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- -प्रदेशभर में 9,763 न्योता भोज आयोजित, 1.83 लाख से अधिक बच्चे हुए लाभान्वितरायपुर ।आंगनबाड़ी केन्द्रों में संचालित ‘न्योता भोज’ कार्यक्रम प्रदेश में पोषण, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप शुरू की गई इस पहल के तहत अब समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।राज्य स्तर पर जनवरी से फरवरी 2026 तक कुल 9,763 न्योता भोज आयोजनों के माध्यम से 1,83,927 बच्चों को लाभान्वित किया गया है, जो इस योजना की व्यापक सफलता को दर्शाता है।जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर जिले में सर्वाधिक 884 आयोजन हुए, जिनमें 18,703 बच्चे लाभान्वित हुए। वहीं कोरबा में 720 आयोजनों के माध्यम से 13,944 बच्चों, रायगढ़ में 690 आयोजनों से 9,835 बच्चों तथा कांकेर में 636 आयोजनों से 7,915 बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया।इसी प्रकार धमतरी में 606 आयोजन कर 11,228 बच्चों, महासमुंद में 415 आयोजनों के माध्यम से 7,302 बच्चों तथा जांजगीर-चांपा में 439 आयोजनों से 10,518 बच्चों को लाभ पहुंचाया गया।कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के नागरिक, जनप्रतिनिधि, दानदाता एवं पालक अपने विशेष अवसरों—जैसे जन्मदिन, वर्षगांठ या अन्य पारिवारिक खुशियों—पर आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के साथ भोजन साझा कर रहे हैं। इससे बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार मिल रहा है, साथ ही समाज में उनके प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता भी बढ़ रही है।महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले अधिकांश बच्चे ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं। ऐसे में ‘न्योता भोज’ जैसे प्रयास उनके शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।यह पहल न केवल कुपोषण को कम करने की दिशा में कारगर साबित हो रही है, बल्कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के प्रति बच्चों और अभिभावकों का आकर्षण भी बढ़ा रही है। शासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने सामाजिक एवं पारिवारिक अवसरों को आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ साझा कर इस अभियान को और मजबूत बनाएं।
- -वन विभाग की बड़ी कार्रवाईरायपुर। छत्तीसगढ़ में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के तहत वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाघ और तेंदुए के अवैध शिकार में शामिल एक डिप्टी रेंजर सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दंतेवाड़ा और बीजापुर क्षेत्र के जंगलों में की गई।वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल में फंदे लगाकर वन्यजीवों का शिकार कर रहे हैं। इसके बाद विभाग और राज्य उड़नदस्ता टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। लगातार निगरानी और जांच के दौरान एक संगठित शिकार गिरोह का खुलासा हुआ। जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि इस अवैध गतिविधि में वन विभाग का ही एक कर्मचारी, डिप्टी रेंजर देवी प्रसाद ओयाम भी शामिल था।डिप्टी रेंजर श्री पोयाम की मिलीभगत के कारण शिकारियों को जंगल में प्रवेश और शिकार करने में मदद मिली। आरोपियों ने शिकार के लिए लोहे के तार के फंदों का उपयोग किया, जिनमें मांस लगाकर बाघ और तेंदुए को फंसाया गया। फंदे में फंसने के कारण दोनों वन्यप्राणियों की मौत हो गई।बरामद बाघ की उम्र लगभग 3 वर्ष बताई गई है। आरोपी इनकी खाल को रायपुर ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। इस पूरे मामले में वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में टीम ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया।आरोपियों में शिकार के मुख्य आरोपियों में लक्ष्मण तेलाम, देवीराम ओयाम, रमेश कुड़ियाम, फरसोन पोयामी, सेमला रमेश, सुखराम पोडियाम और छत्रू कुड़ियाम शामिल हैं। पूछताछ के आधार पर ग्राम केशापुर में दबिश देकर तेंदुए की खाल बरामद की गई तथा मासो ओयाम और अर्जुन भोगामी को भी गिरफ्तार किया गया।वनमंडलाधिकारी दंतेवाड़ा श्री रामकृष्णा ने बताया कि बाघ और तेंदुआ दोनों ही अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस सफलता पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम को बधाई दी है और संबंधित अधिकारियों- कर्मचारियों को सम्मानित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मामले की विस्तृत जांच कर शीघ्र न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया है कि राज्य में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों का शिकार गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। वन विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि पर सख्ती से कार्यवाही की जाएगी।
- रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 15 मार्च, 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु एवं पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव तथा 6 राज्यों में उपचुनावों के कार्यक्रम की घोषणा की है।इन पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए 25 लाख से अधिक चुनाव अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन चुनावों में 17.4 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान के पात्र हैं,यह लगभग प्रत्येक 70 मतदाताओं पर 1 चुनाव अधिकारी के बराबर है।मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के दौरान अधिकारियों को पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि चुनाव हिंसा मुक्त एवं प्रलोभन मुक्त वातावरण में संपन्न हो सकें और प्रत्येक मतदाता बिना किसी भय या पक्षपात के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।तैनात कर्मियों में लगभग 15 लाख मतदान कर्मी, 8.5 लाख सुरक्षा कर्मी, 40 हजार गणना कर्मी, 49 हजार माइक्रो ऑब्जर्वर, 21 हजार सेक्टर अधिकारी तथा गणना हेतु 15 हजार माइक्रो-ऑब्जर्वर सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।