- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर, /नक्सलमुक्त आबूझमाड़ क्षेत्र में अब बुनियादी सुविधाओं का निर्माण कार्य तेजी से किये जा रहे हैं । अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, ओवरहेड टैंक, लघु सिंचाई योजना सहित अन्य कार्यो ने जोर पकड़ लिया है । पिछले दिनों नक्सलमुक्त आबूझमाड़ में सीटीई की टीम ने विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया ।टीम ने नारायणपुर के हरिमार्कटोला, सड़क का निरीक्षण किया। टीम ने देखा कि निर्मित सड़कों मोटाई और चौड़ाई को सही मानक स्तर की है, इसी तरह ग्राम दूरस्थ ओरछा ब्लाक में निर्मित शेड की निरीक्षण किया गया । जिले के ग्राम पालकी में निर्मित ओवरहेड टैंक की टीम ने निरीक्षण किया। इसी तरह से जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बैनूर रिजर्वायर के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया गया। टीम ने निर्माण कार्यों में लगे अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी ली एवं अधिकारियों को जरूरी मार्गदर्शन भी दिया।नक्सलमुक्त बस्तर में अब विभिन्न निर्माण कार्यों के निरीक्षण करने जांच एजेन्सीयों के दल आसानी से पहुंच रहे हैं। तकनीकी टीमों द्वारा निर्माण कार्यों को कराने स्थानीय अधिकारियों को उचित मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है, जिससे अब सुदूर अबूझमाड़ में निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण तेजी से किए जाने लगे हैं।
- -श्रीनगर में खेल चिंतन शिविर में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री-भारत को खेल शक्ति बनाने केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय तथा राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों के बीच गंभीर मंथन-पहले दिन मेडल स्ट्रेटजी, केंद्र व राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय तथा डोपिंग एवं खेल नैतिकता पर हुई गंभीर चर्चारायपुर। राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आज श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (Sher-i-Kashmir International Conference Centre) में प्रारंभ हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण आयोजन में केंद्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे, विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खेल मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार इस चिंतन शिविर में भागीदारी कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ पूरे देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगा।श्री साव ने बताया कि आज शिविर के पहले दिन केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ देश में खेलों को नई दिशा देने पर मंथन किया गया। यह पहल न केवल नीतियों को मजबूत करेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाने केंद्र सरकार और राज्य सरकारें एकजुट होकर कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के हर गांव और हर शहर से नए खिलाड़ी उभरें और देश-विदेश के खेल मंचों पर अपना परचम लहराएं, यह हमारा लक्ष्य है।26 अप्रैल तक चलने वाला यह शिविर देश में खेलों के समग्र विकास, नीति सुधार, वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लक्ष्य को हासिल करने और भारत को खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है।चिंतन शिविर के पहले दिन के प्रमुख सत्रों में ‘मेडल स्ट्रेटजी – खेलो इंडिया’ पर गहन मंथन किया गया। विभिन्न राज्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर खेल प्रशिक्षकों के पोटेंशियल को विकसित करने पर सर्वसम्मति बनी। साथ ही वर्ष 2048 तक भारत को ओलंपिक पदक तालिका में शीर्ष 5 देशों में शामिल करने के रोडमैप पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें स्पोर्ट्स साइंस के विस्तार एवं उसके प्रभावी उपयोग को खेल विकास का महत्वपूर्ण आधार माना गया। खेल मंत्रालय द्वारा इस पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।द्वितीय सत्र ‘खेलो भारत नीति – केंद्र एवं राज्य समन्वय को सुदृढ़ करना’ विषय पर आयोजित हुआ। इस सत्र में विभिन्न राज्यों के बेस्ट प्रेक्टिसेस को साझा किया गया। खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के प्रभावी उपयोग, प्रतिभा पहचान (Talent Identification) तथा खेल अकादमियों के मानकीकरण पर विशेष बल दिया गया। सत्र के दौरान विद्यालय स्तर पर खेलों को सशक्त बनाने के लिए शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य रूप से जोड़ने, खेल शिक्षकों की भर्ती एवं उन्हें उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने पर सहमति बनी। साथ ही खिलाड़ियों का समग्र डॉटा-बेस तैयार करने पर राज्यों एवं केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि प्रतिभाओं की सही पहचान सुनिश्चित हो सके।इस सत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि खिलाड़ियों को केवल नौकरी प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ समर्पित होकर खेलना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अधिक अवसर, सम्मान एवं आर्थिक लाभ प्राप्त होते हैं। साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खिलाड़ियों के लिए ऐसी व्यवस्था (मॉडल) विकसित की जाए, जिससे वे नौकरी प्राप्त करने के बाद भी खेल जारी रखें और अपने खेल करियर को बीच में न छोड़ें।ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति विकसित करने, जमीनी स्तर पर सुविधाओं के विस्तार तथा बच्चों को अधिक समय खेल गतिविधियों में देने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही खेल अधोसंरचना के निर्माण में विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।
- रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान की प्रांतीय कार्यशाला प्रारंभ। कार्यशाला में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जम्वाल जी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण देव जी, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ नवीन मार्कंडेय, भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय सहित भाजपा पदाधिकारी एवं प्रशिक्षण महाभियान टोली मौजूद।
