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- दुर्ग. कलेक्टर एवं प्राधिकृत अधिकारी श्री अभिजीत सिंह की उपस्थिति में आज जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के सभागार में बैंक से सम्बद्ध जिला दुर्ग, बेमेतरा, बालोद के कृषकों को वर्ष 2026-27 के लिए फसल उत्पादन हेतु अल्पकालीन फसल ऋणमान निर्धारित करने संबंधी बैठक हुई। बैठक में विभिन्न प्रकार के फसल उत्पादन हेतु कृषि विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ एवं उन्नतशील कृषकों द्वारा विचार मंथन किया गया। फसल उत्पादन हेतु प्रति हेक्टेयर होने वाली व्यय के संबंध में कृषि विभाग व उद्यानिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत जानकारी अनुसार खरीफ व रबी फसलों के लिए वर्ष 2026-27 के लिए ऋणमान का निर्धारण किया गया। जिसे राज्य स्तरीय तकनीकी समूह को प्रेषित किया जायेगा।बैठक में प्रति हेक्टेयर धान सिंचित के लिए 65,000 रूपए, धान असिंचित 48,000 रूपए, सोयाबीन 53,900 रूपए, चना 46,200 रूपए, गेहूँ 50,000 रूपए, गन्ना उन्नत 1,20,000 रूपए, अरहर/तुअर 45100 रूपए, जिमी कंद 1,60,000, मत्स्य पालन 1,87,000, गौपालन 40800 प्रति गाय, भैंसपालन 47300 प्रति भैंस, भेड़पालन 48400 प्रति भेड़, मक्का 60000, कपास 60000, ग्रीष्मकालीन धान 48000, सूरजमुखी 28600 रूपए प्रस्तावित किया गया। साथ ही उद्यानिकी फसलों के लिए टमाटर, मशरूम, शिमला मिर्च आदि खरीफ व रबी फसलों के लिए वर्ष 2026-27 के लिए ऋणमान का निर्धारण कर प्रस्तावित किया गया। बैठक में श्री संदीप भोई उप संचालक कृषि, श्री संतोष पाटले उप आयुक्त सहकारिता, श्री हृदेश शर्मा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सुश्री कुसुम ठाकुर अतिरिक्त मुख्य पर्यवेक्षक, प्रीतपाल बेलचंदन पूर्व अध्यक्ष, पूर्व संचालक शिव कुमार चन्द्राकर, श्री एस.के.जोशी पशुधन विभाग, श्री नारायण सिंह उद्यानिकी विभाग दुर्ग, डॉ. भारतेष शर्मा, अति.उप संचालक, श्री डी.डी. झॉ पशुचिकित्सा, सुमंत चंद्रवंशी मछली पालन विभाग, प्रगतिशील कृषक दीपक चन्द्राकर, प्रेमलाल नायक, पुरेन्द्र चन्द्राकर, पवन जैन, भगवान सिंह चन्द्राकर, योगेन्द्र दिल्लीवार, बैंक अधिकारी के.के.नायक अधीक्षक, एस.पी.वाहने, धीरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण साहू, झामनलाल साहू उपस्थित रहे।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत दुर्ग जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप दिया जा रहा है। जल संचय एवं भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने हेतु मनरेगा के माध्यम से बड़े पैमाने पर जल संरचनाओं का निर्माण स्वीकृत किया गया है।“मोर गांव मोर पानी” अभियान ने दुर्ग जिले में जल संरक्षण की दिशा में नई ऊर्जा और प्रभावशाली परिणाम दिए हैं। वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच जैसी संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल प्रबंधन को मजबूत बना रही हैं और जल सुरक्षा के लक्ष्यों को साकार कर रहा हैंयह अभियान छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि तथा जल संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना है। अभियान के प्रमुख उद्देश्य वर्षा जल संरक्षण को ग्रामीण स्तर पर सामूहिक जिम्मेदारी बनाना, पारंपरिक जल स्रोतों कुएं, तालाब, जीर्णाेद्धार विभिन्न तकनीकों से भूजल रिचार्ज बढ़ाना जल संकट की संभावनाओं को कम कर भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि जिले में विभिन्न जनपद पंचायतों के अंतर्गत वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच का निर्माण तेजी से किया जा रहा है- जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम पंचायत दमोदा में स्वीकृत राशि 6.47 लाख रूपए सृजित मानव दिवस 1678 कुल गड्ढे 1500, ग्राम पंचायत बोरई में स्वीकृत राशि 9.86 लाख रूपए सृजित मानव दिवस 3014 कुल गड्ढे 2500, ग्राम पंचायत अंजोरा ढाबा में स्वीकृत राशि 4.67 लाख रूपए सृजित मानव दिवस 912 कुल गड्ढे एक हजार।इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा के ग्राम पंचायत दारगांव में स्वीकृत राशि 7.62 लाख रूपए सृजित मानव दिवस 935 कुल गड्ढे 450, ग्राम पंचायत रौंदा में स्वीकृत राशि 7.16 लाख रूपए सृजित मानव दिवस 456 कुल गड्ढे 210 किया जा रहा है। अभियान का प्रभाव वर्षा जल संचयन में वृद्धि, जल बहाव एवं मिट्टी कटाव में कमी भूजल स्तर में सुधार के सकारात्मक संकेत सामुदायिक सहभागिता से जल संरक्षण गतिविधियों को मिली मजबूती मनरेगा के माध्यम से ग्रामवासियों को सतत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
- 0- जनवरी 2025 से अब तक 39 वन अपराध प्रकरण दर्ज0- विभाग ने 04 आरामिलों को किया सीलबंद, 01 अवैध आरा मशीन को किया राजसातदुर्ग. वन संरक्षण को लेकर वन विभाग के सभी अमले द्वारा सतत प्रयास किया जा रहा है। धमधा और पाटन डिविजन में वन संरक्षण प्रणाली मज़बूत है तथा विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में सघन निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगा रही है। सभी आरा मशीनों और बीट क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण रोस्टर के अनुसार किया जा रहा है। मुख्य वन संरक्षक द्वारा निर्धारित रोस्टर अनुसार आरामिलों का प्रति माह उप वन मंडलाधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी और सहायक परिक्षेत्र अधिकारी आरामिलों का निरीक्षण करते हैं, जिससे पारदर्शिता और नियंत्रण व्यवस्था बेहतर हुई है।