियान में हस्तलिखित पोथियों/दस्तावेजों जो कागज, ताड़पत्र या भोजपत्र पर अंकित हों और लगभग 75 वर्ष पुराने हों, का सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने ने बताया कि पूर्व में यह कार्य 2006-7 में प्रारंभ किया गया था। तब करीब पंचायत स्तर पर सर्वे कर 250 से 300 पाण्डुलिपि चिन्हित किए गए थे। वर्ष 2016 के बाद यह कार्य फिर से प्रारंभ किया गया एवं 3,222 सर्वे किए जा चुके हैं। श्री प्रभात सिंह ने बताया कि रायपुर के संस्कृत कॉलेज में पाण्डुलिपियों का काफी अच्छा संग्रहण है। वहां जाकर इसकी मैपिंग कर उसे सर्वे कर डिजिटल रूप में रखा जाएगा।बैठक में बताया गया कि इस कार्य में शिक्षा विभाग का सहयोग लिया जाएगा और पंचायत स्तर एवं नगरीय निकाय स्तर पर उनका चयन कर उन्हें इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्वेक्षण कार्य पाण्डुलिपि संग्रह केन्द्र के प्रभारी/पाण्डुलिपि संग्रहकर्ता की सहमति प्राप्त कर ही किया जाएगा। पाण्डुलिपि का स्वामित्व संग्रहकर्ता के पास ही रहेगा। जिले में सर्वेक्षण कार्य ‘GYAN BHARAT MOBILE APP’ मोबाइल ऐप्लीकेशन जो गूगल प्ले स्टोर/एप स्टोर पर निःशुल्क डाउनालोड हेतु उपलब्ध है, के माध्यम से किया जाएगा।प्रसिद्ध इतिहासकार श्री रमेन्द्रनाथ मिश्र ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए और कहा कि रायपुर जिले में पाण्डुलिपियों की बहुमुल्य उपलब्धता है, और इस मिशन के माध्यम से इन लिपियों को संग्रहित किया जा सकता है।इस बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, डीईओ श्री हिमांशु भारती, नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, नगर निगम उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- - भारत माता परियोजना के तहत हनोदा-बोरसी मुख्य मार्ग में बोगदा पुल की ऊंचाई बढ़ाने की मांग-जनदर्शन में 115 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहंुचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 128 आवेदन प्राप्त हुए।इसी कड़ी में ग्राम पंचायत कानाकोट सरपंच व ग्रामवासियों ने पानी टंकी पानी प्रदान करने आवेदन दिया। ग्रामवासियों ने बताया कि गांव में पानी टंकी का निर्माण किया गया है और हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना है, लेकिन वर्तमान में केवल कुछ ही घरों को इसका लाभ मिल पा रहा है। कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी सप्लाई बाधित है। गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी की समस्या और गंभीर हो गई है। इस पर एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह ने पीएचई को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।वार्ड-14 पार्षद द्वारा शांति नगर क्षेत्र के दशहरा मैदान व शासकीय विद्यालय के सामने अवैध ठेले-खोमचे और नशीली गतिविधियों को लेकर शिकायत की। उन्होंने बताया कि इन ठेलों के माध्यम से नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है, जिससे शासकीय विद्यालय में अध्ययनरत स्कूली बच्चों और क्षेत्रवासियों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। यह सामाजिक दृष्टि से अत्यंत गंभीर है। इस पर एडीएम ने नगर निगम भिलाई को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम पंचायत हनोदा सरपंच ने भारत माता परियोजना के तहत हनोदा-बोरसी मुख्य मार्ग में बोगदा पुल की ऊंचाई बढ़ाने की मांग की। ग्राम हनोदा में भारत माला परियोजना के तहत हनोदा-बोरसी मुख्य मार्ग में बन रहे गोबदा पुल की वर्तमान ऊँचाई 4 मीटर है। इससे फसल कटाई, हार्वेस्टर और सरकारी चावल की गाड़ियों के आवागमन में दिक्कत होगी। उन्होंने पुल की ऊँचाई 6 मीटर करने की मांग की। इस पर एडीएम ने एसडीएम दुर्ग व एनएच को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- -अप्रैल से जून तक तीन चरणों में निर्धारित तिथियों में लगेंगे विशेष शिविर-नामांतरण, सीमांकन और त्रुटि सुधार जैसे प्रकरणों का होगा मौके पर ही निराकरणदुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश भर में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ’राजस्व पखवाड़ा 2026’ के आयोजन किया जा रहा है । कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के राजस्व न्यायालयों के कार्यों को सुचारू बनाना, समय-सीमा के बाहर लंबित प्रकरणों का निराकरण करना और आम जनता की समस्याओं को मौके पर ही हल करना है। शासन के निर्देशानुसार यह पखवाड़ा वर्ष 2026 में तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रथम चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक, द्वितीय चरण 4 मई से 18 मई तक और तृतीय चरण 1 जून से 15 जून तक संचालित होगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल माह में विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित होंगे। तहसील दुर्ग के अंतर्गत प्रथम चरण के लिए ग्रामवार रोस्टर तैयार किया गया है, जिसके तहत निर्धारित तिथियों पर विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 1 अप्रैल 2026 को ग्राम पंचायत बोरई, ग्राम पंचायत कोटनी, ग्राम पंचायत नगपुरा, ग्राम पंचायत ढाबा, ग्राम पंचायत भेड़सर और ग्राम पंचायत सिरसाखुर्द में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। 