- -27 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में विशेष शिविर, कर्मचारियों और पेंशनधारकों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी सुविधा-पीएफ दावा, केवाईसी अपडेट, यूएएन सक्रियण और पेंशन मामलों का मौके पर निस्तारण-ईपीएफओ की पहल से क्षेत्रीय कार्यालय के चक्कर कम होंगे, शिकायत समाधान प्रक्रिया बनेगी आसानरायपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा सदस्य सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से “निधि आपके निकट 2.0” कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों, पेंशनधारकों और नियोक्ताओं को जिला स्तर पर ही उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय तक बार-बार आने की आवश्यकता न पड़े।ईपीएफओ द्वारा आयोजित इन शिविरों में पीएफ दावा (Claim) संबंधी समस्याएं, यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) सक्रियण, केवाईसी अपडेट, बैंक खाते की जानकारी सुधार, पेंशन से जुड़े प्रकरण, डिजिटल सेवाओं का उपयोग तथा शिकायत निवारण से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। शिविरों में उपस्थित अधिकारी मौके पर शिकायतों का पंजीकरण कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद समाधान प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के कई जिलों में जिला नोडल अधिकारियों की निगरानी में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाना तथा लाभार्थियों को उनके अधिकारों एवं ऑनलाइन प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना है। ईपीएफओ का मानना है कि जिला स्तर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रमों से सदस्यों की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा और सेवाओं की पारदर्शिता भी बढ़ेगी।“निधि आपके निकट 2.0” अभियान के माध्यम से ईपीएफओ सदस्य-केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इस पहल से कर्मचारियों और पेंशनधारकों को स्थानीय स्तर पर सहायता मिलने के साथ-साथ लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में भी मदद मिलेगी। शिविरों में लाभार्थियों को ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाओं, पोर्टल उपयोग और डिजिटल सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, जिससे वे भविष्य में स्वयं भी सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।ईपीएफओ ने सभी संबंधित कर्मचारियों, नियोक्ताओं और पेंशनधारकों से अपील की है कि वे अपने जिले में आयोजित शिविरों में पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाएं तथा अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करें। कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सदस्य संबंधित जिला नोडल अधिकारी अथवा ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से संपर्क कर सकते हैं।
- -अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने ली राइस मिलर्स की बैठकरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत रायपुर जिले के राइस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की स्थिति की समीक्षा की।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आदेश के उल्लंघन पर 74 राइस मिलर्स को काली सूची में दर्ज किए जाने, सक्षम न्यायालय में अभियोजन की कार्यवाही करने तथा उनके मिल पंजीयन क्रमांक को ब्लॉक करने की चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा चावल जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। अपर कलेक्टर ने कहा कि कलेक्टर के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि में चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि अनुबंध के विरुद्ध उठाव किए गए धान के अनुपात में कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं करना छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दण्डनीय अपराध है।समीक्षा के दौरान अपर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सूची में शामिल ऐसे 10 राइस मिल, जिनमें सर्वाधिक चावल जमा किया जाना शेष है, उनका भौतिक सत्यापन किया जाए। सत्यापन के दौरान धान की कमी पाए जाने पर संबंधित मिलर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।इसके साथ ही जिला विपणन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिन मिलर्स द्वारा 30 अप्रैल 2026 तक कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं किया जाता है, उनकी राशि की वसूली 01 मई 2026 से बैंक गारंटी के माध्यम से सुनिश्चित की जाए।अपर कलेक्टर श्री सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को कहा कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए समय-सीमा के भीतर चावल जमा कराने की कार्रवाई पूर्ण करें। इस अवसर पर जिला खाद्य नियंत्रक श्री भूपेंद्र मिश्रा, सहित अन्य खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
-
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में नायब तहसीलदार लाल बहादुर नगर श्री राजेश नेताम द्वारा पाटेकोहरा चेकपोस्ट बैरियर के समीप चारामा (कांकेर) से रेत परिवहन कर रहे हाईवा क्रमांक सीजी 08 बीडी 5999 की जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम बैरागीभेड़ी तहसील छुरिया निवासी वाहन चालक हेमचंद से खनिज परिवहन हेतु आवश्यक पीट पास एवं अन्य वैध दस्तावेजों की मांग की गई। वाहन चालक द्वारा वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर रेत सहित वाहन को जप्त कर थाना चिचोला को सुपुर्द किया गया। राजस्व विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण की रोकथाम के लिए लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है तथा इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
-
महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार आज कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, महासमुंद में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आवश्यक तैयारियों, विभागीय योजनाओं की समीक्षा तथा लंबित प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों के त्वरित निराकरण हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करना, विद्यार्थियों को समयबद्ध सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा सभी कार्यालयीन अभिलेखों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखना रहा। बैठक का संचालन संभागीय संयुक्त संचालक रायपुर श्री संजीव श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे एवं जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा द्वारा किया गया।
बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 01 मई 2026 से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जाना है, जिसके अंतर्गत मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी ग्रामों में पहुंचकर जनभावनाओं की समीक्षा करेंगे तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण करेंगे। इस दृष्टि से शिक्षा विभाग की सभी तैयारियों को पूर्ण रूप से अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया गया।