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- -सड़क ब्रेकर हटाने और शीघ्र निर्माण के निर्देशभिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने आज ज़ोन-3 मदर टेरेसा नगर क्षेत्र में प्रस्तावित और प्रगतिरत विकास कार्यों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित नाली निर्माण, नवनिर्मित सड़क, सुलभ शौचालय, पिंक टॉयलेट, वाटर एटीएम और मार्केट क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था का जायज़ा लिया और सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।आयुक्त ने जलेबी चौक लिंक रोड से लगे प्रस्तावित नाली निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही कार्य शुरू कराया जाए, जिससे सड़कों पर अनावश्यक पानी बहने की समस्या से निजात मिल सकेगी। समीपस्थ सब्जी मंडी जाने वाले नवनिर्मित सड़क पर बने ब्रेकरों के कारण नागरिकों को हो रही आवागमन की परेशानी को देखते हुए, आयुक्त ने तत्काल उन ब्रेकरों को उखड़वाने के निर्देश दिए।नागरिकों एवं व्यापारियों की सुविधा के लिए प्रस्तावित सार्वजनिक सुलभ शौचालय स्थल का अवलोकन किया और इसके निर्माण को जल्द कराने के निर्देश दिए।वार्ड क्र. 36 में महिलाओं के लिए निर्मित पिंक टॉयलेट का जायज़ा लिया और वहाँ पानी एवं साफ़-सफ़ाई की उचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। समीप में स्थापित वाटर एटीएम का भी अवलोकन किया।प्रगतिरत नवीन सुलभ शौचालय निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मार्केट की साफ-सफाई व्यवस्था का अवलोकन किया और व्यापारियों की सुविधा हेतु शेड निर्माण कराने पर चर्चा की।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने साफ़-सफ़ाई और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ज़ोर दिया।इस अवसर पर ज़ोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता दीपक देवांगन, अशोक देवांगन, सहायक राजस्व निरीक्षक बसंत देवांगन, ज़ोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेंद्र बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक चूड़ामणि यादव सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -झरिया अल्कालाइन वाटर प्लांट से किया 22 लाख रूपए का व्यापार-राज्योत्सव जैसे बड़े कार्यक्रम से लेकर शासकीय कार्यालयों मेें कर रहीं हैं आपूर्ति-रायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन के अनुरूप लखपति दीदियां किस तरह अपने उद्यम से अपना संसार बदल रही हैं इसका सुंदर उदाहरण जिले के अभनपुर ब्लॉक के ग्राम पचेड़ा में झरिया अल्कलाइन वाटर बाटलिंग प्लांट चलाने वाली शारदा समूह की महिलाएं हैं। इन्होंने एक छोटी सी शुरूआत करते हुए अपना व्यवसाय खड़ा कर चुकी हैं और झरिया के नाम से अपना ब्रांड बना चुकी हैं।राज्योत्सव-2025 में इस समूह के द्वारा अल्कलाइन वाटर की सप्लाई की गई है। आज इनके द्वारा करीब 22 लाख रूपए का व्यापार कर लिया गया है। यह सब अन्य महिलाओें के लिए प्रेरणा बन रही है। हर दिन करीब 5 हजार बोतल पानी बनाने वाले इस प्लांट से अब मंत्रालय, जंगल सफारी, आईआईआईटी, एनआरडीए, पर्यावास भवन में भी सप्लाई होने लगी है। यह प्लांट नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के संयुक्त प्रयास से स्थापित किया गया है।आधुनिक तकनीक से लैस इस प्लांट में दो प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जहां जल की शुद्धता और उसका पीएच स्तर जो सामान्यतः 8 से 8.5 के बीच रखा जाता है- की नियमित जांच होती है। जल को 500 एमएल की काँच की बोतलों में पैक किया जाता हैयह प्लांट ग्रामीण महिलाओं के लिए जीवन बदलने वाली पहल है। इस परियोजना के माध्यम से महिलाओं को सीधा रोजगार मिला है। ये महिलाएं अब न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि समाज में एक सशक्त भूमिका निभा रही हैं। कलेक्टोरेट रायपुर में होने वाली बैठकों में ’झरिया’ पानी बोतल ही दिया जाता है। जहां इसे अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। एक बोतल पानी की कीमत 58.20 रुपए है, जिसमें बोतल की कीमत 50 रुपए है। बोतल वापसी के समय ये राशि वापस दे दी जाती है।यहां मिलेगा एल्कलाइन पानी बोतलजिला पंचायत परिसर स्थित बिहान संगवारी हाट, बी-1 कैफे एवं ग्राम पचेड़ा स्थित बॉटलिंग प्लांट में आप संपर्क कर सकते हैं। यह पहल राज्य की महत्वाकांक्षी योजना ‘लखपति दीदी’ को गति प्रदान कर रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। इस प्लांट के जरिए न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, बल्कि वे एक स्थायी आजीविका मॉडल की ओर अग्रसर हो रही हैं।
- रायपुर /राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार आज दिनांक 10 दिसम्बर 2025 को बलराम प्रसाद वर्मा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा केन्द्रीय जेल रायपुर का निरीक्षण किया गया, जिसमें जेल नियमावली एवं माननीय उच्चतम तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर दिये गये दिशा निर्देशों के आलोक में बन्दियों की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर कार्य करने हेतु जेल प्रशासन को निर्देशित किया गया। उनके द्वारा जेल में बैरक, पीने के पानी की सुविधा, पाक शाला, अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया। इसी के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकारण, रायपुर द्वारा मानव अधिकार दिवस के अवसर पर जेल में जागरूकता कार्यकम का भी आयोजन किया गया था, जिसमें अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा जेल में निरूद्ध बंदियों को उनके संवैधानिक अधिकारों जैसेः- निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त करने का अधिकार, जमानत का अधिकार, अपील दायर करने एवं अन्य कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। इस अवसर पर शिक्षा के अधिकार के तहत् जेल में निरूद्ध बंदियो द्वारा पढ़ाई जारी रखते हुए हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी एवं