क्षेत्रीय स्तर की चुनावी मशीनरी, जिसमें 2.18 लाख से अधिक बीएलओ (BLO) शामिल हैं, मतदाताओं को फोन कॉल तथा ECINet ऐप पर ‘बुक-ए-कॉल टू बीएलओ’ सुविधा के माध्यम से सेवाएं प्रदान कर रही है। वहीं, डीईओ/आरओ स्तर पर किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए कॉल सेंटर नंबर +91 (एसटीडी कोड) 1950 उपलब्ध है।तैनात सभी कर्मी जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 28ए के तहत निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माने जाएंगे।आयोग द्वारा 832 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, जो आम चुनाव एवं उपचुनावों के दौरान आयोग की ‘आंख और कान’ के रूप में कार्य करेंगे। इनमें 557 सामान्य पर्यवेक्षक, 188 पुलिस पर्यवेक्षक एवं 366 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं। अधिकांश केंद्रीय पर्यवेक्षक अपने-अपने आवंटित निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं।ये पर्यवेक्षक अपना संपर्क विवरण साझा करेंगे तथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों/उनके प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी चुनाव संबंधी शिकायतों एवं सुझावों को सुनेंगे।
- -संकल्प से संवरेगा विकसित छत्तीसगढ़: वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी-छत्तीसगढ़ विधानसभा में 1.87 लाख करोड़ का विनियोग विधेयक पारित-कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान-महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधानरायपुर। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपये का व्यापक और जनोन्मुखी विनियोग विधेयक प्रस्तुत करते हुए राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत खाका सामने रखा है। विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के 3 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य समावेशी विकास, आर्थिक सुदृढ़ता तथा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तैयार इस बजट को सरकार ने “संकल्प आधारित बजट” बताया है, जो राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।बजट का वित्तीय स्वरूप संतुलित और विकासोन्मुखीवित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सदन को जानकारी दी कि प्रस्तुत विनियोग विधेयक कुल विनियोग 1 लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपये का है, जिसमें ऋणों का पुनर्भुगतान एवं अन्य समायोजन शामिल हैं। शुद्ध बजट आकार 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। कुल प्राप्तियां भी इसी के अनुरूप 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये आंकी गई हैं, जिनमें से 1 लाख 41 हजार करोड़ रुपये राजस्व प्राप्तियां तथा 29 हजार करोड़ रुपये पूंजीगत प्राप्तियां हैं। व्यय पर दृष्टि डालें तो राजस्व व्यय 1 लाख 45 हजार करोड़ रुपये तथा पूंजीगत व्यय 27 हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित है। राज्य का राजस्व घाटा मात्र 2 हजार करोड़ रुपये तथा शुद्ध राजकोषीय घाटा 20 हजार 400 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 2.87 प्रतिशत) अनुमानित है, जो राज्य के वित्तीय अनुशासन और संतुलित प्रबंधन को दर्शाता है।संकल्प के सात स्तंभ और 5 नए महत्वाकांक्षी मिशनवित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि यह बजट संकल्प (समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड और पॉलिसी) के सात स्तंभों पर टिका है। इस विजन को साकार करने के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए मिशन शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये (तकनीक के विस्तार हेतु), मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन हेतु 100 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं निपुन मिशन हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है।वित्त मंत्री ने बताया कि आर्थिक दृष्टि से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है। वर्ष 2025-26 में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 8.11 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 7.4 प्रतिशत से अधिक है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि राज्य की मजबूत आर्थिक नींव को इंगित करती है। कृषि क्षेत्र में 7.49 प्रतिशत, उद्योग में 7.21 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 9.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपये हो गई है, जिसमें 10.07 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि राज्य की आर्थिक गतिविधियों में तेजी और नागरिकों की आय में सुधार का संकेत है।वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में कृषि एवं किसान कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है। “कृषक उन्नति योजना” के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो इस बजट का सबसे बड़ा मद है। राज्य सरकार द्वारा किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और अब तक लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा चुका है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए मक्का, कोदो-कुटकी, रागी एवं कपास जैसी फसलों को भी योजना में शामिल किया है। इसके साथ ही कृषि पंपों के लिए निःशुल्क विद्युत आपूर्ति हेतु 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती की लागत में कमी आएगी।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। “महतारी वंदन योजना” के अंतर्गत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” घोषित कर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण आहार, महिला एवं बाल विकास योजनाओं के लिए भी पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास को इस बजट में विशेष महत्व दिया गया है। राज्य में सुदृढ़ आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए 27 हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 1,162 सड़कों के निर्माण हेतु 837 करोड़ रुपये तथा 393 पुलों के निर्माण के लिए 163 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,400 करोड़ रुपये तथा जल जीवन मिशन के लिए 3,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इन प्रावधानों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, जल आपूर्ति और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है।