संभागीय संयुक्त संचालक रायपुर श्री संजीव श्रीवास्तव ने निर्देशित किया कि सभी शैक्षणिक एवं कार्यालयीन अभिलेख पूर्ण, अद्यतन एवं व्यवस्थित रखें जाएं। सभी बीईओ एवं एबीईओ को हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा शैक्षणिक गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग करने पर विशेष जोर दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे द्वारा बैठक एजेंडा के सभी बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने सुशासन तिहार को ध्यान में रखते हुए सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने, आवश्यक नवीन प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने तथा शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, नियमित निरीक्षण तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। विशेष रूप से विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति से संबंधित ऑनलाइन प्रविष्टियां, आधार आईडी, अपार आईडी, भवन जानकारी पोर्टल में प्रविष्टि, आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल की स्थिति, लंबे समय से अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी, सेवापुस्तिका, पासबुक तथा अन्य कार्यालयीन अभिलेखों की पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में अनिवार्य रूप से पेयजल व्यवस्था, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण अंतर्गत बची पुस्तकों की जानकारी तथा आवासीय विद्यालयों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विद्यालय स्तर पर किसी भी प्रकार की जानकारी लंबित न रहे तथा सभी अभिलेख समय-सीमा में पूर्ण कर लिए जाएं।विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि वितरण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। प्रत्येक विद्यार्थी तक शासन की सुविधाएं समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा द्वारा अपार आईडी एवं आधार संबंधी कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी तत्काल बनाई जाए तथा पोर्टल में सुधार विकल्प खुलने पर सभी विद्यार्थियों का अपार क्रिएट सुनिश्चित किया जाए।बैठक में डीईओ श्री विजय लहरे द्वारा निर्देशित किया गया कि आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर लंबित रजिस्ट्रेशन, प्रशिक्षण मॉड्यूल एवं अन्य ऑनलाइन प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण किया जाए। लंबे समय से अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी संकलित कर आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में समस्त अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनहित से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। अधिकारियों ने भी समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा, टी.सी. पटेल, बी.व्ही. जोल्हे, रामता मन्नाडे, श्रीमती लक्ष्मी डड़सेना, बीआरसी जागेश्वर सिन्हा,भुपेश्वरी साहू, अनिल पटेल, देवानंद नायक, अकील खान, डिगेश ठाकुर सहित समस्त संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। - -बुधरी मड़कम को प्रशासन की तत्परता से एम्स रायपुर में मिला नया जीवन-आयुष्मान कार्ड से हुआ निःशुल्क इलाजरायपुर। सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के मिचवार निवासी आदिवासी महिला बुधरी मड़काम के लिए मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। गंभीर बीमारी से जूझ रही बुधरी की हालत लगातार बिगड़ रही थी और शुरुआती लक्षणों के आधार पर कैंसर या टीबी जैसी आशंका जताई जा रही थी। लेकिन समय रहते कैंप में हुई जांच ने स्थिति की गंभीरता को पहचान लिया और प्रशासन की तत्परता से उसे सही उपचार की दिशा में तुरंत आगे बढ़ाया गया।मरीज की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई और बुधरी को तत्काल एम्स रायपुर रेफर कराया गया। यह निर्णय मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ। जिला स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता ने यह सुनिश्चित किया कि दूरस्थ इलाके की यह महिला इलाज के लिए बड़े अस्पताल तक सुरक्षित और समय पर पहुंच सके।करीब एक सप्ताह की जांच के बाद बुधरी को दुर्लभ बीमारी सरकॉइडोसिस होने की पुष्टि हुई और 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 15 दिनों के इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई। सबसे बड़ी राहत यह रही कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पूरा उपचार निःशुल्क हुआ। यह घटना स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के उस संकल्प को भी साकार करती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि गंभीर मरीजों को रायपुर ले जाकर बेहतर इलाज दिलाया जाएगा। यह कहानी सुकमा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है, जिसने एक आदिवासी महिला को नया जीवन देकर मानवता और सेवा की मिसाल कायम की है।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि सुकमा के दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप के माध्यम से गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें हायर हेल्थ सेंटर रेफर किया जा रहा है। बुधरी मड़कम का सफल इलाज इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि किसी भी जरूरतमंद मरीज को इलाज के अभाव में परेशानी न हो और उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके।पूरे उपचार के दौरान आयुष्मान कार्ड विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री अमृतेश सिंह ने मरीज और उसके परिजनों को हर कदम पर सहयोग प्रदान किया। अपॉइंटमेंट से लेकर भर्ती तक, डॉक्टरों से समन्वय और लगातार मार्गदर्शन कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रशासन केवल आदेश देने तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी मरीजों के साथ खड़ा रहता है। भाषा की समस्या भी बड़ी चुनौती थी, क्योंकि परिजन केवल गोंडी भाषा जानते थे, फिर भी समन्वय और मानवीय प्रयासों से एम्स में भर्ती और इलाज पूरी सफलता से संभव हो पाया।
- रायपुर: राजधानी स्थित केंद्रीय जेल के 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के विचाराधीन बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जेल प्रशासन के सहयोग से गायत्री परिवार रायपुर द्वारा एक विशेष 'नैतिक शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास' सत्र का आयोजन किया गया। 6 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराध का मार्ग त्यागकर नेक इंसान बनने के लिए प्रेरित करना था।वरिष्ठ अधिकारियों का रहा विशेष मार्गदर्शनजेल महानिदेशक श्री हिंमाशु गुप्ता के मार्गदर्शन और जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह के विशेष सहयोग से इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। जेल प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आध्यात्मिक और नैतिक कार्यक्रमों से बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक सुधार, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि वह भविष्य में समाज के मुख्य धारा में पुनः स्थापित हो सके।'मनुष्य एक भटका हुआ देवता है'समता कॉलोनी स्थित गायत्री शक्तिपीठ के परिव्राजक भाई श्री नीलम सिंह सिन्हा ने प्रतिदिन बंदियों को अनुशासित जीवन और सदाचार की शिक्षा दी। उन्होंने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के दार्शनिक विचारों को साझा करते हुए कहा: "मनुष्य मूल रूप से एक भटका हुआ देवता है। उसके भीतर ईश्वरीय क्षमता (देवत्व) मौजूद है, लेकिन वासना, तृष्णा और अहंकार के कारण वह अपनी असली पहचान भूल गया है। आत्म-साधना और सत्कर्मों के जरिए कोई भी व्यक्ति पुनः देवत्व को प्राप्त कर सकता है।" उन्होंने बंदियों को यह विश्वास दिलाया कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है और अतीत की गलतियों को सुधार कर एक उज्जवल भविष्य की नींव रखी जा सकती है। इस दौरान बंदियों को ध्यान योग, व्यक्तित्व विकास, जीवन प्रबंधन एवं संस्कार निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा नियमित ध्यान एवं योग सत्रों के माध्यम से उनके अंदर आत्म नियंत्रण, तनाव प्रबंधन एवं मानसिक शांति की भावना विकसित की गई।