स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने तथा प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बंदियों को माननीय प्रधान एवं जिला न्यायाधीश द्वारा प्रमाण पत्र वितरीत कर समाज की मुख्य धारा में जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उक्त कार्यक्रम में मुख्य रूप से आनंद कुमार सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायपुर, अविनाश कुमार दुबे सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, योगेश क्षत्रिय जेल अधीक्षक एवं जेल प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर । श्रम विभाग के “छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल” द्वारा संचालित सफाई कर्मकार हेतु आवश्यक उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत चयनित 12 हितग्राहियों के बैंक खातों में 1 हजार रूपए की डीबीटी राशि तकनीकी कारणों से जमा नही हो पाई है।विभाग के सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि पंजीयन के समय दर्ज बैंक खाता नंबर गलत होने, बैंक खाता बंद/मर्ज होने अथवा आइएफएससी (IFSC) कोड में परिवर्तन जैसे कारणों से भुगतान नही हो सका है। साथ ही पंजीयन कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर एवं पते पर भी हितग्राहियों से संपर्क नहीं हो पाया है। योजना के 12 हितग्राही जिनका नाम और पंजीयन क्रमांक- रामेश्वर सिंग विश्वकर्मा (442668778), ममता समुन्द्रे (444439714), सुमन लंगोटे (444439725), सुनीता समुन्द्रे(444494816), वर्षा पसेरिया (444338110), प्रतिभा नायक (444597013), अंबिका यादव (441849755), सीमा साहू (442076245), लायबानी बरिहा (441243547), वनशीला तांडेकर (441727452), दीपक कुमार मानकर (441239144), चन्द्रिका देवांगन (447202013) शामिल हैं।इन सभी हितग्राहियों से 15 दिनों के भीतर अपने वर्तमान सक्रिय बैंक खाते (आधार लिंक अनिवार्य) का विवरण लेकर कार्यालय में उपस्थित होने अनिवार्य है, ताकि योजना राशि समय पर उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही निर्धारित अवधि के भीतर विवरण प्रस्तुत न करने पर आवेदन निरस्त माना जाएगा। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित हितग्राही की होगी।
- - छत्तीसगढ़ रिंग फाइट टीम 11 दिसंबर को प. बंगाल के लिए रवाना होगीरायपुर। पश्चिम बंगाल में आयोजित नौवीं नेशनल रिंग फाइट चैंपियनशिप के लिए गुरुवार, 11 दिसंबर को ठाकुर नगर, पश्चिम बंगाल के लिए रवाना होगी। 18 सदस्यीय टीम में 12 पुरुष और छह महिला खिलाड़ी हैं, जो नेशनल चैंपियनशिप के लिए दावा करेंगे।महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि तीन दिवसीय चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, अरुणाचल प्रदेश, आसाम, हरियाणा, बिहार, झारखंडराजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश की टीमें शामिल होंगी। ओपी कटारिया के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल जाने वाली टीम में तुषार वर्मा, आयुष्मान कालेले, विहान कालेले, पुष्कर साहू, गौरव हिमने, अनीश, जायसवाल, अभिमन्यु कुमार, वेदांत साहू, आदित्य नारायण के., सृजन सिंह, योगेश कुमार और रौनक वर्मा होंगे। छत्तीसगढ़ की महिला टीम में वर्तिका क्षीरसागर, प्रणवी ओगले, तन्वी साहू, यशिका साहू, ऋशु जायसवाल और प्रकृति दंडवते रिंग फाइट चैंपियनशिप में अपने दमदार प्रदर्शन से पदकों पर अपना दावा करेंगे।टीम की रवानगी से पूर्व महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते सहित पदाधिकारियों ने समूचे खिलाड़ियों को चैंपियनशिप में सफलता को लेकर शुभकामनाएं दी हैं । टीम के साथ छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के पदाधिकारी ओपी कटारिया, महाराष्ट्र मंडल की सहसचिव मालती मिश्रा और सांस्कृतिक समिति के प्रवीण क्षीरसागर साथ में जाएंगे।
- बिलासपुर /प्रबंध संचालक, मार्कफेड जितेन्द्र शुक्ला ने जिला बिलासपुर के धान खरीदी केंद्र छतोना एवं धान संग्रहण केंद्र बिल्हा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छतोंना में किसान फेकू लाल ने बताया कि आज उनके द्वारा 113 क्विंटल धान बेचा गया। समिति में धान बेचने में कोई परेशानी नहीं हुई। किसान के उपज के संबंध चर्चा की। मिलर्स से धान उठाव तेजी से करवाने खाद्य नियंत्रक को निर्देशित किया। संग्रहण केंद्र बिल्हा का निरीक्षण किया और तैयारी देखी। उन्होंने जिले की सभी चारों संग्रहण केन्द्रों को तैयार करने डीएमओ को निर्देशित किया गया। इस अवसर पर खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, डीएमओ अमित चंद्राकर भी उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जल्द काम शुरू करने के दिए निर्देश, कहा गुणवत्ता से न हो कोई समझौताबिलासपुर । लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य में सड़क संपर्क के विस्तार और मजबूती के लिए प्रस्तावित कार्यों व निविदाओं को तेजी से स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़कों एवं पुलों के काम शीघ्र प्रारंभ करने के लिए 124 करोड़ 88 लाख रुपए के छह सड़कों और पुलों की निविदा को मंजूरी दी है। उन्होंने इन सड़कों और पुलों के काम जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों और निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय में सभी कार्यों को पूर्ण करने को कहा है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बीजापुर जिले में 18 करोड़ 18 लाख रुपए के पुल-पुलिया सहित 12.6 किमी लंबाई के कुटरू से फरसेगढ़ मार्ग, सरगुजा जिले में चैनपुर से खम्हरिया मार्ग पर रेहण्ड नदी पर 11 करोड़ 43 लाख रुपए के उच्च स्तरीय पुल, जशपुर जिले के सिसरिंगा में मछलंग होते हुए 6.5 किमी लंबाई के सहसपुर पहुंच मार्ग तथा 3.1 किमी लंबाई के गोढ़ी से पालीडीह पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए दस करोड़ 54 लाख रुपए की निविदा स्वीकृत की है। उन्होंने सक्ती जिले में 29 किमी लंबे मालखरौदा-छपोरा मार्ग के मजबूतीकरण एवं नवीनीकरण के लिए 53 करोड़ 15 लाख रुपए और बिलासपुर शहर में 10.7 किमी लंबाई के नेहरू चौक से दर्रीघाट मार्ग के लिए 31 करोड़ 58 लाख रुपए की निविदा को भी मंजूरी प्रदान की है। लोक निर्माण विभाग के अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता तथा नवा रायपुर स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा इन कार्यों की सीधे मॉनिटरिंग की जाएगी। आम नागरिक भी इनके निर्माण के दौरान पारदर्शिता एवं गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