वित्त मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट में व्यापक प्रावधान किए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये तथा आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के साथ नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना भी शामिल है। शिक्षा के क्षेत्र में 700 नए शाला भवनों के निर्माण और तकनीकी शिक्षा संस्थानों के उन्नयन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण एवं शहरी विकास के क्षेत्र में संतुलित दृष्टिकोण अपनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और रोजगार गारंटी मिशन के अंतर्गत 4-4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए 750 करोड़ रुपये तथा “आदर्श शहर समृद्धि योजना” के माध्यम से नगरीय सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भूमिगत विद्युतीकरण, नालंदा परिसर और आवास योजनाओं के माध्यम से शहरी जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को भी बजट में विशेष स्थान दिया गया है। “शक्ति पीठ परियोजना” के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि “रामलला दर्शन योजना” के तहत श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों के दर्शन की सुविधा प्रदान की जा रही है। होम स्टे नीति के माध्यम से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और पर्यटन से जुड़े सहायक उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 1,500 नए बस्तर फाइटर के पदों के सृजन, 15 नए पुलिस थानों की स्थापना और 5 साइबर पुलिस स्टेशनों के गठन का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों में तकनीकी सुधार किए जाएंगे।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के लिए एक दूरदर्शी और संतुलित विकास के दस्तावेज के रूप में उभरकर सामने आएगा, जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने और राज्य को आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर विकास का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा, जिससे “समृद्ध छत्तीसगढ़” का सपना साकार हो सके।विनियोग विधेयक के चर्चा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, सर्वश्री उमेश पटेल, अजय चन्द्राकर, राघवेन्द्र सिंह, किरण सिंहदेव, देवेन्द्र यादव, धर्मजीत सिंह, रामकुमार यादव तथा सुशांत शुक्ला शामिल हुए।
- -मुख्यमंत्री ने 'मोदी के राज्य से लौटकर' पुस्तक का किया विमोचन-छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारों के गुजरात भ्रमण पर आधारित निशा द्विवेदी की पुस्तकरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित अपने कार्यालय के सभा कक्ष में युवा पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी की पुस्तक 'मोदी के राज्य से लौटकर' का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा वृत्तांत से पाठकों के लिए इतिहास और संस्कृति की तस्वीर सजीव हो जाती है। पुस्तक में सुश्री निशा द्विवेदी ने एक पत्रकार की नजर से गुजरात यात्रा का वर्णन किया है जो बहुत सराहनीय है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे नेतागण और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हमारे पत्रकार साथियों के जीवन में यह एक समानता है कि दोनों ही अपने कार्यक्षेत्र में हमेशा व्यस्त रहते हैं। सक्रिय पत्रकारिता के बीच यात्रा वृत्तांत जैसी रचना के लिए समय निकाल पाना जरूर कठिन रहा होगा। ये बहुत सुखद है कि सुश्री द्विवेदी ने अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को किताब के रूप में हम सभी के सामने लेकर आई हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पत्रकार बहनों से मिलना हुआ था। मुलाकात में महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण के विषय में भी चर्चा हुई। ये बहुत खुशी की बात है कि पहली बार छत्तीसगढ़ की 26 महिला पत्रकारों का दल गुजरात राज्य के भ्रमण पर गया। भ्रमण से लौटने के बाद मैंने मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार बहनों से मुलाकात की। उसी समय मैंने उन्हें यह सुझाव दिया था कि वे अपनी यात्रा के अनुभवों को जरूर लिखें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा इस वर्ष के बजट में भी हमने पत्रकारों के एक्सपोजर विजिट का प्रावधान किया है। हमारे पत्रकार साथी बड़े परिश्रम से सामाजिक सरोकार का कार्य करते हैं। हमारी सरकार हर स्तर पर पत्रकार साथियों को प्रोत्साहित कर रही है। अभी तक पत्रकारों के विविध दल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, राजस्थान जैसे अनेक राज्यों में हुए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात भ्रमण का उद्देश्य महिला पत्रकारों को विकास के मॉडल को देखने, समझने और उससे सीखने का अवसर देना था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इच्छा थी कि इस यात्रा को कोई महिला पत्रकार पुस्तक के रूप में लिखे, और यह पुस्तक उसी भावना का परिणाम है।इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, जनसंपर्क आयुक्त डॉ रवि मित्तल, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी सहित अनेक पत्रकारगण उपस्थित रहे।