दीप महायज्ञ के साथ हुआ समापनशुक्रवार दोपहर को इस कार्यक्रम का समापन दीप महायज्ञ के साथ हुआ। इस दौरान बंदियों को गायत्री परिवार के संस्थापक युगदृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा रचित 'सत् संकल्प' का पाठ कराया गया। सभी बंदियों ने बुराई को छोड़कर नेक रास्ते पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी प्रज्ञा प्रकाश निगम ने जानकारी दी कि स्थानीय प्रशासन के सहयोग से गायत्री परिवार द्वारा बंदियों के सुधार हेतु इस प्रकार के कार्यक्रम केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों की जेलों में भी निरंतर चलाए जा रहे हैं। इस अवसर पर गायत्री परिवार से डॉक्टर सुखराम साहू, तोरण साहू, जगन्नाथ साहू, दिनेश निषाद, गौरव कृष्ण दास सहित जेल शिक्षक - श्री शशांक दीवान एवं नेतराम नकतोड़े विशेष रूप से उपस्थित रहे।जेल प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं सुधारात्मक कार्यक्रमों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे बंदियों के सर्वांगीण विकास एवं पुनर्वास के उद्देश्य को साकार किया जा सके।
- - ग्राम के किसानों ने 300 एकड़ में मक्का एवं लगभग 50 एकड़ में दलहन-तिलहन फसल लगाई- कलेक्टर ने किसानों एवं स्वच्छता दीदियों का किया सम्मानराजनांदगांव । छुरिया विकासखंड का ग्राम घुपसाल जनभागीदारी, जल संरक्षण एवं फसल चक्र परिवर्तन के सफल क्रियान्वयन से एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने ग्राम के दौरे के दौरान किसानों एवं स्वच्छता दीदियों को सम्मानित करते हुए ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास, एकजुटता एवं जनशक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि कम पानी वाली फसलों को अपनाने और जल संरक्षण के उपायों के कारण ग्राम में भू-जल स्तर में सुधार हुआ है तथा जल उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जो अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्रोत है। कलेक्टर ने कहा कि ग्राम घुपसाल ने जिस प्रकार अधिक पानी वाली फसल धान के स्थान पर कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को अपनाया है, वह एक अनुकरणीय पहल है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में कृषि को टिकाऊ बनाने की दिशा में भी सार्थक कदम है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जहां धान की फसल में अधिक पानी की आवश्यकता होती है, वहीं मक्का एवं अन्य दलहन-तिलहन फसलों में अपेक्षाकृत बहुत कम पानी लगता है। कलेक्टर ने ग्राम की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि जहां एक परिवार में भी निर्णय लेना कठिन होता है, वहां पूरे गांव द्वारा एकमत होकर फसल परिवर्तन करना ग्राम की जागरूकता और सामाजिक एकता को दर्शाया है। उन्होंने बताया कि ग्राम घुपसाल का यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बन गई है और इसकी सराहना की जा रही है।कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने ग्रामीणों द्वारा नाला एवं तालाब में पचरी निर्माण की मांग पर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि दीर्घकालीन लाभ सुनिश्चित हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना से सोलन पैनल लगाने पर केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे भविष्य में बिजली बिल में कमी आएगी और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रखने एवं पढ़ाई तथा खेलकूद की ओर प्रेरित करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन ग्रामीणों के साथ है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही गांवों का समग्र विकास संभव है। ग्राम घुपसाल का यह प्रयास अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि ग्राम के किसानों एवं महिला स्व-सहायता समूहों ने मिलकर जो कार्य किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पहले जहां अधिक पानी वाली धान फसल के कारण गर्मी में जल संकट उत्पन्न होता था, वहीं अब मक्का एवं अन्य कम पानी वाली फसलों के कारण गांव में पर्याप्त जल उपलब्ध है। यह परिवर्तन ग्रामीणों की मेहनत और जागरूकता का परिणाम है। ग्राम घुपसाल का यह प्रयास न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने सभी ग्रामीणों को इस कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार मिल-जुलकर कार्य करने की अपील की।पद्मश्री श्रीमती फूल बासन यादव ने सराहना करते हुए कहा कि ग्राम घुपसाल में जल संरक्षण एवं फसल चक्र परिवर्तन अभियान की ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल किसी एक व्यक्ति, अधिकारी या संस्था का नहीं, बल्कि पूरे गांव, किसानों, महिला समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा जिला एवं जनपद प्रशासन के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज के समय में धन, संसाधन और सुविधाएं खरीदी जा सकती हैं, लेकिन पानी का कोई विकल्प नहीं है। यदि समय रहते जल संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। ग्राम घुपसाल ने जनभागीदारी के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि सामूहिक संकल्प से बड़े से बड़े कार्य संभव हैं।इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच एवं ग्राम के किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पहले ग्राम में पानी की बहुत समस्या होती थी। लेकिन इस वर्ष धान की जगह मक्का एवं दलहन-तिलहन फसल लेने से पानी की समस्या नहीं हो रही है। किसानों ने बताया कि पूर्व में गर्मी के मौसम में भू-जल स्तर नीचे चले जाने से सूखे जैसी स्थिति बन जाती थी। मार्च माह के बाद गांव के तालाब, हैंडपंप एवं नालों में पानी नहीं रहता था, जिससे पेयजल एवं निस्तारी की गंभीर समस्या उत्पन्न होती थी। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम के सामूहिक प्रयास एवं महत्वपूर्ण निर्णय से इस वर्ष लगभग 350 एकड़ से अधिक रकबे में रबी मौसम में मक्का एवं अन्य दलहन-तिलहन जैसी कम पानी वाली फसलों का उत्पादन किया गया है। इसके परिणामस्वरूप ग्राम में भू-जल स्तर में वृद्धि हुई है तथा पेयजल एवं निस्तारी कार्यों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जहां पूर्व में फागुन माह के बाद तालाब सूख जाते थे, वहीं इस वर्ष अभी भी निस्तारी के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, सीईओ छुरिया श्री होरी लाल साहू, सरपंच श्री नरेश शुक्ला, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान उपस्थित थे।