- -संयुक्त टीम द्वारा राइस मिलों में छापा मार धान जप्ती की, की गई कार्यवाहीरायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिले में धान के अवैध परिवहन, भण्डारण, संग्रहण पर कार्यवाही की जा रही है। खाद्य विभाग, मंडी निरीक्षक की संयुक्त टीम द्वारा राइस मिल्स का निरीक्षण किया गया और कार्यवाही की गई। जिले के विभिन्न मिल परिसर में खाद्य अधिकारियों, मंडी सचिव एवं निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण किया गया जिसमें फर्म सतनाम इंडस्ट्रीज, पारागांव के मिल परिसर में 212.80 क्विंटल धान, फर्म श्री मोहिनी एग्रोटेक, नवापारा के मिल परिसर में 244.80 क्विंटल धान एवं आदर्श राइस मिल, अभनपुर के मिल परिसर में 68 क्विंटल धान स्टॉक से अधिक पाया गया। निरीक्षण दल द्वारा मंडी अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए धान को जप्त किया गया एवं सुपुर्दगी की कार्यवाही की गई।
- -नि: शुल्क जांच और औषधीय वितरण की व्यवस्थारायपुर । विकासखंड आरंग के अधीनस्थ आने वाले ग्राम टेकारी ( कुंडा ) में गुरुवार 11 दिसंबर को विकास खंड स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया है । यह आयोजन टेकारी के उच्चतर माध्यमिक शाला में पूर्वाह्न 10 बजे से लेकर अपराह्न 4 बजे तक होगा ।इस स्वास्थ्य मेला में चर्मरोग , मोटापा , ब्लड प्रेशर , शुगर , अस्थमा , स्त्री रोग , बुखार , बवासीर , भगन्दर , उदर रोग , गठिया वात , साइटिका , नेत्र रोग से पीडि़त मरीजों की आयुर्वेद चिकित्सकों व उनके टीम द्वारा नि:शुल्क जांच व रक्त परीक्षण तथा नि:शुल्क औषधि का वितरण किया जाएगा । यह स्वास्थ्य मेला संचालक आयुर्वेद के निर्देश व रायपुर जिला आयुष अधिकारी डॉक्टर स्वाति रावत के मार्गदर्शन में टेकारी आयुर्वेद औषधालय में पदस्थ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अशोक कुमार बांधे की अगुवाई में किया जा रहा है , जो इस आयोजन के प्रभारी व नोडल अधिकारी भी हैं ।
- - पालक चौपाल में शिशुवती माताओं, किशोरी बालिकाओं को पौष्टिक भोजन और स्वच्छता के संबंध में दी जा रही जानकारी- शिशुवती माताओं और नन्हे बच्चों का समय पर किया जा रहा टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांचराजनांदगांव । जिले में कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए 'पोट्ठ लईका पहल अभियान के तहत आंगनबाडिय़ों केन्द्रों में पालक चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। शिशुवती माताओं और नन्हे बच्चों का समय पर टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच आंगनबाड़ी केन्द्रों में किया जा रहा है। गंभीर कुपोषित बच्चों के गृह भेंट कर पौष्टिक आहार एवं साफ-सफाई के संबंध में समझाईश एवं जानकारी दी जाती है। गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी भेजने के लिए समझाईश दी जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा टीबी, कुष्ठ एवं पल्स पोलियों अभियान के अंतर्गत नारा लेखन कार्य कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पालक चौपाल कार्यक्रम में शिशुवती माताओं को पौष्टिक आहार, बारिश के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव तथा स्वच्छता, पेयजल, डायरिया प्रबंधन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।पोट्ठ लईका पहल अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पालक चौपाल का आयोजन किया जाता है। पालक चौपाल में बताया जाता है कि बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकस के लिए जीवन के प्रथम 1000 दिन का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। पालक चौपाल में शिशुवती माताओं, किशोरी बालिकाओं को पौष्टिक भोजन और स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी जा रही है। शिशुवती माताओं को बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के लिए तिरंगा भोजन के रूप में पौष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किया गया। जिससे बच्चों को प्रोटीन, विटामिन एवं अन्य पोषक तत्वों से भरपूर भोजन मिल सके। पालक चौपाल में तिरंगा भोजन के संबंध में अभिभावकों को जानकारी दी गई। तिरंगा भोजन में केसरी रंग अंतर्गत दलहन, सोया, अंडा, सफेद रंग चावल, रोटी तथा हरा रंग में हरी सब्जी जैसे पालक, मेथी, मुनगा भाजी एवं अन्य हरी साग-सब्जी का होता है। अपने बच्चों को पौष्टिक भोजन कम से कम 3 बार दिन में खिलाने और 2-3 बार स्वयं भी खाने की सलाह दी गई।
- राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान बिक्री की रोकथाम के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान की बिक्री करने की पुनरावृत्ति होने एवं संलिप्त पाए जाने पर अपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा सकते हैं। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा आज कुल 4 प्रकरणों में 75 लाख 37 हजार 960 रूपए मूल्य के 2431.60 क्विंटल (6079 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 174 प्रकरणों में 7 करोड़ 48 लाख 63 हजार 326 रूपए मूल्य के 24149.46 क्विंटल (60374 बोरा) अवैध धान एवं 17 वाहन जप्त किया गया है।प्राप्त जानकारी अनुसार आज राजनांदगांव अनुविभाग में 2 प्रकरण में 58 लाख 88 हजार 760 रूपए मूल्य के 1899.60 क्विंटल (4749 बोरा) अवैध धान एवं डोंगरगांव में 1 प्रकरण में 16 लाख 5 हजार 800 रूपए मूल्य के 518 क्विंटल (1295 बोरा) अवैध धान तथा डोंगरगढ़ अनुविभाग में कुल 1 प्रकरणों में 43 हजार 400 रूपए मूल्य के 14 क्विंटल (35 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया है। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक राजनांदगांव अनुविभाग में कुल 77 प्रकरणों में 4 करोड़ 46 लाख 2 हजार 800 रूपए मूल्य के 14388 क्विंटल (35970 बोरा) अवैध धान व 7 वाहन, डोंगरगढ़ अनुविभाग में 47 प्रकरण में 1 करोड़ 32 लाख 16 हजार 106 रूपए मूल्य के 4263.26 क्विंटल (10658 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन तथा डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 50 प्रकरणों में 1 करोड़ 70 लाख 44 हजार 420 रूपए मूल्य के 5498.20 क्विंटल (13746 बोरा) अवैध धान एवं 8 वाहन जप्त किया गया है।जिले में कोचियों एवं बिचौलियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के 1500 छोटे एवं बडे मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं खाद्य व मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जप्त किए जाने तथा सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिये गये है। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु जिले में कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किया गया है। जहां पर मंडी, नगर सेना, वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों द्वारा तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।
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- अब तक जिले में 34015 पंजीकृत किसानों से 409 करोड़ 89 लाख 66 हजार रूपए मूल्य का 1725706 क्विंटल धान की खरीदी
- अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 43030 क्विंटल धान का उठाव
राजनांदगांव । जिले में धान की खरीदी अभियान से सिकानों में हर्ष व्याप्त है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी महाभियान के तहत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में धान खरीदी सुचारू संचालन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। धान खरीदी कार्य के के लिए इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, पेयजल, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाईस मशीन, श्रमिक एवं अन्य व्यवस्था की गई है। आर्द्रता मापी यंत्र से किसानों के धान का परीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की दर एवं सूची व फ्लैक्स लगाए गए है। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। धान बिक्री के लिए किसान टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे है। जिससे उनके समय की बचत हो रही है और उन्हें सुविधा मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अब तक जिले में 34015 पंजीकृत किसानों से 409 करोड़ 89 लाख 66 हजार रूपए मूल्य का 1725706 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। धान का उठाव भी लगातार जारी है। अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 43030 क्विंटल धान का उठाव किया गया है। - राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में 100 दिवसीय निक्षय निरामय पहचान एवं उपचार अभियान के दौरान जिले के टीबी के उच्च जोखिम समूहों का चिन्हांकन किया गया है। टीबी के उच्च जोखिम समूहों के जिले के सभी विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्र के चिन्हित शेष व्यक्तियों की जांच एक्स-रे मशीन के माध्यम से किया जाएगा। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की निगरानी में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन रखी गई है। जिले के चिन्हित शेष उच्च जोखिम समूहों के व्यक्तियों की जांच एक्स-रे मशीन के माध्यम किया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में जांच करने रूट चार्ट भी तैयार कर लिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनआर नवरतन ने बताया कि सेंट्रल टीबी डिवीजन के निर्देशानुसार जिले को प्रदाय किए गए हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन का जिला अस्पताल में स्थापना किया गया है। जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं जिला अस्पताल के रेडियोग्राफरों को मशीन संचालन के संबंध में राज्य कार्यालय के इंजीनियर द्वारा जिला नोडल अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया की उपस्थिति में प्रशिक्षित किया गया।जिले में निक्षय निरामय 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान अंतर्गत 1 लाख 10 हजार 950 उच्च जोखिम समूहों के टीबी शंकास्पद व्यक्तियों की पहचान किया गया है। जिसमें 16 हजार 542 व्यक्तियों का नॉट के माध्यम से एवं 45 हजार 671 व्यक्तियों का एक्स-रे के माध्यम से टीबी की जॉच कराया जा चुका है। जिले के शेष 47 हजार 862 व्यक्तियों का एक्स-रे जांच कराया जाएगा। शासन से जिले को हैण्ड हेल्ड एक्स-रे मशीन प्राप्त होने पर ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा जाकर टीबी संभावित व्यक्तियों का एक्स-रे जॉच कराया जाएगा।
- रायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में सोनोग्राफी जाँच सेवाओं में वेटिंग अब शून्य हो गई है। केवल गर्भवती महिलाओं को ही स्त्री रोग विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार एंटीनेटल स्कैन और एनॉमली स्कैन के लिए उनके गर्भावस्था के सप्ताह के आधार पर डेट दिया जा रहा है।विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल में स्थापित कुल 5 सोनोग्राफी मशीनों में से 4 मशीनें पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं, जबकि शेष 1 मशीन की मरम्मत का कार्य प्रगति पर है। सोनोग्राफी जांच के लिए किसी भी मरीज को प्रतीक्षा तिथि (वेटिंग डेट) नहीं दी जा रही। सभी जांचें उसी दिन की जा रही हैं (केवल गर्भवती महिलाओं को छोड़कर)। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने अपनी कार्य क्षमता भी बढ़ाई है :- जहाँ पहले बाह्य रोग विभाग में प्रतिदिन लगभग 130 सोनोग्राफी की जाती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 200 से अधिक हो गई है। मंगलवार को बाह्य रोग विभाग के 248 से भी अधिक मरीजों की सोनोग्राफी जाँच उसी दिन (Same day) की गई। मरीजों को उसी दिन (Same day में) सोनोग्राफी जांच की सुविधा का लाभ मिल सके इसके लिए विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक पात्रे द्वारा जांचों की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जा रही है।वहीं, सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांचों के लिए भी किसी भी मरीज को वेटिंग डेट नहीं दी जा रही है तथा किसी को भी जाँच के लिए डी.के.एस. अस्पताल रेफर नहीं किया जा रहा। इमर्जेंसी में आने वाले मरीजों की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एक्स रे जाँच नियमित रूप से विभाग में हो रही है।