- महासमुंद / वर्तमान में रबी मौसम समाप्ति की ओर है एवं खरीफ मौसम प्रारंभ होने वाला है इस परिप्रेक्ष्य में जिले के सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक के भण्डारण का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है, आज की स्थिति में जिले के सहकारी समितियों में 7282 टन यूरिया, 6196 टन एसएसपी, 2527 टन डीएपी, 1119 टन एमओपी एवं 1437 टन एनपीके उपलब्ध है, कृषकों से अपील की गई है कि वे परेशानियों से बचने के लिए तत्काल उर्वरकों का अग्रिम उठाव करना प्रारंभ करें। माह जुलाई से सितम्बर के बीच यूरिया उर्वरक की मांग ज्यादा रहती है, इसलिए कृषक भाई अपनी रकबे के अनुसार उर्वरकों का उठाव करें।उपसंचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने निजी विक्रेताओं से अपील की है कि वे बिना लाइसेंस के बीज, खाद एवं कीटनाशी का व्यापार नहीं करें। बिना लाइसेंस के व्यापार करते पाए जाने पर नियमों के तहत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। जो व्यक्ति नया लाइसेंस बनवाना चाहते है वे बीज के लिए एक हजार रुपए, उर्वरक हेतु 1250 रुपए एवं कीटनाशी हेतु एक हजार 500 रुपए (ग्रामीण) एवं 7 हजार 500 रुपए (शहरी) चालान एवं अन्य दस्तावेजों सहित संबंधित विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क स्थापित कर लाइसेंस के प्रकरण जमा करना सुनिश्चित करें। महासमुंद विकासखण्ड के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री मनीराम उइके मो.नं. 9706103649, बागबाहरा विकासखण्ड के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जी.पी शरणागत मो.नं. 8226000146, पिथौरा विकासखण्ड के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री बृजेश तुरकाने मो.नं. 62611364266, बसना विकासखण्ड के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती उषा कांति खेस मो.नं. 6260988073 एवं सरायपाली विकासखण्ड के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री बुंदरलाल मिर्धा के मो.नं. 6261181878 पर संपर्क कर सकते है। file photo
- महासमुंद / लक्की यादव निवासी ग्राम तुमाङबरी, महासमुंद जो दृष्टिबाधित दिव्यांग है। अपने जीवन की कठिन परिस्थितियों को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। दृष्टिबाधित होने के बावजूद लक्की ने अपने सपनों को सीमित नहीं होने दिया, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बना लिया। लक्की यादव समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित स्वैच्छिक संस्था फॉर्चुन फाउंडेशन के पूर्व के छात्र है। बचपन से ही लक्की के सामने कई चुनौतियां थीं। जहा ंसामान्य बच्चों के लिए रोजमर्रा के काम आसान होते हैं, वहीं लक्की को हर कदम पर संघर्ष करना पड़ता था। लेकिन उनके अंदर कुछ कर दिखाने का जज्बा हमेशा जीवित रहा। परिवार, विशेषकर उनके पिता श्री कुमार यादव का सहयोग और प्रोत्साहन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना। लक्की ने खेलों में अपनी रुचि को पहचानते हुए एथलेटिक्स को अपना लक्ष्य बनाया। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत की।वर्ष 2020-21 में पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 400 मीटर एवं 1500 मीटर दौड में रजत पदक तथा वर्ष 2021-22 में 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक प्राप्त करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई। वर्तमान वर्ष 2026 में दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स में भारतीय टीम में छत्तीसगढ़ से एकमात्र खिलाड़ी के रूप में उनका चयन हुआ। उक्त प्रतियोगिता में सम्मिलित होने के लिए उन्हें जिला प्रशासन समाज कल्याण विभाग द्वारा आर्थिक सहायता प्रदाय किया गया। प्रतियोगिता में कड़ी मेहनत और समर्पण दिखाते हुए 1500 मीटर दौड़ के पहले दो राउंड में अपनी बढ़त बनाए रखा किन्तु अंतिम राउंड में पदक प्राप्त नहीं कर सकें। उन्होंने हार नहीं मानी और 12 मार्च 2026 को 400 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर जिले, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन किया। आज लक्की यादव एक खिलाड़ी के रूप में सभी खिलाड़ियों एवं लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और उन्हें भारतीय थल सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने अग्निवीर भर्ती को लेकर व्यायाम शिक्षकों की बैठक ली गई। इस अवसर पर अग्निवीर योजना से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश एवं नियमावली की विस्तृत जानकारी दी गई।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अधिक से अधिक युवाओं का पंजीयन सुनिश्चित करना प्राथमिक लक्ष्य है, ताकि जिले के युवा इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकें। व्यायाम शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विद्यालयों एवं क्षेत्रों में युवाओं को प्रेरित करें तथा उन्हें भर्ती प्रक्रिया के लिए तैयार करें।इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे, श्री रेखराज शर्मा, सुश्री अंजनी बरमाल, श्रीमती हिना ढालेन, चारु लता गजपाल, एक्स आर्मी ऑफिसर पुरुषोत्तम डडसेना एवं चंदहास साहू द्वारा युवाओं के मार्गदर्शन हेतु सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए गए।
- -मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वासरायपुर। छत्तीसगढ़ में शांति, विकास और विश्वास की नई तस्वीर सामने आई है। बीजापुर और कांकेर जिलों से आए 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर मुख्यधारा में लौटने की खुशी साझा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से आत्मसमर्पण से पहले के जीवन और वर्तमान परिस्थितियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। संवाद के दौरान नक्सलियों ने बताया कि अब उनका जीवन पूरी तरह बदल चुका है—जहां पहले वे जंगलों में असुरक्षा और भय के बीच जीवन बिताते थे, वहीं अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्रों में अब सड़कों, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे जीवन आसान हुआ है। कुछ आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने पहली बार होली जैसे त्योहार को परिवार के साथ मनाया—यह उनके लिए एक नया और सुखद अनुभव रहा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी का मुख्यधारा में स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल व्यक्तिगत बदलाव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि संविधान पर विश्वास जताकर सभी ने एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प को शीघ्र ही पूर्ण किया जाएगा। इस अवसर पर गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक भी उपस्थित थीं।
- -रायपुर - रीवा हवाई सेवा के लिए की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहनारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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- अवैध परिवहन रोकने छोटी सड़कों पर चेक पोस्ट, सीसीटीवी व बैरियर लगाने के दिए निर्देश