2 अप्रैल 2026 को ग्राम पंचायत जेवरा, ग्राम पंचायत करंजा भिलाई, ग्राम पंचायत अरसनारा, ग्राम पंचायत ननकट्ठी और ग्राम पंचायत खेदामारा में राजस्व कार्यों का संपादन होगा। इसी प्रकार 3 अप्रैल 2026 के लिए ग्राम पंचायत ढौर, ग्राम पंचायत कुटेलाभाठा और ग्राम पंचायत चिखली में शिविर स्थल निर्धारित किए गए हैं। 6 अप्रैल 2026 को नगर निगम दुर्ग के अंतर्गत आने वाले करहीडीह, उरला, सिकोला, बघेरा, दुर्ग शहर और पुलगांव क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित होंगे। 7 अप्रैल 2026 को ग्राम पंचायत गनियारी, ग्राम पंचायत रसमड़ा, ग्राम पंचायत महमरा, ग्राम पंचायत अंजोरा (ख) और ग्राम पंचायत कोलिहापुरी में शिविर लगाए जाएंगे। इसी क्रम में 8 अप्रैल 2026 को ग्राम पंचायत चंगोरी, ग्राम पंचायत भोथली और ग्राम पंचायत तिरगा में राजस्व संबंधी आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। 9 अप्रैल 2026 को एक विस्तृत अभियान के तहत ग्राम पंचायत निकुम, ग्राम पंचायत आलबरस, ग्राम पंचायत अछोटी, ग्राम पंचायत अण्डा, ग्राम पंचायत रिसामा, ग्राम पंचायत कुथरेल, ग्राम पंचायत कोनारी, ग्राम पंचायत भानपुरी और ग्राम पंचायत चंदखुरी में आयोजन होगा। 10 अप्रैल 2026 को नगर पंचायत उतई के साथ-साथ ग्राम पंचायत धनोरा, ग्राम पंचायत पुरई, ग्राम पंचायत पाउवारा, ग्राम पंचायत खोपली, ग्राम पंचायत मातरोडीह और ग्राम पंचायत मचान्दुर में शिविर लगेंगे। इसके अलावा 13 अप्रैल 2026 को नगर निगम दुर्ग के पोटियाकला, बोरसी, कसारीडीह, तितुरडीह और कातुलबोड़ क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान किया जाएगा। 15 अप्रैल 2026 को इस चरण के अंतिम दिन नगर निगम भिलाई नगर के जुनवानी, खम्हरिया, कोहका, कुरूद, सुपेला और नगर निगम रिसाली के रूआबाधा, रिसाली, डुडेरा सहित ग्राम पंचायत दूमरडीह में शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है ।इन पखवाड़ा के दौरान राजस्व प्रशासन द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से अविवादित नामांतरण और अविवादित खाता विभाजन के उन प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा जो समय-सीमा से बाहर हो चुके हैं इसके साथ ही ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सीमांकन, व्यपवर्तन और वृक्ष कटाई के लंबित मामलों को सुलझाया जाएगा नक्शा बंटाकन की प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही भूमिस्वामी के खातों में आधार, मोबाइल नंबर, किसान किताब और जेंडर की प्रविष्टि का कार्य भी शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाएगा। शिविर स्थल पर प्राप्त होने वाले नए आवेदनों, जैसे फौती नामांतरण, बंटवारा और अभिलेख त्रुटि सुधार के मामलों में हल्का पटवारी द्वारा तत्काल प्रतिवेदन, पंचनामा और सूचना जारी कर पक्षकारों को तामिली कराते हुए निराकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्राकृतिक आपदाओं जैसे जनहानि, फसल क्षति या पशु हानि से संबंधित आर.बी.सी. 6-4 के आवेदनों का भी त्वरित निपटारा किया जाएगा। भू-अर्जन संबंधी पुराने मामलों के निराकरण के साथ-साथ स्वामित्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेखों का वितरण सम्मानित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाएगा। अभिलेखों की शुद्धता के लिए विशेष अभियान चलाकर त्रुटिपूर्ण खसरा, शून्य रकबा वाले खसरा और संयुक्त खातेदारों के पृथक नाम दर्ज करने जैसे सुधार कार्य किए जाएंगे। मौके पर ही बी-01, खसरा और किसान किताब के आवेदनों का निपटारा होगा तथा आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि लोक सेवा केंद्र के माध्यम से की जाएगी ताकि समय-सीमा में इनका निराकरण हो सके। इन शिविरों के सफल आयोजन के लिए कोटवारों के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में मुनादी कराकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं ।