- - नवीन गाइडलाइन दरों के तहत नगरीय क्षेत्रों में दरों का किया गया युक्तियुक्तरण और सरलीकरणराजनांदगांव । केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड छत्तीसगढ़ द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गाइडलाइन दरों को अनुमोदित किया गया है। कार्यालय जिला पंजीयक से प्राप्त जानकारी अनुसार राजनांदगांव जिले में लागू नवीन गाइडलाइन दरों के तहत नगरीय क्षेत्रों में दरों का युक्तियुक्तरण और सरलीकरण किया गया है। पूर्व में प्रचलित बाजार मूल्य मार्गदर्शिका में एक ही वार्ड में कई-कई कंडिकाओं में अलग-अलग दरें अंकित थी, जिससे मार्गदर्शिका जटिल एवं आमजन के लिए समझने में कठिन हो गई थी। नगर निगम राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 1, 2 एवं 3 में कुल 10 अलग-अलग कंडिकाएं थी। जिनमें उसी स्थान पर मुख्य मार्ग का दर 3200 रूपए, 3400 रूपए और 3600 रूपए जैसी भिन्न-भिन्न दरें अंकित थी, जबकि उस क्षेत्र की वास्तविक बाजार दरों में इतना अंतर नहीं था। जिनमें एकरूपता लाकर वर्तमान बाजार मूल्य 4500 वर्गमीटर किया गया है एवं कंडिकाएं कम करके 6 कंडिकाएं की गई है। इसी प्रकार का युक्तियुक्तकरण बाकी सभी वार्डों में भी किया गया है।राज्य शासन के निर्देशानुसार अनावश्यक कंडिकाओं का युक्तियुक्तरण किया गया। इसके परिणामस्वरूप नगर निगम राजनांदगांव में पूर्व के 310 कंडिकाओं को घटाकर 134 किया गया है। जिले के सभी नगरीय निकायों डोंगरगढ़, डोंगरगांव, छुरिया एवं लाल बहादुर नगर में कुल 120 वार्डों के अंतर्गत पूर्व की 490 कंडिकाओं को सरलीकृत कर 249 कंडिकाएं रखा गया है। नवीन गाइडलाइन पूर्व की तुलना में अधिक सरल, व्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है। संपूर्ण छत्तीसगढ़ में अंतिम बार गाइडलाइन का पुनरीक्षण वर्ष 2018-19 में हुआ था। वर्तमान पुनरीक्षण उसी आधार वर्ष (2018-19) की दरों को लेते हुए किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में एक ही रोड से लगे ग्राम व आस-पास के ग्रामों के दरों मे विसंगति थी। इन्ही विंसगतियों को दूर करने के लिए एक ही रोड से लगे व आस-पास लगे ग्राम की विसंगति को दूर करते हुए सभी ग्रामों की दर एक समान प्रस्तावित किया गया है। ग्राम अंजोरा जीई रोड पूर्व का दर मुख्य मार्ग 1 करोड़ 8 लाख रूपए, ग्राम टेड़ेसरा जीई रोड 1 करोड़ 38 लाख रूपए, ग्राम देवादा जीई रोड 1 करोड़ 22 लाख रूपए, इंदावनी जीई रोड 56 लाख रूपए, सोमनी जीई रोड 1 करोड़ 38 लाख रूपए था। वर्तमान में इन सभी मुख्य मार्ग की दर 1 करोड़ 85 लाख रूपए हो गया है। नगरीय क्षेत्रों में युक्तियुक्तकरण के बाद प्राप्त दरों पर लगभग 20-40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है अर्थात लगभग 6 वर्षों बाद स्वाभाविक एवं तार्किक वृद्धि की गई है। ऑनलाइन प्रणाली एवं पंजीयन कार्य में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। नवीन गाइडलाइन 20 नवम्बर 2025 से प्रभावी हुई है। इस तिथि से अब तक लगभग 200 से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन सुचारू रूप से किया जा चुका है। जिले के सभी उप पंजीयक कार्यालयों में पूर्ववत प्रतिदिन नियमित रूप से पंजीयन कार्य जारी है।
- -मेडिकल कॉलेज स्थापना से खुलेगा विकास का नया अध्याय - उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा-कबीरधाम में स्वास्थ्य सुविधाओं के नए युग का होगा सूत्रपातरायपुर। कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मज़बूती देने और युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में मेडिकल कॉलेज कबीरधाम की स्थापना होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 12 दिसम्बर को अपने कवर्धा प्रवास के दौरान ग्राम घोटिया में मेडिकल कॉलेज की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूजित शिला का शिलान्यास एवं भूमिपूजन करेंगे।कॉलेज के लिए 40 एकड़ भूमि आबंटित, 306 करोड़ से अधिक की राशि को मिली स्वीकृतिउप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए ग्राम घोठिया में 40 एकड़ भूमि का आबंटन किया है। परियोजना के लिए 306 करोड़ रूपए से अधिक की मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। यह कॉलेज अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तारमेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद कबीरधाम जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। लोगों को आधुनिक, उन्नत और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अब दूरस्थ शहरों की ओर निर्भरता कम होगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित होगी। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर यह महत्वपूर्ण परियोजना अल्प समय में स्वीकृत होकर अपने निर्माण चरण तक पहुँच गयी है। उन्होंने इस परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण करने अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं।जिले में उत्साह का माहौलइस संबंध में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज स्थापना से विकास का नया अध्याय खुलेगा। युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। जिले के लोगों को निर्माण से लेकर संचालन तक रोजगार के अनेक नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जिले में कौशल विकास भी प्रोत्साहित होगा।मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन को लेकर जिले के लोगों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं में आशा की नई किरण जागी है कि इस कॉलेज से कबीरधाम को स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।