वन विभाग द्वारा किए गए सक्रिय प्रयासों का परिणाम यह रहा कि जनवरी 2025 से अब तक 39 वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिसमें लगभग 4 लाख रुपये का मुआवजा आरोपित किया गया है। इसके साथ ही अनुमानित 1028 नग (67.548 घन मीटर) व 15 जलाऊ चट्टा काष्ठ शासन के हित में जमा कराया गया है। विभाग ने 04 आरामिलों को सीलबंद किया है, जिनमें से 01 अवैध आरा मशीन को राजसात भी किया गया है।वन विभाग क्षेत्र में अवैध कटाई और परिवहन को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। अवैध परिवहन के तहत अपराध पाए जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर संबंधित अभियुक्त से मुआवजा की राशि वसूल कर प्रतिबंधित काष्ठों की जप्ती की जाती है एवं छूट प्रजाति के काष्ठों को निर्मुक्त किया जाता है। वन संरक्षण के लिए वन विभाग के सभी अमले मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।
- दुर्ग. मिशन शक्ति अंतर्गत सखी निवास के तहत प्रबंधक, वार्डन, केयर टेकर के रिक्त संविदा पद की पूर्ति के लिए पात्र आवेदकों से आवेदन ऑनलाईन https://sakhiniwas.e-bharti.in/durg के माध्यम से आमंत्रित किए गए हैं। इसी प्रकार शक्ति सदन के तहत आवासीय अधीक्षक, कार्यालय सहायक, बहुउद्देशीय सहायक, रसोईया, सुरक्षा गार्ड/चौकीदार के रिक्त संविदा पद की पूर्ति के लिए पात्र आवेदकों से आवेदन ऑनलाईन https://wcd.e-bharti.in/durg के माध्यम से आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं पात्र उम्मीदवार दिनांक 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाईन माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी विज्ञापन में पद से संबंधित शैक्षणिक योग्यता, आवश्यक अनुभव, आवेदन प्रारूप, तथा संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दुर्ग जिले की वेबसाइट www.durg.gov.in पर उपलब्ध है। वेबसाइट में विज्ञापन में भर्ती प्रक्रिया संबंधी संपूर्ण जानकारी है।
- दुर्ग. मिशन शक्ति अंतर्गत संचालित महिला सशक्तिकरण केन्द्र में जेण्डर विशेषज्ञ (अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित) के रिक्त संविदा पद की पूर्ति के लिए पात्र आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं पात्र उम्मीदवार दिनांक 15 दिसंबर 2025 तक केवल स्पीड पोस्ट के माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी विज्ञापन में पद से संबंधित शैक्षणिक योग्यता, आवश्यक अनुभव, आवेदन प्रारूप तथा संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दुर्ग जिले की वेबसाइट www.durg.gov.in पर उपलब्ध है, जहां आवेदक विज्ञापन एवं आवेदन पत्र का प्रारूप डाउनलोड कर सकते हैं।---
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01 एकड़ की खेती से 05 लाख तक की हो रही है आय
बालोद/उद्यानिकी विभाग की ग्राफ्टेड बैगन तकनीक से डौण्डी विकासखण्ड के वनांचल के ग्राम अड़जाल का किसान संतोष कुमार आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है। किसान संतोष उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में ग्राफ्टेड बैगन की खेती कर 01 एकड़ की खेती से 05 लाख तक की आय अर्जित कर रहा है। किसान संतोष कुमार पहले अपनी एक एकड़ भूमि पर पारंपरिक खरीफ धान की खेती करते थे। उन्हें पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता था और खेत भी अक्सर पड़त रहती थी। उन्होंने बताया कि जब उन्हें उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी मिली। जिसके अंतर्गत अनुदान पर हाईब्रिड पौधे और बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। किसान संतोष ने धान के स्थान पर अपने एक एकड़ खेत में ग्राफ्टेड बैगन की खेती अपनाई, जिसमें उन्होंने कुल 03 हजार पौधे रोपे। उत्पादन शुरू होने पर न केवल उनके घर में सब्जियां आसानी से उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया। उन्होंने बताया कि अब तक उन्हें लगभग 250 क्विंटल बैगन का उत्पादन कर चुके है। उन्होंने बताया कि वर्तमान बाजार मूल्य 20 से 25 प्रति किग्रा. की दर से उन्हें अपनी 01 एकड़ की ग्राफ्टेड बैगन की खेती से लगभग 05 लाख तक की आय प्राप्त हो चुकी है। किसान श्री संतोष ने बताया कि उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से लाभान्वित होकर अब वह अधिक आय अर्जित कर रहे हैं। -
फसलों के अवशेषों को नष्ट न करते हुए पशुओं के लिए चारा संग्रहण करने किसानों से की अपील
ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन-तिलहन फसल लेकर, फसल चक्र को अपनाने कर रहे हैं प्रेरितबालोद/ फसल की कटाई के पश्चात बचे हुए अवशेषों को बेलर मशीन के माध्यम से संग्रहित कर कृषक रत्न से सम्मानित श्री सोमेश साहू अपने पशुओं के चारा हेतु बेहतर व्यवस्था कर रहे हैं। जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम गुजरा के कृषक रत्न से सम्मानित श्री साहू ने कृषि क्षेत्र में अपनी प्रगतिशील सोच से एक मिसाल कायम की है। उन्होंने धान कटाई के बाद फसल अवशेषों (पराली) को न जलाकर, उसे बेलर मशीन के माध्यम से संग्रहित करने का अनूठा कार्य किया है। उन्होंने बताया कि उनके पास लगभग 45 पशु है। जिनके लिए नियमित रूप से चारा की आवश्यकता होती है। जिसके लिए वे अपने खेत में धान की कटाई के पश्चात बचे अवशेष (पराली) को जिला खनिज न्यास मद से प्राप्त बेलर मशीन का उपयोग कर संग्रहित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष को खेत