- -संवेदनशील नेतृत्व का प्रभाव: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वृद्ध हितग्राही को मिली तत्काल राहत-मीडिया में खबर आते ही मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, प्रशासन हरकत में आया-तीन माह की लंबित पेंशन, राशन और योजनाओं का लाभ तत्काल सुनिश्चित-पेंशन और राशन मिल गया, अब मिली राहत… मुख्यमंत्री जी का आभारी हूँ – भीखलु राम ध्रुवरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील, सजग और जनकेंद्रित नेतृत्व का एक और सशक्त उदाहरण सामने आया है, जहाँ एक वृद्ध हितग्राही की समस्या पर त्वरित संज्ञान लेते हुए शासन ने तुरंत राहत सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश पर गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखण्ड के ग्राम पथर्री निवासी श्री भीखलु राम ध्रुव को जिला प्रशासन की सक्रियता से बड़ी राहत मिली है।मीडिया के माध्यम से प्रसारित एक खबर में यह जानकारी सामने आई थी कि श्री भीखलु राम ध्रुव लंबे समय से पेंशन और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। इस खबर को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिना विलंब किए तत्काल संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि संबंधित हितग्राही को शीघ्र लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई।मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर श्री बीएस उइके ने स्वयं मामले की जानकारी ली और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि श्री भीखलु राम ध्रुव का ई-केवाईसी किसी कारणवश लंबित था, जिसके कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। प्रशासन द्वारा तत्काल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई, जिससे उन्हें पुनः शासकीय योजनाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। प्रशासन की तत्परता का परिणाम यह रहा कि श्री भीखलु राम ध्रुव को तीन माह की लंबित वृद्धावस्था पेंशन एकमुश्त प्रदान की गई।वहीं खाद्य विभाग द्वारा भी संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके घर पहुंचकर 01 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया है। अब उन्हें नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलना सुनिश्चित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के इस मानवीय और तत्पर हस्तक्षेप से राहत प्राप्त करने पर श्री भीखलु राम ध्रुव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पेंशन और राशन मिल जाने से मेरे जीवन में बड़ी राहत आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह संवेदनशीलता मेरे लिए बहुत मायने रखती है। अब मुझे भरोसा है कि सरकार हमारी चिंता करती है।उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रत्येक जरूरतमंद तक उनका लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए निरंतर सजग और प्रतिबद्ध है।
- रायपुर / प्रदेश के किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर और आधुनिक खेती किसानी की तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदानी में इजाफा कर रहे हैं। ऐसे ही महासमुन्द जिले के अंतर्गत ग्राम बम्बुरडीह के किसान श्री दुबेलाल कोसरे ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। श्री कोसरे, बताते हैं कि पूर्व में वे पारंपरिक रूप से धान एवं अन्य फसलों की खेती करते थे। इस पारंपरिक खेती में लागत अपेक्षाकृत अधिक होने के बावजूद उन्हें सीमित लाभ ही प्राप्त हो पाता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था।वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्हें यह जानकारी प्राप्त हुई कि उद्यानिकी फसलों के माध्यम से कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन एवं अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। इस जानकारी से प्रेरित होकर उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड टमाटर सीडलिंग प्रदर्शन घटक का लाभ लिया। श्री कोसरे बताते है कि योजना के तहत उन्हें 30 हजार रुपए का अनुदान भी प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपने 0.40 हेक्टेयर सिंचित भूमि में आधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्राफ्टेड टमाटर की खेती प्रारंभ की।कृषक श्री दुबेलाल कोसरे द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली ग्राफ्टेड पौध, सिंचाई हेतु ड्रिप प्रणाली तथा खरपतवार नियंत्रण के लिए मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया गया। वे बताते हैं कि उन्नत तकनीकों के समुचित उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 16 से 18 टन तक उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में टमाटर का औसत विक्रय मूल्य लगभग 20 रुपए प्रति किलोग्राम मिलने से उन्हें कुल लगभग 3 लाख 9 हजार रुपए का लाभ प्राप्त हुआ। यह लाभ धान की खेती की तुलना में कई गुना अधिक रहा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। श्री कोसरे द्वारा अन्य किसानों को उन्नत तकनीकों को अपनाने तथा बाजार की मांग के अनुरूप फसल उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैं। उनके मार्गदर्शन से ग्राम बम्बुरडीह के अन्य कृषक भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और आधुनिक खेती को अपनाने लगे हैं।
- बलरामपुर। वाड्रफनगर-रामानुजगंज मुख्य मार्ग पर आज एक तेज रफ्तार ट्रक ने दुपहिया सवार दो शिक्षिकाओं को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई हैं, वहीं दूसरी शिक्षिका को गंभीर हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोडक़र मौके से फरार हो गया।मिली जानकारी अनुसार, करमडीहा स्कूल में पदस्थ रामकली मिंज (लैब सहायक) और शिक्षिका रजनी केवट शनिवार सुबह स्कूटी से विद्यालय के लिए निकली थीं। इसी दौरान बसंतपुर थाना क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सडक़ पर दूर जा गिरीं।हादसे में रामकली मिंज की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि रजनी केवट गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल शिक्षिका को तत्काल वाड्रफनगर सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और लगातार निगरानी में रखा गया है।सूचना मिलते ही बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ट्रक को जब्त कर लिया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार चालक की तलाश में जुटी है।
- -बस रायपुर से जगदलपुर होते हुए जयपुर (ओडिशा) जा रही थीकोंडागांव । जिले में शनिवार तडक़े एक यात्री बस के अनियंत्रित होकर पलट जाने से 9 लोग घायल हो गए हैं। जिनमें से 3 यात्रियों की हालत गंभीर है। हादसा इतना गंभीर था कि एक यात्री का हाथ शरीर से अलग हो गया।जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 4 बजे सिटी कोतवाली कोण्डागांव क्षेत्र के घोड़ागांव चिलबहार नाला के पास हुआ। यात्री बस रायपुर से जगदलपुर होते हुए जयपुर (ओडिशा) जा रही थी। इसी दौरान अचानक बस अनियंत्रित हो गई और सडक़ किनारे पलट गई।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे की वजह बस के सामने अचानक किसी जानवर के आ जाने को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि चालक रोशन साहू ने वाहन को बचाने के लिए अचानक मोडऩे की कोशिश की, जिससे बस पर नियंत्रण खो गया। हालांकि चालक की हालत गंभीर होने के कारण इस कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली कोण्डागांव पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और घायलों को जिला अस्पताल कोण्डागांव पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को इलाज के लिए जगदलपुर भेजा गया है।थ.फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