- -अटल डिजिटल सुविधा केंद्र बने समाधान का ठिकाना: पीएम आवास के हितग्राही से लेकर आम नागरिक को मिल रहा है लाभरायपुर। कोरिया जिला प्रशासन की विशेष पहल पर ग्राम पंचायतों में अब नागरिकों की जरूरी सेवाएं घर के पास ही उपलब्ध हो रहे हैं। गौरतलब है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी, दस्तावेजों की सहज प्राप्ति और योजनाओं का सीधा लाभ इन सभी को आसान बनाने में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये केंद्र ग्रामीणों के लिए एक ऐसे समाधान स्थल के रूप में उभरे हैं, जहां एक ही छत के नीचे कई सेवाएं तुरंत और सुगमता से मिल रही हैं। विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजनाओं के हितग्राही, जो पहले बैंक या शहर जाने को मजबूर होते थे, अब इस योजना की राशि के आहरण के लिए सीधे अटल डिजिटल सुविधा केंद्र पर पहुंच रहे हैं। इससे समय, श्रम और धन सबकी बचत हो रही है।क्या है अटल डिजिटल सुविधा केंद्रपंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत ग्राम पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने का माध्यम हैं। इसके लिए ग्राम पंचायत और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एक आंतरिक समझौता किया गया है, जिसके अनुसार ग्राम स्तरीय उद्यमी सीएससी के मानकों के अनुरूप सभी सेवाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाते हैं।कोरिया जिले में 64 केंद्र सक्रियप्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में तीन चरणों में कुल 64 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं 37 केंद्र बैकुंठपुर जनपद पंचायत में, 27 केंद्र सोनहत जनपद पंचायत में केंद्रों के संचालन के लिए आवश्यक भवन, बिजली, इंटरनेट आदि सुविधाएं ग्राम पंचायत द्वारा प्रदान की जा रही हैं, जिसके बाद वीएलई ग्रामीणों को सहज सेवा उपलब्ध कराते हैं।कौन-कौन सी सेवाएं मिल रही हैंअटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीणों के लिए सेवाओं की लंबी श्रृंखला उपलब्ध कराते हैं, जिनमें डीजी पेमेंट एवं कियोस्क बैंकिंग, पैन कार्ड सेवा, आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र, ई-बैंकिंग व वित्तीय लेनदेन, पीएम किसान, आयुष्मान कार्ड, ई-श्रम कार्ड पंजीयन, मोबाइल व टीवी रीचार्ज सेवाएं, फार्मर रजिस्ट्रेशन, फसल बीमा, वीएलई द्वारा परीक्षा उत्तीर्ण कर बीमा सेवाओं का संचालन, खसरा, बी-वन और अन्य प्रमाण पत्रों की प्राप्ति, नकद जमा और आहरण सहित 25 से अधिक डिजिटल सेवाएं प्रमुख हैं। बता दें कि डिजिटल क्रांति से जोड़ते यह केंद्र न केवल ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों का समाधान कर रहे हैं, बल्कि वित्तीय समावेशन को भी मजबूत बना रहे हैं।
- -परकोलेशन टैंक किसानों के लिए वरदान: बढ़ा जलस्तर, बढ़ी फसल, बढ़ी आयरायपुर ।कोरिया जिले के जनपद पंचायत सोनहत के अंतर्गत स्थित अकलासरई गांव वर्षों से पानी की गंभीर समस्या से जूझता रहा है। ऊंचाई पर बसे इस गांव में वर्षा जल का संचित न हो पाना और लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण ग्रामीण विशेषकर किसान केवल एक ही फसल पर निर्भर थे। खेती का दायरा छोटा होने से परिवार की आय भी सीमित रह जाती थी।इस कठिनाई को दूर करने के लिए ग्राम पंचायत अकलासरई ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोनकुंवर भूमि पर परकोलेशन टैंक निर्माण का निर्णय लिया। लक्ष्य था-वर्षा जल को संरक्षित कर भूमि में रिसाव बढ़ाना और आसपास की सिंचाई जरूरतों को पूरा करना। जल संग्रह के लिए उचित स्थान चयन सबसे बड़ी चुनौती थी, ताकि कम आवक की स्थिति में भी पानी प्रभावी रूप से संरक्षित रह सके।परियोजना को सफल बनाने में रोजगार सहायक की भूमिका अहम रही। उन्होंने ग्रामीणों को परकोलेशन टैंक के लाभ, जल संरक्षण के महत्व और इसके दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। लगभग दो लाख रुपये की स्वीकृत राशि से यह टैंक बनकर तैयार हुआ और अब गांव में उम्मीद की नई धारा बही है।परकोलेशन टैंक से बदली सोनकुंवर की तस्वीरटैंक के निर्माण के बाद गांव के जलस्तर में स्पष्ट सुधार देखा गया है। मिट्टी की नमी बढ़ने से खेत उत्पादक हो गए हैं। सोनकुंवर के परिवार को पहली बार घरेलू उपयोग के लिए भी पर्याप्त पानी मिलना शुरू हुआ है। पहले वे केवल एक एकड़ में ही धान ले पाते थे, लेकिन इस वर्ष सिंचाई सुविधा बढ़ने से उन्होंने धान की खेती लगभग दो एकड़ में की। इसके बाद वे रबी फसलों-आलू, अरहर, गोभी और सरसों की खेती भी कर रहे हैं, जिनसे अच्छे उत्पादन की उम्मीद है।गांव के किसानों के लिए प्रेरक उदाहरणसोनकुंवर के खेत में आए इस बदलाव का प्रभाव आसपास के किसानों पर भी पड़ा है। बढ़ते जलस्तर और उपलब्ध नमी से अन्य कृषकों की पैदावार में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज छत्तीसगढ़ के महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत दिवस पर उन्हें नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी। लोकभवन में राज्यपाल ने वीर नारायण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बलिदान का स्मरण किया।इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी शहीद वीर नारायण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।राज्यपाल ने कहा कि वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास और आजादी की लड़ाई का प्रेरक अध्याय है, जो सदैव नई पीढ़ी को राष्ट्रहित और जनसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