में न जलाकर उसे संग्रहित करना चाहिए। इस फसल अवशेष को जलाने से पर्यावरण प्रदूषण, मृदा में उपस्थित सूक्ष्म जीव की हानि, मित्र कीटों को नुकसान इसके साथ ही जमीन में उपजाऊ क्षमता में प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि गिरते भू-जल स्तर को सुधारने के लिए ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, गन्ना, मक्का, गेहूँ इत्यादि कम जल संचय करने वाली फसलों को लगाना चाहिए तथा फसल चक्र को अपनाना चाहिए/ - दुर्ग. एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय दुर्ग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र पंचशील नगर केन्द्र क्रमांक 01 वार्ड क्रमांक 01 में 01 सहायिका पद के नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया था, जिसके लिए 13 दिसम्बर 2025 तक दावा आपत्ति आमंत्रित किया गया है। दावा आपत्ति हेतु प्राप्त आवेदनों की अनन्तिम सूची परियोजना कार्यालय एवं नगर पालिक निगम दुर्ग के सूचना पटल पर अवलोकन हेतु चस्पा की गई है। उक्त अवधि में कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग में कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत दावा आपत्ति ही मान्य किया जाएगा।
- दुर्ग. मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा अनुमोदित निर्धारित लागत दर अनुसार जनपद पंचायत अंतर्गत अधोसंरचना निर्माण कार्य के लिए 48 लाख 28 हजार रूपए की अनुशंसा प्राप्त हुई है। अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग धमधा द्वारा प्रेषित तकनीकी स्वीकृति के आधार पर अनुशंसित कार्य को संपादित कराए जाने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्याे की संपादन कार्यकारी एजेंसी संबंधित ग्राम पंचायत होगी।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे से प्राप्त जानकारी अनुसार विकासखण्ड धमधा के ग्राम अरसी के देवांगन पारा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम हिर्री के विश्वकर्मा चौक में सी.सी. रोड निर्माण हेतु 02 लाख 60 हजार रूपए, ग्राम बड़े पुरदा के माखन लाल साहू के घर पास रंगमंच निर्माण हेतु 03 लाख रूपए, ग्राम रूहा पेन्ड्री के जितेन्द्र घर के पास रंगमंच निर्माण हेतु 03 लाख रूपए, ग्राम नारधा के हायर सेकेण्डरी स्कूल में शेड निर्माण हेतु 07 लाख रूपए, ग्राम कंडरका में माध्यमिक शाला में शेड निर्माण हेतु 07 लाख रूपए, ग्राम राजपुर के कोक्सा तालाब में निर्मलाघाट निर्माण हेतु 02 लाख 60 हजार रूपए, ग्राम ढ़ाबा के माध्यमिक शाला में शेड निर्माण हेतु 07 लाख रूपए, ग्राम बागडुमर सेमरिया में मुक्तिधाम एवं शेड निर्माण हेतु 4 लाख 79 हजार रूपए और ग्राम ढौर खेरधी में मुक्तिधाम एवं शेड निर्माण हेतु 4 लाख 79 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- 0- किसान भूपेश ने व्यवस्था पर शासन-प्रशासन का जताया आभारदुर्ग. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में चल रहा धान खरीदी अभियान किसानों के लिए आशा की नई किरण लेकर आया है। 15 नवंबर से शुरू हुआ यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक जारी रहेगा। प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी से किसान समृद्ध और खुशहाल हो रहे हैं।ग्राम पंचायत गनियारी के रसमड़ा उपार्जन केंद्र में सिलोदा गांव के किसान श्री भूपेश सिंह अपने दूसरे टोकन के तहत आज 96 क्विंटल धान की ब्रिकी की। कुल 5.19 हेक्टेयर का रकबा रखने वाले भूपेश सिंह पहले टोकन से भी धान बेच चुके हैं। इस बार उन्होंने अपने खेतों में कावेरी किस्म का धान लगाया था, जिसकी पैदावार उन्हें संतोषजनक मिली। पिछले साल भी उनके धान की पैदावार अच्छी हुई थी।भूपेश सिंह कहते हैं कि धान की यह फसल हमारे लिए सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि सालभर की मेहनत का प्रतिफल है। इसी से हमारा घर-परिवार चलता है, बच्चों की पढ़ाई होती है और जीवन सुचारू रूप से चलता है। यह हमारी रोज़ी-रोटी है, जीवन का आधार है। उपार्जन केंद्र में खूब रौनक थी। बारदाने भरने, तौलने, सिलाई करने और धान को उसकी क्वालिटी के अनुसार स्टैक में व्यवस्थित रखने के लिए समिति के कर्मचारी लगातार सक्रिय थे। खरीदी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी तरीके से पूरी हो रही है, जिसके लिए श्री सिंह ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- 0- वृहद् पुल बन रहे विकास एवं समृद्धि के सेतुबिलासपुर. बस्तर के विभिन्न क्षेत्रों में बन रहे पुल विकास और समृद्धि के भी सेतु बन रहे हैं। नक्सल आतंक से प्रभावित रहे दूरस्थ क्षेत्रों में पुलों के निर्माण से विकास कार्य दुगुनी गति से धरातल पर उतर रहे हैं। आकांक्षी जिला कांकेर में पिछले तीन वर्षों में सेतुओं का तेजी से पूर्ण होता निर्माण सुदूरांचलों के रहवासियों के विकास और समृद्धि का भी सेतु बन रहा है। इससे सुदूरवर्ती माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को अच्छी गति मिल रही है। कांकेर जिले में पिछले तीन वर्षों में 101 करोड़ 16 लाख रुपए की लागत से 20 सेतु निर्माण के कार्य पूर्ण हुए हैं। इससे लगभग 160 गांवों के 80 हजार लोगों का बारहमासी सड़क संपर्क विकासखंड, तहसील एवं जिला मुख्यालय से हो गया है। इन पुल-पुलियों के निर्माण से क्षेत्रवासियों तक उच्च शिक्षा, व्यापार, पर्यटन, सामाजिक-सांस्कृतिक संपर्क, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं शासन की योजनाओं की पहुंच आसान हो गई है। इससे नक्सल गतिविधियों के उन्मूलन के साथ ही क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है।