- दुर्घटनाजन्य स्थलों में किए जा रहे सुधार कार्यों की समीक्षा की
- यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई करने के दिए निर्देश
- पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीडि़तों को 1 लाख 50 हजार रूपए तक कैशलेस उपचार की मिलेगी सुविधा
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि ऐसी छोटी सड़कों का चिन्हांकन किया जाए, जहां अवैध रूप से बड़े एवं भारी वाहनों के आवागमन तथा परिवहन की संभावना बनी रहती है। उन्होंने इन मार्गों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे और गार्डर अथवा बैरियर लगाए जाएं, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। इससे सड़कों की गुणवत्ता बनी रहेगी और ग्रामीणों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने चिन्हांकित दुर्घटनाजन्य स्थलों में किए गए आवश्यक सुधार कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना से मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विशेष तौर पर कार्य करने की आवश्यकता है। दुर्घटनाजन्य स्थानों में स्पीड ब्रेकर, साईन बोर्ड, हाईमास्ट लाईट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना की रोकथाम के लिए नागरिकों को जागरूक करना आवश्यक है तथा सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश दिए तथा हेलमेट नहीं लगाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने के लिए कहा। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य मार्गों के सड़क किनारे नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों की नियमित जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बताया कि भारत सरकार की पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्तियों को तत्काल एवं कैशलेस ईलाज की सुविधा दी जा रही है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पीडि़तों को गोल्डन ऑवर अर्थात सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद के महत्वपूर्ण समय में बिना किसी देरी के अस्पतालों में भर्ती कर अधिकतम 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति अधिकतम 1 लाख 50 हजार रूपए तक का कैशलेस उपचार पंजीकृत सभी शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान जिला परिवहन अधिकारी श्री आनंद शर्मा ने सड़क सुरक्षा के लिए किये जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री चौरसिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। - - 17 मार्च से 21 अप्रैल तक आयोजित होगा शिशु संरक्षण माह- 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए एवं आईएफ सिरप पिलाने के निर्देश- विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के दिए निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में शिशु संरक्षण माह के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि शिशु संरक्षण माह का आयोजन 17 मार्च से 21 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान 6 माह से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को टीकाकरण सत्रों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से विटामिन ए एवं आईएफ सिरप पिलायी जाएगी। उन्होंने महिला एवं बाल विकास, पंचायत तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के समग्र शारीरिक, बौद्धिक एवं मानसिक विकास के लिए निर्धारित टीकाकरण सत्रों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में पहुंचकर विटामिन ए एवं आईएफ सिरप अवश्य दिलाएं।शिशु संरक्षण माह के दौरान 5 मंगलवार एवं 5 शुक्रवार को विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 94 हजार 403 बच्चों को आईएफ सिरप तथा 89 हजार 158 बच्चों को विटामिन ए का सिरप पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। विटामिन ए के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, आंखों की सुरक्षा होती है तथा बाल मृत्यु दर में कमी आती है। इसके साथ ही दस्त, खसरा एवं रतौंधी जैसे रोगों से बचाव होता है और कुपोषण की रोकथाम में भी मदद मिलती है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- - कलेक्टर ने निर्माण विभागों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की- स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवनों को शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश- सांसद-विधायक निधि के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के दिए निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में निर्माण विभागों की बैठक लेकर जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। कलेक्टर श्री यादव ने निर्माण विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माणाधीन कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली तथा पूर्व वर्षों में स्वीकृत कार्यों के समय-सीमा में पूर्ण नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी निर्माणाधीन कार्यों को बारिश से पहले गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्र भवनों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि आगामी शिक्षण सत्र में बच्चों को नए भवनों में अध्ययन-अध्यापन की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों की आवश्यकता के आधार पर विकास कार्य स्वीकृत किए जाते हैं, इसलिए ऐसे कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्य स्वीकृत होने के बाद तत्काल कार्य प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तायुक्त रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनसामान्य को समय पर लाभ मिल सके।