- दुर्ग / रामनवमी, अक्षय तृतीया के अवसर पर शहरी व ग्रामीण स्तर पर अधिकतर भ्रांतियों के चलते बाल विवाह संपन्न कराया जाता है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में बाल विवाह को पूर्णरूप से प्रतिबंधित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति, चाईल्ड लाईन की संयुक्त टीम गठित की गयी है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित करता है। 21 वर्ष से कम आयु का पुरूष यदि 18 वर्ष से कम आयु की किसी बालिका से विवाह करता है तो उसे 02 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 01 लाख रूपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, करता है अथवा उसकी सहायता करता है, उन्हें दण्डित किया जा सकता है तथा कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा अथवा जानबूझकर उसकी अनुमति देता है, बाल विवाह में सम्मिलित होता है तो उसे भी दण्डित किया जा सकता है। बाल विवाह करना सामाजिक बुराई एवं कानूनन अपराध है एवं बाल विवाह के दुष्परिणामों से आम जनता को जागरूक किये जाने तथा किसी भी व्यक्ति को बाल विवाह की जानकारी होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग (फोन नं.- 0788-2213363, 2323704) चाईल्ड हेल्प लाईन (1098), परियोजना कार्यालय, पुलिस विभाग (112, 100) महिला हेल्पलाईन (181) में संपर्क कर सकते है।
- रजबंधा उपकेन्द्र की पॉवर ट्रांसफार्मर क्षमता में वृद्धिरायपुर । मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत रायपुर शहर की विद्युत वितरण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई। रायपुर शहर के मध्य संभाग अंतर्गत 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र रजबंधा में 8 एमवीए के एक अतिरिक्त ट्रासफार्मर को प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री भीमसिंह कंवर के निर्देशन में चार्ज किया गया। 33/11 केवी रजबंधा सबस्टेशन में 5 एमवीए के पॉवर ट्रासफार्मरों की क्षमता को बढ़ा कर 8 एमवीए की गई। इस अपग्रेडेशन के साथ ही रजबंधा उपकेन्द्र की कुल क्षमता 10 एमवीए से बढ़कर 13 एमवीए हो गई है।इस कार्य को पूर्ण करने में कुल 90 लाख रूपये की लागत आई। क्षमता वृद्धि से जयस्तंभ चौक, मौहदापारा, रविभवन, रजबंधा क्षेत्र के लगभग दो हजार से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। गर्मी के मौसम में बढ़ने वाले लोड को देखते हुए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया जिससे घरेलू एवं व्यवसायिक उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति होगी। इस अवसर पर रजबंधा क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए समाधान शिविर भी लगाया गया जिसमें आज 32,237 रूपये की छूट बकायादारों को प्राप्त हुई।इस अवसर पर मुख्य अभियंता (प्रोजेक्ट) श्री एम.जामुलकर, मुख्य अभियंता रायपुर शहर एवं ग्रामीण श्री संजीव सिंह, अधीक्षण अभियंता श्री चंद्रहास मरकाम, कार्यपालन अभियंता श्री आशीष अग्निहोत्री, श्री विनय चंद्राकर, श्री अविनाश न्यूडिंग, श्री रोशन देवांगन, श्री एम.एम.चंद्राकर, श्री प्रवीण शर्मा उपस्थित थे।
- -भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने 2026 में जारी की सूची-देश के 54 वितरण कंपनियों की रैंकिंग व रेटिंगरायपुर । भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के विद्युत उपभोक्ताओं की सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार को सराहा है। हाल ही में देश के 54 विद्युत वितरण कंपनियों की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को ए रेटिंग दी है। यह सीएसपीडीसीएल की प्रशासनिक दक्षता और कसावट का नतीजा बताया जा रहा है।माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह एवं ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव इस उपलब्धि के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है। सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने बताया कि भारत सरकार व्दारा जारी 14वीं वार्षिक एकीकृत रेटिंग एवं रैंकिंग (इंटीग्रेटेड रेटिंग एंड रैंकिंग) ऑफ पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपना ग्रेड ‘बी’ से ‘ए’ में उन्नयन किया है।इस नवीनतम रेटिंग में कंपनी को 70.40 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि 13वीं रेटिंग में कंपनी का स्कोर 54.41 अंक था। इस प्रकार कंपनी ने 16 अंकों से अधिक का महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया है, जो विद्युत वितरण व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन एवं उपभोक्ता सेवा के क्षेत्र में किए गए सतत सुधारात्मक प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।