कुछ इलाकों के नक्सल प्रभावित होने के बावजूद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मिचगांव से कोड़ेकुर्से मार्ग के कि.मी. 16/2 पर कोटरी नदी पर नौ करोड़ 35 लाख रुपए की लागत से एवं आतुरबेड़ा-भैंसगांव-निब्रा मार्ग के कि.मी. 4/2 मेंढ़की नदी पर नौ करोड़ 57 लाख रुपए की लागत से महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय पुलों के काम पूर्ण किए गए हैं। अभी जिले में कुल 60 करोड़ रुपए की लागत से 12 वृहद पुलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही कुल 30 करोड़ रुपए लागत के पांच वृहद सेतु कार्य निविदा स्तर पर है, जो कि शीघ्र ही प्रारंभ हो जाएंगे। इससे 136 गांवों की 68 हजार से अधिक आबादी लाभान्वित होगी। कांकेर के दूरस्थ छोटेबेठिया-मरबेड़ा-सितरम मार्ग पर कोटरी नदी पर 19 करोड़ रुपए तथा कोयलीबेड़ा-दुता मार्ग पर मेंढ़की नदी पर दस करोड़ 28 लाख रुपए की लागत से वृहद पुल निर्माणाधीन हैं। इनके साथ ही सोनपुर-मरोड़ा मार्ग (बेचाघाट) पर प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य की स्वीकृति अंतिम चरण पर है। इन पुलों के निर्माण से माड़ क्षेत्र से सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। ये पुल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।कांकेर में नरहरपुर विकासखण्ड के अंतिम छोर को जोड़ने के लिए बांसपत्तर-तिरियारपानी मार्ग में स्वीकृत पांच वृहद पुलों में से एक का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष चार पुलों के काम अगले वर्ष (2026) मार्च तक पूर्ण हो जाएंगे। जिले के इसी सीमावर्ती क्षेत्र में लेण्डारा से ठेमा मार्ग पर दो वृहद् पुल बने हैं। इनके निर्माण से कोण्डागांव जिले के विश्रामपुरी-बड़ेराजपुर विकासखण्ड से सीधा बारहमासी संपर्क हो गया है। विकास की दौड़ में अछूता सा रह गया यह क्षेत्र भी अब तेजी से विकास करेगा।कांकेर के कोने-कोने को राज्यीय मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों, विकासखंडों, तहसीलों एवं जिला मुख्यालय से बारहमासी संपर्क स्थापित करने के लिए राज्य शासन द्वारा बजट में लगभग 250 करोड़ रुपए के 36 नवीन सेतु निर्माण कार्यों के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं, जिनकी स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। आगामी बजट में 25 नए सेतु कार्यों को शामिल करने के लिए 154 करोड़ रुपए के प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जा रहा है। इन पुलों के निर्माण से जिले के कोने-कोने से जिला मुख्यालय एवं राजधानी आने-जाने के लिए लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने आज जोन-4 खुर्सीपार क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निगम की आय में वृद्धि करने के उपायों, मूलभूत नागरिक सुविधाओं की स्थिति और प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। आयुक्त ने पावर हाउस बस स्टैंड के पास स्थित खाली पड़े निर्मित भवन का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को इस भवन को किसी प्राइवेट एजेंसी को किराए पर देने और किराया निर्धारित करने का निर्देश दिया, जिससे नगर निगम की आय में वृद्धि हो सके। वार्ड क्रं. 51, शहीद वीर नारायण सिंह नगर में एक भवन में संचालित प्राइवेट स्कूल का भी आयुक्त ने निरीक्षण किया। आयुक्त ने वार्ड के मोहल्लों का भ्रमण कर पेयजल आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था का गहन जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और उनसे एसआईआर (SIR) फार्म भरने से संबंधित चर्चा भी की। खुर्सीपार गेट पर प्रस्तावित रोड निर्माण स्थल का अवलोकन किया गया। आयुक्त ने उपस्थित इंजीनियरों को आवश्यक निर्देश देते हुए तत्काल प्रस्ताव तैयार कराने के लिए निर्देशित किए हैं। इस औचक निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त के साथ जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, परगनिया सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- भिलाई नगर। निगम क्षेत्रांतर्गत नागरिकों को मच्छर जनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से सुरक्षित रखने के लिए आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के निर्देशों पर एक व्यापक जन जागरूकता और मच्छर उन्मूलन कार्यक्रम जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत निगम का विशेष दस्ता और जिला मलेरिया विभाग के सर्वेलेंस कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रही है और मच्छर प्रजनन स्रोतों को समाप्त करने का कार्य कर रही है। निगम द्वारा गठित विशेष दस्ता के नेतृत्वकर्ता वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के.के. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 01 अप्रैल 2025 से 30 नवंबर 2025 तक चलाए गए सघन अभियान के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं।कुल सर्वेक्षण किए गए घर 16,168 जांच किए गए और खाली कराए गए मच्छर प्रजनन स्रोत कुल 8,825, कूलर 3,327, टंकी 2,370 ड्रम/कंटेनर 3,096 अन्य स्रोत से 32 लार्वा नियंत्रण हेतु छिड़काव 13,253 घरों के 8,864 कूलरों में पानी मिश्रित एक्यूगार्ड का छिड़काव किया गया। 19,125 कूलरों में पानी मिश्रित मैलाथियान का छिड़काव कार्य कराया गया।निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने इस अवसर पर नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि, "मच्छर अपने जीवन काल की प्रारंभिक तीन अवस्थाएं - अण्डा, लार्वा और प्यूपा - पानी में ही पूरी करते हैं। मच्छरों को व्यस्क अवस्था में पहुँचने से पूर्व ही प्रारंभिक स्तर पर मच्छर प्रजनन स्रोतों को समाप्त करना सबसे प्रभावी बचाव है।"उन्होंने मच्छरों के पनपने के स्थान को खत्म करने के लिए उपाय करने की अपील की जिसमें पानी संग्रहण पात्रों को ढंककर रखें। कूलर, टंकी, ड्रम या कंटेनर में संग्रहित पानी को सप्ताह में कम से कम एक दिन अवश्य खाली कर/सूखाकर ही नया पानी भरकर उपयोग करें।घर के आसपास पानी का जमाव नहीं होने दें। यदि पानी जमा होता है, तो उसमें जला हुआ मोबिल ऑयल अवश्य डालें, ताकि व्यस्क मच्छरों की उत्पत्ति न हो सके।आयुक्त महोदय ने यह भी दोहराया कि मच्छर उन्मूलन कार्यक्रम में आम नागरिकों के सक्रिय सहयोग से ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से पूरी तरह बचा जा सकता है।
- भिलाईनगर। शासन की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) एएचपी आवास मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी संचालित किया जा रहा है। नगर निगम भिलाई क्षेत्र के मकानहीन परिवारों से मकान हेतु आवेदन जमा कराया गया है। आवासों का सक्षम स्वीकृति प्राप्त कर कुल अंशदान राशि का 10 प्रतिशत राशि तथा बेदखली व्यवस्थापन हेतु हितग्राही अंशदान राशि 75000 हजार निगम कोष में नियमानुसार जमा कराया जा रहा है। निगम सभागार कक्ष में दिनांक 12.12.2025 को दोपहर 12ः30 बजे लाटरी आयोजित किया गया है। लाटरी में वरिष्ठ नागरिको एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता के आधार पर भूतल के आवास तथा अन्य आवेदकों को आवास आबंटित किया जाना है। हितग्राही आवश्यक दस्तावेज के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर लाटरी में शामिल हो सकते है।नगर निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय का सभी नागरिको से अपील है कि मकान प्राप्त करने निगम मुख्य कार्यालय के योजना शाखा में आवेदन कर सकते है। पात्रता अनुसार नियमानुसार अंशदान की राशि निगम कोष में जमा कराया जायेगा, ततपश्चात मकान आबंटन की प्रक्रिया में शामिल कर आवास आबंटित किया जायेगा।
- बिलासपुर. भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी तथा डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले में बिलासपुर के स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स ने भागीदारी की। 23 से 29 नवम्बर तक लखनऊ, (उ. प्र.) में 19वीं राष्ट्रीय डायमंड जुबली जम्बूरी का भव्य आयोजन वृंदावन परिसर में हुआ। जिसमें देश- विदेश से 35 हजार से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित हुए। स्कूल शिक्षा मंत्री माननीय श्री गजेन्द्र यादव जी ,भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा जी व राज्य सचिव श्री जितेन्द्र कुमार साहू के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ से 363 के दल ने जम्बूरी में भागीदारी की और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।बिलासपुर कलेक्टर एवं संरक्षक भा.स्का.एवं गा.श्री संजय अग्रवाल जी , जिला मुख्य आयुक्त श्री चन्द्र प्रकाश बाजपेयी जी, जिला शिक्षा अधिकारी/पदेन जिला आयुक्त स्काउट श्री विजय टांडे जी के मार्गदर्शन में जिले के दल में गाइड प्रभारी के रूप में डॉ.पूनम सिंह ,जिला संगठन आयुक्त गाइड एवं स्काउट प्रभारी के रूप में श्री संतोष कुमार त्रिपाठी, जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट के द्वारा सेवाएं दी गईं। स्टेट कांटीजेंट लीडर स्काउट डॉ.पूनम सिंह साहू, गाइड श्रीमती सरिता पाण्डेय जी ने छ.ग.टीम का नेतृत्व किया। जिले के 06 स्काउट एवं ,08 गाइड व 03 सर्विस रोवर,01 सर्विस रेंजर के रूप में सम्मिलित हुएं एवं विभिन्न- मार्च पास्ट, लोक नृत्य, फूड प्लाजा, स्किल- ओ- रामा, फिजिकल डिस्प्ले, कलर पार्टी, एथनिक फैशन शो, राज्य प्रदर्शनी, रंगोली, पायनियरिंग प्रोजेक्ट, स्टेट गेट, कैंप क्राफ्ट, चलित झांकी, कैंप फायर, टेंट पिचिंग, यूथ प्रोग्राम एवं एडवेंचर आदि प्रतियोगिता एवं गतिविधियों में भागीदारी निभाया। एवं विभिन्न साहसिक खेलों का भी लुत्फ उठाया गया।प्रतिभागियों को सेना के हथियारों को देखने और उसकी उपयोगिता की जानकारी मिली तथा सम- सामयिक विषयों से संबंधित स्टॉल्स का अवलोकन किया गया। जम्बूरी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल माननीय श्रीमती आनंदी बेन पटेल जी ने किया तथा समापन देश की राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्य नाथ योगी जी के द्वारा अयोध्या भ्रमण हेतु बस एवं भोजन की व्यवस्था की गणमान्यजनों ने भी जम्बूरी में उपस्थिति दी। जिला संगठन आयुक्त स्काउट श्री चन्द्र महेन्द्र बाबू टंडन ने बताया कि राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन चार साल के अंतराल पर होता है। जिले से प्रत्येक जम्बूरी में स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स की भागीदारी हो रही है। सुश्री लता यादव ने बताया कि पहली राष्ट्रीय रोवर/रेंजर जम्बूरी का आयोजन छत्तीसगढ़ में 09 से 13 जनवरी 2026 में प्रस्तावित है। इसमें देशभर से 15 हजार युवा जुटेंगे।