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने निर्माण विभागों के अधिकारियों को निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में लापरवाही एवं धीमी गति से कार्य करने पर संबंधित ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने छोटे एवं लंबित कार्यों को प्राथमिकता से शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे नागरिकों को इसका लाभ जल्द मिल सके। कलेक्टर ने सांसद एवं विधायक निधि के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री एसके चौरसिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिसके तहत खनिज विभाग की टीम द्वारा आज डोंगरगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम पेटेश्री, आलाबीरा, जामरी, मुड़पार, पारागांवकला, पारागांवखुर्द, मुरमुंदा, माटेकटा सहित अन्य क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खनिज अमला द्वारा खनिज रेत का अवैध परिवहन करने वालों पर कार्रवाई की गई। जिसमें ग्राम पेटेश्री निवासी हेमन्त सिन्हा के स्वामित्व की टैक्टर जॉन डियर चेचिस नंबर आईपीवाय 5050 डीएलएसजी 063372 ट्रॉली हरा रंग सोल्ड, ग्राम पेटेश्री निवासी कोमल सिन्हा के स्वामित्व की ट्रैक्टर जान डियर व ट्रॉली लाल रंग सोल्ड एवं ग्राम पेटेश्री निवासी राम बिलास साहू के स्वामित्व की ट्रैक्टर जान डियर हरा रंग चेचिस नंबर आईपीवाय 5050 डीसीएसजी 063285 से रेत का अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए थाना तुमड़ीबोड़ सुपुर्द किया गया। सभी प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन के रोकथाम के लिए ग्रामों में मुनादी कराई गई है तथा खनिज विभाग द्वारा लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है।
- - सिजेरियन प्रसव एवं आपातकालीन प्रसूति सेवाएं अब जिला चिकित्सालय में ही उपलब्ध- समय पर उपचार से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मिलेगी मददराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय के भू-तल में स्थित पुराने मेजर ऑपरेशन थियेटर का जीर्णोद्धार कर उसे प्रसूता महिलाओं के लिए विशेष रूप से क्रियाशील कर दिया गया है। इस नवीन ऑपरेशन थियेटर के प्रारंभ होने से जिला चिकित्सालय में आने वाली गर्भवती एवं उच्च जोखिम प्रसूता महिलाओं को अब समय पर सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। नवीन ऑपरेशन थियेटर में सिजेरियन प्रसव सहित प्रसूति से संबंधित आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं। इससे उन प्रसूता महिलाओं को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्हें तत्काल शल्य चिकित्सा की आवश्यकता होती है। अब ऐसे मामलों में मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता में कमी आएगी, जिससे समय की बचत होगी और उपचार में देरी नहीं होगी। इस सुविधा के प्रारंभ होने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। साथ ही ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को जिला स्तर पर ही बेहतर एवं सुरक्षित प्रसूति सेवाएं उपलब्ध हो पाएंगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन द्वारा नवीन ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण कर उपकरणों एवं संसाधनों की उपलब्धता की जांच की। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रसूता महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस दौरान सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र प्रसाद, अस्पताल प्रबंधक श्री अविन चौधरी, प्रसूति एवं निश्चेतना विभाग के विशेषज्ञ, मेजर ऑपरेशन थियेटर प्रभारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- मुफ्त एचपीवी टीकाकरण, 14-15 वर्ष की बालिकाओं को मिलेगा लाभमोहला। जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ गत दिवस 16 मार्च को कलेक्टर तुलिका प्रजापति की उपस्थिति में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहला में किया गया। इस दौरान सीएमएचओ श्री एस.आर मांडवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने एचपीवी वैक्सीन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह टीका किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने में अत्यंत प्रभावी है। इस अभियान का उद्देश्य जिले की अधिक से अधिक किशोरियों को टीकाकरण के माध्यम से सुरक्षित करना है।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि यह अभियान भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि दिसंबर 2010 से मार्च 2012 के बीच जन्मी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों का टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि निजी चिकित्सालयों में यह टीका लगभग 4000 रुपये में उपलब्ध है, जबकि वर्तमान में शासकीय संस्थानों में यह निःशुल्क लगाया जा रहा है।सीएमएचओ ने जानकारी दी कि वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहला में टीकाकरण किया जा रहा है और जल्द ही जिले के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम में अनुविभागीय राजस्व अधिकारी श्री हेमेंद्र भूआर्य, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. देवेश ठाकुर, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीमा ठाकुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. राकेश वर्मा, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री संतोष चंदेल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, एएनएम, मितानिन एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग कर किशोरियों के सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य के लिए एचपीवी टीकाकरण आवश्यक करवाएं।
- 0- युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हुई विस्तृत चर्चा, कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश0- कलेक्टर ने ली कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा बैठकमोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला कार्यालय के सभा कक्ष में जिला कौशल विकास प्राधिकरण अंतर्गत मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को प्रभावी रूप से प्रारंभ करने पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने विभिन्न ट्रेडों में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर व्यवस्थित रूप से संचालन करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता, रोजगार से जुड़ाव तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्य करते हुए समय-सीमा में योजनाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु ठोस रणनीति बनाने पर भी चर्चा किया गया।बैठक में अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।--