-
सफलता की कहानी
रायपुर // नारायणपुर जिले के दूरस्थ ब्रेहबेड़ा गांव की 2 वर्षीय पारूल दुग्गा अब फिर से मुस्कुरा रही है। कुछ समय पहले तक यह नन्हीं बच्ची जल्दी थक जाती थी, सामान्य बच्चों की तरह खेल नहीं पाती थी और परिवार उसकी सेहत को लेकर लगातार चिंतित रहता था। गांव के सीमित संसाधनों के बीच माता-पिता को यह भी पता नहीं था कि उनकी बच्ची के हृदय में गंभीर समस्या है। लेकिन जिले में शुरू किए गए “प्रोजेक्ट धड़कन” ने न केवल बीमारी की समय पर पहचान की, बल्कि पारूल को नया जीवन भी दे दिया।नारायणपुर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से फरवरी 2026 में “प्रोजेक्ट धड़कन” की शुरुआत की गई थी। इस विशेष अभियान का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की हृदय संबंधी जांच कर गंभीर मामलों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है, ताकि समय रहते उनका उपचार कराया जा सके। खास बात यह है कि यह पहल उन सुदूर क्षेत्रों तक पहुंची, जहां पहले विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहद सीमित थी।अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की। प्रथम चरण में 3000 से अधिक बच्चों की जांच की गई। इस दौरान तीन बच्चों में हृदय रोग के संभावित लक्षण पाए गए। इनमें ब्रेहबेड़ा की पारूल दुग्गा भी शामिल थी।जब पारूल के परिवार को बच्ची की बीमारी की जानकारी मिली तो चिंता बढ़ गई, लेकिन पहली बार उम्मीद भी जगी। प्रशासन ने तुरंत बेहतर इलाज की व्यवस्था की। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इन बच्चों को रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए रवाना किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।रायपुर पहुंचने पर श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पारूल की विस्तृत जांच की। जांच में उसके हृदय में गंभीर समस्या की पुष्टि हुई, जिसके लिए ऑपरेशन आवश्यक बताया गया। परिवार के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के समन्वय से उपचार की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की गई।10 अप्रैल 2026 को श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर में पारूल की सफल हृदय सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उसकी लगातार देखभाल की गई।आज पारूल अपने घर लौट चुकी है। वह खेल रही है, मुस्कुरा रही है और परिवार की गोद में नई ऊर्जा के साथ पल रही है। वही अब परिवार के चेहरे पर सबसे बड़ी मुस्कान बन गई है।कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि “प्रोजेक्ट धड़कन” का उद्देश्य केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को समय पर जीवनरक्षक उपचार दिलाना है। उन्होंने कहा कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में कठिनाई न झेलनी पड़े, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम, चिकित्सकों, मैदानी कर्मचारियों और अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिले में बाल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। आने वाले समय में और अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।पारूल की कहानी सिर्फ एक सफल ऑपरेशन की कहानी नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है, जहां जंगलों और पहाड़ों के बीच बसे गांवों तक संवेदनशील शासन पहुंच रहा है। यह उस भरोसे की कहानी है, जिसमें दूरस्थ परिवारों को भी विश्वास है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।“प्रोजेक्ट धड़कन” अब नारायणपुर में एक योजना भर नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद का नाम बन चुका है, जिनके लिए हर नन्हीं धड़कन सबसे कीमती है। -
-घने जंगलों, पहाड़ों और दुर्गम रास्तों के बीच पहली बार पहुँची बिजली
नारायणपुर। कभी नक्शे पर नाम भर रह गया ईरपानार आज उम्मीदों की नई पहचान बन गया है। अबूझमाड़ के गहरे जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम पगडंडियों के बीच बसे इस छोटे से गांव में पहली बार बिजली पहुँची है। वर्षों तक अंधेरे में जीवन गुजारने वाले ग्रामीणों के घरों में जब पहली बार बल्ब जले, तो गांव ने सिर्फ उजाला नहीं देखा, बल्कि विकास को महसूस किया।ईरपानार नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यह दूरी सामान्य रास्ते जैसी नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए कच्चे मार्ग, पहाड़ी चढ़ाई, घने वन क्षेत्र और कई स्थानों पर पैदल सफर करना पड़ता है। बरसात के मौसम में संपर्क और भी कठिन हो जाता है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, नारायणपुर संभाग ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया। कार्यपालन अभियंता सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मिशन मोड में काम कर सफलता हासिल की।
घने जंगलों के बीच चला विकास अभियानकलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि ईरपानार तक बिजली पहुंचाना सामान्य तकनीकी कार्य नहीं था। कई हिस्सों में बिजली खंभे, तार और सामग्री पहुंचाने के लिए कठिन श्रम करना पड़ा। टीम को ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों, जंगलों और सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़ा। कई स्थानों पर मशीनों की बजाय मानव श्रम और स्थानीय सहयोग से सामग्री पहुंचाई गई।बिजली लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कर विभागीय टीम ने मिसाल पेश की है।ग्राम ईरपानार के विद्युतीकरण कार्य पर कुल ₹56.11 लाख की लागत आई। इस परियोजना के तहत गांव के परिवारों को पहली बार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया , एवं उस सोच का प्रतीक है जिसमें अंतिम छोर पर बसे परिवार को भी विकास का समान अधिकार दिया जा रहा है।बिजली आने से अब गांव के बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए रोशनी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग जैसी सामान्य सुविधा, जो शहरों में सहज है, अब यहां भी उपलब्ध होगी। पंखे, लाइट और छोटे घरेलू उपकरणों से जीवन आसान होगा।भविष्य में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, संचार सुविधाओं और छोटे व्यवसायों के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।जब पहली बार गांव में बल्ब जले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह दिखाई दिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने अपने घरों में पहली बार स्थायी रोशनी देखी है। वर्षों से लालटेन, लकड़ी और सीमित साधनों पर निर्भर जीवन अब बदलने लगा है।ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और बिजली विभाग की टीम के प्रति आभार जताया। लोगों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।