- 0- उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव एवं रकबा समर्पण पर ध्यान देवें0- त्रुटि सुधार एवं सीमांकन प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करें0- जल जीवन मिशन के तहत समूह जल प्रदाय योजना के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करायें0- शिक्षा, स्वास्थ्य और कुपोषण मुक्ति पर फोकस करें0- संभागायुक्त ने ली जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और नगर निगम के आयुक्तों की बैठकदुर्ग. संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने कहा कि संभाग के जिलों में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कराएं जा रहे निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य निर्धारित तिथि के पूर्व पूर्ण करायें। उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था हो, लघु कृषकों द्वारा धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण पर जोर दिया जाए। वहीं बंफर स्टॉक वाले उपार्जन केन्द्रों में धान की उठाव हेतु समुचित प्रबंध किया जाए। राजस्व प्रकरणों में त्रुटि सुधार एवं सीमांकन के प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकरण करें। जल जीवन मिशन के तहत समूह जल प्रदाय योजना के कार्य को शीघ्र पूर्ण करायें। मिशन अंतर्गत कार्य पूर्ण होने व घरों में पानी सप्लाई के पश्चात् ही ग्राम पंचायतों को योजना हैण्डओवर करायी जाए। नगरीय निकायों के सड़कों में स्ट्रीट लाईट व सीसीटीवी की व्यवस्था व आवांरा पशुओं के विचरण की रोकथाम के बेहतर प्रबंध के साथ चौक-चौराहों पर यु-टर्न एवं लेफ्ट-टर्न क्लीयर करायी जाए। संभाग के अंतर्गत स्कूलों में शिक्षा, शासकीय चिकित्सालयों में बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं, कुपोषण की रोकथाम एवं सिकलसेल नियंत्रित करने हेतु विशेष पहल किया जाए।संभाग आयुक्त श्री राठौर आज संभागीय कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग के अंतर्गत जिलों के कलेक्टरों, जिला पंचायत के सीईओ और नगरीय निकायों के आयुक्तों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को उक्त निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से जिलेवार एसआईआर, धान खरीदी, राजस्व प्रकरणों के निराकरण, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, पीएम सूर्य घर, सड़कों में स्ट्रीट लाईट एवं सीसीटीवी की व्यवस्था, आवांरा पशुओं के विचरण की रोकथाम और जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कुपोषण की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि संभाग में एसआईआर के तहत 97.83 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हो चुका है। जिसमें जिला बालोद अंतर्गत 98.15 प्रतिशत, बेमेतरा में 98.86 प्रतिशत, दुर्ग में 97.07 प्रतिशत, कबीरधाम में 96.32 प्रतिशत, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 99.15 प्रतिशत, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 98.14 प्रतिशत तथा राजनांदगांव में 96.79 प्रतिशत डिजिटाइजेशन शामिल है। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत संभाग में 192917 आवास पूर्ण हो चुके हैं। जिसमें जिला बालोद अंतर्गत 31286, बेमेतरा में 31558, दुर्ग 22952, कबीरधाम में 46998, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 18412, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 14581 तथा राजनांदगांव में 27130 आवास शामिल है। जल जीवन मिशन अंतर्गत संभाग के 4315 ग्रामों में 1618 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 3056 ग्रामों में जल प्रदाय प्रारंभ हो गई है। 975 ग्राम पंचायतों को योजना हस्तांतरित कर दी गई है। संभाग अंतर्गत 20 समूह जल प्रदाय योजना स्वीकृत है। उक्त सभी में कार्य प्रगतिरत है। पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत दुर्ग जिले में 2615 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए है, 2158 हितग्राहियों को सब्सिडी मिल चुकी है। बालोद में 312 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं, 243 हितग्राहियों को सब्सिडी मिल चुकी है। बेमेतरा में 267 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए है, 175 को हितग्राहियों को सब्सिडी मिल चुकी है। राजनांदगांव में 594 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए है, 400 हितग्राहियों को सब्सिडी मिल चुकी है। इसी प्रकार कबीरधाम में 44 और खैरागढ़ में 47 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं।बैठक में उपायुक्त श्री पदुम यादव, कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह, कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा, कलेक्टर मोहला-मानुपर-अंबागढ़ चौकी सुश्री तुलिका प्रजापति, कलेक्टर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई श्री इन्द्रजीत चन्द्रवाल, कलेक्टर राजनादंगांव श्री जितेंदर यादव सहित सभी जिला पंचायत सीईओ और नगर निगमों के आयुक्त उपस्थित थे।
- 0- प्रोजेक्ट आओ खुशियां बांटें" जिला प्रशासन की तहत प्रेरणादायी पहलरायपुर. मंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा संचालित “आओ खुशियां बांटें” प्रोजेक्ट के तहत आज बैरन बाजार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में एक हृदयस्पर्शी एवं प्रेरक पहल देखने को मिली। महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती वंदना शर्मा ने अपना जन्मदिन किसी होटल या आयोजन स्थल पर मनाने के बजाय आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ खुशियां बांटकर मनाया।श्रीमती शर्मा ने बच्चों को खीर, पूरी, सब्जी, केला, रसगुल्ला और चॉकलेट वितरित किए तथा दिनभर बच्चों के साथ खेलकूद, गीत-संगीत और संवाद में समय बिताया। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी बच्चों को खिलौने भी भेंट किए। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा उपहार और खुशी है।यह पहल “न्योता भोज” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन अपने विशेष अवसर पर स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को भोजन करा सकते हैं। यह कार्यक्रम समाजिक सहभागिता और जरूरतमंद बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह द्वारा इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी, जो अब पूरे जिले में प्रेरणादायी रूप से जारी है।