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार, 16 जून को सुबह 8:00 बजे मराठी भाषी सामूहिक उपनयन (मुंज) संस्कार का आयोजन किया गया है। महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संस्थापक और मंडल के सचिव व आचार्य चेतन गोविंद दंडवते के नेतृत्व में होने वाले इस आयोजन में रायपुर, छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश के युवा भी शामिल होंगे। यह महाराष्ट्र संस्कार केंद्र का रजत जयंती आयोजन है। आचार्य दंडवते ने बताया कि उपनयन संस्कार के लिए पंजीयन प्रारंभ कर दिया गया है। आयोजन का उद्देश्य न्यूनतम खर्च पर श्रेष्ठतम सुविधाओं के साथ सामूहिक उपनयन संस्कार करना है। इस आयोजन में बाहर से आने वाले अतिथियों के लिए मंडल भवन में ही रुकने की व्यवस्था की गई है।--
- 0- महाराष्ट्र मंडल रायपुर के नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का मंचन 21 को, रोटरी क्लब व महाराष्ट्र मंडल कोरबा भी जुटे हैं तैयारियों में0- संत ज्ञानेश्वर सभागृह में अनिकेत की टीम जी जान से जुटी है रिहर्सल में, ताकि कोई कमी न रह जाए नाटक के मंचन मेंरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के ख्याति प्राप्त नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ के चार सफलतम मंचन के बाद अब इसका पांचवा प्रयोग शनिवार, 21 मार्च को कोरबा के राजीव गांधी ऑडिटोरियम, इंदिरा स्टेडियम टीपी नगर में होगा। रोटरी क्लब कोरबा और महाराष्ट्र मंडल कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में व्यावसायिक स्तर पर मंचित होने वाले नाटक की आय से आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी शिक्षा जारी रखने में असमर्थ मेधावी विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान किया जाएगा।अनिकेत... टीम के सामने बड़ी चुनौती इस बात की है कि जिस सेवाभावी कार्य के लिए ‘मैं अनिकेत हूं’ का मंचन किया जा रहा है, ऐसा पहले नहीं हुआ था। जाहिर है, जब नाटक का मंचन व्यावसायिक स्तर पर होगा तो नाट्य मंडली पर भी अपेक्षाकृत अधिक दबाव होगा कि कहीं कोई चूक न हो जाए, कहीं कोई कमी न रह जाए। यही वजह है कि निर्देशक और नाटक में अनिकेत की केंद्रीय भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ रंगसाधक शशि वरवंडकर के निर्देशन में पूरी टीम गत कई दिनों ने रिहर्सल कर रही है।बताते चलें कि 90 मिनट के नाटक ‘मैं अनिकेत हूं में अनिकेत की पत्नी मीनाक्षी शर्मा का रोल बहुमुखी प्रतिभा की धनी वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. अनुराधा दुबे निभा रहीं हैं। वहीं पूरे नाटक के हर दृश्य में भारद्वाज वकील की दमदार भूमिका में आचार्य चेतन दंडवते नजर आएंगे। जज के प्रभावी रोल में दिलीप लांबे और गवाहों की भूमिकाओं में प्रकाश खांडेकर, रंजन मोड़क, रविंद्र ठेंगड़ी, समीर टुल्लू, भारती पलोसदकर, सुमीता रायजादा और श्याम सुंदर खंगन नाटक में दिलचस्प उतार-चढ़ाव लाएंगे। विनोद राखुंडे, पंकज सराफ भी अपनी अहम भूमिकाओं से प्रभावित करेंगे। पर्दे के पीछे डॉ. शुचिता देखमुख, अजय पोतदार और प्रवीण क्षीरसागर तकनीकी पहलुओं को सशक्त बनाएंगे।अब तक चार बार मंचनवरिष्ठ रंगसाधक रंजन मोड़क बताते हैं कि ‘मैं अनिकेत हूं’ का पहला मंचन चार अक्टूबर 2025 को महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में, दूसरा मंचन 9 अक्टूबर को एम्स रायपुर के ऑडिटोरियम में, तीसरा 26 दिसंबर को नूतन कला निकेतन बालाघाट में और महाराष्ट्र मंडल धमतरी में चौथा नाट्य प्रयोग 21 जनवरी को किया जा चुका है। एक जानकारी के अनुसार बिलासपुर, जबलपुर, जगदलपुर, भिलाई और राजनांदगांव की संस्थाएं भी ‘मैं अनिकेत हूं’ के यथाशीघ्र मंचन को लेकर निर्देशक शशि वरवंडकर, मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले व सचिव चेतन दंडवते के संपर्क में हैं।--
- रायपुर। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में 22 मार्च 2026 को राष्ट्रव्यापी “उल्लास : नवभारत साक्षरता कार्यक्रम” अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा (FLNAT) आयोजित की जाएगी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी एवं सदस्य सचिव, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर श्री हिमांशु भारतीय की अध्यक्षता में जिले के चारों विकासखंडों के नोडल अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महापरीक्षा के सफल संचालन हेतु आवश्यक तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में परीक्षा के सुचारू आयोजन, परीक्षा केंद्रों के प्रभावी प्रबंधन, परीक्षार्थियों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही अधिक से अधिक शिक्षार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए नवाचारी प्रयासों पर विशेष जोर दिया गया।अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नुक्कड़ नाटक, आमंत्रण पत्र, मुनादी, रैली एवं हल्दी-चावल जैसे जनजागरूकता माध्यमों के जरिए शिक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक लाया जाए, ताकि अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित हो सके।बैठक में जिला मिशन समन्वयक अरुण कुमार शर्मा, डॉ. सुशील जैन (DIET रायपुर एवं डीसीएल प्रभारी), जिला नोडल अधिकारी अजय मिश्रा, ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. कामिनी बावनकर, हेमंत कुमार साहू, अलंकार परिहार, अरुण देवांगन एवं भागीरथी पांसे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विकासखंडों में समुचित समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में सभी तैयारियां पूर्ण करें तथा परीक्षा के सफल एवं सुचारू आयोजन को सुनिश्चित करें।--