- -समिति के प्रतिनिधिमंडल ने लालपुर धाम में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय मेला हेतु किया आमंत्रितरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज सतनाम कल्याण समिति, बंधवा के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा की 269वीं जयंती के अवसर पर मुंगेली जिले के लालपुर धाम में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय विशाल मेला—18, 19 एवं 20 दिसंबर—में सम्मिलित होने का निमंत्रण प्रदान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का जीवन-दर्शन, सत्य, अहिंसा, समानता और सद्भाव के मूल्य हमें सामाजिक समरसता और मानवकल्याण की दिशा में निरंतर प्रेरित करते हैं।उन्होंने कहा कि लालपुर धाम का यह मेला छत्तीसगढ़ की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, जहां हर वर्ष भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर गुरु बाबा के उपदेशों को आत्मसात करते हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल भी उपस्थित थे।
- -ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ-बस्तर और सरगुजा में परिवहन क्रांति, ग्रामीण बस योजना का विस्ताररायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के सुदूर वनांचलों में ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया तथा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।दूसरे चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों के 23 मार्गों पर 24 नई बसों का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे 180 गांव सीधे बस सुविधा से जुड़ गए हैं।कार्यक्रम के द्वितीय चरण में शामिल अनेक ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जिसे योजना के प्रथम चरण में प्रारंभ किया गया था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय चर्चा करते हुए बताया कि अब दूरस्थ इलाकों से ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है।सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे लगभग 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे, जबकि पूर्व में यह यात्रा बेहद कठिन और समयसाध्य थी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे। यह योजना न केवल परिवहन सुविधा बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीणों को शहरों और सेवा संस्थानों से जोड़ते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जिससे लोगों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिल रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने योजना से लाभान्वित होने वाले 180 गांवों के सभी ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेहतर यातायात सुविधाएँ अब उनके जीवन को पहले से अधिक सुगम बनाएंगी और तरक्की के नए मार्ग खोलेंगी।परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि जिन दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों तक कभी यातायात की सुविधा नहीं पहुंची थी, वहाँ भी अब बस सेवाएँ प्रारंभ हो रही हैं। यह योजना विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा के जनजातीय बहुल इलाकों के लिए एक वरदान के रूप में उभर रही है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 04 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत 250 गांवों को बस सेवाओं से जोड़ा गया था। अब द्वितीय चरण की शुरुआत के साथ इस संख्या में और वृद्धि हुई है तथा 180 गांव और जुड़ गए हैं।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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-छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रदेश के 6 विश्वविद्यालयों के साथ किया एमओयू
-देश का पहला पाठ्यक्रम:छात्रों को मिलेगी बाल अधिकार एवं संरक्षण की जानकारी
रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों के मध्य “रक्षक पाठ्यक्रम” के लिए एमओयू संपन्न हुआ। बाल अधिकार एवं संरक्षण पर आधारित यह अनूठा पाठ्यक्रम देश में अपनी तरह का पहला शैक्षणिक नवाचार है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में आवश्यक विशेषज्ञता भी विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे भूलवश या भ्रमित होकर गलत दिशा में चले जाते हैं क्योंकि वे अबोध होते हैं। ऐसे बच्चों को सही मार्ग पर लाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है। किसानों के बकाया बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना और सबके लिए आवास जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों को साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि 350 से अधिक प्रशासनिक सुधार लागू कर छत्तीसगढ़ सुशासन के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है और इसी उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना भी की गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षक पाठ्यक्रम को रिकॉर्ड समय में तैयार करने और विश्वविद्यालयों में इसे लागू करने के लिए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है। बच्चों से भिक्षावृत्ति कराना, परित्यक्त बच्चों का पुनर्वास, और संवेदनशील मामलों का समाधान—ये सभी अत्यंत चुनौतीपूर्ण विषय हैं। उन्होंने कहा कि “यह पाठ्यक्रम संवेदनशील, सजग और सेवा-भावयुक्त युवा तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्तर का नवाचार बताते हुए कहा कि भविष्य में छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने पाठ्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने आयोग और सभी छह विश्वविद्यालयों को पाठ्यक्रम लागू करने हेतु बधाई दी।
यह एक वर्षीय स्नातकोत्तर “पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड राइट्स एंड प्रोटेक्शन”
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, आंजनेय विश्वविद्यालय, रायपुर, एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर और श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई-दुर्ग में प्रारम्भ होगा।