यह रेटिंग तकनीकी प्रदर्शन, वित्तीय स्थिति, उपभोक्ता सेवाएं, नियामकीय अनुपालन तथा प्रशासनिक दक्षता जैसे प्रमुख मापदंडों के आधार पर निर्धारित की जाती है।डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने लाइन लॉस में कमी, बिलिंग एवं राजस्व संग्रह में सुधार, शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा अधोसंरचना विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसका सकारात्मक परिणाम इस रेटिंग में परिलक्षित हुआ है। श्री कंवर ने इस उपलब्धि को राज्य शासन के मार्गदर्शन, अधिकारियों-कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास एवं उपभोक्ताओं के सहयोग का परिणाम बताया है। कंपनी ने भविष्य में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाते हुए आगामी रेटिंग में उच्चतर ग्रेड प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- -भगवान श्री राम हम सबके आराध्य, छत्तीसगढ़ सरकार उनके बताए हुए मार्ग पर चल रही है - मंत्री गुरु खुशवंत साहेब-महिला सशक्तिकरण को समर्पित माता कौशल्या महोत्सव 2026रायपुर। जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत चंदखुरी ग्राम में माता कौशल्या महोत्सव 2026 का शुभारंभ कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मानस मंडली एवं सुप्रसिद्ध कलाकार श्रीमती पूनम विराट तिवारी को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने संबोधित करते हुए कहा कि यह महोत्सव मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में “महतारी वंदन योजना” की 25वीं किस्त जारी कर महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या में 500 वर्षों बाद भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है। भगवान श्री राम हम सबके आराध्य हैं। छत्तीसगढ़ सरकार उनके बताए हुए रास्ते पर चल रही हैं।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित “रामलला दर्शन योजना” के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हितैषी है तथा महिला आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मंत्री ने आगे कहा कि सभी के सहयोग से इस महोत्सव को और अधिक भव्य बनाया जाएगा। साथ ही नवा रायपुर में फिल्म सिटी, मेडिसिटी सहित विभिन्न विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।माता कौशल्या महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और पहचान को सशक्त करने वाला महत्वपूर्ण मंच भी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से जहां एक ओर श्रद्धालुओं की आस्था को मजबूती मिलती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होता है। मुख्य अतिथि श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।माता कौशल्या महोत्सव 2026 न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है, बल्कि राज्य सरकार की सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यटन विकास के प्रति प्रतिबद्धता का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, जिससे चंद्रखुरी धाम आज छत्तीसगढ़ की नई पहचान के रूप में स्थापित हो रहा है।कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि माता कौशल्या महोत्सव महिला सशक्तिकरण को समर्पित है। उन्होंने बताया कि महोत्सव में महिलाओं द्वारा संचालित स्टॉल लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से वे स्व-रोजगार को बढ़ावा दे रही हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से महिलाओं को लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -870 युवा अधिकारियों को दी बधाई, कहा - संवेदनशीलता, ईमानदारी और दक्षता से निभाएं जनसेवा का दायित्वरायपुर । चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नव-नियुक्त युवा पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रशिक्षण पूर्ण करने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि विश्वास, कर्तव्य और त्याग का प्रतीक है, जिसे धारण करने वाले प्रत्येक अधिकारी पर समाज की सुरक्षा और न्याय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा पुलिस अधिकारियों से की मुलाकातमंत्री श्री अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब एक सामान्य नागरिक निश्चिंत होकर सोता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस निभाती है। जब अंधेरे में कोई भयभीत होता है, तो उसे उम्मीद भी पुलिस से ही होती है। ऐसे में पुलिस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि समाज के विश्वास का आधार है।