- रायपुर. लक कृषि श्री राहुल देव ने आज अभनपुर विकासखंड के ग्राम मानिकचौरी स्थित सेवा सहकारी समिति का दौरा किया और समिति में रखे गेहूं, चना एवं अन्य बीजों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से मुलाकात कर दलहन व तिलहन फसलों के लाभ और उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी भी दी।श्री देव ने किसानों से अपील की कि इस रबी सीजन में भूमिगत जल संरक्षण के लिए ग्रीष्मकालीन धान की खेती न करें। उन्होंने बताया कि लगातार ग्रीष्मकालीन धान लेने से भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जिससे पीने के पानी की कमी सहित कई समस्याएँ सामने आ रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि फसल विविधिकरण अपनाने से भूमि की उर्वरता बढ़ती है और किसान आर्थिक रूप से अधिक लाभ कमा सकते हैं।श्री देव ने पीएम-आशा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार अरहर, उड़द, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन, चना, मसूर और सरसों की खरीदी समर्थन मूल्य पर कर रही है। इसी के तहत NFSM योजना में किसानों को मसूर मिनीकीट भी वितरित किए गए।दौरे के दौरान ग्राम डोगीतराई में सरसों की उतेरा फसल का निरीक्षण भी किया गया। स अवसर पर श्री चिरंजीव सरकार, श्रीमती ममता पाटिल, श्री राजेन्द्र देवांगन सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- कार्रवाई कर मार्ग को कब्जामुक्त करवाकर नागरिकों को यातायात की समस्या से त्वरित राहत दिलवाई गईरायपुर. रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री विश्वदीप और रायपुर जिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार चलाये जा रहे टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत आज रायपुर नगर निगम जोन 4 क्षेत्र में नगर निवेश मुख्यालय उड़न दस्ता और नगर निगम जोन 4 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा बूढ़ातालाब स्वामी विवेकानंद सरोवर मुख्य मार्ग में अभियान चलाकर मुख्य मार्ग को जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से नागरिकों को सुगम यातायात उपलब्ध करवाने मुक्त करवाने की कार्यवाही कर नागरिकों को यातायात जाम की समस्या से त्वरित राहत दिलवाई और अभियान के अंतर्गत लगभग 8 बोरी जूता - चप्पल की जप्ती करने की कार्यवाही जनहित में व्यवस्था सुधार हेतु नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा और जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के मार्गदर्शन में कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन, उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर की उपस्थिति में की गयी.
- 0- कलेक्टर के निर्देश पर बीएलओ किये गए सम्मानितरायपुर. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ और रायपुर जिला कलेक्टर के आदेशानुसार प्रगतिरत एसआईआर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 22 बूथों के बीएलओ द्वारा समयसीमा पूर्व शत -प्रतिशत डिजिटलाइजेशन कार्य पूर्ण कर लिया है. रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार आज नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 4 के कार्यालय में संयुक्त कलेक्टर श्री के. एम. अग्रवाल और, तहसीलदार ख्याति नेताम और जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव ने सम्बंधित 22 बीएलओ को शाल और प्रमाणपत्र प्रदत्त कर रायपुर जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश के पालन में सम्मानित किया.
- 0- आमजनों को मिली शीतलहर से सुरक्षा और त्वरित राहत0- लोगों को राहत दिलाने अलाव जलाने की रहेगी नियमित व्यबस्थारायपुर. प्रदेश की राजधानी रायपुर शहर में शीतलहर से आमजनों को सुरक्षा और त्वरित राहत देने नगर निगम के जोन के माध्यम से विभिन्न लगभग 2 दर्जन से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था दी जा रही है. रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से महादेवघाट रायपुरा और महोबा बाजार, चंगोरा भाठा बाजार, ब्रम्हदेईपारा खमतराई, जयस्तम्भ चौक के पास, कलेक्टर ऑफिस डॉ बी आर अम्बेडकर चौक के पास, नेताजी सुभाष स्टेडियम, मोती बाग, डंगनिया पानी टंकी स्कूल के समीप, शंकर नगर चौपाटी, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव, अंतर राज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव, जोन 9 कार्यालय परिसर के समीप मोवा और अन्य विभिन्न मुख्य सार्वजनिक स्थानों में आम जनों को शीतलहर से रायपुर शहर क्षेत्र में सुरक्षा और त्वरित राहत देने सार्वजनिक अलाव जलाने की व्यवस्था दी गयी है. शीतलहर की सम्पूर्ण अवधि के दौरान आमजनों को राहत देने जोन कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन नियमित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की व्यवस्था दी जाएगी.