क्या है रक्षक पाठ्यक्रम
प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में अब तक ऐसा पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं था, जो युवाओं को बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित करते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इस आवश्यकता को देखते हुए आयोग द्वारा “रक्षक – बाल अधिकार संरक्षण पर एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम” को विकसित किया गया है। इस पाठ्यक्रम से युवाओं को सैद्धांतिक एवं विधिक ज्ञान, विभागीय योजनाओं, संस्थाओं और प्रायोगिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ, बाल संरक्षण इकाइयों आदि के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध होगी।संवेदनशीलता, जागरूकता और बाल-अधिकारों की आत्मिक समझ विकसित करने वाला यह पाठ्यक्रम युवाओं को इस क्षेत्र में कुशल, समर्पित और प्रभावी मानव संसाधन के रूप में तैयार करेगा। आयोग द्वारा पाठ्यक्रम के संचालन, प्रशिक्षण, परामर्श और मार्गदर्शन की संपूर्ण सुविधा विश्वविद्यालयों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, ,पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से कुलसचिव प्रो शैलेंद्र पटेल,प्रो ए के श्रीवास्तव,संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय सरगुजा कुलपति प्रो राजेंद्र लाकपाले, कुलसचिव श्री शारदा प्रसाद त्रिपाठी, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति एवं रायपुर संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे, कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा,आंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. टी.रामाराव कुलसचिव डॉ. रूपाली चौधरी, एमिटी विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. सुरेश ध्यानी,श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई दुर्ग चांसलर डॉ.आई.पी. मिश्रा, कुलपति डॉ ए. के झा एवं डॉ जया मिश्रा, आयोग के सचिव प्रतीक खरे सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 4 मृतकों के निकटतम वारिसान के लिए चार लाख रुपए के मान से कुल 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। इनमें पानी में डूबने से मृत्यु होने पर बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम बनियातोरा के मृतक श्री लिखितराम पटेल की पत्नी श्रीमती मानकुंवर पटेल के लिए एवं ग्राम नर्रा के मृतक श्री तातूराम साहू की पत्नी श्रीमती शकुन साहू के लिए तथा सर्पदंश से मृत्यु होने पर ग्राम खैरटकला के मृतक श्री डोमू सिंग मांझी के पुत्र नित्यानंद मांझी के लिए एवं ग्राम जुनवानी खुर्द की मृत्तिका आरती ठाकुर की माता श्रीमती महादेवी ठाकुर के लिए चार-चार लाख रुपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज पिथौरा विकासखंड अंतर्गत भुरकोनी धान उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू एवं एसडीएम श्री बजरंग वर्मा मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने धान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया, व्यवस्थाओं और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और दक्षता के साथ संचालित किया जाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने केंद्र में धान की तौल व्यवस्था, नमी परीक्षण, तौल-कांटे की सटीकता,बोरा की उपलब्धता की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े, तौल में पारदर्शिता बनी रहे तथा गुणवत्ता परीक्षण पूरी शुद्धता से किया जाए।उन्होंने कर्मचारियों को यह भी निर्देशित किया कि धान की आवक बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ट्रॉली एवं वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रहे और खरीदी केंद्र में साफ–सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, टोकन और रसीद वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर ने स्टैकिंग, गोदामों तक परिवहन, रिकॉर्ड संधारण एवं अवैध धान परिवहन की रोकथाम के उपायों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समय और मानकों के अनुरूप संपादित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह ने किसानों से भी चर्चा की और उनकी समस्याओं तथा सुझावों को सुना। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर किसानों के हितों को सर्वोपरि रखने पर जोर दिया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जननायक अमर शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन त्याग, साहस और न्याय की अनुपम मिसाल है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया, वह छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विरासत का स्वर्णिम अध्याय है। मातृभूमि की रक्षा और समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनकी निष्ठा हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सोनाखान के ज़मींदार परिवार में जन्म लेने के बाद भी शहीद वीर नारायण सिंह का हृदय सदैव आदिवासियों, किसानों और गरीब परिवारों के दुःख-संघर्ष से जुड़ा रहा। वर्ष 1856 के विकट अकाल में जब आमजन भूख से व्याकुल थे, तब उन्होंने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए अनाज गोदाम का अनाज ज़रूरतमंदों में बाँटकर करुणा, त्याग और साहस का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम केवल विद्रोह नहीं था, बल्कि सामाजिक अन्याय, शोषण और असमानताओं के विरुद्ध एक ऐतिहासिक उद्घोष था।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और जनप्रतिरोध की जीवंत प्रेरणा हैं। गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका जीवन-संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव न्याय, मानवता और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद वीर नारायण सिंह के आदर्शों और उनके सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


























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