ईरपानार जैसे अन्य दूरस्थ गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। - खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में ठाकुरटोला जमीदारी क्षेत्र में स्थित रहस्यमयी मण्डीप खोल गुफा 27 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोली जाएगी। खास बात यह है कि यह गुफा साल में सिर्फ एक दिन खुलती है। मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया के बाद आने वाले पहले सोमवार को यह गुफा खोली जाती है । मंडीप खोल गुफा को लेकर कई रियासत कालीन मान्यताएं हैं। वर्षों से ठाकुरटोला के जमींदार इस गुफा को अक्षय तृतीया के बाद पड़ने वाले सोमवार को केवल एक दिन के लिए खोलते हैं। इसके बाद विधिवत पूजा अर्चना करते हैं। चट्टान हटाने के बाद जंगली जानवरों से बचाव के लिए पहले हवाई फायर भी किया जाता है। गुफा में पहला प्रवेश जमींदार परिवार के लोग ही करते हैं। वहां स्थित शिवलिंग सहित अन्य देवी देवताओं की विधि विधान से पूजा अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते हैं।मंडीप खोल गुफा के खुलने से पूर्व आज मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रेम कुमार पटेल एवं अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र कुमार ठाकुर ने स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पूजारीगण एवं ग्रामीणजन भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने गुफा परिसर में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं, आवागमन, साफ-सफाई एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- -प्रमोशन से बढ़ता है पुलिस बल का मनोबल - विजय अग्रवालदुर्ग । छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के आदेश के परिपालन में दुर्ग जिले में पदस्थ 4 सहायक उप निरीक्षकों को उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) पद पर पदोन्नत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को बैच (स्टार) अलंकरण लगाकर शुभकामनाएं दीं।एसएसपी अग्रवाल ने कहा कि पदोन्नति से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और इससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाने की अपेक्षा रहती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों का निर्वहन कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ करने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान अधिकारियों की अब तक की सेवाओं, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। पदोन्नत अधिकारियों ने भी अपने दायित्वों के प्रति समर्पण दोहराते हुए कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा के लिए और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।पदोन्नति प्राप्त अधिकारी इस प्रकार हैं:▪️उप निरीक्षक गोरख नाथ चौधरी▪️उप निरीक्षक पूर्ण बहादुर कांकी▪️उप निरीक्षक चन्द्रशेखर सोनी▪️उप निरीक्षक केशव दयाल तिवारीयह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां अधिकारियों को औपचारिक रूप से नई जिम्मेदारियों के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- - आरोपी महिला गिरफ्तारभिलाईनगर ।दुर्ग जिले के स्मृति नगर चौकी क्षेत्र स्थित एसटीएफ कॉलोनी में शनिवार सुबह दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां एक आरक्षक के घर में घुसकर आरोपी महिला ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में आरक्षक की पत्नी और 9 वर्षीय बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल बेटी को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला सरोजनी भारद्वाज ने पत्नी पर 18 और बच्चे पर 14 बार चाकू से हमला किया।यह वारदात सुबह करीब 6:30 से 8 बजे के बीच हुई, जब घर का मुखिया ललितेश यादव किसी काम से बाहर गया हुआ था। मृतक महिला की पहचान रीना यादव के रूप में हुई है, जबकि घायल बच्चियों का इलाज जारी है। एक बेटी ने बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई, जबकि दूसरी ने बाहर जाकर पड़ोसियों को सूचना दी।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में आरक्षक और आरोपी महिला के बीच अवैध संबंधों की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला एक दिन पहले भी आरक्षक के घर पहुंची थी, जिसे समझाइश देकर वापस भेज दिया गया था।इसी आपसी विवाद और रंजिश के चलते महिला ने शनिवार सुबह घर में घुसकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।मामले में भिलाई सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि घायल रीना यादव और उनके बेटे की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस पूरे मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें आरोपी और परिवार के बीच संबंधों की भी पड़ताल शामिल है।
-
-सफल हज यात्रा के लिए शुभकामना देकर यात्रियों का किया स्वागत
रायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में हज यात्रियों को फर्स्टएड किट सौंपकर उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि रायगढ़ से सांसद रहने के समय से लेकर आज तक लगातार हज यात्रियों के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश से कुल 815 हज यात्री यात्रा पर जा रहे हैं और पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा मेडिकल किट भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए उनकी यात्रा की सफलता की कामना की।सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को यह पावन अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए दुआ करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब हज यात्रा के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती और अधिक लोगों को यह अवसर मिल रहा है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है।कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने भी संबोधित किया और हज यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की सीईओ डॉ. खुशबू उस्मान समेत समाज के प्रबुद्धजन और प्रदेश भर से आए हज यात्री मौजूद थे। -
-निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर श्री युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी श्री के. डी. दीवान उपस्थित थे। - रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव तेजी से एक उभरते पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है। यह पहल स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय संस्कृति को भी नई पहचान दे रही है।जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन गांव के रूप में विकसित किया गया है। यहां अब तक 5 होमस्टे स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही, ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, अतिथि सत्कार और प्रबंधन से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे वे बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें।हाल ही में केरे स्थित ‘महुआ होमस्टे’ में ठहरे यात्रियों का अनुभव इस पहल की सफलता को दर्शाता है। बिलासपुर से रांची जा रहे तीन यात्रियों ने यात्रा के दौरान आरामदायक ठहराव के लिए इस होमस्टे का चयन किया। ऑनलाइन माध्यम से जानकारी मिलने के बाद वे यहां पहुंचे, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया। उन्हें घर जैसा स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन मिला, साथ ही साफ-सुथरी और आरामदायक व्यवस्था का अनुभव भी हुआ। अतिथियों ने मेजबानों के व्यवहार और सुविधाओं की खुलकर सराहना की।यह सकारात्मक अनुभव दर्शाता है कि केरे गांव अब एक भरोसेमंद और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित हो रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस पहल से न केवल ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी भी मजबूत हो रही है। साथ ही, यह मॉडल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है।