उन्होंने आगे कहा कि आज 870 युवा प्रशिक्षु अधिकारी ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहां से वे छत्तीसगढ़ की सुरक्षा, शांति और न्याय व्यवस्था की मजबूत रीढ़ बनने जा रहे हैं। यह केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विश्वास और अपेक्षाओं का प्रतीक है।राज्य में बदलते सुरक्षा परिदृश्य का उल्लेख करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले वर्षों में नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया है। उन्होंने इसके लिए देश के नेतृत्व और सुरक्षा बलों के साहस व समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब चुनौतियां बदल चुकी हैं। साइबर अपराध, संगठित अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के माध्यम से फैलती अफवाहें नई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष और संवेदनशील बनना होगा।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि इस बैच में लगभग एक चौथाई बेटियों की भागीदारी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने महिला अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और सशक्तिकरण की नई पहचान बताया। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की कि वे जनता के साथ संवेदनशीलता और सम्मान का व्यवहार करें तथा अपने कार्य में ईमानदारी और निष्पक्षता को सर्वाेपरि रखें।उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छा पुलिस अधिकारी वही होता है, जो अपनी टीम को साथ लेकर चलता है और संकट की घड़ी में सबसे आगे खड़ा रहता है। साथ ही, जहां भी उनकी नियुक्ति हो, वहां की स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए जनता के साथ विश्वास का रिश्ता बनाना चाहिए।अपने संबोधन के अंत में मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि “डर पैदा मत कीजिए, विश्वास पैदा कीजिए। शक्ति का प्रदर्शन मत कीजिए, न्याय का संरक्षण कीजिए। वर्दी केवल तन पर नहीं, बल्कि अपने चरित्र और आत्मा में धारण कीजिए।”उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिस दिन कोई नागरिक यह कहे कि “पुलिस है, इसलिए मैं सुरक्षित हूं”, उसी दिन एक पुलिस अधिकारी की वर्दी सार्थक होगी।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री अग्रवाल ने सभी नव-नियुक्त अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें साहस, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया।
- -बेटियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए सामाजिक विषयों से कराया गया अवगतरायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में विभिन्न महाविद्यालयों की लगभग 600 छात्राओं को सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ दिखाई गई।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को समाज में घटित होने वाली विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों की जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि वे सही निर्णय लेने में सक्षम बन सकें और अपने जीवन को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा दे सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों का आत्मविश्वास और जागरूकता ही उनके सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता करते हुए सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस फिल्म को देखा और महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत हुईं।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के जरिए बेटियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़े तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से सामाजिक विषयों को समझने और स्वयं को सतर्क एवं आत्मविश्वासी बनाने की बात कही। उन्होंने इस पहल के लिए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें जीवन में जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।