- 0- अब तक 10 हजार से अधिक पुस्तकें प्राप्त0- आप भी इस पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में बनें भागीदाररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं। इसी क्रम में आज शासकीय महाविद्यालय भिलाई के पूर्व प्राचार्य श्री किशोर कुमार अग्रवाल जी ने इतिहास, भौतिक शास्त्र एवं श्रीमद भागवत गीता सहित 50 से अधिक पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीं।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास से जरूरतमंद एवं प्रतिभावान अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।श्री अग्रवाल ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने पुस्तक दान का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि इन पुस्तकों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक 10 हजार चार सौ से अधिक पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक श्री प्रभात सक्सेना (94060 49000) एवं श्री केदार पटेल (94255 02970) से संपर्क कर सकते हैं इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।--
- 0- छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम अध्यक्ष श्री राजीवअग्रवाल0- पत्र सूचना कार्यालय रायपुर द्वारा विबी-जी-राम-जी-ग्रामीण भारत का परिवर्तनकारी बदलाव विषय पर वार्तालाप का भिलाई में हुआ आयोजनदुर्ग. पत्र सूचना कार्यालय रायपुर द्वारा आज भिलाई में ’विबी-जी-राम-जी- ग्रामीण भारत का परिवर्तनकारी बदलाव’ विषय पर एक विशेष वार्तालाप (मीडिया कार्यशाला) का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत दुर्ग के सहायक परियोजना अधिकारी श्री अरदीप ढीढी एवं दुर्ग पुलिस के साइबर विशेषज्ञ डॉ. संकल्प राय भी शामिल हुए।मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि ’विबी-जी-राम-जी’ की परिकल्पना वास्तव में ग्रामीण भारत में एक बड़े परिवर्तन की नींव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि भारत को 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है, तो सबसे पहली प्राथमिकता बेरोजगारी को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने बताया कि राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के माध्यम से लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए हैं, जिसके तहत कई कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं, जिससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक महिला हॉस्टल तैयार किए जा रहे है। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि विबी-जी-राम-जी के तहत 125 दिन का कार्य वास्तविक रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। फसल की बुआई से लेकर कटाई तक किसान भाइयों की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों के अवकाश हेतु ब्लॉक की व्यवस्था की गई है, ताकि खेती और विकास कार्य साथ-साथ चल सकें।योजनाओं में पारदर्शिता पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी धन की उपयोगिता की निगरानी साप्ताहिक आधार पर की जाएगी और कार्यों की सटीक स्थिति जानने के लिए जीपीएस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि एआई के समावेश से कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता में क्रांतिकारी सुधार होगा।कार्यशाला के दौरान जिला पंचायत दुर्ग के सहायक परियोजना अधिकारी श्री अरदीप ढीढी ने ’ग्रामीण भारत के परिवर्तनकारी बदलाव’ की दिशा में जिला पंचायत द्वारा संचालित योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, दुर्ग पुलिस के साइबर विशेषज्ञ डॉ. संकल्प राय ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती डिजिटल पैठ के बीच साइबर सुरक्षा के महत्व पर पत्रकारों को जागरूक किया।--
- बालोद, मिशन शक्ति अंतर्गत जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र के संचालन हेतु संविदा स्वीकृत पदों में नियुक्ति हेतु आवेदन की अंतिम तिथि में संशोधित करते हुए अब 18 मार्च के स्थान पर 27 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय ने बताया कि एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तिकरण हेतु एक अम्ब्रेला योजना ’मिशन शक्ति’ की शुरूआत की है। मिशन शक्ति के अंतर्गत जिला स्तरीय हब हेतु जिले मे आई.टी. असिस्टेंट (सामान्य) 01 स्वीकृत संविदा पद की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि योग्य उम्मीदवार पूर्णतः भरे हुये आवेदन पत्र 27 मार्च 2026 को कार्यालयीन समय 05.30 बजे तक केवल रजिस्टर्ड डॉक/स्पीड पोस्ट/कुरियर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही विज्ञापन की विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाईट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन एवं कार्यालय के सूचना पटल पर प्राप्त की जा सकती है।--
- बालोद. अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि जिला प्रशासन बालोद ने प्लास्टिक मुक्त (सिंगल यूज प्लास्टिक) ग्राम पंचायत अभियान हेतु प्रथम चरण अंतर्गत 12 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत जनपद पंचायत बालोद क्षेत्र अंतर्गत ओरमा, देवीनवागांव, झलमला एवं सिवनी, जनपद पंचायत गुरूर क्षेत्र अंतर्गत पेण्डरवानी एवं अरकार, जनपद पंचायत गुण्डरदेही अंतर्गत कांदुल, कुरदी एवं मोंगरी, जनपद पंचायत डौण्डी अंतर्गत खैरवाही एवं गुजरा तथा जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा अंतर्गत दुधली को प्लास्टिक मुक्त (सिंगल यूज प्लास्टिक) ग्राम पंचायत हेतु चयन किया गया है। श्री कौशिक ने बताया विगत दिनों उक्त ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों के साथ बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है।--
- बालोद. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बालोद में शिक्षित युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आज एक दिवसीय प्लेसमेंट कैंप का सफल आयोजन किया गया। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बालोद में आयोजित इस शिविर में विभिन्न क्षेत्रों की 03 नियोजक कंपनियों द्वारा कुल 218 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। जिसमें जिले के लगभग 64 आवेदकों ने इस अवसर का लाभ उठाने के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जिसमें प्रारंभिक रूप से कुल 24 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।



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