- महासमुंद। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। अभी स्वगणना की प्रक्रिया जारी है तथा आगामी 01 मई 2026 से मकान सूचीकरण का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा। इसी कड़ी में 24 अप्रैल 2026 को तहसील सरायपाली के अंतर्गत सभी ग्रामों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया।कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में जनगणना सुपरवाइजरों द्वारा आगामी जनगणना हेतु स्वगणना की प्रक्रिया का विस्तृत वर्णन किया गया तथा समस्त प्रक्रिया बताई गई। विभिन्न ग्रामों में जनगणना पर्यवेक्षकों के द्वारा आगामी मकान सूचीकरण चरण के सभी 33 प्रश्नों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई तथा सभी ग्रामवासियों को जनगणना कार्य में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। तहसीलदार सरायपाली एवं चार्ज जनगणना अधिकारी श्रीधर पंडा ग्राम पंचायत घाटकछार में ग्राम सभा में सम्मिलित रहे तथा उनके द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित किया गया एवं सभी प्रक्रियाओं को पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से विस्तार से समझाया गया। उन्होंने आमजनता से अपील किया कि सभी व्यक्ति जनगणना कार्मिकों को समुचित सहयोग प्रदान करते हुए सही जानकारी प्रदान करें एवं आगामी जनगणना की प्रक्रिया को सुचारू एवं सफल संपादित करने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।
- महासमुंद ।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए इच्छुक व्यक्तियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। महाप्रबंधक जिला व्यापार एव उद्योग केन्द्र ने बताया कि इस योजना के तहत राइस मिल, दाल मिल, आटा, बेसन, मैदा निर्माण, मसाला, बेकरी उत्पाद, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पापड़-बड़ी, नमकीन-मिक्चर, अचार, सॉस, जैम, जेली, गुड़, चॉकलेट, कन्फेक्शनरी, मिठाई उत्पाद, आइसक्रीम, पशु आहार, मछली आहार, मशरूम उत्पाद, मुर्गी आहार, चटनी, जूस, साबुदाना, घी, पोहा निर्माण, लहसुन-प्याज एवं अदरक पेस्ट, पेठा, तिलकुट सहित अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं।योजना अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए नवीन इकाई की स्थापना के साथ-साथ पूर्व में स्थापित इकाइयों के विस्तार एवं अपग्रेडेशन भी पात्र होंगे। व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मान्य परियोजना लागत का 35 प्रतिशत की दर से क्रेडिट लिंक्ड पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये होगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। लाभार्थी को परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत अंशदान स्वयं करना होगा, जबकि शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।इकाई स्थापित करने के इच्छुक व्यक्ति योजना की वेबसाइटhttps://pmfme.mofpi.gov.in/पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी एवं सहायता के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बीटीआई रोड, इंदिरा गांधी महिला जिम के सामने, जे.के. सीमेंट के बाजू गली, पंचवटी विहार, महासमुंद में संपर्क किया जा सकता है। साथ ही मोबाइल नंबर +91-9806387523, +91-7587724731 एवं +91-7987379574 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जिले के डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन सौरभ जैन (महासमुंद) मोबाइल +91-9444424220, चिराग गंडेचा मोबाइल +91-9039915011, योगेश कुमार पटेल मोबाइल +91-8982815220 (बागबाहरा), मनीष सोनी (बसना) मोबाइल +91-7697973720 तथा सचिन अग्रवाल (सरायपाली) मोबाइल +91-7509447771 से संपर्क कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की जा सकती है।
- महासमुंद। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया पहल और विष्णुदेव साय के सुशासन एवं पारदर्शिता के संकल्प को साकार करते हुए महासमुंद जिला प्रशासन ने ई-ऑफिस प्रणाली को तेजी से अपनाया है। शासन की प्राथमिकता के अनुरूप ई-ऑफिस प्रणाली अब जिले के लगभग सभी विभागों में गति पकड़ चुकी है। जिले के लगभग सभी विभागों में अब परंपरागत कागज़ी फाइलों के स्थान पर ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। 1366 अधिकारी-कर्मचारियों का ई-ऑफिस के लिए ऑनबोर्डिंग किया जा चुका है, जो इस प्रणाली के व्यापक क्रियान्वयन को दर्शाता है। अब तक लगभग साढ़े 5 हजार से अधिक फाइलों का मूवमेंट डिजिटल माध्यम से किया जा चुका है, जिससे कार्यों में गति और दक्षता आई है।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट का अधिकांश कार्य ई-ऑफिस प्रणाली से संचालित हो रहा है। प्रत्येक सप्ताह समय-सीमा की बैठकों में इसकी समीक्षा कर विभागवार प्रगति की समरी रिपोर्ट ली जाती है। सभी शासकीय पत्राचार, नियमित फाइलें और वित्तीय स्वीकृतियाँ यहां तक कि छोटी नोटशीट्स भी अब ऑनलाइन दर्ज की जा रही हैं, जिससे कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी आसान हो गई है।ई-ऑफिस प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण लाभ इसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा है। अब किसी भी फाइल की स्थिति को आसानी से देखा जा सकता है, वह किस अधिकारी के पास लंबित है और कितने समय से। इससे कार्यों में अनावश्यक विलंब कम हुआ है और जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है। इस प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे फाइल निर्माण, नोटशीट लेखन और दस्तावेज अपलोडिंग में दक्ष हो चुके हैं। तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए एनआईसी और तकनीकी टीम का सहयोग भी लगातार लिया जा रहा है।शासन की मंशा है कि भविष्य में संपूर्ण पत्राचार केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाए। शासन की यह कदम समय की बचत और विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्यों में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगा। महासमुंद जिले में यह पहल निश्चित रूप से डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में सार्थक रूप से संचालित हो रहा है।



