- - इन क्षेत्रों में बंदूक की गूंज की जगह स्कूलों में बच्चों की पढ़ाईऔर किताबों की सरसराहट दे रही है सुनाईरायपुर। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा की नई अलख, सरकार और सुरक्षाबलों की पहल से जगी है, दुर्गम इलाकों में मॉडल स्कूल, 'नियद नेल्ला नार' जैसी योजनाओं और समर्पित शिक्षकों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जो अब फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर और तकनीकी कौशल सीखकर अपना भविष्य संवार रहे हैं। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुदूर क्षेत्रों में अब शिक्षा का उजाला फिर से फैलने लगा है। शासन के सतत प्रयासों और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रही योजनाओं के कारण सुकमा जिले में बंद पड़े स्कूलों को पुनः संचालित किया गया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। अब इन क्षेत्रों में बंदूक की गूंज की जगह स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, ककहरा और किताबों की सरसराहट सुनाई दे रही है, जो एक उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य का संकेत है।वर्ष 2006 में माओवादी प्रभाव और सलवा जुडूम आंदोलन के चलते सुकमा जिले के कुल 123 स्कूल बंद हो गए थे, जिनमें 101 प्राथमिक और 21 माध्यमिक विद्यालय शामिल थे। प्रशासन के लगातार प्रयासों से अब इन सभी स्कूलों को पुनः प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में जिले में एक भी ऐसा विद्यालय नहीं है जो नक्सल प्रभाव के कारण बंद हो। नक्सल आतंक से कभी छूटा था स्कूल, अब सुशासन से फिर जागी शिक्षा की अलख,उम्मीदों को मिल रहा सहारा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भय के कारण बंद हुए स्कूल फिर से खुल रहे हैं। स्कूल छोड़ चुके बच्चों की स्कूल में वापसी हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में शिक्षा का उजियारा बस्तर क्षेत्र की हर दिशा में फैल रहा है।शिक्षा के विस्तार और छात्रों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिले में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। वर्तमान में 16 पोटा केबिन (आवासीय विद्यालय) संचालित हैं, जिनमें 6,722 छात्र अध्ययनरत हैं। इसके साथ ही 16 पोटा केबिन छात्रावासों में 1,389 विद्यार्थी रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप-3 (कक्षा 6वीं से 12वीं) के 3 विद्यालयों में 600 छात्राएं तथा टाइप-4 (कक्षा 9वीं से 12वीं) के 2 छात्रावासों में 200 छात्राएं लाभान्वित हो रही हैं।वर्ष 2024-25 में “नियद नेल्ला नार योजना” के अंतर्गत सुकमा जिले के चयनित गांवों में 07 नए प्राथमिक विद्यालय खोले गए हैं, जिनमें अब तक 210 बच्चों ने प्रवेश लिया है। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए प्रशासन द्वारा 19 और नए विद्यालय खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिससे शिक्षा का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।जमीनी स्तर पर हो रहे ये सकारात्मक बदलाव न केवल बच्चों के भविष्य को संवार रहे हैं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रहे हैं। शासन द्वारा “पहले” और “अब” की तस्वीरों के माध्यम से इस परिवर्तन को प्रमाणित किया गया है।
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रायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र में सड़क विकास को बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के बीरपुर (एनएच-43) से केवरा तक लगभग 18 किलोमीटर लंबाई की सड़क चौड़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य के लिए 3041.18 लाख रुपए (लगभग 30.41 करोड़ रुपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
लोक निर्माण विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार उक्त सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण, पुलिया निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, भूमि उपलब्धता, निविदा प्रक्रिया तथा समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस सड़क परियोजना से बीरपुर से केवरा तक आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। स्थानीय व्यापार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी । साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर सड़क सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। भटगांव विधानसभा के समग्र विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं और आगे भी इसी तरह विकास कार्य जारी रहेंगे। -
-वनोपज संघ की वित्तीय स्थिति सुदृढ़, सभी प्रक्रियाएँ हैं पारदर्शी
रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ ने स्पष्ट किया है कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2024 से तेन्दूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, जो देश में सर्वाधिक है। यह संघ की मजबूत भुगतान क्षमता को दर्शाता है।तेन्दूपत्ता की बिक्री पूरी तरह ई-टेंडरिंग के माध्यम से की जाती है, जो राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया है। दरें गुणवत्ता, बाजार स्थिति एवं प्रतिस्पर्धी बोली के आधार पर तय होती हैं। सभी प्रस्तावों को वनोपज राजकीय व्यापार अंतर्विभागीय समिति के अनुमोदन के बाद ही स्वीकृति दी जाती है।व्यावसायिक कार्यों हेतु कार्यशील पूंजी के रूप में बैंक ऋण लेना सामान्य प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। पूर्व में लिया गया 300 करोड़ रुपए का ऋण भी समय पर ब्याज सहित चुकाया जा चुका है। संघ के पास उपलब्ध संसाधन एवं आय संभावनाएँ सभी देनदारियों को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।संघ राज्य के लगभग 13.65 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को लाभ पहुँचा रहा है। संग्रहण एवं प्रोत्साहन राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में समयबद्ध रूप से भुगतान की जाती है। आदिवासी एवं ग्रामीण हितग्राहियों की सुरक्षा संघ की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।वर्ष 2013-14 में संघ के पास 640.32 करोड़ रुपए की एफडी थी, जबकि वर्ष 2024-25 में 634.81 करोड़ रुपए की एफडी उपलब्ध है। अतः संघ तेन्दूपत्ता व्यापार से प्राप्त राशि का उपयोग अगले वर्ष के संग्रहण कार्य एवं संग्राहकों के कल्याणकारी योजनाओं जैसे सामाजिक सुरक्षा एवं छात्रवृत्ति आदि में किया जाता है साथ ही साथ कर्मचारियों को वेतन का भुगतान भी नियमित रूप से किया जा रहा है। - -जिला अस्पताल में हुआ जन्मजात मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशनरायपुर। बस्तर के नौ वर्षीय बालक ललित मौर्य के जीवन में अब खुशियों का एक नया सवेरा हुआ है। जिले के विकासखंड बस्तर के अंतर्गत ग्राम पंचायत नदीसागर के आश्रित ग्राम पराली का निवासी ललित जन्म से ही मोतियाबिंद जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहा था। इस जन्मजात विकार के कारण वह दुनिया की खूबसूरती देखने में पूरी तरह असमर्थ था और उसका बचपन अंधेरे के साये में बीत रहा था। हालांकि ललित के मोतियाबिंद की पहचान पूर्व में ही हो गई थी, लेकिन सर्जरी को लेकर मन में बैठे डर और संशय के कारण उसके परिजन ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं हो रहे थे।ललित के उजाले की ओर बढ़ने का सफर 20 मार्च को बस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित दिव्यांग सशक्तिकरण शिविर से शुरू हुआ, जहाँ वह दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने पहुँचा था। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की पहल पर आयोजित इस विशेष शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान नेत्र विशेषज्ञों ने ललित की स्थिति को समझा। इस दौरान पलारी के नेत्र सहायक अधिकारी श्री अनिल नेताम ने विशेष सक्रियता दिखाते हुए परिजनों को ऑपरेशन के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उनके अथक प्रयासों और निरंतर दी गई समझाइश का ही परिणाम था कि परिजन अंततः सर्जरी के लिए राजी हुए, जिसके बाद ललित को तत्काल बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।कलेक्टर बस्तर श्री आकाश छिकारा के विशेष दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता दिखाते हुए इस केस को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सेवा योजना और जिला प्रशासन के कुशल समन्वय से 24 मार्च को जिला महारानी अस्पताल जगदलपुर में डॉ सरिता थॉमस द्वारा ललित का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन संपन्न हुआ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद और जिला कार्यक्रम प्रबंधक कुमारी रीना लक्ष्मी के मार्गदर्शन में मेडिकल टीम ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को अंजाम दिया।इस पुनीत कार्य में नेत्र सहायक अधिकारी कुमारी दिव्या पाण्डे, श्री सुंकर अमृत राव, श्री देवकरण व्यास सहित वार्ड इंचार्ज श्रीमती अन्नपूर्णा साहू और स्टाफ नर्स श्रीमती स्मृता कच्छ व नमिता मौर्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही ऑपरेशन थिएटर में सहायक श्री डोलेश्वर जोशी की सक्रियता ने इस पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाया। ऑपरेशन के बाद जब ललित की आंखों से पट्टी हटाई गई, तो उसके चेहरे पर आई चमक ने पूरी मेडिकल टीम की मेहनत को सफल कर दिया। अब ललित न केवल अपनी आंखों से दुनिया को देख पा रहा है, बल्कि अपने परिजनों और आसपास की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से पहचानने भी लगा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की इस संवेदनशीलता ने एक मासूम के जीवन से अंधेरा मिटाकर एक परिवार के घर में उम्मीद का दीया जला दिया है।















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