- रायपुर। केंद्र सरकार के अमृत मिशन के तहत संचालित महत्वाकांक्षी पहल ‘वुमेन फॉर ट्री’ छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी मॉडल बनकर सामने आ रही है। बालोद जिले में इस योजना का सफल क्रियान्वयन राज्यभर में महिला शक्ति की भागीदारी से हरियाली एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। योजना के अंतर्गत बालोद जिले के 08 नगरीय निकायों में अब तक 6,950 पेड़ लगाए जा चुके हैं। वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल, सिंचाई, सुरक्षा और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है। इस प्रत्यक्ष भागीदारी ने पौधों के संरक्षण दर में उल्लेखनीय वृद्धि की है और स्थानीय स्तर पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ’वुमेन फॉर ट्री’ योजना के तहत 66 महिलाओं को नियमित कार्य प्रदान किया गया है। प्रत्येक महिला कार्यकर्ता को प्रति माह 8,000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। इन महिलाओं को कार्य के लिए आवश्यक सामग्री जैसे—साड़ी, जैकेट, जूते और संपूर्ण टूलकिट (फावड़ा, कुदाली, बेलचा, धमेला) भी उपलब्ध कराई गई है। कई महिलाओं ने बताया कि इस आय से वे अपने बच्चों की शिक्षा और घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं।जिला प्रशासन ने बताया कि आने वाले समय में वृक्षारोपण के क्षेत्र को और विस्तृत किया जाएगा तथा अधिक से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ कर नए रोजगार अवसर विकसित किए जाएंगे। पौधों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण व मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। नगर पालिका परिषद बालोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मोबिन अली ने बताया कि यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण को गति दे रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम भी बन रही है। उन्होंने कहा कि बालोद को हरियाली और स्वच्छता के क्षेत्र में मॉडल जिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। साथ ही, उन्होंने नागरिकों से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण में सहयोग कर जल संरचना को सुदृढ़ बनाने की अपील की। जिला प्रशासन ने प्रदेश के सभी नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से ’वुमेन फॉर ट्री’ अभियान से जुड़कर हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया है।
- 0- केंद्रों में व्यवस्था और भी सरल, सुविधाजनक एवं पारदर्शी: किसान श्री रतिरामरायपुर। विष्णु के सुशासन में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों से पारदर्शिता के साथ सुगमतापूर्वक धान खरीदी की जा रही है। मुंगेली जिले में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा जिले के 66 सहकारी समितियों के 105 धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं से किसानों को धान विक्रय करने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो रही है और उनका धान आसानी से विक्रय हो रहा है।पथरिया विकासखण्ड के कपुवा उपार्जन केंद्र में धान विक्रय करने पहुंचे किसान श्री रतिराम चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 88.80 क्विंटल धान का विक्रय किया है। उन्होंने कहा कि इस बार केंद्रों में व्यवस्था और भी सरल, सुविधाजनक एवं पारदर्शी है। इलेक्ट्रॉनिक तौल, बारदाना की व्यवस्था, टोकन तुहर हाथ ऐप से टोकन की सुविधा, पेयजल, छाया सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की सुविधा तथा 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य का लाभ मिलने से किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि किसान-हितैषी नीतियों एवं बेहतर व्यवस्थाओं से किसानों का प्रशासन पर भरोसा और भी मजबूत हुआ है। श्री चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन को किसानों के हित में उत्कृष्ट व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु धन्यवाद दिया।गौरतलब है कि शासन के निर्देशानुसार पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी और 31 सौ रुपए के हिसाब से प्रति क्विंटल धान की राशि दी जा रही है। इससे न केवल किसानों के फसलों का उचित दाम मिल रहा है, बल्कि किसानों का मान भी बढ़ा है। आसान भुगतान की सुविधा प्रदान करने के लिए समितियों में माइक्रो एटीएम की सुविधा एवं किसानों को एटीएम कार्ड एवं चेक प्रदान किया गया है, इससे किसानों की जरूरी आवश्यकताएं पूरी होने के साथ ही उनके हक का पैसा उन्हें मिल रहा है। किसान आर्थिक रूप से समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
- 0- चयन समिति ने शुरू की चयन प्रक्रियारायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में एक ग्राम को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। जिला स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। भारत सरकार द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार मॉडल सोलर विलेज के लिए उन राजस्व ग्रामों का चयन आवश्यक है जिनकी आबादी 5,000 से अधिक हो। जशपुर जिले में ऐसे ग्रामों की संख्या 10 से कम होने के कारण, जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रथम 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों के मध्य छह माह की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इसी के आधार पर अंतिम मॉडल सोलर विलेज का चयन किया जाएगा।दिशा-निर्देशों के अनुसार जिस ग्राम में सरकारी एवं गैर-सरकारी माध्यमों से सर्वाधिक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी। इसी क्रम में जिले के 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्राम बटईकेला, सन्ना, कांसाबेल, पण्ड्रापाठ, लुडेग, कामारिमा, घोघर, तपकरा, दुलदुला और फरसाबहार को प्रतिस्पर्धा हेतु सूचीबद्ध किया गया है। इन ग्रामों में सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने एवं मूल्यांकन के लिए छह माह की अवधि निर्धारित की गई है। चयनित ग्राम के समग्र विकास हेतु 2 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) तैयार कर 15 मार्च 2026 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को प्रेषित की जाएगी।
- 0- धान फसल को किया गया पूर्णतः प्रतिबंधित0- ग्रामीणों को फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के लिए किया गया जागरूकरायपुर। राजनांदगांव जिले में भू-जल स्तर के लगातार गिरावट के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित कर फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत घुपसाल कु में ग्रामसभा का आयोजन कर ग्रीष्मकाल में भू-जल स्तर के गिरावट को ध्यान में रखते हुए रबी सीजन में धान फसल को पूर्णतरू प्रतिबंध करते हुए धान के बदले अन्य फसल लेने का प्रस्ताव पास किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी में धान फसल लेने से पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है, जिससे गंभीर समस्या से गुजरना पड़ता है। ग्रीष्मकाल में धान फसल लेने वाले किसानों को ग्राम स्तर पर ग्रामीणों ने आर्थिक जुर्माना लगाकर दण्डित करने का फैसला भी लिया है।जिले में भू-जल स्तर के गिरावट के दृष्टिगत फसल चक्र परिवर्तन से पानी की बचत होगी तथा किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। पूर्णतरू फसल चक्र परिवर्तन ग्राम पंचायत घुपसाल कु क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए है। ग्राम घुपसाल कु के ग्रामीणों ने भू-जल स्तर को सुधारने स्वयं से अपने-अपने घरों में सोख्ता गड्ढा का निर्माण किया है। साथ ही नालों में पानी सहेजने श्रमदान से बोरी बंधान करके पानी रोकने में कामयाब हुए है। ग्राम स्तर के बैठक में जनपद पंचायत, कृषि विभाग, वन विभाग के अधिकारियों ने फसल चक्र परिवर्तन के बारे मे ग्रामीणों को अवगत कराया, साथ ही अन्य फसल के फायदे एवं मार्केटिंग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।--


























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